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044 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. वाक्य शिक्षण के लिए यह आवश्यक है कि छात्रो को वाक्य गठन की सामान्य बातों से भलीभाँति परिचित करा दिया जाए। अर्थ अथवा भाव द्योतन की दृष्टि से वाक्य के कितने प्रकार होते हैं?
(1) दो
(2) एक
(3) पाँच
(4) आठ
Ans: (4) अर्थ के आधार पर वाक्य आठ (8) प्रकार के होते हैं। वाक्यों का वर्गीकरण निम्नलिखित आधार पर किया जाता हैरचना के आधार पर अर्थ/भाव के आधार पर सरल वाक्य विधान वाचक संयुत्त वाक्य निषेध वाचक मिश्रित वाक्य आज्ञावाचक प्रश्नवाचक विस्मय वाचक संकेत वाचक संदेह वाचक इच्छावाचक
Q2. ‘यशः + दा’ का संधि युत्त पद होगा–
(1) यशोदा
(2) जसोदा
(3) यशुदा
(4) यशःदा
Ans: (1) यशः + दा का उपयुत्त संधियुत्त शब्द ‘यशोदा’ होगा। यहाँ विसर्ग संधि है। जब विसर्ग के पूर्व ‘अ’ और बाद में ‘अ’ अथवा किसी वर्ग के तृतीय, चतुर्थ व पंचम वर्ण, या य, र, ल, व, ह आयें तो विसर्ग का ‘ओ’ हो जाता है।
Q3. ‘निःस्पृह’ का अर्थ है–
(1) जो प्रेम रहित हो
(2) जो स्पर्श रहित हो
(3) जो इच्छा रहित हो
(4) जो प्रेरणावान हो
Ans: (1) ‘निःस्पृह’ शब्द का अर्थ है ‘जो इच्छा रहित हो’।
Q4. निम्न में कौन-सी सकर्मक क्रिया है?
(1) रूठना
(2) दौड़ना
(3) मुस्कराना
(4) पीना
Ans: (4) ‘पीना’ सकर्मक क्रिया है। जिन क्रियाओं का प्रभाव कर्ता पर ही होता है या यों कहें कि जिन क्रियाओं के सम्पादन में कर्म की आवश्यकता न हो अकर्मक क्रिया कहलाती हैं। इसके विपरीत जिन क्रियाओं का प्रभाव कर्म पर पड़े अर्थात क्रियाओं के सम्पादन में कर्म की आवश्यकता हो उसे सकर्मक किय्रा कहते हैं। रूठना, दौड़ना, मुस्कुराना, सोना आदि अकर्मक एवं खाना, पीना, पढ़ना, लिखना आदि सकर्मक क्रियायें है।
Q5. निम्न में से ‘हाथी’ का पर्याय है–
(1) कुंजर
(2) कुरंग
(3) कलहंस
(4) केहरि
Ans: (1) हाथी का पर्यायवाची ‘कुंजर’ है। ‘कुरंग’ हिरण का , ‘कलहंस’, ‘केहरि’ सिंह का पर्यायवाची है।
Q6. उच्च प्राथमिक स्तर पर व्याकरण शिक्षण की उपयुत्त प्रणाली है–
(1) समवाय प्रणाली
(2) पाठ्यपुस्तक प्रणाली
(3) भाषा-संसर्ग प्रणाली
(4) आगमन-निगमन प्रणाली
Ans: (4) उच्च प्राथमिक स्तर पर व्याकरण शिक्षण की उपर्युत्त प्रणाली आगमन-निगम प्रणाली है।
Q7. ‘अ’ उपसर्ग के प्रयोग से बना शब्द है–
(1) अन्वेषण
(2) अनन्त
(3) अवैतनिक
(4) अपेक्षा
Ans: (3) ‘अ’ उपसर्ग के प्रयोग से बना शब्द अवैतनिक है। शेष में निम्नलिखित ढंग से उपसर्ग प्रयुत्त हैंशब्द उपसर्ग मूल शब्द अनन्त अन्‌ अन्त अन्वेषण अनु एषण अपेक्षा अप ईक्षा
Q8. निम्नलिखित में से भाषिक सहवर्ती क्रिया नही है–
(1) अनुलेख
(2) अन्त्याक्षरी
(3) आद्याक्षरी
(4) कविता पाठ
Ans: (1) ‘अनुलेख’ भाषिक सहवर्ती क्रिया नहीं है। अनुलेख में किसी लिखित सामग्री को देखकर पुनः लिखने का कार्य किया जाता है जबकि बोलने के (उच्चारण के) साथ-साथ की जाने वाली क्रियायें (लिखना, अभिनय करना, नृत्य करना आदि) भाषिक सहवर्ती क्रियायें कहलाती हैं। अन्त्याक्षरी, आद्याक्षरी एवं कविता-पाठ भाषिक सहवर्ती क्रियायें हैं। अन्त्याक्षरी एवं आद्याक्षरी परस्पर विलोम शब्द हैं।
Q9. हिन्दी शब्दकोश के अनुसार संतान, सकल, सचल, सक्षम शब्दों का सही क्रम है
(1) सकल, संतान, सचल, सक्षम
(2) संतान, सकल, सचल, सक्षम
(3) सकल, सचल, संतान, सक्षम
(4) संतान, सकल, सक्षम, सचल
Ans: (4) शब्दकोश के अनुसार- संतान, सकल, सक्षम, सचल सही क्रम में है।
Q10. निम्नलिखित में से ‘द्विगु समास’ का उदाहरण है–
(1) त्रिनेत्र
(2) त्रिभुवन
(3) एकदन्त
(4) दशानन
Ans: (2) ‘त्रिभुवन’ में द्विगु समास है। जब संख्यावाची शब्द समूह या समाहार प्रकट करने के लिए प्रयुत्त हों तो द्विगु समास होता है। त्रिनेत्र, एकदन्त एवं दशानन में बहुब्रीहि समास है। जब पूर्व एवं पर पद के स्थान पर अन्य अर्थ प्रधान हो तो बहुब्रीहि समान होता है।
निर्देशः अधोलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न संख्या 11 से 15 तक के प्रश्नों के सबसे उपयुत्त उत्तर दीजिएः मैं साहित्य को मनुष्य की दृष्टि से देखने का पक्षपाती हूँ। जो वाग्जाल मनुष्य को दुर्गति, हीनता ओर परमुखापेक्षिता से बचा न सके, जो उसकी आत्मा को तेजोद्दीप्त न बना सके, जो उसके हृदय को परदुःखकातर और संवेदनशील न बना सके, उसे साहित्य कहने में मुझे संकोच होता है। मैं अनुभव करता हूँ कि हम लोग एक कठिन समय से गुजर रहे हैैं। दुनिया छोटे-छोटे संकीर्ण स्वार्थों के आधार पर अनेक दलों में विभत्त हो गयी है। अपने दल के बाहर का आदमी सन्देह की दृष्टि से देखा जाता है। उसके प्रत्येक त्याग और बलिदान के कार्य में भी ‘बाल’ का सन्धान पाया जाता है और अपने-अपने दलों में ऐसा करने वाला सफल नेता भी मान लिया जाता है। बड़ेबड़ े राष्ट्रनायक जब अपनी विराट्‌ अनुचरवाहिनी के साथ इस प्रकार का गन्दा प्रचार करते हैं तो ऊपर-ऊपर से चाहे जितनी भी सफलता उनके पक्ष में आती हुई क्यों न दिखयी दे, इतिहास विधाता का निष्ठूर नियम प्रवाह भीतर ही भीतर उनके स्वार्थों का उन्मूलन करता रहता है। जो लोग द्रष्टा हैं, वे इस गलती को समझते हैं, पर उनकी बात मदमत्त व्यत्तियों की ऊँची गद्दियों तक नहीं पहुँच पाती। संसार में अच्छी बात कहने वालों की कमी नहीं है, परन्तु मनुष्य के सामाजिक संगठन में ही कहीं कुछ ऐसा बड़ा दोष रह गया है जो मनुष्य को अच्छी बात सुनने और समझने से रोक रहा है। इसलिए आज की सबसे बड़ी समस्या यह नही है कि अच्छी बात कैसे कही जाए; बल्कि यह है कि अच्छी बात को सुनने और मानने के लिए मनुष्य को कैसे तैयार किया जाए?
Q11. साहित्य का मूल प्रयोजन है–
(1) मनोरंजन करना
(2) वाग्जाल फैलाना
(3) मनुष्य को उदात्त बनाना
(4) मनुष्य के हृदय को कठोर बनाना
Ans: (3) साहित्य का मूल प्रयोजन मनुष्य को उदात्त बनाना है।
Q12. लेखक के वर्तमान को कठिन समय क्यों कहा है?
(1) संसार में अच्छी बात सुनने वाले नहीं हैं।
(2) संसार में अच्छी बात करने वाले नहीं हैं।
(3) आज विरोधियों को संदेह की दृष्टि से देखा जाता है।
(4) संकीर्ण स्वार्थों ने मनुष्य को अंधा कर दिया है।
Ans: (4) संकीर्ण स्वार्थों ने मनुष्य को अंधा बना दिया। अतः लेखक ने वर्तमान समय को कठिन कहा है।
Q13. ‘वाग्जाल’ का तात्पर्य है–
(1) अलंकृत भाषा युत्त रचना
(2) काल्पनिक बातें
(3) विचारों का जाल
(4) उपर्युत्त में से कोई नहीं
Ans: (1) ‘वाग्जाल’ का तात्पर्य अलंकृत भाषा युत्त रचना है। जिनका प्रयोग साधारण समझ के मनुष्यों को अपने जाल में फसाने के लिए किया जाता है।
Q14. लेखक के अनुसार ‘द्रष्टा’ किस गलती को समझते है?
(1) इतिहास विधाता के नियम प्रवाह को
(2) स्वार्थपूर्ण नीतियों की निस्सारता
(3) साहित्य की उपयोगिता को
(4) मनुष्य के सामाजिक संगठन को-
Ans: (2) लेखक के अनुसार ‘द्रष्टा’ स्वार्थपूर्ण नीतियों की निस्सारता की गलती को समझते हैं। पर उनकी बात मदमत्त व्यत्तियों की ऊँची गद्दियों तक नहीं पहुँच पाती।
Q15. आज बड़ी समस्या क्या है?
(1) अच्छी बात को सुनने और मानने के लिए मनुष्य को कैसे तैयार किया जाए
(2) अच्छी बात कैसे कही जाये
(3) दुनिया का स्वार्थमय हो जाना
(4) दुनिया का अनेक दलों में बँट जाना
Ans: (1) अच्छी बात को सुनने और मानने के लिए मनुष्य को कैसे तैयार किया जाए आज यह बड़ी समस्या है।
Q16. ‘कार्य करने के बाद उसके बारे में जाँच करना’ अर्थ वाली कहावत है–
(1) पानी पीकर जाति पूछना
(2) साँप निकलने पर लकीर पीटते रहना
(3) अब पछताए होत का जब चिड़िया चुग गई खेत
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (1) ‘कार्य करने के बाद उसके बारे में जाँच करना’ अर्थ वाली कहावत है- पानी पीकर जाति पूछना। जबकि ‘साँप निकलने पर लकीर पीटते रहना’ का अर्थ है – समयोचित कार्य न करना तथा ‘अब पछताए होत का जब चिड़िया चुग गई खेत’ का अर्थ हैसमय निकल जाने पर पछताना।
Q17. निम्न में से शुद्ध शब्द पहचानिए–
(1) अभ्यन्तर
(2) कार्यकारणी
(3) एकतारा
(4) जिजीविषा
Ans: (b,c,d) अभ्यन्तर, एकतारा एवं जिजीविषा वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द है तथा कार्यकारणी वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध शब्द है इसका शुद्ध रूप कार्यकारिणी होता है। इस प्रश्न में तीन विकल्प सही है अतः यह प्रश्न ही त्रुटिपूर्ण है।
Q18. भाषा शिक्षक ने कक्षाकक्ष में व्यत्ति विशेष की आकृति, वेशभूषा, मुद्रा, चेष्टा, स्वभाव, सौंदर्य आदि का वर्णन किया। शिक्षक किस विधा का शिक्षण करा रहा है?
(1) संस्मरण
(2) यात्रावृतांत
(3) रेखाचित्र
(4) जीवनी
Ans: (3) शिक्षक रेखाचित्र विधा का शिक्षण करा रहा है। क्योंकि व्यत्ति विशेष की आकृति, वेशभूषा, मुद्रा, चेष्टा, स्वभाव, सौन्दर्य आदि का वर्णन साहित्य की रेखाचित्र विधा में ही किया जाता है। जबकि किसी यात्रा का वर्णन यात्रावृतांत में, घनिष्ठ व्यत्ति के द्वारा किसी अन्य का स्मरण संस्मरण में, किसी व्यत्ति के द्वारा किसी अन्य व्यत्ति के जीवनवृत्त (जन्म से मृत्यु पर्यंत) जीवनी में किया जाता है।
Q19. गद्य शिक्षण का मूल उद्देश्य है –
(1) सामान्य ज्ञान
(2) भाषा ज्ञान
(3) चरित्र निर्माण
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (2) गद्य शिक्षण मूल उद्देश्य भाषा ज्ञान कराना है। इसके अन्तर्गत शुद्ध उच्चारण, शुद्ध लेखन, शुद्ध श्रवण इत्यादि भाषिक कौशलों का विकास किया जाता है।
Q20. निम्न में से महाप्राण वर्ण है–
(1) क
(2) आ
(3) थ
(4) च
Ans: (3) ‘थ’ महाप्राण वर्ण है। जिन व्यंजनों के उच्चारण में समय तथा वायु अधिक मात्रा में व्यय हों, वे महाप्राण वर्ण कहलाते है। प्रत्येक वर्ग का दूसरा एवं चौथा वर्ण तथा श, ष, स, ह महाप्राण वर्ण है। जबकि आ, क एवं च अल्पप्राण वर्ण है।
Q21. भाषा शिक्षण का आदर्श वातावरण है–
(1) भाषागत शुद्धता पर अत्यधिक बल
(2) विद्यार्थियों को अभिव्यत्ति के भरपूर अवसर
(3) अध्यापक का एकालाप
(4) दृश्य-श्रव्य सामग्री का प्रचुर उपयोग
Ans: (2) वह वातावरण भाषा शिक्षण का आदर्श वातावरण माना जाता है जहाँ विद्यार्थियों को अभिव्यत्ति के भरपूर अवसर मिलते हों। भाषा-शिक्षण का मौलिक उद्देश्य विचार अभिव्यत्ति में निपुणता प्राप्त करना है जो कि अभिव्यत्ति के अवसर के बिना सम्भव नहीं है।
Q22. निम्न में से तत्सम शब्द है–
(1) अहीर
(2) अटारी
(3) आँख
(4) अखिल
Ans: (4) ‘अखिल’ तत्सम शब्द है। शेष सभी तद्‌भव शब्द हैं। जबकि अटारी का तत्सम शब्द ‘अट्‌टालिका’, अहीर का तत्सम शब्द ‘आभीर’ तथा आँख का तत्सम शब्द ‘अक्षि’ होगा।
Q23. ‘युद्ध की इच्छा रखने वाला’ कहलाता है–
(1) लड़ाकू
(2) युयुत्सु
(3) युदेच्छु
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (2) ‘युद्ध की इच्छा रखने वाला’ के लिए एक शब्द ‘युयुत्सु’ होता है। लड़ने वाले के लिए लड़ाकू शब्द प्रयुत्त होता है तथा ‘युदेच्छु’ त्रुटिपूर्ण शब्द है।
Q24. ‘वीर’ का स्त्रीलिंग है–
(1) वीरवति
(2) वारांगना
(3) वीरांगना
(4) वीरावती
Ans: (3) ‘वीर’ का स्त्रीलिंग वीरांगना है। शेष सभी त्रुटिपूर्ण हैं।
Q25. ‘अन्तर – अनन्तर’ शब्द युग्म का सही अर्थ चुनिए–
(1) भेद – अनन्त
(2) भेद – बाद में
(3) मध्य का – अनन्त
(4) आंतरिक – बाह्य
Ans: (2) ‘अन्तर – अनन्तर’ शब्द युग्म का सही अर्थ – ‘भेद – बाद में’ है। शेष सभी युग्म अर्थ ही दृष्टि से असंगत हैं।
Q26. ‘अक्षौहिणी’ की संधि विच्छेद है–
(1) अक्ष + ऊहिनी
(2) अक्षः + हिणी
(3) अक्षो + अहिणी
(4) अक्ष + ओहिणी
Ans: (4) अक्षौहिणी का संधि विच्छेद है – अक्ष + ओहिणी। संधि विच्छेद की दृष्टि से शेष सभी त्रुटिपूर्ण हैं।
Q27. निम्न में से किस शब्द में प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है?
(1) रटन्त
(2) बसन्त
(3) भिड़न्त
(4) धड़न्त
Ans: (2) ‘बसन्त’ शब्द में कोई भी प्रत्यय प्रयुत्त नहीं है। जबकि रटन्त, भिड़न्त एवं घड़न्त में ‘अन्त’ प्रत्यय प्रयुत्त है।
Q28. अधोलिखित विलोम शब्द युग्मों में से कौन-सा सही नहीं है?
(1) ओजस्वी – निस्तेज
(2) प्रसारण – संकुचन
(3) भिज्ञ – सभिज्ञ
(4) देहाती – शहरी
Ans: (3) विलोम शब्द युग्मों में ‘भिज्ञ – सभिज्ञ’ सही नहीं है बल्कि भिज्ञ का विलोम अनभिज्ञ होता है। शेष सभी सही विलोम शब्द युग्म हैं।
Q29. निम्न में से अशुद्ध वाक्य पहचानिए–
(1) पिताजी ने मुझसे कहा।
(2) वह अपना चश्मा भूल गया।
(3) तुम तो अपना काम करो।
(4) ये सच्चे इन्सान हैं।
Ans: (1) तुम तो अपना काम करो। यह अशुद्ध वाक्य हैं इसका शुद्ध वाक्य होगा- तुम अपना काम करो। शेष सभी शुद्ध वाक्य है।
Q30. अधोलिखित लोकोत्ति का सही अर्थ बताइये– ‘आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास’
(1) पवित्र जगहों को दुरुपयोग करना
(2) धर्म के नाम पर व्यापार करना
(3) बड़ा लक्ष्य निर्धारित करके छोटे कार्यों में लग जाना
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (3) ‘आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास’ लोकोत्ति का सही अर्थ है ‘बड़ा लक्ष्य निर्धारित करके छोटे कार्यों में लग जाना।’ शेष सभी अर्थ के दृष्टि से त्रुटिपूर्ण हैं।
निर्देश (प्र.सं. 115) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए।

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