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010 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. वर्तनी के अनुसार शुद्ध शब्द का चयन कीजिए।
(1) पूजनीय
(2) पूज्यनीय
(3) पुज्यनीय
(4) पुजनीय
Ans: (1) वर्तनी के अनुसार शुद्ध शब्द ‘पूजनीय’ है, ‘पूज्यनीय, पुजनीय, पुज्यनीय अशुद्ध शब्द है।
Q2. ‘जिसका जन्म पहले हुआ हो’, इसके लिए एक शब्द, जो उपयुत्त हो, लिखिए।
(1) द्विज
(2) अनुज
(3) अग्रज
(4) सर्वज्ञ
Ans: (3) ‘जिसका जन्म पहले हुआ हो’ उसके लिए एक शब्द अग्रज है, ‘जिसका जन्म बाद में हुआ हो’ के लिए ‘अनुज’ तथा सब कुछ जानने वाले को ‘सर्वज्ञ’ कहते हैं तथा दो बार जन्म लेने वाले को द्विज कहते हैं। (ब्राह्मण, दांत, पंक्षी ‘द्विज’ में आते हैं।)
Q3. वर्तनी के अनुसार शब्द का शुद्ध रूप चुनिए।
(1) पुरष्कार
(2) पुरुस्कार
(3) पुरुष्कार
(4) पुरस्कार
Ans: (4) वर्तनी के अनुसार शुद्ध शब्द- ‘पुरस्कार’ है।
Q4. ‘सजावट’ शब्द का प्रत्यय बताइए।
(1) आवट
(2) आव
(3) आहट
(4) टा
Ans: (1) ‘सजावट’ में आवट प्रत्यय है। शब्द के पीछे जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है उसे प्रत्यय कहते हैं।
Q5. लड़का पेड़ से गिरा। उपरोत्त वाक्य का कारक बताइए।
(1) कर्म कारक
(2) सम्प्रदान कारक
(3) अपादान कारक
(4) कारण कारक
Ans: (3) लड़का पेड से गिरा में ‘अपादान’ कारक है, अलगाव की स्थिति में अपादान कारक होता है। कारक के आठ भेद है- 1. कर्ता – ने 2. कर्म – कर्म को 3. करण – से 4. सम्प्रदान – के लिए 5. अपादान- से (अलगाव के लिए) 6. सम्बन्ध- का, की, के, रा, री, रे 7. अधिकरण – में, पर 8. सम्बोधन- हे
अरे, अजी आदि (स्रोत-हिन्दी व्याकरण : डा . हरदेव बाहरी)
Q6. ‘चौराहा’ कौन सा समास है?
(1) द्वन्द्व
(2) बहुब्रीहि
(3) द्विगु
(4) तत्पुरुष
Ans: (3) चौराहा में ‘द्विगु’ समास होगा। ‘चौराहा’ का विग्रह है चार राहों का समाहार। जिस समास में पूर्व पद संख्यावाची हों उसे द्विगु समास कहते है। (स्रोत-हिन्दी व्याकरण : डा . हरदेव बाहरी)
Q7. ‘पुत्री’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है –
(1) सुता
(2) तनय
(3) आत्मजा
(4) दुहिता
Ans: (2) ‘तनय’ पुत्री का पर्यायवाची शब्द नहीं है, पुत्री के पर्यायवाची शब्द हैं- सुता, आत्मजा, दुहिता, बेटी, तनुजा, तनया आदि जबकि ‘तनय’ पुत्र का पर्यायवाची शब्द है पुत्र के पर्यायवाची शब्द हैं -बेटा, सुत, आत्मज, तनुज आदि।
Q8. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द ‘कमल’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है?
(1) अरविन्द
(2) सरोज
(3) सलिल
(4) पंकज
Ans: (3) कमल का पर्यायवाची शब्द, अरविन्द, पंकज, जलज, सरोज, शतदल, अम्बुज, नलिन, तामरस आदि है, जबकि ‘सलिल’ जल का पर्यायवाची शब्द है जल के और पर्यायवाची है- ‘नीर, उदक, पानी, अम्बु, तोय, जीवन, वारि, मेघपुष्प।
Q9. ‘जिसकी मति झट सोचने वाली हो’ के लिए एक शब्द होगा –
(1) प्रत्युत्पन्नमति
(2) कुशाग्र बुद्धि
(3) द्रुतगामी
(4) दूरदर्शी
Ans: (1) ‘जिसकी मति झट सोचने वाली हो’ उसके लिए एक शब्द है ‘प्रत्युत्पन्नमति’। जिसकी बुद्धि कुश के अग्र (नोंक) की तरह पैनी हों, ‘कुशाग्र बुद्धि’ तथा ‘वह जिसकी दृष्टि दूर तक जाय’ के लिए एक शब्द ‘दूरदर्शी’ है। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण एवं रचना)
Q10. ‘निर्गुण’ का सन्धि-विच्छेद होगा –
(1) नि गुण
(2) निर गुण
(3) निः गुण
(4) निर गूण
Ans: (3) ‘निर्गुण’ का सन्धि विच्छेद- ‘निः गुण’ होगा। ‘विसर्ग’ के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से जो विकार होता है उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं। यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ और ‘आ’ को छोड़कर कोई दूसरा स्वर आये और विसर्ग के बाद कोई स्वर हो या किसी वर्ग का तृतीय, चतुर्थ या पंचम वर्ण हों अथवा- य, र, ल, व, ह हो तो विसर्ग के स्थान पर ‘र’ हो जाता है। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण एवं रचना)
Q11. निम्नलिखित शब्दों के दिए गए विकल्पों में तत्सम शब्द का चयन कीजिए –
(1) कलस
(2) कलश
(3) कल्स
(4) कल्श
Ans: (2) ‘कलश’ तत्सम शब्द का उदाहरण है। संस्कृत के वे शब्द जो बिना किसी परिवर्तन के हिन्दी में प्रयुत्त होने लगे, तत्सम कहलाते हैं।
Q12. निम्नलिखित वाक्यों में से शुद्ध रूप चुनिए।
(1) हमारी आयुष्मती कन्या का विवाह होने जा रहा है
(2) हमारी सौभाग्यवती कन्या का विवाह होने जा रहा है
(3) हमारी सौभाग्यवती कन्या का विवाह होने जा रही है
(4) हमारी आयुष्मती कन्या की विवाह होने जा रहा है
Ans: (1) ‘हमारी आयुष्मती कन्या का विवाह होने जा रहा है’ शुद्ध वाक्य है। कन्या या पुत्री के लिए ‘आयुष्मती या सौभाग्यकांक्षिणी’ शब्द का प्रयोग होता है जबकि सौभाग्यवती शब्द का प्रयोग विवाहित स्त्री (पत्नी, वधू) के लिए होता है।
Q13. निम्नलिखित शब्द का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?र्भिांनूदय
(1) भानू उदय
(2) भानु उदय
(3) भानू ऊदय
(4) भानु ऊदय
Ans: (2) भानूदय का सन्धि विच्छेद भानु उदय – उ उ ृ ऊ होगा। यदि ‘अ’, ‘आ’, ‘इ’, ‘ई’, ‘उ’, ‘ऊ’ और ‘ऋ’ के बाद वे ही हृस्व या दीर्घ स्वर आएं तो दोनों मिलकर क्रमशः ‘आ’, ‘ई’, ‘ऊ’ और ऋ हो जाते हैं। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण एवं रचना : डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q14. निम्नलिखित वाक्यों में से शुद्ध रूप चुनिए।
(1) हमारे यहाँ तरूण नवयुवकों की शिक्षा का अच्छा प्रबन्ध है
(2) हमारे यहाँ तरूण नवयुवकों की शिक्षा का अच्छा प्रबन्ध है
(3) हमारे यहाँ नवयुवकों की शीक्षा की अच्छा प्रबन्ध है
(4) हमारे यहाँ नवयुवकों की शिक्षा का अच्छा प्रबन्ध है
Ans: (4) उपर्युत्त में शुद्ध वाक्य है- हमारे यहाँ नवयुवकों की शिक्षा का अच्छा प्रबन्ध है।
Q15. जो शब्द ‘धन’ का पर्यायवाची नहीं है उसे चुनिए–
(1) द्रव
(2) द्रव्य
(3) सम्पदा
(4) दौलत
Ans: (1) ‘द्रव’ धन का पर्यायवाची नहीं है धन का पर्यायवाची है, द्रव्य, सम्पदा, दौलत है। जबकि ‘द्रव’ समस्त तरल पदार्थें के लिए प्रयुत्त होता है।
Q16. लोगों ने शोरगुल करके डाकुओं को भगाया। उपरोत्त वाक्य में कारक बताइए–
(1) करण कारक
(2) कर्त्ता कारक
(3) सम्प्रदान कारक
(4) कर्म कारक
Ans: (4) ‘लोगों ने शोरगुल करके डाकुओं को भगाया’ में कर्म कारक है। संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका सम्बन्ध सूचित हो, उसे कारक कहते हैं। कर्म कारक का विभत्ति (परसर्ग) चिन्ह ‘को’ है। बिना विभत्ति चिन्ह के भी कर्म के कारक का प्रयोग होता है। इसके नियम हैंबुलाना, सुलाना, कोसना, पुकारना, जगाना, भगाना इत्यादि। क्रियाओं के कर्मों के साथ ‘को’ विभत्ति लगती है। जैसे- माँ ने बच्चे को सुलाया, पिता ने पुत्र को पुकारा, लोगो ने शोरगुल करके डाकुओं को भगाया आदि। कारक के आठ भेद है- 1. कर्ता – ने 2. कर्म – को 3. करण – से 4. सम्प्रदान- को, के लिए 5. अपादान – से 6. सम्बन्ध – का, की, के, रा, री, रे 7. अधिकरण – में, पर 8. सम्बोधन – हे, ओ, अरे, अजी। (स्रोत- हिन्दी व्याकरण : डा . वासुदेव नंदन प्रसाद पृष्ठ-99)
Q17. ‘घुड़सवार’ शब्द निम्न में से क्या है?
(1) योगरूढ़ शब्द
(2) रुढ़ शब्द
(3) यौगिक शब्द
(4) निरर्थक शब्द
Ans: (3) ‘घुड़सवार’ शब्द यौगिक शब्द है। ऐसे शब्द, जो दो शब्दों के मेल से बनते हैं और जिनके खण्ड सार्थक होते हैं, यौगिक शब्द कहलाते हैं। जैसे-आग-बबूला, पीला-पन, दूध- वाला, इत्यादि। यहाँ प्रत्येक खण्ड के दो शब्द हैं दोनों सार्थक हैं।
Q18. ‘अजायबघर’ है –
(1) तत्सम शब्द
(2) देशी शब्द
(3) विदेशी शब्द
(4) संकर शब्द
Ans: (4) ‘अजायबघर’ संकर शब्द है। दो भिन्न भाषाओं के योग से बने शब्द संकर शब्द कहलाते हैं, इसमें ‘अजायब’ अरबी भाषा का शब्द है तथा ‘घर’ हिन्दी भाषा का संकर शब्द के अन्य उदाहरण है- टिकटघर, बमवर्षा, अदालतघर आदि। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण : डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q19. ‘आचार’ का विलोम शब्द है–
(1) अनाचार
(2) आनाचार
(3) अत्याचार
(4) विचार
Ans: (1) ‘आचार’ का विलोम अनाचार होगा। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण : डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q20. ‘दुस्साहस’ शब्द का उपसर्ग चुनिए–
(1) दुर
(2) दुस्‌
(3) दु
(4) स
Ans: (2) ‘दुस्साहस’ शब्द में ‘दुस्‌’ उपसर्ग लगा है। ‘उपसर्ग’ उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण : डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q21. ‘जगन्नाथ’ किस सन्धि का उदाहरण है?
(1) विसर्ग सन्धि
(2) व्यंजन सन्धि
(3) दीर्घ स्वर सन्धि
(4) यण स्वर सन्धि
Ans: (2) ‘जगन्नाथ’ व्यंजन संधि का उदाहरण है। व्यंजन से स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन सन्धि कहते हैं। नियम- यदि ‘क’, ‘च’, ‘ट’, ‘त’, ‘प’ के बाद ‘न’ या ‘म’ आये तो क, च, ट, त, प अपने वर्ण के पंचम वर्ण में बदल जाते हैं। जैसे- जगत्‌ नाथ ृ जगन्नाथ वाव्‌ मय ृ वाङ्‌मय उत्‌ नति ृ उन्नति (स्रोत- हिन्दी व्याकरण : डा . हरदेव बाहरी)
Q22. ‘मोर’ का तत्सम शब्द होगा–
(1) मयूर
(2) मऊर
(3) मोयूर
(4) मउर
Ans: (1) ‘मोर’ का ‘तत्सम’ मयूर होगा इसलिए विकल्प (1) सही है। संस्कृत के वे शब्द जो बिना किसी परिवर्तन के हिन्दी में प्रयुत्त होने लगे तत्सम शब्द कहलाते हैं।
Q23. ‘अभिशाप’ शब्द में उपसर्ग चुनिए–
(1) अधि
(2) अति
(3) आ
(4) अभि
Ans: (4) ‘अभिशाप’ में ‘अभि’ उपसर्ग लगा है ‘अभिशाप’ में ‘शाप’ मूल शब्द है उसमें ‘अभि’ उपसर्ग लगाने से ‘अभिशाप’ शब्द बना है। जो शब्दों से पूर्व जुड़कर अर्थ को बदल देते हैं, वे उपसर्ग कहलाते है।
Q24. वर्तनी के अनुसार शुद्ध रूप का चयन कीजिए–
(1) ईर्षा
(2) ईर्ष्या
(3) इर्षा
(4) ईरषा
Ans: (2) दिये गये विकल्प में वर्तनी के अनुसार शुद्ध शब्द ‘ईर्ष्या’ विकल्प (2) सही है। शेष सभी विकल्प गलत हैं।
Q25. ‘चन्द्रमा’ का पर्यायवाची शब्द चुनिए–
(1) निशाचर
(2) निशाकर
(3) तरणि
(4) कृशानु
Ans: (2) ‘निशाकर’ ‘चन्द्रमा’ का पर्यायवाची शब्द है, चन्द्रमा के अन्य पर्यायवाची हैं- चाँद, चन्द्र, हिमांशु, सुधाकर, राकेश, शशि, निशापति आदि जबकि तरणि सूर्य का, निशाचर राक्षस का तथा किसान अग्नि का पर्यायवाची शब्द है।
Q26. ‘महादेव’ का पर्यायवाची शब्द चुनिए–
(1) नारायण
(2) गरुड़ध्वज
(3) चन्द्रशेखर
(4) विश्वम्भर
Ans: (3) महादेव का पर्यायवाची शब्द चन्द्रशेखर है महादेव के अन्य पर्याय है- शिव, शंकर, शम्भु, चन्द्रमौलि आदि जबकि गरुणध्वज, नारायण, विश्वम्भर, ‘विष्णु’ के पर्यायवाची शब्द है। (स्रोत-हिन्दी भाषा शब्द अर्थ प्रयोग : हरदेव बाहरी)
Q27. ‘यथाशीघ्र’ शब्द का समास बताइए–
(1) द्वन्द्व
(2) अव्ययीभाव
(3) कर्मधारय
(4) तत्पुरुष
Ans: (2) ‘यथाशीघ्र’ में अव्ययी भाव समास होगा ‘यथाशीघ्र’ का समास विग्रह है- ‘जितना शीघ्र हो’ जिसमे पूर्व पद प्रधान होता है और उत्तर पद गौण वह अव्ययी भाव समास होता है। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना : वासुदेव नन्दन प्रसाद सिंह)
Q28. महात्मा गाँधी में अमूल्य गुण थे। इस वाक्य में ‘अमूल्य’ शब्द है –
(1) संज्ञा
(2) विशेषण
(3) सर्वनाम
(4) क्रिया
Ans: (2) महात्मा गाँधी में अमूल्य गुण थे। इस वाक्य ‘अमूल्य’ शब्द विशेषण है। ‘जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए, उसे ‘विशेषण’ कहते हैं। जिसकी विशेषता बताई जाए, वह ‘विशेष्य’ कहलाता है। उपर्युत्त वाक्य में संज्ञा गुण है और उसकी विशेषता अमूल्य है अतः यहां अमूल्य में विशेषण है। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण : वासुदेव नन्दन प्रसाद सिंह)
Q29. निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया-विशेषण युत्त वाक्य कौन-सा है?
(1) यह फूल सुन्दर है
(2) मैं कल नही जाऊँगा
(3) हवा धीरे-धीरे बह रही है
(4) आज हम स्कूल जाएँगे
Ans: (3) उपर्युत्त वाक्यों में- ‘हवा धीरे-धीरे बह रही है’ क्रिया विशेषण युत्त वाक्य है। नोट- क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्द क्रिया विशेषण कहलाते हैं। ये क्रिया की विशेषता, उसकी निश्चितता उसकी अनिश्चितता तथा क्रिया के घटित होने की स्थिति तथा क्रिया के निषेध व स्वीकृत को दर्शाता है। क्रिया विशेषण के चार भेद होते है- 1. स्थान वाचक 2. काल वाचक 3. परिणाम वाचक 4. रीति वाचक (स्रोत- आधुनिक हिन्दी व्याकरण : वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q30. निम्नलिखित में योगरूढ़ शब्द चुनिए–
(1) चक्रपाणि
(2) पील
(3) दूधवाला
(4) नैन
Ans: (1) उपर्युत्त शब्दों में ‘चक्रपाणि’ योगरूढ़ शब्द है। योग रूढ़ वे शब्द होते है जो दो शब्दों के योग से बनते हैं, परन्तु अर्थ देने में रूढ़ हो जाते हैं, योगरूढ़ कहलाते हैं। यहाँ पर चक्रपाणि में ‘चक्र पाणि’, चक्र को हाथ में धारण करने वाला अर्थात ‘विष्णु’। (स्रोत- हिन्दी भाषा-शब्द अर्थ प्रयोग : डा . हरदेव बाहरी)
निर्देश–नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 1 से 8) से सही/सबसे उपयुत्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। हमें स्वतंत्र हुए 15 वर्ष ही हुए थे कि पड़ोसी चीन ने हमारी पीठ में छुरा भोंक दिया। उत्तर सीमा की सफेद बर्फीली चोटियाँ शहीदों के खून से सनकर लाल हो गई। हजारों माँओं की गोंदे सूनी हुई, हजारों की माँग का सिंदूर पुँछ गया और लाखों अभागे बच्चे पिता के प्यार से वंचित हो गए। गणतंत्र दिवस निकट आ रहा था। देश का हौसला पस्त था। कोई उमंग नहीं रह गई थी पर्व मनाने की। तब यह सोचा गया कि जानी-मानी फिल्मी हस्तियाँ आयोजन में शामिल हों तो भीड़ उमड़ेगी। वहाँ कोई ऐसा गीत प्रस्तुत हो जो लोंगों के दिलों को छूकर उन्हें झकझोर सके। चुनौती फिल्म जगत तक पहुँची। एक नौजवान गीतकार प्रदीप ने चुनौती स्वीकारने का मन बनाया और गीत लिखना शुरू किया। लेकिन सुर और स्वर के बिना गीत का क्या
प्रदीप संगीत निर्देशक सी. रामचंद्र के पास पहुँचे। उन्हें गीत पंसद आया और रक्षा मंत्रालय को सूचना दे दी गई। 26 जनवरी का शुभ दिन आया। लाखों की भीड़ बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रही थी। तब तक जो धुन बज रही थी वह हटी और थोड़ी देर शांति रही। तभी उस शांति को चीरता हुआ लता मंगेशकर का वेदना और चुनौती भरा स्वर सुनाई पड़ा– ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आँख में भर लो पानी’’। समय जैसे थम गया। सभी के मन एक ही भाव, एक ही रस में डूब गए। गीत समाप्त हुआ तो लगभग दो लाख लोग सिसक रहे थे। आँसू थे कि थमते ही न थे।

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