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019 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम –
(1) उर्दू होना चाहिए
(2) अंग्रेजी होना चाहिए
(3) बच्चे की मातृभाषा होना चाहिए
(4) हिन्दी होना चाहिए
Ans: (3) प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम बच्चे की मातृभाषा होनी चाहिये। चूँकि समाज एवं परिवार के बीच वह वही भाषा सीखता है जो वहाँ बोली जाती है। सामान्यतः मातृभाषा में बच्चे अपने विचार व्यत्त एवं ग्रहण कर सकते हैं। अतएव मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा देना अपरिहार्य होता है।
Q2. बच्चे प्रारंभ से ही-
(1) बहुभाषिक होते हैं
(2) द्विभाषिक होते हैं
(3) भाषा में कमजोर होते हैं
(4) एकभाषिक होते हैं
Ans: (1) बच्चे प्रारम्भ से ही बहुभाषिक होते हैं। उनका यह कौशल अप्रस्फुट रूप में विद्यमान रहता है। उपयुत्त वातावरण उपलब्ध करा कर उनके इस कौशल का विकास किया जा सकता है।
Q3. प्राथमिक स्तर की पाठ्‌य-पुस्तकों का निर्माण करते समय आप किस बिन्दु पर विशेष ध्यान देंगे?
(1) उपदेशात्मक पाठ शामिल हो
(2) हिन्दी भाषा के वैविध्यपूर्ण रूप शामिल हों
(3) कहानियाँ अधिक-से-अधिक शामिल, हों
(4) प्रसिद्ध लेखकों की रचनाएँ शामिल हों
Ans: (2) प्राथमिक स्तर की पाठ्‌य-पुस्तकों का निर्माण करते समय हिन्दी भाषा के वैविध्यपूर्ण रूप के सम्मिलन पर विशेष ध्यान देंगे।
Q4. चा म्स्की के अनुसार कौन-सा कथन सही है?
(1) बच्चों में भाषा सीखने की क्षमताएँ बहुत सीमित होती है।
(2) बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता नहीं होती।
(3) बच्चों को व्याकरण सिखाना जरूरी है
(4) बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है।
Ans: (4) बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है, यह विचार चॉम्स्की से सम्बन्धित है। बच्चों में एक नैसर्गिक क्षमता होती है जिसके अनुसार उनमें भाषा सीखने की स्वतः ग्राह्यता आ जाती है।
Q5. पाठ के अंत में अभ्यास और गतिविधियाँ देने का उद्देश्य है-
(1) बच्चों को याद करने हेतु सामग्री उपलब्ध करने में सहायता करना।
(2) बच्चों को व्यस्त रखने हेतु गतिविधियाँ बनाना।
(3) गृहकार्य की सामग्री जुटाना।
(4) बच्चों को अभिव्यत्ति के अवसर देना
Ans: (4) पाठ के अंत में अभ्यास और गतिविधियाँ देने का उद्‌देश्य है – बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर प्रदान करना। इससे पाठ का पुनरावलोकन होता है और बच्चों को अभिव्यत्ति का अवसर प्राप्त होता है।
Q6. भाषा अर्जित करने की प्रक्रिया में किसका महत्व सर्वाधिक है?
(1) पाठ्‌य-पुस्तक का
(2) भाषा-प्रयोगशाला का
(3) समाज का
(4) भाषा-कक्षा का
Ans: (3) भाषा अर्जित करने की प्रक्रिया में समाज का विशेष महत्व होता है।
Q7. एक समावेशी कक्षा में भाषा-शिक्षक को किस बिन्दु का सबसे अधिक ध्यान रखना चाहिए?
(1) सभी बच्चों को समान अपेक्षाएँ रखना।
(2) सभी बच्चों को समान गतिविधि में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना
(3) विविध प्रकार की दृश्य-श्रव्य सामग्री का उपयोग करना।
(4) सभी बच्चों को समान रूप से गृहकार्य देना।
Ans: (3) एक समावेशी कक्षा में भाषा-शिक्षक को विविध प्रकार की दृश्य-श्रृव्य सामग्री का उपयोग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
Q8. भाषा में आकलन की प्रक्रिया-
(1) केवल बच्चों का निष्पादन जानने के लिए होती है।
(2) सीखने-सिखाने के दौरान भी चलती है।
(3) केवल शिक्षक का निष्पादन जानने के लिए होती है।
(4) पाठ के अंत में दिए अभ्यासों के माध्यम से होती है।
Ans: (3) भाषागत आकलन की प्रक्रिया सीखने-सिखाने के दौरान भी चलती रहती है।
Q9. पढ़ना सीखने की प्रक्रिया में किसकी भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?
(1) पाठ्‌य-पुस्तक की
(2) बाल साहित्य के सार्थक प्रयोग की
(3) भाषा परीक्षाओं की
(4) भाषा प्रयोगशाला की
Ans: (2) ‘बाल साहित्य के सार्थक प्रयोग की’ पढ़ना सीखने की प्रक्रिया में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। (परीक्षा तिथि : 21 सितम्बर, 2014)
Q10. प्राथमिक स्तर पर भाषा-शिक्षण का उद्देश्य यह है कि-
(1) बच्चे विभिन्न स्थितियों में भाषा का प्रभावी प्रयोग कर सवें।
(2) बच्चे भाषा-परीक्षा में सदैव अंक लाएँ।
(3) बच्चे भाषा के व्याकरण को जान सवें।
(4) बच्चे मानक भाषा का प्रयोग करना जल्दी सीख जाएँ।
Ans: (1) प्राथमिक स्तर पर भाषा शिक्षण का महत्वपूर्ण उद्‌देश्य यह है कि बच्चे विभिन्न स्थितियों में भाषा का प्रभावी प्रयोग कर सके।
Q11. भाषा अर्जित करने में वाइगोत्स्की ने किस पर सबसे अधिक बल दिया है?
(1) परिवार में बोली जाने वाली भाषा पर
(2) समाज में होने वाले भाषा-प्रयोगों पर
(3) कक्षा में बोली जाने वाली भाषा पर
(4) भाषा की पाठ्‌य-पुस्तक पर
Ans: (2) वाइगोत्स्की ने समाज में होने वाले भाषा प्रयोगों पर सर्वाधिक बल दिया है।
Q12. बच्चे की भाषा का आकलन करने के लिए सबसे उचित तरीका क्या है?
(1) बच्चों से किताब पढ़वाना।
(2) बच्चों के भाषा-प्रयोग का अवलोकन करना।
(3) बच्चों से परियोजना-कार्य करवाना।
(4) बच्चों की लिखित परीक्षा लेना
Ans: (2) बच्चे की भाषा का आकलन करने के लिए सर्वाधिक उचित तरीका यह है कि बच्चों के भाषा प्रयोग का अवलोकन किया जाय।
Q13. प्राथमिक स्तर पर एक भाषा-शिक्षक से सर्वाधिक अपेक्षित है-
(1) कक्षा और कक्षा के बाहर बच्चों को भाषा-प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करना।
(2) बच्चों को मानक भाषा का प्रयोग करना सिखाना।
(3) बच्चों की निरंतर परीक्षाएँ लेना।
(4) पाठ्‌य-पुस्तक में दी गई सभी कहानी-कविताओं को कंठस्थ करना।
Ans: (1) प्राथमिक स्तर पर एक भाषा शिक्षक से सर्वाधिक उपेक्षित यह है कि कक्षा और कक्षा के बाहर बच्चों को भाषा प्रयोग करना सिखाये।
Q14. भाषा सीखने-सिखाने के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(1) बच्चे अपने परिवार से ही भाषा सीखते हैं।
(2) बच्चे स्कूल आकर ही भाषा सीखते हैं।
(3) बच्चे स्कूल में मानक भाषा का ही प्रयोग करते हैं।
(4) बच्चे स्कूल आने से पूर्व ही भाषायी पूँजी से लैस होते हैं।
Ans: (4) भाषा सीखने सिखाने के सम्बन्ध में दिये गये कथनों में सही कथन है – बच्चे स्कूल आने से पूर्व ही भाषायी पूँजी से युक्त होते हैं।
Q15. प्राथमिक स्तर पर भाषा सिखाने की सर्वश्रेष्ठ विधि है-
(1) बच्चों को पाठ्‌य-पुस्तक पर आधारित वीडियो कार्यक्रम दिखाना
(2) बच्चों को कहानी सुनाना
(3) बच्चों को भाषा का प्रयोग करने के विविध अवसर देना
(4) बच्चों के साथ कविता गाना
Ans: (3) प्राथमिक स्तर पर भाषा सीखने की सर्वश्रेष्ठ विधि है – बच्चों को भाषा का प्रयोग करने के विविध अवसर देना। इससे बच्चों में लेखन क्षमता का विकास होगा।
निर्देश : गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र.सं. 16 से 24) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। गुलजार जी, क्या लिखते समय पाठ आपके चिंतन में होते है?र्दिेंखिए, जब मैं लिखता हूँ, मेरे जेहन में मैं होता हूँ। मैं पहले यही तय करता हूँ। बात मुझे अपनी कहनी होती है। पाठक को सामने रखकर लिखने का कोई मतलब नहीं होता। दूसरी महत्वपूर्ण बात मैं महसूस करता हूँ वह है कम्युनिकेशन…अपनी बात को पाठक तक पहुँचाना,…. आर्ट ऑफ कम्युनिकेशन….हाँ मैं अपने लेखन को इस कसौटी पर रखता हूँ। मीडिया से जुड़े होने के कारण कहने के तरीके को लेकर मैं सोचता अवश्य हूँ विषय मेरे होते हैं, मेरी बात सही है या नहीं। आप अपनी ग्रोथ के साथ एक अहाता बनाते चलते हैं। हर फाइन आर्ट लोगों तक पहुँचनी ही चाहिए। संगीत हो, कला हो, या लेखन हो वो अपने लक्ष्य तक पहुँचनी चाहिए, कहने का ऐसा तरीका तो होना ही चाहिए।
Q16. जब गुलजार लिखते हैं तो विषय किसके होते है?
(1) स्वयं उनके
(2) फिल्म बनाने वालों के
(3) मीडिया के
(4) पाठकों के
Ans: (1) गुलजार का लेखन कार्य स्वयं अपने विषय में होता है, जो उनके जीवन में विशेष घटित स्थिति होती है, अपने लेखनी के माध्यम से दूसरों के बीच पहुँचाते हैं।
Q17. गुलजार के अनुसार लिखने वाले के जेहन में स्वयं लेखक होता है। इसका आशय यह है कि-
(1) लेखक को अपनी ग्रोथ चाहिए
(2) लेखक पाठक की उपेक्षा करता है।
(3) लेखक की संवेदनाएँ, आत्मानुभूमि वेंद्र में होती है।
(4) लेखक स्वयं को सर्वोपरि मानता है।
Ans: (3) गुलजार का मन्तव्य है कि लिखने वाले के जेहन में स्वयं लेखक होता है, वह अपनी संवेदनाओं एवं आत्मानुभूतियों को वेंद्रित कर लिपिबद्ध करता है।
Q18. एक लेखक के लिए दूसरी महत्वपूर्ण बात क्या है?
(1) कला
(2) मीडिया
(3) लेखन
(4) संप्रेषण
Ans: (4) लेखक का कार्य ही सम्प्रेषण का होता है। वह अपनी बात को लोगों के बीच लेखनी द्वारा पहुँचाता है।
Q19. किसी भी कला का लक्ष्य क्या है?
(1) मीडिया द्वारा सराहा जाए
(2) लोगों तक वह बात पहुँचे
(3) सरल भाषा का प्रयोग करना
(4) वह सुंदर तरीके से कही गई हो
Ans: (2) किसी भी कला का लक्ष्य यह होता है कि दूसरों तक उसकी अपनी बात पहुँचे।
Q20. गुलजार अपने लेखन को किस कसौटी पर कसते हैं?
(1) वह सब लोगों द्वारा सराही गई है या नहीं
(2) वह व्यंग्य भरे अंदाज में कही गई है या नहीं
(3) मेरी ग्रोथ हो रही है या नहीं
(4) वह बात पाठक तक पहुँच रही है या नहीं
Ans: (4) गुलजार के अपने लेखन को इस कसौटी पर कसते हैं कि उनकी लिखी गई बात जनमानस तक पहुँच रही है या नहीं। लोगों के बीच अपनी बात को पहुँचाना ही उनके लेखन का उद्‌देश्य है।
Q21. गुलजार लिखने से पहले क्या तय करते हैं।
(1) कैसे कहना है
(2) क्या कहना है
(3) क्यों कहना है
(4) किसके लिए कहना है
Ans: (2) गुलजार लिखने से पूर्व यह निश्चित करते हैं कि उन्हें क्या कहना है? अर्थात्‌ लेखन का विषय क्या होगा?
Q22. ‘जेहन’ का अर्थ है –
(1) खयाल
(2) दिमाग
(3) सपना
(4) दिल
Ans: (2) ‘जेहन’ का अर्थ दिमाग है जबकि ‘खयाल’ का अर्थ विचार है।
Q23. ‘संगीत’ से विशेषण शब्द बनेगा
(1) संगीतवाला
(2) संगीतज्ञ
(3) संगीतवान
(4) संगीता
Ans: (2) ‘संगीत’ से विशेषण शब्द बनेगा – संगीतज्ञ।
Q24. ‘कहने का ऐसा तरीका तो होना ही चाहिए।’ वाक्य में निपात शब्द हैं
(1) ही, ऐसा
(2) तो, का
(3) तो, ही
(4) ऐसा, तो
Ans: (3) ‘‘कहने का ऐसा तरीका तो होना ही चाहिये’’ इस वाक्य में निपात शब्द है – तो, ही।
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र. सं. 25 से 30) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जब नहीं था इन्सान धरती पर थे जंगल, जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती नाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सानों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे
Q25. धरती पर इन्सान के आने के बाद क्या हुआ?
(1) पक्षी घटने लगे
(2) जानवर घटले लगे
(3) जंगल घटने लगे
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (4) धरती पर इंसान के आने के बाद जानवरों की संख्या में गिरावट हुई, जंगल घटने लगे और पक्षियों की संख्या भी घटने लगी।
Q26. ‘इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा’ का भाव है-
(1) इन्सान खूब बड़ा होने लगा
(2) इन्सान खूब तेज भागने लगा
(3) इन्सान अपने पैरों पर चलने लगा
(4) इन्सान खूब तरक्की करने लगा
Ans: (4) इंसान बढ़ने लगा बेतहाशा से आशय है – इंसान खूब तरक्की करने लगा।
Q27. प्रकृति किसके प्रति नाइंसाफी नहीं करती?
(1) इन्सानों के प्रति
(2) पशु-पक्षियों के प्रति
(3) जंगल के प्रति
(4) उपर्युत्त सभी के प्रति
Ans: (4) प्रकृति, पशु-पक्षियों, इंसानों एवं जंगल के प्रति नाइंसाफी नहीं करती।
Q28. कविता के अंत में क्या व्यंग्य किया गया है?
(1) इन्सानों के भीतर जंगल की तरह पेड़ उग आए हैं
(2) इन्सानों में अब इंसानियत खत्म हो गई है
(3) इन्सानों ने जंगल उगाना शुरू कर दिया है
(4) प्रकृति ने इन्सानों के प्रति नाइंसाफी की
Ans: (2) कविता के अंत में इंसानों की इंसानियत खत्म हो गयी है, इस बात का व्यंग्य किया जाता है। कहने का आशय कि निज स्वार्थ साधना में परमार्थ का कोई मूल्य नहीं रह गया है।
Q29. ‘अब कहाँ जाते जंगल’ का भाव है कि-
(1) अब जंगल समाप्त होने लगे
(2) अब जंगल खूब बढ़ने लगे
(3) जब जंगलों में परिंदे नहीं रहते
(4) अब जंगल कहीं जाने लायक नहीं रहे
Ans: (1) ‘‘अब कहाँ जाते जंगल’’ का आशय – अब जंगल समाप्त होने लगे।
Q30. ‘जंगल’ का पर्यायवाची नहीं है
(1) कानन
(2) वन
(3) अरण्य
(4) बगीचा
Ans: (4) दिये गये विकल्पों में जंगल का पर्याय बगीचा नहीं होता। कानन, वन और अरण्य जंगल पर्यायवाची शब्द हैं।
निर्देश : (प्र. सं. 19) निम्न गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में से सबसे उचित विकल्प को चुनिए। गद्यांश 22 दिसम्बर, 1939 को श्री धनसिंह नागरकोटी का घर रिसने लगा। मल्ली ताल में दाहिनी ओर बने कुछ घर भी रिसने लगे। जाड़ों के दिनों में रिसना कम ही होता था पर अबकी पता नहीं क्यों पहाड़ी पर बने घरों में भी इस रिसाव के कारण ठण्ड का प्रभाव कुछ ज्यादा ही होने लगा। सन्तोष की बात थी कि शाम तक पानी का जोर हल्का पड़ने लगा। पर रात को जो बर्फ गिरनी शुरू हुई तो अगले दो दिन तक थमने का नाम ही नहीं लिया। 24 दिसम्बर की शाम तक आकाश खुल गया और लोग ‘ह्वाइट क्रिसमस’ या ‘श्वेत बड़ा दिन’ मनाने की तैयारी में जुट गए। बड़ा दिन जब आया तो सूर्यदेव के दर्शन हुए। छतों पर की बर्फ खिसक-गिरकर घरों के सामने जमा हो गई थी। उसे हटाकर रास्ता साफ किया गया। पिघलती बर्फ के कारण हाड़ कँपाने वाली सर्दी में भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे परस्पर क्रिसमस की शुभकामनाएँ और डालियों का आदान-प्रदान करने लगे। तापमान शून्य से तीन डिग्री नीचे हो गया था। पानी की आपूर्ति नलों के भीतर पानी के जमने से उनके फट जाने से रूक गई थी।

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