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CTET hindi questions

Q1. निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
कौन मालवा में नवयुग के पथ प्रदर्शक बने?
(a ) मुगल शासक
(b ) नवीन रियासत
(c ) अंग्रेजी कम्पनी
(d ) अफीम की खेती

Q2.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
शब्द विफलका विपरीतार्थक शब्द है
(a ) सफल

(b ) फल
(c ) असफल
(d ) निष्फल

Q3.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
प्रथाशब्द से तात्पर्य है
(a ) नीति
(b ) रीति
(c )
(d ) नियुक्ति

Q4.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
सुव्यवस्थित में प्रयुक्त उपसर्ग है
(a ) सुव्य
(b ) सु
(c ) सुव
(d ) इनमें से कोई नहीं

Q5.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
नवीन रियासतें किस क्षेत्र की पथ प्रदर्शक बनीं?
(a ) मालवा
(b ) उज्जैन
(c ) जयपुर
(d ) झाँसी

Q6.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
मुगल शासक मुहम्मद शाह ने सन् 1932 में किसे मालवा का शासक नियुक्त किया है?
(a ) जसवन्त सिंह
(b ) उदयसिंह
(c ) जयसिंह
(d ) मानसिंह

Q7.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
मालवा पर अधिकार करने के बाद पेशवा ने वहाँ कौन-सी प्रथा प्रारम्भ की?
(a ) इकता प्रथा
(b ) जमींदारी प्रथा
(c ) सैन्य अधिकार प्रथा
(d ) जागीर प्रथा

Q8.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
मालवा में पेशवा ने किसे जागीर प्रदान नहीं की?
(a ) सिन्धिया
(b ) होल्कर
(c ) पवार
(d ) भोंसले

Q9.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
सन् 1732 में जब मुगल शासक मुहम्मद शाह था, जयसिंह को मालवा का शासक बनाया गया। उसे नियुक्त करने का उद्देश्य मराठों को मालवा से भगाना था, लेकिन जयसिंह इस कार्य को करने में विफल रहा और जयपुर लौट गया। इसी समय मराठों ने मालवा पर आक्रमण कर, उसे अपने अधिकार में कर लिया। इस प्रदेश को सुव्यवस्थित रखने के लिए पेशवा ने जागीर प्रथा प्रारम्भ की तथा स्थानीय सरदारों को जागीरें प्रदान की। इसी समय सिन्धिया को उज्जैन, आनन्दराव पवार को धार, होल्कर को मालवा तथा तुकोजी को देवास की जागीरें प्रदान की गई। इस प्रकार सिन्धिया, होल्कर तथा पवार की नवीन रियासतों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये नवीन रियासत मालवा क्षेत्र के नवयुग के पथ प्रदर्शक बने। इन रियासतों ने मालवा की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावित किया। सन् 1741 के बाद मुगल साम्राज्य का सम्बन्ध सदा के लिए मालवा से समाप्त हो गया।
किस वर्ष मुगलों का सम्बन्ध मालवा के सदा के लिए समाप्त हो गया?
(a ) सन् 1765
(b ) सन् 1741
(c ) सन् 1556
(d ) सन् 1947

Q10.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
नये समाज के लिए, नये जवान हैं। नवीन योजना लिए, नया विहान हैं। रश्मियाँ जगी, जगी युगीन चेतना। प्राण-प्राण में लिए उमंग भावना। हिन्द के सभी सशक्त नौजवान हैं। प्रान्त, क्षेत्र, वाद के भाव हों कभी। हम भाई-भाई एक हैं, अलग नहीं कभी। एक मानव जाति को सन्तान हैं सभी। गाँव-गाँव के विहाग राम में बँधे। राम-राजय के विचार कर्म से सधे। बाजुओं के जारे का हमें गुमान है।
देशवासियों में अलगाव की समाप्ति का उपाय है
(a ) पारस्परिक मेल-मिलाप
(b ) वैचारिक समानता
(c ) प्रान्तीय एवं क्षेत्रीयता की समाप्ति
(d ) उन्नति के समान अवसर

Q11.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
नये समाज के लिए, नये जवान हैं। नवीन योजना लिए, नया विहान हैं। रश्मियाँ जगी, जगी युगीन चेतना। प्राण-प्राण में लिए उमंग भावना। हिन्द के सभी सशक्त नौजवान हैं। प्रान्त, क्षेत्र, वाद के भाव हों कभी। हम भाई-भाई एक हैं, अलग नहीं कभी। एक मानव जाति को सन्तान हैं सभी। गाँव-गाँव के विहाग राम में बँधे। राम-राजय के विचार कर्म से सधे। बाजुओं के जारे का हमें गुमान है।
भारतीयों को गर्व है।
(a ) भाषा का
(b ) रामराज्य का
(c ) भुजाओं के बल का
(d ) एकता का

Q12.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
नये समाज के लिए, नये जवान हैं। नवीन योजना लिए, नया विहान हैं। रश्मियाँ जगी, जगी युगीन चेतना। प्राण-प्राण में लिए उमंग भावना। हिन्द के सभी सशक्त नौजवान हैं। प्रान्त, क्षेत्र, वाद के भाव हों कभी। हम भाई-भाई एक हैं, अलग नहीं कभी। एक मानव जाति को सन्तान हैं सभी। गाँव-गाँव के विहाग राम में बँधे। राम-राजय के विचार कर्म से सधे। बाजुओं के जारे का हमें गुमान है।
रामराज्य का अर्थ है
(a ) सबको समान सुख
(b ) वैचारिक सम्पन्नता
(c ) शैक्षिक शक्ति
(d ) सम्पन्नता

Q13.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
नये समाज के लिए, नये जवान हैं। नवीन योजना लिए, नया विहान हैं। रश्मियाँ जगी, जगी युगीन चेतना। प्राण-प्राण में लिए उमंग भावना। हिन्द के सभी सशक्त नौजवान हैं। प्रान्त, क्षेत्र, वाद के भाव हों कभी। हम भाई-भाई एक हैं, अलग नहीं कभी। एक मानव जाति को सन्तान हैं सभी। गाँव-गाँव के विहाग राम में बँधे। राम-राजय के विचार कर्म से सधे। बाजुओं के जारे का हमें गुमान है।
नया विहानका अभिप्राय है
(a ) नया देश
(b ) नया युग
(c ) नई सभ्यता
(d ) नई संस्कृति

Q14.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
नये समाज के लिए, नये जवान हैं। नवीन योजना लिए, नया विहान हैं। रश्मियाँ जगी, जगी युगीन चेतना। प्राण-प्राण में लिए उमंग भावना। हिन्द के सभी सशक्त नौजवान हैं। प्रान्त, क्षेत्र, वाद के भाव हों कभी। हम भाई-भाई एक हैं, अलग नहीं कभी। एक मानव जाति को सन्तान हैं सभी। गाँव-गाँव के विहाग राम में बँधे। राम-राजय के विचार कर्म से सधे। बाजुओं के जारे का हमें गुमान है।
नया विहान देश में क्या लाया है?
(a ) नई रोशनी
(b ) अन्धकार का विनाश
(c ) नये आविष्कार
(d ) योजनाएँ

Q15.
निर्देश : निमंलिखित गदांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इश पर आधारित पर्सनो के उत्तर दीजिये
नये समाज के लिए, नये जवान हैं। नवीन योजना लिए, नया विहान हैं। रश्मियाँ जगी, जगी युगीन चेतना। प्राण-प्राण में लिए उमंग भावना। हिन्द के सभी सशक्त नौजवान हैं। प्रान्त, क्षेत्र, वाद के भाव हों कभी। हम भाई-भाई एक हैं, अलग नहीं कभी। एक मानव जाति को सन्तान हैं सभी। गाँव-गाँव के विहाग राम में बँधे। राम-राजय के विचार कर्म से सधे। बाजुओं के जारे का हमें गुमान है।
गुमान का समानार्थक है
(a ) घमण्ड
(b ) क्रोध
(c ) नाराजगी
(d ) भला
 
1. (b ) 2. (a ) 3. (b ) 4. (b ) 5. (a ) 6. (c ) 7. (d ) 8. (d ) 9. (b ) 10. (b ) 11. (d ) 12. (a ) 13. (b ) 14. (d ) 15. (a )

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