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006 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. ‘भेजे मनभावन के ऊधव के आवन की सुधि ब्रजगाँवनि मैं पावक जबै लगीं’- इस पंत्ति के रचनाकार कौन है?
(1) कुम्भनदास
(2) सूरदास
(3) नन्ददास
(4) जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’
Ans: (4) उपर्युत्त पंत्ति के रचनाकार जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’ हैं। यह पंत्ति उद्धवशतक (1929) से ली गई है। इनकी अन्य रचनाएं- गंगावतरण, शृगांर लहरी, हरिश्चन्द आदि है- (स्रोत- हिन्दी साहित्य का इतिहास – डा. नगेन्द्र, पृष्ठ-492)
Q2. डा . नगेन्द्र ने किस युग को ‘स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह’ कहा है?
(1) भत्तिकाल
(2) भारतेन्दु युग
(3) रीतिकाल
(4) छायावाद
Ans: (4) डॉ. नगेन्द्र ने छायावादी युग को स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह कहा है। (स्रोत- हिन्दी साहित्य का इतिहास – डा . नगेन्द्र, पृष्ठ-529)
Q3. ‘मेरी तिब्बत-यात्रा’ के रचनाकार कौन है?
(1) बनारसीदास चतुर्वेदी
(2) श्री राम शर्मा
(3) महादेवी वर्मा
(4) राहुल सांकृत्यायन
Ans: (4) मेरी तिब्बत यात्रा के रचनाकार राहुल सांकृत्यायन हैं इनके और यात्रा वृत्तान्त निम्न हैं- 1. मेरी लद्‌दाख यात्रा 2. किन्नर देश में 3. घुमक्कड़ शास्त्री 4. यात्रा के पन्ने 5. एशिया के दुर्गम भूखण्ड
Q4. ‘किसी बात का गूढ़ रहस्य जानने वाला’ वाक्य के लिए एक शब्द क्या होगा?
(1) सुविज्ञ
(2) मर्मज्ञ
(3) विद्वान
(4) निगूढ़
Ans: (2) ‘किसी बात का गूढ़ रहस्य जानने वाला’ के लिए एक शब्द मर्मज्ञ है। (स्रोत- आधुनिक हिन्दी व्याकरण – वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q5. ‘हे राम
तुम कहाँ हो’ वाक्य में कौन-सा कारक है?

(1) अधिकरण
(2) सम्बन्ध
(3) सम्बोधन
(4) अपादान
Ans: (3) सम्बोधन कारक के लिए विस्मय सूचक शब्द का प्रयोग होता है- हिन्दी में कारक के आठ भेद होते हैं। कर्ता- ने कर्म- को करण- से सम्प्रदान- को, के लिए अपादान- से (अलगाव के लिए) सम्बन्ध- का, की, के, रा, री, रे अधिकरण- में, पर सम्बोधन- हे
अहो
, अरे
इत्यादि (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना डा वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q6. ‘बुढ़ापा’ शब्द में कौन-सी संज्ञा है?
(1) भाववाचक संज्ञा
(2) जातिवाचक संज्ञा
(3) व्यत्तिवाचक संज्ञा
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (1) बुढ़ापा में भाव वाचक संज्ञा है। जिस संज्ञा शब्द से किसी व्यत्ति, प्राणी, वस्तु अथवा पदार्थ के गुण, दोष, दशा, अवस्था, क्रिया के व्यापार आदि का बोध होता है, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे- बचपन, सुन्दरता, लड़कपन पाण्डित्य, दासत्व आदि। संज्ञा के पाँच भेद हैं- 1. व्यक्तिवाचक संज्ञा 2. जातिवाचक संज्ञा 3. भाववाचक संज्ञा 4. द्रव्यवाचक संज्ञा 5. समूहवाचक संज्ञा (स्रोत- हिन्दी भाषा- डा . हरदेव बाहरी)
Q7. ‘उपकूल’ में कौन-सा समास है?
(1) द्विगु
(2) द्वन्द्व
(3) अव्ययीभाव
(4) तत्पुरुष
Ans: (3) उपकूल में अव्ययीभाव समास है। अव्ययीभाव समास में पूर्व पद प्रधान होता है और उत्तरपद गौण होता है अथवा जिसका पहला पद अव्यय की प्रकृति का हो, वहां अव्ययीभाव समास होता है।
Q8. वे शब्द जो धातु या शब्द के अन्त में जोड़े जाते हैं, उन्हें क्या कहते हैं?
(1) अव्यय
(2) समास
(3) उपसर्ग
(4) प्रत्यय
Ans: (4) वे शब्द जो धातु या शब्द के अन्त में जोड़े जाते हैं प्रत्यय कहलाते हैं। उपसर्ग – उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं जो किसी शब्द से पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। समास- जहाँ पर दो या दो से अधिक शब्द मिलकर जब किसी शब्द को बनाते हैं तब वहाँ समास होता है। अव्यय- ‘अव्यय’ ऐसे शब्द को कहते हैं, जिसके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक इत्यादि के कारण कोई विकार उत्पन्न नहीं होता। (स्रोत-हिन्दी भाषा – डा . हरदेव बाहरी)
Q9. निम्न में किस शब्द में उपसर्ग का प्रयोग हुआ है–
(1) हानिकारक
(2) लिखाई
(3) उपकार
(4) अपनापन
Ans: (3) उपकार में ‘उप’ उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं जो किसी शब्द से पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। (स्रोत- हिन्दी भाषाः डा . हरदेव बाहरी)
Q10. ‘औंधी खोपड़ी’ मुहावरे का अर्थ है
(1) कुछ निर्णय न कर पाना
(2) मूर्ख होना
(3) किंकर्त्तव्यविमूढ़ होना
(4) झगड़ालू होना
Ans: (2) औंधी खोपड़ी- मूर्ख होना किंकर्त्तव्यविमूढ़ होना-अनिश्चयात्मक स्थिति (स्रोत-प्रामाणिक सामान्य हिन्दी-पृथ्वी नाथ पाण्डेय पृष्ठ-325)
Q11. ‘त्याग-पत्र’ उपन्यास के उपन्यासकार कौन है?
(1) जैनेन्द्र
(2) यशपाल
(3) अज्ञेय
(4) उपेन्द्रनाथ अश्क
Ans: (1) त्यागपत्र जैनेन्द्र का उपन्यास है। त्यागपत्र में स्त्री के विद्रोही व्यत्तित्व का चित्रण है। इसमें मृणाल, प्रमोद, शीला मुख्य पात्र हैं। जैनेन्द्र के अन्य उपन्यासों में- परख, सुनीता, त्यागपत्र, कल्याणी, सुखदा, विवर्त, व्यतीत, जयवर्धन, मुत्तिबोध है यशपाल के प्रमुख उपन्यास- झूठासच, मेरी तेरी उसकी बात है। अज्ञेय के उपन्यास- 1. शेखर एक जीवनी (1) नदी के द्वीप (3) अपने-अपने अजनबी
Q12. हिन्दी साहित्य के इतिहास के सम्बन्ध में ‘मा डर्न वरनाक्यूलर लिटरेचर आ फ हिन्दोस्तान’ किसने लिखा है?
(1) जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
(2) गार्सा द तासी
(3) सुनिति कुमार चटर्जी
(4) धीरेन्द्र वर्मा
Ans: (1) ‘मॉडर्न वरनाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान’ के लेखक- जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन हैं। गार्सा द तासी ने- इस्तवार द ला लितरेत्यूर एन्दुई ऐन्दुस्तानी नाम से प्रेंच भाषा में साहित्य का इतिहास लिखा। (स्रोत-हिन्दी साहित्य का इतिहास – आचार्य रामचन्द्र शुक्ल)
Q13. निम्नलिखित में कौन-सा वाक्य शुद्ध है?
(1) उसने मुझसे पास आने को कहा
(2) उसने मुझे पास आने के लिए कहा
(3) उसने मुझे पास आने को कहा
(4) उसने मेरे को पास आने के लिए कहा
Ans: (3) निम्नलिखित वाक्यों में- ‘उसने मुझे पास आने को कहा।’ वाक्य शुद्ध है।
Q14. मूक होइ बाचाल पंगु चढ़इ गिरिबन गहन। जासु कृपाँ सो दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन।। प्रस्तुत पंत्तियों में कौन-सा छन्द है–
(1) चौपाई
(2) सोरठा
(3) दोहा
(4) बरवै
Ans: (2) सोरठा-यह अर्द्ध सममात्रिक छन्द है। यह दोहे का विपरीत होता है। इसके प्रथम एवं तृतीय चरण में 11-11 मात्राएँ तथा द्वितीय एवं चतुर्थ चरण में 13-13 मात्राएँ होती है। (स्रोत- हिन्दी भाषाः डा . हरिदेव बाहरी)
Q15. कौन-सी वर्तनी शुद्ध है?
(1) विशेश
(2) विशेष
(3) विषेष
(4) बिसेष
Ans: (2) निम्नलिखित में ‘विशेष’ की वर्तनी शुद्ध है।
Q16. मैथिलीशरण गुप्त ने नहीं लिखा है
(1) कामायनी
(2) साकेत
(3) जयद्रथ वध
(4) यशोधरा
Ans: (1) ‘कामायनी’ मैथलीशरण की रचना नहीं है। जयशंकर प्रसाद की रचना है। प्रसाद की अन्य रचनाएं- उर्वशी, झरना, आंसू, लहर, चित्राधार। जबकि मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएं हैं- रंग में भंग, भारत भारती, साकेत, जयद्रथ वध, यशोधरा द्वापर पंचवटी।
Q17. ‘चौराहा’ शब्द में कौन-सा समास है?
(1) द्वन्द्व
(2) द्विगु
(3) तत्पुरुष
(4) बहुब्रीहि
Ans: (2) चौराहा में द्विगु समास है। चौराहा ृ चार राहों का समाहार द्विगु समास की परिभाषा- संख्या पूर्वो द्विगु। जिस समास में पूर्व पद संख्यावाची हो द्विगु समास होता है- 1. पंचवटी, 2. पंचांग, 3. पंचग्राम, 4. चतुर्युग, 5. चतुष्फल (स्रोत- आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना – डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q18. ‘बिना पढ़ा हुआ अंश’ वाक्यांश के लिए शब्द होगा –
(1) अपभ्रंश
(2) अपठित
(3) मौलिक
(4) अपठनीय
Ans: (2) बिना पढ़ा हुआ अंश- वाक्यांश के लिए एक शब्द ‘अपठित’ अंश होगा जो पढ़ने योग्य न हो- अपठनीय
Q19. भाषा शिक्षण के अन्तर्गत वर्तनी सम्बन्धी त्रुटियों का निवारण करना चाहिए –
(1) त्रुटियों का प्रकार गिनाकर
(2) वर्तनी का शुद्ध उच्चारण एवं लेखन अभ्यास करवाकर
(3) वर्तनी के बारे में कुछ बातें बताकर
(4) त्रुटियों की उपेक्षा कर
Ans: (2) वर्तनी का शुद्ध उच्चारण एवं लेखन अभ्यास करवा कर भाषा शिक्षण के अन्तर्गत वर्तनी सम्बन्धी त्रुटियों का निवारण करना चाहिए।
Q20. बच्चों में भाषा प्रयोग की दक्षता विकसित करने के लिए आवश्यक है
(1) उन्हें कविताएँ याद हों
(2) उन्हें सुनने और बोलने की पूरी आजादी हो
(3) उन्हें मुहावरे याद हों
(4) वे किसी वत्ता के साथ रहते हों
Ans: (2) बच्चों में भाषा प्रयोग की दक्षता विकसित करने के लिए आवश्यक है कि उन्हें सुनने एवं बोलने की पूरी आजादी हो।
Q21. वर्णों के उस समूह को, जिससे कोई निश्चित अर्थ निकलता हो, कहा जाता है-
(1) वर्ण
(2) शब्द
(3) वर्ण-समूह
(4) वत्तव्य
Ans: (2) वर्णों के उस समूह को जिससे कोई निश्चित अर्थ निकलता है शब्द कहते हैं। वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं जिसका खण्ड न किया जा सके।
Q22. वे कथन जो आपसी व्यवहार में सामान्य रूप से प्रयुत्त होते हैं, उन्हें कहते हैं-
(1) औपचारिक कथन
(2) अनौपचारिक कथन
(3) प्रासंगिक कथन
(4) तर्कसंगत कथन
Ans: (2) अनौपचारिक कथन वे कथन हैं, जो आपसी व्यवहार में सामान्य रूप से प्रयुत्त होते हैं।
Q23. निम्न में से किस पत्रिका का सम्बन्ध इलाहाबाद से है?
(1) हिन्दी प्रदीप
(2) ब्राह्मण
(3) समन्वय
(4) माधुरी
Ans: (1) हिन्दी प्रदीप (1877) में बालकृष्ण भट्‌ट के सम्पादकत्व में इलाहाबाद (प्रयाग) से निकलती थी। ब्राह्मण (1831) – प्रताप नारायण मिश्र – कानपुर समन्वय (1922) – माधवानन्द – कलकत्ता माधुरी (1921) – दुलारे लाल भार्गव – लखनऊ
Q24. सरस्वती पत्रिका के सम्पादक कौन थे?
(1) बालकृष्ण भट्‌ट
(2) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(3) महावीर प्रसाद द्विवेदी
(4) बालमुकुन्द गुप्त
Ans: (3) सरस्वती पत्रिका के सम्पादक महावीर प्रसाद द्विवेदी थे। महावीर प्रसाद द्विवेदी 1903 में सरस्वती के सम्पादक बने और 1920 तक रहे। यह मासिक पत्रिका थी। (स्रोत- हिन्दी साहित्य का इतिहास : डा . नगेन्द्र)
Q25. निम्न में से कौन-सा शब्द अमात्रिक है?
(1) अमिताभ
(2) कारखाना
(3) कलरव
(4) चहचहाना
Ans: (3) कलरव अमात्रिक शब्द है इसमें किसी भी मात्रा का प्रयोग नहीं किया गया है।
Q26. ‘तरनि-तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए’ में कौन-सा अलंकार है?
(1) यमक
(2) अनुप्रास
(3) उत्प्रेक्षा
(4) उपमा
Ans: (2) जहाँ पर समान वर्णों की आवृत्ति हो वहाँ अनुप्रास अलंकार होगा। यहाँ पर त वर्ण की आवृत्ति होने के कारण यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
Q27. ‘रामचरितमानस’ में काण्ड का सही क्रम है
(1) बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड
(2) सुन्दरकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, बालकाण्ड, लंकाकाण्ड
(3) अयोध्याकाण्ड, बालकाण्ड, सुन्दरकाण्ड लंकाकाण्ड
(4) लंकाकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, बालकाण्ड, सुन्दरकाण्ड
Ans: (1) रामचरित मानस तुलसी दास की रचना है इसमे कुल-7 काण्ड है। तुलसी ने इसे 2 वर्ष 7 माह 26 दिन में पूरा किया। रामचरित मानस के काण्डों का क्रम है- 1. बालकाण्ड 2. अयोध्याकाण्ड (यह रामचरित मानस का हृदय काण्ड है।) 3. अरण्य काण्ड 4. किष्किन्धाकाण्ड (यह काशी में लिखा गया।) 5. सुन्दरकाण्ड 6. लंका काण्ड 7. उत्तर काण्ड प्रश्न में सही क्रम है- बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड (स्रोत- हिन्दी साहित्य का इतिहास : डा . नगेन्द्र)
Q28. ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’ किस रचनाकार की पंत्ति है?
(1) रैदास
(2) कबीरदास
(3) सूरदास
(4) तुलसीदास
Ans: (4) ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’ पंत्ति तुलसी दास कृत राम चरित मानस से लिया गया है। (स्रोत- हिन्दी साहित्य का इतिहास : डा . नगेन्द्र)
Q29. ‘वह थोड़ा बीमार है’-इस वाक्य में ‘थोड़ा’ं में कौन-सा क्रिया-विशेषण है?
(1) कालवाचक क्रिया-विशेषण
(2) परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण
(3) स्थानवाचक क्रिया-विशेषण
(4) रीतिवाचक क्रिया-विशेषण
Ans: (2) वह थोड़ा बीमार है में ‘थोड़ा’ शब्द परिमाणवाचक क्रिया विशेषण है। जिस शब्द से क्रिया की मात्रा के बारे में पता चलता है, वह परिमाण वाचक क्रिया विशेषण कहलाता है। इसकी पहचान के लिए क्रिया के साथ कितना/कितनी लगाकर प्रश्न किया जाता है। उदाहरण- थोड़ा, बहुत, कुछ, कम, अधिक, उतना, जितना आदि। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना-डा . वासुदेव नन्दन प्रसाद)
Q30. अमृतलाल नागर के किस उपन्यास में गोस्वामी तुलसीदास की जीवनी को आधार बनाया गया है?
(1) सुहाग के नूपुर
(2) बूँद और समुद्र
(3) मानस का हंस
(4) अमृत और विष
Ans: (3) अमृत लाल नागर के उपन्यास ‘मानस का हंस’ में गोस्वामी तुलसीदास के जीवन को आधार बनाया गया है। बूंद और समुद्र उपन्यास में- बूंद व्यत्ति का और समुद्र समाज का प्रतीक है। सुहाग का नूपुर- मध्यकालीन कुलवधुओं एवं नगर वधुओं का चित्रण। अमृत और विष-भारतीय गणतंत्र के 15 वर्षों का राजनैतिक एवं सामाजिक चित्रण।

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