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GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जनवरी- 2017 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 005.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जनवरी- 2017 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल

1. निम्नलिखित पर्वतों में से किसका निमार्ण एक महासागरीय और एक महादेशीय पट्टिका के अभिसरण से हुआ है ?
(a) यूराल (b) आल्प्स
(c) एन्डीस (d) एप्पालाचियन्स
उत्तर-(c) : एण्डीज पर्वत का निर्माण एक महासागरीय और महादेशीय पट्टिका के अभिसरण से हुआ है। महाद्वीपीय प्लेट सीमान्त एवं महासागरीय प्लेट सीमान्त के अभिसरण विनाशात्मक प्लेट सीमान्त के रूप में पाया जाता है। विनाशात्मक प्लेट सीमान्त के सहारे दो प्लेटों का अभिसरण होता हैं इसमें जब महाद्वीपीय तथा महासागरीय प्लेट सीमान्त का अभिसरण होता है। तो अपेक्षाकृत भारी महासागरीय प्लेट महाद्वीपीय प्लेट के नीचे मुड़कर बेनी ऑफ जोन के सहारे क्षेपित होती है। जहाँ प्लेटों का पार्श्विक द्रवण होता है। तथा अन्त में प्लेट पूर्ण रूप से द्रवित होकर मैग्मा का सृजन करती है। यही मैग्मा उद्वेलित होकर महाद्वीपीय प्लेट के नीचे से ऊपर आने का प्रयास करता है जिससे पर्वतों की उत्पत्ति होती है एण्डीज पर्वत का निर्माण भी प्रशान्त महासागरीय प्लेट तथा दक्षिण अमेरिकी महाद्वीपीय प्लेट के अभिसरण से हुआ है।
2. कार्स्ट प्रदेश में चट्टानों के अपक्षय के लिए निम्नलिखित प्रक्रियाओं में से कौन सा एक
उत्तरदायी हे ?
(a) हाइड्रोलिसिस
(b) कार्बनीकरण
(c) ऑक्सीकरण
(d) ढाल मल्बे का निर्माण
उत्तर-(b) : कार्स्ट प्रदेश में चट्टानों के अपक्षय के लिए कार्बनीकरण की प्रक्रिया उत्तरदायी है। कार्स्ट स्थलाकृति के विकास के लिए आवश्यक दर्शाये निम्न है-
1. लाइमस्टोन शैल का विस्तृत क्षेत्र होना चाहिए तथा इसके नीचे घुलनशील शैल होनी चाहिए।
2. घुलनशील चट्टानों में सन्धियों का विकास बेहतर होना चाहिए।
3. शैल सतह के ऊपर छोटी-छोटी नदियों का विकास होना चाहिए जिससे इस क्रिया के लिए जल की पर्याप्तता हो सके।
4. कर्स्ट प्रदेश में वर्षा की इतनी पर्याप्तता होनी चाहिए कि सतह के ऊपर छोटी-छोटी सरिताओं का विकास हो ।
3. सूची – I सूची- II
(नदी) (डेल्टा के प्रकार)
I. नील A. ज्वारनदमुखी
II. मिसीसिपी B. चापाकार
III. गंगा C. पक्षी पंजा
IV. टाइबर D. अग्रवर्थी
कूट I II III IV
(1) B D C A
(2) D B A C
(3) A D B C
(4) B C A D
उत्तर-(d) : नदी डेल्टा का प्रकार नील – चापाकार मिसीसीपी – पंक्षी पंजा गंगा – ज्वारनदमुख टाइबर – अग्रवर्थी
4. ‘पैनप्लेन’ शब्द का अर्थ है :
(a) वातीय अपरदन से निर्मित समतल सतह
(b) बाढ़कृत मैदानों को जोड़ने से निर्मित मैदान
(c) वृद्धावस्था में नदीय चक्र द्वारा निर्मित समतल सतह
(d) मानवीय हस्तक्षेप से निर्मित समतल सतह
उत्तर-(b) : पैनप्लेन शब्द का अर्थ है-बाढ़कृत मैदानों को जोड़ने से निर्मित मैदान है पैनप्लेन शब्द का प्रयोग सी. एच. क्रिकमे ने किया था। सी. एच. क्रिकमे ने विलियम मेरिस डेविस की पेनीप्लेनेशन संकल्पना की कटु आलोचना की तथा उसका खण्डन करते हुय अपरदन चक्र की अन्तिम अवस्था में स्थल रूपों के निर्माण के लिए अपनी पैनप्लेनेशन की संकल्पना का 1933 में प्रतिपादन किया। क्रिकमे के अनुसार पैनप्लेनेशन चक्र की अन्तिम अवस्था की शुरूआत तब होती है जबकि लम्बवत अपरदन एवं घाटी के गहरा होने का कार्य समाप्त हो जाता है एवं पार्श्ववर्ती अपरदन अधिक सक्रिय हो जाता है।
5. ‘‘वर्तमान विगत की कुंजी है’’ यह कथन किसका है ?
(a) वाल्थर पेन्क (b) डब्ल्यू. एम. डविस
(c) हंटिंग्टन (d) जेम्स हटन
उत्तर-(d) : वर्तमान विगत की कुंजी है यह कथन जेम्स हटन का है इन्होंने एकरूपतावाद की संकल्पना का प्रतिपादन 1785 में किया था उन्होंने बताया भूगर्भिक प्रक्रम‚ भूगर्भिक इतिहास की प्रत्येक काल में समान रूप से सक्रिय थे।
6. ‘जेट स्ट्रीम’ नामक पवन पट्टी पाई जाती है।
(a) निम्न क्षोभमंडल में (b) मध्य क्षोभमंडल में
(c) ऊपरी क्षोभमंडल में (d) संपूर्ण क्षोभमंडल में
उत्तर-(c) : क्षोभमण्डल में ऊपरी सीमा के सैकड़ों किमी. की चौड़ी पट्टी में पश्चिम से पूर्व दिशा में प्रवाहित होने चली परिध्रुवीय प्रबल पवन धारा को जेट स्ट्रीम पाया जाता है। इस पवन धारा का परिसंचरण दोनों गोलार्द्धों में 200अक्षांश से धुवों के बीच 7.5 से 14 किमी. की ऊचाई के मध्य होता है। सामान्यतया इनकी लम्बाई हजारों किमी.‚ चौड़ाई सैकड़ों किमी. तथा गहरायी कुछ किमी. तक होती है। इसका प्रवाह मार्ग विसर्पित‚ लहरदार होता है। जेट स्ट्रीम में पवन वेग में मौसमी परिवर्तन होता है। शीतकाल में ये अधिक प्रबल हो जाती है। तथा इनका वेग ग्रीष्मकाल की तुलना में दो गुना अधिक हो जाता है।
7. ‘ऋणात्मक दक्षिणी दोलन सूचकांक’ निम्नलिखित में से किसे संदर्भित करता है ?
(a) अल-नीनो के लिए अनुकूलन दशा
(b) ला-नीनो के लिए अनुकूलन दशा
(c) अल-नीनो और ला-नीनो दोनों के लिए अनुकूल दशा
(d) अल-नीनो और ला-नीनो दोनों के लिए प्रतिकूल दशा
उत्तर-(a) : ऋणात्मक दक्षिणी दोलन सूचकांक अल नीनों के लिए अनुकूल दशा संदर्भित करता है। एल निनो धारा को विपरीत धारा
(Counter Current) के नाम से जाना जाता है‚ जो दक्षिणी अमेरिका के पेरू के तट के पश्चिम में तट से 180 किमी. की दूरी पर उत्तर से दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती है। इसका विस्तार 30दक्षिण से 360दक्षिण अक्षांश तक रहता है। जिस वर्ष एल निनो प्रबल होती है उस साल पूर्वी प्रशान्त महासागर के पूर्वी उष्ण कटिबन्धीय भाग में जलवृष्टि में औसत से चार से छ: गुना वृद्धि हो जाती है। जबकि उष्णकटिबन्धीय प्रशान्त महासागरीय क्षेत्र में सूखे की स्थिति हो जाती है।
8. निम्नलिखित क्षेत्रों में से कौन सा अक्टूबर‚ 2016 के पहले सप्ताह में कैरिबियन सागर में आए ‘हरिकेन मैथ्यू का मुख्य केन्द्र था ?
(a) फ्लोरिडा (b) जॉर्जिया
(c) साऊथ कैरोलिना (d) दक्षिण-पश्चिम हैती
उत्तर-(d) : दक्षिण-पश्चिम हैती में अक्टूबर‚ 2016 के पहले सप्ताह में कैरीबियन सागर में आए हरिकेन मैथ्यू का मुख्य केन्द्र था । हैती की राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिन्स है तथा जार्जिया की राजधानी टिबलीसी है।
9. हिन्द महासागर में 00-100N और 00-100S देशांतरीय क्षेत्रों कें बीच में तापमान विभिन्नता लगभग कितनी रहती है :
(a) 3 0C (b) 2 0C
(c) 1 0C (d) 0 0C
उत्तर-(c) : हिन्द महासागर में 00-100N और 00-100S देशान्तरीय क्षेत्रों के बीच तापमान विभिन्नता लगभग 1 0C रहती है। हिन्द महासागर की धाराये निम्न है-
(i) मोजाम्बिक धारा (ii) मेडागास्कर धारा
(iii) अगुलहास धारा (iv) सोमाली धारा
10. वितलीय मैदानों की सामान्य गहराई इनके बीच होती है
(a) 1000-6000 मीटर (b) 2000-6000 मीटर
(c) 3000-6000 मीटर (d) 4000-6000 मीटर
उत्तर-(c) : वितलीय मैदानों की सामान्य गहराई 3000-6000
मी. के बीच होती है। ये महासागरों के सम्पूर्ण क्षेत्रफल में 41.8% भाग पर फैले हुये है। हिन्द महासागर में इनका विस्तार सर्वाधिक पाया जाता है जहाँ वे हिन्द माहासागर के सम्पूर्ण क्षेत्रफल के 49.2% भाग पर पाये जाते है। वही महादेशीय छज्जों के विस्तार के कारण अटलांटिक महासागर का केवल 38% भाग महासागरीय मैदान के अन्तर्गत आता है।
11. सूची और सूची को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए :
सूची – I सूची – II
(महासागीय गर्त) (अवस्थिति)
I. चैलेन्जर A. दक्षिण प्रशान्त
II. आल्ड्रिक B. उत्तर अटलांटिक
III. रोमांश C. उत्तर प्रशान्त
IV. नैरेस D. दक्षिण अटलांटिक
कूट :
(i) (ii) (iii) (iv)
(1) C A D B
(2) D C B A
(3) A B C D
(4) B D A C
उत्तर-(a) : सूची का सुमेलन इस प्रकार है-
(
महासागीय गर्त) (अवस्थिति)
I. चैलेन्जर A. उत्तर प्रशान्त
II. आल्ड्रिक B. दक्षिणी प्रशान्त
III. रोमांश C. दक्षिणी अटलांटिक
IV. नैरेस D. उत्तर अटलांटिक
12. नमोष्ण सदाहरित वन निम्नलिखित वर्षा-श्रेणी के क्षेत्रों में पाए जाते हैं :
(a) 100 से.मी. से कम
(b) 100-200 से. मी.
(c) 200-300 से. मी.
(d) 300 से. मी. से अधिक
उत्तर-(b) : नमोष्ण सदाहरित वन 100-200 सेमी. वर्षा श्रेणी के क्षेत्रों में पाये जाते है। ये वन भारत के उन भागों में पाये जाते है जहाँ औसत वार्षिक तापमान 220C से ऊँचा पाया जाता है। इन वृक्षों की ऊँचाई 45 से 60 मी. तक पायी जाती हैं इन्हे सदाबहार भी कहते है। इन वनों में मुख्य रूप से ताड़‚ महोगनी‚ नारियल‚ एबोनी‚ आबनूस‚ बॉस‚ रोजवुड के वृक्ष उगते है। भारत में इस प्रकार के वन असम मेघालय‚ त्रिपुरा‚ अण्डमान निकोबार द्वीप समूह‚ पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल तथा हिमालय के तराई भागों में पाये जाते है।
13. भारत में कितने प्रमुख जीव-भौगोलिक क्षेत्र हैं ?
(a) 7 (b) 8
(c) 9 (d) 10
उत्तर-(d) : भारत में 10 प्रमुख जीव भौगोलिक क्षेत्र पाये जाते है। जो इस प्रकार है- (1) ट्रांस हिमालय (2) हिमालय (3) रेगिस्तानी क्षेत्र (4) पश्चिमी घाट (5) दक्कन क्षेत्र (6) गंगा का मैदानी क्षेत्र (7) पूर्वोत्तर क्षेत्र (8) तटीय क्षेत्र (9) द्वीपीय क्षेत्र एवं
(10) अर्ध-शुष्क क्षेत्र
14. निम्नलिखित देशों मे से किसमें ग्लॉस्सोप्टेरिस वनस्पति उपलब्ध नहीं है?
(a) भारत (b) ऑस्ट्रेलिया
(c) नॉर्वे (d) दक्षिण अफ्रिका
उत्तर-(c) : ग्लास्सोप्टेरिस वनस्पति नार्वे में नहीं पायी जाती है। जिसके विषय में अध्ययन बेगनर ने 1912 में महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धान्त में किया था। नार्वे की राजधानी ओस्लो है। आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा तथा दक्षिण अफ्रीका की राजधानी प्रिटोरिया है।
15. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ एक अभिकथन (A) है और दूसरा तर्क (R) है। नीचे दिए गए कूटों से अपना
उत्तर चुनिए :
अभिकथन (A) :
हिमालय में 3400 मीटर से 4500 मीटर के बीच ऊँचाई श्रेणी में अल्पाइन वन पाए जाते हैं। तर्क (R) : अल्पाइन वन कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं चाहता है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सहीं हैं और (R),(A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सहीं हैं किंतु (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सहीं है‚ किंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ किंतु (R) सही है।
उत्तर-(c) : हिमालय में 3400 मीटर से 4500 मीटर के बीच ऊची श्रेणी में अल्पाइन वन पाये जाते है‚ यह कथन सत्य है परन्तु तर्क अल्पाइन वन कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं चाहता है। यह सर्वथा गलत है। अल्पाइन वन शीत जलवायु में होने के कारण अत्यन्त मुलायम लकड़ियाँ वाले वन प्रदेश होता है जिस कारण लकड़ी चिराई तथा कागज उद्योग में अत्यन्त लाभकारी होते है।
16. स्थानिक अन्तर्क्रिया की प्रक्रिया का वर्णन करने में भूगोलवेत्ताओं का सबसे अधिक सरोकार होता है।
(a) घनत्व और प्रकीर्णन (b) प्रसारण और प्रतिरूप
(c) सुगम्यता और संपर्क (d) पाचदारी नगर
उत्तर-(c) : स्थानिक अन्तर्क्रिया की प्रक्रिया का वर्णन करने में भूगोलवेत्ताओं का सबसे अधिक सरोकार होता है सुगम्यता और सम्पर्क से।
17. निम्नलिखित में से किसने इस अवधारणा को औपचारिक रूप प्रदान किया कि स्थानिक संगठन और राष्ट्रीय विकास के बीच संबंध है?
(a) लूटेन (b) डिकेन्स
(c) कुकलिंस्की (d) फ्रीडमैन
उत्तर-(d) : स्थानिक संगठन और राष्ट्रीय विकास के बीच सम्बन्ध है इस अवधारणा की औपचारिक रूप फ्रीडमैन ने प्रदान किया। फ्रीडमैन के केन्द्र परिधि मॉडल में केन्द्र परिधि के सम्बन्ध ही इस तरह के होते हैं केन्द्र अमीर होता जाता है तथा परिधि गरीब।
18. प्रतिमान (पैरडाइम) की अवधारणा का प्रतिपादन किया था।
(a) पीट (b) हैगेट
(c) कान्ट (d) कुह्न
उत्तर-(d) : प्रतिमान (पैराडाइम) की अवधारणा का प्रतिपादन कुहन ने किया था। पीटर हैगेट 20वीं शताब्दी के ब्रिटिश भूगोलवेत्ता थे तथा इनकों ब्रिटेन में भूगोल में परिमाणात्मक क्रान्ति‚ सांख्यिकीय तथा गणितीय विधियों के उपयोग को प्रारम्भ करने का श्रेय प्राप्त है। पीटर हैगेट की प्रमुख कृतियाँ हैं-
1. मानव भूगोल में स्थानिक विश्लेषण
2. भूगोल आधुनिक संश्लेषण पीटर हैगेट तथा शोर्ले की संयुक्त कृतियॉ है-
1. मॉडल्स इन ज्योग्राफी
2. शोसियो इकोनोमिक मॉडल्स इन ज्योग्राफी
3. इन्टिग्रेटिड मॉडल्स इन ज्योग्राफी
4. फ्रन्टियर्स इन ज्योग्राफिकल टीचिंग
19. निम्नलिखित में से किसने मानव पारिस्थितिकी के रूप में भूगोल को परिभाषित किया ?
(a) शाफर (b) बैरो़ज
(c) हार्टशोर्न (d) एलेन सेम्पल
उत्तर-(b) : बैरोज ने मानव परिस्थितिकी के रूप में भूगोल को परिभाषित किया। ये अमेरिकी सम्भववादी तथा मानव पारिस्थितिकी की अवधारणा के संस्थापक थे। इन्होंने कहा कि भूगोल को भू-आकृतिक विज्ञान‚ जलवायु विज्ञान जैव विज्ञान‚ आदि अलग-अलग विषयों को त्यागकर मानव पारिस्थितिकी की संयुक्त विषय वस्तु पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। इनकी प्रमुख पुस्तक – Geography as Human Ecology .
20. रिटर के अनुसार यह उपागम‚ कि कुछ भौगोलिक तथ्यों की वैज्ञानिक परिभाषा नहीं की जा सकती‚ को कहा गया है :
(a) स्थानिक (b) पारिस्थितिक
(c) उद्देश्यवादी (d) क्षेत्रीय
उत्तर-(c) : रिटर के अनुसार इस उपागम को कुछ भौगोलिक तथ्यों की वैज्ञानिक परिभाषा नहीं की जा सकती है‚ उद्देश्यवादी कहा गया है। रिटर एक ईश्वरवादी तथा उद्देश्यवादी विचारक है। इनकी महत्वपूर्ण रचना अर्डकुण्डे है। अर्डकुण्डे का अर्थ है पृथ्वी का विज्ञान जिनके 19 खण्ड है जो कि मुख्यत: अफ्रीका तथा एशिया से सम्बन्धित है।
21. कितना द्रव वर्षण हिमांक तापमान के निकट दस इंच गहरे हिमपात के समतुल्य है ?
(a) लगभग 3 इंच
(b) लगभग 2 इंच
(c) लगभग 1 इंच
(d) कभी-कभी 1 इंच और कभी-कभी 2 इंच
उत्तर-(c) : लभभग 1 इंच द्रव वर्षण हिमांक तापमान के निकट दस इंच गहरे हिमपात के समतुल्य है।
22. निम्नलिखित अक्षरों में से किस कतिपय क्रम के बस्तियों की कुल संख्या की सेवा अगले उच्च क्रम के केन्द्रीय स्थान से की जाती है ?
(a) K (b) J
(c) L (d) F
उत्तर-(a) : प्रश्नगत अक्षरों में से K कतिपय क्रम के बसतियों की कुल संख्या की सेवा अगले उच्च क्रम के केन्द्रिय स्थान से की जाती है क्रिस्टॉलर ने अपने केन्द्र स्थलों के पदानुक्रमों की एक माला प्रस्तुत की । इस पदानुक्रम माला का अभिगृहीत यह है कि किसी प्रदेश में बस्तियों एवं पदानुक्रम का स्थायी सम्बन्ध होता है। जिसे K से प्रदर्शित किया। इसका अर्थ यह है कि केन्द्र स्थल पदानुक्रम के समस्त सोपानों में भिन्न-भिन्न आकार की बस्तियों के पारस्परिक सम्बन्धों में ये K मूल्य समान रूप से लागू होते है।
23. निम्नलिखित में से किसने जनसांख्किीय परिवर्तन के सिद्धान्त को विकसित किया ?
(a) जेलिन्स्की (b) व्हिट्लसी
(c) वॉरेन थॉम्पसन (d) रेवेन्सटीन
उत्तर-(c) : जनसांख्यिकीय परिवर्तन के सिद्धान्त को वॉरेन थाम्पसन ने विकसित किया । इन्होंने इस सिद्धान्त का प्रतिपादन 1945 ई. में किया। उन्होने पश्चिमी यूरोपीय देशों के अनुभव का प्रयोग करके जनसंख्या के कालिक वृद्धि प्रतिरूप का सामान्यीकरण जन्मदर और मृत्युदर में होने वाली कालानुक्रमीय परिवर्तनों के आधार पर किया। इस प्रकार यह सिद्धान्त पाश्चात्य विकसित देशों में विगत 200 वर्षों से चली आ रही जन्मदर व मृत्युदर में होने वाली परिवर्तन की प्रवृत्तियों पर आधारित है।
24. सूची- I और सूची- II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए :
सूची – I सूची – II
(सामान्य पद) (परिभाषाएँ)
I. अशोधित जन्म दर A. प्रति एक हजार जनसंख्या में मृत्यु से अधिक जन्म
II. सामान्य प्रजनन दर B. प्रति एक हजार जनसंख्या में मृत्यु की संख्या
III. जनसंख्या की नैसर्गिक C. प्रजनन आयु में जन्म की संख्या और ध्Eिायों की संख्या के बीच के अनुपात वृद्धि
IV. मृत्यु दर D. जन्म की संख्या और कुल जनसंख्या के बीच अनुपात
कूट I II III IV
(a) D C A B
(b) A B C D
(c) C D B A
(d) B A D C
उत्तर-(a) : सामान्य पद परिभाषाएँ
1. अशोधित जन्म दर जन्म की संख्या और कुल जनसंख्या के बीच अनुपात
2. सामान्य प्रजनन दर प्रजनन आयु में जन्म की संख्या और ध्Eिायों की संख्या के बीच अनुपात
3. जनसंख्या की प्रति एक हजार जनसंख्या में मृत्यु नैसर्गिक वृद्धि से अधिक जन्म
4. मृत्यु दर प्रति एक हजार जनसंख्या में मृत्यु की संख्या
25. यह नियम कि जनसंख्या की दृष्टि से किसी क्षेत्र में क्रम के शहर की जनसंख्या का आकार सबसे बड़े शहर का 1/n होगा’’ किसके द्वारा दिया गया ?
(a) एम. जैफरसन
(b) जे. गैटमैन
(c) जी.के. ़िज़फ
(d) सी.डी. हैरिस और ई. एल. उल्मैन
उत्तर-(c) : यह नियम की जनसंख्या की दृष्टि से किसी क्षेत्र में nthक्रम के शहर की जनसंख्या का आकार सबसे बड़े शहर की जनसंख्या का आकार सबसे बड़े शहर का th 1/n होगा‚ यह कथन जी. के. जिफ द्वारा दिया गया है। हैरिस तथा उलमैन बहुकेन्द्रीय सिद्धान्त के जनक है‚ जिन्होंने 1945 के अपने सम्मिलित लेख ‘द नेचर ऑफ सिटीज’ में इस सिद्धान्त को प्रस्तुत किया। इनके सिद्धान्त के अनुसार नगर भू-उपयोग प्रतिरूप प्राय: अलग-अलग बहुत से केन्द्रों के चारों ओर विकसित होता है न कि केवल एक ही केन्द्र के चारो ओर ।
26. जब किसी देश की 0-14 और 15-44 आयु समूह जनसंख्या लगभग समान है‚ तो जनसंख्या की वृद्धि को कहा जाएगा।
(a) तीव्र वृद्धि (b) धीमी वृद्धि
(c) शून्य वृद्धि (d) ऋणात्मक वृद्धि
उत्तर-(c) : जब किसी देश की 0-14 और 15-44 आयु समूह की जनंसख्या समान है‚ तो जनसंख्या की वृद्धि को शून्य वृद्धि कहा जायेगा।
27. किसने जे.सी. वीवर द्वारा प्रतिपादित फसल-संयोजन पद्धति को रूपान्तरित किया ?
(a) एस. एम. रफीउल्लाह
(b) जसबीर सिंह
(c) डोई
(d) एस.एस. भाटिया
उत्तर-(c) : डोई ने वीवर द्वारा प्रतिपादन फसल संयोजन पद्धति को रूपान्तरित किया। फसल संयोजन के संम्बन्ध में वीवर ने (Crop Combination region in the Middle West Asia) में सर्वप्रथम सांख्यिकीय विधि का प्रयोग किया। वीबर ने अपने सिद्धान्त में प्रामाणिक विचलन विधि का प्रयोग किया। किकूकाजू डोई की विधि – यह वीवर की विधि का संशोधित रूप है जिसका उपयोग डोई ने जापान की औद्योगिक संरचना ज्ञात करने के लिए किया था। इसके अलावा डी. थामस‚ स्टॉक तथा जॉनसन ने वीवर की विधि को संशोधनों के साथ फसल संयोजन के निर्धारण हेतु अपनाया।
28. विश्व के सबसे अधिक यूरेनियम भंडार पाए जाते हैं-
(a) कनाडा में (b) चिली में
(c) जायरे में (d) नाइजीरिया में
उत्तर-(a) : उपरोक्त विकल्प में कनाडा में यूरेनियम का सर्वाधिक भण्डार पाया जाता है यूरेनीनाइट तथा पिचब्लेण्ड यूरेनियम के प्रमुख अयस्क है। कनाडा में यूरेनियम के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र अटाबासिया झील और ग्रेट वियर झील पर पोर्ट रेडियम है। भारत में यूरेनियम का खनन गया‚ सिंहभूमि‚ उदयपुर‚ जयपुर‚ नेल्लोर‚ पलक्कड़ और शिलांग पठार में होता है।
29. निम्नलिखित मरुस्थलों में से कौन सा नाइट्रेटस के भंडारों के लिए प्रसिद्ध है ?
(a) सहारा (b) गोबी
(c) कालाहारी (d) अटाकामा
उत्तर-(d) : अटाकामा मरूस्थल दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में पाया जाने वाला विश्व का सबसे शुष्क मरूस्थल है जो विश्व में नाइट्रेट्स के निक्षेप के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
30. निम्नलिखित में से किसे ग्रोथ पोल सिद्धान्त में भौगोलिक स्थान की अवधारणा सम्मिलित करने का श्रेय दिय गया है ?
(a) मिर्डल (b) हगरस्ट्रैण्ड
(c) बोव्डीविले (d) फ्रीडमैन
उत्तर-(c) : ग्रोथ पोल सिद्धान्त में भौगोलिक स्थान की अवधारणा सम्मिलित करने का श्रेय बोब्डीविले को जाता है। विकास ध्रुव सिद्धान्त का प्रतिपान पेराक्स ने किया था तथा मिर्डल ने संचयी परिणामी मॉडल का प्रतिपादन किया।
31. एडवर्ड उलमैन के मॉडल में यथावर्णित स्थानिक अन्तर्क्रिया के तीन मूल पहलू कौन से हैं ?
(a) मानवीय व्यवहार‚ स्थानान्तरणीयता‚ सुविधा
(b) अधिशेष-घाटा संबंध‚ समुदाय विशिष्ट संबंध‚ अनुपूरकता
(c) अनुपूरकता‚ हस्तक्षेप करने का अवसर‚ स्थानान्तरणीयता
(d) आवासीय पड़ोस‚ अनुपूरकता‚ सुविधा
उत्तर-(c) : एडवर्ड उलमैन के मॉडल में यथावर्णित स्थानिक अन्तर्क्रिया के तीन पहलू निम्न हैं अनुपूरकता‚ हस्तक्षेप करने का अवसर‚ स्थानान्तरणीयता
32. सांस्कृतिक दृश्य-भूमि की अवधारणा का संवर्धन किसके द्वारा किया गया था ?
(a) राट्जेल (b) कार्ल सॉवर
(c) विल्बर जेलिन्स्की (d) एनी बल्टाइमर
उत्तर-(b) : सांस्कृतिक दृश्य भूमि की अवधारणा का संवर्धन कार्ल सावर द्वारा किया गया था। सावर ने भी हेटनर की भाँति क्षेत्रीय भिन्नता की संकल्पना को अपनाया तथा माना कि मानव अपने विकास की प्रक्रिया में भू-दृश्यों को बदलता रहता है। जिससे क्षेत्रीय भिन्नता प्रखर होती है। इसकी प्रमुख कृतियों निम्न है।
(1) The Morpholoyg of Landscope
(2) Agricultural its origing and dispersal
(3) Cultural Geography
33. निम्नलिखित में से कौन एक क्षेत्रीय अवस्थिति की सबसे बड़ी अवधारणा है ?
(a) सांस्कृतिक क्षेत्र
(b) सांस्कृतिक दृश्य-भूमि
(c) सांस्कृतिक परिमण्डल
(d) सांस्कृतिक बिंदु
उत्तर-(c) : क्षेत्रीय अवस्थिति की सबसे बड़ी अवधारणा सांस्कृतिक परिमण्डल है। प्राचीन केन्द्रों का विकास तथा प्रसार सक्रिय रहा है। इन्हीं सांस्कृतिक केन्द्रों की सांस्कृतिक मण्डल कहा जाता है एवं इनके बीच संस्कृति विषमता परिलक्षित है।
34. सूची-I और सूची-II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए :
सूची – I सूची – II
(विद्वान) (परिभाषाएँ)
(a) ओ. एच. के. स्पेट i. संस्कृतियों के क्षैतिज विस्तार और पृथक्करण में स्थलाकृतियों की भूमिका।
(b) टेरे और पिटरसन ii. उत्तर पाषाण युग को अधिक सुदूर क्षेत्रों आधुनिक जनजातीय समूहों जैसे लोगों के साथ जोड़ा जा सकता है।
(c) रिचर्ड्स और सुब्बाराव iii. पर्वतीय दीवार के मूल्यों का निर्धारण इसकी अपनी स्थलाकृति के अलावा उसके आगे की स्थलाकृति से भी निर्धारित होती है।
(d) आल्चिन iv. जलवायु परिवर्तनों और प्रारम्भिक मानवीय संस्कृतियों के उदय के बीच प्रत्यक्ष संबंध
कूट :
I II III IV
(1) C D A B
(2) C B A D
(3) B D C A
(4) D A C B
उत्तर-(a) :
विद्वान परिभाषाएँ
1. ओ. एच. के. स्पेट – पर्वतीय दीवार के मूल्यों का निर्धारण इसकी अपनी स्थलाकृति के अलावा उसके आगे की स्थलाकृति से भी निर्धारित होती है।
2. टेरे और पीटरसन – जलवायु परिवर्तनों और प्रारम्भिक मरूस्थलीय संस्कृतियों के उदय के बीच प्रत्यक्ष सम्बन्ध
3. रिचर्ड और सुब्बाराव – संस्कृतियों के क्षैतिज विस्तार और पृथक्करण में स्थलाकृतियों की भूमिका
4. अल्चिन – उत्तर पाषण युग को अधिक सुदूर क्षेत्रों आधुनिक जनजातीय समूह लोगों के साथ जोड़ा जा सकता है।
35. सूची- I और सूची- II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए :
सूची – I सूची-II
(भट्ट द्वारा समस्त आर्थिक क्षेत्र) (राज्यों के समूह)
I. दक्षिणी A. महाराष्ट्र और गुजरात
II. उत्तर-मध्य B. बिहार‚ ओड़िशा‚ पश्चिम बंगाल और असम
III. पूर्वी C. मैसूर‚ तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश
IV. पश्चिमी D. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश
कूट I II III IV
(1) B D C A
(2) C B D A
(3) D C A B
(4) C D B A
उत्तर-(d) : सूची का सुमेलन इस प्रकार है-
भट्ट द्वारा समष्टि राज्यों के समूह आर्थिक क्षेत्र दक्षिणी – मैसूर‚ तमिलनाडु और आन्ध्रप्रदेश
उत्तर-मध्य – उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पूर्वी – बिहार उड़ीसा‚ पश्चिम बंगाल और असम पश्चिमी – महाराष्ट्र और गुजरात
36. निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र उत्तर भारत के विशाल मैदान को दक्कन के पठारों और तटीय मैदानों से अलग करता है ?
(a) मध्य उच्च भूमि (b) पश्चिमी हिमालय
(c) पूर्वी हिमालय (d) पश्चिमी शुष्क मैदान
उत्तर-(a) : मध्य उच्च भूमि उत्तर भारत के विशाल मैदान को दक्कन के पठारों और तटीय मैदानों से अलग करता हैं ।
उत्तर का विशाल मैदान हिमालय तथा प्रायद्वीपीय पठार के बीच सिंधु‚ गंगा‚ ब्रहमपुत्र नदियों के अवसादों से निर्मित मैदान है जो 7 लाख वर्ग किमी. क्षेत्र पर विस्तृत है। गंगा व सिन्धु नदियों के मुहाने के बीच पूर्व पश्चिम दिशा में इसकी लम्बाई लगभग 3200 किमी. है तथा चौड़ाई 150-300 किमी. है।
37. निम्नलिखित क्षेत्रों में से किसके लिए क्षेत्रों के निरूपण हेतु प्रवाह विश्लेषण तकनीक का प्रयोग किया गया है ?
(a) राजनीतिक (b) औपचारिक
(c) कार्यात्मक (d) भू-आकृतिक
उत्तर-(c) : कार्यात्मक क्षेत्रों के निरूपण हेतु प्रवाह विश्लेषण तकनीक का प्रयोग किया गया है। क्षेत्रीय स्वरूप में विभिन्नता होते हुए भी जहाँ तक का क्षेत्र किस एक केन्द्र से कार्यात्मक अर्न्तसम्बन्धों में घनिष्ठ रूप से जुड़ा होता है। वहाँ तक एक सकेन्द्रिय प्रदेश का विस्तार होता है। जिसे कार्यात्मक प्रदेश कहा जाता है।
38. निम्नलिखित लेखकों में से किसने कर्मकारों के सात औद्योगिक श्रेणियों के (कृषि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली दो श्रेणियों को छोड़कर) विनिर्माण शहर‚ व्यापार और परिवहन शहर और सेवा शहरों के रूप में समूहन के लिए 1961 के भारत की जनगणना आँकड़ों का प्रयोग किया है ?
(a) अमृत लाल (b) का़जी अहमद
(c) अशोक मित्रा (d) एस. एम रफीउल्ला
उत्तर-(c) : अशोक मित्रा ने कर्मकारों की सात औद्योगिक श्रेणियों के (कृषि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली दो श्रेणियों को छोड़कर ) विनिर्माण शहर‚ व्यापार और परिवहन और सेवा शहरों के रूप में समूहन के लिए 1961 के भारत की जनगणना आँकड़ों का प्रयोग किया।
39. ‘एलीमेंट्स ऑफ रीजनल इकोनामिक्स’ नामक पुस्तक किसने लिखी है ?
(a) हर्वे एस. पलौंफ (b) जीन फोर्ब्स
(c) एनोटोनी कुकलिन्स्की (d) हैरी डब्ल्यू रिचर्डसन
उत्तर-(d) : एलीमेंट्स ऑफ रीजनल इकोनामिक्स नामक पुस्तक के लेखक -हैरी डब्ल्यू रिचर्डसन है। हर्वे एस. पलौफ की पुस्तके निम्न है।
1. Puerto Rico’s Economic Future -1950
2. Education for Planning 1957
3. The art of Planning 1985
4. The arts in the Economic life 1979
40. निम्नलिखित लेखकों में से किसने वह मॉडल प्रस्तुत किया जो भारत में दूसरी योजना में योजना रणनीति का आधार बना ?
(a) हैरड (b) महालानोबिस
(c) डोमर (d) डान्डेकर
उत्तर-(b) : महालानोबिस वह मॉडल प्रस्तुत किया जो भारत में दूसरी योजना में योजना रणनीति का आधार बना हैरड की प्रमुख पुस्तक Geographics of Globalization है।
41. भारत के योजना आयोग की स्थापना किस वर्ष की गई थी ?
(a) 1950 (b) 1952
(c) 1960 (d) 1965
उत्तर-(a) : भारत में योजना आयोग के सम्बन्ध में कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं हैं। 15 मार्च 1950 ई. को केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल द्वारा पारित प्रस्ताव द्वारा योजना आयोग की स्थापना की गयी थी। योजना आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है। वर्तमान समय में योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग की स्थापना की गयी है।
42. निम्नलिखित क्षेत्रों में से किसे योजना आयोग द्वारा ‘पश्चिमी शुष्क क्षेत्र’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है ?
(a) उत्तर बिहार शुष्क क्षेत्र
(b) राजस्थान शुष्क क्षेत्र
(c) एन. ई. एफ. ए. (नेफा) क्षेत्र
(d) पश्चिम बंगाल दुआर
उत्तर-(b) : योजना आयोग द्वारा पश्चिमी शुष्क क्षेत्र के रूप में राजस्थान शुष्क क्षेत्र का वर्गीकरण किया गया है। राजस्थान की प्रमुख नदियाँ-लूनी‚ पश्चिमी बनास तथा सरस्वती है जिसमे लूनी यहाँ की प्रमुख नदी है। जो अजमेर के निकट गोगुण्डा की पहाड़ी से निकलकर राजस्थान बॉगर मरूस्थलीय क्षेत्र से होते हुए कच्छ के रन में समाप्त हो जाती है‚ यह नदी अन्तत: स्थलीय अपवाह तन्त्र का उदाहरण है।
43. निम्नलिखित में से किसने राजनैतिक भूगोल एवं विदेशी नीति के मध्य संबंध का चित्रण किया था।
(a) एडाल्फ हिटलर
(b) विंटस्ट चर्चिल
(c) कार्ल हाऊशोफर
(d) ईशा बोमैन
उत्तर-(c) : राजनैतिक भूगोल एवं विदेश नीति के मध्य सम्बन्ध का चित्रण कार्ल हाऊशोफर ने किया था। हाऊशोफर‚ जेलेन तथा मैकिण्डर के समकालीन थे। इन्होंने Institut for Geopalitik नामक संस्था की स्थापना की एवं वर्ष 1924 में ऑटेामोल एवं लरिक ओवस्ट के साथ Zcitschrift of Geopalitik नामक मासिक पत्रिका का सम्पादन किया।
44. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ एक अभिकथन (A) है दूसरा तर्क (R) हैं नीचे दिए गए कूटों में से सही
उत्तर चुनिए :
अभिकथन
(A) : तराई क्षेत्र कच्छारी जैसी दृश्यभूमि का प्रतिनिधित्व करता है। तर्क (B) : तराई क्षेत्र अवदावण का क्षेत्र है जहाँ महीन रेत‚ गोद और मृतिका निकलती हुई धाराओं के द्वारा जमा होते हैं।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सहीं हैं और (R),(A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सहीं हैं किंतु (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सहीं है‚ किंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ किंतु (R) सही है।
उत्तर-(a) : तराई क्षेत्र कच्छारी जैसी दृश्यभूमि का प्रतिनिधित्व करता है यह कथन सत्य है। तराई क्षेत्र अवध्Eावण का क्षेत्र है जहाँ महीन रेत‚ गाद और मृत्तिका निकलती हुई धाराओं के द्वारा जमा होते है। तराई क्षेत्र भाबर का दक्षिणी क्षेत्र होता है। भारत में तराई प्रदेश का विस्तार भाबर के दक्षिण में 15 से 30 किमी. क्षेत्र में हुआ है। जहाँ भाबर प्रदेश में विलुप्त नदियाँ पुन: प्रकट हो जाती है इसलिए यह एक दलदली प्रदेश होता है।
45. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ?
(a) हिमालय का निर्माण भूपर्पटी के भं्रशन के कारण हुआ था।
(b) हिमालय प्राचीनतम पर्वत शृंखला है।
(c) हिमालय कैलिडोनियाई पर्वत समूह का अंग है।
(d) हिमालय की उत्पत्ति टैथिस सागर से संपीडित होने का परिणामस्वरूप हुई।
उत्तर-(d) : हिमालय की उत्पत्ति टैथिस सागर से संपीडित होनी के परिणामस्वरूप हुई है। हिमालय की उत्पत्ति टैथिस सागर के अवसादों व वलन के फलस्वरूप हुयी। क्रिटेशियस कल्प में यहाँ टैथिस सागर या जिसके उत्तर में यूरेशियन प्लेट तथा दक्षिण में Indian प्लेट स्थित था। आरम्भ में क्रिटेशियस कल्प में गोण्डवालैण्ड के विभाजन के पश्चात प्रायद्वीपीय भूमण्डल उत्तर की ओर गतिशील हुआ जिससे टैथिस का संकुचन आरम्भ हो गया। टैथिस की स्थिति Indian प्लेट पर थी अत: महासागरीय प्रकृति के कारण यह यूरेशियन प्लेट के अन्दर क्षेपित होने लगा जिससे हिमालय की उत्पत्ति हुयी है।
46. संचयी आवृत्ति विवरण किसके द्वारा दर्शाया जाता है ?
(a) हिस्टोग्राम (आयत-चित्र) (b) आवृत्ति वक्र
(c) पाई आरेख (d) ओगिव
उत्तर-(d) : संचयी आवृत्ति विवरण ओगिव के द्वारा दर्शाया जाता है। पाई आरेख में संख्या का कुल योग प्रकट करने वाले किसी वृत्त के क्षेत्रफल को उस संख्या के विभिन्न उपविभागों या घटकों के मूल्यों के अनुपात में बांट देते है अत: इस आरेख को विभाजित वृत्त आरेख भी कहा जाता है।
47. रैखिक समाश्रयण समीकरण में Y= a + bX यदि X और Y शृंखला के माध्य क्रमश: 23 और 94.5 है और ढाल प्रवणता 1.5 है। तो (X, Y) शृंखला के वितरण में काट ‘a’ का मूल्य कितना होगा ?
(a) 50 (b) 55
(c) 60 (d) 65
उत्तर-(c) : उपरोक्त (X,Y) शृंखला के वितरण में काट ‘a’ का मूल्य 60 होगा।
48. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ एक अभिकथन (A) है और दूसरा तर्क (R) है । नीचे दिए गए कूटों में से सही
उत्तर चुनिए। अभिकथन
(A) : मानचित्र जो सामान्यतया विभिन्न विशेषता सूचना को संदर्भित करते हैं को कॉम्पलेक्स थिमैटिक मानचित्र कहा जाता है। तर्क (B) : कॉम्पलेक्स थिमैटिक मानचित्रों का प्रयोग पृथ्वी की विभिन्न विशेषताओं और कार्यकलापों की अवस्थितियों को दर्शाने के लिए किया जाता है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सहीं हैं और (R),(A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सहीं हैं किंतु (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सहीं है‚ किंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ किंतु (R) सही है।
उत्तर-(b) : मानचित्र जो सामन्यता विभिन्न विशेषता सूचना को सन्दर्भित करते है को काम्पलेक्स थिमेटिक मानचित्र कहा जाता है यह कथन सत्य है। तर्क कि काम्पलेक्स थिमैटिक मानचित्रों का प्रयोग पृथ्वी की विभिन्न विशेषताओं और कार्यकलापों की अवस्थितियों को दर्शाने के लिए किया जाता है। सत्य है परन्तु कथन की व्याख्या नहीं कर रहा है।
49. सूची- I और सूची- II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए :
सूची – I सूची – II
(Rnसांख्यिकी के मूल्य) (वितरण का प्ररूप)
I. < 0.5 A. पूर्ण एकरूप
II. 0.75-1.25 B. एकरूप होने की प्रवृत्ति
III. 1.75-2.00 C. यादृच्छिक की प्रवृत्ति
IV. 2.15 D. समूह बनने की प्रवृत्ति
कूट I II III IV
(1) B A D C
(2) A B C D
(3) D C B A
(4) C D A B
उत्तर-(c) :
Rn सांख्यिकी के मूल्य वितरण का प्ररूप
1. < .5 समूह बनाने की प्रवृत्ति
2. 75-1.25 यादृच्छिक की प्रवृत्ति
3. 1.75-2.00 एकरूप होने की प्रवृत्ति
4. 2.15 पूर्ण एकरूप
50. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ एक अभिकथन (A) है और दूसरा तर्क (R) है। नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए। अभिकथन (A) : सुदूर संवेदी दूर से बिना भौतिक संपर्क के पृथ्वी की वस्तुओं के बारे में आँकड़े प्राप्त करने का विज्ञान और कला है। तर्क (R) : आँकड़ों का संग्रह वायुयान और उपग्रह में अधिष्ठापित सूदूर संवेदियों के माध्यम से किया जाता है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सहीं हैं और (R),(A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सहीं हैं किंतु (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सहीं है‚ किंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ किंतु (R) सही है।
उत्तर-(a) : सुदूर संवेदी दूर से बिना भौतिक सम्पर्क के पृथ्वी की वस्तुओं के बारे में आँकड़े प्राप्त करने का विज्ञान और कला है तथा आँकड़ों का संग्रह वायुयान और उपग्रह में अधिष्ठापित सुदूर संवेदियों के माध्यम से किया जाता है। अत: कथन सत्य है तथा तर्क कथन की व्याख्या कर रहा है।

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