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GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर- 2004 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 0038.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर- 2004 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल

1. छोटी पर्वत झीलों को विशेषत: उन्हे जो सर्क बेसिन के पृष्ठ भाग में पथरीले पदार्थो के पीछे बनती है कहा जाता है:
(a) कॉल (b) अरेत
(c) हॉर्न (d) टार्न
उत्तर (d)−छोटी पर्वतीय झीलों को विशेषत: उन्हे जो सर्क बेसिन के पृष्ठ भाग में पथरीले पदार्थों के पीछे बनते है‚ टार्न कहा जाता है। सर्क की बेसिन में अधिक हिम के दबाव तथा हिम की अधिक गहरायी के कारण चट्टानी तली में अपरदन द्वारा गड्ढे बन जाते है इस तरह सर्क की बेसिन में एक शैल बेसिन का निर्माण होता है। जब हिम पिघल कर अदृश्य हो जाती है तो इस शैल बेसिन में जल भर जाता है‚ जिससे एक छोटी झील का निर्माण हो जाता है। इस झील को सर्क झील या टार्न कहते है। जब किसी पहाड़ी के पाश्वों पर कई सर्क बन जाते है तथा जब निरन्तर अपघर्षण द्वारा ये पीछे हटते जाते है‚ तो उनके मिल जाने पर एक पिरामिड के आकार की चोटी का निर्माण हो जाता है इस तरह की चोटी को हार्न कहते है।
2. ज्वालामुखी क्रिया के स्थानीकरण के सम्बन्ध में निम्न में से कौन संयोजन सही है?
(a) समुद्र नितल प्रसरण और गर्म स्थल (हाट स्पाट)
(b) अध: पचन (सबडक्शन) सीमायें और गर्म स्थल (हॉट स्पॉट)
(c) समुद्र नितल प्रसरण और अध: पचन
(d) समुद्र नितल प्रसरण‚ अध: पचन सीमाये ओर उष्ण स्थल (हॉट स्पाट)
उत्तर (d)−ज्वालामुखी क्रिया के स्थानीकरण के सम्बन्ध में समुद्र नितल प्रसरण‚ अध: पचन सीमाऍ और उष्ण स्थल संयोजन सही है। भू-पर्पटी या प्लेट के नीचे मेंटल में कहीं-कहीं रेडियोधर्मी तत्वों की अधिकता के कारण भू-तापीय ऊर्जा उत्पन्न होती है इस क्षेत्र को हॉट-स्पॉट कहा जाता है।
3. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है- एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R) । दिये गये संकेतकों में से अपना उत्तर चुनिय:
कथन (A) :
स्थलरूपों की जटिलता सरलता की अपेक्षा मिलती है।
कारण (R) : स्थलरूपों के उद्भव में संरचना की प्रमुख भूमिका होती है।
कूट:
(a) (A) और (R) सही है
(b) (A) और (R) सही हैं लेकिन (R) आंशिक स्पष्टीकरण है।
(c) (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
(d) (R) सही है लेकिन (A) गलत है।
उत्तर (b)−स्थलरूपों के निर्माण में संरचना का बहुत अधिक महत्व है। संरचना में शैल की स्थिति तथा प्रकृति दोनों सम्मिलित है। शैल की स्थिति में शैल का अभिनत कोण प्रतिलम्ब वलन तथा भ्रंश का वर्णन किया जाता है। शैल की प्रकृति में शैल के प्रकार उसकी आपेक्षिक कठोरता तथा पारगम्यता सम्मिलित किए जाते है। संरचना का निर्माण स्थलाकृतियों के निर्माण से पहले होता है।
4. निम्न सूची सूची के साथ सुमेलित कीजिए और दिये गये कूट से उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
a. लोयस 1. हिमानी स्थलरूप
b. स्पिट 2. पवन निर्मित स्थल रूप
c. आउटवॉश प्लेन 3. जलीय स्थलरूप
d. प्राकृतिक तटबन्ध 4. समुद्र तटीय स्थलरूप
कूट:
a b c d
(a) (iii) (ii) (i) (iv)
(b) (ii) (iv) (iii) (i)
(c) (ii) (iv) (i) (iii)
(d) (iv) (iii) (ii) (i)
उत्तर (c)− सूची I सूची II लोयस – पवन निर्मित स्थलरूप स्पिट – समुद्र तटीय स्थलरूप आउटवॉश प्लेन – हिमानी स्थलरूप प्राकृतिक तटबन्ध – जलीय स्थलरूप
5. प्लेट विवर्तनी में प्रतिगामी की विशेषता है:
(a) मुठभेड़ पेटियाँ
(b) समुद्री नितल प्रसरण
(c) प्लेटों का पार्श्विक सरकना
(d) उर्ध्वगमन (उद्वलन)
उत्तर (b)−समुद्र नितल प्रसरण प्लेट विवर्तनी में प्रतिगामी की विशेषता है। ध्यातव्य है कि प्लेट विवर्तनी के वैज्ञानिक सिद्धान्त है। जो वर्तमान समय में महाद्वीपों के प्रवाह‚ ज्वालामुखी और भूकम्प जैसे कारणों को उजागर कर रहा है। सागर नितल प्रसरण की बात सर्वप्रथम 1960 ई0 में हैरीहैस महोदय ने की। सागर नितल प्रसरण अपसरणी किनारे के सहारे पाया जाता है।
6. वायुमण्डल के संस्तरों के क्रम के सम्बन्ध में निम्न में से कौन कम सही है?
(a) क्षोभमण्डल‚ मध्यमण्डल‚ समताप मण्डल‚ थर्मोस्फियर
(b) क्षोभमण्डल‚ समताप मण्डल‚ थर्मोस्फियर‚ मध्यमण्डल
(c) क्षोभमण्डल‚ समताप मण्डल‚ मध्य मण्उल‚ थर्मोस्फियर
(d) क्षोभमण्डल‚ थर्मोस्फियर‚ मध्य मण्डल‚ समताप मण्डल
उत्तर (c)−वायुमण्डल के संस्तरों के क्रम के सम्बन्ध में निम्न क्रम सही है-
क्षोभमण्डल‚ समतापमण्डल‚ मध्यमण्डल‚ थर्मोस्फियर क्षोभमण्डल- क्षोभमण्डल की ऊचाई विषुवत रेखा पर 16 Km तथा ध्रुवों पर 8 Km ऊँचा पायी जाती है। यह वायुमण्डल की सबसे निचली तथा सघन परत है। वर्षा‚ बिजली चमकना‚ चक्रवात‚ तूफान‚ कुहरा‚ बादल निर्माण जैसी वायुमण्डलीय‚ घटनायें इसी मण्डल में सम्पन्न होती है इसी कारण इसे क्षोभमण्डल के नाम से जाना जाता है। समतापमण्डल की ऊचाई 16 से 50 Km तक पायी जाती हैं तापमान की स्थिरता के कारण इसे समतापमण्डल के नाम से जाना जाता है। इस मण्डल में 16 से 35 Km की ऊचाई पर ओजोन गैस का सघनतम विस्तार पाया जाता है। समताप सीमा के ऊपर 50 से 80 Km की ऊँचाई तक मध्यमण्डल का विस्तार है। समतापमण्डल ऊपर 80 Km से लेकर 640 किमी. तक थर्मोस्फियर का विस्तार है। थर्मोस्फियर में 80 किमी. से 400 किमी.
तक के ऊँचाइ वाले भाग को आयन मण्डल के नाम से जाना जाता है।
7. सर्वोच्च माध्य तापवाले बिन्दुओं को जोड़ने वाली रेखा को कहते है:
(a) तापीय भूमध्य रेखा (b) महा द्वीपीयता
(c) अन्तरोष्ण अभिसरण पेटी (d) विशिष्ट ऊष्मा
उत्तर (a)−सर्वोच्च माध्य ताप वाले बिन्दुओं को जोड़ने वाली रेखा को तापीय भूमध्य रेखा कहते है। किसी पदार्थ के एक ग्राम (मात्रा) का तापमान 1सेल्सियस बढ़ाने के लिए आवश्यक उष्मा की मात्रा को विशिष्ट उष्मा कहते है।
8. उपोष्ण जेट स्ट्रीम की ऊंचाई है:
(a) 5‚100 से 7‚100मीटर
(b) 7‚100 से 9‚100मीटर
(c) 9‚100 से 13‚700मीटर
(d) 13‚700 से 18‚700मीटर
उत्तर (c)−उपोष्ण कटिबन्धीय पछुआ जेट स्ट्रीम की स्थिति धरातलीय उपोष्ण कटिबन्धीय उच्च वायुदाब के उत्तर में लगभग 9100 मीटर से 13700 मीटर की ऊचाई पर होती है। यह समान्यत: 30से 35अक्षांशों के बीच ही प्रभावी होती है परन्तु कभी-कभी 20से 50अक्षांशों तक विसर्जन करती है। यह ध्रुवीय वाताग्र जेट प्रवाह की अपेक्षा अधिक नियमित होती है और उससे कम शक्तिशाली होती है। परन्तु कभी-कभी इसकी गति ध्रुवीय वाताग्र जेट प्रवाह जितनी हो जाती है।
9. अन्ध महासागरीय उपोष्ण उच्च दाब पेटी को कहते है:
(a) एजोर्स उच्च (b) हवाई उच्च
(c) पछुआ (d) हैडली कोश
उत्तर (a)−अन्ध महासागरीय उपोष्ण उच्च दाब पेटी को एजोर्स उच्च कहते है। उष्णकटिबन्धीय परिसंचरण कोशिका को हैडिली कोशिका भी कहते है क्योंकि जी. हैडिली ने पहली बार 1735 ई. में दोनों गोलार्द्धों में तापजन्य परिसंचरण कोशिका को निर्धारण किया।
10. अधिविष्ट वाताग्र बनता है:
(a) शीत वाताग्र में
(b) उष्ण वाताग्र में
(c) जब शीत वाताग्र उष्ण वाताग्र के ऊपर जाता है
(d) जब दोनों शीत वाताग्र समाप्त होते है
उत्तर (c)−जब शीत वाताग्र तीव्र गति से चलकर उष्ण वाताग्र से मिल जाता है तथा गर्म वायु का नीचे से सम्पर्क समाप्त हो जाता है तो ‘अधिविष्ट वाताग्र’ को निर्माण होता है। जब वाताग्र के सहारे गर्म तथा हल्की वायु आक्रमक होती है तथा ठण्डी एवं भारी वायु के ऊपर तीव्रता से चढ़ती है‚ तो उसे उष्ण वाताग्र कहते है। जब ठण्डी तथा भारी वायु आक्रमक होती है तथा गर्म एवं हल्की वायु को ऊपर उठा देती है तो शीत वाताग्र का निर्माण होता है।
11. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है- एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है। दिये गये कूट से अपना उत्तर चुनिये।
कथन (A) :
जल परासरण प्रक्रिया पौधों को मृदा से घोल रूप में तत्वों का शोषण करने में मदद करती है।
कारण (R) : सभी तत्व प्रथमत: मृदा में एकत्रित होते है।
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (A)‚ (R) का सही स्पष्टीकरण है
(b) (A) और (R) दोनों सही है‚ लेकिन (R)‚ (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है
(c) (A) सही है‚ लेकिन (R) गलत है
(d) (A) गलत है‚ लेकिन (R) सही है
उत्तर (a)−पौधों की वृद्धि एवं विकास हेतु लगभग सभी तत्व मृदा से ही प्राप्त होते हैं और यह तत्व पौधों को जल परासरण प्रक्रिया द्वारा प्राप्त होता है। इस तरह कथन एवं कारण दोनों सत्य है और कारण कथन का सही स्पष्टीकरण है।
12. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और दिये गये
कूट से अपना उत्तर चुनिये। सूची- I सूची- II
a. समुद्री बायोम 1. मानसून पतझड़ वन
b. टैगा बायोम 2. स्क्लोरोफिल इकोसिस्टम
c. भूमध्यसागरीय बायोम 3. फाइटोप्लैन्कटन
d. उष्ण कटिबन्धीय बयोम 4. बोरियल वन
कूट:
a b c d
(a) (iii) (iv) (ii) (i)
(b) (iv) (iii) (i) (ii)
(c) (ii) (i) (iii) (iv)
(d) (i) (ii) (iv) (iii)
उत्तर (a)− सूची I सूची II समुद्री बायोम – फाइटोप्लैंकटन टैगा बायोम – बोरियल वन भूमध्य सागरीय बायोम – स्क्लोरोफिल इकोसिस्टम उष्णकटिबन्धीय बायोम – मानसून पतझड़ वन
13. निम्न में से कौन महासागरीय नितल की भूरचना का सही क्रम है?
(a) महाद्वीप मग्न ढाल‚ महाद्वीपीय मग्न तट‚ महाद्वीपीय उभार‚ महासागरीय वितल मैदान
(b) महाद्वीपीय मग्न तट‚ वितल मैदान‚ महाद्वीपीय उयभार‚ महाद्वीपीय उभार‚ महाद्वीपीय मग्न ढाल
(c) महाद्वीपीय मग्न तट‚ महाद्वीपीय मग्न ढाल‚ महाद्वीपीय उभार‚ वितल मैदान
(d) महाद्वीपीय उभार‚महाद्वीपीय मग्न ढाल‚ महाद्वीपीय मग्न तट‚ वितल मैदान
उत्तर (c)−महासागरीय नितल की भूसंरचना की सही क्रम इस प्रकार है- महाद्वीपीय मग्न तट‚ महाद्वीपीय मग्न ढाल‚ महाद्वीपीय उभार एवं वितल मैदान। महाद्बीपों के किनारों का जो भाग महासागर के जल में डूबा रहता है और जिसका ढाल 1से 3तक एवं गहराई 100 फैदम अथवा 180 मीटर होता है‚ महाद्वीपीय मग्नतट कहलाता है। महाद्वीपीय मग्नतट और गहन सागरीय मैदान के बीच तीव्र ढाल वाले भाग को महाद्वीपीय मग्नढाल कहते है। इसका औसत ढाल 2से 5तथा गहरायी 200 से 300 मी. तक होती है।
14. जैव विविधता में कमी के लिए निम्न में से कौन कारक सबसे महत्वपूर्ण उत्तरदायी है?
(a) आवास का विनाश
(b) आनुवांशिक आत्मसातीकरण
(c) नाशक जीवों का नियन्त्रण
(d) परभक्षियों का नियन्त्रण
उत्तर (a)−जैव विविधता में कमी के लिए आवास का विनाश सबसे महत्वपूर्ण उत्तरदायी कारक है। विश्व की जनसंख्या में तीव्र वृद्धि तथा जीवन स्तर में सुधार के कारण प्राकृतिक संसाधनों का तीव्र गति से दोहन हो रहा है जिस कारण जीव जन्तुओं के आवास का तीव्र गति से विनाश हो रहा है जिससे जैव विविधता में कमी आ रही है।
15. ‘इको सिस्टम’ शब्द प्रस्तुत किया गया था:
(a) टान्सले (b) न्यूबोल्ड
(c) स्टोडार्ट (d) डासमैन
उत्तर (a)−इकोसिस्टम (परिस्थितिक तन्त्र)। शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम ए.जी. टान्सले द्वारा किया गया। पारिस्थितिक तन्त्र भौतिक तन्त्रों का एक विशेष प्रकार होता है। इसकी रचना जैविक तथा अजैविक संघटकों से होती है।
16. निम्न सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और कूट से सही उत्तर चुनिये। सूची- I सूची- II
a. भौगोलिक धुरी का सिद्धान्त 1. जीन ब्रून्ज
b. कास्मोग्राफिया यूनिवर्सल्स 2. ए. पेन्क
c. मार्फोलॉजी डेल 3. शेबास्टीन एरडोबेरफ्लाशे मनस्टर
d. ज्याग्राफी ह्यूमेन 4. एच. जे. मेकिण्डर
कूट:
a b c d
(a) (iii) (iv) (ii) (i)
(b) (i) (ii) (iv) (iii)
(c) (iv) (iii) (ii) (i)
(d) (ii) (i) (iii) (iv)
उत्तर (c)− सूची I सूची II भौगोलिक धुरी का – एच.जे. मैकिण्डर सिद्बान्त कास्मोग्राफिया – सेबेस्टियन मुंसटर यूनिवर्सल्स मार्कोलॉजी डेल एरडो – ए. पेंक बेरक्लाशे ज्योग्राफी ह्यूमेन – जीन ब्रून्स
17. कास्मोग्राफी शब्द की रचना की गयी थी:
(a) मेकिण्डर द्वारा (b) हम्बोल्ट द्वारा
(c) इमैनुअल काण्ट द्वारा (d) टॉलेमी द्वारा
उत्तर (b)−कास्मोग्राफी शब्द की रचना हम्बोल्ट द्वारा की गयी है। हम्बोल्ट की महत्वपूर्ण कृति कॉसमास है जो 1845 ई. में प्रकाशित हुयी। हम्बोल्ट को आधुनिक भूगोल का संस्थापक माना जाता है। इमैन्युअल काण्ट ने वैज्ञानिक भूगोल को दार्शनिक आधार प्रदान किया। इन्होंने 1781 ई. में ‘क्रिटीक ऑफ प्योर रीजन’ नाम की पुस्तक प्रकाशित की। काण्ट की अन्य पुस्तक अर्डकुडिडुंग है। काण्ट को आरामचेयर भूगोलवेत्ता कहा जाता हैटॉ लमी द्वारा रचित पुस्तके निम्न हैi.
ग्रहीय परिकल्पना
ii. अल्मागेस्ट
iii. एमालेमा
iv. एमालेमा
v. भूगोल की रूपरेखा
18. नियतिवाद द्वारा प्रतिपादित होता है:
(a) प्राकृतिक वातावरण का प्रभाव
(b) मानव केन्द्रित उन्मुखकता
(c) इतिहास और प्रकृति के परिप्रेक्ष्य में पृथ्वी
(d) तुलनात्मक प्रादेशिक भूगोल
उत्तर (a)−नियतिवादी साधारण: मानव को एक निष्क्रिय अभिकर्ता मानते है जिस पर भौतिक तत्व क्रियाशील होते है और उनके व्यवहार और निर्णय करने की प्रवृत्ति को नियन्त्रित करते है। प्रमुख नियतिवादी भूगोलवेत्ता निम्न है।- कार्ल रिटर‚ एलन सेम्पुल‚ हंटिण्गटन आदि ।
19. भौतिक भूगोल और मानव भूगोल के बीच भौगोलिक द्वैत को कहते है:
(a) सम्भववाद (b) नियतिवाद
(c) द्वैतवाद (d) नृतत्वभूगोल
उत्तर (c)−भौतिक भूगोल एवं मानव भूगोल के बीच भौगोलिक द्वैत को द्वैतवाद कहते हैं।
20. सामान्य और प्रादेशिक भूगोल को किसने पृथक रूप में पहचाना है:
(a) रिचथोफेन (b) फ्रोडरिक रेटजेल
(c) विडाल डी ला ब्लाश (d) जीन ब्रून्ज
उत्तर (a)−फर्डीनेंड वॉन रिचथोपेन ने सामान्य और प्रादेशिक भूगोल को पृथक रूप में पहचाना। उन्होंने व्यक्त किया कि प्रादेशिक भूगोल को पूर्वतया वर्णनात्मक होना चाहिए ताकि किसी भी प्रदेश के महत्वपूर्ण लक्षणों को सूचरू रूप व्यक्त किया जा सके। उनके विचार में सामान्य भूगोल में व्यक्तिगत परिघटनाओं के स्थानिक वितरण का वर्णन होना चाहिए। इनकी प्रमुख पुस्तके निम्न है- चीन का भूगोल‚ सीलाकृति विज्ञान‚ आर्थिक एवं खनिज भूगोल ।
21. मेगालोपोलिश (विश्व नगरी) शब्द की रचना किसने की है?
(a) एम. जेफरशन (b) जे. गॉटमैन
(c) जे. कार्टर (d) प्रेस्टन जेम्स
उत्तर (b)−मेगालोपोलिस शब्द का प्रयोग जीन गॉटमैन ने किया था। जीन गॉटमैन ने इस शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तरी पूर्वी समुद्रतटीय प्रदेश के नामकरण के उत्तरी पूर्व समुद्रतटीय प्रदेश के नामकरण के लिए किया। इन्होने मेगालोपोलिस को सन्नगर का एक विशाल रूप बताया मार्क जैकरसन ने प्राइमेट सिटी सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।
22. निम्न सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए और क्रिस्टालर के सिद्धान्त के अनुसार कूट में से सही
उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
a. बाजार पल्ली 1. 36 कि.मी. दूर
b. प्रादेशिक राजधानी नगर 2. 12 कि.मी. दूर
c. जिला नगर 3. 7 कि.मी. दूर
d. नगर केन्द्र 4. 186 कि.मी. दूर
कूट:
a b c d
(a) (iv) (iii) (ii) (i)
(b) (i) (ii) (iv) (iii)
(c) (iii) (iv) (i) (ii)
(d) (ii) (iii) (iv) (i)
उत्तर (c)− सूची I सूची II बाजार पल्ली – 7 किमी. दूर प्रादेशिक राजधानी नगर – 186 किमी. दूर जिला नगर – 36 किमी. दूर नगर केन्द्र – 12 किमी. दूर
23. भारतीय जनगणना आँकड़ों के अनुसार सीमान्त श्रमिक किसे कहते है?
(a) जनसंख्या का आकार
(b) जनसंख्या घनत्व
(c) पुरूष श्रमिको की भागीदारी की अधिकता
(d) कार्य
उत्तर (b)−भरतीय जनगणना में बस्तियों के नगरीय वर्गीकरण में जनसंख्या घनत्व अनुपस्थित कारक है। जनसंख्या का आकार‚ पुरूष श्रमिको की भागीदारी की अधिकता कार्य बस्तियों के नगरीय वर्गीकरण के प्रमुख कारक है।
24. भारतीय जनगणना आँकड़ों के अनुसार सीमान्त श्रमिक किसे कहते है?
(a) साल में 250 दिन काम करने वाला व्यक्ति
(b) साल में 180 दिन से कम काम करने वाला व्यक्ति
(c) साल में कदाचित काम करने वाला व्यक्ति
(d) साल में 60 दिन में कम काम करने वाला व्यक्ति
उत्तर (b)−भारतीय जनगणना के ऑकड़ो के अनुसार साल में 180 दिन से कम काम करने वाले व्यक्ति को सीमान्त श्रमिक कहते है।
25. निम्न में से किसके साथ रैंक-साइज-रूल सम्बद्ध है?
(a) ग्रामीण-नगरीय सीमान्त (b) नगरीय बस्ती
(c) ग्रामीण बस्तियां (d) महानगरीय शहर
उत्तर (b)−रैंक-साइज-रूल नगरीय बस्ती से सम्बन्धित है जी. के.
जिफ द्वारा प्रतिपादित कोटि आकार नियम 1941 ई. में प्रतिपादित किया गया। यह नगरीय भूगोल में प्रयुक्त एक महत्वपूर्ण नियत है‚ जिसके अनुसार किसी प्रदेश या देश के नगर की कोटि (Rank) और उनके जनसंख्या आकार में निश्चित अनुपात पाया जाता है।
26. वेबर का वस्तु सूचक बताता है:
(1) कच्चे वस्तु की लागत
(2) तैयार वस्तु की लागत
(3) कच्चे वस्तु का वजन
(4) तैयार वस्तु का वजन
कूट:
(a) (1) और (2) सही है
(b) (1) और (3) सही है
(c) (2) और (4) सही है
(d) (3) और (4) सही है
उत्तर (d)−वस्तु सूचक या पदार्थ सूचकांक उत्पादित वस्तु तथा कच्चे माल के भार के अनुपात का द्योतक है। इसे निम्न सूत्र द्वारा प्रस्तुत किया जाता हैपदार्थ सूचकांक • उत्पादित वस्तु का भार स्थानीय पदार्थ का भार स्थानीय पदार्थ की तुलना में उत्पादित वस्तु का भार बढ़ने वाले उद्योगों में यह पदार्थ सूचकांक एक से अधिक समान भार वाले उद्योगों में एक तथा भार हासमान पदार्थाें का प्रयोग करने वाले उद्योगों में इसका मूल्य एक से कम होता है।
27. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये कूट से अपना उत्तर चुनिये।
कथन (A) :
वेबर का सिद्धान्त याता यात लागत पर आधारित है परन्तु यह बात छोड़ देता है कि वस्तु दर हमेशा दूरी के प्रत्यक्ष अनुपातित होती है।
कारण (R) : वस्तु दर कच्चा पदार्थ और तैयार वस्तु के समान नहीं होता है।
कूट:
(a) दोनों (A) तथा (R) सही है और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) द्वारा मिलता है
(b) दोनों (A) तथा (R) सही है‚ और (A) का स्पष्टीकरण
(R) नहीं है
(c) (A) सही है‚ किन्तु (R) गलत है
(d) (A) गलत है‚ किन्तु (R) सही है
उत्तर (b)−वस्तु दर कच्चा पदार्थ तथा तैयार माल के समान नहीं होता है क्योंकि वस्तु दर हमेशा दूरी के प्रत्यक्ष आनुपातिक होता है। इस तरह कथन एवं कारण दोनों सत्य है लेकिन कारण कथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
28. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा दिये गये
कूट से सही उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
a. लीस्ट स्क्वायर पद्धति 1. रफिउल्ला
b. मैक्सीमम डिस्टेन्स पद्धति 2. अय्यर
c. फसल और पशु संयोग 3. वीवर
d. लारेन्ज कर्व का उपयोग 4. कोपैक
कूट:
a b c d
(a) (i) (ii) (iii) (iv)
(b) (ii) (iii) (iv) (i)
(c) (i) (iv) (ii) (iii)
(d) (iii) (i) (iv) (ii)
उत्तर (a)− सूची I सूची II लीस्ट स्क्वायर पद्धति – रफिउल्ला मैक्सीमम डिस्टेन्स पद्धति – अय्यर फसल और पशु संयोग – वीवर लॉरेंज कर्व का प्रयोग – कोपैक
29. इनमें से कौन सा प्रादेशिक अवसंरचना तत्व नहीं है?
(a) सड़कें (b) संचार लाईनें
(c) नहरें (d) केंद्रीय व्यवसाय क्षेत्र
उत्तर (d)−केन्द्रीय व्यवसाय क्षेत्र प्रादेशिक अवसंरचना का तत्व नहीं है। सड़के‚ संचार लाइने‚ नहरें‚ प्रदेशिक अवसंरचना के तत्व है। नगर के केन्द्रीय भाग में स्थित कार्यात्मक क्षेत्र को केन्द्रिय व्यापार क्षेत्र (Central Business Dictrict) की संज्ञा दी गयी है। बर्जेस की मान्यता है कि केन्द्रिय व्यापारिक क्षेत्र की स्थिति अधिकांशित:
नगर के मध्य में होती है जो व्यापारिक‚ सामाजिक तथा नागरिक जीवन और यातायात का केन्द्र होता है। उन्होंने इस कार्यात्मक क्षेत्र को दो उप विभागों में विभक्त किया है (i) फुटकर व्यापार क्षेत्र (ii) थोक व्यापार क्षेत्र।
30. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये सेकेतों में से अपना उत्तर चुनिये।
कथन (A)
: वॉन थ्यूनेन के प्रतिमान में हर एक पेटी उस कृषि उत्पादन में विशेषता प्राप्त करती है जिसके लिये वह सबसे ज्यादा उपयुक्त है।
कारण (R) : वॉन थ्यूनेन ने विभिन्न कृषि उद्यम और पशु संयोग का विचार नहीं किया है।
कूट:
(a) दोनों (A) तथा (R) सही है और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) द्वारा मिलता है
(b) दोनों (A) तथा (R) सही है‚ और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) नहीं है
(c) (A) सही है‚ किन्तु (R) गलत है
(d) (A) गलत है‚ किन्तु (R) सही है
उत्तर (c)−प्रसिद्ध जर्मन अर्थशाध्Eाी वॉन थ्यूनेन ने सर्वप्रथम 1826
ई. में कृषि के स्थानीकरण के सिद्धन्त का प्रतिपादन किया था वॉन थ्यूनेन के अनुसार बाजार क्षेत्र (केन्द्रीय नगर) के चारों ओर दूरी में वृद्धि के साथ-साथ फसलों के उत्पादन क्षेत्र का आर्थिक लाभ क्रमश: घटता जाता है इस प्रकार अधिक लाभ वाले उद्यम नगर के निकट और कम महत्व के उद्यम नगर से दूर स्थापित किये जाते है। वॉन थ्यूनेन मॉडल के अनुसार विलग प्रदेश में केन्द्रीय नगर के चारों ओर कृषि भूमि उपयोग की 6 संकेन्द्रिय पेटियाँ पायी जाती है जिनका क्रम निम्नवत है-
1. शाक सब्जी उत्पादन पेटी
2. काष्ठ उत्पादन
3. अन्न उत्पादन
4. चारागाह एवं परती के साथ शस्यावर्तन
5. त्रिक्षेत्र कृषि पद्धति
6. पशुचारण इस प्रकार वॉन थ्यूनेन के प्रतिमान में हर एक पेटी उस कृषि उत्पादन में विशेषता प्राप्त करती है जिसके लिए वह सबसे ज्यादा उपयुक्त है। और इसके साथ ही वॉन थ्यूनेन ने विभिन्न कृषि उद्यम और पशु संयोग पर विचार किया या जिसका उदाहरण छठी कृषि पेटी है।
31. भारत में निम्न में से कौन सांस्कृतिक आत्मसातीकरण के लिए अधिक महत्वपूर्ण बाधक है।
(a) धार्मिक संरचना (b) भाषायी संरचना
(c) आर्थिक संरचना (d) नृजातीय गठन
उत्तर (c)−भारत में आर्थिक संरचना सांस्कृतिक आत्मसातीकरण के लिए अधिक महत्वपूर्ण बाधक है।
32. 1956 में भारत में राज्यों के पुनर्गठन का आधार था:
(a) आक्षांश-देशांश (b) भाषा
(c) नदी बेसिन (d) संसाधन निधि
उत्तर (b)−भारत सरकार ने प्रादेशिक ‚ भाषायी‚ सांस्कृतिक तथा आर्थिक लक्षणों को ध्यान में रखते हुए राज्यों‚ के पुनर्गठन की योजना तैयार की गयी। नेहरू‚ पटेल एवं सीतारमैय्या समिति की रिपोर्ट के बाद मद्रास राज्य के तेलगू भाषियों ने पोटी श्री रामल्लू के नेतृत्व में आन्दोलन प्रारम्भ हुआ 56 दिन के आमरण अनशन के बाद 15 दिसम्बर 1952 ई. को रामल्लू की मृत्यु हो गयी। रामल्लू की मृत्यु कें बाद प्रधानमन्त्री नेहरू ने तेलगू भाषियों के लिए पृथक आन्ध्र प्रदेश के गठन की घोषणा कर दी। इसी प्रकार भाषा के आधार पर 1956 ई. में आन्ध्र प्रदेश राज्य का गठन किया गया।
33. मेकाईन्डर के द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्त का क्या नाम है?
(a) कॉसमॉस
(b) विभिन्नता में एकता
(c) हृदय स्थल सिद्धान्त
(d) कम विकास का सिद्धान्त
उत्तर (c)−मैकिण्डर ने 25 जनवरी 1904 को रायल ज्योग्राफी लन्दन के समक्ष एक शोध पत्र प्रस्तुत किया जिसका शीर्षक था ‘इतिहास का भौगोलिक धुरी क्षेत्र’। मैकिण्डर ने हृदय स्थल सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। मैकिण्डर ने 1919 ई. में एक पुस्तक प्रकाशित की- डेमोक्रेटिक आइडियाज एण्ड रियलटिज। मैकिण्डर ने अपने हृदयस्थल शब्द को जेम्स वियर ग्रीन से लिया था।
34. भूसामरिक परिकल्पना में किसने ‘‘रिमलैण्ड’’ शब्द का प्रयोग किया है?
(a) अलेक्जैण्डर द सेवेस्की (b) जेम्स फयरग्रीव
(c) मेकिण्डर (d) स्पाइकमैन
उत्तर (d)−स्पाइकमैन के अनुसार स्थल शक्ति को अपेक्षा समुद्री गतिशीलता ही विश्व में विशाल साम्राज्य की स्थापना में सहायक रही है। स्पाइकमैन ने 1944 में ‘शान्ति का भूगोल’ नामक पुस्तक लिखी जिसमें उन्होंने रिमलैण्ड के सिद्धान्त की प्रस्तुत किया।
35. निम्न आदिवासी समूहों में से कौन समूह उत्तर पूर्व के एक ही राज्य में सीमित है?
(a) खासी-नागा (b) गारो-खासी
(c) नागा-मीजो (d) खासी-मीजो
उत्तर (b)−गारो‚ खासी आदि वासी समूह उत्तर पूर्व के मेघालय राज्य में सीमित है। ये जनजातियॉ झूमिंग कृषि करते है तथा ये सीढ़ीदार खेतों में कृषि करते है। इन लोगों के मकान प्राय: लकड़ी‚ पत्थर‚ बॉस‚ बेंत‚ नरकुल छप्पर और स्लेट के बनाये जाते है। इस जनजाति में सबसे छोटी पुत्री का स्थान महत्वपूर्ण होता है। परिवार की सम्पत्ति की वही उत्तराधिकारिणी होती है और वही धार्मिक पूजायें भी करती हैं।
36. ‘‘स्प्रेड’’ एवं ‘‘बैकवाश’’ इफैक्ट की संकल्पना किसने प्रचलित की थी:
(a) ए.ओ. हिरशमैन (b) गुन्नार मिरडाल
(c) गुंडर फ्राँक (d) समीर अमीन
उत्तर (b)− स्प्रेड एवं बैकवाश इफैक्ट की संकल्पना गुन्नार मिर्डल ने प्रस्तुत की। मिर्डल के सिद्धान्त के अनुसार बाजारी शक्तियों के कारण असमानता घटने के बजाए बढ़ती है क्योंकि परगामी प्रभाव प्रसरण प्रभाव की तुलना में अधिक शक्तिशाली होते है। गुन्नार मिर्डाल ने संचयी परिणामी मॉडल प्रस्तुत किया।
37. भारत को नियोजन क्षेत्रों में विभाजित करने का प्रयास किसने किया था:
(a) नेशलन एटलस एंड थिमैटिक मैपिंग आरगेनाईजेशन
(NATMO)
(b) टाउन एंड कन्ट्री प्लानिंग आरगेनाईजेशन (TCPO)
(c) नेशलन काऊनसिल फॉर अपलाईड इकोनॉमिक रिसर्च
(NCAER)
(d) नेशनल इन्सटिट्यूट ऑफ प्लानिंग एण्ड एडमिनिस्ट्रेशन (NEPA)
उत्तर (d)−भारत को नियोजन क्षेत्रों में विभाजित करने का प्रयास नेशलन इन्स्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एण्ड एडमिनिस्ट्रेशन ने किया। भारत में प्रकाश राव पहले भूगोलविद् थे जिन्होने वर्ष 1949 में देश को नियोजन की दृष्टि से प्रदेशों के महत्व को सर्वप्रथम बताया था। इसके उपरान्त 1961 ई. में रामचन्द्रन ने पहली बार भारत को 5 स्थल प्रदेशों में विभक्त किया था।
38. निम्नलिखित कथन निम्न विकसित देशों में क्षेत्रीय असंतुलन के कारणों की व्याख्या करते हैं। नीचे दिए गए कोड में से सही समुच्चय बताईये:
(a) संसाधनों के वृत्तिदान में क्षेत्रीय विभिन्नता
(b) उद्योग विकास के स्तरों में विषमता
(c) भूभौतिक अभिलक्षणों में विभिन्नता
(d) विरूपित नगरीय अधिकमिकता
कूट:
(a) (a), (b) और (d)सही हैं
(b) (a) और (b) सही हैं
(c) (b) और (c) सही हैं
(d) (b), (c) और (d) सही हैं
उत्तर (b)−विश्व के सभी भागों में विकास का स्तर एक समान नहीं होता। एक ओर अमेजन तथा जायरे बेसिन जैसे क्षेत्र है जहॉ जहॉ पर न्यूनतम विकास हुआ है और दूसरी ओर उत्तरी पश्चिमी यूरोपीय प्रदेश है जहॉ पर उच्च कोटि का विकास हुआ है। इस प्रकार विकास के स्तर में प्रादेशिक तथा स्थानिक भिन्नताऍ पायी जाती है जिन्हे समुचित रूप में प्रादेशिक असन्तुलन कहते है। प्रादेशिक स्तर पर संसाधनों के वृत्तिदान में क्षेत्रीय विभिन्नता और उद्योग विकास के स्तरों में विषमता‚ सांस्कृतिक संगठन‚ प्रौद्योगिकी के स्तर मानवीय प्रयास तथा संस्थागत ढाँचा आदि विकसित देशें में क्षेत्रीय असन्तुलन के कारणों की व्याख्या करते है।
39. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिये
कूट से सही उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
(a) बस्ती श्रेणीवद्धता 1. डब्ल्यू क्रिस्टॉलर
(b) क्षेत्रीय विश्लेषण 2. वालटर इजार्ड
(c) विकास ध्रुव सिद्धांत 3. डब्ल्यू डब्ल्यू रोस्टोव
(d) आर्थिक वृद्धि अवस्था 4. एफ पेराक्स
कूट:
a b c d
(a) (ii) (iv) (iii) (i)
(b) (i) (iii) (ii) (iv)
(c) (i) (ii) (iv) (iii)
(d) (iv) (i) (ii) (iii)
उत्तर (c)− सूची I सूची II बस्ती श्रेणीवद्वता – डब्ल्यू क्रिस्टॉलर क्षेत्रीय विशलेषण – वालटर इजार्ड विकास ध्रुव सिद्धन्त – एफ. पेराक्स आर्थिक वृद्बि अवस्था – डब्ल्यू. डब्ल्यू. रोस्टोव
40. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये सेकेतों में से अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A) :
रष्ट्रीय स्तर पर अल्पकाल में संतुलित क्षेत्रीय विकास की रणनीतियाँ निश्चित रूप से तीव्र आर्थिक वृद्धि नहीं प्राप्त करती है।
कारण (R) : राष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि की रणनीतियाँ आर्थिक सामर्थ्य के अभिलक्षणों परआधारित होती है न कि प्रादेशिक संतुलन के अभिलक्षणों पर।
कूट:
(a) (A) तथा (R) दोनों सही है और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) द्वारा मिलता है
(b) (A) तथा (R) दोनों सही है‚ और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) नहीं है
(c) (A) सही है‚ किन्तु (R) गलत है
(d) (A) गलत है‚ किन्तु (R) सही है
उत्तर (a)−राष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि की रणनीतियाँ आर्थिक सामर्थ्य के अभिलक्षणों पर आधारित होने के कारण तीव्र आर्थिक वृद्धि को प्राप्त नहीं कर पाती। इस तरह कथन एवं कारण दोनों सत्य है एवं कारण कथन की सही व्याख्या भी कर रहा है।
41. भारतवर्ष के किस राज्य में उच्चतम प्रतिशत तालाब सिंचाई है?
(a) आन्ध्र प्रदेश (b) तमिलनाडू
(c) कर्नाटक (d) महाराष्ट्र
उत्तर (b)−तालाब भारत के प्रायद्वीपीय पठार वाले भाग में सिचाई का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। ऊँची नीची पहाड़ी भूमि में प्राकृतिक तालाबों की प्रचुरता होती है और साथ ही पहाड़ी ढालों पर जहॉ इसका अभाव होता है कृत्रिम तालाबों का निर्माण द्वारा सिंचित क्षेत्र तमिलनाडु में सर्वाधिक विस्तृत है। त्रिपुरापल्ली में इसकी स्र्वाधिक संख्या है। तालाबों द्वारा सिंचित प्रमुख प्रदेश क्रमश: निम्न हैतमिलनाड आन्ध्रप्रदेश व कर्नाटक।
42. निम्न में से कौन सा राज्य अभ्रक का उत्पादन करता है?
(a) कर्नाटक (b) उड़ीसा
(c) झारखण्ड (d) महाराष्ट्र
उत्तर (c)−प्रश्नगत दिये गये विकल्पों में झारखण्ड अभ्रक का उत्पादक राज्य है। झारखण्ड में सर्वाधिक अभ्रक का उत्पादन हजारीबाग- कोडरमा पेटी में होती है। इसके अलावा प्रमुख अभ्रक उत्पादक राज्य-आन्ध्रप्रदेश (नेल्लौर‚ राज्स्थान ब्यावर‚ अजमेर पेटी बांसवाड़ा- दुर्गापुर पेटी‚ भीलवाड़ा) आदि है। वर्तमान में देश के अभ्रक उत्पादन का 90 % भाग विद्युत उद्योग होता है।
43. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा दिये गये
कूट से सही उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
(2001 में नगरीकरण का (राज्य) स्तर प्रतिशत)
(a) 42.40 1. पंजाब
(b) 25.97 2. बिहार
(c) 10.47 3. केरल
(d) 33.95 4. महाराष्ट्र
कूट:
a b c d
(a) (iv) (iii) (ii) (i)
(b) (iii) (ii) (i) (iv)
(c) (iv) (ii) (i) (iii)
(d) (ii) (iv) (iii) (i)
उत्तर (a)− सूची I सूची II
(2001 में नगरीकरण का स्तर%) 42.40 – महाराट्र 25.97 – केरल 10.47 – बिहार 33.95 – पंजाब 2011 की जनगणना के अनुसार नगरीकरण का प्रतिशत इस प्रकार हैमहाराष् ट्र – 45.2% केरल – 47.7% बिहार – 11.3% पंजाब – 37.5%
44. निम्न में से किस प्रदेश में भूस्खलन आवृत्ति अधिक है?
(a) हिमालय (b) पूर्वीघाट
(c) पश्चिमी घाट (d) सतपुड़ा
उत्तर (a)−पूर्णतया पर्वतीय क्षेत्र होने के काराण हिमालय क्षेत्र में भूस्खलन की आवृत्ति अधिक होती है।
45. निम्न में से कौन से शहरों में इस्पात उद्योग अवलंबित है?
(a) भोपाल (b) हैदराबाद
(c) कोइमबटूर (d) होस्पेट
उत्तर (d)−होस्पेट शहर में इस्पात उद्योग अवलम्बित है। यह शहर कर्नाटक के बेल्लारी जिले में स्थित है। यह हम्पी से 12 किमी. दूर‚ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है।
46. दो चरों के बीच सह-संबंध मापन के लिए उपयुक्त तकनीक कौन-सी है?
(a) लॉरेंज वक
(b) कार्ल पियरसन सह-संबंध
(c) लोकेशन कोयटेंट
(d) आंशिक सह-संबंध
उत्तर (b)
47. ऐसे जिला में जहाँ 25‚000 परिवारों से 1‚000 परिवारों का प्रतिदर्श चुनना हो वहा परिवार नियोजन सर्वेक्षण हेतु निम्न में से कौन प्रतिदर्श विधि उपयुक्त होता है?
(a) यादृच्छिक प्रतिदर्श
(b) नियमित प्रतिदर्श
(c) संस्तरित प्रतिदर्श
(d) समूह प्रतिदर्श
उत्तर (a)−यादृच्छिक प्रतिदर्श पद्धति तब प्रयोग की जाती है जब नमूना चयन फ्रेम छोटा हो। हम सूचीवद्ध जनसमुदाय से नमूना चुनने के लिए या दृच्छिक संख्या लेते है पहले जन समुदाय के प्रत्येक सुदस्य की विशेष संख्या नियत की जाती है। उदाहरण के लिए यदि जन समुदाय में 1000 से अधिक सदस्य है तो 0 से 990 तक संख्या नियत की जा सकती है।
48. काई-स्क्वायर टेस्ट के बारे में निम्न में से कौन वितरणों के परीक्षण के लिए सही नहीं है?
(a) आँकड़े आवृत्ति के रूप में होने चाहिए
(b) गिनी गयी संख्यायें 20 से अधिक न हो
(c) अपेक्षित आवृतियां 5 से कम न हो
(d) प्रेक्षण स्वतन्त्र होना चाहिए
उत्तर (b)−गिनी गयी संख्यायें 20 से अधिक न हो यही कथन काई-
स्क्वायर टेस्ट के बारे में सत्य नहीं है शेष अन्य वितरण के परीक्षण हेतु सत्य है।
49. जी.आई.एस. बहुभुज (पॉलिगान) का अर्थ है।
(a) 3 D स्पेस का समरूपी प्रदर्शन
(b) 2 D स्पेस का विषमरूपी प्रदर्शन
(c) 2 D स्पेस का समरूपी प्रदर्शन
(d) 3 D स्पेस का विषमरूपी पदर्शन
उत्तर (c)−जी.आई.एस. बहुभुज का अर्थ 2D स्पेस का समरूपी प्रदर्शन होता है। ध्यातव्य है कि बहुभुज (polygon) एक समतल सतही पर बनी ज्यामितीय आकृतियों का सामान्य नाम है।
50. नीचे दी गयी सूची को सूची से सुमेलित कीजिए और नीचे दिये गये कूट से अपना उत्तर चुनिए:
सूची- I सूची- II
(a). मध्य 1. संयुक्त संकेतक
(b). आवृत्ति वक्र 2. केन्द्रीय प्रकृति का प्रमाण
(c). प्रधान घटक 3. नेटवर्क विश्लेषण
(d). संयोजक मैट्रिक्स 4. ग्राफीय प्रदर्शन
कूट:
a b c d
(a) (iii) (ii) (iv) (i)
(b) (ii) (iv) (i) (iii)
(c) (iv) (iii) (ii) (i)
(d) (i) (ii) (iii) (iv)
उत्तर (b)− सूची I सूची II माध्य – केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप आवृत्ति वक्र – ग्राफीय प्रदर्शन प्रधान घटक – संयुक्त संकेतक संयोजक मैट्रिक्स – नेटवर्क विश्लेषण

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