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043 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. ‘देहात की जनता’ का तात्पर्य है –
(1) ग्रामीण जनसमुदाय
(2) कस्बे का जनसमुदास
(3) शहरी जनसमुदाय
(4) आदिवासी जनसमुदाय
Ans: (1) ‘देहात की जनता’ से तात्पर्य ग्रामीण जन समुदाय से है।
Q2. ‘कजरी’ गायी जाती है-
(1) आसाम में
(2) उत्तर प्रदेश में
(3) गुजरात में
(4) राजस्थान में
Ans: (2) ‘कजरी’ उत्तर प्रदेश का लोकगीत है। यह श्रावण महीने में लोगो द्वारा बड़े उत्साह से गायी जाती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में गाये जाने वाले अन्य लोकगीत चैता, बारहमासा, सावन आदि है।
Q3. ‘नजर फिरी है’ का तात्पर्य है –
(1) दृष्टिकोण में परिवर्तन आना
(2) उपेक्षा करना
(3) अवलोकन करना
(4) कुदृष्टि डालना
Ans: (1) ‘नजर फिरी है’ से तात्पर्य दृष्टि कोण में परिवर्तन आना से है।
Q4. जनता का संगीत है –
(1) फिल्म संगीत
(2) लोकगीत
(3) शास्त्रीय संगीत
(4) पाश्चात्य संगीत
Ans: (2) ‘लोकगीत’ जनता का संगीत है। यहाँ जनता का तात्पर्य ग्रामीण (देहात) के लोगों से और यह लोकगीत इन्हीं देहात के लोगों के बीच प्रचलित है। गाँवों में बड़े उत्साह के साथ गाये तथा सुने जाते हैं।
Q5. ‘बाउल’ कहाँ का लोक संगीत है?
(1) उत्तर प्रदेश
(2) गुजरात
(3) बिहार
(4) बंगाल
Ans: (4) ‘बाउल’ बंगाल का लोकसंगीत है। यहाँ का एक और लोक संगीत भतियाली भी है। जबकि चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मिर्जापुर, बनारस, उत्तर प्रदेश के पूरबी और बिहार के पश्चिमी जिलों में गाये जाते हैं।
Q6. ‘तृ’ की ध्वनियाँ हैं –
(1) त + र
(2) त्‌ + ऋ
(3) त्‌ + ऋ + अ
(4) त्र्‌ + अ
Ans: (2) ‘तृ’ की ध्वनियाँ त्‌ + ऋ हैं। यहाँ त्‌ स्पर्श व्यंजन में ऋ की मात्रा लगी हुई है।
Q7. निम्न में से कौन-सा समूह ‘विष्णु’ के पर्यायवाची शब्दों का है?
(1) चक्रपाणि, चतुर्भुज, शेषशायी, गरुड़ध्वज
(2) सुदेंश, चक्रपाणि, चतुर्भुज, फणीश
(3) शेखर, शशांक, दामोदर, विठ्‌ठल
(4) महीधर, वैनतेय, वासव, देवराज
Ans: (1) ‘विष्णु’ के पर्यायवाची शब्द है – चक्रपाणि, चतुर्भुज, शेषशायी, गरुड़ध्वज। इसके अलावां अन्य पर्यायवाची शब्द हैनारायण, हरि, मुकुंद, गोविंद, जनार्दन, श्रीपति, लक्ष्मीपति, कमलापति आदि।
Q8. निम्न में से तद्‌भव शब्द है –
(1) कुक्कुर
(2) कुमार
(3) काजल
(4) कोण
Ans: (3) निम्न में से ‘काजल’ तद्‌भव शब्द है। हिन्दी की मूल प्रकृति तद्‌भवपरक है। ये शब्द सीधे संस्कृत से न आकर प्राकृत, पालि और अपभ्रंश से होते हुए हिन्दी में आये हैं। तद्‌भव-शब्द का अर्थ ही है – ‘उससे उत्पन्न।’ यहाँ उससे का तात्पर्य केवल संस्कृत शब्दों से ही नहीं वरन्‌ अन्य आर्य भाषाओं के शब्दों से भी हैं।
Q9. निम्न में से शुद्ध शब्द पहचानिए –
(1) अश्रू
(2) सहानुभूती
(3) अनुपातिक
(4) ऐतिहासिक
Ans: (4) निम्न में से शुद्ध ‘ऐतिहासिक’ है। जबकि दिए गये अन्य शब्दों का शुद्ध रूप इस प्रकार होगा – अशुद्ध शुद्ध सहानुभूती सहानुभूति अनुपातिक आनुपातिक अश्रू अश्रु
Q10. ‘पतझड़’ में समास है –
(1) कर्म तत्पुरुष
(2) करण तत्पुरुष
(3) बहुब्रीहि
(4) द्वन्द्व
Ans: (3) ‘पतझड़’ में बहुब्रीहि समास है। झड़ते हो पत्ते जिस मौसम में वह अर्थात पतझड़।
Q11. ‘हँसना’ कैसी क्रिया है?
(1) अकर्मक क्रिया
(2) सकर्मक क्रिया
(3) संयुत्त क्रिया
(4) प्रेरणार्थक क्रिया
Ans: (1) ‘हँसना’ एक अकर्मक क्रिया है। जिस क्रिया का फल, कर्म पर न पड़कर कर्ता पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। इसमें किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। जैसे-सोना, उड़ना, भागना, नाचना आदि।
Q12. ‘‘जो पहले कभी नहीं हुआ हो’’ कहलाता है –
(1) अप्रत्याशित
(2) अद्‌भुत
(3) अनुपम
(4) अभूतपूर्व
Ans: (4) ‘‘जो पहले कभी नहीं हुआ हो’’ उसके लिए एक शब्द ‘अभूतपूर्व’ है। जबकि ‘जिसकी कोई उपमा न हो-अनुपम तथा जिसकी कोई आशा न हो- अप्रत्याशित।
Q13. निम्न में से सघोष वर्ण है –
(1) क
(2) अ
(3) ख
(4) च
Ans: (2) अ सघोष वर्ण है। जिस वर्ण के उच्चारण में हवा स्वरयंत्रिक से टकराकर बाहर निकलती है और घर्षण पैदा होता है, उसे सघोष वर्ण कहते है। इसके अन्तर्गत – ग, घ, ङ, ज, झ, ञ, ड, ढ, ण, द, ध, न, ब, भ, म, य, र, ल, व, ह तथा समस्त स्वर आते हैं।
Q14. ‘हृषीकेश’ की संधि है –
(1) ऋषी + केश
(2) हृषी + केश
(3) हृषीक + ईश
(4) ऋषी + ईश
Ans: (3) हृषीकेश का संधि विच्छेद हृषीक + ईश होगा। यह गुण संधि का उदाहरण हैं जब अ, आ के बाद हृस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ आए और उनका क्रमशः ए, ओ, और अर हो जाए तो उसे गुण संधि कहते हैं।
Q15. टिकाऊ में प्रत्यय है –
(1) आऊ
(2) ऊ
(3) वू
(4) उक
Ans: (1) टिकाऊ शब्द में ‘आऊ’ प्रत्यय है। यह विशेषण बनाने वाला हिन्दी प्रत्यय है। वे शब्दांश जो शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते है, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
Q16. शब्दकोश में निम्न शब्दों का सही क्रम बताइये –
(1) विश्वस्त, विश्व, विश्वंभरा, विश्वास
(2) विश्व, विश्वंभरा, विश्वस्त, विश्वास
(3) विश्वंभरा, विश्वस्त, विश्व, विश्वास
(4) विश्वंभरा, विश्व, विश्वस्त, विश्वास
Ans: (4) शब्दकोश में शब्दों का सही क्रम इस प्रकार हैविश्वंभरा, विश्व, विश्वस्त, विश्वास।
निर्देशः निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिये गये प्रश्नों (प्रश्न सं. 1721) के उत्तर सबसे उचित विकल्प चुनकर दीजिये : मोर के सिर की कलगी और सघन, ऊँची तथा चमकीली हो गई। चोंच अधिक बंकिम और पैनी हो गई, गोल आँखों में इंद्रनी की नीलाभ द्युति झलकने लगी। लंबी नील-हरित ग्रीवा की हर, भंगिमा में धूपछाँही तरंगें उठने-गिरने लगी। दक्षिण-वाम दोनों पंखों में सलेटी और सफेद आलेखन स्पष्ट होने लगे। पूँछ लंबी हुई और उसके पंखों पर चंद्रिकाओं के इंद्रधनुषी रंग उद्दीप्त हो उठे। रंग-रहित पैरों को गरवीली गति ने एक नयी गरिमा से रंजित कर दिया। उसका गरदन ऊँची कर देखना, विशेष भंगिमा के साथ उसे नीची कर दाना चुगना, पानी पीना, टेढ़ी कर शब्द सुनना आदि क्रियाओं में जो सुकुमारता और सौंदर्य था, उसका अनुभव देखकर ही किया जा सकता है। गति का चित्र नहीं आँका जा सकता। मोरनी का विकास मोर के समान चमत्कारिक तो नहीं हुआ-परंतु अपनी लंबी धूपछाँही गरदन, हवा में चंचल कलगी, पंखों की श्यामश्वेत पत्रलेखा, मंथर गति आदि से वह भी मोर की उपयुत्त सहचारिणी होने का प्रमाण देने लगी।
Q17. प्रस्तुत गद्यांश है –
(1) एक निबंध
(2) एक शब्दचित्र
(3) एक रिपोर्ताज
(4) एक कहानी
Ans: (2) प्रस्तुत गद्यांश एक ‘शब्द चित्र’ है। जब शब्दों के माध्यम से किसी वस्तु, व्यत्ति या प्राणी के चित्र साकार हो उठें तो उसे शब्द चित्र कहते हैं।
Q18. ‘रंजित’ का तात्पर्य है –
(1) आवेश युत्त
(2) रंगयुत्त
(3) शोभा युत्त
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (3) ‘रंजित’ से तात्पर्य ‘शोभायुत्त’ होता है। इसके अन्य समानार्थी शब्द हैं- सुसज्जित, सुशोभित, अलंकृत आदि।
Q19. मंथर गति होती है –
(1) धीमी गति
(2) तेज गति
(3) लय युत्त गति
(4) टेढ़ी गति
Ans: (1) ‘मथर गति’ का तात्पर्य ‘धीमी गति’ से है।
Q20. बंकिम का तात्पर्य है –
(1) सुंदर
(2) टेढ़ा
(3) तीखा
(4) कठोर
Ans: (1) ‘बंकिम’ का तात्पर्य ‘सुन्दर’ है। इसके अन्य समानार्थी शब्द हैं – ललाम, मंजुल, मनोहर, चाह, सुरम्य, सुहावना, आदि।
Q21. किसकी क्रियाओं में सुकुमारता व सौंदर्य था?
(1) मोरनी की
(2) मोर की
(3) तोते की
(4) लेखिका की
Ans: (2) मोर की क्रियाओं में सुकुमारता व सौन्दर्य था। उपर्युत्त गद्यांश में मोर के विभिन्न क्रिया कलापों का मनोरम वर्णन किया गया है।
Q22. शब्द युग्म अवर -अपर का सही अर्थ है –
(1) निम्न – अन्य
(2) अतिरित्त – निम्न
(3) उच्च – निम्न
(4) निम्न – उच्च
Ans: (1) शब्द युग्म अवर-अपर का सही अर्थ ‘निम्न -अन्य’ होगा। यहाँ अवर का तात्पर्य निम्न या कनिष्ठ से है तथा अपर का तात्पर्य अन्य या दूसरा से है।
Q23. ‘किसी वस्तु को गलत समझ लेना’ है –
(1) संशय
(2) सन्देह
(3) भ्रान्ति
(4) अज्ञान
Ans: (3) ‘किसी वस्तु को गलत समझ लेना’ भ्रान्ति है। भ्रांति में व्यत्ति किसी वस्तु को भ्रम वश गलत समझ लेता है। गलत को वह ही सही मान लेता है। जबकि संदेह में हमेशा संदेह बना रहता है। व्यत्ति स्थायित्व नहीं कर पाता।
Q24. ‘पण्डित’ से बनी भाववाचक संज्ञा है –
(1) पंडिताईन
(2) पाण्डित्य
(3) पठन
(4) ये सभी
Ans: (2) ‘पण्डित’ से बनी भाववाचक संज्ञा ‘पाण्डित्य’ है। उसी प्रकार मित्र से मित्रता, लड़का से लड़कपन, मनुष्य से मनुष्यत्व, बूढ़ा से बुढ़ापा बनी भाव वाचक संज्ञाएं है। जिस शब्द से किसी वस्तु या व्यत्ति के गुण-धर्म, दशा या व्यापार आदि का बोध हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
Q25. ‘मुद्रा’ शब्द का अर्थ समूह चुनिए –
(1) चेहरे का भाव, छाप, अँगूठी, प्रति
(2) मोहर, छाप, सिक्का, अँगूठी
(3) नाम, लिखना, सिक्का, छापाखाना
(4) चोट, छापा, धन, स्टाम्प
Ans: (2) ‘मुद्रा’ शब्द का अर्थ समूह है- मोहर, छाप, सिक्का, अँगूठी। इसके अलावां अन्य अर्थ पैसा, करेंसी आदि है।
Q26. ‘मरने की इच्छा’ के लिए एक शब्द है –
(1) मुमुर्षा
(2) मृत्यकांक्षी
(3) मरणेच्छु
(4) मरणासन्न
Ans: (1) ‘मरने की इच्छा’ के लिए एक शब्द ‘मुमुर्षा’ है जबकि ‘जिसे मर जाने की कामना हो’ उसके लिए एक शब्द ‘मुमूर्षु’ है तथा ‘जो मरने ही वाला हो’ के लिए ‘मरणासन्न’ शब्द प्रयुक्त होता है।
Q27. निम्नलिखित में से एक अनेकार्थी शब्द ‘खग’ का अर्थ नहीं है –
(1) तीर
(2) मन
(3) पक्षी
(4) आकाश
Ans: (2) ‘मन’ शब्द खग का अनेकार्थी शब्द नहीं है। जबकि दिए गये अन्य विकल्प पक्षी, आकाश, तीर आदि खग के अनेकार्थी शब्द हैं। जो शब्द भिन्न-भिन्न परिस्थितियों के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ में प्रयुक्त होते हैं, वे अनेकार्थक शब्द कहलाते हैं।
Q28. निम्न में से तत्सम शब्द है
(1) अमिय
(2) अगम
(3) आंवला
(4) आशीष
Ans: (4) ‘आशीष’ तत्सम शब्द है। जबकि दिए गए अन्य विकल्प अमिय, आंवला, अगम आदि तद्‌भव शब्द है।
Q29. निम्न में से कौन शब्द हमेशा बहुवचन में प्रयुत्त होता है?
(1) समाचारपत्र
(2) हस्ताक्षर
(3) चिड़िया
(4) तिजोरी
Ans: (2) ‘हस्ताक्षर’ शब्द हमेशा बहुवचन में प्रयुत्त होता है। हमेशा बहुवचन में प्रयुत्त होने वाले अन्य शब्द है- बाल, दर्शन, आँसू, प्राण, होश, समाचार, दाम, लोग आदि।
Q30. ‘त्यत्त’ शब्द का सही विलोम है
(1) त्याज्य
(2) गृहीत
(3) तुच्छ
(4) प्रिय
Ans: (2) ‘त्यत्त’ शब्द का सही विलोम ‘गृहीत’ है। जबकि – त्याज्य का ग्राह्य, तुच्छ का महान तथा प्रिय का अप्रिय विलोम होता है।

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