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029 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. उपचारात्मक शिक्षण की सफलता निर्भर करती है –
(1) समय व अवधि पर
(2) भाषिक नियमों के ज्ञान पर
(3) समस्याओं के कारणों की सही पहचान पर
(4) उपचारात्मक शिक्षण की सामग्री पर
Ans: (3) उपचारात्मक शिक्षण की सफलता समस्याओं के कारणों की सही पहचान पर ही निर्भर करती है।
Q2. भाषा-शिक्षण में पाठ्य-पुस्तक –
(1) साध्य है
(2) एकमात्र संसाधन है
(3) साधन है
(4) अनावश्यक है
Ans: (3) भाषा शिक्षण के अंतर्गत पाठ्‌य पुस्तक एक साधन होता है।
Q3. हिन्दी की कक्षा में प्रायः हिन्दीतर-भाषी बच्चे हिन्दी सीखने में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हैं, क्योंकि –
(1) हिन्दी सीखने के प्रति उनमें अरुचि होती है
(2) वे मन लगाकर हिन्दी नहीं सीखते।
(3) हिन्दी बहुत कठिन भाषा है।
(4) प्रायः हिन्दी और उनकी मातृभाषा की संरचना में अंतर होता है।
Ans: (4) प्रायः हिन्दी और उनकी मातृभाषा की संरचना में काफी अंतर होने के कारण ही हिन्दीत्तर भाषी बच्चे हिन्दी सीखने में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
Q4. कहानी सुनाने से –
(1) बच्चे कक्षा में एकाग्रचित होकर शांत बैठते हैं।
(2) बच्चे प्रसन्न होते हैं।
(3) बच्चे अनुशासित रहते हैं।
(4) बच्चों की कल्पना-शक्ति व चिंतन-शक्ति का विकास होता है।
Ans: (4) कहानी सुनाने से बच्चों की कल्पना शक्ति एवं चिंतन शक्ति का विकास होता है। कहानी सुनते समय बच्चे उस परिधि में सोचना शुरू करते हैं। इससे उनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती है।
Q5. बच्चों के ‘लेखन’ कौशल का मूल्यांकन करने के लिए कौन-सी विधि बेहतर हो सकती है?
(1) श्रुतलेख
(2) अपने अनुभवों को लिखना
(3) पाठाधारित प्रश्नों के उत्तर लिखना
(4) सुन्दर लेख का अभ्यास
Ans: (2) बच्चों के लेखन कौशल का मूल्यांकन करने के लिए अपने अनुभवों को लिखना बेहतर होता है।
Q6. ‘बोलना’ कौशल में महत्वपूर्ण है
(1) स्पष्ट एवं शुद्ध उच्चारण
(2) संदर्भ एवं स्थिति के अनुसार अपनी बात कह सकना।
(3) आलंकारिक भाषा का प्रयोग
(4) मधुर वाणी
Ans: (2) सन्दर्भ एवं स्थिति के अनुसार अपनी बात कह सकना ‘‘बोलना’’ कौशल की महत्वपूर्ण विशेषता है।
Q7. एक भाषा-शिक्षक के रूप में सबसे बड़ी चुनौती है
(1) बच्चों की भाषा को संचार साधनों के प्रभाव से मुत्त रखना।
(2) बच्चों को भाषा सीखने के महत्व से परिचित कराना।
(3) भाषा-संसाधनों का अभाव है।
(4) बहुभाषिक कक्षा के शिक्षण के लिए उचित रणनीतियाँ तय करना।
Ans: (4) एक भाषा शिक्षक के रूप में सबसे बड़ी चुनौती बहुभाषिक कक्षा में शिक्षण के लिए उचित रणनीतियाँ तय करना है।
Q8. एक समावेशी कक्षा में कौन-सा कथन भाषा-शिक्षण के सिद्धांतों के प्रतिकूल है?
(1) भाषा परिवेश में रहकर अर्जित की जाती है।
(2) बच्चे परिवेश से प्राप्त भाषा को ग्रहण करते हुए भाषा-प्रयोग में नियम बना सकते हैं।
(3) पिं्रट-समृद्ध माहौल भाषा सीखने में सहायक होता है।
(4) व्याकरण के नियम सिखाने से बच्चों का भाषा-विकास शीघ्रता से होगा।
Ans: (4) ‘‘एक समावेशी कक्षा में व्याकरण के नियम सिखाने से बच्चों का भाषा विकास शीघ्रता से होगा’’। यह कथन भाषा सिद्धान्तों के प्रतिकूल हैं।
Q9. एक बहु-सांस्कृतिक कक्षा में आप एक भाषा-शिक्षक के रूप में किस बात को अधिक महत्व देंगे?
(1) बच्चों को व्याकरण सिखाना
(2) पाठ्य-पुस्तक के प्रत्येक पाठ को भली-भाँति समझाना
(3) स्वयं शुद्ध भाषा-प्रयोग
(4) बच्चों को भाषा-प्रयोग के अधिक से अधिक अवसर देना
Ans: (4) एक बहुसांस्कृतिक कक्षा में एक भाषा शिक्षक के रूप में बच्चों को भाषा प्रयोग के अधिक से अधिक अवसर देना चाहिए।
Q10. प्राथमिक स्तर पर कौन-सा भाषा-शिक्षण का उद्देश्य नहीं हैं?
(1) वर्णमाला को क्रम से कंठस्थ करना
(2) स्पष्टतया एवं आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहना
(3) ध्वनी-संकेत चिह्न का सम्बन्ध बनाना
(4) विभिन्न संदर्भों में भाषा का प्रभावी प्रयोग करना (परीक्षा तिथि : 26 जून, 2011)
Ans: (1) प्राथमिक स्तर पर वर्णमाला के क्रम से कंठस्थ करना भाषा शिक्षण का उद्‌देश्य नहीं है, जबकि स्पष्टता एवं आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहना, ध्वनि संकेत चिन्ह का सम्बन्ध बनाना एवं विभिन्न संदर्भों में भाषा का प्रभावी प्रयोग करना शिक्षण के उद्‌देश्य के अंतर्गत आता है।
Q11. गृहकार्य के बारे में कौन सा कथन उचित है?
(1) बच्चों की क्षमताओं, स्तर के अनुसार गृहकार्य दिया जाना चाहिए
(2) गृहकार्य अभिभावकों को व्यस्त रखने का उत्तम साधन है
(3) गृहकार्य कक्षा में किए गए कार्य का अभ्यास-मात्र है
(4) गृहकार्य देना अति-आवश्यक है
Ans: (1) गृहकार्य बच्चों की क्षमताओं, स्तर के अनुसार ही दिया जाना उचित है। अन्यथा बच्चों की क्षमता दबाव के कारण प्रभावित होती है।
Q12. भाषा के अभिव्यत्तात्मक कौशल हैं –
(1) बोलना, लिखना
(2) सुनना, बोलना
(3) पढ़ना, लिखना
(4) सुनना, पढ़ना
Ans: (1) भाषा का अभिव्यक्त कौशल बोलना, लिखना है।
Q13. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की भाषा शिक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
(1) बच्चे भाषा की जटिल और समृद्ध संरचनाओं के साथ विद्यालय आते हैं
(2) बच्चे समृद्ध भाषा-परिवेश में सहज और स्वतः रूप से भाषा में परिमार्जन कर लेंगे
(3) बच्चों की भाषा-संकल्पनाओं और विद्यालय में प्रचलित भाषा परिवेश में विरोधाभास ही भाषा सीखने में सहायक होता है
(4) सुधार के नाम पर की जाने वाली टिप्पणियों व निरर्थक अभ्यास से बच्चों में अरुचि उत्पन्न हो सकती है
Ans: (3) प्राथमिक स्तर पर बच्चों की भाषा शिक्षा के संदर्भ में बच्चों की भाषा संकल्पनाओं और विद्यालय में प्रचलित भाषा परिवेश में विरोधाभास ही भाषा सीखने में सहायक होता है।
Q14. भाषा-कौशलों के संदर्भ में कौन-सा कथन उचित है?
(1) बच्चे केवल सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना कौशल क्रम से ही सीखते हैं
(2) विद्यालय में केवल ‘पढ़ना’, ‘लिखना’ कौशलों पर ही बल देना चाहिए
(3) भाषा के चारों कौशल परस्पर अंतः सम्बन्धित हैं
(4) भाषा-कौशलों के विकास में अभ्यास की अपेक्षा भाषिक नियमों का ज्ञान जरूरी हैं
Ans: (3) दिये गये चारों विकल्पों में भाषा के चारों कौशल सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना परस्पर अंतःसम्बन्धित है।
Q15. पाठ में दिए गए चित्रों का क्या उद्देश्य होता है?
(1) चित्र पाठ की शोभा बढ़ाते हैं
(2) चित्रों से पाठ्य-पुस्तक आकर्षक बनती है
(3) पाठ्य-पुस्तक में चित्र देने का प्रचलन है
(4) चित्र अमूर्त संकल्पनाओं को समझने में सहायता करते हैं।
Ans: (4) पाठ में दिए गए चित्रों का उद्देश्य होता है कि पाठ को समझने में चित्र अमूर्त संकल्पनाओं को समझने में सहायता करते हैं।
निर्देश : (प्रश्न 16-21): कविता की पंत्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिएः अब न गहरी नींद में तुम सो सकोगे, गीत गाकर मैं जगाने आ रहा हूँ। अतल अस्ताचल तुम्हें जाने न दूँगा, अरुण उदयाचल सजाने आ रहा हूँ। कल्पना में आज तक उड़ते रहे तुम, साधना से सिहरकर मुड़ते रहे तुम। अब तुम्हें आकाश में उड़ने न दूँगा, आज धरती पर बसाने आ रहा हूँ। ——–सोहनलाल द्विवेदी
Q16. गहरी नींद में सोने का अर्थ है –
(1) परिश्रमी होना
(2) मृत्यु को प्राप्त होना
(3) बेखबर होना
(4) चिंतायुत्त होना
Ans: (3) गहरी नींद में सोने का अर्थ है – बेखबर होना।
Q17. कवि लोगों को कहाँ नहीं जाने देगा?
(1) अतल गहराई में
(2) पाताल में
(3) जहाँ सूर्य अस्त होता है
(4) पतन की राह पर
Ans: (4) कवि मानव में अपनी कविता के माध्यम से जीवन्तता पैदा करता है। वह किसी को भी पतन की राह पर नहीं जाने देता।
Q18. कवि किस तरह के व्यत्तियों को संबोधित कर रहा है?
(1) जो बहुत पश्रिमी है
(2) जो अत्यधिक पे्ररित है
(3) जो जीवन की कठोर वास्तविकताओं से बेख़बर हैं
(4) जो आकाश की ऊँचाइयों को छूना चाहते हैं
Ans: (3) प्रस्तुत कविता में कवि ऐसे व्यक्तियों को सम्बोधित कर रहा है जो जीवन की कठोर वास्तविकताओं से बेखबर हैं।
Q19. कवि लोगों को क्यों जगाना चाहता है?
(1) ताकि मनुष्यों में गतिशीलता आ सके और वे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सवें
(2) ताकि लोग गीत सुन सवें
(3) सुबह हो गई है
(4) यह कवि का दायित्व
Ans: (1) प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि लोगों में जागृति पैदा करना चाहता है ताकि मनुष्यों में गतिशीलता आ सके और वे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सवें।
Q20. ‘अतल अस्ताचल तुम्हें जाने न दूँगा’ पंत्ति में कौन सा अलंकार है?
(1) उपमा अलंकार
(2) श्लेष अलंकार
(3) रूपक अलंकार
(4) अनुप्रास अलंकार
Ans: (4) ‘‘अतल अस्ताचल तुम्हें जाने न दूँगा।’’ इस पंक्ति में अनुप्रास अलंकार है।
Q21. कविता का उपयुत्त शीर्षक हो सकता है
(1) कोलाहल
(2) हर्ष
(3) आकाश
(4) जागृति
Ans: (4) कविता का उपर्युक्त शीर्षक ‘जागृति’ हो सकता है।
निर्देशः (प्रश्न 22-30) : गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। मनु बहन ने पूरे दिन की डायरी लिखी, लेकिन एक जगह लिख दिया, ‘‘सफाई वगैरह की।’’ गाँधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर उस पर अपने हस्ताक्षर करते थे। आज की डायरी पर हस्ताक्षर करते हुए गाँधीजी ने लिखा है, ‘‘कातने की गति का हिसाब लिखा जाए। मन में आए हुए विचार लिखे जाएँ। जो-जो पढ़ा हो, उसकी टिप्पणी लिखी जाए। वगैरह का उपयोग नहीं चाहिए। डायरी में ‘वगैरह’ शब्द के लिए कोई स्थान नहीं है।’’ जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा। जो बातें हुई हों वे लिखी जाएँ। मनु ने अपनी गलती का अहसास किया और डायरी विधा की पवित्रता को समझा गाँधीजी ने पुनः मनु से कहा-‘‘डायरी लिखना आसान कार्य नहीं है। यह इबादत करने जैसी विधा है। हमें शुद्ध व सच्चे रूप से प्रत्येक छोटी-बड़ी घटना को निष्पक्ष रूप से लिखना चाहिए चाहे कोई बात हमारे विरुद्ध ही क्यों न हो। इससे हममें सच्चाई स्वीकार करने की शक्ति प्राप्त होगी।’’ (गाँधीजी के रोचक संस्मरण)
Q22. मनु को अपनी किस गलती का अहसास हुआ?
(1) मनु ने डायरी में कातने की गति का हिसाब लिखा था
(2) उन्होंने गाँधीजी की बात नहीं मानी थी
(3) उन्होंने डायरी में सही-सही बातें लिखी थीं
(4) उन्होंने डायरी में ‘वगैरह’ शब्द का प्रयोग किया था।
Ans: (4) मनु को अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब उसने अपनी डायरी में ‘‘वगैरह’’ शब्द का प्रयोग किया था।
Q23. गाँधीजी ने – वगैरह’ शब्द पर अपनी आपत्ति क्यों जताई?
(1) गाँधीजी चाहते थे कि सही भाषा का प्रयोग हो
(2) ‘वगैरह’ शब्द की जगह आदि शब्द का प्रयोग सही है
(3) ‘बगैरह’ शब्द में कार्य और विचार की स्पष्टता नहीं है
(4) वे चाहते थे कि बातो को ज्यों-का-त्यों लिखा जाए
Ans: (3) गाँधीजी ने ‘‘वगैरह’’ शब्द पर अपनी आपत्ति इसलिए जताई क्योंकि ‘वगैरह’ शब्द में कार्य और विचार की स्पष्टता नहीं है।
Q24. गाँधीजी ने डायरी लिखने को इबादत करने जैसा क्यों कहा है?
(1) दोनों कार्य हमारे कर्तव्यों में शामिल हैं
(2) दोनों में समय लगता है
(3) दोनों कार्य रोज़ किए जाते हैं
(4) दोनों में सच्चाई और ईमानदारी चाहिए
Ans: (4) गाँधीजी ने डायरी लिखना इबादत करने जैसा बताया है। उनका कहना है कि डायरी लेखन से व्यक्ति अपनी छोटी से छोटी कमियों को स्पष्ट करता है तथा पश्चाताप करता है। इससे हमें सच्चाई स्वीकार करने की शक्ति की प्राप्ति होती है।
Q25. डायरी लिखना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि –
(1) इससे व्यत्ति पूरे दिन किए गए जमा-खर्च का हिसाबकिताब कर सकता है
(2) इसमें व्यत्ति स्वयं का विश्लेषण करता है और स्वमूल्यांकन भी करता है
(3) गाँधीजी इसे महत्वपूर्ण मानते हैं
(4) इससे व्यत्ति का समय अच्छा गुज़र जाता है।
Ans: (2) – डायरी लेखन व्यक्ति के लिए सर्वथा महत्वपूर्ण होता है, इससे व्यक्ति स्वयं का मूल्यांकन करता है और कमियों का विश्लेषण करता है। साथ ही साथ सुधारात्मक उपाय भी करता है। यही डायरी की पवित्रता है।
Q26. गाँधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर क्या करते थे?
(1) लोगों को उनकी गलती का अहसास कराते थे
(2) हस्ताक्षर करते थे क्योंकि यह नियम था
(3) डायरी पर हस्ताक्षर करते थे और यह देखते थे कि व्यत्ति अपने कार्य और विचार में किस दिशा में जा रहा है
(4) हस्ताक्षर करते थे ताकि जाँच का प्रमाण दिया जा सके
Ans: (3) गाँधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर उस पर हस्ताक्षर करते थे। वे यह देखते थे कि व्यक्ति अपने कार्य एवं विचार में किस दिशा की तरफ प्रवृत्त हो रहा है।
Q27. ‘प्रतिदिन’ शब्द में कौन सा समास है?
(1) अव्ययीभाव समास
(2) द्वंद्व समास
(3) द्विगु समास
(4) तत्पुरुष समास
Ans: (1) प्रतिदिन में अव्ययी भाव समास है। जिस समास का पहला पद (पूर्व पद) अव्यय तथा प्रधान हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। जैसे प्रतिदिन में पूर्व पद प्रति और उत्तर पद दिन है। यहाँ पर अव्ययीभाव समास है।
Q28. ‘पढ़ा हुआ कितना पच गया है’ का अर्थ है
(1) पढ़े हुए का कितना विश्लेषण किया है
(2) कितना सही उच्चारण के साथ पढ़ा है
(3) पढ़ा हुआ कितना समझ में आया है
(4) पढ़ा हुआ कितना आत्मसात्‌ किया है
Ans: (4) पढ़ा हुआ कितना पच गया है, का आशय है – पढ़ा हुआ कितना आत्मसात हो गया है अर्थात्‌ कितना ग्राह्य हो गया है।
Q29. ‘कार्य’ शब्द का तद्‌भव रूप बताइए।
(1) कारज
(2) सेवा
(3) काज
(4) काम
Ans: (3) कार्य शब्द का तद्‌भव रूप काज होगा।
Q30. ‘विचार’ में इक प्रत्यय लगाकर शब्द बनेगा
(1) विचारिक
(2) वैचारीक
(3) विचौरिक
(4) वैचारिक
Ans: (4) विचार में ‘इक’ प्रत्यय लगाकर बनने वाला शब्द वैचारिक होगा। इसी प्रकार ‘इक’ प्रत्यय वाले अन्य शब्द हैं – प्रशासन + इक = प्रशासनिक, प्रकृति + इक = प्राकृतिक। चमत्कार + इक = चमत्कारिक।
निर्देश (प्र. सं. 16) कविता की पंत्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जग-जीवन में जो चिर महान, सौन्दर्य पूर्ण औ सत्यप्राण, मैं उसका प्रेमी बनूँ नाथ
जिससे मानव-हित हो समान
मिले जावे जिसमें अखिल व्यत्ति
जिससे जीवन में मिले शक्ति छूटे भय-संशय, अन्ध-भत्ति, मैं वह प्रकाश बन सकूँ नाथ
– सुमित्रानन्दन पन्त

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