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007 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. कपटी मित्र के लिए सही मुहावरा है–
(1) आस्तीन का साँप
(2) दाँत काटी रोटी
(3) अक्ल की दुम
(4) आबनूस का कुन्दा
Ans : (1) ‘कपटी मित्र’ सही मुहावरा-आस्तीन का साँप होगा। जबकि दाँत काटी रोटी मुहावरे का अर्थ घनिष्ठ मित्रता होता है।
Q2. इन्द्रियों को जीतने वाले के लिए एक शब्द है–
(1) दत्तचित्त
(2) दूरदर्शी
(3) कुशाग्रबुद्धि
(4) जितेन्द्रिय
Ans : (4) वाक्य एक शब्द इन्द्रियों को जीतने वाला – जितेन्द्रिय जो आगे (दूर) को की सोचता हो – दूरदर्शी किसी काम को चित्त लगाकर करना – दत्तचित्त जिसकी बुद्धि कुशा की नोक के समान तीखी हो- कुशाग्रबुद्धि
Q3. पवन का सन्धि-विच्छेद है–
(1) प + वन
(2) प + अवन
(3) पो + अन
(4) पौ + अन
Ans : (3) पो + अन पवन (अयादिसन्धि) यदि ए, ऐ, ओ, औ, के बाद कोई भिन्न स्वर आये तो ए का अय्‌, ऐ का आय्‌, ओ का अव्‌ तथा औ का आव्‌ हो जाता है।
Q4. पुनर्जन्म का सन्धि-विच्छेद है–
(1) पुः + नरजन्म
(2) पुनर + जन्म
(3) पुनः + जन्म
(4) पुनर्‌ + आजन्म
Ans : (3) पुनः + जन्म पुनर्जन्म (विसर्ग सन्धि) विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से जो विकार उत्पन्न होता है उसे ‘विसर्ग सन्धि’ कहते है।
Q5. ‘इत्यादि’ शब्द में कौन-सी सन्धि है?
(1) वृद्धि सन्धि
(2) यण्‌ सन्धि
(3) गुण सन्धि
(4) दीर्घ सन्धि
Ans : (2) इति + आदि इत्यादि (यण्‌ सन्धि) यदि इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आए तो इ, ई का य्‌, उ, ऊ का व्‌ तथा ऋ का र्‌ हो जाता हैजैसे- यदि + अपि यद्यपि नि + ऊन न्यून दीर्घ सन्धि- दो सवर्ण स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते है। यदि अ, आ, इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद वे ही हृस्व या दीर्घ स्वर आएँ तो दोनों मिलकर क्रमशः आ, ई, ऊ और ऋ हो जाते है। अन्न + अभाव अन्नाभव महा + आशय महाशय गुण सन्धि – यदि अ या आ के बाद इ या ई, उ या ऊ और ऋ आए तो दोनों मिलकर क्रमशः ‘ए’ ओ और अर्‌ हो जाता है। जैसे- चन्द्र + उदय चन्द्रोदय गंगा + ऊर्मि गंगोर्मि वृद्धि सन्धि- यदि अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो दोनों के स्थान में ऐ तथा ओ या औ आए तो दोनो के स्थान में ‘औ’ हो जाता है- एक + एक एकैक परम + ओजस्वी परमौजस्वी
Q6. ‘नाक रगड़ना’ का क्या अर्थ है?
(1) इज्जत देना
(2) नाक में चोट लगना
(3) दीनतापूर्वक प्रार्थना करना
(4) चापलूसी करना
Ans : (3) ‘नाक रगड़ना’ मुहावरे का अर्थ है- दीनतापूर्वक प्रार्थना करना। जबकि तलवे चाटना मुहावरे का अर्थ- चापलूसी करना होता है।
Q7. उन्मूलन का विलोम क्या है?
(1) उत्कर्ष
(2) उत्थान
(3) रोपण
(4) अवनति
Ans : (3) शब्द विलोम उन्मूलन रोपण उत्कर्ष अपकर्ष उत्थान पतन अवनति उन्नति
Q8. महावीर प्रसाद द्विवेदी ने आदिकाल को क्या संज्ञा दी है?
(1) आदिकाल
(2) चारणकाल
(3) वीरकाल
(4) बीजवपन काल
Ans : (4) द्विवेदी युग के प्रेणता महावीर प्रसाद द्विवेदी- आदिकाल को बीजवपन काल की संज्ञा दी है। आदिकाल का नामकरण करने वाले अन्य इतिहासकार- आदिकाल- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी वीरकाल- आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र चारणकाल- जार्ज गियर्सन चारणकाल एवं संधिकाल- डॉ. रामकुमार वर्मा
Q9. ‘अति सूधो स्नेह को मारग है’ किसकी पंत्ति है?
(1) बोधा
(2) आलम
(3) ठाकुर
(4) घनानन्द
Ans : (4) अति सूधो स्नेह को मारग है- घनानन्द हम कविराज है, पै चाकर चतुर के- ठाकुर यह प्रेम को पंथकराल महा तरवारि की धार पै धावनो है- वोधा कटि को कंचन काटि विधि, कुचन मध्य धरि दीन- शेखआलम
Q10. ‘कालिन्दी’ का पर्यायावाची क्या है?
(1) लक्ष्मी
(2) सरस्वती
(3) गंगा
(4) यमुना
Ans : (4) कालिन्दी शब्द का पर्यायवाची यमुना है। यमुना के अन्य पर्यायवाची- अर्कजा, रवितनया, कृष्णा, जमुना, कलागंगा, सर्वसुता, भानुजा, तरुणितनूजा तथा अर्कसुता आदि है। लक्ष्मी का पर्यायवाची- श्री, कमला, रमा, पद्‌मा, पद्‌मासन, इन्दिरा, समुद्रजा, हरिप्रिया, क्षीरोद, तनया, भार्गवी तथा सिन्धुसुता। सरस्वती के पर्यायवाची शब्द- भारती, शारदा, वीणा, गिरा, भाषा, इला, ब्राह्मी, वीणापति, वागीश, महाश्वेता, श्रीनिधात्री, वागेश्वरी तथा वागिवधात्री। गंगा के पर्यायवाची शब्द- भागीरथी, जाह्नवी, सुरसरि, देवसरि, त्रिपथगा, सुरध्वनि, नदीश्वरी, देवनदी, मन्दाकिनी, अलकनन्दा, देवापगा तथा विष्णुपरी।
Q11. आधुनिक हिन्दी साहित्य की पहली आत्मकथा के लेखक कौन माने जाते है?
(1) देवेन्द्र सत्यार्थी
(2) बाबू श्यामसुन्दर दास
(3) हरिवंशराय बच्चन
(4) जयशंकर प्रसाद
Ans : (2) आधुनिक हिन्दी साहित्य की पहली आत्मकथा के लेखक बाबू श्यामसुन्दर दास कृत ‘मेरी आत्मकहानी’ (1941 ई.) को माना जाता है। हरिवंशराय बच्चन ने अपनी आत्मकथा चार भागों में लिखी है जो इस प्रकार हैक्या भूलूँ क्या याद करूँ (1969), नीड़ का निर्माण फिर (1970), बसेरे से दूर (1978) तथा दश द्वार से सोपान तक (1985) आदि हैैं। देवेन्द्र सत्यार्थी की आत्मकथा दो भागों में प्रकाशित है। प्रथम भाग ‘‘चाँद सूरज की वीरन (1952) तथा द्वितीय भाग ‘‘नील यक्षिणी’’ (1985) है। जबकि सन्‌ 1641ई. में बनारसीदास जैन ने ब्रजभाषा पद्य में ‘अर्धकथा’ की रचना की जिसे हिन्दी का प्रथम प्राचीनतम आत्मकथा माना जाता है।
Q12. ‘कार्य के आरम्भ में ही विघ्न पड़ना’ किस मुहावरे का अर्थ है?
(1) सिर पर सेहरा बँधा होना
(2) सिर मारना
(3) सिर मुड़ाते ही ओले पड़ना
(4) सिर पर शैतान सवार होना
Ans : (3) ‘‘सिर मुड़ाते ही ओले पड़ना’’ मुहवारे का अर्थ ‘‘कार्य के आरम्भ में ही विघ्न पड़ना’’ होता है
Q13. किस कवि को ‘कवियों का कवि’ कहा जाता है?
(1) शमशेर बहादुर सिंह
(2) धर्मवीर भारती
(3) रघुवीर सहाय
(4) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
Ans : (1) शमशेर बहादुर सिंह को ‘‘कवियों का कवि’’ कहा जाता है। शमशेर ‘‘प्रेम और सौन्दर्य के भी कवि हैं। शमशेर बहादुर सिंह नयी कविता के प्रमुख कवि है। शमशेर बहादुर दूसरे सप्तक के कवि है इनकी प्रमुख काव्य संग्रह- कुछ कविताएँ, कुछ और कविताएँ, चुकी भी हूँ नही मैं, इतने अपने वास, उदिता अभिव्यत्ति का संघर्ष, बात बोलगी, काल तुमसे होड़ है मेरी, कहीं बहुत दूर से सुन रहा हूँ, सुकून की तलाश आदि है।
Q14. ‘दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना राम नाम का मरम है आना’ किस रचनाकार की पंत्तियाँ है?
(1) कबीर
(2) तुलसीदास
(3) केशवदास
(4) सूरदास
Ans : (1) पंत्तियाँ कवि दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना राम नाम का मरम है आना – कबीर साखी सबदी दोहरा, कहि किहनी अपखान भगति निरूपहि भगत कलि निंदहि वेद पुरान – तुलसीदास केसव केसनि अस करी बैरिहु जस न कराहिं चन्द्र बदनि मृगलोचनी ‘बाबा’ कहि कहि जाहि – केशवदस बूझत स्याम कौन तू गोरी। कहाँ रहति, काकी है बेटी, देखी नही कहूँ ब्रजखोरी- सूरदास
Q15. हिन्दी का पहला पत्र है –
(1) इतिहास तिमिरनाशक
(2) उदन्त मार्तण्ड
(3) बनारस अखबार
(4) हरिश्चन्द्र मैगजीन
Ans : (2) हिन्दी की प्रथम पत्रिका ‘उदन्त मार्तण्ड’ 30 मई 1826 ई. को कानुपर निवासी पं. जुगल किशोर के सम्पादकत्व में कलकत्ता से प्रकाशित हुई। ‘उदन्त मार्तण्ड’ में खड़ी बोली का ‘मध्यदेशीय भाषा’ के नाम से उल्लेख किया गया है। ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन दिवस को आधार मानकर 30 मई को ‘राष्ट्रीय हिन्दी पत्रकारिता दिवस’ मनाया जाता है। यह एक साप्ताहिक पत्रिका थी। बनारस अखबार का प्रकाशन सन्‌ 1845 ई. में राजा शिवप्रसाद सिंह के सम्पादकत्व में प्रकाशित हुआ। यह एक साप्ताहिक पत्रिका तथा बनारस से प्रकाशित होती थी। ‘हरिश्चन्द्र मैगजीन’ का प्रकाशन सन्‌ 1873 में भारतेन्द्र हरिश्चन्द्र के सम्पादकत्व में बनारस से प्रकाशित होती थी। यह एक मासिक पत्रिका थी। ‘इतिहास तिमिरनाशक’ राजा शिवप्रसाद सिंह ‘सितारे हिन्द’ की गद्य रचना है।
Q16. ‘चिन्तामणि’ किसका निबन्ध संग्रह है?
(1) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(2) बालमुकुन्द गुप्त
(3) रामचन्द्र शुक्ल
(4) श्यामसुन्दर दास
Ans : (3) ‘चिन्तामणि’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध संग्रह है। ‘गुप्त निबंधावली’ निबन्ध संग्रह बालमुकुन्द गुप्त का है। ‘‘साहित्य की विशेषताएँ समाज और साहित्य, कर्तव्य और सभ्यता आदि बाबू श्यामसुन्दर दास का निबन्ध संग्रह है। अशोक के फूल, कल्पलता, मध्यकालीन धर्म साधना, विचार और वितर्क, विचार प्रवाह, कुटज, साहित्य सहचर तथा आलोक पर्व आदि हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबन्ध संग्रह है।
Q17. ‘काशी नागरी प्रचारिणी सभा’ की स्थापना किस वर्ष हुई?
(1) 1900 ई.
(2) 1893 ई.
(3) 1903 ई.
(4) 1905 ई.
Ans : (2) काशी नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना सन्‌ 1893 ई. हुई थी। इसके संस्थापक अध्यक्ष बाबू श्यामसुन्दर दास, रामनारायण मिश्र तथा शिवकुमार सिंह आदि हैं। यह वाराणसी में स्थापित है। जबकि नागरी प्रचारिणी पत्रिका की स्थापना सन्‌ 1896 ई. में वेणीप्रसाद के सम्पादकत्व में हुई। यह एक त्रैमासिक पत्रिका है जो काशी से प्रकाशित होती है।
Q18. ‘प्रेमसागर’ किसकी रचना है?
(1) सदल मिश्र
(2) मुंशी सदा सुखलाल
(3) लल्लु लाल जी
(4) रामप्रसाद निरंजनी
Ans : (3) ‘प्रेमसागर’ लल्लू लाल जी की रचना है। इनकी अन्य रचनाएँ- सिंहासन बत्तीसी, बैताल पच्चीसी, शकुन्तला नाटक, माधोनल, राजनीति, लतायक-टू-हिन्दी, ब्रजभाषा-व्याकरण, सभाविलास, माध्यविलास तथा लाल चन्द्रिका आदि हैं। चन्द्रावली या नासिकेतोपाख्यान, रामचरित तथा हिन्दी पर्शियन वावेबुलरी आदि सदल मिश्र की रचना है। ‘भाषा योग वशिष्ट’ राम प्रसाद निरंजनी की रचना है। जबकि ‘सुखसागर’ मुंशी सदासुख लाल की रचना है।
Q19. व्युत्पत्ति के आधार पर संज्ञा के कितने भेद होते हैं?
(1) चार
(2) तीन
(3) पाँच
(4) छः
Ans : (3) व्युत्पत्ति के आधार पर संज्ञा के पाँच भेद हैं- (i) व्यत्तिवाचक संज्ञा (ii) जातिवाचक संज्ञा (iii) भाववाचक संज्ञा (iv) समुदायवाचक संज्ञा (v) द्रव्यवाचक संज्ञा
Q20. हिन्दी के शब्दों का लिंग निर्धारण किसके आधार पर होता है?
(1) संज्ञा
(2) प्रत्यय
(3) क्रिया
(4) सर्वनाम
Ans : (3) हिन्दी के शब्दों का लिंग धारण क्रिया के आधार पर होता है। जैसेमैं स्कूल जा रहा हूँ। (पुलिंग) मैं स्कूल जा रही हूँ। (स्त्रीलिंग)
Q21. कारक के कितने भेद होते हैं?
(1) आठ
(2) सात
(3) नौ
(4) दस
Ans : (1) कारक के आठ भेद होते है। कारक विभत्ति/परसर्ग कर्ता कारक – ने कर्म कारक – को करण कारक – से सम्प्रदान कारक – को, के लिए अपादन कारक – से सम्बन्ध कारक – का, के, की, रा, रे, री अधिकरण कारक – में, पर सम्बोधन कारक – हे, अजी, अहां इत्यादि। नोट : हिन्दी में आठ तथा संस्कृत में छह कारक होते हैं।
Q22. ‘घ’ का उच्चारण स्थान कौन-सा है?
(1) कण्ठ
(2) मृर्द्धा
(3) तालु
(4) दन्त
Ans : (1) उच्चारण- स्थान के स्थान परकण्ठ ्‌य (कण्ठ से) – क, ख, ग, घ, ङ तालव्य (तालु से) – च, छ, ज, झ, ञ, य मूर्धन्य (तालु के मूर्धाभाग से)- ट, ठ, ड, ढ, ण, व दन्त्य (दाँतो के मूल से)- त, थ, द, ध वर्त्स्य (दन्तमूल से) – न, स, र, ल ओस्ठ्‌य (दोनों होठो से)- प, फ, ब, भ, म दन्तोष्ठ्‌य (निचले होठ और ऊपर के दाँतो से)- व, फ स्वर यन्त्रीय (काकल्य)- ह
Q23. ‘क्ष’ वर्ण किसके योग से बना है?
(1) क्‌ + च
(2) व्‌ + ष
(3) क्‌ + छ
(4) क्‌ + श
Ans : (2) क्‌ + ष्‌ क्ष त्‌ + र्‌ त्र ज्‌ + ञ्‌ ज्ञ श्‌ + र्‌ श्र जिन व्यंजनों के उच्चारण में अन्य व्यंजनों की सहायता ली जाती है, ऐसे व्यंजन संयुत्त व्यंजन कहलाते हैं।
Q24. शुद्ध वर्तनी का चयन कीजिए –
(1) अस्पृष्यता
(2) अस्प्रस्यता
(3) अस्पृश्यता
(4) अस्प्रश्यता
Ans : (3) ‘अस्पृश्यता’ शुद्ध वर्तनी वाला शब्द है। जबकि अन्य विकल्प असंगत है।
Q25. कवि का स्त्रीलिंग है–
(1) कवित्री
(2) कविइत्री
(3) कवयित्री
(4) कवियित्री
Ans : (3) कवि का स्त्रीलिंग कवयित्री होता है।
Q26. ‘तरणि’ का पर्यायवाची शब्द है–
(1) नाम
(2) सूर्य
(3) युवती
(4) नदी
Ans : (2) तरणि शब्द का पर्यायवाची शब्द सूर्य है। सूर्य की अन्य पर्यायवाची शब्द- रवि, भानु, दिनकर, दिवाकर, भास्कर, प्रभाकर, सविता, पतंग तथा आदित्य है। नदी का पर्यायवाची शब्द- सरिता, निर्झरणी, तरंगिनी, पयस्विनी, तरनी, स्रोतस्विनी, लहरी, आपगा, सरि, तरंगवती, निग्नगा, लरमाला, नदिया तथा तटिया। युवती के पर्यायवाची शब्द- सुन्दरी, श्यामा, किशोरी, तरुणी, नवयौवना, नवोढ़ा, यौवनवती तथा रमणी। नाम के पर्यायवाची शब्द- ख्याति, बड़ाई, कीर्ति, यश, प्रसिद्धि, मशहूरी, शोहरत आदि।
Q27. ‘मीन’ का पर्यायवाची शब्द है–
(1) शापक
(2) शिखी
(3) विभावरी
(4) मत्स्य
Ans : (4) मीन का पर्यायवाची शब्द मत्स्य है। मीन के अन्य पर्यायवाची- शफली, झष, जल तथा जीवन आदि। विभावरी के पर्यायवाची शब्द- रात, रैन, रात्रि, रजनी, निशा, निशीथ, यामिनी, शर्वरी, तमी, त्रिवामा, तमिदााा, तमदााा तथा विभा आदि हैं।
Q28. दिए हुए शब्दों में भिन्न अर्थ वाला शब्द है–
(1) नन्दिनी
(2) आत्मजा
(3) भार्या
(4) कन्या
Ans : (3) आत्मजा, कन्या, नन्दिनी आदि पुत्री के पर्याय है। पुत्री के अन्य पर्यायवाची शब्द- तनया, सुता, ल़्ाडकी, बेटी तथा दुहिता है। जबकि भार्या पत्नी की पर्यायवाची है। पत्नी के अन्य पर्यायवाची शब्द- दारा, सहभामिनी, ग्रहिणी, वधु, प्राणप्रिया, बल्लभा, वाया, घरनी, प्रिया, तिय, कान्ता, कलत्र, अर्द्धांगिनी वामांगी, बहू, जोरू, घरवाली तथा औरत आदि है।
Q29. अनुपम का पर्यायवाची शब्द है–
(1) लौकिक
(2) स्वर्गीय
(3) पार्थिव
(4) अद्वितीय
Ans : (4) अनुपम का पर्यायवाची शब्द अद्वितीय है। अनुपम के अन्य पर्यायवाची शब्द- अद्‌भुत, अनूठा, अपूर्व तथा अनोखा आदि है।
Q30. कान का कच्चा होने का अर्थ है –
(1) सुनी बात पर विश्वास करना
(2) कम सुनना
(3) दूसरे की बात मानना
(4) कान का कमजोर होना
Ans : (1) ‘कान का कच्चा होना’ मुहावरे का अर्थ है ‘‘सुनी हुई बातों पर विश्वास करना’’ होता है।

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