You are here
Home > QB Subjectwise > 031 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

031 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. वह दृश्य चेतन चित्त –
(1) अवचेतन के महासमुद्र से प्रेरणा ग्रहण करता रहता है
(2) अवदमित और प्रसुप्त कामनाओं के महासमुद्र में बोतल के कार्क के समान उतर रहा है
(3) अवचेतना की रद्दी की टोकरी में पड़ा रहता है
(4) अवदमित और प्रसुप्त कामनाओं के महासमुद्र से संयोग करने को प्रयत्नशील रहता है।
Ans: (2) वह दृश्य चेतन चित्त अदृश्य वर्तमान में हमारी अवदमित वासनाओं तथा प्रसुप्त कामनाओं के महासमुद्र में बोतल के कॉर्क के समान उतर रहा है। अदृश्य महासमुद्र की प्रत्येक तरंग इसे अभिभूत कर जाती है।
Q2. हमारे चेतन चित्त के विचारों और कार्यों को –
(1) हमारी भावनाएँ रूप दे रही है
(2) हमारी चिन्तन पद्धति रूप दे रही है
(3) हमारे अवचेतन चित्त की शक्तिशाली सत्ता ही रूप देती है
(4) हमारा चेतन चित्त रूप दे रहा है
Ans: (3) हमारे चेतन चित्त के विचारों और कार्यों को हमारे अवचेतन चित्त की शक्तिशाली सत्ता ही रूप देती है। वस्तुतः वैसे ही सोचने और समझने का हेतु हमारे अंजाम में हमारे ही अवचेतन 105 चित्त में वर्तमान है और यह तो हम सोच रहे हैं समझ रहे हैं और सोच-समझकर कर रहे हैं। इन बातों का अभिमान करने वाला हमारा चेतन चित्त कितना नगण्य है।
Q3. युवक चित्त को सबसे अधिक प्रभावित जिस शास्त्री ने किया है, वह है –
(1) तत्त्ववाद
(2) मनोविज्ञान और मनोविश्लेषण शास्त्री
(3) भौतिक विज्ञान
(4) विकासवाद
Ans: (2) मनोविज्ञान तथा मनोविश्लेषण शास्त्री ने इस युग के युवक के चित्त को सबसे अधिक प्रभावित किया है। इन्होंने (मनोविज्ञान/मनोविश्लेषण शास्त्री) हमारे मन के भीतर चलती रहने वाली अलक्ष्य धाराओं का ज्ञान कराया है।
Q4. उपरोत्त अवतरण का उपयुत्त शीर्षक चुनिए –
(1) मनोविश्लेषण शास्त्री का महत्व
(2) चेतन और अवचेतन चित्त का सम्बन्ध
(3) मनोविश्लेषण और साहित्य का सम्बन्ध
(4) मनोविश्लेषण शास्त्री का मायाजाल
Ans: (2) प्रस्तुत गद्यांश का उपयुत्त शीर्षक ‘चेतन और अवचेतन चित्त का सम्बन्ध’ होगा।
Q5. नीचे लिखे वाक्यों में से किस में विराम चिह्नों का सही प्रयोग हुआ है?
(1) हाँ मैं सच कहता हूँ। बाबू जी, माँ बिमार है। इसलिए मैं नहीं गया।
(2) हाँ मैं सच कहता हूँ बाबू जी। माँ बिमार है। इसलिए मैं नहीं गया।
(3) ‘हाँ, मैं सच कहता हूँ, बाबू जी। माँ बिमार है, इसलिए मैं नहीं गया।’
(4) हाँ मैं सच कहता हूँ, बाबू जी। माँ बिमार है इसलिए मैं नहीं गया।
Ans: (3) ‘हाँ, मैं सच कहता हूँ, बाबू जी। माँ बिमार है, इसलिए मैं नहीं गया।’ इस वाक्य में विराम चिह्नों का सही प्रयोग हुआ है। जबकि अन्य सभी विकल्प शुद्ध नहीं है।
Q6. कौन-सा शब्द अव्ययी भाव समास का उदाहरण है?
(1) गाँठकर
(2) नवग्रह
(3) महात्मा
(4) आमरण
Ans: (4) आमरण – मृत्यु तक (अव्ययी भाव समास) इस समास में प्रथम पद अव्यय और दूसरा पद संज्ञा होता है। समस्त पद में अव्यय के अर्थ की ही प्रधानता होती है। पूरा शब्द क्रिया विशेषण के अर्थ में व्यवहृत होता है। नवग्रह – नव ग्रहों का समाहर (द्विगु समास) महात्मा – महान आत्म है जो (कर्मधारय)
Q7. ‘काकु’ शब्द का सर्वाधिक उपयुत्त अर्थ कौन-सा है?
(1) कटु
(2) कौआ
(3) चाचा
(4) व्यङग्य
Ans: (2) ‘काकु’ शब्द का सर्वाधिक उपयुत्त अर्थ कौआ होगा।
Q8. ‘कुपात्र की सहायता करना व्यर्थ है’ इस उत्ति को चरितार्थ करने वाली कहावत है –
(1) कुत्ते को खिलाई खीर, पाप में न पुण्य में
(2) अन्धे को न्यौता, दो जने आए
(3) गधे की खाई खेती, ना पाप में न पुण्य में
(4) बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद
Ans: (1) ‘कुपात्र की सहायता करना व्यर्थ है’ इस उत्ति को चरितार्थ करने वाली कहावत ‘ ‘‘कुत्ते को खिलाई खीर, पाप में न पुण्य में’’ होता है। अन्धे को न्यौता, दो जने आए (किसी विशेष काम के करने के कारण विपत्ति का आना) बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद (मूर्ख गुणों का महत्व नहीं समझता)
Q9. ‘अनिश्चितता’ के भाव को प्रकट करने के लिए उपयुत्त मुहावरे का चयन कीजिए –
(1) पर्दे के पीछे कौन है
(2) बंद मुट्ठी में क्या है
(3) न जाने भाग्य में क्या है
(4) न जाने ऊँट किस करवट बैठेगा
Ans: (4) ‘अनिश्चितता’ के लिए उपयुत्त मुहावरा है – न जाने ऊँट किस करवट बैठेगा। शेष सभी मुहावरे ही नहीं हैं।
Q10. ‘अन्वेषण’ का सन्धि-विच्छेद होगा –
(1) अनु + एषण
(2) अन + वेषण
(3) अनु + ऐषण
(4) अन्‌ + वेषण
Ans: (1) अनु + एषण – अन्वेषण (यण सन्धि) ह्रस्व या दीर्घ इ, ई, उ, ऊ, या ऋ से परे यदि कोई असमान स्वर हो तो इ, ई, का य्‌, उ, ऊ का व्‌, और ऋ का र्‌ हो जाता है। इसे यण सन्धि कहते हैं।
Q11. हिन्दी की मूल उत्तपत्ति किससे हुई है?
(1) वैदिक संस्कृत
(2) लौकिक संस्कृत
(3) मागधी
(4) शौरसेनी अपभ्रंश
Ans: (4) हिन्दी की मूल उत्पत्ति शोरसेनी अपभ्रंश से हुई है। हिन्दी भाषा उत्पत्ति एवं विकास- वैदिक संस्कृत ञ् लौकिक संस्कृत ञ् पालि ञ् प्राकृत ञ् अपभ्रंश ञ् शौरसेनी अपभ्रंश – (कौरवी, हरियाणवी, दक्खिनी, ब्रजभाषा, बुन्देली, कन्नौजी, मारवाड़ी, जयपुरी, मेवाती, मालवी, कुमाँउनी, गढ़वाली) अर्धमागधी अपभ्रंश – (अवधी, बघेली, तथा छत्तीसगढ़ी) मागधी अपभ्रंश – (भोजपुरी, मगही तथा मैथिली)
Q12. हिन्दी भाषा में वे ध्वनियाँ कौन-सी हैं जो स्वतन्त्र रूप से बोली या लिखी जाती है? 106
(1) व्यंजन
(2) स्वर
(3) वर्ण
(4) अक्षर
Ans: (2) हिन्दी भाषा में वे ध्वनियाँ जो स्वतन्त्र रूप से बोली या लिखी जाती है उसे स्वर कहते हैं। व्यंजन – जिन वर्णो का उच्चारण स्वरों की सहायता के बिना नही हो पाता, वे वर्ण व्यंजन कहलाते हैं। वर्ण या अक्षर – हिन्दी भाषा में ध्वनि के लिखित रूप को वर्ण या अक्षर कहते हैं।
Q13. कौन-सा शब्द जंगल शब्द का पर्यायवाची नहीं है?
(1) कान्ता
(2) अटवी
(3) कान्तार
(4) कानन
Ans: (1) ‘कांता’ शब्द स्त्री का पर्यायवाची है। इसके अन्य पर्यायवाची नारी, महिला, अबला, कान्ता, कामिनी, वनिता, ललना, तिया, दारा आदि है। जबकि अटवी, कान्तार, कानन, विपिन, वन, अरण्य, आदि जंगल के पर्यायवाची होते हैं।
Q14. निम्नलिखित शब्दों में से शुद्ध रूप है –
(1) प्रज्ज्वलित
(2) प्रज्वलित
(3) प्रजलित
(4) प्रजवलित
Ans: (2) ‘प्रज्वलित’ शब्द वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध है। अन्य सभी विकल्प असंगत हैं।
Q15. नीचे लिखे वाक्यों में से कौन-सा वाक्य सही है?
(1) इस समय उसकी अवस्था तीस वर्ष है
(2) उसकी आयु तीस वर्ष है इस समय
(3) तीस वर्ष की अवस्था है इस समय उसकी
(4) इस समय तीस वर्ष की अवस्था है उसकी
Ans: (1) ‘इस समय उसकी अवस्था तीस वर्ष है’। वाक्य शुद्ध है। अन्य सभी विकल्पों के वाक्य गलत है।
Q16. ‘निर्वात’ का समानार्थी शब्द है–
(1) विवाद रहित
(2) भ्रम
(3) बिना हवा वाला
(4) बुराई
Ans: (3) ‘निर्वात’ का समानार्थी शब्द ‘बिना हवा वाला’ होता है। ‘भ्रम रहित’ का निर्भ्रम, ‘विवाद-रहित’ का निर्विवाद तथा ‘बुराई’ का निन्दा समानार्थी शब्द होता है।
Q17. निम्न विकल्पों में से सकर्मक क्रिया का चयन कीजिए–
(1) छूटना
(2) लेटना
(3) पिघलना
(4) तड़पना
Ans: (4) ‘तड़पना’ सकर्मक क्रिया का उदाहरण है। सकर्मक क्रिया, उस क्रिया को कहते हैं, जिसमें कर्म हो या जिसके साथ कर्म की सम्भावना हो। जैसे- खाना, तड़पना आदि। अकर्मक क्रिया – जिन क्रियाओ का व्यापार और फल कर्त्ता पर हो, वे, अकर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे- लेटना, छूटना, पिघलना, सोना आदि।
Q18. बड़ों के लिए उपयुत्त अभिवादन का चयन कीजिए –
(1) सादर प्रणाम
(2) सप्रेम नमस्कार
(3) सस्नेह
(4) चिरंजीव
Ans: (1) बड़ों के लिए उपयुत्त अभिवादन सादर प्रणाम होगा। ‘सप्रेम नमस्कार’ अपने से बराबर के लोगों से किया जाता है तथा अपने से छोटों को सस्नेह तथा चिरंजीव का आशीर्वाद दिया जाता है।
Q19. कौन-सा शब्द तत्सम नहीं है?
(1) अतिन
(2) घृत
(3) दुग्ध
(4) आँसू
Ans: (4) ‘आँसू’ शब्द तद्‌भव है इसका तत्सम अश्रु होता है। जबकि घृत, दुग्ध तथा अतिन तत्सम शब्द है इसका तद्‌भव घी, दूध होता है।
Q20. ‘मानव’ शब्द के लिए उपयुत्त भाववाचक संज्ञा का चयन कीजिए –
(1) मानवता
(2) मनस्वी
(3) मनुष्यत्व
(4) आदमीयत
Ans: (1) ‘मानव’ शब्द के लिए उपयुत्त भाववाचक संज्ञा ‘मानवता’ होता है। जबकि मनुष्यत्व गुणवाचक संज्ञा तथा मानवता एवं आदमीयत व्यत्तिवाचक संज्ञा होंगे।
Q21. ‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप क्या है?
(1) कवयत्री
(2) कवियित्री
(3) कवयित्री
(4) कवियत्री
Ans: (3) ‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप कवयित्री होता है।
Q22. ‘परिश्रमी’ शब्द में कौन-से विशेषण का बोध होता है?
(1) संख्यावाचक विशेषण
(2) गुणवाचक विशेषण
(3) परिमाण वाचक विशेषण
(4) सार्वनामिक विशेषण
Ans: (2) ‘परिश्रमी’ शब्द में गुणवाचक विशेषण का बोध होता है। जिस शब्द से संज्ञा का गुण, दशा, स्वभाव आदि लक्षित हो, उसे गुणवाचक विशेषण कहते है। जैसे- नया, पुराना, बाहरी, लम्बा, चौड़ा, लाल, पीला, दुबला, पतला, पानी, दानी, आदि है। संख्यावाचक विशेषण – जिन शब्दो से संज्ञा या सर्वनाम की संख्या लक्षित होती हो, उसे संख्यावाचक विशेषण कहते है जैसे- सब, कुछ, चार, तीस आदि। परिमाणवाचक विशेषण – संख्यावाचक विशेषण का एक मुख्य भेद परिमाणवाचक विशेषण होता है। यह किसी वस्तु की नाप या तौल का बोध कराता है। जैसे- तोला, थोड़ा, कुछ, सब, पूरा, आदि। सार्वनामिक विशेषण – पुरुषवाचक और निजवाचक सर्वनाम (मैं, तू, वह) के सिवा अन्य सर्वनाम जब किसी संज्ञा के पहले आते हैं तब वे सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं। जैसे- यह, वह, कोई, आदि।
Q23. ‘स्वयंवर’ शब्द में कौन-सा उपसर्ग प्रयुत्त है?
(1) स
(2) स्व
(3) स्वयं
(4) सम्‌
Ans: (3) ‘स्वयंवर’ शब्द में ‘स्वयं’ उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। ‘सम्‌’ उपसर्ग – संकल्प, संग्रह, संतोष, संन्यास, संस्कार ‘स’ उपसर्ग – सफल, सजग, सरस, सहित ‘स्व’ उपसर्ग – स्वभाव, स्वदेश, स्वराज्य, स्वरूप, स्वकी ‘स्वयं’ उपसर्ग – स्वयंवर, स्वयंसेवक, स्वयंसेव, स्वयंभू
Q24. ‘गवैया’ किस प्रत्यय का शुद्ध रूप है?
(1) कर्मवाचक कृत्‌ प्रत्यय
(2) कर्तृवाच्य
(3) करण वाचक कृत्‌ प्रत्यय
(4) भारवाचक कृत्‌ प्रत्यय
Ans: (2) ‘गवैया’ कर्तृवाच्य प्रत्यय का शुद्ध रूप है। जिस कृदन्त शब्दों से क्रिया के करने वाले का बोध हो उन्हें कर्त्तृवाच्य प्रत्यय कहते हैं। जैसे- अक, अक्कड़, अंकू, आ, आक, आकू, इयल, इया, अ, एरा, ऐया, ऐत, ओड़ा, वैया, सार इत्यादि हैं। 107 कर्मवाचक कृत्‌ प्रत्यय – जिस कृदन्त शब्द से क्रिया के कर्म का बोध होता है वे कर्मवाचक कृत प्रत्यय कहलाते हैं। जैसे- आना, आवत, औना, औनी, ना, नी आदि। करणवाचक कृत्‌ प्रत्यय – जिन कृदन्त शब्दों से किसी के साधन का बोध होता है उन्हें करणवाचक कृत प्रत्यय कहते हैं। जैसे- आ, ई, ऊ, न, ना आदि। भाववाचक कृत प्रत्यय – जिन कृदन्त शब्दों के द्वारा क्रियाओं के भाव का पता चले वे भाववाचक कृत प्रत्यय कहलाते हैं। जैसे- आ, आई, आन, आप, आव आदि।
Q25. वह कौन-सा शब्द है जो प्रायः बहुवचन में प्रयुत्त होता है?
(1) छात्र
(2) देव
(3) नक्षत्र
(4) प्राण
Ans: (4) ‘प्राण’ शब्द प्रायः बहुवचन के प्रयुत्त होता है जबकि देव, छात्र तथा नक्षत्र एकवचन के शब्द है। इनका बहुवचन देवताओं, छात्रों तथा नक्षत्रों होता है।
Q26. ‘जिसको व्याकरण का ज्ञान हो’ के लिए एक शब्द का चयन कीजिए–
(1) वैयाकरण
(2) व्याकरण पंडित
(3) व्याकरण प्रणेता
(4) व्याकरणाचार्य
Ans: (1) ‘जिसको व्याकरण का ज्ञान हो’ के लिए एक शब्द ‘वैयाकरण/वैयाकरणिक’ होता है। अन्य सभी विकल्प असंगत है।
Q27. लाघव शब्द का विपरीतार्थक शब्द है–
(1) संक्षेप
(2) विस्तार
(3) लम्बा
(4) दीर्घकालीन
Ans: (2) लाघव शब्द का विपरीतार्थक शब्द विस्तार होगा जबकि संक्षेप, लम्बा तथा दीर्घकालीन शब्दों का विपरीतार्थक शब्द विस्तृत, छोटा तथा अल्पकालीन होगा।
Q28. उपयुत्त वाक्यांश का चयन कीजिए– बलिदान की भावना के प्रेरक होते हैं –
(1) संस्कृति पुरुष
(2) समाज-सुधारक
(3) देशभत्त
(4) स्वामिभत्त
Ans: (3) ‘‘बलिदान की भावना के प्रेरक होते हैं।’’ उपयुत्त वाक्यांश ‘देशभत्त परक’ है। यह वाक्य के देश पर बलिदान होने की भावना का द्योतक है।
Q29. रित्त स्थान की पूर्ति के लिए उपर्युत्त विकल्प का चयन कीजिए– महात्मा गाँधी अहिंसा के साक्षात्‌ ………. थे।
(1) अनुग्रह
(2) विग्रह
(3) परिग्रह
(4) अपरिग्रह
Ans: (3) महात्मा गाँधी अहिंसा के साक्षात परिग्रह थे। परिग्रह शब्द इस वाक्य के लिए उपयुत्त हैं जबकि अन्य सभी विकल्प असंगत है।
Q30. रित्त स्थनों की पूर्ति के लिए उपयुत्त कारक चिह्न का चयन कीजिए– प्रत्येक प्रश्न ………… चार सम्भावित उत्तर दिए गए हैं।
(1) में
(2) के लिए
(3) के
(4) से
Ans: (2) प्रत्येक प्रश्न के लिए चार सम्भावित उत्तर दिए गए है। ‘के लिए’ शब्द इस वाक्य के लिए उपयुत्त है जबकि अन्य सभी विकल्प असंगत है।
निर्देश (प्र.सं. 15) निम्नलिखित गद्यांश का ध्यानपूर्वक अध्ययन करके इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। वैज्ञानिक प्रयोग की सफलता ने मनुष्य की बुद्धि का अपूर्व विकास कर दिया है। द्वितीय महायुद्ध में एटम बम की शक्ति ने कुछ क्षणों में ही जापान के अजेय शक्ति को पराजित कर दिया। इस शक्ति की युद्धकालीन सफलता ने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, प्रांस आदि सभी देशों को ऐसे शस्त्राध्िांों के निर्माण की प्रेरणा दी कि सभी भयंकर और सर्वविनाशकारी शध्िां बनाने लगे। अब सेना को पराजित करने तथा शत्रु देश पर पैदल सेना द्वारा आक्रमण करने के लिए शध्िां निर्माण के स्थान पर देश के विनाश करने की दिशा में शध्िांाध्िां बनने लगे है। इन हथियारों का प्रयोग होने पर शत्रु देशों की अधिकांश जनता और सम्पत्ति थोड़े समय में ही नष्ट की जा सकेगी। चूँकि ऐसे शध्िांाध्िां प्रायः सभी स्वतन्त्र देशों के संग्रहालयों में कुछ-न-कुछ आ गए है। अतः युद्ध की स्थिति में उनका प्रयोग भी अनिवार्य हो जाएगा, जिससे बड़ी जनसंख्या प्रभावित हो सकती है इसलिए निःशस्त्रीकरण की योजनाएँ बन रही हैं। शध्िांाध्िांों के निर्माण की जो प्रक्रिया अपनाई गई, उसी के कारण आज इतने उन्नत शध्िांाध्िां बन गए हैं, जिनके प्रयोग से व्यापक विनाश आसन्न दिखाई पड़ता है। अब भी परीक्षणों की रोकथाम तथा बने शस्त्रों का प्रयोग रोकने के मार्ग खोजे जा रहे हैं। इन प्रयासों के मूल में एक भयंकर आतंक और विश्व-विनाश का भय कार्य कर रहा है।

Top
error: Content is protected !!