You are here
Home > QB Subjectwise > 027 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

027 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. एक से अधिक भाषाओं का प्रयोग–
(1) शिक्षकों के लिए गहन समस्या है
(2) कक्षायी जटिलताओं को बढ़ाता है
(3) संज्ञानात्मक विकास में सहायक है
(4) किसी भी एक भाषा में निपुणता में बाधक है
Ans: (3) एक से अधिक भाषाओं का प्रयोग हमारे संज्ञानात्मक विकास में सहायक होता है। इससे बहुमुखी व्यक्तित्व का विकास होता है। साथ ही साथ ज्ञान में अभिवृद्धि भी होती है।
Q2. दृष्टिबाधित बच्चों को भाषा सिखाते समय–
(1) उन्हे विभिन्न भाषिक गतिविधियों में शामिल नहीं करना चाहिए
(2) उन्हें कक्षा में अलग बैठाना चाहिए ताकि उन पर विशेष ध्यान दिया जा सके
(3) कम पाठों वाली पाठ्य-पुस्तक का निर्माण किया जाना चाहिए
(4) अधिक-से-अधिक मौखिक भाषा का प्रयोग करना चाहिए
Ans: (4) दृष्टि बाधित बच्चों को भाषा सिखाते समय यह आवश्यक होता है कि उनके बीच अधिक से अधिक मौखिक भाषा का प्रयोग करें न कि उन्हें कक्षा में अलग से बैठने को कहना चाहिए। न कि उन्हें विभिन्न भाषिक गतिविधियों में शामिल नहीं करना चाहिए।
Q3. प्राथमिक स्तर पर भाषा की पाठ्य-पुस्तकों में किस तरह की रचनाओं को स्थान दिया जाना चाहिए?
(1) ऐसी रचनाएँ जो बच्चों के परिवेश से जुड़ी हों और जिनमें भाषा की अलग-अलग छटाएँ हों
(2) विदेशी साहित्य की रचनाएँ
(3) जो प्रत्यक्ष रूप से मूल्यों पर आधारित हो
(4) केवल कहानियाँ अथवा कविताएँ
Ans: (1) प्राथमिक स्तर पर भाषा की पाठ्‌य पुस्तकों में ऐसी रचनाओं को स्थान देना चाहिए जो बच्चों के परिवेश से जुड़ी हों एवं साथ ही साथ जिसमें भाषागत पृथक अभिव्यक्तियां हों।
Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चों का भाषिक क्षमता के आकलन का सबसे उचित तरीका है?
(1) संज्ञा की परिभाषा को पूरा कीजिए
(2) ‘बादल’, ‘आसमान’, ‘चिड़िया’, ‘बच्चे’ आदि संज्ञा शब्दों का प्रयोग करते हुए एक कहानी लिखिए
(3) संज्ञा को परिभाषित कीजिए
(4) संज्ञा शब्दों के दो उदाहरण दीजिए
Ans: (2) निर्दिष्ट विकल्पों में बच्चों की भाषिक क्षमता के आकलन का सर्वाधिक उचित तरीका है कि उन्हें बादल, आसमान, चिड़िया, बच्चे आदि संज्ञा शब्द का प्रयोग करते हुए कहानी लेखन कराया जाये।
Q5. बच्चों की मौखिक अभिव्यत्ति का विकास करने के लिए सबसे कम प्रभावी तरीका कौन-सा है?
(1) अपने अनुभवों का वर्णन
(2) व्याकरण-आधारित संरचना-अभ्यास
(3) बातचीत करना
(4) संवाद-अदायगी
Ans: (2) बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने के लिए सर्वाधिक कम प्रभावी तरीका व्याकरण आधारित संरचना का अभ्यास कराना। जबकि अपने अनुभवों का वर्णन करना, बातचीत करना एवं संवाद अदायगी करना निश्चय ही मौखिक अभिव्यत्ति का विकास करने के प्रभावी तरीके हैं।
Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा द्वितीय भाषा-शिक्षण का उद्देश्य नहीं है?
(1) हिन्दी के व्याकरणिक नियमों को कंठस्थ करना
(2) विभिन्न क्षेत्रों, स्थितियों में हिन्दी की विभिन्न प्रयुत्तियों को समझने की योग्यता का विकास
(3) दैनिक जीवन में हिन्दी में समझने तथा बोलने की क्षमता का विकास
(4) बोलने की क्षमता के अनुरूप लिखने की क्षमता का विकास
Ans: (1) दिये गये विकल्पों में हिन्दी के व्याकरणिक नियमों को कंठस्थ करना द्वितीय भाषा शिक्षण का उद्‌देश्य नहीं है। जबकि दैनिक जीवन में हिन्दी में समझने तथा बोलने की क्षमता का विकास एवं बोलने के अनुरूप लिखने की क्षमता का विकास द्वितीय भाषा शिक्षण का उद्‌देश्य है।
Q7. भाषा सीखने के लिए कौन-सा कारक सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?
(1) पाठ पर आधारित प्रश्नोत्तर
(2) भाषा के व्याकरणिक नियम
(3) भाषा की पाठ्य-पुस्तक
(4) समृद्ध भाषिक वातावरण
Ans: (4) भाषा सीखने के लिए समृद्ध भाषिक वातावरण की अपनी सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भाषा कोश की जानकारी के बिना भाषा समृद्ध कदापि नही हो सकती।
Q8. हिन्दी भाषा का मूल्यांकन करते समय आप सबसे ़ज्यादा किसे महत्व देगे?
(1) काव्य-सौन्दर्य
(2) सीखने की क्षमता का आंकलन
(3) निबंध लिखने की योग्यता
(4) व्याकरिणक नियम
Ans: (2) सीखने की क्षमता का आकलन हिन्दी भाषा के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है न कि काव्य सौन्दर्य निबन्ध लेखन की योग्यता एवं व्याकरणिक नियम।
Q9. एक बहुभाषिक कक्षा में आप किसे सबसे कम महत्व देंगे?
(1) कक्षा में विभिन्न प्रकार की सामग्री
(2) विभिन्न प्रकार का बाल साहित्य
(3) कक्षा के बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक संदर्भों के प्रति संवेदनशीलता
(4) बच्चों को सिखाना कि दो भाषाओं के मध्य विद्यमान समानता व अन्तर का विश्लेषण कैसे किया जाता है
Ans: (4) एक बहुभाषिक कक्षा में उक्त विकल्पों में से सर्वाधिक कम महत्व बच्चों को यह सिखाना कि दो भाषाओं के मध्य विद्यमान समानता एवं अंतर का विश्लेषण कैसे करना चाहिए।
Q10. भाषा की पाठ्य-पुस्तक का निर्माण करते समय सबसे कम महत्वपूर्ण बिन्दु है–
(1) पाठों की संख्या
(2) अभ्यासों में वैविध्य
(3) विषय-वस्तु में वैविध्य
(4) भाषा की विभिन्न छटाएँ
Ans: (1) भाषा की पाठ्‌य पुस्तक का निर्माण करते समय सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु हैं – अभ्यासों में वैविध्य विषय वस्तु में वैविध्य एवं भाषा की विभिन्न छटाएँ। इसके अंतर्गत पाठों की संख्या का कोई महत्व नहीं है।
Q11. बहुभाषिकता–
(1) भाषा सीखने में बाधा उत्पन्न करती है
(2) भाषायी समृद्धि को खतरे में डालती है
(3) भाषा सीखने में एक महत्वपूर्ण संसाधन है
(4) भाषा सीखने में बहुत बड़ी बाधा है
Ans: (3) बहुभाषिकता, भाषा सीखने में एक महत्वपूर्ण संसाधन होती है, इससे ही एक बहुभाषाविद्‌ बनाया जा सकता है जो कि अपने देश तथा विदेशों की विविध भाषाओं को आवश्यकता के अनुसार समझकर उसको देशहित में उपयोग करता है।
Q12. भाषा–
(1) एक नियमबद्ध व्यवस्था है
(2) विद्यालय में ही सीखी जाती है
(3) सदैव व्याकरण के नियमों का ही अनुगमन करती है
(4) नियमों की जानकारी से ही निखरती है
Ans: (1) भाषा एक नियमबद्ध व्यवस्था होती है, ध्यातव्य है कि प्रत्येक भाषा चाहे वह हिन्दी हो या अंग्रेजी या तमिल सबको अपनी आधारभूत नियमबद्ध व्याकरणिक तकनीकी होती है, उसे समझकर ही भाषा पर विशुद्ध पकड़ बनायी जा सकती है।
Q13. बच्चे विद्यालय आने से पहले–
(1) कोरी स्लेट होते हैं
(2) अपनी भाषा की नियमबद्ध व्यवस्था की व्यावहारिक कुशलता के साथ आते हैं
(3) भाषा का समुचित उपयोग करने में समर्थ नहीं होते हैं
(4) भाषा के चारों कौशलों पर पूर्ण अधिकार रखते हैं
Ans: (2) प्रत्येक बच्चे को उसके माता-पिता विद्यालय भेजने से पहले बोलचाल, हावभाव तथा कार्य व्यवहार इत्यादि जो भी सामाजिक सदाचार नैतिकता के नियम हैं, उसमें बच्चे को प्रशिक्षित करते हैं।
Q14. भाषा-अर्जन और भाषा-अधिगम के संदर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है?
(1) भाषा-अधिगम प्रयासपूर्ण होता है
(2) भाषा-अर्जन में विभिन्न संकल्पनाएँ मातृभाषा में बनती हैं
(3) भाषा-अर्जन सहज और स्वाभाविक होता है जबकि भाषा- अधिगम प्रयासपूर्ण होता है
(4) सांस्कृतिक विभिन्नता भाषा-अर्जन और भाषा अधिगम को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है
Ans: (1) भाषा अर्जन तथा भाषा अधिगम में हमेशा अनुवाद का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि किसी भी व्यक्ति की भाषा में सम्पूर्णता तभी आती है जब वह अन्य भाषाओं की शब्दावली को भी आत्मसात करता है।
Q15. मंदिरा पहली कक्षा में पढ़ती है और वह ‘मुझे आम बहुत अच्छा लगता है।’, ‘मैं थक गई।’ आदि वाक्यों का प्रयोग करती है। मंदिरा–
(1) केवल लिंग की दृष्टि से ही सर्वनाम का समुचित प्रयोग करना जानती है
(2) मंदिरा केवल सर्वनाम का ही प्रयोग जानती है
(3) केवल ‘मैं’ वाले वाक्य ही बोल सकती है
(4) लिंग, वचन, क्रिया आदि की दृष्टि से सर्वनाम का प्रयोग करना जानती है।
Ans: (4) मंदिरा पहली कक्षा में पढ़ती है तथा वह लिंग, वचन, क्रिया आदि की दृष्टि से सर्वनाम का प्रयोग करना जानती है।
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र.सं. 16 से 21) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, नदियाँ, पर्वत हवा, पेड़ से आती है बहार। बचपन, कोमल तन-मन लेकर, आए अनुपम जीवन लेकर, जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार, हरा भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, वृंद-लताएँ, पौधे, डाली चारों ओर भरे हरियाली मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, मुश्किल से मिलता है जीवन, हम सब इसे बनाएँ चंदन पर्यावरण सुरखित न हो तो है सब बेकार हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार
Q16. ‘हरा-भरा जीवन’ का अर्थ है–
(1) हरे रंगों से भरा जीवन
(2) पेड़-पौधे से धिरा जीवन
(3) हरियाली-युत्त जीवन
(4) खुशियों से परिपूर्ण जीवन
Ans: (4) हरा भरा जीवन से आशय है, ऐसा जीवन जो खुशियों से परिपूर्ण हो। जहाँ पर रञ्चमात्र भी विषाद परिलक्षित न होता हो। सर्वत्र आनन्द ही आनन्द व्याप्त हो।
Q17. कौन-सी चीज़ें बहार लेकर आती है?
(1) पहाड़ो की चोटियाँ
(2) नदियों की आवाज़
(3) समस्त प्राकृतिक उपादान
(4) पेड़ों की हवा
Ans: (3) जीवन में समस्त प्राकृतिक उपादान चाहे वे नदियाँ हों, पर्वत हो, पेड़ हो अथवा हवा हो, बहार लेकर आती है।
Q18. कवि ने सृष्टि का उपहार किसे कहा जाता है?
(1) हरा-भरा
(2) वृंद-लताएँ
(3) प्राकृतिक सुदंरता और उससे उत्पन्न होने वाली खुशी
(4) पौधे व डालियाँ
Ans: (3) कवि ने ‘सृष्टि का उपहार’ प्राकृतिक सुंदरता एवं उससे उत्पन्न होने वाली खुशी को कहा है।
Q19. कवि यह संदेश देना चाहता है कि–
(1) पर्यावरण-संरक्षण में ही जीवन संभव है
(2) जीवन में सब बेकार है
(3) प्रकृति में पेड़-पौधें, नदियाँ, पर्वत शामिल हैं
(4) चंदन के पेड़ लगाने चाहिए
Ans: (1) प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि यह स्पष्ट करना चाहता है कि मानव जीवन पर्यावरण संरक्षण में ही संभव है। शुद्ध पर्यावरण ही मानव जीवन को स्वस्थ रख सकता है। अर्थात्‌ स्वस्थ पर्यावरण के बीच ही स्वस्थ मानव जीवन संभव है।
Q20. ‘जग से तुम और तुम से है प्यारा संसार’ पंत्ति के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि–
(1) संसार चलाने के लिए व्यत्तियों की आवश्यकता होती है
(2) व्यत्ति और संसार ……….. दोनों का अस्तित्व एक-दूसरे पर निर्भर करता है
(3) व्यत्ति का अस्तित्व संसार से स्वतंत्र है
(4) संसार का अस्तित्व व्यत्तियों से स्वतंत्र है
Ans: (2) ‘‘जग से तुम और तुमसे है प्यारा संसार’’ इस पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि व्यक्ति और संसार इन दोनों का अस्तित्व एक-दूसरे पर निर्भर है। अर्थात्‌ दोनों एक-दूसरे के पूरक है।
Q21. ‘अनुपम’ से अभिप्राय है–
(1) आनंदमय
(2) सुखद
(3) मनोहारी
(4) जिसकी उपमा न दी जा सके
Ans: (4) अनुपम से आशय है जिसकी उपमा न दी जा सके। अर्थात्‌ जो अति सुन्दर हो।
निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र.सं. 22 से 30) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। समस्याओं का हल ढूढने की क्षमता पर एक अध्ययन किया गया। इसमें भारत में तीन तरह के बच्चों के बीच तुलना की गई- एक तरफ वे बच्चे जो दुकानदारी करते हैं पर स्कूल नहीं जाते, ऐसे बच्चे जो दुकान सँभालते हैं और स्कूल भी जाते हैं और तीसरा समूह उन बच्चों का था जो स्कूल जाते हैं पर दुकान पर कोई मदद नहीं करते। उनसे गणना के बाद इबारती सवाल पूछे गए। दोनों ही तरह के सवालों में उन स्कूली बच्चों ने जो दुकानदार नहीं है, मौखिक गणना या मनगणित का प्रयोग बहुत कम किया, बनिस्बत उनके जो दुकानदार थे। स्कूली बच्चो ने ऐसी गलतियाँ भी कीं, जिनका कारण नहीं समझा जा सकता। इससे यह साबित होता है कि दुकानदारी से जुड़े हुए बच्चे हिसाब लगाने में गलती नहीं कर सकते क्योंकि इसका सीधा असर उनके काम पर पड़ता है, जबकि स्कूलों के बच्चे वहीं हिसाब लगाने में अक्सर भयंकर गलतियाँ कर देते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि जिन बच्चों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इस तरह के सवालों से जूझना पड़ता है, वे अपने लिए ज़रूरी गतिणतीय क्षमता हासिल कर लेते हैं। लेकिन साथ ही इस बात पर भी गौर करना महत्वपूर्ण है कि इस तरह की दक्षताएँ एक स्तर तक और एक कार्य-क्षेत्र तक सीमित होकर रह जाती हैं। इसलिए वे सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश जो कि ज्ञान को बनाने व बढ़ाने में मदद करते हैं, वही उस ज्ञान को संकुचित और सीमित भी कर सकते है।
Q22. समस्याओं का हल खोजने पर आधारित अध्ययन किस विषय से जुड़ा हुआ था?
(1) गणित
(2) सामाजिक विज्ञान
(3) भाषा
(4) दुकानदारी
Ans: (1) समस्याओं का हल खोजने पर आधारित अध्ययन गणित विषय से जुड़ा हुआ था?
Q23. किन बच्चों ने सवाल हल करने में मौखिक गणना का ज्यादा प्रयोग किया?
(1) जो बच्चे न तो दुकानदारी करते हैं और न ही स्कूल जाते हैं
(2) जो सिर्फ स्कूल जाते हैं
(3) जो स्कूली बच्चे दुकानदारी नहीं करते
(4) जो दुकानदारी करते हैं
Ans: (4) ऐसे बच्चे जो दुकानदारी करते थे, प्रश्नों को हल करने में मौखिक गणना का ज्यादा प्रयोग किया। क्योंकि दुकानदारी में सामान देने में शीघ्रता होती है। अतएव सामान के आधार पर तुरन्त मूल्य की गणना कर ली जाती है।
Q24. अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि–
(1) सिर्फ दुकानदार बच्चे ही गणित सीख सकते हैं
(2) बच्चे रोज़मर्रा के जीवन में काम आने वाली दक्षताओं को स्वतः ही हासिल कर लेते हैं
(3) बच्चों को गणित सीखना चाहिए
(4) बच्चों को गणित सीखने के लिए दुकानदारी करनी चाहिए
Ans: (2) उक्त अनुच्छेद के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चे रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली दक्षताओं को स्वतः ही हासिल कर लेते हैं।
Q25. दुकानदार बच्चे हिसाब लगाने में प्रायः गलती नहीं करते क्योंकि–
(1) गलती का असर उनके काम पर पड़ता है
(2) वे कभी भी गलती नहीं करते
(3) इससे उन्हें माता-पिता से डाँट पड़ेगी
(4) वे जन्म से ही बहुत दक्ष है
Ans: (1) छोटे बच्चे जो कि दुकान पर बैठकर सामान देते हैं तथा हिसाब-किताब भी देखते हैं, वे कार्य से हटाये जाने के भय से स्वकार्य को पूर्ण एकाग्रता तथा तन्मयता से करते हैं।
Q26. जो दक्षताएँ हमारे दैनिक जीवन में काम नहीं आती उनमें हमारा प्रदर्शन अक्सर–
(1) संतोषजनक होता है
(2) खराब-अच्छा होता रहता है
(3) खराब होता है
(4) अच्छा होता है
Ans: (2) जब हम यह समझते हैं कि अमुक कार्य को करने से या सीखने से भविष्य में कोई लाभ नहीं मिलेगा तो उसमें हमारा प्रदर्शन मिले-जुले रूप में ही बना रहता है।
Q27. अनुच्छेद के आधार पर बताइए कि सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश ज्ञान को –
(1) बनाने में मदद भी करता है और उसे संकुचित, सीमित भी कर सकता है
(2) सीमित कर सकता है
(3) बनाने में मदद करता है
(4) संकुचित कर सकता है
Ans: (1) मानव एक सामाजिक प्राणी है, और वह अगल-बगल के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश सतत ग्रहण करता है, तथा उसके अनुसार ही संकुचित या विस्तृत आचरण को प्रकट करता है।
Q28. ‘इक’ प्रत्यय का उदाहरण है–
(1) चूँकि
(2) सांस्कृतिक
(3) सीमित
(4) संकुचित
Ans: (2) ‘इक’ प्रत्यय का उदाहरण दिये गये विकल्पों में सांस्कृतिक होगा। इसी प्रकार अन्य उदाहरण ‘इक’ प्रत्यय से सम्बन्धित है – मौखिक, मानसिक, नैसर्गिक, तार्किक, प्रारम्भिक आदि।
Q29. ‘मनगणित’ का अर्थ है–
(1) मनगढ़ंत गणित
(2) कठिन गणित
(3) मनपसंद गणित
(4) मन-ही-मन हिसाब लगाना
Ans: (4) मनगणित का आशय मन ही मन हिसाब लगाने से है। प्रायः सामान्य लोग कोई हिसाब हल करने हेतु अपने मन में ही गुणा-भाग कर लेते हैं।
Q30. संयुत्त क्रिया का उदाहरण है–
(1) हिसाब लगाते हैं
(2) दुकान सँभालते हैं
(3) स्कूल जाते हैं
(4) अध्ययन किया गया
Ans: (4) संयुक्त क्रिया का उदाहरण दिये गये विकल्पों में ‘‘अध्ययन किया गया’’ ही उचित प्रतीत होता है।
निर्देश (प्र. सं. 16) : नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उचित उत्तर दीजिए। नदी के उस पार जाने को मेरा बहुत मन करता है माँ; वहाँ कतार में बँधी है नावें बाँस की खूँटियों से। उसी रास्ते दूर-दूर जाते हैं हल जोतने किसान कन्धों पर हल रखें, रँभाते हुए गाय-बैल तैरकर जाते हैं उस पार घास चरने शाम को जब वे लौटते हैं घर ऊँची-ऊँची घास में छिपकर हुक्के-हो करते हैं सियार। माँ तू बुरा न माने तो बड़ा होकर मैं नाव खेने वाला एक नाविक बनूँगा।

Top
error: Content is protected !!