You are here
Home > QB Subjectwise > 035 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

035 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. निम्नलिखित वाक्यों में अकर्मक क्रियार्थक वाक्य है
(1) इस टब को पानी से भर दो
(2) बूँद-बूँद से घड़ा भर जाता है
(3) माँ बेटे को खाना खिला रही है
(4) चाचाजी ने मुझे पत्र लिखा है
Ans: (2) ‘बूँद-बूँद से घड़ा भर जाता है।’ यह वाक्य अकर्मक क्रियार्थक वाक्य है। जिन क्रियाओं का व्यापार और फल कर्त्ता पर हो वे अकर्मक क्रिया कहलाती हैं। अकर्मक क्रियाओ का कर्म नहीं होता, क्रिया का व्यापार और फल दूसरे पर न पड़कर कर्त्ता पर पड़ता है।
Q2. ‘जनतन्त्र’ शब्द निम्नांकित में से किस समास-प्रकार के अन्तर्गत है?
(1) कर्म तत्पुरुष समास
(2) सम्प्रदान तत्पुरुष समास
(3) सम्बन्ध तत्पुरुष समास
(4) करण तत्पुरुष समास
Ans: (3) जनतन्त्र-जन (जनता) का तन्त्र (सम्बन्ध तत्पुरुष समास) जिस समास का उत्तर अर्थात अन्तिम पद प्रधान हो, उसे तत्पुरुष समास कहते है। कर्त्ताकारक और सम्बोधन को छोड़कर शेष सभी कारको में विभत्तियाँ लगाकर इसका समास विग्रह होता है।
Q3. ‘आमरण’ शब्द के प्रारम्भ में लगे ‘आ’ को व्याकरण की दृष्टि से क्या कहते हैं?
(1) उपसर्ग
(2) मूलशब्द
(3) प्रत्यय
(4) तद्धित प्रत्यय
Ans: (1) ‘आमरण’ (आ + मरण) शब्द के प्रारम्भ में लगे (आ) को व्याकरण की दृष्टि से उपसर्ग कहते है। उपसर्ग – ‘उपसर्ग’ उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैैं। जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। प्रत्यय- शब्दों के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे प्रत्यय कहते हैैं। तद्धित प्रत्यय – संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण के अंत में लगनेवाले प्रत्यय को ‘तद्धित प्रत्यय’ कहा जाता है। मूल शब्द- रूढ़ शब्द दूसरे शब्दों के मेल से नही बनते हैं। (जैसेनाक, कान, मुँह, पेट इत्यादि) इन शब्दों के खण्ड सार्थक नही होते है अतः ये मूल शब्द होते हैं।
Q4. कौन-सा तुमने यह मोबाइल फोन मोल में खरीदा है, जो इसके मा डल की इतनी बुराई कर रहे हो। अरे भाई……..खाली स्थान के लिए सर्वाधिक उपयुत्त लोकोवित्त पर चिह्न लगाइए।
(1) दान की बछिया के दाँत नहीं देखे जाते
(2) नया नौ दिन पुराना सौ दिन
(3) नाक कटी पर घी तो चाटा
(4) नाम बड़े और दर्शन छोटे
Ans: (1) उपर्युत्त वाक्यांश में रित्त स्थान पर ‘दान की बछिया के दाँत नहीं गिने जाते’ लोकोत्ति सर्वाधिक उपयुत्त होगी। यहाँ प्रस्तुत लोकोत्ति का अर्थ है ‘मुफ्त की वस्तु में दोष न निकालना’’ होता है।
Q5. वर्ण में ‘इक’ प्रत्यय लगाने पर बनने वाला शब्द होगा–
(1) वणिक
(2) वार्णिक
(3) वर्णइक
(4) वार्णिक
Ans: (4) वार्णिक वर्ण + इक। अन्य सभी विकल्प अंसगत है। शब्दों के बाद जो अक्षर या अक्षरसमूह लगाया जाता है। उसे प्रत्यय कहते हैं। ‘इक’ प्रत्यय – तार्किक, वार्षिक, मौखिक, लौकिक।
Q6. ‘हमेशा आनन्द का अनुभव करना’ अर्थ को व्यत्त करने के लिए सटीक लोकोत्ति है–
(1) न सावन सूखा, न भादों हरा
(2) सदा दीवाली सन्त की, बारह मास बसन्त
(3) जहाँ चाह वहाँ राह
(4) आप भला तो जग भला
Ans: (2) सदा दीवाली संत की, बारह मास बसंत (हमेशा आनन्द का अनुभव करना) आप भला तो जग भला (सभी अपने जैसा दिखायी देना) जहाँ चाह वहाँ राह (दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो कार्य करने का रास्ता निकल ही आता है।) न सावन सूखा न भादो हरा (सदैव एक सा बना रहना)
Q7. कौन-सा शब्द हरिण का स्त्रीलिंग रूप है?
(1) हिरिनी
(2) हरिणी
(3) हिरणी
(4) हिरिणी
Ans: (2) ‘हरिण’ शब्द का स्त्रीलिंग ‘हरिणी’ होता है। अन्य सभी विकल्प असंगत है।
Q8. ‘कबीर कल बहुत सुन्दर दिख रहा था।’ उपरोत्त वाक्य में रेखांकित कीजिए शब्द व्याकरण की दृष्टि से क्या है?
(1) सर्वनाम
(2) संज्ञा
(3) कारक
(4) विशेषण
Ans: (4) कबीर कल बहुत सुन्दर दिख रहा था। यहाँ पर कबीर की विशेषता सुन्दर शब्द से प्रकट हो रही है। अतएव – सुन्दर शब्द विशेषण होगा। विशेषण – जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताएँ, उसे विशेषण कहते हैं। संज्ञा – ‘संज्ञा’ उस विकारी शब्द को कहते हैं, जिससे किसी विशेष वस्तु, भाव और जीव के नाम का बोध हो। कारक – संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका सम्बन्ध सूचित हो उसे कारक कहते हैं। सर्वनाम – सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते है, जो पूर्वा पर सम्बन्ध से किसी भी संज्ञा के बदले आता है।
Q9. ‘पाश्चात्य’ का विपरीतार्थी शब्द है–
(1) पूर्वात्य
(2) पौर्वात्य
(3) पौरवात्य
(4) पुरूवात्य
Ans: (2) ‘पाश्चात्य’ शब्द का विपरीतार्थी शब्द ‘पौर्वात्य’ होगा। अन्य सभी विकल्प असंगत है।
Q10. अनुपम शब्द का पर्यायवाची शब्द इनमें से कौन-सा नहीं है?
(1) अनिल
(2) अतुल
(3) अपूर्व
(4) अनोखा
Ans: (1) ‘अनिल’ शब्द वायु का पर्यायवाची है। वायु के अन्य पर्यायवाची हवा, पवन, समीर, वात तथा मारूत हैं। जबकि अतुल, अपूर्व, अनोखा, अद्‌भुत, अनूठा, अद्वितीय, आदि अनुपम के पर्यायवाची शब्द हैं।
Q11. स्वर्ण शब्द है–
(1) तद्‌भव
(2) तत्सम
(3) देशज
(4) विदेशी
Ans: (2) ‘स्वर्ण’ शब्द तत्सम शब्द है। तत्सम – वे संस्कृत शब्द है, जो अपने असली स्वरूप में हिन्दी भाषा में प्रचलित है। तद्‌भव – वे शब्द है जो या तो सीधे प्राकृत से हिन्दी भाषा में आ गए हैं या प्राकृत के द्वारा संस्कृत से निकले हैं। देशज – वे शब्द जिनकी व्युत्पत्ति का पता नही चलता उन्हें देशज कहते हैं। विदेशी – विदेशी भाषा से हिन्दी में आए शब्दों को विदेशी या आगत शब्द कहते हैैं।
Q12. शब्द की सही वर्तनी है–
(1) सौन्दर्यवर्दक
(2) सौन्दर्यवर्द्धक
(3) सौन्दर्य वर्दक्य
(4) सौन्दर्यवर्धक
Ans: (2) ‘सौन्दर्यवर्द्धक’ शब्द वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध है। जबकि अन्य विकल्प त्रुटिपूर्ण हैं।
Q13. ‘पशुता’ शब्द उदाहरण है–
(1) द्रव्यवाचक संज्ञा का
(2) व्यत्तिवाचक संज्ञा का
(3) भाववाचक संज्ञा का
(4) जातिवाचक संज्ञा का
Ans: (3) ‘पशुता’ शब्द भाववाचक संज्ञा का उदाहरण है। जिस संज्ञा शब्द से व्यत्ति या वस्तु के गुण या धर्म, दशा अथवा व्यापार का बोध होता है उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं जैसे- लम्बाई, बुढ़ापा, नम्रता, मिठास आदि।
Q14. नीचे लिखे वाक्यों में से कौन-सा वाक्य शुद्ध है?
(1) इन दस वर्ष में देश ने काफी प्रगति की
(2) इन दस वर्षों में देश ने काफी प्रगति की
(3) इधर दस वर्ष में देश ने काफी प्रगति की
(4) इन दस वर्षों में देश ने काफी प्रगति करना है
Ans (2) ‘इन दस वर्षो में देश ने काफी प्रगति की’’। वाक्य शुद्ध है। जबकि अन्य सभी विकल्प गलत हैैं।
Q15. वे शब्द जो प्रकृति प्रत्यय अथवा दूसरे शब्दों के योग से बने हों, कहलाते हैं–
(1) रूढ़
(2) योगरूढ़
(3) सरल
(4) यौगिक
Ans (4) वे शब्द जो प्रकृति प्रत्यय अथवा दूसरे शब्दों के योग से बने हो वो यौगिक शब्द कहलाते है। रूढ़ शब्द – जिन शब्दोंं के खण्ड सार्थक न हो, उन्हें रूढ़ शब्द कहते हैं। जैसे- नाक, कान, हाथ, मुँह आदि। योगरूढ़ – ऐसे शब्द, जो यौगिक तो होते है, पर अर्थ के विचार से अपने सामान्य अर्थ को छोड़ किसी परम्परा से विशेष अर्थ के परिचायक होते हैं, योगरूढ़ कहलाते हैं। जैसे- लम्बोदर, चक्रपाणि, पंकज आदि।
Q16. विद्या आलय ृ विद्यालय शब्द में है–
(1) वृद्धि स्वर सन्धि
(2) गुण स्वर सन्धि
(3) यण स्वर सन्धि
(4) दीर्घ स्वर सन्धि
Ans (4) विद्या + आलय विद्यालय (दीर्घ स्वर सन्धि) दीर्घस्वर सन्धि – जब दो स्वर्ण स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैैं। यदि अ, आ, इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद वे ही हृस्व या दीर्घ स्वर आएँ तो दोनों मिलकर क्रमशः आ, ई, ऊ और ऋ हो जाते हैंैं। जैसे- भानु + उदय भानूदय शिव + आलय शिवालय गिरि + ईश गिरीश गुणस्वर सन्धि – यदि अ या आ के बाद इ या ई, उ या ऊ और ऋ आए, तो दोनो मिलकर क्रमशः ए, ओ और अर्‌ हो जाता है। जैसे- देव + इंद्र देवेन्द्र महा + इंद्र महेन्द्र देव + ऋषि देवर्षि वृद्धि स्वर सन्धि – यदि अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो दोनो के स्थान में ऐ तथा ओ या औ आए तो दोनों के स्थान में औ हो जाता है। एक + एक एकैक सदा + एव सदैव महा + औषध महौषध यण स्वर सन्धि – यदि इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आए तो इ-ई का य्‌, उ-ऊ का व्‌ , तथा ऋ का र्‌ हो जाता है। जैसे – यदि + अपि यद्यपि अनु + अय अन्वय अति + उत्तम अत्युत्तम
निर्देश (प्र. सं. 1718) निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। भाषा प्रतीकों का एक व्यवस्थित ढाँचा है। इन प्रतीकों से बनी भाषा द्वारा ही एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सांस्कृतिक विचार व धरोहर संचरित होती है। यह संस्कृति का अहम हिस्सा है। संस्कृति की तरह ही भाषा इन्सान के पैदा होने से पहले ही उपस्थित रहती है। अमेरिका में पैदा होने वाला बच्चा अंग्रेजी भाषा के सम्पर्क में आता है, रूस में पैदा होने वाला रूसी के, इसी तरह भाषाएँ अलग-अलग समाजों में प्रतीकात्मक समझ के लिए एक सन्दर्भ प्रदान करती हैैं। इस मायने में भाषा संस्कृति का हिस्सा है जो इन्सान का अनुभवातीत करता है। भाषा के बिना संस्कृति को संचारित करने में परेशानी होगी। संस्कृति के बिना मानव अपनी अद्वितीय मानवता खो देंगे।
Q17. ‘अनुभवातीत’ का मतलब है–
(1) अनुभव का अतीत
(2) अतीत व अनुभव
(3) अनुभव के परे
(4) अनुभवहीनता
Ans : (3) ‘अनुभवातीत’ का मतलब अनुभव के परे होता है।
Q18. कौन-सा कथन सही नहीं है?
(1) भाषा हमारे अनुभव बाँटने के काम आती है
(2) भाषा प्रतीकों का व्यवस्थित ढाँचा है
(3) भाषा बिना संस्कृति संचारित नहीं हो सकेगी
(4) सम्प्रेषण के लिए बोली हुई भाषा आवश्यक है
Ans (3) ‘भाषा बिना संस्कृति संचारित नही हो सकेगी’। कथन सही नहीं है जबकि अन्य सभी विकल्पों में निहित कथन गद्यांश के अनुरूप भाषा से संबंधित तथ्य हैं।
Q19. निम्नांकित में कौन-सा कथन सही है? अगर कोई बच्चा गलती कर रहा है, तो वह–
(1) भाषा को भ्रष्ट कर रहा है
(2) भाषा सीख रहा है
(3) भाषा सीख ही नहीं रहा है
(4) तुरन्त रोकने के लायक है
Ans (2) अगर कोई बच्चा गलती कर रहा है तो दूसरा तात्पर्य है कि वह बच्चा अभी भाषा सीख रहा है।
Q20. मानव और पशुओं की भाषा सीखने की क्षमता के अध्ययन सम्बन्धी प्रयोग हुए अधिकतर–
(1) चिम्पैंजी और वानरों पर
(2) चूहे व बिल्लियों पर
(3) खरगोश व मेमने पर
(4) कुत्ते और सियारों पर
Ans (1) मनोवैज्ञानिकों तथा भाषा वैज्ञानिकों द्वारा मानव और पशुओं की भाषा सीखने की क्षमता के अध्ययन सम्बन्धी प्रयोग अधिकतर चिम्पैंजी और वानरो पर हुए।
Q21. बच्चे के सीखने की प्रक्रिया में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होगी–
(1) बच्चे का उच्चारण
(2) बच्चे द्वारा भाषायी प्रयोग के नियम पकड़ना
(3) व्याकरण का ज्ञान
(4) पाठ्‌य पुस्तकों की सामग्री
Ans: (2) अपने द्वारा सीखने की प्रक्रिया में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका। बच्चों द्वारा भाषायी प्रयोगों के नियम पकड़ना है। उनकी भाषा सीखने में भाषा व्याकरण का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है।
Q22. बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता एवं समझ विकसित हो इसके लिए आवश्यक है कि-
(1) जिस भाषायी शैली में वत्ता, सहज हो, उसी का प्रयोग करना चाहिए
(2) जिस भाषायी शैली में वत्ता व बच्चा सहज हो, उसी का प्रयोग करना चाहिए
(3) जिस भाषायी शैली में वत्ता असहज हो व बच्चा सहज हो, उसी का प्रयोग करना चाहिए
(4) जिस भाषायी शैली में वक्ता सहज हो व बच्चा असहज हो, उसी को प्रयोग करना चाहिए
Ans: (2) बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता एवं समझ विकसित हो, इसके लिए आवश्यक है कि जिस भाषायी शैली में वत्ता (अध्यापक) व बच्चा सहज हो उसी भाषा का प्रयोग होना चाहिए अर्थात बच्चों की प्रारम्भिक भाषा शिक्षा उनकी मातृभाषा में होनी चाहिए।
Q23. पढ़ने में बाधा नहीं है-
(1) उच्चारण पर ही जोर देते रहना
(2) सारे नियम पहले ही बता डालना
(3) सटीकता पर ही जोर देना
(4) लिखी हुई चीज का अर्थ निकालना
Ans: (4) किसी भी प्रकार की लिखी (हस्तलिखित अथवा अहस्तलिखित) चीज का अर्थ निकालना, बच्चों के पढ़ने में बाधा का कारक नही है बल्कि यह उनमें बोधगम्यता का विकास करता है।
Q24. भाषायी ज्ञान का मूल्यांकन होता है–
(1) मात्र मौखिक परीक्षा के माध्यम से
(2) मात्र लिखित परीक्षा के माध्यम से
(3) लिखित एवं मौखिक दोनों परीक्षा के माध्यम से
(4) उपरोत्त में से किसी माध्यम से नहीं
Ans: (3) विद्यालय में भाषायी ज्ञान का मूल्यांकन शिक्षक द्वारा विद्यार्थी के लिखित एवं मौखिक दोनों परीक्षा के माध्यम से होना चाहिए। लिखित एवं मौखिक परीक्षा द्वारा विद्यार्थी की लिखने की क्षमता, भाषा का ज्ञान, व्याकरण का प्रयोग तथा बोलने की शैली आदि का अनुमान सरलतापूर्वक लगाया जा सकता है।
Q25. ‘भाषिक सापेक्षता’ के सम्बन्ध में प्रचलित व्याख्या की दृष्टि से सही है–
(1) भाषा विचारों को प्रभावित नहीं करती
(2) भाषा का विचारों पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है
(3) भाषा कुछ हद तक विचारों को प्रभावित करती है
(4) उपरोत्त में से तीनों सही हैं
Ans: (2) भाषिक सापेक्षता के सम्बन्ध में प्रचलित सिद्धान्त के अनुसार – भाषा का विचारों पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।
Q26. निम्नांकित में से कौन-सा सिद्धान्त भाषा के उद्‌भव और विकास से सम्बन्धित है?
(1) डिंग-डांग सिद्धान्त
(2) बिग बैंग सिद्धान्त
(3) बिली-बैली सिद्धान्त
(4) डिली-डैली सिद्धान्त
Ans: (1) डिंग-डांग सिद्धांत भाषा के उद्‌भव और विकास से सम्बन्धित है।
Q27. ‘‘लिखित भाषा में अक्षर ध्वनियों के दृश्य प्रतीक होते है। सामान्यतः आकृतियों व ध्वनियों का सम्बन्ध सुस्थिर तथा सार्वभौम होता है।’’
(1) आंशिक रूप से सत्य है
(2) पूर्णतया असत्य है
(3) आंशिक रूप से असत्य है
(4) पूर्णतया सत्य है
Ans: (4) ‘‘लिखित भाषा में अक्षर ध्वनियों के दृश्य प्रतीक होते हैं। सामान्यतः आकृतियों व ध्वनियों का सम्बन्ध सुस्थिर तथा सार्वभौम होता है।’’ यह कथन पूर्णतया सत्य है।
Q28. इन्सान और जानवर की भाषा में फर्क है–
(1) सुरों का फर्क है
(2) ध्वनि का फर्क है
(3) इन्सानों की भाषा को सांकेतिक ध्वनि चिह्नों (संकेतों) के माध्यम से निर्धारित किया गया है, जबकि जानवरों की भाषा को नहीं
(4) उपरोत्त में से तीनों सही हैं
Ans: (3) इन्सान तथा जानवर की भाषा में सिर्फ फर्क इतना है कि इन्सानों की भाषा को सांकेतिक ध्वनि चिह्नों (संकेतों), लिखित, मौखिक आदि माध्यम से निर्धारित किया जाता है, जबकि जानवरों की भाषा को इन माध्यमों से निर्धारित नहीं किया जा सकता है।
Q29. बच्चे की भाषायी क्षमता के आकलन का सही तरीका यह नहीं है–
(1) बच्चे का सामूहिक आकलन
(2) बच्चे का व्यत्तिगत आकलन
(3) बच्चे द्वारा स्व आकलन
(4) पेपर पेन्सिल आकलन
Ans: (4) बच्चों (विद्यार्थियों) का व्यत्तिगत आकलन, सामूहिक आकलन तथा उनके स्व आकलन द्वारा उनकी (बच्चों की) भाषायी क्षमता का आकलन के उचित तथा सही तरीका है। जबकि पेपर पेन्सिल आकलन, बच्चों की भाषायी क्षमता के आकलन का सही तरीका नहीं है।
Q30. पढ़ना क्या है?
(1) लिखित सामग्री का उच्चारण
(2) पढ़कर अर्थ समझना
(3) स्कूल में पुस्तकों की पढ़ाई
(4) शब्दों को सही-सही पहचानना
Ans: (2) किसी पाठ्य साम्रगी (गद्य/पद्य) या विषय वस्तु को पढ़ना, तथा पठकर उसे समझकर उसका सटीक मिलता जुलता अर्थ निकालना ही सही मायने में पढ़ने को सन्दर्भित करता है।

Top
error: Content is protected !!