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CTET hindi practice set

Q1. हिन्दी भाषा के प्रश्न-पत्रों के अन्तर्गत चयन प्रकार के सभी प्रश्न
 प्रकार के प्रश्न ही होते हैं।

(a ) वस्तुनिष्ठ
(b ) लघु उत्तरीय
(c ) अति लघु उत्तरीय
(d ) निबन्धात्मक

Q2.
मौखिक अभिव्यक्ति में स्वाभाविकता बनाए रखने के अन्तर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?
(a ) प्रभावोत्पादकता के लिए बनावटी बोली का प्रयोग
(b ) सरल एवं सहज भाषा का प्रयोग
(c ) अत्यधिक विद्वतापूर्ण भाषा का प्रयोग ताकि सामान्य लोग इसे नहीं समझ सकें
(d ) उपरोक्त सभी

Q3.
हिन्दी भाषा शिक्षण में निदानात्मक परीक्षण का उद्देश्य है
(a ) कमजोरियों का पता लगाना
(b ) कमजोरियों को दूर करना
(c ) उपचारात्मक सुझाव देना
(d ) ये सभी

Q4.
नाटक शिक्षण में सतत् और व्यापक मूल्यांकन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?
(a ) लिखित परीक्षा

(b ) मुख्य संवादों को सुन्दर रूप से लिखना
(c ) पढे गए नाटक का मंचन
(d ) पात्रों का चरित्र-चित्रण लिखना

Q5.
छात्रों से उनकी रुचियों एवं अभिवृत्तियाँ आदि के विकास के बारे में सूचनाएँ प्राप्त करने के लिएमहत्वपूर्ण तथा उपयुक्त प्रविधि मानी गई है।
(a ) समाजमिति
(b ) पड़ताल सूची
(c ) क्रम निर्धारण मान रेटिंग स्केल
(d ) प्रश्नावली

Q6.
ईश्वर को इस्सर कहना किस प्रकार के उच्चारण दोष का उदाहरण है?
(a ) स्वरागम

(b ) स्वर-भक्ति
(c ) स्वर-लोप
(d ) इनमें से कोई नहीं

Q7.
हिन्दी भाषा शिक्षण में उपचारात्मक शिक्षण की विधि निम्न में से कौन-सी नहीं है?
(a ) अतिरिक्त कक्षाएँ

(b ) व्यायाम
(c ) गोष्ठियाँ
(d ) विशिष्ट अभ्यास

Q8.
अर्थानुभूति, पृष्ठतिसदतिस्तुति प्रमानुतियेचिसेना क्वताशिमें पाएगहैं इन्सेकक सबके लकत्ताके बोध पाठ से है?
(a ) भावानुभूति एवं सौन्दर्यानुभूति

(b ) अर्थानुभूति एवं सौन्दर्यानुभूति
(c ) अर्थानुभूति एवं भावानुभूति
(d ) रसानुभूति एवं परमानन्दानुभूति

Q9.
बच्चों में भाषा-सीखने की क्षमता जन्मजात होती है?
(a ) भाषा-शिक्षण का कार्य नहीं किया जाना चाहिए

(b ) भाषा-शिक्षण का कार्य घर पर ही किया जाना चाहिए
(c ) उनकी इस क्षमता का भरपूर प्रयोग करते हुए भाषायी नियम सिखाए जाने चाहिएँ
(d ) बच्चों को समृद्ध भाषिक परिवेश उपलब्ध कराया जाना चाहिए

Q10.
भाषा-कौशलों के बारे में कौन-सा कथन सही है?
(a ) भाषा के कौशल केवल क्रमबद्ध रूप से ही सीखे जाते हैं

(b ) भाषा के कौशल परस्पर अन्त:सम्बन्धित हैं
(c ) भाषा के कौशलों में से केवल पढ़ना-लिखना महत्वपूर्ण है

(d ) भाषा के मूल रूप से कौशलों में से केवल सुनना, बोलना ही महत्वपूर्ण हैं

Q11.
भाषा
(a ) सीखने-सिखाने में पाठ्य-पुस्तकों का विशेष महत्व होता है
(b ) जीवन की विभिन्न स्थितियों को साधती है
(c ) व्याकरण पर ही आधारित होती है

(d ) जानने का अर्थ उसका व्याकरण जानना है

Q12.
सतत् मूल्यांकन का एक निहितार्थ है
(a ) बच्चों के परीक्षा-सम्बन्धी भय को समाप्त करना
(b ) प्रतिदिन परीक्षाएँ लेना
(c ) हर महीने परीक्षाएँ लेना

(d ) बच्चों के भाषा-प्रयोग का निरन्तर अवलोकन करना

Q13.
भाषा के आधारभूत कौशल
(a ) हमेशा अर्जित किए जाते हैं
(b ) सर्वथा पृथक हैं
(c ) अन्त:सम्बन्धित होते हैं
(d ) क्रमबद्ध रूप से चलते हैं

Q14.
भाषा की कक्षा में समाचार-पत्र, पत्रिकाओं का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि
(a ) बच्चों की भाषा पर समाचार-पत्र, पत्रिकाओं का प्रभाव पड़े
(b ) बच्चों को मुख्य शीर्षक याद है
(c ) बच्चे प्रमाणित लेख, समाचार आदि पर अपनी प्रतिक्रिया देने की क्षमता रखते हैं
(d ) शिक्षण सामग्री का उपयोग हो रहा है

Q15.
विद्यालय आने से पूर्व बच्चे
(a ) भाषा के व्याकरण की सचेत समझ रखते हैं
(b ) भाषा का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं रखते
(c ) अपनी भाषा में समझने-समझाने की कुशलता से लैस होते हैं
(d ) सभी भाषाओं में पूर्ण दक्षता रखते हैं
 
1. (a ) 2. (b ) 3. (d ) 4. (c ) 5. (d ) 6. (c ) 7. (b ) 8. (c ) 9. (d ) 10. (b ) 11. (b ) 12. (d ) 13. (c ) 14. (c ) 15. (c )
निर्देश(प्र.सं.46-54 ) निम्नलिखित गद्यांस को ध्यानपूर्वक पढकर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी अधिनियम के अन्तर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना का शुभारम्भ प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह द्वारा 2 फरवरी, 2006 को आन्ध्र प्रदेश के अनन्तपुर जिले से किया गया था। पहले चरण में वर्ष 2006-07 की अवधि में देश के 27 राज्यों के उन चुनिन्दा 200 जिलों में इस योजना का कार्यान्वयन किया गया था जहाँ ग्रामीण बेरोजगारी की दर अधिक थी। वर्ष 2007-08 के दौरान इस योजना के दूसरे चरण का विस्तार 130 अन्य जिलों में किया गया। 1 अप्रैल, 2008 से इस योजना को सम्पूर्ण देश में लागू कर दिया गया हैं। यह योजना रोजगार के अन्य कार्यक्रमों से बिल्कुल अलग हैं क्योंकि यह मात्र एक योजना नहीं हैं बल्कि इसे अधिनियम के रूप में कानून का दर्जा प्रदान कर इसमें पंजीकृत लोगों को रोजगार की गारण्टी प्रदान करने का प्रावधान किया गया हैं। 2 अक्टूबर, 2009 से राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम का नाम बदलकर महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम कर दिया गया हैं।
कर्म के बिना जीवन लक्ष्यों का प्राप्त करना सम्भव नहीं होता। प्रत्येक प्राणी का अपने जीवन को निरन्तरता के लिए कार्यशील रहना अनिवार्य हैं। इन दृष्टिकोणों से भी महात्मा गाँधी रोजगार गारण्टी अधिनियम अति महत्वपूर्ण हैं। कानूनन रोजगार की गारण्टी मिलने के बाद न केवल ग्रामीण विकास को गति मिली हैं बल्कि ग्रामीणों का शहर की ओर पलायन भी कम हुआ है। जल-प्रबन्धन, बाढ़-नियन्त्रण, भूमि-विकास, ग्रामीण सड़क तथा बंजर भूमि विकास को भी इस योजना से गति प्राप्त हुई हैं। भारत जैसे कृषिप्रधान देश के वास्तविक विकास के लिए इसके गाँवों का विकास आवश्यक है और गाँवों के विकास के लिए यह योजना ग्रामीण गरीबी, बेरोजगारी तथा आर्थिक विषमता जैसी समस्याओं को दूर करने में जिस तरह से सहायक सिद्ध हो रही है उससे यह स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम देश के सन्तुलित विकास के रूप में शीघ्र ही दिखाई पड़ने लगेंगे। इस योजना की और अधिक सफलता के लिए ईमानदारी और निष्ठा के साथ इसका कार्यान्वयन किट जाने की आवश्यकता है।

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