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011 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों…….’’ गीत के बारे में क्या सच नहीं है?
(1) सी. रामचन्द्र ने संगीत दिया
(2) मन्ना डे ने सुर दिया
(3) लता मंगेशकर ने स्वर दिया
(4) प्रदीप ने लिखा
Ans: (2) गद्यांश के आधार कहा जा सकता है कि ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों………. ’’ गीत प्रदीप ने लिखा, सी. रामचन्द्र ने संगीत दिया तथा लता मंगेशकर ने स्वर दिया (गाया)। ‘मन्ना डे ने सुर दिया’ यह सच नहीं है।
Q2. भारत में 26 जनवरी का पर्व मनाने की उमंग न रहने का कारण था–
(1) रक्षा मंत्रालय की अनिच्छा
(2) सैनिकों के द्वारा मार्च-पास्ट से इनकार
(3) चीन का दबाव
(4) हजारों युवकों का शहीद होना
Ans: (4) भारत में 26 जनवरी का पर्व मनाने की उमंग न रहने के कारण भारत चीन युद्ध में हजारों युवक का शहीद होना था।
Q3. रक्षा मंत्रालय को क्या सूचना दी गई होगी?
(1) गीत प्रस्तुत करने की चुनौती स्वीकार है
(2) फिल्मी हस्तियाँ भाग लेंगी
(3) प्रदीप और सी. रामचंद्र भी दिल्ली आएँगे
(4) 26 जनवरी करा पर्व मनाया जाए
Ans: (2) रक्षा मंत्रालय को सूचना दी गई होगी कि गणतन्त्र दिवस के आयोजन में जानी-मानी फिल्मी हस्तियाँ शामिल होगी।
Q4. ‘पीठ में छुरा भोंकना’ का अर्थ है–
(1) विश्वासघात करना
(2) आक्रमण करना
(3) पराजित करना
(4) युद्ध में घायल करना
Ans: (1) ‘पीठ में छुरा भोकना’ मुहावरे का अर्थ है –विश्वासघात करना।
Q5. जानी-मानी फिल्मी हस्तियों को बुलाने का निर्णय क्यों लिया गया?
(1) लता मंगेशकर का गीत सुनने के लिए
(2) भीड़ जुटाने के लिए
(3) शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए
(4) गणतंत्र दिवस मनाने के लिए
Ans: (2) गणतन्त्र दिवस के आयोजन में भीड़ जुटाने के लिए जानी-मानी फिल्मी हस्तियों को बुलाने का निर्णय लिया गया। क्योंकि भारत-चीन युद्ध में हजारों सैनिकों के शहीद होने से लोग दुःखी थे और इस तरह के आयोजन में भाग नहीं लेना चाहते थे। ऐसे में फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति माहौल को हल्का कर देती।
Q6. ‘माँग का सिंदूर पुँछ जाना’ मुहावरे का अर्थ है–
(1) वियोगिनी होना
(2) विधवा हो जाना
(3) अभागिन होना
(4) अनाथ हो जाना
Ans: (2) ‘माँग का सिंदूर पुँछ जाना’ मुहावरे का अर्थ है– विधवा हो जाना।
Q7. देश का हौसला पस्त था, क्योंकि–
(1) कोई उमंग शेष नहीं थी (परीक्षा तिथि : 18-09-2016)
(2) तैयारियाँ नहीं की गई थी
(3) फिल्मी हस्तियाँ साथ नहीं दे रही थी
(4) चीन से मात खाई थी
Ans: (4) देश का हौसला पस्त था, क्योंकि चीन से मात खाई थी। गद्यांश के प्रथम अनुच्छेद में निहित तथ्यों से स्पष्ट है कि भारत के साथ चीन का युद्ध हुआ था। जिसमें भारत के बहुत सैनिक शहीद हुए थे, जिससे लोग दुःखी थे और गणतन्त्र दिवस का उत्सव नहीं मनाना चाहते थे। अतः देश का हौसला पस्त था।
Q8. ‘उमड़ना’ क्रिया का कौन-सा प्रयोग ठीक नहीं है?
(1) दूध उमड़ने लगा
(2) नदी उमड़ आई
(3) आँसू उमड़ चले
(4) भीड़ उमड़ पड़ी
Ans: (1) ‘दूध उमड़ने लगा’ में ‘उमड़ना’ क्रिया का प्रयोग ठीक नहीं है, इसके स्थान पर ‘उबलना’ क्रिया का प्रयोग होगा। शेष ‘नदी उमड़ आई’ ‘आँसू उमड़ चले’ तथा ‘भीड़ उमड़ पड़ी’ में ‘उमड़ना’ क्रिया का प्रयोग उचित है।
निर्देश– नीचे दिए गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 9 से 23) के सही/सबसे उपयुत्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
Q9. भाषा-शिक्षण के संदर्भ में बाल-साहित्य का उद्देश्य है–
(1) बच्चों को भाषा के नियमों की जानकारी देना
(2) बच्चों को जीवन-कौशल सिखाना
(3) बच्चों को उत्साही पाठक बनने के लिए प्रोत्साहित करना
(4) बच्चों को साहित्यिक विधाओं से परिचित करवाना
Ans: (3) भाषा–शिक्षण के संदर्भ में बाल-साहित्य का उद्देश्य है– बच्चों को उत्साही पाठक बनने के लिए प्रोत्साहित करना। शेष बालसाहित्य के उद्देश्य के संदर्भ में कम महत्व के तर्क हैं।
Q10. ‘संदर्भ में व्याकरण’ का शैक्षिक निहितार्थ है–
(1) व्याकरण पाठ के संदर्भ में सिखाया जाता है
(2) व्याकरण का संदर्भ पाठ्य-पुस्तक में ही होता है
(3) पाठ के संदर्भ में व्याकरण जानना जरूरी नहीं है
(4) व्याकरण और संदर्भ दोनों अलग है।
Ans: (1) ‘संदर्भ में व्याकरण’ का शैक्षिक निहितार्थ है– व्याकरण पाठ के संदर्भ में सिखाया जाता है। पाठ विशेष में निहित व्याकरणिक तथ्यों का उल्लेख संदर्भ में व्याकरण कहलाता है जैसे– पाठ के दौरान शब्दों का अर्थ स्पष्ट करने के लिए उनका संधि विच्छेद करना, समास विग्रह करना, उपसर्ग- प्रत्यय बताना आदि।
Q11. बच्चों को कहानी सुनाने की उपयोगिता सिद्ध होती है–
(1) कहानी में गुँथे हुए नैतिक मूल्यों के आधार पर
(2) कहानी कहने के तरीके द्वारा
(3) कहानी से मिलने वाली ज्ञान-विज्ञान की जानकारी द्वारा
(4) कहानी से मिलने वाली सीख द्वारा
Ans: (4) बच्चों को कहानी सुनाने की उपयोगिता कहानी से मिलने वाली सीख द्वारा सिद्ध होती है। अवधारणाओं (concepts) के निर्माण में कहानियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कहानियों द्वारा ही बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास होता है।
Q12. अवलोकन को आकलन का भाग तभी कहा जा सकता है जब अवलोकन–
(1) लड़के-लड़कियों का अलग-अलग किया जा रहा हो
(2) प्रतिदिन प्रत्येक बच्चे का किया जा रहा हो
(3) अनिवार्यतः औपचारिक रूप से किया जा रहा हो
(4) नियमित रूप से किया जा रहा हो
Ans: (2) अवलोकन को आकलन का भाग तभी कहा जा सकता है जब अवलोकन प्रतिदिन प्रत्येक बच्चे का किया जा रहा हो लड़के – लड़कियों का अलग-अलग अवलोकन लैंगिक वैषम्य स्थापित करेगा, औपचारिक अवलोकन का कोई महत्व नहीं होता तथा नियमित अवलोकन में समयान्तराल की सम्भावना होने के कारण दोषपूर्ण है।
Q13. सुरभि किसी भी ऐसे शब्द विशेष को बोलने में कठिनाई अनुभव करती है जिसमें दो से अधिक बार ‘त’ की आवृत्ति हुई हो। आप उससे/उसे–
(1) ऐसे शब्दों को बार-बार सुनने के लिए कहेंगी
(2) ऐसे शब्दों का विकल्प ढूँढ़कर देंगी
(3) बोलते समय इस ओर ध्यान न देने के लिए कहेंगी
(4) ‘त’ वाले शब्दों का बार-बार उच्चारण करवाएँगी
Ans: (4) उच्चारण सम्बन्धी दोष के निवारण हेतु तेज ध्वनि के साथ अधिकतम अभ्यास आवश्यक होता है। अतः सुरभि से ऐसे शब्द विशेष जिसमें ‘त’ की आवृत्ति दो से अधिक बार हुई हो का बार-बार उच्चारण करवायेंगे।
Q14. प्राथमिक स्तर पर भाषा का आकलन करने में सर्वाधिक सहायक है–
(1) नाटक का मंचन
(2) पोर्टफोलियो
(3) वीडियोग्राफी
(4) लिखित परीक्षा
Ans: (3) प्राथमिक स्तर पर भाषा का आकलन करने में सर्वाधिक सहायक वीडियोग्राफी है। शेष आकलन में सहायता की दृष्टि से कम महत्वपूर्ण है।
Q15. ‘‘यदि तुम्हें डलिया भरकर आम दे दिए जाएं तो तुम क्या करोगी?’’ इस प्रश्न का उद्देश्य है–
(1) बच्चों की मौखिक परीक्षा लेना
(2) बच्चों के अनुभव और चिंतन को स्थान देना
(3) बच्चों को गणित की ओर प्रवृत्त करना
(4) बच्चों को नए शब्दों से परिचित कराना
Ans: (2) ‘‘यदि तुम्हें डलिया भरकर आम दे दिया जाए तो तुम क्या करोगी?’’ इस तरह के प्रश्न का उद्देश्य बच्चों के अनुभव और चिंतन को स्थान देना है। शेष असंगत उद्देश्य है।
Q16. अकादमिक सत्र शुरू होने के दो माह बाद तक भी कक्षा चार के विद्यार्थियों को भाषा की पाठ्य-पुस्तवें उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षक–
(1) भाषाई क्षमताओं के विकास के लिए अन्य विषयों की पाठ्य-पुस्तकों का प्रयोग करें
(2) पाठ्य-पुस्तक के उपलबध होने तक पठन-लेखन की प्रक्रिया आरम्भ न करवाएँ
(3) श्रवण एवं वाचन कौशल का अभ्यास करवाते रहें
(4) विद्यार्थियों को पाठ्य–पुस्तक अपने-आप खरीदने के लिए प्रोत्साहित करें
Ans: (3) अकादमिक सत्र शुरू होने के दो माह बाद तक भी कक्षा चार के विद्यार्थियों को भाषा की पाठ्य-पुस्तवें उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षक श्रवण एवं वाचन कौशल का अभ्यास करवाते रहें।
Q17. ‘‘भाषा शून्य में विकसित नहीं होती।’’ इसका शैक्षिक निहितार्थ है कि भाषा सीखने के लिए ….. अनिवार्य है–
(1) सामाजिक अंतःक्रिया
(2) पारिवारिक संवाद
(3) विद्यालयी पढ़ाई-लिखाई
(4) भाषा प्रयोगशाला
Ans: (1) ‘भाषा शून्य में विकसित नहीं होती।’’ इसका शैक्षिक निहितार्थ है कि भाषा सीखने के लिए सामाजिक अंतःक्रिया अनिवार्य है। भाषा विचार विनिमय का माध्यम है। जिसमें दो व्यत्तियों के विचारों का आदान-प्रदान होता है। अतः भाषाई कौशल के विकास के लिए सामजिक अन्तःक्रिया अनिवार्य है।
Q18. प्राथमिक स्तर पर भाषा-शिक्षण का उद्देश्य है, बच्चों को–
(1) अक्षरों की बनावट के प्रति सचेत करना
(2) व्याकरणिक नियमों को कंठस्थ करवाना
(3) सहज अभिव्यत्ति का अवसर देना
(4) मातृभाषा की लिपि की पहचान करवाना
Ans: (1) प्राथमिक स्तर पर भाषा शिक्षण का उद्देश्य है बच्चों को अक्षरों की बनावट के प्रति सचेत करना। सहज अभिव्यत्ति का अवसर देना माध्यमिक स्तर या उच्च शिक्षा का उद्देश्य है। प्राथमिक स्तर पर भाषा-शिक्षण का उद्देश्य केवल मातृभाषा की लिपि का पहचान करवाना भी नहीं है। यदि ऐसा होता तो हिन्दी भाषी क्षेत्रों में देवनागरी लिपि के वर्णों के पहचान के साथ गणित के अंकों एवं रोमन वर्णों की पहचान न करवाई जाती।
Q19. भाषाई कौशलों के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
(1) सभी भाषाई कौशल स्वयं ही विकसित होते हैं।
(2) सभी भाषाई कौशल अंतःसंबंधित है।
(3) सभी भाषाई कौशल पाठ्य–पुस्तक से ही विकसित होते हैं।
(4) कोई भी भाषाई कौशल अंतः संबंधित नहीं है।
Ans: (2) ‘सभी भाषाई कौशल अन्तःसम्बन्धित है।’’ भाषाई कौशलों के संबंध में यह कथन सही है। भाषाई कौशल अर्थात बोलना, सुनना, लिखना, पढ़ना सभी अन्तः संबंधित है।
Q20. ‘पढ़कर समझना’ कुशलता का विकास करने में सबसे कम महत्वपूर्ण है–
(1) कहानी पर आधारित व्याकरण समझाना
(2) कहानी का अंत बदलवा देना
(3) कहानी को अपनी भाषा में कहलवाना
(4) कहानी पर आधारित प्रश्न बनवाना
Ans: (1) ‘पढ़कर समझना’ कुशलता का विकास करने में सबसे कम महत्वपूर्ण कहानी पर आधारित व्याकरण समझाना है। छात्र कहानी को बिना पूर्णतः समझे न तो उसका अन्त बदल सकता है। न तो उसे अपनी भाषा में व्यत्त कर सकता है और न ही उस पर आधारित प्रश्न ही बना सकता है। इन सब का उपयोग पढ़कर समझना कौशल का विकास करने में सहायक है।
Q21. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्राथमिक स्तर पर भाषा सीखने के एक महत्वपूर्ण उद्देश्य की ओर संकेत करता है?
(1) संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और वचन की शुद्ध पहचान करना
(2) गणित के पाठ्यक्रम के अनुरूप हिन्दी में संख्याएँ जानना
(3) भाषण, वाद-विवाद और कविता-पाठ से भाग लेना
(4) भाषा को अपने परिवेश एवं अनुभव को समझने का माध्यम मानना
Ans: (4) ‘भाषा को अपने परिवेश एवं अनुभव को समझने का माध्यम मानना’ यह कथन प्राथमिक स्तर पर भाषा सीखने के एक महत्वपूर्ण उद्देश्य की ओर संकेत करता है।
Q22. भाषा सीखने में शब्दकोश का बहुत महत्त्व है। निम्नलिखित में से शब्दकोश का सबसे कम महत्वपूर्ण उपयोग कौन-सा होगा?
(1) किसी शब्द का अर्थ जानना
(2) अक्षरों/वर्णों का क्रम जानना
(3) किसी शब्द का समानार्थी शब्द जानना
(4) किसी शब्द की सही वर्तनी जानना
Ans: (2) भाषा सीखने में शब्दकोष का बहुत महत्व है। अक्षरों/वर्णों का क्रम जानने में शब्दकोष का सबसे कम महत्वपूर्ण उपयोग होता है। किसी शब्द का अर्थ, उसका समानार्थी एवं सही वर्तनी जानने में शब्द कोश का बहुत महत्व है। शब्दकोष के माध्यम से अक्षरों/वर्णों का क्रम जानना एक श्रमसाध्य एवं समय साध्य कार्य है।
Q23. जब बच्चे भाषा से भिन्न कोई विषय पढ़ते हैं, तो वे–
(1) साथ-साथ परीक्षा की तैयारी भी करते हैं
(2) साथ-साथ भाषा भी सीखते हैं
(3) केवल अवधारणा ही बना पाते हैं
(4) केवल विषय ही पढ़ते हैं
Ans: (2) जब बच्चे भाषा से भिन्न कोई विषय पढ़ते हैं तो वे साथसाथ भाषा भी सीखते हैं। शेष असंगत विकल्प है।
निर्देशः नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 24 से 30) के सही/सबसे उपयुत्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। बारिश के लिहाज़ से वह साल ठन-ठन गोपाल था। खेतों में जैसे-तैसे धान रोप दिया गया था लेकिन तेज धूप ने उसे झुलसा डाला था। सावन सिर पर था और बादल लापता। कि तभी एक उमसती हुई रात में बिजली कड़कने से नींद खुली। थोड़ी देर में झीसियाँ पड़ने लगी। चारपाइयाँ आँगन से उठाकर भीतर कर ली गई। लेकिन हवा गुम थी और गर्मी ज्यों-की-त्यों, लिहाजा वह रात रतजगे में ही गई। सुबह हुई तो लोग धान बच जाने को लेकर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते दिखे। बरसात रात वाली रफ्तार से ही जारी थी। न उससे धीमी, न तेज। आसमान समतल और तकरीबन सफेद था। बादल बीच-बीच में जरा-सा गुर्राकर खामोश हो जा रहे थे। स्कूल का टाइम हुआ तो हम जैसे ढीलों ने इकतरफा तौर पर ‘रेनी डे’ मनाने का फैसला किया, जबकि पढ़ाकुओं ने बस्ता लादा और सुपरिचित रास्ते पर बढ़ चले। थके-हारे पढ़वैये शाम को लौटे तो उनकी हालत कटे खेत में पानी भरने पर भागे चूहों जैसी थी। बारिश से बुरी तरह ऊबकर हम सोए, इस उम्मीद में किस कल नीला आकाश देखने को मिलेगा।
Q24. ‘‘बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था।’’ वाक्य का भाव है–
(1) अकाल के कारण पैसा नहीं था
(2) बहुत बारिश हुई थी
(3) पढ़ाई नहीं कर पाए थे
(4) बारिश नहीं हुई थी
Ans: (4) ‘‘बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था।’’ वाक्य का भाव है कि बारिश नहीं हुई थी।
Q25. ‘‘सावन सिर पर था।’’ इस कथन का आशय है कि सावन–
(1) आने वाला था
(2) दूर था
(3) आ चुका था
(4) सूखा था
Ans: (3) ‘‘सावन सिर पर था।’’ इस कथन का आशय है कि सावन आ चुका था।
Q26. गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि अगले दिन–
(1) तेज बारिश में ‘रेनी डे’ मनाया जाता है
(2) लोग तेज बारिश के न होने से खुश थे
(3) लोग बारिश होने से खुश थे
(4) लोग बारिश के न होने से परेशान थे
Ans: (3) गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि अगले दिन लोग बारिश होने से खुश थे तभी तो धान बच जाने को लेकर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते दिखे।
Q27. ‘झीसिंयाँ’ शब्द का भाव है–
(1) तेज़ बूँदा-बाँदी
(2) तेज फुहारें
(3) बहुत हल्की बूँदा-बाँदी
(4) मूसलाधार बारिश
Ans: (3) ‘झींसियाँ’ शब्द का भाव है– बहुत हल्की बूँदा-बाँदी।
Q28. ‘‘हम जैसे ढीलों ने इकतरफा तौर पर ‘रेनी डे’ मनाने का फैसला किया।’’ वाक्य में लेखक ने अपनी किस विशेषता को बताया है?
(1) हर्षोल्लास से त्योहार मनाने वाले
(2) पढ़ाई में पिछड़े
(3) दिमाग से कमजोर
(4) बारिश का मजा लेने वाले
Ans: (2) ‘‘हम जैसे ढीलों ने इकतरफा तौर पर ‘रेनी डे’ मनाने का फैसला किया।’’ वाक्य में लेखन ने अपनी पढ़ाई में पिछड़े होने की विशेषता बताया है।
Q29. किन लोगों ने ‘रेनी डे’ नहीं मनाया ?
(1) जो डरपोक थे
(2) जो पढ़ाकू थे
(3) जो भीगना नहीं चाहते थे
(4) जो बारिश से बचते थे
Ans: (2) ‘जो पढ़ाकू थे’ उन लोगों ने रेनी डे नहीं मनाया बल्कि बस्ता लाद कर विद्यालय गये और शाम को लौटे तो उनकी हालत कटे खेत पानी भरने पर भी चूहों जैसी थी।
Q30. ‘‘सावन सिर पर था और बादल लापता।’’ वाक्य है?
(1) मिश्र
(2) सरल
(3) संयुत्त
(4) संकेतवाचक
Ans: (3) ‘सावन सिर पर था और बादल लापता’ यह संयुत्त वाक्य है। जब दो सरल वाक्यों को समुच्चय बोधक अव्यय (और, एवं, तथा आदि) के द्वारा जोड़ दिया जाता है तो उसे संयुत्त वाक्य कहते हैं।
निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 1 से 7) के सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ–लालच देकर अपनी तरफ दौड़ाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों –करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भँवरजाल में फँस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फँसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फँसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में है बल्कि महसूस वह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने का है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं।

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