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041 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. कौन शब्द विदेशी है?
(1) धर्म
(2) शब्द
(3) अंदाज
(4) प्रकृति
Ans: (3) ‘अंदाज’ शब्द विदेशी शब्द है, यह फारसी भाषा का शब्द है। फारसी भाषा के अन्य शब्द है- कागज, दुकान, फौज, बादाम, खर्च, गिरफ्तार इत्यादि। शब्द, धर्म एवं प्रकृति सभी हिन्दी भाषा के शब्द हैं।
Q2. निम्न किस शब्द में प्रत्यय नहीं है?
(1) विशेष
(2) पीढ़ियों
(3) लड़ना
(4) सैकड़ों
Ans: (1) ‘विशेष’ शब्द में कोई भी प्रत्यय प्रयुत्त नहीं है। ‘पीढ़ी’ शब्द में ‘यों’ प्रत्यय जोड़ने से ‘पीढ़ियों’ शब्द बनेगा यह बहुवचन के अर्थ में प्रयुत्त होता है इसी तरह अन्य शब्द बनेंगे- लड़की से लड़कियों, खिड़की से खिड़कियों, सीढ़ी से सीढ़ियों आदि। ‘सैकड़ा’ शब्द में ‘ओं’ प्रत्यय प्रयुत्त होगा तथा ‘सैकड़ों’ शब्द बनेगा। यह शब्द भी बहुवचन के अर्थ में प्रयुत्त होता है। इसके अन्य उदाहरण हैं- नौकर से नौकरों, अमीर से अमीरों, माला से मालाओं आदि। ‘लड़ना’ शब्द में ‘ना’ प्रत्यय प्रयुत्त है। इसमें मूल शब्द ‘लड़’ तथा प्रत्यय ‘ना’ प्रयुत्त है।
Q3. ‘व्यवस्था’ में संधि है–
(1) दीर्घ
(2) यण्‌
(3) वृद्धि
(4) गुण
Ans : (2) ‘व्यवस्था’ में यण संधि है। इसका विच्छेद होगा-वि + अवस्था। जब ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ के बाद कोई असमान स्वर आये तो ‘इ’ का ‘य’, ‘उ’ का ‘व’ तथा ‘ऋ’ का ‘र’ हो जाता है। जैसे- वि + आकरण व्याकरण नि + ऊन न्यून देवी + आलय देव्यालय अनु + एषण अन्वेषण
Q4. ‘नतमस्तक’ में समास है–
(1) द्विगु
(2) तत्पुरुष
(3) बहुब्रीहि
(4) द्वन्द्व
Ans: (a and c) ‘नतमस्तक’ में तत्पुरुष एवं बहुब्रीहि दोनों समास होंगे। जब ‘नतमस्तक’ का विग्रह ‘मस्तक से नत (झुका हुआ)’ करेंगे तो इसमें करणतत्पुरुष समास होगा एवं जब इसका विग्रह ‘नत है मस्तक जिसका वह’ करेंगे तो बहुब्रीहि समास होगा।
Q5. संज्ञा नहीं है–
(1) कुआँ
(2) ओरण
(3) लड़ना
(4) जंगल
Ans: (3) ‘लड़ना’ शब्द संज्ञा नहीं है बल्कि यह क्रिया है। जबकि ‘ओरण’ व्यत्तिवाचक संज्ञा, ‘कुआँ’ तथा ‘जंगल’ जातिवाचक संज्ञा है।
Q6. ‘तय’ शब्द है–
(1) तद्धव
(2) तत्सम
(3) देशज
(4) विदेशी
Ans: (4) ‘तय’ शब्द विदेशी शब्द है। यह अरबी भाषा का शब्द है। अरबी भाषा के अन्य शब्द हैं-वकील, तूफान, तारीख, कुरसी, आदमी, औरत, कानून, फकीर, महान आदि। क्षेत्रीय बोलियों एवं उपभाषाओं के शब्द जो हिन्दी में स्वीकृति हैं ‘देशज’ शब्द कहलाते हैं इसके उदाहरण हैं- जूता, खिड़की, रोटी, घोंसला, झाड़ू, थप्पड़ आदि।
Q7. ‘आग’ का तत्सम है–
(1) आगि
(2) आग
(3) अग्नि
(4) अग्ग
Ans: (3) ‘आग’ का तत्सम रूप ‘अग्नि’ है। ‘आग’ तद्‌भव शब्द है। तत्सम की दृष्टि से शेष सभी त्रुटिपूर्ण हैं। निम्न काव्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्रश्न संख्या 8 से 13) में सबसे उचित विकल्प चुनिए : मैं नहीं चाहता चिर सुख चाहता नहीं अविरल दुख, सुख-दुख की आँख-मिचौनी खेले जीवन अपना मुख। सुख-दुख के मधुर मिलन से यह जीवन हो परिपूरन, फिर घन से ओझल हो शशि, फिर शशि से ओझल हो घन। जग पीड़ित है अति दुख से जग पीड़ित है अति सुख से, मानव जग में बंट जांवें दुख-सुख से औ’ सुख-दुख से। अविरत दुख है उत्पीड़न, अविरत सुख भी उत्पीड़न सुख-दुख की निशा-दिवा में सोता जगता जग-जीवन में।
Q8. कवि चिर सुख या चिर दुख क्यों नही चाहता है?
(1) चिर दुख असहनीय होगा
(2) चिर सुख या चिर दुख संभव नहीं हैं
(3) सुख की अतिघातक होगा
(4) दोनों मिलकर ही जीवन को पूर्ण बनाते हैं।
Ans: (4) सुख और दुःख दोनों के मिलने से ही जीवन पूर्ण बनता है अतः कवि चिर सुख या चिर दुःख नहीं चाहता है।
Q9. कवि मानव के लिए किस स्थिति की कामना करता है?
(1) वह बहुत सुखी हो
(2) दुख और सुख परस्पर बट जाएं
(3) वह दुखी नहीं हो
(4) वह समृद्ध हो
Ans: (2) कवि जग में उस स्थिति की कामना करता है जिसमें मानव परस्पर सुख व दुःख को बाँट लेता है। यह तथ्य निम्नलिखित पंत्ति से स्पष्ट होता है- ‘‘मानव जग में बँट जावें दुख-सुख से औ’ सुख-दुख से’’
Q10. इस काव्यांश में नाद सौंदर्य की दृष्टि से कौन-सा विकल्प उपयुत्त है?
(1) उत्प्रेक्षा
(2) रूपक
(3) अंत्यानुप्रास
(4) उपमा
Ans: (3) इस काव्यांश में नाद सौंदर्य की दृष्टि से अन्त्यानुप्रास अलंकार है। जब पंत्ति के अन्त में आने वाले शब्दों का अन्तिम वर्ण (या मात्रा) समान हो तथा बार-बार आये तो वहाँ अन्त्यानुप्रास होता है। यहाँ ‘ख’ वर्ण, ‘न’ वर्ण एवं ‘स’ वर्ण अन्त में तथा बारबार आये हैं। अतः यहाँ पर अन्तयानुप्रास अलंकार होगा।
Q11. कवि ने सुख और दुख का साम्य किनसे बताया है?
(1) शशि और घन
(2) चाँद और सूरज
(3) दिन और रात
(4) ठण्डा और गर्म
Ans: (3) कवि ने सुख और दुःख का साम्य क्रमशः दिन और रात से बताया है। यह भाव निम्नलिखित पंत्ति में निहित है- ‘‘सुख-दुख की निशा-दिवा में सोता जगता जग-जीवन में।’’
Q12. इस काव्यांश में प्रमुख भाव है –
(1) संतुलन
(2) वैराग्य
(3) शृंगार
(4) वीरता
Ans: (1) इस काव्यांश में प्रमुख भाव ‘संतुलन’ है। कवि चिर सुख और चिर दुख दोनों नहीं चाहता बल्कि वह जीवन में सुख और दुःख के संतुलन की कामना करता है।
Q13. ‘सुख’ और ‘दुख’ से ध्वनि साम्य वाला शब्द है –
(1) उत्पीड़न
(2) अविरत
(3) आँख
(4) मुख
Ans: (4) ‘सुख’ और ‘दुख’ से ध्वनि साम्य (समानता) रखने वाला शब्द ‘मुख’ है।
Q14. सही कथन है –
(1) कर्ता का स्थान प्रायः वाक्य के अंत में होता है
(2) कर्ता का स्थान प्रायः वाक्य के प्रारम्भ में होता है
(3) कर्ता का स्थान प्रायः वाक्य के मध्य में होता है
(4) कर्ता का वाक्य में कोई स्थान नहीं होता है
Ans: (2) ‘कर्ता का स्थान प्रायः वाक्य के प्रारम्भ में होता है।’ यह कथन सही है। वस्तुतः वाक्य के दो प्रमुख तत्व हैं-कर्ता एवं क्रिया। क्रिया का सम्पादन कर्ता द्वारा होता है जो कि वाक्य में क्रिया से पूर्व आता है। सामान्यतः वाक्य का प्रारूप निम्नलिखित प्रकार से होता हैकर्ता + कर्म + मुख्य क्रिया + सहायक क्रिया।
Q15. सरल वाक्य है–
(1) राम और सीता जाते है
(2) श्रमिक श्रम करता है किन्तु उसके फल से वंचित रहता है
(3) चाहे सुबह हो जाए, मुझे यह काम पूरा करना है
(4) जो करे सो भरे
Ans: (1) ‘राम और सीता जाते हैं’ यह एक सरल वाक्य है। जिस वाक्य में एक उद्देश्य, एक विधेय तथा एक ही मुख्य क्रिया हो उसे सरल वाक्य कहते हैं। इसमें कर्ता एक से अधिक हो सकते हैं, परन्तु मुख्य क्रिया सदैव एक ही होती है। जैसे-1. किसान खेत जोत रहा है।- सरल वाक्य 2. राम, श्याम, मोहन तथा रमेश विद्यालय जाते हैं।- सरल वाक्य
Q16. ‘पैसा कमाना एक बात है, उसे ठीक से खर्च करना दूसरी बात है’ यह वाक्य है –
(1) संयुत्त वाक्य
(2) मिश्र वाक्य
(3) सरल वाक्य
(4) युगल वाक्य
Ans: (1) ‘पैसा कमाना एक बात है, उसे ठीक से खर्च करना दूसरी बात है।’ यह एक संयुत्त वाक्य है। संयुत्त वाक्य बनावट (रचना) के आधार पर वाक्य का एक प्रकार है। जिस वाक्य में दो या दो से अधिक समान स्वर के उपवाक्य योजक शब्दों के माध्यम से जुड़े होते हैं, वे संयुत्त वाक्य कहलाते हैं, जैसे- नेता जी सभा में आये और सभा शुरू हो गई।
Q17. ‘घी का लड्‌डू टेढ़ा भला’ का अर्थ है–
(1) उपयोगी वस्तु हर दशा में ठीक होती है
(2) घी का लड्‌डू अच्छा होता है
(3) घी बहुत महंगा होता है
(4) लड्‌डू सीधा नहीं होता है
Ans: (1) ‘घी का लड्‌डू टेढ़ा भला’ लोकोत्ति का अर्थ है- ‘उपयोगी वस्तु हर दशा में ठीक होती है’। शेष विकल्प अर्थ की दृष्टि से असंगत हैं।
Q18. ‘अशर्फियां लुटें, कोयलों पर मुहर’ का आशय है–
(1) बेपरवाह हो जाना
(2) कोयलों की रखवाली करना
(3) महंगी चीज की बजाय सस्ती चीज की परवाह करना
(4) सोने के सिक्के चुराना
Ans: (3) ‘अशर्फियाँ लुटें, कोयलों पर मुहर’ लोकोत्ति का आशय है- ‘मंहगी चीज की बजाय सस्ती चीज का परवाह करना’। ‘अशर्फी की लूट और कोयले पर छाप’ लोकोत्ति भी इसी अर्थ में प्रयुत्त होती है।
Q19. ‘कारक’ का अर्थ है–
(1) क्रिया को करनेवाला
(2) कार्यकर्ता
(3) कार वाला
(4) कारखाने वाला
Ans: (1) ‘कारक’ शब्द का अर्थ है ‘क्रिया को करने वाला’। अन्य विकल्प में निहित तथ्य ‘कारक’ के अर्थ के दृष्टि से असंगत है। हिन्दी में आठ कारक होते हैं।
Q20. आज —- संकट के बादल छाए हैं।
(1) देश को
(2) देश पर
(3) देश के
(4) देश से
Ans: (2) आज देश पर संकट के बादल छाए हैं।
Q21. द्वितीय भाषा शिक्षण की तुलनात्मक विधि है–
(1) व्यतिरेकी विधि
(2) सिद्धांत प्रणाली
(3) व्यास प्रणाली
(4) तुलना विधि
Ans: (1) द्वितीय भाषा शिक्षण की तुलनात्मक विधि ‘व्यतिरेकी विधि’ है। व्यतिरेकी विधि भाषा-शिक्षण का व्यवहारिक तरीका है जो किसी भाषा-युग्म के समानताओं एवं अन्तरों का वर्णन करके भाषा को सुगम बनाने पर जोर देती है। इसीलिए इसे कभी-कभी अन्तरात्मक विधि भी कहा जाता है।
Q22. मौन वाचन का प्रकार नहीं है –
(1) द्रुत वाचन
(2) समवेत वाचन
(3) वैयत्तिक वाचन
(4) अनुकरण
Ans: (a, b, d) समवेत वाचन, द्रुत वाचन तथा अनुकरण वाचन तीनों ही मौन वाचक के प्रकार नहीं हैं। समवेत वाचन में सभी छात्र एक साथ समान ध्वनियों का उच्चारण करते हुए वाचन करते हैं, द्रुत वाचन में शुद्ध उच्चारण के साथ तीव्र गति से वाचन का अभ्यास कराया जाता है तथा शिक्षक के द्वारा आदर्श वाचन करने के बाद उसी का अनुकरण करते हुए उच्चारण के साथ वाचन अनुकरण वाचन कहलाता है। वैत्तिक वाचन मौनवाचन का प्रकार हो सकता है। यह प्रश्न त्रुटिपूर्ण है।
Q23. किसका संबंध बोलने के कौशल के विकास से नहीं है?
(1) सस्वर वाचन
(2) शुद्ध उच्चारण
(3) कविता पाठ
(4) प्रतिलिपि
Ans: (4) प्रतिलिपि का संबंध बोलने के कौशल विकास से नहीं है। इसका सम्बन्ध लेखन कौशल के विकास से है। जबकि शुद्ध उच्चारण, सस्वर वाचन एवं कविता पाठ सभी का सम्बन्ध बोलने के कौशल के विकास से है।
Q24. भाषा कौशलों में सबसे पहले किस कौशल का विकास करना चाहिए?
(1) वाचन
(2) लेखन
(3) श्रवण
(4) उच्चारण
Ans: (3) भाषा कौशलों मेंं सबसे पहले ‘श्रवण’ कौशल का विकास करना चाहिए। इस तथ्य को ऐसे समझा जा सकता है कि नवजात शिशु सर्वप्रथम सुनता है तब उसका अनुकरण करके छोटी-छोटी ध्वनियाँ उच्चारित करता है। भाषाई कौशल के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित क्रम प्राप्त होता हैश्रवण -उच्चारण – पठन – लेखन
Q25. कौन कथन संगत नहीं है?
(1) पाठ्यपुस्तक विद्यार्थी और शिक्षक दोनों के लिए आधारभूत है
(2) पाठ्यपुस्तक कक्षा शिक्षण का प्रमुख साधन है
(3) पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साधन है, साध्य नहीं
(4) पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साध्य है, साधन नहीं
Ans: (4) पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साध्य है, साधन नहीं।’ यह कथन संगत नही हैं। क्योंकि पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साधन (सहायक सामग्री) होती है न कि साध्य (उद्देश्य)। यही कथन असंगत है जबकि शेष सभी संगत कथन हैं।
Q26. भाषा शिक्षण में दृश्य-श्रव्य साधनों के प्रयोग का मुख्य प्रयोजन ह –
(1) विद्यार्थियों की विभिन्न इन्द्रियों को क्रियाशील बनाना
(2) शिक्षण में विविधता लाना
(3) रोचकता का संचार करना
(4) मनोरंजन करना
Ans: (1) भाषा शिक्षण में दृश्य-श्रव्य साधनों के प्रयोग का मुख्य प्रयोजन विद्यार्थियों की विभिन्न इंद्रियों को क्रियाशील बनाना हैं। क्योंकि जिस अधिगम में जितनी अधिक इंद्रियाँ (ज्ञानेन्द्रियाँ) भाग लेती है वह अधिगम उतना ही अधिक प्रभावशाली होता है।
Q27. अर्थग्रहण के कौशल के विकास के लिए अधिक उपयोगी है–
(1) समाचार वाचन
(2) व्याकरण शिक्षा
(3) मौन वाचन
(4) सस्वर वाचन
Ans: (3) अर्थग्रहण के कौशल के विकास के लिए ‘मौन वाचन’ अधिक उपयोगी होगा। व्याकरण शिक्षा से भाषागत शुद्धता का विकास होता है। सस्वर वाचन से उच्चारण की शुद्धता का विकास होता है।
Q28. वर्तमान परीक्षा प्रणाली में दोष है–
(1) इसमें सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के अध्ययन की आवश्यकता नहीं रहती है
(2) यह विद्यार्थी द्वारा अर्जित योग्यता का सही मूल्यांकन नहीं करती है
(3) इसमें अंकन की कोई सुनिश्चित मापदण्ड नहीं है
(4) इनमें से सभी
Ans: (4) वर्तमान परीक्षा प्रणाली विद्यार्थी द्वारा अर्जित योग्यता का सही मूल्यांकन नहीं करती, इसमें सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के अध्ययन की आवश्यकता नहीं रहती तथा इसमें अंकन का कोई सुनिश्चित मापदण्ड नहीं है।
Q29. हिन्दी शिक्षण में उपलब्धि की जांच की जा सकती है–
(1) निबंधात्मक प्रश्नों से
(2) बुद्धि परीक्षण से
(3) प्रोजेक्टिव परीक्षण से
(4) उपलब्धि परीक्षण से
Ans: (4) हिन्दी शिक्षण में उपलब्धि की जाँच उपलब्धि परीक्षण से की जाती है।
Q30. उपलब्धि परीक्षण के सम्बन्ध में कौन कथन उपयुत्त नहीं है?
(1) निबंधात्मक प्रश्नों के मूल्यांकन में वस्तुपरकता का अभाव रहता है
(2) मौखिक परीक्षा में पक्षपात की आशंका रहती है
(3) क्रियात्मक परीक्षाओं में शाब्दिक ज्ञान का महत्व नहीं होता है
(4) वस्तुनिष्ठ परीक्षा से मौलिकता का विकास होता है
Ans: (4) ‘वस्तुनिष्ठ परीक्षा से मौलिकता का विकास होता है।’ यह कथन उपयुक्त नहीं है। क्योंकि वस्तुनिष्ठ परीक्षा का उद्देश्य ज्ञानात्मक परीक्षण करना होता है। शेष सभी उपयुत्त कथन है।

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