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013 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. ‘कुछ भी कहा जाता नहीं’ – ऐसा क्यों?
(1) बन्धन और बेबसी के कारण
(2) साधन सुविधाओं के अभाव के कारण
(3) गूँगा होने के कारण
(4) भीतर के घावों के कारण
Ans: (1) काव्यांश में कवि कहता है कि बंधन और बेबसी के कारण कुछ भी नही कहा जाता है।
Q2. कविता की पंत्तियों में मुख्यतः बात की गई है-
(1) घावों के हरे-भरे होने की
(2) कुछ भी न कह पाने की विवशता की
(3) गूँगा-बहरा होने की
(4) साधन-सुभीतों की
Ans: (2) कविता की पंत्तियों में मुख्यतः कुछ भी न कह पाने की विवशता की बात की गई।
Q3. ‘रीते’ शब्द से भाव है–
(1) परायेपन का
(2) अपनेपन का
(3) खालीपन का
(4) खोलखलेपन का
Ans: (3) रीते शब्द से भाव खालीपन से होता है। काव्यांश में वाक्य ‘साधन-सुभीतों में ज्यादा ही रीते हैं।’ से स्पष्ट है कि रीते शब्द का आशय ‘खालीपन’ है।
Q4. कविता की पंत्तियों के आधार पर कहा जा सकता है कि–
(1) कवि घावों के गहरे होने से दुःखी है
(2) कवि कुछ भी कहने या सुन पाने की स्थिति में नहीं है
(3) कवि के जीवन में बहुत अभाव है
(4) कवि कुछ भी करने की स्थिति में नहीं है
Ans: (1) कविता की पंत्तियों के आधार पर कहा जा सकता है कि कवि घावों के गहरे होने से दुःखी है। कवि शरीर के आन्तरिक घावों की बात करता है जो बाहर से दिखाई नही पड़ते हैं, परन्तु अन्दर बहुत बड़े घाव होते हैं।
Q5. ‘ड्‌योढ़ी’ का अर्थ है–
(1) देहरी
(2) घर
(3) दरवाजा
(4) चौखट
Ans: (3) काव्यांश के अनुसार ड्‌योढ़ी का अर्थ दरवाजा से है।
Q6. ‘भीतर के घाव’ से तात्पर्य है–
(1) घर के भीतर की अशान्ति
(2) शारीरिक क्षति
(3) हृदय की पीड़ा
(4) अन्दरूनी चोट
Ans: (3) काव्यांश में भीतर के घाव से तात्पर्य है हृदय की पीड़ा। कवि बाहर से हँसता रहता तथा प्रसन्न रहता है, लेकिन अन्तःमन सदैव भयानक पीड़ा से ग्रसित है।
निर्देश (प्र सं. 711) : नीचे दिए गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
Q7. भाषा सीखने का उद्देश्य है–
(1) आदेश-निर्देश दे पाना और सुन पाना
(2) प्रत्येक स्थिति में भाषा का प्रयोग कर पाना
(3) दूसरों की बातों को समझ पाना
(4) अपने मन की बात कह पाना
Ans: (2) भाषा सीखने का उद्देश्य प्रत्येक स्थिति में भाषा का प्रयोग कर पाना होता है। किसी विद्यार्थी को भाषा का ज्ञान इसलिए दिया जाता है कि वह भाषा सीख कर उस भाषा का शिक्षण गतिविधियों में तथा अपने जीवन में प्रयोग कर सके।
Q8. ‘‘बच्चों के भाषायी विकास में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।’’ यह विचार किसका है?
(1) स्किनर
(2) पियाजे
(3) चॉम्स्की
(4) वाइगोत्सकी
Ans: (4) वाइगोत्स्की का विचार है कि ‘‘बच्चों के भाषायी विकास में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
Q9. विद्यार्थियों का भाषायी विकास समग्रता से हो सके, इसके लिए सबसे उपयुक्त अनुशंसा होगी–
(1) भाषा प्रयोग के विविध अवसरों की
(2) शब्दकोष एवं विश्वकोष के प्रयोग की
(3) सतत एवं व्यापक आकलन की
(4) सर्वोत्कृष्ट पाठ्य-पुस्तकों की
Ans: (3) विद्यार्थियों का भाषायी विकास समग्रता से ही सके, इसके लिए सबसे उपयुक्त अनुशंसा सतत एवं व्यापक आकलन की है।
Q10. लिखित भाषा का प्रयोग–
(1) कार्यालयी कार्यों के लिए ही किया जाता है
(2) केवल प्रतिवेदन-लेखन के लिए किया जाता है
(3) अपनी अभिव्यत्ति के लिए किया जाता है
(4) केवल साहित्य सृजन के लिए किया जाता है
Ans: (3) लिखित भाषा का प्रयोग व्यत्ति द्वारा अपनी अभिव्यत्ति के लिए किया जाता है। लिखित भाषा के प्रयोग द्वारा व्यत्ति अपने विचारों, भावों तथा अन्य समस्त प्रकार क्रिया-कलाप को लिखित रूप में अभिव्यक्त कर सकता है।
Q11. भाषा की कक्षा में भाषायी खेलों का आयोजन मुख्यतः
(1) आकलन का काम करता है
(2) भाषा सीखने की प्रक्रिया में स्वाभाविकता लाता है
(3) रोचकता और जोश लाता है
(4) अध्यापक के काम को सरल बनाता है
Ans: (3) भाषा की कक्षा से भाषायी खेलों का आयोजन मुख्यतः रोचकता और जोश लाता है। आपकी भाषा से विद्यार्थी के लगाव तथा जानकारी अधिक होती है जिसके कारण इस प्रकार के आयोजनों से रोचकता तथा जोश पैदा होती है।
Q12. कविता-कहानियों पर चर्चा करने एवं प्रश्न पूछने का उद्देश्य–
(1) कल्पनाशीलता का पोषण करना मात्र है
(2) भाषा की विभिन्न छटाओं का अनुभव कराना है
(3) भाषा सीखने का आकलन करना मात्र है
(4) साहित्य के प्रति बच्चों की रुचि जाग्रत करना है
Ans: (1) कविता-कहानियों पर चर्चा करने एवं प्रश्न पूछने का उद्देश्य छात्रों में कल्पनाशीलता का पोषण करना मात्र है। कविता तथा कहानियाँ विद्यार्थियों को रोचक लगती हैं। जिसके कारण चर्चा की गई कविता-कहानियाँ उनकी कल्पनाशीलता को बढ़ाती हैं।
Q13. भाषा का अस्तित्व एवं विकास ––– के बाहर नहीं हो सकता।
(1) साहित्य
(2) परिवार
(3) समाज
(4) विद्यालय
Ans: (3) भाषा का अस्तित्व एवं विकास समाज के बाहर नही हो सकता। किसी भी भाषा का विकास एवं पोषण समाज में ही होता है। भाषा एक संचित कौशल है, जिसका संचय समाज से ही होता है।
Q14. किसी समावेशी कक्षा में कौन-सा कथन भाषा-शिक्षण के सिद्धांतों के अनुकूल है?
(1) बच्चे अपने अनुभवों के आधार पर भाषा के नियम नहीं बना पाते
(2) प्रिन्ट-समृद्ध माहौल भाषा सीखने में मदद करता है
(3) भाषा विद्यालय में रहकर अर्जित की जाती है
(4) व्याकरण के नियमों का ज्ञान भाषा-विकास की गति त्वरित करता है
Ans: (1) किसी समावेशी कक्षा में बच्चे अपने अनुभवों के आधार पर भाषा के नियम नही बना पाते हैं। कथन भाषा शिक्षण के सिद्धांतों के अनुकूल है।
Q15. प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों के भाषा-शिक्षण के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सही है?
(1) बच्चे समृद्ध भाषिक परिवेश में सहज रूप से स्वतः भाषा में सुधार कर सकते हैं
(2) सतत्‌ रूप से की जाने वाली टिप्पणियाँ एवं अनवरत अभ्यास भाषा सीखने में रुचि उत्पन्न करते हैं
(3) बच्चों की भाषाई संकल्पनाओं और विद्यालय के भाषाई परिवेश में विरोधाभासी भाषा सीखने में मदद करता है
(4) बच्चे भाषा की जटिल और समृद्ध संरचनाओं का ज्ञान विद्यालय में ही अर्जित करते हैं
Ans: (4) प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थी भाषा को जटिल और समृद्ध संरचनाओं का ज्ञान विद्यालय में ही अर्जित करते हैं। विद्यार्थी विद्यालय में भाषा के व्याकरण सम्बन्धी नियमों को सीखते हैं तथा उनका व्यवहारिक प्रयोग करते हैं।
Q16. प्राथमिक स्तर की कक्षा में भिन्न-भिन्न प्रान्तों के अलग- अलग भाषा बोलने वाले बच्चों का नामांकन हुआ है। ऐसी स्थिति में भाषा की कक्षा बच्चों के भाषायी विकास के सन्दर्भ में–
(1) अवरोध ही प्रस्तुत करती है
(2) जटिल चुनौती के रूप में सामने आती है
(3) बहुत बड़ी समस्या बन जाती है
(4) अनमोल संसाधन के रूप में कार्य करती है
Ans: (2) प्राथमिक स्तर ही कक्षा में यदि विभिन्न प्रान्तों के अलग- अलग भाषा बोलने वाले बच्चो का नामांकन हुआ है तो ऐसी स्थिति में भाषा की कक्षा में बच्चों के भाषायी विकास जटिल चुनौती के रूप में सामने आती है, क्योंकि इस स्तर के विद्यार्थी को प्रत्येक प्रान्त की भाषा का ज्ञान नही होता है।
Q17. पहली कक्षा की भाषा अध्यापिका अपने एक विद्यार्थी के भाषायी विकास के सम्बन्ध में चिन्तित है, क्योंकि
(1) विद्यार्थी को घर पर बात करने के बहुत कम अवसर मिलते हैं।
(2) विद्यार्थी पठन-पाठन में रूचि प्रदर्शित नहीं करता है
(3) विद्यार्थी के माता और पिता की मातृभाषा अलग-अलग है
(4) विद्यार्थी अपने साथियों से बहुत झगड़ता है
Ans: (2) विद्यार्थी द्वारा पठन-पाठन में रूचि प्रदर्शित नहीं करने के कारण पहली कक्षा की भाषा अध्यापिका अपने एक विद्यार्थी के भाषायी विकास को लेकर चिन्तित है। अध्यापिका को चिन्ता है कि बच्चों को भाषा का ज्ञान किस प्रकार दिया जाए।
Q18. बच्चों के बोलना-सीखने के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सही है?
(1) बड़े परिवार में बच्चों की बोलना सीखने की गति तेज होती है
(2) सभी बच्चों की बोलना सीखने की गति एक समान होती है
(3) निर्धन परिवारों से आए बच्चों की बोलना सीखने की गति धीमी होती है
(4) कहने-सुनने के अधिक-से-अधिक अवसर मिलने पर बच्चे बोलना सरलता से सीखते हैं
Ans: (4) बच्चों के बोलना-सीखने के सन्दर्भ में यह कहा जा सकता है कि कहने-सुनने के अधिक से अधिक अवसर मिलने पर बच्चे बोलना सरलता से सीखते हैं।
Q19. विद्यालय/कक्षा में समृद्ध भाषायी परिवेश से तात्पर्य है
(1) बोलने-सुनने, पढ़ने-लिखने के अधिक-से-अधिक अवसर
(2) मुख्य धारा की भाषा सुनने के अधिक-से-अधिक अवसर
(3) एक से अधिक भाषाओं के शब्दकोष की उपलब्धता
(4) अध्यापक को एक से अधिक भाषाओं की जानकारी
Ans: (1) विद्यालय/कक्षा में समृद्ध भाषायी परिवेश से तात्पर्य है कि बोलने-सुनने, पढ़ने-लिखने के अधिक से अधिक अवसर होना। जब विद्यार्थी को भाषा सुनने, बोलने को अधिक अवसर प्राप्त होगा तो वह भाषा को अच्छी तरह सीख सकेगा।
Q20. अपने विद्यार्थियों के भाषा सम्बन्धी क्रमिक विकास का आकलन करने के लिए आपकी निर्भरता मुख्य रूप से किस पर है?
(1) मौखिक कार्य करवाने पर
(2) पोर्टफोलियो के अवलोकन पर
(3) गृहकार्य की उत्तर-पुस्तिकाओं के अवलोकन पर
(4) कक्षाकार्य के अवलोकन पर
Ans: (2) किसी विद्यार्थी की भाषा सम्बन्धी क्रमिक विकास का अवलोकरन करने के लिए आपकी निर्भरता मुख्य रूप से विद्यार्थी के पोर्टफोलियो के अवलोकन पर निर्भर करता है। पोर्टफोलियो पर विद्यार्थी का व्यक्तिगत ब्यौरा जैसे भाषा अथवा विषय सम्बन्धी प्रगति रिपोर्ट अंकित रहती है।
Q21. आपके विद्यार्थी पाठ में आए नवीन/अपरिचित शब्दों के अर्थ जान सवें, इसके लिए आप –
(1) शब्दकोष देखना सिखाएँगी
(2) पाठ के अन्त में दिए गए शब्दार्थ देखने के लिए कहेंगी
(3) शब्द का अर्थ लिखकर बताएँगी
(4) पाठ के सन्दर्भ में अर्थ समझने की स्थिति पैदा करेंगी
Ans: (3) पाठ में आए नवीन शब्दों के अर्थ जानने के लिए शब्द के अर्थ को लिखकर बताना अधिक श्रेयस्कर होता है। विद्यार्थी को अपरिचित शब्दों को जानने के लिए शब्दों का अर्थ लिखकर बताना अधिक उचित होता है।
निर्देश (प्र. सं. 2230) : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। माँ : रमेश, मीना क्यों रो रही है?र्रिंमेश : मैंने चाँटा मारा था। मुझे पढ़ने नहीं दे रही थी। माँ : लेकिन तुम इस समय क्यों पढ़ रहे हो? यह भी कोई पढ़ने का समय है? क्या आजकल पढ़ाई चौबीसों घण्टे की हो गई है? दिमाग है या मशीन? और क्या पढ़ने के लिए बहन को पीटना जरूरी है?र्रिंमेश : माँ, पढ़ूँगा नहीं तो कक्षा में अव्वल कैसे आऊँगा? मुझे तो फर्स्ट आना है। तुम भी तो यही कहती थी। माँ : हाँ, कहती थी, पर तुम? हर वत्त खेल-खेल-खेल। फर्स्ट आना था तो शुरू से पढ़ा होता। अब जब परीक्षाएँ सर पर आ गई तो रटने बैठे हो। तुम क्या समझते हो कि ऐसे रटने से अव्वल आ जाओंगे? अरे
पढ़ना थोड़ी देर का ही काफी होता है, अगर नियम से मन लगाकर पढ़ा जाए। रमेश : अब रहने दो माँ
मैं आज खेलने भी नहीं जाऊँगा। कोई आए तो मना कर देना। अब मुझे पढ़ने दो – ‘‘अकबर का जन्म अमरकोट में हुआ था। माँ : अकबर का जन्म जहाँ भी हुआ हो, तुम्हारा जन्म यहीं हुआ है और मैं तुम्हें रट्टू तोता नहीं बनने दूँगी। पढ़ने के समय पढ़ना और खेलने के समय खेलना अच्छा होता है।
Q22. मीना और रमेश हैं, परस्पर–
(1) भाई-बहन
(2) मित्र
(3) सहपाठी
(4) रिश्तेदार
Ans: (1) मीना और रमेश परस्पर भाई-बहन है।
Q23. रमेश ने मीना की पिटाई की, क्योंकि वह–
(1) अक्सर शैतानियाँ करती थी
(2) कक्षा में अव्वल आ सकती थी
(3) पढ़ नहीं रही थी
(4) पढ़ने नहीं दे रही थी
Ans: (4) रमेश मीना की पिटाई इसलिए की क्योंकि वह पढ़ने नहीं दे रही थी। रमेश की परीक्षा नजदीक थी तथा वह पढ़ना चाहता था और उसकी बहन उसे पढ़ने नहीं दे रही थी।
Q24. कक्षा में प्रथम आने के लिए आवश्यक है –
(1) खेलकूद छोड़ देना
(2) शुरू से नियमित पढ़ाई करना
(3) रात-दिन पढ़ाई करना
(4) पढ़ाई के दिनों परिश्रम करना
Ans: (2) कक्षा में प्रथम आने के लिए शुरू से नियमित पढ़ाई करना आवश्यक है। रमेश वर्ष भर खेलता है, लेकिन जब परीक्षा नजदीक आ जाती है तब रटने लगता है।
Q25. ‘‘यह भी कोई पढ़ने का समय है?’’ प्रश्न का आशय है–
(1) वह समय पढ़ने का नहीं है
(2) पढ़ने का कोई समय नहीं होता
(3) यह भी पढ़ने का एक समय है
(4) यह पढ़ने का ही कोई समय है
Ans: (1) ‘‘यह भी कोई पढ़ने का समय है?’’ प्रश्न का आशय यह है कि वह समय पढ़ने का नहीं है। गद्यांश से स्पष्ट है कि यह खेलने का समय है।
Q26. जो शब्द शेष से भिन्न हो, उसे छाँटिए।
(1) प्रथम
(2) परीक्षा
(3) अव्वल
(4) फर्स्ट
Ans: (2) परीक्षा शेष शब्द से भिन्न है। जबकि प्रथम, अव्वल, फर्स्ट तीनों शब्द एक समान अर्थ वाले हैं।
Q27. कौन-सा विशेषण रमेश के लिए उपयुक्त है?
(1) लापरवाह
(2) रट्टू तोता
(3) पढ़ाकू
(4) परिश्रमी
Ans: (2) ‘रट्टू तोता’ विशेषण रमेश के लिए उपयुक्त है।
Q28. ‘पर तुम’ का भाव है –
(1) पर तुम पढ़ते ही रहे
(2) पर तुमने पढ़ना छोड़ दिया
(3) पर तुमने ध्यान नहीं दिया
(4) पर तुमने रटना ही सीखा
Ans: (2) काव्यांश में पर तुम का भाव यह है कि पर तुमने पढ़ना छोड़ दिया था।
Q29. अकबर का जन्म कहाँ हुआ था?
(1) अमरकोट
(2) आगरा
(3) दिल्ली
(4) फतेहपुर
Ans: (1) अकबर का जन्म अमरकोट में हुआ था।
Q30. ‘बहुत निकट आना’ के लिए मुहावरा है–
(1) तोता रटंत
(2) अव्वल आना
(3) पास आना
(4) सर पर आना
Ans: (4) बहुत निकट आना के लिए उपयुक्त मुहावरा ‘सर पर आना’ है।
निर्देश : (प्र.सं. 19) नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुत्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। कभी सोचा है भारत में कितने प्रकार के वाद्ययन्त्र प्रचलित हैं?र्सिोंचने में शीघ्रता मत कीजिए। तमिलनाडु-केरल से कश्मीर तक, राजस्थान-गुजरात में नागालैण्ड-मणिपुर तक इस भारत नामक विशाल भू-खण्ड में सैकड़ों प्रकार के वाद्ययन्त्र परम्परा से प्रचलित रहे हैं। विशेषकर चमड़े से गढ़े वाद्ययन्त्र तो सर्वाधिक हैं। बाँसुरी जैसे फूँककर बजाए जाने वाले भी कम नहीं। ये तार वाले भी कुछ गज से बजाए जाते हैं और कुछ छोटी-सी अँगूठी-जैसी मिज़राव से। अब प्रश्न उठता है कि जिन्हें हम भारतीय वाद्ययन्त्र कहते हैं क्या वे भारत में ही जन्मे हैं या कहीं और से आए हैं? कहना कठिन है। जब भी हम किसी वाद्ययन्त्र को बजते देखते-सुनते हैं, तो मन कहता है कि उसकी उत्पत्ति भारत में हुई हो। अनेक बाहर से भी आए हैं। और यह भी सच है कि अनेक भारतीय वाद्ययन्त्र यहीं से अन्य देशों में प्रचलित हुए हैं। सभ्यता और संस्कृति का इतिहास जानने का एक माध्यम वाद्ययन्त्र आज भी प्रयुत्त हो रहे हैं। हमारी वीणा मिस्त्री, सुमेरी, जापानी, चीनी संस्कृति में भी विद्यमान रही हैं।

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