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042 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. संरचना के आधार पर किए गए वाक्य के वर्गीकरण में इनमें से कौन-सा प्रकार नही है?
(1) मिश्र वाक्य
(2) सरल वाक्य
(3) आज्ञार्थक वाक्य
(4) संयुत्त वाक्य
Ans: (3) आज्ञार्थक वाक्य संरचना/बनावट के आधार पर वाक्य का प्रकार नहीं है। संरचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं। (2) सरल वाक्य (1) मिश्र वाक्य (3) संयुत्त वाक्य सरल वाक्य – जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो, उसे सरल वाक्य या साधारण वाक्य कहते हैं। जैसे- राम पुस्तक पढ़ता है। संयुत्त वाक्य – जिस वाक्य में दो या दो से अधिक खण्ड वाक्य स्वतंत्र रूप से योजक द्वारा मिले हो, उसे संयुत्त वाक्य कहते हें। जैसे- तुम गये और हम आये। मिश्र वाक्य – जिस वाक्य में एक प्रधान वाक्य हो तथा अन्य खण्ड वाक्य अधीन होकर आये, उसे मिश्रित वाक्य कहते हैं। जैसे- मैने सुना है कि वह वहाँ पहुँच गया है।
Q2. ‘सुदामा के तन्दुल’ का अर्थ है–
(1) गरीबी में भी तन्दुल का शौक रखना
(2) गरीबी में जीना
(3) सामान्य किन्तु प्रेमपूर्वक भेंट
(4) बढ़-चढ़ कर बातें करना
Ans: (3) ‘सुदामा के तन्दुल’ मुहावरे। लोकोत्ति का अर्थ है- ‘‘सामान्य किन्तु प्रेमपूर्वक भेंट’’
Q3. ‘खरी मजूरी चोखा काम’ का अर्थ है–
(1) पूरी मजदूरी देने पर अच्छा कार्य होता है
(2) लोग मजदूरी की परवाह करते हैं कार्य की नहीं
(3) साधारण काम के अधिक पैसे माँगना
(4) बिना काम के दौलत चाहना
Ans: (1) ‘खरी मजूरी चोखा काम’ मुहावरे/लोकोत्ति का अर्थ है ‘‘पूरी मजदूरी देने पर अच्छा कार्य होता है।’’
Q4. हिन्दी भाषा शिषण की विधि है–
(1) आगमन निगमन विधि
(2) अनुकरण विधि
(3) भाषा प्रयोगशाला
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (4) हिन्दी भाषा की शिक्षण की विधि तीन प्रकार की होती है – (2) अनुकरण विधि (1) आगमन – निगमन विधि (3) भाषा प्रयोगशाला विधि
Q5. गृह कार्य का मुख्य उद्देश्य है–
(1) पढ़ाए गए पाठ को दोहराने के लिए अवसर देना
(2) छात्र को घर पर व्यस्त रखना
(3) सुलेख की योग्यता का विकास करना
(4) सम्बन्धित पाठ में रूचि उत्पन्न करना
Ans: (1) विद्यालय द्वारा बच्चों को गृहकार्य देने का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में शिक्षक द्वारा पढ़ाए गए पाठ को दोहराने के लिए अवसर देना है। गृहकार्य द्वारा विद्यार्थी पढ़ाए गये सम्बन्धित पाठ को दोबारा पढ़ते हैं तथा कंठस्थ करते हैैं।
Q6. भाषा शिक्षण के उपागम हैं –
(1) रचना शिक्षण उपागम
(2) पाठ संसर्ग उपागम
(3) (2) और (1) दोनों
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (3) भाषा शिक्षण के उपागम पाठ संसर्ग एवं रचना शिक्षण हैैं। विद्यार्थियों को भाषा सिखाने हेतु सर्वप्रथम पाठ पढ़ाया तथा समझाया जाता है उसके उपरांत पाठ से सम्बन्धित लेखन हेतु दिया जाता है।
Q7. छात्रों के शब्द भण्डार में वृद्धि करने का उपाय है –
(1) छात्रों में स्वाध्याय की प्रवृत्ति को बढ़ाना
(2) शब्दकोश का उपयोग
(3) शिक्षक द्वारा अच्छे व नये शब्दों का प्रयोग
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (4) छात्रों के शब्द भण्डार में वृद्धि करने के लिए शब्दों का उपयोग करना चाहिए तथा छात्रों में स्वाध्याय की प्रवृत्ति को बढ़ाना चाहिए। शिक्षक द्वारा छात्रों के लिए अच्छे व नये शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
Q8. आगमन विधि के रूपों की संख्या है–
(1) दो
(2) पाँच
(3) सात
(4) तीन
Ans: (1) आगमन विधि के रूपों की संख्या दो है।
Q9. शिक्षण कौशल का उपयोग किया जाता है–
(1) कक्षा के बाहर
(2) कक्षा के अन्दर
(3) (2) और (1) दोनों
(4) इनमतें से कोई नहीं
Ans: (3) शिक्षक द्वारा शिक्षण कौशल का उपयोग विद्यार्थियों के लिए कक्षा के अन्दर तथा कक्षा के बाहर दोनों जगहों पर किया जाता है।
Q10. लिखित अभिव्यत्ति का साधन नहीं है–
(1) निबन्ध लेखन
(2) पत्र लेखन
(3) वाद-विवाद
(4) नाट्‌य
Ans: (3) वाद-विवाद लिखित अभिव्यत्ति का साधन नही है। यह मौखिक अभिव्यत्ति का साधन है, जिसका प्रयोग मनुष्य सामान्यतः अपने दैनिक जीवन में करता है। जबकि पत्र-लेखन, निबन्ध-लेखन एवं नाट्‌य-लेखन, लिखित अभिव्यत्ति के साधन हैं। इसका प्रयोग केवल साक्षर व्यत्तियों द्वारा ही प्रयोग किया जा सकता है।
Q11. बालकों को लिखना सिखाने से पहले यह आवश्यक है–
(1) बारहखड़ी सिखाना
(2) अक्षर सिखाना
(3) लेखन सम्बन्धी जिज्ञासा उत्पन्न करना
(4) उनको क्रियाशील बनाना
Ans: (3) बालकों को लिखना सिखाने से पहले यह आवश्यक है कि उनको लेखन सम्बन्धी जिज्ञासा उत्पन्न करना जिससे उनकी रूचि लेखन के प्रति विकसित हो। इसके उपरान्त वे सब कुछ स्वयं सीखने का प्रयास करेंगे, जो कि एक आदर्श स्थिति की ओर इंगित करता है।
Q12. प्रिण्ट मीडिया में सम्मिलित नहीं किया जा सकता–
(1) पत्रिकाएँ
(2) समाचार-पत्र
(3) पाठ्‌य-पुस्तक
(4) विद्यालय पत्रिकाएँ
Ans: (3) पाठ्य-पुस्तक को प्रिण्ट मीडिया में सम्मिलित नहीं किया जा सकता है। पाठ्य-पुस्तकों का प्रयोग केवल कक्षा में विद्यार्थियों को पठन-पाठन हेतु किया जाता है। जबकि समाचार पत्र, पत्रिकाएँ एवं विद्यालय पत्रिकाएं जनसंचार के प्रिण्ट के माध्यम से सम्बन्धित हैैं।
Q13. SITE क्या है?
(1) उपग्रह अनुदेशात्मक दूरदर्शन प्रयोग
(2) टी वी चैनल
(3) (2) और (1) दोनों
(4) इनमतें से कोई नहीं
Ans: (1) SITE का विस्तारित रूप Satellite Instruction Television Experiment (उपग्रह अनुदेशात्मक दूरदर्शन प्रयोग) है। नासा और इसरो के सम्मिलित प्रयास से सन्‌ 1975 में ग्रामीण भारत में उपग्रहों की सहायता से दूरदर्शन का प्रचलन शुरू हुआ।
Q14. वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की उपयोगिता का प्रमुख कारण है–
(1) पाठ्यक्रम व्याप्ति
(2) रटाई से मुत्ति
(3) निष्पक्ष मूल्यांकन
(4) विद्यार्थियों का हित
Ans: (3) वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की उपयोगिता का प्रमुख कारण निष्पक्ष मूल्यांकन होता है। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में किसी भी प्रकार पक्षपात का अवसर नही रहता क्योंकि इसकी जाँच कम्प्यूटर द्वारा सामान्यतः होती है। विद्यार्थी द्वारा अंकित उत्तर को बिना-भेदभाव द्वारा अंक दिये जाते हैं।
Q15. विचारों की अच्छी अभिव्यत्ति किस प्रकार के प्रश्नो्रं्र मेंं हो सकती है?
(1) अतिलघुत्तरात्मक
(2) वस्तुनिष्ठ
(3) निबन्धात्मक
(4) लघुत्तरात्मक
Ans: (3) विचारों की अच्छी अभिव्यत्ति निबन्धात्मक प्रश्नों में हो सकती है। क्योंकि निबन्ध एक ऐसा माध्यम है जिसमें अपने विचार स्वतंत्र रूप में व्यत्त किये जाते हैं। जबकि वस्तुनिष्ठ, अतिलघुत्तरात्मक तथा लघुत्तरात्मक आदि प्रश्नों के उत्तर देने की विधियाँ हैैं। इस माध्यम से विद्यार्थी परीक्षा में आये प्रश्नों के उत्तर देते हैैं।
Q16. किसने मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रिमुखी बताकर त्रिकोण के रूप में प्रस्तुत किया?
(1) हरबर्ट
(2) मौरीसन
(3) ब्लूम
(4) व्रेथवाल
Ans: (3) विश्व के प्रमुख शिक्षाशास्त्री ब्लूम ने मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रिमुखी बताकर त्रिकोण के रूप में प्रस्तुत किया है।
Q17. उपचारात्मक शिक्षण द्वारा–
(1) छात्रों के घायल होने पर उपचार करते है
(2) अध्यापकों की कमियो का उपचार करते हैं
(3) छात्रों की कमजोरियों का निदान कर उसे दूर करने हेतु शिक्षण करते हैं
(4) कुछ कह नही सकते
Ans: (3) उपचारात्मक शिक्षण द्वारा शिक्षक कक्षा में छात्रों की कमजोरियों का निदान कर उसे दूर करने हेतु शिक्षण करते हैं। उपचारात्मक शिक्षण विधि में शिक्षक कक्षा के प्रत्येक विद्यार्थी की समस्याओं को समझकर/जानकर विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करता है तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान करता है। उपचारात्मक विधि शिक्षण की सर्वोत्तम विधि मानी जाती है।
Q18. उच्चारण सुधारने का कार्य किन कक्षाओं में करना चाहिए?
(1) माध्यमिक
(2) प्रारम्भिक
(3) उच्च-माध्यमिक
(4) उच्च कक्षाओं में
Ans: (2) विद्यार्थियों का उच्चारण सुधारने का कार्य प्रारम्भिक कक्षाओं में ही करना चाहिए। प्राथमिक स्तर पर बच्चों में उच्चारण सम्बन्धी बहुत विसंगतियाँ पायी जाती हैं क्योंकि बच्चे नये-नये शब्द सीखते हैं। उसी स्तर पर उनकी उच्चारण सम्बन्धी समस्या पर कार्य करना चाहिए। प्राथमिक स्तर पर बच्चों को बोलकर पढ़ने की आदत डालने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
निर्देश (प्र. सं. 1923) निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। भारत अब प्रौढ़ावस्था में आ पहुँचा है। भीषण घात-प्रतिघात से साक्षात्कार करते हुए भी उसने बहुमुखी विकास किया है, इसमें सन्हेद नही। लेकिन उसका एक प्रकोष्ठ अन्धकार में अभी भी डूबा हुआ हैहृदय, जोकि मानवीय क्रिया व्यापार का नियन्ता है। इस समय वह स्वार्थपरता और भोगवाद के ऐसे रोग से ग्रसित हो गया है जिसके कारण मानवीय आचरण भी बनैला हो गया है। क्षेत्रवाद, जातिवाद, भाषावाद, सम्प्रदायवाद-प्रभृति विभिषिकाएँ जो आजादी के साथ उपहार में मिली थीं, आए दिन कहीं-न-कहीं अपनी लोमहर्षक जलीला सम्पन्न करती रहती है। परिणामस्वरूप शिथिल पड़ते अनुशासन के बन्धन, विखण्डित होती श्रद्धा और कलंकित होता विश्वास; मानवता के लिए काँटों की सेज बन प्रस्तुत हो रहे हैं। फिर भी 21वीं सदी में प्रवेश की अधीरता ही सर्वाधिक रही है। कतिपय लोल कपोलों की कृत्रिम रंगीनियाँ समूह देशवासियों का पर्याय मान लेना उचित नहीं। अतः कल्पना के भव्य महलों के ध्वंसावशेषों पर यथार्थ की झोपड़ियों का निर्माण ही उचित होगा।
Q19. वह शब्द बताइए जिसमें सन्धि तथा प्रत्यय दोनों का प्रयोग हुआ है–
(1) ध्वंसावशेषों
(2) रंगीनियाँ
(3) अधीरता
(4) सम्प्रदायवाद
Ans: (1) ध्वंसावशेषों शब्द में सन्धि तथा प्रत्यय दोनो शब्द का प्रयोग हुआ है। ध्वंस + अवशेष + ओं ध्वंसावशेषों ध्वंसावशेष में ‘ओं’ प्रत्यय लगाकर इसका बहुवचन बना दिया गया है। स्वरसन्धि – दो स्वरों के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है उसे स्वर सन्धि कहते हैं। प्रत्यय – जो शब्दांश शब्दों के अंत में लगते हैं और उनके अर्थ को बदल देते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं।
Q20. इनमें से वह शब्द बताइए जिसमें समास तथा उपसर्ग का प्रयोग हुआ है–
(1) भारतवासियों
(2) घात-प्रतिघात
(3) कर्मयोगी
(4) आत्मनिर्भरता
Ans: (1) ‘घात-प्रतिघात’ का समास विग्रह है– ‘आक्रमण और आक्रमण का उत्तर’। यहाँ द्वन्द्व समास है तथा ‘प्रतिघात’ में ‘प्रति’ उपसर्ग भी लगा है। अतः विकल्प (2) सही उत्तर है।
Q21. वह तत्सम शब्द बताइए जिसके साथ उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का प्रयोग हुआ है–
(1) मानवता
(2) मानवीय
(3) अधीर
(4) विखण्डित
Ans: (4) ‘विखण्डित’ तत्सम शब्द है जिससे उपसर्ग एवं प्रत्यय दोनो का प्रयोग हुआ है। विखण्डित में ‘वि’ एक उपसर्ग तथा ‘इत’ एक प्रत्यय है और पूरा शब्द तत्सम है।
Q22. कर्म तत्पुरुष समास का उदाहरण इनमें से कौन-सा है?
(1) आत्मनिर्भरता
(2) लोमहर्षक
(3) देशवासियों
(4) सर्वाधिक
Ans: (2) ‘लोमहर्षक’ कर्म तत्पुरुष समास का उदाहरण है। इसका समास विग्रह है – रोंगटे को खड़ा करने वाला। जिस समास का उत्तर अर्थात अन्तिम पद प्रधान हो, उसे तत्पुरुष समास कहते है। कर्त्ताकारक और सम्बोधन को छोड़कर शेष सभी कारकों में विभत्तियाँ लगाकर इसका समास विग्रह होता है।
Q23. इनमें से कौन-सा शब्द तत्सम है?
(1) श्रद्धा
(2) स्वतन्त्रता
(3) झोपड़ियों
(4) आजादी
Ans: (1) ‘श्रद्धा’ तत्सम शब्द है। अन्य सभी शब्द तद्‌भव हैं।
निर्देश (प्र. सं. 2428) : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। कुसुम शाम को मन्दिर में दर्शन करते हुए घर गई। वह देर तक गीत गाती रही। उसे समय का पता ही न था। आधी रात बीत गई। उसने सितार बजाई। फिर भी उसका मन न लगा। उसने टहलना शुरू किया, रात किसी तरह कटी। सुबह उसकी आँखें नींद से बेझिल हो रही थी। वह देर तक सोती रही। माँ ने आकर जगाया और कलेवा करने के लिए कहा। जैसे-तैसे वह उठी, नहाई और साइकिल से कॉलेज के लिए चली। कॉलेज में उसकी सखी ने घी के पराँठे खिलाए। कुसुम के संगीत प्रेम की कॉलेज में छात्र ही नहीं, परिवार में मामा, चाचा, नाना और भाई-बहन भी प्रशंसा करते हैं।
Q24. इनमें से कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग नहीं है?
(1) रात
(2) शाम
(3) कलेवा
(4) आँखें
Ans: (3) कलेवा (सुबह का नाश्ता) पुलिंग शब्द है। जबकि अन्य सभी रात, शाम, आँखें स्त्रीलिंग शब्द हैं। रात, दिन तथा तीन पहर (सुबह, दोपहर, शाम) स्त्रीलिंग में होते है।
Q25. ‘कुसुम शाम को घर गई।’ इस वाक्य में कौन-सा काल है?
(1) आसन्न भूत
(2) सामान्य भूत
(3) पूर्ण भूत
(4) संदिग्ध भूत
Ans: (2) ‘कुसुम शाम को घर गई।’ इस वाक्य में सामान्य भूत काल का प्रयोग हुआ है।
Q26. कारक चिह्न के प्रयोग के बावजूद इनमें से किस शब्द का बहुवचन नहीं बनता?
(1) गीत
(2) घी
(3) घर
(4) सखी
Ans: (2) कारक चिह्न के प्रयोग के बावजूद ‘घी’ शब्द का बहुवचन नही बनता तथा यह सदैव एकवचन में रहता है। तरल पदार्थ घी, पानी, दूध तथा शराब का सदैव एकवचन में रहते हैं। अन्य सभी गीत, घर, सखी एकवचन है इनका बहुवचन गीतों, घरों तथा सखियाँ होगा।
Q27. इनमें से किस शब्द का लिंग नहीं बदलता?
(1) छात्र
(2) चाचा
(3) साइकिल
(4) मामा
Ans: (3) ‘साइकिल’ शब्द का लिंग नहीं बदलता है। यह सदैव उभयलिंग में ही रहता है। जबकि चाचा, छात्र, तथा मामा पुलिंग शब्द है इनके स्त्रीलिंग चाची, छात्रा तथा मामी होगा।
Q28. इनमें से कौन-सा शब्द सदैव बहुवचन में ही प्रयुत्त होता है–
(1) मन
(2) दर्शन
(3) पराँठा
(4) सितार
Ans: (2) दर्शन सदैव बहुवचन में ही प्रयुत्त होता है इसका एकवचन नही होता है।
Q29. ‘ईश्वर तुम्हें सफलता प्रदान करें।’ यह वाक्य है–
(1) विधानवाचक
(2) संकेतवाचक
(3) इच्छावाचक
(4) विस्मयवाचक
Ans: (3) ‘ईश्वर तुम्हें सफलता प्रदान करें।’ इस वाक्य में किसी के द्वारा किसी के लिए इच्छा व्यत्त की गई है। अतः यह इच्छा वाचक वाक्य है।
Q30. ‘मेरा छोटा भाई प्रशान्त धार्मिक पुस्तवें अधिक पढ़ता है।’ इस वाक्य में विधेय का विस्तार है–
(1) धार्मिक पुस्तवें अधिक
(2) छोटा भाई
(3) मेरा भाई प्रशान्त
(4) पढ़ता है
Ans: (1) ‘मेरा छोटा भाई प्रशान्त धार्मिक पुस्तवें अधिक पढ़ता है।’’ इस वाक्य में ‘मेरा छोटा भाई प्रशान्त’ यह वाक्य का उद्देश्य व उद्देश्य विस्तार है तथा ‘धार्मिक पुस्तवें अधिक’ विधेय का विस्तार है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिये गये प्रश्नों (प्रश्न सं. 15) के उत्तर सबसे उचित विकल्प चुनकर दीजिएः लोकगीत अपनी लोच, ताजगी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न है। लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं ये। इनके लिए साधना की जरूरत नहीं होती। त्योहारों और विशेष अवसरों पर ये गाए जाते हैं। एक समय था जब शास्त्रीय संगीत के सामने इनको हेय समझा जाता था। अभी हाल तक इनकी बड़ी उपेक्षा की जाती थी। पर इधर साधारण जनता की ओर जो लोगों की नजर फिरी है जो साहित्य और कला के क्षेत्र में भी परिवर्तन हुआ है। अनेक लोगों ने विविध बोलियों के लोक-साहित्य और लोकगीतों के संग्रह पर कमर बाँधी है और इस प्रकार के अनेक संग्रह अब तक प्रकाशित भी हो गए हैं। वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में है। इनका संबंध देहात की जनता से है। चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मिर्जापुर, बनारस और उत्तर प्रदेश के पूरबी और बिहार के पश्चिमी जिलों में गाए जाते हैं। बाउल और भतियाली बंगाल के लोकगीत हैं। हीर-राँझा, सोहनी-महीवाल संबंधी गीत पंजाबी में और ढोला-मारू आदि के गीत राजस्थानी में बड़े चाव से गाए जाते हैं।

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