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039 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. ‘विद्यालय’ शब्द में है-
(1) व्यंजन सन्धि
(2) स्वर सन्धि
(3) विसर्ग सन्धि
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (2) विद्या + आलय विद्यालय (दीर्घस्वर सन्धि) दो सवर्ण स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैं। यदि अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, और ऋ के बाद वे ही हृस्व या दीर्घ स्वर आएँ तो दोनों मिलकर क्रमशः आ, ई, उ और ऋ हो जाते हैं। अन्न + अभाव अन्नाभाव गिरि + इंद्र गिरींद्र भानु + उदय भानूदय पितृ + ऋण पितृण व्यंजन संधि – व्यंजन से स्वर अथवा स्वर से व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन सन्धि कहते हैं। दिक्‌ + गज दिग्गज वाक्‌ + मय वाङ्‌मय पम्‌ + चम पंचम विसर्ग सन्धि – विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से जो विकार होता है। उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं। निः + चय निश्चय निः + कपट निष्कपट निः + रव नीरव दुः + गंध दुर्गंध
Q2. ‘पवन’ शब्द का सन्धि-विच्छेद होगा-
(1) पव अन
(2) प वन
(3) पो अन
(4) पव
Ans: (3) पो + अन पवन (अयादि सन्धि) यदि ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई भिन्न स्वर आए तो, ए का अय्‌, ऐ का आय्‌, ओ का अव्‌ और औ का आव्‌ हो जाता है। ने + अन नयन नै + अक नायक पौ + अक पावक चे + अन चयन
Q3. हिन्दी में वचन होते हैं-
(1) दो
(2) एक
(3) तीन
(4) अनगिनत
Ans: (1) संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो उसे वचन कहते हैं। वचन दो प्रकार का होता है- (2) एक वचन (1) बहुवचन
Q4. ‘आगरा’ का बहुवचन होगा-
(1) आगरों
(2) आगरे
(3) आगरें
(4) बहुवचन नहीं होगा
Ans: (4) ‘आगरा’ शब्द का बहुवचन नही होगा। ‘आगरा’ व्यत्ति वाचक संज्ञा है और व्यत्ति वाचक संज्ञा का बहुवचन नही होता है।
Q5. जिन शब्दों में प्रयोग के अनुसार कोई परिवर्तन नहीं होता है, उन्हें कहा जाता है
(1) विकारी शब्द
(2) पद
(3) अविकारी शब्द
(4) पदबन्ध
Ans: (3) ऐसे शब्द जिसके रूप में लिंग, वचन, पुरुष कारक आदि में परिवर्तन के बावजूद कोई विकार न उत्पन्न हो उसे अविकारी शब्द कहते हैं। विकारीशब्द – ऐसे शब्द जिसके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक, आदि में परिवर्तन होने पर विकार उत्पन्न हो जाता है तो उसे विकारी शब्द कहते हैं। पद – जब कोई शब्द किसी वाक्य में पिरो (मिला) दिया जाता है, तब उसे पद कहते हैं। पदबंध – वाक्य के उस भाग को जिसमें एक से अधिक पद परस्पर सम्बद्ध होकर अर्थ तो देते हैं, किन्तु पूरा अर्थ नहीं देते वो पदबंध या वाक्यांश कहलाते हैं।
Q6. शब्द के सही रूप का चयन कीजिए-
(1) तिरिष्णा
(2) त्रिष्णा
(3) तृश्णा
(4) तृष्णा
Ans: (4) ‘तृष्णा’ शब्द वर्तनी श्की दृष्टि से शुद्ध है। अन्य सभी विकल्प गलत है।
Q7. ‘कवि’ का स्त्रीलिंग रूप होगा
(1) कवि
(2) कवित्रि
(3) कवयित्री
(4) कवियत्री
Ans: (3) ‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप कवयित्री होगा। अन्य सभी विकल्प गलत है।
Q8. संस्कृत के वे शब्द जो हिन्दी में बिना किसी परिवर्तन के प्रयुत्त होते हैं कहलाते हैं
(1) तद्‌भव
(2) संस्कृत
(3) तत्सम
(4) देशज
Ans: (3) वे संस्कृत शब्द जो अपने असली स्वरूप (बिना परिवर्तन) में हिन्दी भाषा में प्रचलित हैं, उन्हें ‘तत्सम’ शब्द कहते हैं। तद्‌भव – वे शब्द जो या तो सीधे प्राकृत से हिन्दी भाषा में आ गए हैं या प्राकृत के द्वारा संस्कृत से निकले हैं। देशज – वे शब्द जिनकी व्युत्पत्ति का पता नही चलता उन्हें देशज शब्द कहते हैं।
Q9. जब किसी समास में दोनों शब्द प्रधान हों तो उसको कहते हैं
(1) द्विगु समास
(2) द्वन्द्व समास
(3) प्रधान समास
(4) तत्पुरुष समास
Ans: (2) द्वन्द्व समास – जिसके दोनों पद प्रधान होते हैं, दोनो संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो वह द्वन्द्व समास कहलाता है। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच ‘और’ अथवा ‘या’ जैसा योजक अव्यय लिखा जाता है। रात-दिन रात और दिन सीता-राम सीता और राम द्विगु समास – जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक और अन्तिम पद संज्ञा हो, उसे द्विगुसमास कहते हैं। त्रिभुज तीन भुजाओं का समाहार चतुर्वेद चार वेदों का समाहार तत्पुरुष समास – जिस समास का अन्तिम पद प्रधान होता है। उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। इसमें बाद वाले पद की प्रधानता रहती है। कर्त्ताकारक और सम्बोधन को छोड़कर शेष सभी कारकों में विभक्तियाँ लगाकर इनका समास विग्रह होता है। स्वर्गप्राप्त स्वर्ग को प्राप्त गृहागत गृह को आगत मेघाच्छन्न मेघ से आच्छन्न
Q10. शुद्ध शब्द है
(1) उज्ज्रवल
(2) उज्जवल
(3) उजवल
(4) उज्ज्वल
Ans: (4) ‘उज्ज्वल’ वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द हैं अन्य सभी विकल्प त्रुटिपूर्ण है।
Q11. ‘अनुरत्त’ का विलोम शब्द है-
(1) विरत्त
(2) आरत्त
(3) निरत्त
(4) आसत्त
Ans: (1) ‘अनुरक्त’ का विलोम ‘विरक्त’ है। आसत्त का विलोम, अनासत्त होता है।
Q12. निम्न में से किस समूह में सभी शब्द तत्सम है?
(1) काष्ठ, घृत, घोड़ा, कारीगर
(2) शर्करा, पवन, ज्येष्ठ, अग्नि
(3) ओष्ठ, किताब, नानी, चाकू
(4) निष्ठुर, चम्मच, हाथी, कार्य
Ans: (2) शर्करा, पवन, ज्येष्ठ तथा अग्नि शब्द समूह तत्सम शब्द समूह हैं। अन्य सभी विकल्प असंगत हैं। वे शब्द जो संस्कृत से अपने असली स्वरूप में हिन्दी भाषा में प्रचलित हैं। उन्हें तत्सम शब्द कहते है।
Q13. किस शब्द में ‘कु’ उपसर्ग नहीं है?
(1) कुशल
(2) कुरूप
(3) कुकर्म
(4) कुचाल
Ans: (1) कुशल शब्द में ‘कु’ उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है। ‘कु’ उपसर्ग – कुरूप, कुकर्म, कुचाल, कुचक्र, कुमति, कुपात्र, कुघड़ी, कुकाठ, कुढंग इत्यादि शब्दों में प्रयुक्त होता है।
Q14. ‘इन’ प्रत्यय का प्रयोग किस शब्द में हुआ है?
(1) कठिन
(2) पुजारिन
(3) चिह्न
(4) मीन
Ans: (2) ‘पुजारिन’ शब्द में ‘इन’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। ‘इन’ प्रत्यय – चमारिन, नागिन, नातिन, पडोसिन, वियोगिन, मालकिन आदि शब्दों में प्रयुक्त है।
Q15. जिसमें पहला पद संख्यावाचक हो और जो किसी समूह विशेष का बोध कराए उसे कहते हैं-
(1) द्वन्द्व समास
(2) कर्मधारय समास
(3) अव्ययीभाव समास
(4) द्विगु समास
Ans: (4) जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक और अन्तिम पद संज्ञा हो उसे द्विगु समास कहते हैं। त्रिफला तीन फलों का समाहार दोपहर दो पहरों का समाहार द्वन्द्व समास – जिसके दोनों पद प्रधान हो दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास होता है। इसका विग्रह करने के लिए दोनों पदों के बीच ‘और, अथवा, या’ जैसा योजक अव्यय लिखा जाता है। देश विदेश देश और विदेश राधाकृष्ण राधा और कृष्ण कर्मधारय समास – कर्मधारय का प्रथम पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है। नराधम अधम है नर जो महाकवि महान है जो कवि अव्ययीभाव समास – इस समास में प्रथम पद अव्यय तथा द्वितीय पद संज्ञा होता है। समस्त पद में अव्यय के अर्थ की ही प्रधानता रहती है। पूरा शब्द क्रिया-विशेषण के अर्थ में व्यवहृत होता है। प्रत्यक्ष अक्ष के प्रति यथाशीघ्र जितना शीघ्र हो
Q16. द्वन्द्व समास है
(1) अंधकूप
(2) लम्बोदर
(3) नर-नारी
(4) शरणागत
Ans: (3) नर-नारी नर और नारी (द्वन्द्व समास) जिसके दोनों पद प्रधान हो दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास कहलायेगा। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच ‘और’ अथवा ‘या’ जैसा योजक अव्यय लिखा जाता है। नमक-मिर्च नमक और मिर्चा लव-कुश लव और कुश
Q17. ‘नगर में रहने वाला’ को कहा जाता है-
(1) नागर
(2) शहरी
(3) नर-नारी
(4) शरणागत
Ans: (1) ‘नगर में रहने वाला’ को नागर कहा जाता है। शेषा असंगत विकल्प है।
Q18. जातिवाचक संज्ञा नहीं है-
(1) लोहा
(2) शैशव
(3) लकड़ी
(4) पुस्तक
Ans: (2) लोहा, लकड़ी पुस्तक आदि जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण है। जिन संज्ञाओं से एक ही प्रकार की वस्तुओं अथवा व्यत्तियों का बोध हो, उन्हें जातिवाचक संज्ञा कहते है। जबकि शैशव शब्द भाववाचक संज्ञा का उदाहरण है। जिस संज्ञा शब्द से व्यत्ति या वस्तु के गुण या धर्म दशा अथवा व्यापार का बोध होता है उसे भाववाचक संज्ञा कहते है। जैसे- ब़चपन, बुढ़ापा, मित्रता।
Q19. निम्न में से किस वाक्य में सम्प्रदान कारक है?
(1) राम घर पर सो रहा है
(2) मेरा घर स्टेशन से बहुत दूर है
(3) राजा ने निर्धनों को कम्बल दिए
(4) निसार खेलता है
Ans: (3) ‘‘राजा ने निर्धनों को कम्बल दिए’’। इस वाक्य में सम्प्रदानकारक है। सम्प्रदानकारक के कारक चिह्न ‘को’ या ‘के लिए’ प्रयुत्त होता है। कारक कारक चिन्ह कर्त्ता कारक – ने कर्म कारक – को करण कारक – से सम्प्रदान कारक – को, के लिए अपादान कारक – से (अलग होने के अर्थ में) सम्बन्ध कारक – का, के की, रा, रे, री अधिकरण कारक – में, पर सम्बोधन कारक – हे, अजी, इत्यादि।
Q20. ‘वह स्वतः ही जान जाएगा’ में ‘वह’ सर्वनाम है-
(1) निजवाचक सर्वनाम
(2) पुरुषवाचक सर्वनाम
(3) सम्बन्धवाचक सर्वनाम
(4) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
Ans: (2) ‘वह स्वतः ही जान जाएगा’। वाक्य में ‘वह’ शब्द पुरुषवाचक सर्वनाम है। पुरुषवाचक सर्वनाम – पुरुषों (वत्ता, श्रोता, व अन्य) के नाम के बदले आने वाले शब्द पुरुष वाचक सर्वनाम कहलाता है। जैसे – मै, तू, आप, वह आदि। सम्बन्घवाचक सर्वनाम – जिससे वाक्य में किसी दूसरे सर्वनाम से सम्बन्ध स्थापित किया जाए। अनिश्चयवाचक सर्वनाम – जिन सर्वनाम से किसी विशेष वस्तु का बोध नही होता है।
Q21. संयुत्त क्रिया का उदाहरण कौन-सा वाक्य है?
(1) सीमा पढ़ रही है
(2) रस्सी जल गई
(3) तुम प्रतिदिन पढ़ने आया करो
(4) बच्चा सोता है
Ans: (3) ‘तुम प्रतिदिन पढ़ने आया करो’। वाक्य में संयुत्त क्रिया का प्रयोग हुआ है। जो क्रिया दो या दो से अधिक धातुओं के मेल से बनती है उसे संयुत्त क्रिया कहते हैं।
Q22. ‘सरल’ या ‘साधारण’ वाक्य किसे कहते हैं?
(1) जिसका अर्थ सरलता से समझ में आ जाए
(2) जो छोटा हो
(3) जिसमें एक कर्त्ता और अनेक क्रियाएँ हो
(4) जिसमें एक उद्देश्य, एक विधेय और एक ही क्रिया हो
Ans: (4) जिस वाक्य में एक उद्देश्य, एक विधेय, और एक ही क्रिया हो उसे सरल या साधारण वाक्य कहते है। जैसे – मैं काशी गया था।
Q23. ‘मोहन बाजार जा रहा है’ इस वाक्य में उद्देश्य है
(1) खरीददारी
(2) मोहन
(3) घूमना
(4) बाजार
Ans: (2) ‘मोहन बाजार जा रहा है’ वाक्य में ‘मोहन’ कर्त्ता या उद्देश्य, बाजार कर्म तथा जा रहा है क्रिया है। कर्त्ता या उद्देश्य के विस्तार को कर्त्ता के पहले तथा क्रिया या विधेय के विस्तार को क्रिया से पूर्व रखा जाता है।
Q24. निम्न में से मिश्रित वाक्य है-
(1) मै पढ़ता हूँ और वह खेलता है
(2) वर्षा हो रही है
(3) सुधीर पढ़ता है
(4) मैंने सुना है कि नीना पास हो गई है
Ans: (4) ‘मैने सुना है कि नीना पास हो गई है। ‘यह वाक्य मिश्रित वाक्य है। जिस वाक्य में एक साधारण वाक्य के अतिरित्त उसके अधीन कोई दूसरा अंगवाक्य या उपवाक्य हो उसे मिश्रित वाक्य कहते हैं।
Q25. किसी के कथन को उद्‌धृत करते समय किस विराम चिन्ह का प्रयोग किया जाता है?
(1) अवतरण का उद्धरण चिह्र
(2) विस्मयवाचक चिह्र
(3) प्रश्नवाचक चिह्र
(4) निर्देशक चिह्र
Ans: (1) किसी के कथन को उद्‌धृत करते समय अवतरण या उद्धरण चिह्न का प्रयोग किया जाता है। विस्मयवाचक चिह्न (
) प्रश्नवाचक चिह्न (?) निर्देशक चिह्न (-) अवतरण/उद्धरण चिह्न (‘‘ ’’)
Q26. सही विराम चिह्रों वाला वाक्य है
(1) जो पत्र आज आया है, कहाँ है?
(2) जो पत्र आज आया है, कहाँ है?
(3) जो पत्र आज आया है, कहाँ है।
(4) जो पत्र आज आया है, कहाँ है।
Ans: (2) जो पत्र आज आया है, कहाँ है? वाक्य में सही विराम चिह्न वाला वाक्य है।
Q27. ‘शेर को सामने देख कर…….. यह वाक्य किस मुहावरे से पूर्ण होगा?
(1) मैं आग बबूला हो उठा
(2) मैं सातवें आसमान पर पहुँच गया
(3) मैनें आसमान सिर पर उठा लिया
(4) मेरे प्राण सूख गए
Ans: (4) शेर को सामने देखकर मेरे प्राण सूख गए। वाक्य ‘‘मेरे प्राण सूख गए’’ मुहावरे से पूर्ण होगा।
Q28. सही मुहावरा है-
(1) आँखों में रेत पेंकना
(2) नेत्रों में मिट्टी डालना
(3) आँखों में धूल झोंकना
(4) आँखों में कचरा डालना
Ans: (3) ‘‘आँखो में धूल झोंकना’’ सही मुहावरा है। जबकि अन्य सभी मुहावरे असंगत हैं।
Q29. ‘हाथ न आना’ इस मुहावरे का निकटतम अर्थ है
(1) बहुत बड़ा होना
(2) पकड़ में न आना
(3) हाथों का व्यायाम करना
(4) हाथ-फैलाना
Ans: (2) ‘हाथ न आना’ मुहावरे का निकटतम अर्थ ‘पकड़ में न आना’ है।
Q30. ‘सिर फिर जाना’ का अभिप्राय है
(1) अहंकारी हो जाना
(2) चक्कर आ जाना
(3) सर दर्द हो जाना
(4) पीछे मुड़कर देखने लगना
Ans: (1) ‘सिर फिर जाना’ का अभिप्राय – ‘अहंकारी हो जाना’ होता है। शेष विकल्प असंगत है।

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