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012 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. लेखक ने शिक्षा के संदर्भ में किस बात को महत्व दिया है?
(1) विवेक को
(2) साधना को
(3) शिक्षार्थी को
(4) बाजार को
Ans : (1) लेखक ने शिक्षा के संदर्भ में ‘विवेक को’ महत्व दिया है। लेखक का मानना है कि शिक्षा दो राहे पर खड़ी है, जिसमें एक दुनियाँ के झूठे आकर्षण में फँसाती है तो दूसरे से विमल विवेक का विकास होता है जो शांति और संतोष देती है।
Q2. ‘‘दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग हैं’’– तो पहली तरफ क्या है?
(1) दलदल में फँसे होने का अहसास
(2) एक अच्छा पैकेज और सुख-शांति
(3) दुविधा का दोराहा और भटकाव
(4) बाजार की चाकाचौंध, सम्मोहन और सपने
Ans : (4) शिक्षा के दो मार्ग हैं, जिसमें ‘‘एक तरफ बाजार की चकाचौंध, सम्मोहन और सपने हैं’’ तथा ‘‘दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है।’’
Q3. निम्न में से कौन-सी विशेषता बाजार की नहीं है?
(1) बाज़ार लोगों को सुख-शांति देता है।
(2) बाज़ार सुखी होने का भ्रम पैदा करता है
(3) बाज़ार लोगों को अपने आकर्षण से बाँधता है।
(4) बाज़ार एक दलदल की तरह है।
Ans : (1) बाजार एक दलदल की तरह है, जो लोगों को अपने आकर्षण से बाँधता है और सुखी होने का भ्रम पैदा करता है। बाजार लोगों को सुख-शांति नहीं देता है। अतः विकल्प (1) बाजार की विशेषता नहीं है।
Q4. गद्यांश के अनुसार लोग बाज़ार को चुनते हैं, क्योंकि–
(1) लोग बाजार से प्रेम करते हैं
(2) लोगो के पास धन-संपत्ति की कमी है
(3) सभी लोग लालची हैं
(4) बाज़ार में आकर्षण है
Ans : (4) गद्यांश के अनुसार लोग बाजार को चुनते हैं क्योंकि बाजार में आकर्षण है। शेष सभी असंगत तर्क है।
Q5. गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि–
(1) लोग दूसरों को ठगने में आनंदित होते हैं
(2) लोग सांसारिक जीवन जीना पंसद करते हैं
(3) भौतिकवादी सोच हावी नहीं हो रही है
(4) भौतिकवादी सोच हावी हो रही है
Ans : (4) गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि भौतिकतावादी सोच हावी (प्रभावी) हो रही है। तभी तो लोग बाजार के आकर्षण में फँस रहे हैं।
Q6. ‘आकर्षण’ का विलोम शब्द है–
(1) विकर्षण
(2) उत्कर्ष
(3) गुरुत्वाकर्षण
(4) संघर्षण
Ans : (1) ‘आकर्षण’ का विलोम ‘विकर्षण’ है। इसका अन्य विलोम प्रतिकर्षण भी है। जबकि उत्कर्ष का विलोम अपकर्ष होता है। शेष असंगत है।
Q7. ‘मृगतृष्णा’ का तात्पर्य है–
(1) किसी को फँसाने का षड्यंत्र
(2) देर से लगी हुई प्यास का एहसास
(3) हिरनों की प्यास का सामूहिक नाम
(4) दूर से ललचाने वाली वस्तु का भ्रम (परीक्षा तिथि : 18-09-2016)
Ans : (4) ‘मृगतृष्णा’ का तात्पर्य –‘दूर से ललचाने वाली वस्तु का भ्रम’ है।
निर्देश– नीचे दिए गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 8 से 22) के सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
Q8. भाषा–शिक्षण के संदर्भ में ‘बहुभाषी कक्षा’ से तात्पर्य है कक्षा में–
(1) कम–से–कम दो भाषाओं में शब्दकोश की आवश्यकता
(2) भिन्न-भिन्न भाषाओं में कहानी-कविता के चार्ट आदि की उपलब्धता
(3) अधिकाधिक भाषाओं की पुस्तकों की उपलब्धता
(4) सभी बच्चों को अपनी-अपनी भाषा में बोलने के अवसरों की उपलब्धता
Ans : (4) भाषा-शिक्षण के संदर्भ में ‘बहुभाषी कक्षा’ से तात्पर्य है कक्षा में सभी बच्चों को अपनी-अपनी भाषा में बोलने के अवसरों की उपलब्धता।
Q9. व्याकरण के ज्ञान का मुख्य उद्देश्य है–
(1) भाषा–प्रयोग में अतिशुद्धतावादी होना
(2) भाषा-प्रयोग में व्याकरण का ध्यान रखना
(3) व्याकरणिक बिन्दुओं की परिभाषा याद करना
(4) व्याकरणिक तत्वों की सूची बनाना
Ans : (2) व्याकरण के ज्ञान का मुख्य उद्देश्य है– भाषा प्रयोग में व्याकरण का ध्यान रखना। व्याकरण का कार्य भाषा को दोषमुत्त बनाना है। व्याकरण के प्रयोग से भाषा अधिकतम शुद्धता की ओर अग्रसर होती है।
Q10. अनुस्वार एवं अनुनासिक का प्रयोग करने संबंधी त्रुटियों को दूर किया जा सकता है–
(1) अनुस्वार वाले शब्दों की सूची बनवाकर
(2) छपी सामग्री से समृद्ध वातावरण देकर
(3) स्वयं सही उच्चारण का आदर्श प्रस्तुत कर
(4) अनुनासिक के नियम बताकर
Ans : (3) अनुस्वार एवं अनुनासिक का प्रयोग करने संबंधी त्रुटियों को स्वयं सही उच्चारण का आदर्श प्रस्तुत करके दूर किया जा सकता है, क्योंकि भाषा अर्जित कौशल है जिसे अनुकरण द्वारा सीखा जाता है।
Q11. शैक्षिक प्रक्रियाओं के मूल्यांकन के संदर्भ में आप किस कथन से सहमति प्रकट करेंगे?
(1) परीक्षा और फेल हो जाने का डर वास्तव में बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर काम करता है।
(2) कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को फेल न किए जाने के प्रावधान के कारण ही विद्यार्थी सीख नहीं पा रहे हैं।
(3) बच्चों को पास-फेल करना वास्तव में व्यवस्थागत विफलताओं को बच्चों के सिर मढ़ना है।
(4) कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को फेल नहीं करने के प्रावधान के कारण देश में शिक्षा का स्तर गिर रहा है।
Ans : (3) प्रकृतिवादियों के अनुसार बच्चे के फेल होने का आशय सम्पूर्ण शैक्षिक तन्त्र का फेल होना है। अतः शैक्षिक प्रक्रियाओं के मूल्यांकन के संदर्भ में बच्चों को पास-फेल करना वास्तव में व्यवस्थागत विफलताओं को बच्चों के सिर मढ़ना है।
Q12. उच्च प्राथमिक स्तर पर लेखन क्षमता का आकलन करते समय आप किस बिन्दु को सर्वाधिक महत्त्व देंगे?
(1) विचारों की मौलिकता
(2) मिश्रित वाक्य-संरचना
(3) वर्तनीगत शुद्धता
(4) तत्सम शब्दावली
Ans : (2) हम उच्च प्राथमिक स्तर पर लेखन क्षमता का आकलन करते समय मिश्रित वाक्य-संरचना को सर्वाधिक महत्व देगें। प्राथमिक स्तर पर वर्तनीगत शुद्धता, उच्च प्राथमिक स्तर पर वाक्य-संरचना तथा माध्यमिक या उच्च शैक्षिक स्तर पर विचारों की मौलिकता का परीक्षण लेखन क्षमता का आकलन करते समय करना चाहिए।
Q13. सीखने–सिखाने की प्रक्रिया के संदर्भ में आप किस कथन से सहमत हैं?
(1) बच्चों को किन्हीं अवधारणाओं को न सीखने के कारण फेल करके रोकना उचित ही है।
(2) एक कक्षा में हम जो सीखते हैं उसके सभी अंश अगली कक्षा के लिए अनिवार्य बुनियाद होते हैं।
(3) जो बच्चे पिछली कक्षा की बातें नहीं सीख पाए हैं, वे अगली कक्षा में और पिछड़ जाएँगे अतः उन्हें उसी कक्षा में रोक देना चाहिए।
(4) जो बच्चे किसी कक्षा में सीख नहीं पाए हैं, उन्हें फेल करके रोकने से भी जरूरी नहीं कि वे सीख जाएँ।
Ans : (2) सीखने–सिखाने की प्रक्रिया के संदर्भ में कथन–‘‘ एक कक्षा में हम जो सीखते हैं उसके सभी अंश अगली कक्षा के लिए अनिवार्य बुनियाद होते हैं।’’ शेष कथन सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के संगत नहीं है।
Q14. कक्षा 8 के लिए पाठ्य-पुस्तक का निर्माण करते समय महत्वपूर्ण है–
(1) विधागत विविधता होना
(2) प्रसिद्ध लेखकों की रचनाएँ
(3) पाठों की संख्या सीमित होना
(4) सभी व्याकरणिक तत्त्वों का समावेश
Ans : (1) कक्षा 8 के लिए पाठ्य-पुस्तक का निर्माण करते समय विधागत विविधता होना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इससे पुस्तक की रोचकता बनी रहती है तथा अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है।
Q15. पाठ्य-पुस्तक को आधार बनाकर पूछे जाने वाले प्रश्न–
(1) पाठ की विषयवस्तु का विस्तार करने वाले होने चाहिए
(2) स्मरण–शक्ति को समृद्ध करने वाले होने चाहिए
(3) पाठ में दिए गए तथ्यों पर ही आधारित होने चाहिए
(4) लिखावट को सुंदर बनाने में सहयोगी होने चाहिए
Ans : (3) उच्च प्राथमिक स्तर पर पाठ्य-पुस्तक को आधार बनाकर पूछे जाने वाले प्रश्न पाठ में दिए गए तथ्यों पर ही आधारित होने चाहिए। पाठ की विषयवस्तु का विस्तार करने वाले प्रश्न माध्यमिक स्तर पर पूछे जाते हैं।
Q16. संदर्भ के अनुसार शब्दों के उपयुत्त चयन संबंधी त्रुटियों को दूर करने के लिए सर्वाधिक कारगर तरीका क्या है?
(1) विविध शब्दों का वाक्य–प्रयोग करवाना
(2) विविध भाषा–प्रयोग से परिचित कराना
(3) व्याकरण की विविध पुस्तवें पढ़ाना
(4) विविध शब्दों की सूची याद करवाना
Ans : (1) संदर्भ के अनुसार शब्दों के उपयुत्त चयन संबंधी त्रुटियों को दूर करने के लिए सर्वाधिक कारगर तरीका विविध शब्दों का वाक्य-प्रयोग करवाना है। शेष कम कारगर तरीके हैं।
Q17. श्यामला केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर लिखती है जो उसने याद किए होते हैं। इसका कारण हो सकता है–
(1) उसकी विचार–प्रक्रिया अव्यवस्थित है
(2) उसकी कक्षा में सब ऐसा ही करते हैं
(3) उसकी स्मरण-शक्ति बहुत तेज है
(4) उसमें कल्पनाशीलता जैसे गुण का अभाव है
Ans : (4) कल्पना शीलता जैसे गुण के अभाव में छात्र रटे-रटाये प्रश्नों का जवाब देते हैं। अतः कल्पनाशीलता जैसे गुणों के अभाव में श्यामला केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर लिखती है जो उसने याद किए हैं।
Q18. किस तरह के बच्चों को हिन्दी भाषा सीखने में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा?
(1) जिनकी मातृभाषा सरल है
(2) जिनकी मातृभाषा मानक हिन्दी नहीं है
(3) जिनकी मातृभाषा हिन्दी से भिन्न है
(4) जिनकी मातृभाषा हिन्दी के समान है
Ans : (3) जिन बच्चों की मातृभाषा हिन्दी से भिन्न हैं, उन्हें हिन्दी भाषा सीखने में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
Q19. बच्चों की भाषा क्षमता का आकलन करने की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा प्रश्न सर्वाधिक उपयोगी एवं सार्थक है?
(1) नीचे लिखे वाक्य को पढ़कर सुनाइए – ‘‘मुझे कहानी सुनना अच्छा लगता है।’’
(2) नीचे लिखे शब्दों को पढ़कर सुनाइए– जंगल ; धरती
(3) नीचे दिए गए शब्दों के वचन बदलिए – तितली ; चूहा
(4) फेरीवालों की आवाजें सुनिए और किसी एक का कक्षा में अभिनय करके दिखाइए
Ans : (4) बच्चों की भाषा क्षमता का आकलन करने की दृष्टि से दिये गये विकल्पों में सर्वाधिक उपयोगी एवं सार्थक है कि उन्हें कहा जाय– फेरीवालों की आवाजें सुनिए और किसी एक का कक्षा में अभिनय करके दिखाइए।
Q20. सभी भाषाई कुशलताएँ–
(1) एक-दूसरे से बढ़कर हैं
(2) एक-दूसरे से संबद्ध हैं
(3) एक-दूसरे से अलग हैं
(4) एक-दूसरे को प्रभावित नही करती
Ans : (2) सभी भाषाई कुशलताएँ एक -दूसरे से सम्बद्ध हैं। भाषाई कौशल या कुशलताओं से आशय-सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना है। ये प्रत्येक कौशल एक-दूसरे से सम्बद्ध हैं।
Q21. भाषा का प्रमुख प्रकार्य है–
(1) प्रतिवेदन लेखन
(2) लेखन दक्षता
(3) भाषण देना
(4) संप्रेषण करना
Ans : (4) भाषा का प्रमुख प्रकार्य (कार्य) संप्रेषण करना है। विचार विनिमय भाषा का प्रमुख गुण है। शेष विशेष भाषाई कौशल हैं।
Q22. पाठ्य–पुस्तक का नया पाठ आरंभ करने से पहले अध्यापक के लिए आवश्यक है कि वह–
(1) पाठ के मूल भाव पर बातचीत करें
(2) पाठ से मिलने वाली सीख के बारे में बताए
(3) पाठ के कठिन शब्दों को श्यामपट्ट पर लिखकर उनका अर्थ बताए
(4) पाठ के रचनाकार का परिचय लिखवाए
Ans : (1) पाठ्य-पुस्तक का नया पाठ आरम्भ करने से पहले अध्यापक के लिए आवश्यक है कि वह पाठ के मूल भाव पर बातचीत करे। इससे बच्चे का मस्तिष्क उसी दिशा में सोचने को तैयार हो जाता है। पाठ से मिलने वाली सीख के बारे में अन्त में बताया जाता है। कठिन शब्दों का निवारण पाठ के दौरान किया जाता है। पाठ के रचनाकार का परिचय प्रारम्भ में ही देना आवश्यक है, परन्तु प्रारम्भ में ही उसका परिचय लिखवाना उचित नहीं है।
निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 23 से 30) के सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। मेरे मकान के आगे चौराहे पर ढाबे के आगे फुटपाथ पर खाना खाने वाले लोग बैठते हैं– रिक्शेवाले, मजदूर, फेरीवाले, कबाड़ी वाले …..। आना-जाना लगा ही रहता है। लोग कहते हैं– ‘‘आपको बुरा नहीं लगता? लोग सड़क पर गंदा फैला रहे हैं और आप इन्हें बरदाश्त कर रहे हैं? इनके कारण पूरे मोहल्ले की आबोहवा खराब हो रही हैं।’’ मैं उनकी बातों को हलके में ही लेता हूँ। मुझे पता है कि यहाँ जो लोग जुटते हैं वे गरीब लोग होते हैं। अपने काम–धाम के बीच रोटी खाने चले आते हैं और खाकर चले जाते हैं। ये आमतौर पर बिहार से आए गरीब ईमानदार लोग हैं जो हमारे इस परिसर के स्थायी सदस्य हो गए हैं। ये उन अशिष्ट अमीरों से भिन्न हैं जो साधारण-सी बात पर भी हंगामा खड़ा कर देते हैं। लोगों के पास पैसा तो आ गया पर धनी होने का शऊर नहीं आया। अधजल गगरी छलकत जाए की तर्ज पर इनमें दिखावे की भावना उबाल खाती है। असल में यह ढाबा हमें भी अपने माहौल से जोड़ता है। मैं लेखक हूँ तो क्या हुआ? गाँव के एक सामान्य घर से आया हुआ व्यत्ति हूँ। बचपन में गाँव-घरों की गरीबी देखी है और भोगी भी है। खेतों की मिट्टी में रमा हूँ, वह मुझमें रमी है। आज भी उस मिट्टी को झाड़झूड़ कर भले ही शहरी बनने की कोशिश करता हूँ, बन नहीं पाता। वह मिट्टी बाहर से चाहे न दिखाई दे, अपनी महक और रसमयता से वह मेरे भीतर बसी हुई है। इसीलिए मुझे मिट्टी से जुड़े ये तमाम लोग भाते हैं। इस दुनिया में कहा-सुनी होती है, हाथापाई भी हो जाती है लेकिन कोई किसी के प्रति गाँठ नहीं बाँधता। दूसरे–तीसरे ही दिन परस्पर हँसते-बतियाते और एक दूसरे के दुख–दर्द में शामिल होते दिखाई पड़ते हैं। ये सभी कभी-न-कभी एक दूसरे से लड़ चुके हैं लेकिन कभी इसकी प्रतीति नहीं होती कि ये लड़ चुके हैं। कल के गुस्से को अगले दिन धूल की तरह झाड़कर पेंक देते हैं।
Q23. लोग लेखक से क्यों पूछते हैं कि क्या आपको बुरा नहीं लगता?
(1) वे लोग आसपास गंदगी बिखेर देते हैं।
(2) वे गंदे लोग हैं।
(3) वे लेखक से रुष्ट रहते हैं।
(4) उन्हें गरीबों से मेल–जोल पंसद नहीं।
Ans : (4) जो लोग लेखक से पूछते हैं कि क्या आपको बुरा नहीं लगता? उन्हें गरीबों से मेल-जोल पंसद नहीं है।
Q24. लेखक लोगों की शिकायतों को हलके में लेता है, क्योंकि–
(1) शिकायत करना लोगों की आदत होती है
(2) जुटने वाले लोग गरीब और ईमानदार हैं
(3) यह किसी बात को गंभीरता से नहीं लेता
(4) लेखक उन्हें जानता-पहचानता हैं
Ans : (2) लेखक लोगों की शिकायतों को हलके में लेता है क्योंकि जुटने वाले लोग गरीब और ईमानदार हैं। शेष इस सम्बन्ध में असंगत तर्क हैं।
Q25. साधारण बात पर भी हंगामा कौन खड़ा कर देते हैं?
(1) लेखक के परिचित लोग
(2) अमीर किन्तु असभ्य लोग
(3) अशिष्ट रेहड़ी-पटरी वाले
(4) गाँव से आए गरीब मजदूर
Ans : (2) अमीर किन्तु असभ्य लोग साधारण बात पर भी हंगामा खड़ा कर देते हैं। जिनके पास पैसा तो आ गया है, पर धनी होने का शऊर नहीं आया है।
Q26. प्रस्तुत गद्यांश साहित्य की किस विधा के अंतर्गत आएगा?
(1) कहानी
(2) रेखाचित्र
(3) जीवनी
(4) संस्मरण
Ans : (2) प्रस्तुत गद्यांश साहित्य की रेखाचित्र विधा के अंतर्गत आएगा।
Q27. ‘गाँठ बाँधना’ का अर्थ है–
(1) सँभालकर रखना
(2) व्रोध करना
(3) गाँठ लगाना
(4) मन में रखना
Ans : (4) ‘गाँठ बाँधना’ का अर्थ – मन में रखना है। शेष असंगत विकल्प है।
Q28. ‘‘इस दुनिया में कहा-सुनी होती है’’…. ‘इस दुनिया’ का संकेत हैं–
(1) गाँव से शहर आ बसे गरीब
(2) अमीर किन्तु अशिष्ट लोग
(3) शहर से गाँव आ बसे मजदूरों की दुनिया
(4) लेखक को उकसाने वाला पड़ोस
Ans : (1) ‘इस दुनिया में कहा–सुनी होती है’ – ‘इस दुनिया’ का संकेत है गाँव से शहर आ बसे गरीब।
Q29. ‘अधजल गगरी छलकत जाए’ किसके संदर्भ में कहा गया है?
(1) गाँव से शहर आकर कमाई करने वालों के लिए
(2) अमीर बन गए असभ्य लोगों के लिए
(3) लेखक जैसे प्रबुद्धों के लिए
(4) अनपढ़ ग्रामीणों के लिए
Ans : (2) ‘अधजल गगरी छलकत जाए’ अमीर बन गए असभ्य लोगों के संदर्भ में कहा गया है।
Q30. ‘धूल की तरह झाड़कर पेंक देना’ का आशय है–
(1) छोटों की उपेक्षा करना
(2) सफाई से रहना
(3) दूसरे को दे देना
(4) पूरी तरह भुला देना
Ans : (4) ‘धूल की तरह झाड़कर पेंक देना’ का आशय पूरी तरह भुला देना है।
निर्देश (प्र. सं. 16) : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सही/सबसे उपर्युत्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए। जीवन के इस मोड़ पर, कुछ भी कहा जाता नहीं। अधरों को डयोढ़ी पर, शब्दों के पहरे हैं। हँसने को हँसते हैं, जीने को जीते हैं साधन-सुभीतों में, ज्यादा ही रीते है। बाहर से हरे-भरे, भीतर घाव मगर गहरे सबसे के लिए गूँगे हैं, अपने लिए बहरे हैं।

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