You are here
Home > QB Subjectwise > 046 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

046 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. भाषा अधिगम में प्रायः कठिनाई नहीं आती
(1) आत्मविश्वास की कमी
(2) संकोची स्वभाव
(3) मानसिक अस्वस्थता
(4) मानसिक स्वस्थता
Ans: (4) अधिगम का शाब्दिक अर्थ है ‘सीखना’ और भाषा सीखने के लिए जिन छात्र/छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहेगा उन्हें भाषा सीखने में कठिनाई नहीं आयेगी। इसके विपरीत यदि छात्र/छात्राओं का मानसिक स्वास्थ ठीक न हों वें संकोची स्वभाव के हों तथा उनमे आत्मविश्वास की कमी होगी तो भाषा सीखने में उन्हें कठिनाई होगी।
Q2. निम्न में शुद्ध रूप से लिखा वाक्य है-
(1) हम तो अवश्य ही जाएँगे।
(2) किसी आदमी को भेज दो
(3) तब शायद यह काम अवश्य हो जाएगा।
(4) कृपया आने का अनुग्रह करें।
Ans: (2) निम्न वाक्यों में शुद्ध वाक्य है- ‘‘किसी आदमी को भेज दो’’ – हम तो अवश्य ही जायेंगे- हम आवश्य जायेंगे। – कृपया आनें को अनुग्रह करें- कृपया आने की कृपा करें। – तब शायद यह काम अवश्य हो जायेगा- शायद यह काम हो जायेगा।
Q3. शब्दकोष में निम्न में से सर्वप्रथम आने वाला शब्द है-
(1) प्रकम्प
(2) प्याऊ
(3) प्लवन
(4) प्रकीर्ण
Ans: (2) निम्न में हिन्दी शब्दकोष में सर्वप्रथम अपने वाला शब्द ‘प्याऊ’ है। क्योंकि – प्याऊ ृ प्‌, य, अ, ऊ प्रकम्प ृ प्‌, र, क, म्‌, प प्लवन ृ प्‌, ल, व, न प्रकीर्ण ृ प्‌, र, क, ई, र्‌,ण अतः ‘प’ से पहले ‘प्‌’ आयेगा और ‘र्‌’ से पहले ‘य’ आयेगा इसलिए प्याऊ शब्दकोष के अनुसार पहले आयेगा।
Q4. वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द है-
(1) आव्हान
(2) इक्षा
(3) श्रृंगार
(4) प्रत्यूष
Ans: (4) वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द ‘प्रत्यूष’ है। जबकि- इक्षा का शुद्ध ृ इच्छा आव्हान का ृ आह्‌वान शृ्रगांर का शुद्ध ृ शृंगार होगा (स्रोत- आधुनिक हिन्दी व्याकरण – वासुदेवनन्दन)
Q5. निम्न में से सकर्मक क्रिया है –
(1) पढ़ना
(2) हँसना
(3) सोना
(4) रोना
Ans: (1) पढ़ना निम्न में ‘पढ़ना’ सकर्मक क्रिया है। सकर्मक क्रिया- जहां वाक्य में कर्म का प्रयोग हो वहां सकर्मक क्रिया होगी। या जब क्रिया का प्रभाव कर्त्ता के बजाय कर्म पर पड़े तब उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं। जैसे- पढ़ना, लिखना, लेना, देना, खाना, पीना, बोना, कोशना, लाना, कहना आदि अकर्मक क्रिया- जहाँ पर क्रिया में कर्म का अभाव हो उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। जैसे- आना, जाना, सोना, रोना, हँसना, बैठना, जीना, मरना आदि। (स्रोत- आधुनिक हिन्दी व्याकरण – वासुदेवनन्दन प्रसाद)
निर्देश (प्र. सं. 69) निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सबसे उचित विकल्प को चुनकर उत्तर दीजिए। वर्तमान मेरे लिए और मुझ जैसे बहुत से और लोगों के लिए मध्ययुगीनता, भयंकर गरीबी एवं दुर्गति और मध्य वर्ग की कुछ-कुछ सतही आधुनिकता का विचित्र मिश्रण है। मैं अपने वर्ग और अपनी किस्म के लोगों का प्रशंसक नहीं था, फिर भी भारतीय संघर्ष में नेतृत्व के लिए मैं निश्चित रूप से मध्य वर्ग की ओर देखता था। यह मध्य वर्ग स्वयं को बंदी और सीमाओं में जकड़ा हुआ महसूस करता था और खुद तरक्की और विकास करना चाहता था। अंग्रेजी शासन के ढाँचे के भीतर ऐसा न कर पाने के कारण उसके भीतर विश्वेह की चेतना पनपी लेकिन यह चेतना उस ढाँचे के खिलाफ नहीं जाती थी जिसने हमें रौंद दिया था। ये उस ढाँचे को बनाए रखना चाहते थे और अंग्रेजों को हटाकर उसका संचालन करना चाहते थे। ये मध्य वर्ग के लोग इस हद तक इस ढाँचे की पैदाइश थे कि उसे चुनौती
Q6. लेखक किस वर्ग से सम्बन्धित है?
(1) मध्य वर्ग
(2) सामन्त वर्ग
(3) निम्न वर्ग
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (1) उपर्युत्त गद्यांश में वर्णित ‘‘मैं अपने वर्ग और अपनी किस्म के लोगों का प्रशंसक नहीं था, फिर भी भारतीय संघर्ष में नेतृत्व के लिए मैं निश्चित रूप से मध्यवर्ग के लिए देखता था।’’ के अनुसार यह स्पष्ट होता है कि लेखक ‘मध्य वर्ग’ से सम्बन्धित था।
Q7. मध्य वर्ग में विश्वेही चेतना का कारण था –
(1) मध्य वर्ग राष्ट्रवादी था
(2) मध्य वर्ग साम्राज्यवाद विरोधी था
(3) मध्य वर्ग अंग्रेजों को विस्थापित करके शासन संचालन चाहता था
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (3) मध्य वर्ग में विश्वेह की चेतना का कारण अंग्रेजों को विस्थापित करके शासन संचालन करना था। मध्यवर्ग स्वयं को बन्दी और सीमाओं में जकड़ा हुआ महसूस कर रहा था, अपनी तरक्की और विकास के लिए अंग्रेजों से विश्वेह की चेतना जगी थी, यही मध्यवर्ग में विश्वेही चेतना का मुख्य कारण था।
Q8. गद्यांश में आए भारतीय संघर्ष का सन्दर्भ है
(1) चीन के विरुद्ध संघर्ष
(2) भारत का स्वतन्त्रता संघर्ष
(3) पाकिस्तान के विरुद्ध संघर्ष
(4) महाशक्तियों के विरुद्ध संघर्ष
Ans: (2) भारतीय संघर्ष का सन्दर्भ है भारत का स्वतन्त्रता संघर्ष
Q9. निम्न में से कौन-सा सामाजिक वर्ग ब्रिटिश शासन प्रणाली की उपज था?
(1) सामन्त वर्ग
(2) उच्च वर्ग
(3) किसान
(4) मध्य वर्ग
Ans: (4) मध्यवर्ग ब्रिटिश शासन प्रणाली की उपज था, क्योंकि मध्यवर्ग जिस प्रकार से ब्रिटिश शासन प्रणाली से निफल केवल बाहर निकल कर उसी के अनुरूप लोगों का शोषण करना चाहता था।
Q10. भाषा शिक्षण का आदर्श वातावरण है
(1) भाषागत शुद्धता पर अत्यधिक बल
(2) विद्यार्थियों को अभिव्यत्ति के भरपूर अवसर
(3) अध्यापक का एकालाप
(4) दृश्य-श्रव्य सामग्री का प्रचुर उपयोग
Ans: (2) भाषा शिक्षण का आदर्श वातावरण है विद्यार्थियों को अभिव्यत्ति के भरपूर अवसर मिले। भाषा शिक्षण में विद्यार्थियों के अपने विचारों को व्यत्त करने की स्वतन्त्र एवं समुचित अवसर मिलने से उनके अन्दर की हीनता समाप्त होती है और एक आदर्श वातावरण तैयार होता है, जिसमें बच्चों का भाषायी विकास स्वतः होता रहता है।
Q11. किस शब्द का सन्धि-विच्छेद सही नहीं है?
(1) नी ऊन ृ न्यून
(2) प्र ऊढ़ ृ प्रौढ़
(3) अम्बु ऊर्मि ृ अम्बूर्मि
(4) शची इन्द्र ृ शचीन्द्र
Ans: (1) नी ऊन ृ न्यून का संधि विच्छेद त्रुटिपूर्ण है। इस सही विच्छेद नि ऊन ृ न्यून प्र ऊढ ृ प्रौढ़ – अम्बु ऊर्मि ृ अम्बूर्मि शची इन्द्र ृ शचीन्द्र (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण-डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q12. प्रत्येक पाठ के प्रारम्भ में होना चाहिए –
(1) परिशिष्ट
(2) पाठ का सार
(3) प्रस्तावना
(4) अभ्यास
Ans: (3) प्रत्येक पाठ के प्रारम्भ में प्रस्तावना होना चाहिए।
Q13. रंगमंच पर पर्दे के पीछे का स्थान कहलाता है –
(1) नेपथ्य
(2) नैऋत्य
(3) प्रेक्षागृह
(4) अलिन्द
Ans: (1) रंगमंच पर पर्दे के पीछे के स्थान को नेपथ्य कहा जाता है। जहाँ पर चूलिका (सूत्रधार) खड़ा होकर अभिनय कर रहे रंगकर्मी को आगे की बातों की जानकारी देता है। प्रेक्षागृह- जहां पर अभिनय किया जाता है
Q14. ‘इन्द्र’ के पर्यायवाची शब्दों का समूह है
(1) मधवा, पुरन्दर, शचीपति, वासव
(2) वैनतेय, चन्द्रमौलि, सुरपति, देवराज
(3) सुरपति, पुरन्दर, उपेन्द्र, अंशुमाली
(4) वैनतेय, मधवा, सुरपति, वासव
Ans: (1) मधवा, पुरन्दर, शचीपति, वासव ‘इन्द्र’ के पर्यायवाची का समूह है। इन्द्र के अन्य पयार्यवाची हैं- सुरेन्द्र, देवराज, मधवा, पुरन्दर, शचीपति, महेन्द्र आदि। जबकि- ‘वैनतेय’ गरूण का पयार्यवाची है ‘अंशुमाली’, ‘सूर्य’ का पयार्यवाची है। (स्रोत- हिन्दी भाषा शब्द अर्थ प्रयोग – डा . हरदेव बाहरी)
Q15. भाषा प्रवाह तथा अभिव्यत्ति कौशल के मूल्यांकन का उपयुत्त तरीका है
(1) वस्तुनिष्ठ परीक्षण
(2) लिखित परीक्षाएँ
(3) मौखिक वार्तालाप
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (3) मौखिक वार्तालाप के द्वारा ही भाषा प्रवाह तथा अभिव्यत्ति कौशल का मूल्यांकन किया जा सकता है। क्योंकि जब तक वार्त्तालाप, विचार विमर्श नहीं करेगें तब तक भाषा प्रवाह तथा अभिव्यत्ति को समझ नही सकते इसलिए भाषा प्रवाह और अभिव्यत्ति कौशल के मूल्यांकन के लिए मौखिक वार्तालाप उपयुत्त तरीका है।
Q16. अधोलिखित शब्द युग्म का सही अर्थ विकल्प चुनिए अनुलम्ब-अनुलग्न
(1) ऊपरी-जुड़ा हुआ
(2) ऊर्ध्वाकार-समय के अनुसार
(3) अनिश्चित-किसी के साथ जुड़ा हुआ
(4) लम्बाई के अनुसार-शुभकाल
Ans: (3) शब्द युग्म ‘अनुलम्ब’ का अर्थ ‘अनिश्चित’ से है तथा ‘अनुलग्न’ का अर्थ ‘किसी के साथ जुड़ा हुआ’ है।
Q17. ‘‘पण्डित दूध पीता है।’’ इस वाक्य में कारक है
(1) सम्प्रदान, सम्बन्ध
(2) कर्म, करण
(3) कर्ता, कर्म
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (3) ‘‘पण्डित दूध पीता है।’’ वाक्य में कर्ता और कर्म कारक है, क्योंकि- कारक चिन्ह लगाने पर-कर्ता ‘ने’ पण्डित ने, कर्म ‘को’ दूध को पीता है। अतः यहां पर कर्ता और कर्म कारक का प्रयोग हुआ है। कारक के आठ भेद हैं- 1. कर्ता – ने 2. कर्म – को 3. करण – से 4. सम्प्रदान – को, के लिए 5. अपादान – से (अलगाव के लिए) 6. सम्बन्ध – का, के, की, रा, रे, री 7. अधिकरण – में, पर 8. सम्बोधन – हे
, अजी
, अहो
, अरे
इत्यादि। (स्रोत- हिन्दी भाषा शब्द अर्थ प्रयोग – डा . हरदेव बाहरी)
Q18. ‘ज्ञ’ को वर्णमाला में माना जाता है
(1) स्वर सन्धि
(2) संयुत्त व्यंजन
(3) अनुस्वार
(4) व्यंजन
Ans: (2) ‘ज्ञ’ वर्णमाला में संयुत्त व्यंजन के रूप में है यह- ज्‌ ञ ृ ज्ञ से मिलकर बना है। मूलतः हिन्दी में 52 वर्ण हैं। वर्णों के उच्चारण समूह को वर्णमाला कहते है। स्वर- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ अयोगवाह – अं, अः व्यंजनक वर्ग – क, ख, ग, घ, ङ च वर्ग – च, छ, ज, झ, ञ ट वर्ग – ट, ठ, ड, ढ, ण त वर्ग – त, थ, द, ध, न प वर्ग – प, फ, ब, भ, म अन्तस्थ- य, र, ल, व ऊष्म – श, ष, स, ह संयुत्त व्यंजन- क्ष, त्र, ज्ञ, श्र द्विगुण व्यंजन- ड़, ढ़ (स्रोत- आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना-पृष्ठ- 18 – डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q19. ‘कनक’ शब्द का अर्थ समूह चुनिए।
(1) स्वर्ण, धतूरा, गेहूँ
(2) वृक्ष, स्वर्ण, धतूरा
(3) स्त्री, पलाश, आभूषण
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (1) स्वर्ण, धतूरा, गेहूँ ‘कनक’ शब्द के अर्थ समूह हैं। ‘कनक’ एक अनेकार्थी शब्द है। यह प्रयोग के आधार पर अलग- अलग अर्थ देता है। जैसे- धतूरा, सोना, गेहूँ, टेसू (स्रोत-हिन्दी भाषा शब्द अर्थ प्रयोग – डा . हरदेव बाहरी)
Q20. निम्न में से किस शब्द में बहुव्रीहि समास है?
(1) पंसेरी
(2) चौराहा
(3) शताब्दी
(4) पंजाब
Ans: (4) ‘पंजाब’ का अर्थ है पांच नदियों वाला क्षेत्र अर्थात्‌ ‘पंजाब’ – जहां पर प्रथम पद दूसरे पद की विशेषता बताएं और फिर दोनों पद मिलकर किसी अन्य पद की विशेषता बताते हैं वहां बहुव्रीहि समास होता है। अतः पंजाब में बहुव्रीहि समास होगा। – चौराहा, पंचसेरी और शताब्दी में द्विगु समास होगा – जिस समास में पूर्व पद संख्यावाची हों और उत्तर पद उस संख्या का विशेष्य हों, द्विगु समास होगा।
Q21. किस शब्द में ‘ल’ प्रत्यय रूप में नहीं आया है?
(1) मृदुल
(2) कुशल
(3) विमल
(4) रोमल
Ans: (3) ‘विमल’ में ‘ल’ प्रत्यय के रूप में नहीं आया है क्योंकि ‘विमल’ अपने में पूर्ण शब्द है। जबकि- कुश में ‘ल’ प्रत्यय लगकर कुशल तथा मृदु में ‘ल’ प्रत्यय लगकर ‘मृदुल’ तथा ‘रोम’ में ‘ल’ प्रत्यय लगकर रोमल बना है। प्रत्यय- शब्दों के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे ‘प्रत्यय’ कहते हैं। (स्रोत- हिन्दी भाषा-शब्द अर्थ प्रयोग – डा . हरदेव बाहरी)
Q22. विसर्ग सन्धि का उदाहरण है
(1) विस्मरण
(2) अतएव
(3) उच्चारण
(4) विसर्ग
Ans: (2) अतएव विसर्ग संधि का उदाहरण है। अतः + एव अतएव
Q23. भाषा शिक्षक को एक बहु सांस्कृतिक कक्षा के किस बात पर बल देना चाहिए?
(1) पाठ्‌य-पुस्तक के प्रत्येक पाठ को भली-भाँति समझाना
(2) बच्चों का भाषा प्रयोग के अधिक-से-अधिक अवसर देना
(3) बच्चों को व्याकरण सिखाना
(4) स्वयं द्वारा भाषा का शुद्ध प्रयोग करना
Ans: (2) एक भाषा शिक्षक को बहुसांस्कृतिक कक्षा में बच्चों को भाषा प्रयोग के अधिक से अधिक अवसर देना चाहिए। ऐसा करने से बच्चों के अन्दर आत्मविश्वास पैदा होगा तथा उन्हें भिन्न-भिन्न संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी।
Q24. कौन-सा शब्द ‘ईन’ प्रत्यय के योग से नहीं बना है?
(1) नमकीन
(2) मनोहारिन
(3) युगीन
(4) ग्रामीण
Ans: (2) ‘मनोहारिन’ शब्द में ‘ईन’ प्रत्यय नहीं लगा है बल्कि ‘इन’ प्रत्यय लगा है। जैसेमनोहारिन ृ मनोहर इन नमकीन ृ नमक ईन ग्रामीण ृ ग्राम ईन युगीन ृ युग ईन
Q25. ‘अनजान सुजान, सदा कल्यान’ लोकोत्ति का भावार्थ है
(1) भोला-भाला ज्ञानी कल्याणकारक होता है
(2) अनजान और सुजान के साथ सदैव लाभ मिलता है
(3) मूर्ख और ज्ञानी दोनों मजे में रहते हैं
(4) मूर्ख स्वयं को ज्ञानी समझकर नुकसान कराता है
Ans: (3) ‘अनजान सुजान, सदा कल्यान’ इस लोकोत्ति का अर्थ है मूर्ख और ज्ञानी दोनों ही मजे में रहते हैं। ‘अनजान’ का अर्थ है न जानने वाला तथा ‘सुजान’ का अर्थ है सब कुछ जानने वाला अर्थात ‘ज्ञानी’।
Q26. ‘प्रात्तन’ शब्द में उपसर्ग एवं मूल शब्द का सही विकल्प है –
(1) प्राव्‌ तन
(2) प्रा तन
(3) पर्‌ तन
(4) प्रा कतन
Ans: (1) ‘प्राक्तन’ शब्द में ‘प्राव्‌’ उपसर्ग तथा ‘तन’ मूल शब्द है।
Q27. ‘कवि’ शब्द में संज्ञा है –
(1) जातिवाचक
(2) व्यत्तिवाचक
(3) द्रव्यवाचक
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (1) जो शब्द किसी वस्तु, व्यत्ति, जीव आदि के कार्य या प्रवृत्ति, जाति का बोध कराये वह जातिवाचक संज्ञा होती है। यहाँ पर ‘कवि’ एक सम्पूर्ण जाति का बोध करा रहा है। इसीलिए यहां पर जातिवाचक संज्ञा होगी। संज्ञा- किसी वस्तु, व्यत्ति, स्थान या जाति के नाम को संज्ञा कहते हैं। संज्ञा के 5 भेद हैं- 1. व्यत्तिवाचक संज्ञा 2. जातिवाचक संज्ञा 3. भाववाचक संज्ञा 4. द्रव्यवाचक संज्ञा 5. समूह वाचक संज्ञा (स्रोत- आधुनिक हिन्दी व्याकरण – वासुदेवनन्दन प्रसाद)
Q28. विद्यार्थियों में भाषा की रुचि का विकास करने का उपयुत्त उपाय है –
(1) विद्यार्थियों को पाठ्‌य-पुस्तवें पढ़वाना
(2) विद्यार्थियों के व्याकरण के ज्ञान को बढ़ाना
(3) विद्यार्थियों को मौखिक रूप से अधिकाधिक समझाना
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (3) विद्यार्थियों को मौखिक रूप से अधिक से अधिक समझा करके उनमें भाषा की रूचि का विकास किया जा सकता है।
Q29. ‘दुष्ट अपनी दुष्टता नहीं छोड़ता’ के लिए उचित लोकोत्ति है –
(1) गंगा गए तो गंगादास, जमुना गए तो जमुनादास
(2) खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे
(3) कबहुँ निरामिष होय न कागा
(4) जिस पत्तल में खाया, उसी में छेद करना
Ans: (3) ‘दुष्ट अपनी दुष्टता नहीं छोड़ता’ के लिए उचित लोकोत्ति है- ‘कबहुँ निरामिष होय न कागा’।
Q30. निम्न में से कौन-सा वर्ण स्पर्श संघर्षी है?
(1) श
(2) झ
(3) ट
(4) ह
Ans: (2) ‘झ’ वर्ण स्पर्श संघर्षी हैं। स्पर्श संघर्षी वर्णों में- च, छ, ज, झ आते हैं। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण एवं रचना – वासुदेव नन्दन प्रसाद)

Top
error: Content is protected !!