You are here
Home > QB Subjectwise > 014 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

014 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. जिन्हें हम भारतीय वाद्ययन्त्र कहते हैं
(1) उनमें से कुछ भारत के और कुछ बाहर के हैं
(2) वे कहीं और से आए हैं
(3) वे चीन और इण्डोनेशिया के हैं
(4) वे भारत में ही जन्मे हैं
Ans : (1) आज जिन्हें हम भारतीय वाद्ययन्त्र कहते हैं उनमे से कुछ भारत के और कुछ भारत के बाहर से आये हुए हैं। सम्पूर्ण भारत के विशाल भू-खण्ड पर अनेक प्रकार के वाद्ययंत्र प्रचलित हैं, लेकिन सभी वाद्ययंत्र की उत्पत्ति भारत में ही नहीं हुई है, बल्कि कुछ बाहर से भी आये हुए हैं।
Q2. कौन-सा भारतीय वाद्ययन्त्र मिदाा, चीन, जापान आदि की संस्कृति में भी विद्यमान है?
(1) झाँझ
(2) तबला
(3) वीणा
(4) बाँसुरी
Ans : (3) भारतीय वाद्ययन्त्रों में वीणा जो मिदाा, चीन, जापान आदि देशों की संस्कृति में भी वैसे ही विद्यमान है जैसे की भारत की संस्कृति में विद्यमान है।
Q3. कौन-सा कथन असत्य है?
(1) कुछ वाद्ययन्त्र ‘गज’ से बजाए जाते हैं
(2) तमिलनाडु और केरल के वाद्ययन्त्र सबसे प्रसिद्ध हैं
(3) प्राचीन भारतीय वाद्ययन्त्र इण्डोनेशिया में भी प्रयुत्त होते है
(4) भारत में अनेक प्रकार के वाद्ययन्त्र प्रचलित हैं
Ans : (2) प्रस्तुत गद्यांश में यह कहीं पर भी उल्लेखित नहीं है कि तमिलनाडु और केरल के वाद्ययन्त्र सबसे प्रसिद्ध हैं। अतः यह तथ्य असत्य है जबकि अन्य सभी तथ्य सत्य हैं।
Q4. गद्यांश के अनुसार, सभ्यता और संस्कृति का इतिहास जानने में सहायक हैं-
(1) वाद्ययन्त्र
(2) साहित्यिक ग्रन्थ
(3) कलाकार
(4) प्राचीन यन्त्र
Ans : (1) गद्यांश के अनुसार वाद्ययन्त्र भी सभ्यता और संस्कृति का इतिहास जानने में सहायक हैं।
5. ‘भारतीय’ शब्द व्याकरण की दृष्टि से है
(1) विशेषण
(2) सर्वनाम
(3) क्रिया
(4) संज्ञा
Ans : (1)
5.‘भारतीय’ शब्द व्याकरण की दृष्टि से विशेषण है जबकि ‘भारत’ व्याकरण की दृष्टि से संज्ञा होगा।
Q6. किस शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों है?
(1) शीघ्रता
(2) भारतीय
(3) विशाल
(4) प्रचलित
Ans : (4) ‘प्रचलित’ शब्द में उपसर्ग एवं प्रत्यय दोनों का प्रयोग हुआ है। प्रचलित में ‘प्र’ उपसर्ग तथा ‘इत’ प्रत्यय तथा ‘चल’ मूल शब्द है। उपसर्ग- ‘उपसर्ग’ उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। प्रत्यय-शब्दों के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।
Q7. वेदों में चर्चित कुछ वाद्ययन्त्रों के प्रमाण मिले है
(1) सुमेरी संस्कृति में
(2) हड़प्पा सभ्यता में
(3) पुराणों में
(4) भारतीय सभ्यता में
Ans : (2) भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का इतिहास जानने का एक माध्यम वाद्ययन्त्र भी हैं। वेदों में उल्लिखित वाद्ययन्त्रों के प्रमाण हड़प्पा सभ्यता में प्राप्त हुए हैं।
Q8. ‘जन्म’ शब्द का समानार्थी है-
(1) उल्लेख
(2) उत्पत्ति
(3) विद्यमान
(4) प्रयुत्त
Ans : (2) ‘जन्म’ शब्द का समानार्थी ‘उत्पत्ति’ होगा। पैदाइश, उद्‌गम, उद्‌भव, आविर्भाव आदि ‘जन्म’ के अन्य समानार्थी है।
Q9. ‘भू-खण्ड’ शब्द से समास है-
(1) द्वन्द्व
(2) कर्मधारय
(3) द्विगु
(4) तत्पुरुष
Ans : (4) ‘भू-खण्ड’ शब्द में तत्पुरुष समास है। तत्पुरुष समास में अन्तिम पद प्रधान होता है। इस समास में साधारणतः प्रथम पद विशेषण और द्वितीय पद विशेष्य होता है। द्वितीय पद, अर्थात बाद वाले पद के विशेष्य होने के कारण इस समास में उसकी प्रधानता रहती है। कर्मधारय समास- कर्मधारय का प्रथम पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है अर्थात्‌ विशेषण + विशेष्य (संज्ञा) कर्मधारय। इसके अतिरिक्त कर्मधारण समास में दोनों पदों के मध्य उपमेय- उपमान का भी सम्बन्ध पाया जाता है। द्वन्द्व समास- जिसके दोनों पद प्रधान हों दोनों सज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास कहलायेगा। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच ‘और’ अथवा ‘या’ जैसे-योजक शब्दों का प्रयोग होता है। द्विगु समास- जिस सामासिक पद का पूर्वपद संख्या बोधक हो वह द्विगु समास कहलाता है।
निर्देशः (प्र. सं. 1014) नीचे दिए गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुत्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
Q10. बच्चे के स्कूल की भाषा और घर एवं पड़ोस की भाषा में……….होना/होनी चाहिए।
(1) समरूपता
(2) जुड़ाव
(3) समरसता
(4) अलगाव
Ans : (1) बच्चे के स्कूल की भाषा और घर एवं पड़ोस की भाषा में समरुपता होनी चाहिए। समरुपता का अर्थ है समान रूप या प्रारूप वाली अर्थात्‌ एक समान भाषा। स्कूल एवं घर तथा आसपास की भाषा एक समान होने से बच्चे का ज्ञानवर्द्धन आसानी से होता है।
Q11. भाषा की पाठ्‌य-पुस्तक में एक पाठ एकांकी के रूप में है, आप –
(1) शिक्षार्थियों से एकांकी पढ़वाने के बाद उसका मंचन करवाएँगी
(2) एकांकी में आए पात्रों के संवाद याद करवाएँगी
(3) एकांकी के मुख्य संवाद लिखवाएँगी
(4) हाव-भाव के साथ एकांकी पढ़कर सुनाएँगी
Ans : (4) भाषा की पाठय-पुस्तक में एक पाठ एकांकी के रूप में आप (अध्यापक) हाव-भाव के साथ एकांकी पढ़कर सुनाएँगी। एकांकी एक दृश्य-श्रव्य, विधा है। हाव-भाव के साथ एकांकी का पाठ करने पर एकांकी का मूल भाव प्रकट होता है।
Q12. लिखना एवं पढ़ना सीखने के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सबसे उपयुत्त है?
(1) लिखना सीखने की तुलना में पढ़ना सीखना जटिल है
(2) पढ़ना सीखने की तुलना में लिखना सीखना जटिल है
(3) दोनों कौशल एक-एक करके सीखे जाते हैं
(4) लिखना और पढ़ना सीखना समान रूप से अन्तः सम्बन्धित है
Ans : (4) लिखना एवं पढ़ना सीखना समान रूप से अन्तः सम्बन्धित है। बालक अक्षरों को पहचानता है और लिखने के अभ्यास के द्वारा उसे आत्मसात करता है। ‘लिखना और पढ़ना’ के अन्तः सम्बन्धित होने के ही कारण जिसे लिखना आता है, उसे पढ़ना भी आता है और जिसे पढ़ना आता है उसे लिखना भी आता है।
Q13. द्वितीय भाषा सीखने के सन्दर्भ में सबसे कम महत्वपूर्ण है-
(1) भाषा की परीक्षा
(2) अभिभावक से प्राप्त प्रोत्साहन
(3) अभिवृत्ति
(4) शिक्षक का रवैया
Ans : (2) विद्यार्थी को द्वितीय भाषा सीखने में महत्वपूर्ण कारक अभिवृत्ति, भाषा की परीक्षा तथा शिक्षक का रवैया होता है। जबकि अभिभावक से प्राप्त प्रोत्साहन सबसे कम महत्वपूर्ण कारक है।
Q14. पद्य, गद्य और नाटक हमारी……संवेदना को धार प्रदान करने के साथ-साथ हमारे जीवन के… पहलू को समृद्ध करते हैं।
(1) भाषिक, ज्ञानात्मक
(2) भाषिक, सौन्दर्यात्मक
(3) सांस्कृतिक साहित्यिक
(4) सांस्कृतिक, भौतिक
Ans : (3) पद्य, गद्य और नाटक हमारी सांस्कृतिक संवेदना को धार प्रदान करने के साथ-साथ हमारे जीवन के साहित्यिक पहलू को समृद्ध करते हैं।
Q15. कोई एक भाषा…..लिपि/लिपियाँ में लिखी जा सकती है, हाँ, उसमें थोड़ा फेरबदल हो सकता है।
(1) सभी
(2) तीन
(3) सीमित
(4) एक
Ans : (4) कोई भी एक भाषा एक ही लिपि में लिखी जा सकती है। एक से अधिक लिपि किसी भी भाषा की नही होती है।
Q16. वाणी और लेखन में मूल अन्तर यह है कि लिखित भाषा…… स्तर पर देखी जाती है और…… होती है।
(1) अचेतन, स्वाभाविक
(2) चेतन, स्वाभाविक
(3) अचेतन, कालबद्ध
(4) सचेतन, कालबद्ध
Ans : (4) वाणी और लेखन में मूल अन्तर यह है कि लिखित भाषा सचेतन स्तर पर देखी जाती है और कालबद्ध होती है।
Q17. भाषा-कक्षा में समावेशी वातावरण का निर्माण करने के लिए जरूरी है कि –
(1) बच्चों को विविध दृश्य-श्रव्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए
(2) बच्चों की सभी आवश्यकताओं को पूर्ण किया जाए
(3) बच्चों के प्रति अति उदारवादी दृष्टिकोण रखा जाए
(4) बच्चों को विविध भाषाओं को पढ़ाया जाए
Ans : (4) भाषा कक्षा में समावेशी वातावरण का निर्माण करने के लिए जरूरी है कि बच्चों को विविध भाषाओं को पढ़ाया जाए।
Q18. उच्च प्राथमिक स्तर पर हिन्दी भाषा-शिक्षण का सर्वाधिक सम्बन्ध है –
(1) हिन्दी की व्याकरणिक व्यवस्था को जानने से
(2) पढ़ी सामग्री के बारे में आलोचनात्मक चिन्तन से
(3) सृजनात्मक लेखन की अनिवार्यता से
(4) हिन्दी की ध्वनियों को सिखाने से
Ans : (1) उच्च प्राथमिक स्तर पर हिन्दी भाषा-शिक्षण का सर्वाधिक सम्बन्ध हिन्दी की व्याकरणिक व्यवस्था को जानने से है। पढ़ी सामग्री का आलोचनात्मक चिंतन, सृजनात्मक लेखन उच्च प्राथमिक स्तर का विषय नहीं है। अक्षरों को पहचानकर संगत ध्वनियों का उच्चारण प्राथमिक कक्षा का पाठ्‌यक्रम है।
Q19. भाषा नियमों द्वारा नियन्त्रित…………का माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच को भी निर्मित करती है।
(1) संस्कृति
(2) सौन्दर्यबोध
(3) सम्प्रेषण
(4) कला
Ans : (3) भाषा नियमों द्वारा नियन्त्रित सम्प्रेषण का माध्यम भर नहीं है बल्कि हमारी सोच को भी निर्मित करती हैं। भाषा का ज्ञान मानव जीवन को परिष्कृत करता है तथा उसमें तार्किकता का निर्माण करता है। भाषा के माध्यम से मानव अपनी कला, संस्कृति तथा ज्ञान को व्यत्त करता है। भाषा मानव जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाग है।
Q20. पूनम अपने विद्यार्थियों को पढ़ाते समय दृश्य-श्रव्य सामग्री का प्रयोग करती है। इसका प्रमुख कारण है कि वह कक्षा के –
(1) सभी बच्चों को नियन्त्रण में रखती है
(2) सभी बच्चों की आवश्यकताओं को सम्बोधित करती है
(3) सभी बच्चों की रुचि का ध्यान रखती है
(4) सभी बच्चों का मनोरंजन करती है
Ans : (3) यदि कोई अध्यापक/अध्यापिका अपने विद्य़ार्थियों को पढ़ाते समय दृश्य-श्रव्य सामग्री का प्रयोग करते/करती है तो इसका प्रमुख कारण यह है कि वे अपने कक्षा के सभी विद्यार्थियों (छात्र/छात्रा) की रुचि का ध्यान रखते/रखती हैं।
Q21. कक्षा आठ के बच्चों का सतत्‌ आकलन करने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है-
(1) भाषा प्रयोग की क्षमता
(2) लिखित परीक्षा
(3) मौखिक परीक्षा
(4) व्याकरण की जानकारी
Ans : (1) भाषा प्रयोग की क्षमता द्वारा कक्षा आठ के बच्चों का सतत्‌ आकलन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। भाषा प्रयोग की क्षमता द्वारा अध्यापक प्रत्येक छात्र की क्षमता तथा भाषा की जानकारी का आकलन कर सकता है। जबकि लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा तथा व्याकरण की जानकारी छात्र में भाषा के वस्तुनिष्ठ ज्ञान परीक्षण के लिए सहायक अंग है।
Q22. ‘‘बच्चे की भाषा समाज के साथ सम्पर्क का ही परिणाम है।’’ यह विचार किसका है?
(1) चॉक्स्की
(2) पियाजे
(3) स्किनर
(4) वाइगोत्स्की
Ans : (4) वाइगोत्स्की के अनुसार- ‘‘बच्चे की भाषा समाज के साथ सम्पर्क का ही परिणाम है।’’
Q23. भाषा अर्जित करने की स्थिति में बच्चे –
(1) कभी कोई त्रुटि नहीं करते
(2) भाषिक नियमों को स्वाभाविक रूप से रटते हैं
(3) अधिकतर त्रुटियां ही करते हैं
(4) भाषिक नियमों को स्वाभाविक रूप से ग्रहण करते हैं
Ans : (4) भाषा अर्जित करते समय विद्यार्थी भाषिक नियमों को स्वाभाविक रूप से ग्रहण हैं। एक बार भाषा के नियमों को कठंस्थ कर लेने के उपरान्त छात्र/छात्रा उसका प्रयोग लिखित एवं मौखिक रूप से करते हैं। भाषा के नियम अर्थात्‌ व्याकरण भाषा को परिमार्जित बनाते हैं।
Q24. रमेश सातवीं कक्षा में पढ़ता है। वह सामान्य बातचीत में ठीक है, लेकिन पढ़ते समय वह बार-बार अटकता है। यह सम्भवतः…….. से ग्रस्त है।
(1) डिस्ग्राफिया
(2) डिस्कैल्कुलिया
(3) डिस्लैक्सिया
(4) डिस्फेजिया
Ans : (3) यदि कोई विद्यार्थी सामान्य बातचीत में ठीक है लेकिन पढ़ते समय वह बार-बार अटकता है तो वह विद्यार्थी सम्भवतः डिस्लैक्सिया नामक बीमारी से ग्रसित है।
निर्देश : (प्र. सं. 2530) निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुत्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए। न अवरोध कोई, न बाधा कहीं है न संदेह कोई, न व्यवधान कोई बहुत दूर से हैं दिशाएँ बुलातीं नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई दिशाएँ निमन्त्रण मुझे दे रही है, दिगन्तर खुला सिर्फ मेरे लिए है। नहीं कुछ यहाँ राह जो रोक पाए न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए अजानी हवा में उड़ा जा रहा हूँ वियज गीत मेरा गगन मस्त गाए हृदय में यही कह रहा बात कोई, धरा और गगन सिर्फ तेरे लिए है।
Q25. कवि को कोई कह रहा है कि
(1) धरती और आसमान उसके लिए है
(2) बाधाओं से दूर रहना चाहिए
(3) लक्ष्य अभी बहुत दूर है
(4) अजानी हवा में उड़ों
Ans : (1) प्रस्तुत काव्यांश में कवि को कोई कह रहा है कि धरती (धरा) और आसमान (गगन) सिर्फ उसके लिए है।
Q26. कविता में दो समानार्थी शब्द एक वाक्य में आए है। वह वाक्य कौन-सा है?
(1) न अवरोध कोई, न बाधा कहीं है
(2) धरा और गगन सिर्फ तेरे लिए है
(3) न सन्देह कोई, न व्यवधान कोई
(4) अजानी हवा में उड़ा जा रहा हूँ
Ans : (1) कविता में अवरोध एवं बाधा से समानार्थी शब्दों का प्रयोग हुआ है। इसके लिए वाक्य ‘न अवरोध कोई न बाधा कहीं है’ का प्रयोग हुआ है जबकि धरा का विपरीत शब्द गगन होता है।
Q27. कवि को कौन निमन्त्रण दे रहा है?
(1) हवा
(2) दिशाएँ
(3) गगन
(4) दिगन्तर
Ans : (2) काव्यांश में कवि को दिशाएँ निमन्त्रण दे रही हैं। दिशाएँ कह रही है कि पथ पर कोई अवरोध तथा कोई व्यवधान नहीं है। आज सम्पूर्ण दिशाएँ कवि को बुला रही हैं तथा कोई पथ अनजान नहीं है, सम्पूर्ण विश्व कवि के लिए खुला हुआ है।
Q28. अर्थ की दृष्टि से शेष से भिन्न शब्द छाँटिए।
(1) पथ
(2) धरा
(3) डगर
(4) राह
Ans : (2) अर्थ की दृष्टि से पथ, डगर तथा राह तीनों परस्पर समानार्थी शब्द है किन्तु धरा, धरती, पृथ्वी का पर्यायवाची होता है। अतः धरा अर्थ दृष्टि से शेष से भिन्न शब्द है।
Q29. कवि का विजय गीत कौन गा रहा है?
(1) धरती
(2) आकाश
(3) दिशाएँ
(4) हवा
Ans : (2) काव्यांश में कवि का विजय गीत आकाश गा रहा है। आकाश ने कवि के लिए सम्पूर्ण विश्व (धरा तथा गगन) को स्वतन्त्र का दिया है। कवि कहीं आ-जा सकता है उसको किसी प्रकार की बाँधा, व्यवधान एवं डर का सामना नहीं करना पड़ेगा।
Q30. ‘कोई’ शब्द व्याकरण की दृष्टि से है
(1) विशेषण
(2) सर्वनाम
(3) अव्यय
(4) क्रिया
Ans : (2) ‘कोई’ शब्द व्याकरण की दृष्टि से सर्वनाम है। सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते हैं, जो पूर्वापर सम्बन्ध से किसी भी संज्ञा के बदले आता है। विशेषण-जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताएँ उसे विशेषण कहते हैं। जिसकी विशेषता बताई जाए, वह विशेष्य कहलाता है। क्रिया- जिस शब्द से किसी काम का करना या होना समझा जाए, उसे क्रिया कहते हैं। अव्यय-अव्यय ऐसे शब्द का कहते हैं जिसके रूप में लिंग, वचन, पुरूष, कारक इत्यादि के कारण कोई विकार उत्पन्न नहीं होता है।
निर्देश (प्र. सं. 19) नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प चुनिए। स्थूल एवं बाह्य पदार्थ एवं मानसिक पदार्थों एवं भावों की अपेक्षा अधिक महत्व के विषय नहीं है। जो व्यत्ति रचनात्मक कार्य करने में समर्थ है, उसे भौतिक स्थूल लाभ अथवा प्रलोभन न तो लुभाते हैैं और न ही प्रोत्साहित करते हैैं। विश्व में विचारक दस में से एक ही व्यत्ति होता है। उसमें भौतिक महत्वाकांक्षाएँ अत्यल्प होती हैैं। ‘पूँजी’ का रचयिता कार्ल मार्क्स जीवनभर निर्धनता से जूझता रहा। राज्याधिकारियों ने सुकरात को मरवा डाला, पर वह जीवन के अन्तिम क्षणों में भी शान्त था, क्योंकि वह अपने जीवन के लक्ष्य का भली-भाँति निर्वाह कर चुका था। यदि उसे पुरस्कृत किया जाता, प्रतिष्ठा के अम्बारों से लाद दिया जाता, परन्तु अपना काम न करने दिया जाता तो निश्चय ही वह अनुभव करता कि उसे कठोर रूप में दण्डित किया गया है। ऐसे अनेक अवसर आते हैं जब हमें बाहरी सुख-सुविधाएँ आकर्षित करती हैं, वे अच्छे जीवन के लिए अनिवार्य लगने लगती हैं, किन्तु महत्वपूर्ण यह है कि क्या हमने जीवन का उद्देश्य प्राप्त कर लिया?र्यिंदि इसका उत्तर हाँ है, तो बाह्य वस्तुओं का अभाव नहीं खलेगा और यदि नहीं है, तो हमें अपने को भटकने से बचाना होगा और लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा।

Top
error: Content is protected !!