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GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2005 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 0037.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2005 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल

1. उत्खात स्थलाकृति निर्मित होती है:
(a) बर्फीय तूफान (b) सुनामी
(c) तूफानी वर्षा (d) ज्वार भित्ति
उत्तर-(c) : जिन अर्द्ध शुष्क तथा रेगिस्तानी भागों में परतदार शैल के स्तर क्रमश: एक दूसरे के बाद होते है वहाँ पर असामयिक वर्षा के कारण सतह पर छोटी-छोटी जलधारायें बन जाती है जिसके द्वारा अपरदन के कारण खड्ड तथा गहरी घाटियाँ बन जाती है। इन खड्डों तथा घाटियों को अलग करते हुए ऊबड़-खाबड़ कटक बन जाते है। इस तरह खड्डो‚ घाटियों‚ कटकों तथा शिखरों के कारण समस्त धरातलीय सतह अत्यन्त ऊबड़-खाबड़ तथा असमान हो जाती है जिसे नंगे पॉव पार करना कठिन हो जाता है इस तरह की स्थलाकृति को उत्खात स्थलाकृति कहते है।
2. प्रस्तर जालक निर्मित होती है:
(a) वायु क्रिया द्वारा (b) जल क्रिया द्वारा
(c) तरंग क्रियाप द्वारा (d) हिमानी क्रिया द्वारा
उत्तर-(a) : प्रस्तर जालक का निर्माण वायु क्रिया द्वारा अपरदन के फलस्वरूप होता है। मरुस्थलीय भागों में जब सशक्त पवन के सामने ऐसी शिलायें पड़ जाती है जिसकी संरचना विभिन्न स्वभाव वाली चट्टानों से हुई होती है अर्थात जिसके विभिन्न भागों में कठोरता में पर्याप्त भिन्नता होती है तो पवन रेत कणों की सहायता से अपघर्षण द्वारा शैल के कोमल भागों को अपरदित करके उड़ा ले जाती है परन्तु कठोर भाग यथास्थान स्थिर रहते है। इस प्रकार के अपरदन के कारण शैल भाग में जाली का निर्माण हो जाता है। इस तरह की शैल को प्रस्तर जालक‚ जालीदार शैल या जालक शैल या आहिश्मक जालक कहते है। पवन द्वारा निर्मित अन्य स्थलाकृतियों निम्न है- इन्सेलबर्ग छत्रक शैल‚ भूस्तम्भ‚ ज्यूजेन‚ यारडाग‚ पवन वातायन आदि।
3. एस्कर्स होते है:
(a) एक टुण्ड्रा जनजाति
(b) हिमानीकृत भू-आकृति
(c) एक शुष्क वनस्पति का प्रकार
(d) उष्णकटिबंधीय वनों में पाया जाने वाला एक पशु
उत्तर-(b) : हिमानी जलोद निक्षेप द्वारा निर्मित स्थलरूपों में एस्कर सर्वाधिक महत्वपूर्ण होते है। हिम के पिघलने से उद्मूदत जलधाराओं द्वारा मलवा के निक्षेपण से निर्मित एस्कर लम्बे सकरे‚ कटक होते है‚ जिनके किनारे तीव्र ढाल वाले होते है। एस्कर की संरचना बजरी‚ रेत तथा कंकड़ पत्थर द्वारा होती है। एस्कर का निर्माण घाटी में पहाड़ी‚ दलदल‚ निचले भाग आदि सभी के ऊपर होता है। अर्थात एस्कर के निर्माण में उच्चावच की असमनाता का प्रभाव नही होता है। इस प्रकार हिमानी जलोढ़ निक्षेप द्वारा निर्मित अन्य स्थलाकृतियाँ निम्न है- केम‚ केटल आदि।
4. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A):
ओजोन परत तीव्र परिवर्तनशील सौर्य विकिरण की अत्याधिक मात्रा से पृथ्वी की रक्षा करती है।
कारण (R): अन्टार्कटिका महाद्वीप के ऊपर ओजोन में छिद्र पाया गया है।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(b) : ओजोन परत सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है। अंटार्कटिका महाद्वीप के ऊपर ओजोन परत में छिद्र पाया जाता है क्योंकि वहाँ त्रिकोशिकीय परिसंचरण द्वारा कार्बन डाई आक्साइड‚ क्लोरोफ्लोरो कार्बन इत्यादि हानिकारक गैसे वहाँ पहुँचा दी जाती है जिस कारण अंटार्कटिका महाद्वीप पर ओजोन परत में ह्रास हो रहा है।
5. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A):
मिट्टी या चट्टान के आधार की तलोछिन्नता एक नदी मे कटाव का कारक होती है।
कारण (R): वाहिकाओं की तलोछिन्नता भूमिगत अन्त: सरण के कारण होती है। 330
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(a) : नदी में जल के बहाव के कारण चट्टानों के आधार में जो कटाव होता है वह अन्त: सरण के कारण होता है। इस तरह कथन एवं कारण दोनों सत्य है एवं कारण कथन का सही स्पष्टीकरण भी है। नदियाँ जल को प्रवाहित कर अपने उद्गम स्थान से लेकर ढालों के अनुरूप बहती है बहते जल द्वारा विविध प्रकार की स्थलाकृतियों का निर्माण भी करती है।
6. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A):
महाद्वीपी उष्णकटिबंधीय वायु राशियाँ शुष्क एवं गर्म होती हैं।
कारण (R): महाद्वीपी उष्णकटिबंधीय वायु राशियाँ स्थानीय नहीं होती।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(b) : महाद्वीपीय उष्णकटिबन्धीय वायुराशियाँ शुष्क तथा गर्म होनी है। उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों से गुजरने के कारण ये गर्म होती है तथा महाद्वीपों से गुजरने के कारण इनमें आर्द्रता की कमी पायी जाती है। प्रश्नगत दिया गया कथन सत्य है परन्तु कारण कथन की व्याख्या नहीं कर रहा है। महाद्वीपीय उष्णकटिबन्धीय वायुराशियाँ स्थनीय होती है तथा जिन क्षेत्रों से गुजरती है वहा मौसमी प्रभाव डालती है।
7. निम्नलिखित में से कौनसी एक ग्रीन हाउस गैस नहीं है?
(a) नाइट्रोजन (b) कार्बन डाई आक्साइड
(c) मीथेन (d) क्लोरोफ्लोरो कार्बन
उत्तर-(a) : नाइट्रोजन ग्रीन हाउस गैस नहीं है। वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा 78% पायी जाती है। जीवन की उत्पत्ति के लिए यह प्रमुख गैस है।
8. निम्नलिखित मौसमी दशाओं में से किसमे नकारात्मक तापमान ह्रास घटित होता है?
(a) तापमान की पृष्ठीय विलोमता
(b) तापमान का रुद्धोष्म परिवर्तन
(c) तापमान का समतापीय परिवर्तन
(d) तापमान की अभिबहनीय विलोमता
उत्तर-(b) : वायु में तापमान की ह्रास दर तथा उसमे उपस्थित आर्द्रता वायु में स्थिरता की मात्रा को निर्धारित करती है। यदि ऊचाई के साथ वायु का तापमान बढ़ता है तो नीचे की ठण्डी एवं भारी वायु अपनी यथा स्थिति बनाए रखती है इसे निरपेक्ष स्थिरता कहते है। जब कोई वाह्य शक्ति वायु को ऊपर की ओर धकेलती है तो वह शुष्क रुदोष्म की क्रिया से ठण्डी हो जाती है। यह क्रिया तब तक जारी रहती है जब तक वायु में संघनन न हो जाए। अधिक ऊचाई पर यह वायु आस-पास की वायु से अधिक ठण्डी हो जाती है और बाह्य शक्ति के समाप्त होने पर नीचे उतरने लगती है। शुष्क वायु के शुष्क रुद्वोष्म तापमान ह्रास की तुलना में यह प्रभाव अधिक सक्रिय होता है।
9. मौसमी विपर्यास सर्वाधिक होता है:
(a) निम्न अक्षांशों में (b) मध्य अक्षांशों में
(c) उच्च अक्षांशों में (d) उपोष्ण कटिबंध में
उत्तर-(b) : मौसमी विपर्यास सर्वाधिक मध्य अक्षांशो में पाया जाता है। मध्य अक्षांश का विस्तार 300 से 600 अक्षाशों के मध्य दोनो गोलार्द्धो में पाया जाता है। मध्यक अक्षांश में फेरल कोशिका का निर्माण होता है।
10. ध्रुवीय अग्र संबद्ध होता है:
(a) उष्णकटिबन्धीय चक्रवात के उद्भव से
(b) वायु पेटियों के उद्भव से
(c) शीतोष्ण कटिबन्धीय चक्रवात के उद्भव से
(d) टॉरनेडो के उद्भव से
उत्तर-(b) : ध्रुवीय अग्र वायु पेटियों के उद्भव से सम्बद्ध होता है। यहाँ वायु अत्यधिक ठण्डी तथा सघन पायी जाती है जिस कारण उसका घनत्व अधिक होता है तथा भारी होती है। 800 उत्तरी तथा दक्षिणी अक्षांशों से उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव तक के क्षेत्र को उच्च भार पेटियाँ कहते है।
11. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A):
हिन्द महासागरीय धाराओं का परिचलन प्रतिरूप आंध महासागरीय एवं प्रशान्त महासागरीय धाराओं के परिचलन प्रतिरूप से बहुत भिन्न होता है।
कारण (R): हिन्द महासागर मानसूनी हवाओं के मौसमी आवर्तिता से प्रभावित होता है एवं उत्तर में स्थल रुद्ध है।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(a) 331 व्याख्या : हिन्द महासागर उत्तर में स्थलबद्ध है जिस कारण उत्तरी हिन्द महासागर में उत्तर पूर्वी तथा दक्षिण‚ पश्चिमी मानसूनी हवाओं के कारण धाराओं की दिशाओं में साल में दो बार परिवर्तन होता है।
12. समुद्री धाराओं का अभिसरण होता है:
(a) विषुवतरेखीय प्रदेश में (b) उष्णकटिबन्धीय प्रदेश में
(c) ध्रुवीय प्रदेश में (d) मध्य अक्षांशीय प्रदेश में
उत्तर-(a) : समुद्री धाराओं का अभिसरण विषुवतरेखीय प्रदेशो में होता है। विषुवतरेखीय प्रदेशों में व्यापारिक पवनों के माध्यम से हवाए पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है।
13. उत्तरी अंध महासागर की उत्तरी विषुवतीय धारा एवं दक्षिणी अंध महासागर की दक्षिणी विषुवतीय धारा का कारक होता है।
(a) विषुवत रेखा पर अन्तर्गामी शक्ति
(b) व्यापारिक हवाएं
(c) कोरियालिस शक्ति
(d) ध्रुवों पर अभिकेन्द्रीय शक्ति
उत्तर-(c) : उत्तरी अन्ध महासागर की उत्तरी विषुवतरेखीय धारा एवं दक्षिणी अन्ध महासागर की दक्षिणी विषुवतीय धारा का कारक कोरियालिस प्रभाव है। इस बल के फलस्वरूप पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में दाहिने ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बायी ओर मुड़ जाती है। कोरियालिस बल पृथ्वी के भिन्न-भिन्न अक्षांशों पर अलग-अलग प्रभाव डालता है। भूमध्य रेखा पर अपकेन्द्रीय बल के फलस्वरूप प्रभाव नगण्य पाया जाता है जबकि ध्रुवों पर इस बल का प्रभाव अधिकतम होता है। अयनवर्तीय उच्च वायुदाब से भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब की ओर चलने वाली हवाओं को व्यापारिक हवाएँ कहते है।
14. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A):
फेरल का सिद्धान्त उत्तरी गोलार्ध में समुद्री धाराओं के दक्षिणावर्त दिशा में बहाव को स्पष्ट करता है।
कारण (R): कोरिऑलिस फोर्स दक्षिणी गोलार्ध में समुद्री धाराओं के उत्तरावर्त दिशा में बहाव के लिए उत्तरदायी है।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(b) : फेरल के सिद्धान्त के अनुसार उत्तरी गोलार्ध में समुद्री धाराओं की दिशा परिचम से पूर्व की ओर कोरिऑलिस बल के प्रभाव के कारण पवने उत्तरी गोलार्ध में दायी ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बायी ओर मुड़ जाती है जिस कारण ही दक्षिणी गोलार्ध में समुद्री धाराओं की दिशा उत्तरावर्त हो जाती है।
15. सूची- I और सूची- II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये कूट से सही उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
(मिट्टी के प्रकार) (pH मूल्य)
(a) कृषि मिट्टियां (i) pH 7
(b) अत्यधिक क्षारीय मिट्टियां (ii) pH 5-8
(c) निरपेक्ष मिट्टियां (iii) pH 8- 8.5
(d) अत्यधिक अल्कली मिट्टियां (iv) pH 4 – 4.5
कूट:
(a) (b) (c) (d)
(A) (i) (i) (iii) (i)
(B) (iii) (ii) (iii) (ii)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iv) (iii) (iv) (iv)
उत्तर-(c) : मिट्टी के प्रकार pH मूल्य कृषि मिट्टियां 5-8 अत्यधिक क्षारीय मिट्टीयां 4-4.5 निरपेक्ष मिट्टियां 7 अत्यधिक अल्कली मिट्टियां 8-8.5
16. निम्नलिखित विद्वानों में से किस एक ने विश्व के भू-
खण्ड को सर्वप्रथम तीन महाद्वीपों में विभाजित किया?
(a) एनाक्सिमेण्डर (b) हिकेटियस
(c) हेरोडोटस (d) इरेटीस्थिनीज
उत्तर-(c) : हेरोडोटस ने विश्व के भू-खण्ड को सर्वप्रथम तीन महाद्वीपों में विभाजित किया‚ जो निम्न है- एशिया‚ यूरोप तथा लीबिया (अफ्रीका)। इन्हें इतिहास का पिता कहा जाता है। ये प्रथम भूगोलवेत्ता थे जिन्होंने कैस्पियन सागर को आन्तरिक सागर कहा।
17. निम्नलिखित में से किस पुस्तक में रेटजेल ने ‘स्टेट’ की तुलना ‘जीव’ से की है?
(a) एन्थ्रोपोज्योग्रॉफी
(b) ज्योग्रॉफी ह्यूमेन
(c) राजनीतिक भूगोल
(d) उपरोक्त (A) तथा (B) दोनों
उत्तर-(c) : रेटजेल ने राजनीतिक भूगोल में स्टेट की तुलना जीव से की है रेटजेल ने मानव भू विज्ञान (Anthropogeographic) शब्द का प्रयोग किया। जिसे उन्होंने भौगोलिक अध्ययन का मुख्य क्षेत्र कहा। रेटजेल ‘सामाजिक डार्विनवाद’ की विचारधारा के समर्थक थे। इनको राजनीतिक भूगोल का पिता कहा जाता है।
18. लेबेन्सरौम का सिद्धान्त प्रतिपादित किया गया था।
(a) हम्बोल्ट द्वारा (b) रिटर द्वारा
(c) रेटजेल द्वारा (d) सेम्पुल द्वारा
उत्तर-(c) : लेबेन्सरौम का सिद्धान्त रेटजेल द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इसका अर्थ होता है ऐसा भौगोलिक क्षेत्र जिसमें जीवित प्राणियों का विकास होता है। रेटजेल के समय में ही भौतिक बनाम मानव भूगोल के द्वैधता का विवाद प्रारम्भ हुआ। 332
19. ‘व्यावहारिक सम्भववाद’ का सिद्धान्त किससे सम्बन्धित है?
(a) बो मैन (b) ग्रिफिथ टेलर
(c) हम्बोल्ट (d) रिटर
उत्तर-(b) : मानव भूगोल में व्यवहारिक सम्भववाद का सिद्धान्त का
जी. तायम द्वारा किया गया था। जबकि ग्रिफिथ टेलर नव निश्चयवाद के प्रवर्तक थे।
20. सूची- I और सूची- II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये कूट से सही उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
(लेखक) (किताब का नाम)
(a) टेलर (i) जियोग्रॉफी एण्ड जियोग्रॉफर्स
(b) हार्टशोरन (ii) मेकर्स ऑफ माडर्न जियोग्रॉफी
(c) डिकिन्सन (iii) परसपैकटिव ऑनदि नेचर ऑफ जियोग्रॉफी
(d) जौनसटन (iv) जियोग्रॉफी इन दि ट्वैन्टींथ सेंचुरी
कूट:
(a) (b) (c) (d)
(A) (i) (i) (i) (ii)
(B) (iii) (ii) (iii) (iii)
(C) (iv) (iii) (ii) (i)
(D) (ii) (iv) (iv) (iv)
उत्तर-(c) :
लेखक किताब का नाम
टेलर – जियोग्रॉफी इन दि ट्वैन्टींथ सेंचुरी हार्टशोरन – परसपैक्टिव ऑन दि नेचर ऑफ जियोग्रॉफी डिकिन्सन – मेर्क्स ऑफ माडर्न जियोग्रॉफी जौनसटन – जियोग्रॉफी एण्ड जियोग्रॉफर्स
21. ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे नगरों का विकास होता है मुख्यत:
(a) बाजार की सुविधा प्रदान करने के लिए।
(b) शिक्षण सुविधा प्रदान करने के लिए।
(c) स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए।
(d) प्रशासनिक सुविधा प्रदान करने के लिए
उत्तर-(d) : ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे नगरों का विकास मुख्यत:
प्रशासनिक सुविधा प्रदान करने के लिए होता है।
22. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A) :
नगरीय उपांत बड़े शहरों का परिग्रामी क्षेत्र होता है जो शहर से सदृढ़ सम्बन्ध होते हुए भी उसका भाग नहीं होता।
कारण (R) : शहरों की तीव्र वृद्धि नगरीय उपांत के विकास का कारक होती है।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(b) : नगरीय उपांत शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम 1937 में स्मिथ ने लुसियाना (सं. रा. अमेरिका) की जनसंख्या के अध्ययन में नगर की सीमा के बाहर निर्मित क्षेत्र के लिए किया था। स्मिथ के अनुसार नगर की प्रशासकीय सीमा के बाहर निर्मित क्षेत्र को नगरीय उपांत कहते है। नगर की वाह्य सीमा का ग्रामीण तथा नगरीय भूमि उपयोग के मध्य एक मध्यवर्ती मेखला पायी जाती है जो दोनों की विशेषताओं को धारण करती है। इस नगरीय उपांत वह हुआ जहाँ गतिविधियाँ तो होती है परन्तु प्रशासन द्वारा नगर को दी जाने वाली सुख-सुविधायें नहीं होती है। नगर में अत्यधिक जनसंख्या के दबाव के फलस्वरूप इन क्षेत्रों में लोगों का बसाव होता जा रहा है।
23. ग्रामों में मानव आवासों का प्रकार निर्भर करता है:
(a) निर्माण लागत (b) जलवायु
(c) स्थानीय प्राप्य पदार्थ (d) प्राप्य तकनीकी
उत्तर-(b) : ग्रामों में मानव आवासों का प्रकार जलवायु पर निर्भर करता है। मानव बसाव के लिए उचित व अनुकूल जलवायु सघन मानव बसाव को आकर्षित करती है जबकि प्रतिकूल जलवायु वाले क्षेत्र में मानव बसाव प्रतिकर्षित होता है।
24. ग्रामीण क्षेत्रों से नगर की ओर प्रवजन विशिष्टता है:
(a) विकसित देशों की (b) विकासशील देशों की
(c) समाजवादी देशों की (d) पूंजीवादी देशों की
उत्तर-(b) : ग्रामीण क्षेत्रों से नगर की ओर प्रवजन विकासशील देशों की विशिष्टता है। पिछले तीन-चार दशको से विकासशील देशो में ग्रामीण क्षेत्रों से नगरो के लिए प्रवास की प्रवृत्ति में तीव्रता आयी है। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता‚ रोजगार के अवसरों में कमी या बेरोजगारी‚ शिक्षा का अभाव चिकित्सा‚ मनोरंजन आदि सुख सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से नगरों की ओर पलायन होता है। 333
25. 2.1 प्रतिशत वार्षिक दर से वृद्धि होने पर जनसंख्या दुगुनी हो जाएगी:
(a) 37 वर्ष में (b) 29 वर्ष में
(c) 33 वर्ष में (d) 28 वर्ष में
उत्तर-(c) : 2.1% वार्षिक दर से वृद्धि होने पर जनसंख्या 33 वर्षो में दुगुनी हो जायेगी।
26. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A) :
वान-थ्यूनेन के प्रतिमान में एक शहर के चारों ओर कृषि मण्डल में प्रत्येक मण्डल उन कृषि उत्पादों के उत्पादन में विशिष्टीकरण करता है जिसके लिए वह सर्वोपयुक्त होती है:
कारण (R) : वान-थ्यूनेन ने विशिष्टीकृत कृषि उद्यमों एवं पशुधन के संयुक्त प्रचालन के लाभों की कल्पना नहीं की थी।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(c) : प्रसिद्ध जर्मन अर्थशाध्Eाी वान थ्यूनेन ने 1826 ई. में कृषि के स्थानीकरण का सिद्धान्त प्रतिपादित किया। वान थ्यूनेन का सिद्धान्त तुलनात्मक लाभ के सिद्धान्त पर आधारित है। वॉन थ्यूनेन के प्रतिमान में एक शहर के चारों ओर कृषि मंडल में प्रत्येक मण्डल उन कृषि उत्पादों के उत्पादन में विशिष्टीकरण करता है जिसके लिए वह सर्वोपयुक्त होता है। वॉन थ्यूनेन ने केन्द्रीय बाजार नगर के चारों ओर विकसित होने वाली 6 सकेन्द्रिय पेटियों का प्रतिपादन किया वान थ्यूनेन ने विशिष्टीकृत कृषि उद्यमों एवं पशुधन के संयुक्त प्रचालन के लाभो की गणना छठी पेटी में की है इस पेटी में पशुपालन होता है। वान थ्यूनेन द्वारा प्रतिपादित की 6 संकेन्द्रिय पेटियाँ निम्न है−
(1) शाक सब्जी उत्पादन
(2) काष्ठ उत्पादन
(3) अन्न उत्पादन
(4) चारागाह एवं परती के साथ शस्यावर्तन
(5) त्रिदोल पद्धति
(6) पशुचारण
27. वेबर का पदार्थ सूचकांक अनुपात संदर्भित करता है:
(a) कच्चे माल की लागत एवं उत्पाद की कीमत के मध्य
(b) परिवहन लागत एवं श्रम लागत के मध्य
(c) ऊर्जा लागत एवं श्रम लागत के मध्य
(d) कच्चे माल का भार एवं उत्पाद के भार के मध्य
उत्तर-(d) : वेबर प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने उद्योग के स्थानीकरण का सिद्धान्त प्रतिपादित किया। जिसका प्रकाशन 1909 में जर्मन भाषा में लिखित पुस्तक ‘अबर डेन स्टान्डोर्ट डर इन्डास्ट्रियन में प्रकाशित हुआ। वेबर का पदार्थ सूचकांक उत्पादित वस्तु तथा कच्चे माल के भार के अनुपात का घोतक है इसे निम्न सूत्र द्वारा प्रस्तुत किया जाता हैपदार्थ सूचकांक • उत्पादित वस्तु का भार स्थानीय पदार्र्थोें का भार स्थानीय पदार्थ की तुलना में उत्पादित वस्तु का भार बढ़ने वाले उद्योगों में यह पदार्थ सूचकांक एक से अधिक समान भार वाले उद्योगों में एक तथा भार हासमान पदार्थो का समान भार वाले उद्योगों में एक तथा भार ह्रासमान पदार्थो का प्रयोग करने वाले उद्योगों में इसका मूल्य एक से कम होता है।
28. सूची- I और सूची- II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये कूट से सही उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
(a) जैम्बिया (i) हीरा
(b) दक्षिणी अफ्रीका (ii) माईका (अभ्रक)
(c) इरान (iii) ताँबा
(d) भारत (iv) खनिज तेल
कूट:
(a) (b) (c) (d)
(A) (i) (ii) (iii) (iv)
(B) (ii) (iii) (i) (iv)
(C) (iii) (i) (iv) (ii)
(D) (i) (ii) (iv) (iii)
उत्तर-(c) :
सूची I सूची II
जैम्बिया ताँबा दक्षिणी अफ्रीका हीरा ईरान खनिज तेल भारत माईका (अभ्रक)
29. परिवहन जाल की व्याख्या में निम्न में से कौनसा सूचकांक न्यूनतम मान में उच्चतम केन्द्रीयता दर्शाता है?
(a) बीटा (b) अल्फा
(c) पाई (d) डायमीटर
उत्तर-(b) : परिवहन जाल की व्याख्या में अल्फा सूचकांक न्यूनतम मान में उच्चतम केन्द्रीयता दर्शाता है। पूर्णत: सुसम्बद्ध मार्ग का अल्फा सूचकांक 1 तथा पूर्णत: असम्बद्ध मार्ग जाल का अल्फा सूचकांक शून्य आता है।
30. हाल के वर्षो में चाय का सर्वोच्च निर्यातक देश है:
(a) यूनाइटेड किंगडम (b) चीन
(c) पाकिस्तान (d) संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर-(b) 334 व्याख्या : हाल के वर्षो में चाय का सर्वोच्च आयातक देश यूनाइटेड किंगडम एवं निर्यातक देश चीन है। चाय भारत की प्रमुख निर्यातक वस्तु है। 1965 के पूर्व भारत विश्व में चाय का सबसे प्रमुख निर्यातक देश था। परन्तु आज श्रीलंका तथा चीन के बाद इसका तीसरा स्थान है। यूनाइटेड किंगडम‚ संयुक्त राज्य अमेरिका‚ कनाडा‚ रूस‚ मिदा‚ सूडान‚ अफगानिस्तान‚ आस्ट्रेलिया एवं जर्मनी भारतीय के चाय के प्रमुख ग्राहक देश है।
31. निम्नलिखित राज्यों में से किसकी सीमा बांग्लादेश की सीमा से उभयनिष्ट नहीं है?
(a) मेघालय (b) त्रिपुरा
(c) मिजोरम (d) आसाम
उत्तर-(*) : बांग्लादेश की सीमा से सम्बद्ध भारतीय राज्य है-
असम‚ मेघालय‚ मिजोरम‚ त्रिपुरा‚ पश्चिम बंगाल। अत: प्रश्नगत कोई भी विकल्प सही नहीं है।
32. निम्नलिखित में से कौनसी एक दक्षिण भारतीय जाति है?
(a) मादिगा (b) गूजर
(c) खटिक (d) डोम
उत्तर-(a) : मादिगा दक्षिण भारत में पायी जाने वाली एक प्रमुख जनजाति है यह जनजाति मुख्य रूप से आन्ध्र प्रदेश‚ कर्नाटक और महाराष्ट्र में पायी जाती है। इस जनजाति को मतांगी‚ मकालू और मादीगाए नामों से भी जाना जाता है। गूजर गुजरात राज्य की प्रमुख जनजाति है।
33. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A):
सामाजिक विविधता भारतीय पहचान की सर्वाधिक प्रभावकारी अभिव्यक्ति है।
कारण (R): जातीय उत्पत्ति के आधार सुपरिभाषित जनजातीय पहचान है।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(a) : सामाजिक विविधता भारतीय पहचान की सर्वाधिक प्रभावकारी अभिव्यक्ति है। भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न धर्म‚ विभिन्न भाषा तथा विभिन्न जातियों के लोग एक साथ मिलजुल कर रहते है‚ जो यहाँ की पहचान है।
34. निम्नलिखित में से कौन से एक राज्य का उर्दूभाषी जनसंख्या (1991) संकेन्द्रण सूचकांक सर्वोच्च है?
(a) महाराष्ट्र (b) बिहार
(c) मध्य प्रदेश (d) उत्तर प्रदेश
उत्तर-(d) : उत्तर प्रदेश राज्य का उर्दूभाषी जनसंख्या (1991) संकेन्द्रण सूचकांक सर्वोच्च है।
35. प्रवर्तन विसरण का सिद्धान्त प्रतिपादित किया गया था:
(a) क्रिस्टालर द्वारा (b) हैगरस्ट्रैड द्वारा
(c) हैगेट द्वारा (d) चोर्ले द्वारा
उत्तर-(*) : प्रवर्तन विसरण का सिद्धान्त ऐवर्ट रोजर्स ने 1995 में प्रतिपादित किया था। क्रिस्ट्रालर ने 1933 में केन्द्रीय स्थल सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था। पीटर हैगेट व चोर्ले मात्रात्मक क्रान्ति समर्थक थे।
36. निम्नलिखित में से कौन प्रादेशिक विकास का प्रत्यक्ष सूचक है?
(a) प्रति हजार जनसंख्या चिकित्सालय बिस्तरों की संख्या।
(b) प्रति हजार किलोमीटर सड़कों की लम्बाई।
(c) प्रतिव्यक्ति इस्पात का उपभोग।
(d) प्रति व्यक्ति आय।
उत्तर-(d) : प्रादेशिक विकास का प्रत्यक्ष सूचक प्रति व्यक्ति आय है। आर्थिक विकास के मापक के आधार निम्न है-
→उत्पादन का ऊँचा स्तर →रोजगार का ऊँचा स्तर →आय का उâँचा स्तर →रोजगार तथा उत्पादन में प्राथमिक क्रियाओं की अपेक्षा द्वितीय एवं तृतीयक क्रियाओं को अधिक महत्व देना।
37. निम्नलिखित में से कौन सी एक विधि में विकास-स्तर में विभिन्नता को प्रदेश की पहचान के लिए प्रयोग किया गया है?
(a) सीमा मेखला
(b) लारेन्ज कर्व
(c) प्रमुख घटक व्याख्या
(d) समीपस्थ पड़ोसी इकाई व्याख्या
उत्तर-(b) : लारेन्ज वक्र एक सांख्यिकीय श्रेणी में परिक्षेपण की माप का बिन्दुरेखीय प्रदर्शन है। इसका सर्वप्रथम प्रयोग प्रो. लारेन्ज ने विभिन्न राष्ट्रों तथा एक ही राष्ट्र के भिन्न-भिन्न समयों पर आय तथा सम्पत्ति के वितरण की असमानता को मापने के लिए किया गया था। समय के साथ-साथ लारेन्ज कर्व का अनुप्रयोग विकास स्तर में विभिन्नता को प्रदेश की पहचान के लिए तथा प्राचलिक वितरणों (जैसे कि लाभ तथा मजदूरी का वितरण) की असमानता को मापने के लिए किया जाने लगा। 335
38. भारतीय जनगणना संस्थान में नगरों को कितनी आकार श्रेणियां बनाई है?
(a) पाँच (b) तीन
(c) छ: (d) चार
उत्तर-(c) : भारत की समस्त जनगणनाओं में नगरों को उसके जनसंख्या आकार के आधार पर निम्नलिखित वर्गो में विभक्त किया गया हैश्रेणी जनसंख्या
(1) प्रथम श्रेणी 1‚00‚000 या अधिक
(2) द्वितीय श्रेणी 49‚000‚ 99‚999
(3) तृतीय श्रेणी 20‚000-49‚999
(4) चतुर्थ श्रेणी 10‚000-19‚999
(5) पंचम श्रेणी 5‚000-9‚999
(6) सष्ट श्रेणी 5‚000 से कम
39. किस पंचवर्षीय योजना में आर्थिक विकास के लिए विकास में प्रादेशिक भिन्नता कों कम करने की नीति को स्पष्ट किया?
(a) चौथी पंचवर्षीय योजना (b) छठी पंचवर्षीय योजना
(c) तृतीय पंचवर्षीय योजना (d) पाँचवीं पंचवर्षीय योजना
उत्तर-(a) : चौथी पंचवर्षीय योजना में आर्थिक विकास के लिए विकास में प्रादेशिक भिन्नता को कम करने की नीति को स्पष्ट किया गया। चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में परिवार कल्याण कार्यक्रमों को उच्च प्राथमिकता दी गयी थी। परिवार कल्याण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने और उनके पुनरीक्षण के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्रालय को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का नाम दिया गया।
40. निम्नलिखित में से कौन एक नियोजित शहर नहीं है?
(a) चण्डीगढ़ (b) भुवनेश्वर
(c) जयपुर (d) लखनऊ
उत्तर-(d) : लखनऊ नियोजित शहर नही है। भारत में सिन्धु घाटी सभ्यता में विकसित नगर नियोजन के प्रमाण मिलते है। जयपुर के नगर नियोजन की नींव 1727 में महाराजा सवाई जयसिंह ने डाली। भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान पाश्चात्य पद्धति पर आधारित नगर नियोजन की शुरूआत हुयी। नगर नियोजन के आधार पर कई औद्योगिक नगर बसाए गए‚ जिनमे राउरकेला‚ दुर्गापुर‚ बोकारो‚ चितरंजन आदि के नाम उल्लेखनीय है। देश में कई राज्यों की राजधानियाँ बनायी गयी‚ जिनके निर्माण में नगर आयोजन के नियमों का सख्ती से पालन किया गया। चण्डीगढ‚ भुवनेश्वर‚ जयपुर‚ गांधीनगर‚ ईटानगर ऐसे ही नियोजित नगर है। चण्डीगढ नगर की आयोजना प्रसिद्ध वास्तुशध्Eाी ‘ली कार्बूजिए’ ने तैयार की थी।
41. ग्रामों में मानव आवासों का प्रकार निर्भर करता है:
(i) हरियाणा (ii) सिक्किम
(iii) नागालैण्ड (iv) मेघालय
(a) i ii iii iv (b) ii iii iv i
(c) ii iv i iii (d) iii i iv ii
उत्तर-(d) : राज्य निर्माण का वर्ष नागालैण्ड 1963 हरियाणा 1966 मेघालय 1972 सिक्किम 1975
42. भारत को भू-आकृतिक प्रदेशों में सीमांकित करने में बृहत् मध्यक एवं सूक्ष्म शब्दों को प्रस्तावित किया:
(a) आर. एल. सिंह (b) एम. बी. पीठावाला
(c) ओ. एच. के. स्पेट (d) एस. पी. चटर्जी
उत्तर-(c) : भारत को भू-आकृतिक प्रदेशों में सीमांकित करने में वृहत‚ मध्यक एवं सूक्ष्म शब्दों को ओ. एच. के. स्पेट ने प्रस्तावित किया इसके अलावा 1967 में पी. सेन गुप्ता ने भारत को। वृहद व 42 मध्यम आकार के प्रदेशों में विभाजित किया।
43. निम्नलिखित में से किसने भारत के आर्थिक विकास के निम्न स्तर में योगदान दिया है?
(a) सकल घरेलू पदार्थ में कृषि के भाग में धीमा ह्रास।
(b) द्वितीयक क्षेत्र में रोजगार के भाग में तीव्र वृद्धि।
(c) तृतीय क्षेत्र में रोजगार के भाग में तीव्र वृद्धि।
(d) कुशल जनसंख्या का विकसित देशों में बाह्य-प्रवचन।
उत्तर-(a) : सकल घरेलू पदार्थ में कृषि के भाग में धीमा हास ने भारत के आर्थिक विकास के निम्न स्तर में योगदान दिया है।
44. नरोरा आणुविक शक्ति केन्द्र स्थित है:
(a) महाराष्ट्र में (b) तमिलनाडु में
(c) उत्तर प्रदेश में (d) राजस्थान में
उत्तर-(c) : नरोरा आणुविक शक्ति केन्द्र उत्तर प्रदेश में स्थित है। महाराष्ट्र में तारापुर तथा जैतापुर आणुविक शक्ति केन्द्र है तमिलनाडु में कलपक्कम तथा कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयन्त्र है। राजस्थान में रावतभाटा परमाणु संयन्त्र है।
45. सूची- I और सूची- II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये कूट से सही उत्तर चुनिये:
सूची- I सूची- II
(तकनीक) (मूलविषय)
(a) आइसोडापेन (i) क्षेत्रीय आंकड़े
(b) प्रवेशद्वार मूल्य (ii) निस्पंद पदानुक्रम
(c) जी. आई. एस. (iii) सुविधाओं
(d) ग्राफ सिद्धान्त अनुप्रयोग (iv) मूल्य में स्थानिक विसंगता 336
कूट:
(a) (b) (c) (d)
(A) (i) (ii) (ii) (i)
(B) (iv) (iii) (i) (ii)
(C) (iii) (i) (iii) (iv)
(D) (ii) (iv) (iv) (iii)
उत्तर-(b) :
तकनीक मूलविषय
आइसोडापेन मूल्य में स्थानिक विसंगता प्रवेश द्वारा मूल्य सुविधाएँ
जी. आई. एस. क्षेत्रीय आँकड़े ग्राफ सिद्धान्त अनुप्रयोग निस्पंद पदानुक्रम
46. नीचे दो वक्तव्य दिये गये है‚ एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)। दिये गये संकेतों में अपना उत्तर चुनिये:
कथन (A):
प्रमाणिक विचलन एक सांख्य-समूह में मूल्यों के परिक्षेपण का माप है।
कारण (R): सांख्य-समूह में मूल्य केन्द्रीय मूल्य से अलग होता है।
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही हैं किन्तु (R) गलत हैं।
(d) (A) गलत है किन्तु (R) सही हैं।
उत्तर-(a) : प्रामाणिक विचलन एक सांख्य-समूह में मूल्यों के परिक्षेपण का माप है। इसके अन्तर्गत मूल्य को केन्द्रीय मूल्य से अलग किया जाता हैं इस तरह कथन एवं कारण सत्य है एवं कारण कथन का सही स्पष्टीकरण भी कर रहा है।
47. बाईवेरिएट समीक्षा में समाश्रयण गुणांक का अध्ययन निम्न में से किसके उपयोग द्वारा किया जाता है:
(a) टी-टेस्ट
(b) एफ-टेस्ट
(c) अनुमान की प्रामाणिक त्रुटि
(d) प्रामाणिक विचलन
उत्तर-(d) : वाईवेरिएट समीक्षा में समाश्रयण गुणांक का अध्ययन प्रमाणिक विचलन के उपयोग द्वारा किया जाता है। किसी समंक श्रेणी के समान्तर माध्य से उसके विभिन्न पद मूल्यों के विचलनों के वर्गो के समान्तर माध्य के वर्गमूल को उस श्रेणी का मानक विचलन या प्रमाणिक विचलन कहते है।
48. ब्रह्माण्ड का प्रतिनिधित्व सबसे अच्छे ढंग से निम्नलिखित में से किससे होता है?
(a) यादृच्छिक प्रतिचयन
(b) व्यवस्थित यादृच्छिक प्रतिचयन
(c) साधारण यादृच्छिक प्रतिचयन
(d) स्तरित यादृच्छिक प्रतिचयन
उत्तर-(b) : ब्रह्माण्ड का प्रतिनिधित्व सबसे अच्छे ढंग से व्यवस्थित यादृच्छिक प्रतिचयन से होता है। व्यवस्थित यादृच्छिक प्रतिचयन में समग्र की कोई भी इकाई प्रतिदरी अध्ययन के लिए चुनी जा सकती है। व्यक्तिगत पक्षपात से रहित होने के कारण यादृच्छिक प्रतिदर्श समग्र के वास्तविक प्रतिनिधि माने जाते है। सोदेश्य प्रतिचयन की तुलना में यादृच्छिक प्रतिचयन विधि अधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक मानी जाती है। निम्नलिखित अनुच्छेद को कर पढ़ नीचे दिये गये प्रश्नों के
उत्तर दीजिए:
मानव केन्द्रित भूगोल:
मानव भूगोल का एक ऐसा उपागम है जिसमें मानव बोध‚ माध्यम तथा सृजनात्मकता को केन्द्रीय और सक्रियात्मक भूमिका दी गई है। यह उपागम एक ऐसा प्रयास है जिसमें मानवीय जीवन की घटनाओं के मूल्य एवं उन घटनाओं को समझने का प्रयास किया है तथा एक व्यापक विचार उठाया गया है कि व्यक्ति क्या है और क्या कर सकता है?
यद्यपि यह माना जाता है कि मानववाद की अवधारणा का आरम्भ फ्रांसीसी विचार शाखा द्वारा किया गया है लेकिन 1970 के दशक में इसके पुन:सचेतन का श्रेय उस व्यापक असंतोष को जाता है जो संख्यात्मक क्रांति के दौरान बनाये गये यांत्रिकी मॉडलों के प्रति था। ये मॉडल अक्सर अन्वेषक तथा अन्वेषित दोनों की ही आत्म-परखता को मिटाते प्रतीत होते हैं। इन्हीं दशाओं में मानवकेन्द्रित भूगोल में सम्भववाद के विषयनिष्ठता के दावे की भी सामान्य आलोचना हुई। इसे आलोचना के रूप में इसलिये प्रस्तावित किया गया ताकि भूगोलवेत्ता अपने स्वयं के बारे में अवगत रहें तथा अपनी क्षमताओं और अनुसंधान के तरीकों को समझें। बजाय इसके कि सुसंगतीय विधितंत्र को भूगोल में ‘‘पूर्व व्यवहारवाद की क्रांति’’ समझें।
49. यांत्रिक प्रतिमान भूगोल की निम्नलिखित अवस्थाओं में से किसमें विकासित हुआ था?
(a) मात्रात्मक भूगोल (b) व्यावहारिकोत्तर भूगोल
(c) मूलक भूगोल (d) नव-निश्चयवादिक भूगोल
उत्तर-(a) : यांत्रिक प्रतिमान भूगोल की मात्रात्मक अवस्था में विकसित हुआ।
50. मानववादी भूगोल प्रकाशित करता है:
(a) समाज में असमानता का प्रश्न।
(b) मानव जागरुकता एवं मानव संस्था।
(c) आर्थिक जागरुकता एवं आर्थिक संस्था।
(d) समाज में मूलक परिवर्तन।
उत्तर-(b) : मानववादी भूगोल प्रकाशित करता है- मानव जागरूकता एवं मानव संस्था। मानव केन्द्रित भूगोल मानव भूगोल का ऐसा उपागम है जिसमे मानव बोध‚ माध्यम तथा सृजनात्मकता को केन्द्रिय और सक्रियात्मक भूमिका दी गयी है।

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