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002 Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Hindi Language Previous Year Questions for CTET & TET Exams

Q1. गद्य शिक्षण में काठिन्य निवारण किया जा सकता है
(1) वस्तु को प्रत्यक्ष दिखाकर
(2) चित्र दिखाकर
(3) मॉडल दिखाकर
(4) उपर्युक्त सभी
Ans : (4) गद्य शिक्षण में काठिन्य निवारण की विधियां हैं- (i) चित्र दिखाकर (ii) वस्तु को प्रत्यक्ष दिखाकर और (iii) माडल दिखाकर। इन विधियों द्वारा शिक्षण में दुरुहता को सहज बनाया जा सकता है।
Q2. प्राथमिक स्तर पर कविता-शिक्षण उपयोगी नहीं होगा–
(1) जो कविताएँ छात्रों की सृजनशीलता को बढ़ाने वाली हों
(2) जिसे छात्र सरलता से समझ सके
(3) जो कविताएँ अन्तर्राष्ट्रीय वादों से सम्बन्धित हों
(4) निमें नीति, हास्य, वीरता, देशभक्ति जैसी भावनाएँ निहित हों
Ans : (3) प्राथमिक स्तर पर कविता शिक्षण की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करती है, पहला यह कि जिसे छात्र सरलता से समझ सके दूसरा यह कि ऐसी कविताएं हों, जो छात्रों में सृजनशीलता बढ़ाने वाली हो और तीसरा यह कि जिसमें नीति, हास्य, वीरता देशभक्ति जैसी भावनाएं निहित हो। जबकि ऐसी कविताएं जो अन्तर्राष्ट्रीय वादों से सम्बन्धित होती है,प्राथमिक स्तर पर उपयोगी सिद्ध नहीं होगी।
Q3. ‘हिन्दी भाषा और साहित्य’ नामक ग्रन्थ के लेखक हैं–
(1) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
(2) भगवत शरण उपाध्याय
(3) डॉ. श्यामसुन्दर दास
(4) डॉ. हरदेव बाहरी
Ans : (3) ‘हिन्दी भाषा और साहित्य’ नामक ग्रन्थ के लेखक हैं- डॉ श्याम सुन्दर दास हैं, आप हिन्दी के अनन्य साधक, विद्वान, आलोचक और शिक्षाविद्‌ थे। आप अपने साथियों के सहयोग से काशी नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना की थी। इनकी प्रमुख पुस्तवें हैं- हिन्दी कोविद रत्नमाला, साहित्य लोचन, भाषा विज्ञान आदि।
Q4. भाषा सिखाने का सही क्रम है–
(1) श्रवण करना, बोलना, पढ़ना, लिखना
(2) बोलना, श्रवण, करना, पढ़ना, लिखना
(3) बोलना, पढ़ना, श्रवण करना, लिखना
(4) श्रवण करना, पढ़ना, बोलना, लिखना
Ans : (1) भाषा सिखाने का सही क्रम है- पहला यह कि उसे ‘श्रवण’ करना दूसरा ‘बोलना’ तीसरा ‘पढ़ना’ और चौथा ‘लिखना’।
Q5. लेखन से सम्बन्धित नहीं है
(1) शुद्ध उच्चारण
(2) बैठने का उचित ढंग
(3) लेखनी पकड़ने का ढंग
(4) आँखों से कागज की दूरी
Ans : (1) लेखन से सम्बन्धित प्रमुख बातें हैं- पहला बैठने का उचित ढंग दूसरा लेखनी पकड़ने का ढंग और तीसरा आँखों से कागज रखने की दूरी। जबकि शुद्ध उच्चारण लेखन से सम्बन्धित नहीं है, बल्कि यह बोलने से सम्बन्धित है।
Q6. भाषा शिक्षक में होना आवश्यक नहीं है
(1) सुन्दर लेख
(2) व्याकरण का ज्ञान
(3) विषय और मूल्यांकन विविधयों का ज्ञान
(4) रसायनों का ज्ञान होना
Ans : (4) भाषा शिक्षक में रसायनों का ज्ञान होना आवश्यक नहीं हैं इसके लिए व्याकरण का ज्ञान, सुन्दर लेखन एवं विषय और मूल्यांकन विधियों का ज्ञान होना आवश्यक है।
Q7. उपन्यास एवं विवेच्य विषयवस्तु की दृष्टि से असंगत युग्म है
(1) सेवासदन – गणिका समस्या एवं विवाह से सम्बन्धित समस्या पर
(2) वरदान – रजवाड़ों की दासियों की समस्याओं पर
(3) प्रेमाश्रम – कृषक जीवन की समस्याओं पर
(4) कायाकल्प – साम्प्रदायिक समस्या योगाभ्यास व पुनर्जन्मवाद पर
Ans : (2) उपन्यास एवं विवेच्य विषय वस्तु की दृष्टि से विकल्प (2) असंगत है जबकि सेवासदन गणिकाओं की समस्या से सम्बन्धित है। प्रेमाश्रम कृषक जीवन की समस्याओं से एवं कायाकल्प साम्प्रदायिक समस्या, योगाभ्यास एवं पुनर्जन्म पर आधारित है।
Q8. ‘आचरण की सभ्यता’ के निबन्धकार कौन हैं?
(1) सरदार पूर्ण सिंह
(2) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(3) महावीर प्रसाद द्विवेदी
(4) बालकृष्ण भट्‌ट (परीक्षा तिथि : 19-12-2016)
Ans : (1) आचरण की सभ्यता के निबन्धकार सरदार पूर्णसिंह हैं। ‘‘भारत वर्षोन्नति कैसे हो सकती है।’’ यह निबन्ध भारतेन्दु हरिश्चन्द का है।
Q9. ‘विरासत’ शब्द का अर्थ है
(1) पुरखों से प्राप्त
(2) प्रकृति से प्राप्त
(3) मित्रों से प्राप्त
(4) मूल्य देकर खरीदा हुआ
Ans : (1) विरासत शब्द का अर्थ होता है- पुरखों से प्राप्त। अतः विकल्प (1) सही है और अन्य तीनों विकल्प प्रकृति से प्राप्त, मित्रों से प्राप्त और मूल्य देकर खरीदा हुआ प्रश्न से पृथक भाव रखता है।
Q10. ‘निर्बल’ का विलोम शब्द है–
(1) सबल
(2) सुदृढ़
(3) बाहुबली
(4) समुन्नत
Ans : (1) निर्बल का विलोम सबल होता है न कि बाहुबली, सुदृढ़ एवं समुन्नत। अतः विकल्प (1) सही है।
Q11. हिन्दी का प्रथम मौलिक उपन्यास किसे माना जाता है?
(1) तितली
(2) नूतन ब्रह्मचारी
(3) त्याग-पत्र
(4) परीक्षा गुरु
Ans : (4) वास्तव में उपन्यास एवं कहानी पश्चिमी साहित्य की देन है। भारतेन्दु युग में जो उपन्यास लिखे गये उनमें उपन्यास विधा का उचित निर्वाह न होने के कारण सच्चा उपन्यास नहीं कहा जा सकता है। सच तो यह है कि हिन्दी में वास्तविक उपन्यास की रचना सर्वप्रथम प्रेमचन्द ने ही की। यू ऐतिहासिक दृष्टि से लाला श्रीनिवास दास का परीक्षा गुरु (1882) ही हिन्दी का पहला उपन्यास माना जाता है।
Q12. ‘तद्‌भव’ पत्रिका कहाँ से प्रकाशित होती है?
(1) दिल्ली
(2) बनारस
(3) लखनऊ
(4) जबलपुर
Ans : (3) तद्‌भव पत्रिका लखनऊ से प्रकाशित होती है। इसके सम्पादक अखिलेश हैं। यह त्रैमासिक पत्रिका है।
Q13. ‘‘या लकुटी अरु कामरिया पर राज तिहूँ पुर को तजि डारौं।’’ किसकी पंक्ति है
(1) नंददास
(2) सूरदास
(3) रसखान
(4) मीराबाई
Ans : (3) ‘‘या लकुटी अरु कामरिया पर राज तिहूँ पुर को तजि डारौं।’’ यह पंक्ति भक्ति कालीन सम्प्रदाय निरपेक्ष कवि रसखान के द्वारा रचित है।
Q14. तद्‌भव शब्द है–
(1) प्रकाश
(2) अँधेरा
(3) रात्रि
(4) चन्द्र
Ans : (2) दिये गये विकल्पों में तद्‌भव शब्द अँधेरा है। अँधेरा का तत्सम अन्धकार है। रात्रि का तद्‌भव रात और चन्द्र का तद्‌भव चाँद होता है।
Q15. आँख एक नहीं कजरौटा दस-दस’- लोकोक्ति का क्या अर्थ है
(1) आँख मे काजल लगाना
(2) व्यर्थ आडंबर
(3) आँख की देखभाल करना
(4) लाइलाज बीमारी
Ans : (2) ‘आँख एक नहीं कजरौटा दस-दस’ लोकोक्ति का अर्थ है- व्यर्थ आडम्बर। अतः विकल्प (2) सही है।
Q16. निम्न में से पुल्लिंग शब्द है :
(1) बात
(2) रात
(3) गीत
(4) मात
Ans : (3) उक्त विकल्पों में शब्दों का प्रयोग करने पर स्पष्ट होता है कि कौन स्त्रीलिंग है और कौन पुलिंग। रात अँधेरी थी (स्त्रीलिंग) गीत गाया जाता है (पुलिंग), बात अच्छी नहीं लगी (स्त्रीलिंग) तथा उसने मात दी (स्त्रीलिंग)।
Q17. ‘‘राम ने सुरेश के साथ मित्रता का निर्वाह किया’’ इसमें भाववाचक संज्ञा है
(1) सुरेश
(2) राम
(3) निर्वाह
(4) मित्रता
Ans : (4) ‘‘राम ने सुरेश के साथ मित्रता का निर्वाह किया।’’ इसमें भाववाचक संज्ञा मित्रता है। चूंकि मित्रता कोई दृश्य वस्तु नहीं है। अतः यह भाव विशेष का बोध कराता है। अतः यह भाव वाचक संज्ञा है।
Q18. ‘मेरा घर इसी शहर में है’- में कौन सा विशेषण है?
(1) सार्वनामिक विशेषण
(2) गुणवाचक विशेषण
(3) संख्यावाचक विशेषण
(4) परिमाणबोधक विशेषण
Ans : (1) ‘‘मेरा घर इसी शहर में है’’ में सार्वनामिक विशेषण है। पुरुषवाचक या निजवाचक सर्वनामों को छोड़कर अन्य सर्वनाम जब किसी संज्ञा की विशेषता बतलाये तो उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
Q19. पिता ने समझाया कि सदा सत्य बोलना चाहिए। यह वाक्य उदाहरण है
(1) इच्छावाचक वाक्य का
(2) सरल वाक्य का
(3) मिश्र वाक्य का
(4) आज्ञावाचक वाक्य का
Ans : (3) पिता ने समझया कि सदा सत्य बोलना चाहिए। यह वाक्य उदाहरण है- मिश्रवाक्य का। इसमें दो वाक्य पृथक-पृथक किन्तु एक आशय को स्पष्ट करते हैं।
Q20. ‘कृतज्ञ’ किसका संक्षिप्तीकरण है?
(1) उपकार कराने वाला
(2) उपकार करने वाला
(3) किये हुए उपकार को न मानने वाला
(4) किये हुए उपकार को मानने वाला
Ans : (4) कृतज्ञ ‘किये हुए उपकार को मानने वाला’ का संक्षिप्तीकरण है।
Q21. शुद्ध वर्तनी वाला शब्द है
(1) श्रृंगार
(2) शृंगार
(3) श्रृगांर
(4) श्रृंगर
Ans : (2) दिये गये उक्त विकल्पों में शुद्ध वर्तनी वाला शब्द शृंगार है। अतः विकल्प (2) सही है अन्य गलत।
Q22. ‘कटहरा’ शब्द का तत्सम रूप क्या है?
(1) कड़वा
(2) कटहल
(3) काष्ठगृह
(4) कंटफल
Ans : (3) कटहरा का तत्सम रूप काष्ठगृह होता है न कि कटहल, कड़वा या कंटफल।
Q23. ‘अत्याचार’ शब्द में उपसर्ग है-
(1) अत्‌
(2) आ
(3) अति
(4) अत्या
Ans : (3) अत्याचार शब्द में अति उपसर्ग लगा है तथा आचारमूल शब्द है।
Q24. निम्नलिखित पंक्तियों में कौन सा अलंकार– बालधी बिसाल बिकराल ज्वाल जाल मानौ, लंकलीलिबै को काल रसना पसारी है
(1) यचक और श्लेष
(2) उपमा और रूपक
(3) उत्प्रेक्षा और अनुप्रास
(4) अनुप्रास और यमक
Ans : (3) ‘‘बालधी बिसाल बिकराल ज्वाल जाल मानौ, लंक लीलिबे को काल रसना पसारी है।’’ इसमें उत्प्रेक्षा एवं अनुप्रास अलंकार है। यहाँ पर हेतुत्प्रेक्षा है। जहाँ अकारण को कारण मानकर सम्भावना की जाय वहाँ हेतुत्प्रेक्षा अलंकार होता है। जब कविता में एक या कई व्यंजनों की आवृत्ति हो चाहे स्वर असमान ही हो तो वहां अनुप्रास अलंकार होता है। अतः उक्त पंक्तियों में उत्पे्रक्षा एवं अनुप्रास दोनों अलंकार है।
Q25. रसों को उदित और उद्दीप्त करने वाली सामग्री क्या कहलाती है?
(1) अनुभाव
(2) विभाव
(3) स्थायीभाव
(4) संचारीभाव
Ans : (2) रसों को उदित एवं उद्दीप्त करने वाली सामग्री विभाव कहलाती है। विभाव के दो भेद हैं- (i) आलम्बन (ii) उद्दीपन जिस वस्तु या व्यक्ति के कारण स्थायी भाव जाग्रत होता है, उसे आलम्बन विभाव कहते हैं। स्थायी भाव को उद्दीप्त या तीव्र करने वाले को उद्दीपन कहते हैं। (स्रोत-आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना – डा . वासुदेवनंदन प्रसाद)
Q26. ‘जहाँ सुमति तहँ संपति नाना, जहाँ कुमति तहँ विपति निदाना’ पद में कौन सा रस है?
(1) भयानक
(2) करुण
(3) शृंगार
(4) शान्त
Ans : (4) ‘‘जहाँ सुमति तहँ संपति नाना, जहां कुमति तहं विपति निदाना’’ में शांत रस हैं इसका आलम्बन है- वैराग्य जनक वस्तुएं अथवा परिस्थितियां, संसार की नश्वरता का ज्ञान, परोपकारिता आदि।
Q27. शुद्ध वाक्य है–
(1) राम ने एक थैला और दो पुस्तवें खरीदीं
(2) राम ने एक थैला और दो पुस्तवें खरीदी
(3) राम ने एक थैला और दो पुस्तवें खरीदा
(4) राम ने एक थैला और दो पुस्तक खरीदे
Ans : (1) उक्त दिये गये विकल्पों में ‘‘राम ने एक थैला और दो पुस्तवें खरीदीं।’’ वाक्य शुद्ध है और अन्य वाक्य व्याकरण की दृष्टि से गलत है।
Q28. ‘महोत्सव’ का सही सन्धि-विच्छेद क्या है?
(1) महो + उत्सव
(2) महा + उत्सव
(3) महोत् + सव
(4) महे + उत्सव
Ans : (2) महोत्सव का सही सन्धि विच्छेद महा +उत्सव है। इसमें गुण सन्धि है। इसमें आ + उ = ओ हो जाता है। इसके अन्य उदाहरण हैं- महा +उद्यम = महोद्यम, महा + उपकार = महोपकार व महा + उदय = महोदय, विद्या + उन्नति = विद्योन्नति आदि।
Q29. ‘चौमासा’ में समास है-
(1) द्वन्द्व
(2) द्विगु
(3) कर्मधारय
(4) तत्पुरुष
Ans : (2) चौमासा में द्विगु समास है। इस पद में पहला पद संख्यावाचक होता है और दूसरा पद संज्ञा और प्रधान होता है। जैसे त्रिवेणी, सप्ताह, नवग्रह आदि।
Q30. ‘चूहा बिल से बाहर निकला’ -में कौन सा कारक है?
(1) अपादान कारक
(2) सम्प्रदान कारक
(3) करण कारक
(4) सम्बन्ध कारक
Ans : (1) चूहा बिल से बाहर निकला’ में अपादान कारक है। अपादान कारक की विभक्ति ‘से’ है। संज्ञा के जिस रूप से किसी वस्तु के अलग होने का भाव प्रकट होता है उसे अपादान कारक कहते हैं।

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