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GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर- 2008 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 0031.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर- 2008 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल

1. अपक्षय की प्रक्रिया क्या बताते हैं ?
(a) घाटियों का पार्श्वीय विस्तार
(b) महाद्वीपीय शेल्फ का फैलाव
(c) शैल सामग्री का खंडित होना
(d) शैल कर्तित प्लेटफॉर्म का निर्माण
उत्तर(c) : अपक्षय की प्रक्रिया शैल्य सामग्री का खंडित होना बताती है। अपक्षय क्रिया के अन्तर्गत शैलें वियोजित अथवा विखण्डित होकर छोटे पदार्थों के कणों अथवा अणुओं के रूप में अपने स्थान पर ही असंगठित रूप में रह जाती है जिससे तत्व अथवा अणु अथवा पदार्थ पारस्परिक संगठन से मुक्त हो जाते हैं।
2. स्टैलैग्टाइट्स और स्टैलैग्माइट्स किसकी निक्षेपित भू-आकृतियाँ हैं ?
(a) हिमनदीय प्रदेश की
(b) चूना पत्थर प्रदेश की
(c) समुद्रतटीय स्थलाकृति
(d) नदीय स्थलाकृति
उत्तर(b) : स्टेलैग्टाइटस और स्टैलैग्माइट्स चूना पत्थर प्रदेश की निक्षेपित भू आकृतियाँ हैं। भूमिगत कन्दराओं में जब युक्त जल संरन्ध्र शैलों से होकर नीचे आता है तब उसके कारण कन्दरा की छत से नीचे गिरता हुआ जल टपकने लगता है चूंकि जल के साथ घुलनक्रिया द्वारा चूने के साथ कई तत्व घुले रहते हैं। अत: शुष्कता के कारण जैसे ही CO2गैस जल से मुक्त होता है तब जल के साथ घुले हुये पदार्थ कन्दरा की छत के निचले स्तर पर निक्षेपित होने लगते हैं। इस क्रिया के जारी रहने पर इसका नीचे की ओर विस्तार होने लगता है। जिससे ये कन्दरा की छत से नीचे लटकते हुये प्रतीत होते हैं जिसे स्टेलेक्टाइट कहते हैं। कन्दरा के जल से रिसने वाले‚ जल की मात्रा यदि कुछ अधिक होती है। जिससे फर्श पर निक्षेपात्मक स्थल रूपों का निर्माण हो जाता है इसे स्टेलेग्माइट कहते है।
3. ऊष्मा बजट बताता है :
(a) सौर विकिरण
(b) अन्दर आने वाले और बाहर जाने वाले रेडियो क्षमता में सन्तुलन
(c) महाद्वीपों के ऊपर तापमान वितरण
(d) भूमि और समुद्र के ऊपर ऊष्मा वितरण
उत्तर(b) : उष्मा बजट अन्दर जाने वाली और बाहर जाने वाली रेडियोधर्मिता में संतुलन को स्पष्ट करता है। सूर्य से जितनी ऊर्जा विकीर्ण होती है उसका कुछ भाग ही पृथ्वी को प्राप्त हो पाता है क्योंकि वायुमण्डल द्वारा प्रकीर्णन‚ परावर्तन तथा अवशोषण के कारण कुछ भाग शून्य में लौटा दिया जाता है तथा कुछ भाग वायुमण्डल में बिखेर दिया जाता है। वायुमण्डल का ऊष्मा बजट सौर्यिक ऊर्जा का 48 प्रतिशत होता है। इसमें से वायुमण्डल सौर्यिक विकिरण से 14प्रतिशत ऊर्जा का प्रत्यक्ष अवशोषण कर लेता है और शेष 34 प्रतिशत पृथ्वी से होने वाली दीर्घ तरंग विकिरण से प्राप्त होता है।
4. सूची-प्रथम का सूची-द्वितीय के साथ मिलान कीजिये और नीचे दिये संकेतों से सही उत्तर का चयन कीजिये। सूची-प्रथम सूची-द्वितीय
(संहति के प्रकार) (संकेत)
(a) आर्कटिक संहति (i) T
(b) अन्टार्कटिक संहति (ii) A
(c) भूमध्यरेखीय संहति (iii) AA
(d) उष्णकटिबन्धीय संहति (iv) E संकेत :
(a) (b) (c) (d)
(a) (i) (ii) (iii) (iv)
(b) (ii) (iii) (iv) (i)
(c) (iii) (iv) (i) (ii)
(d) (iv) (i) (ii) (iii)
उत्तर(c) :
सूची-प्रथम सूची-द्वितीय
(संहति के प्रकार) (संकेत)
आर्कटिक संहति AA अंटार्कटिक E भूमध्यरेखीय संहति T उष्णकटिबन्धीय संहति A
5. नदीय अपरदन चक्र के दौरान विकसित भू-
आकृतियों का सही अनुक्रम है :
(a) क्षिप्रिका – जलप्रपात – जलोढ़ पंख – समप्राय: मैदान
(b) जलप्रपात – क्षिप्रिका – समप्राय: मैदान – जलोढ़ पंख
(c) समप्राय: मैदान – जलोढ़ पंख – क्षिप्रिका – जलप्रपात
(d) जलप्रपात – समप्राय: मैदान – जलोढ़ पंख – क्षिप्रिका
उत्तर(a) : नदी अपरदन चक्र के दौरान विकसित भू-आकृतियों का सही अनुक्रम इस प्रकार हैक्ष् िाप्रिका ↓जल प्रपात ↓जलोढ़ पंख ↓समप्राय मैदान जब किसी स्थान पर नदियों का जल अधिक ऊँचाई से खड़े ढाल अर्थात क्लिफ के ऊपरी भाग से अत्यधिक वेग से नीचे की ओर गिरता है तो उसे जलप्रपात कहते हैं। क्षिप्रिका की ऊँचाई प्रपात की अपेक्षा कम तथा ढाल सामान्य होता है।
6. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन
(A) और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है ? नीचे दिये संकेतों से अपने उत्तर का चयन कीजिये :
अभिकथन (A)
: क्षोभमण्डल में जल के सूक्ष्म कण अधिक पाये गये हैं।
कारण (R) समताप मण्डल की तुलना में क्षोभ मण्डल में तापमान विभिन्नता कम खतरनाक है। संकेत
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R) (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सही हैं परन्तु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है। परन्तु (R) सही है।
उत्तर(a) : वायुमण्डल में मानव जनित कार्बन डाईआक्साइड के आवरण प्रभाव के कारण पृथ्वी की सतह के प्रगामी तापन को हरितगृह प्रभाव कहते हैं। पृथ्वी के सन्दर्भ में कार्बन डाई आक्साइड तथा जलवाष्प हरितगृह की तरह व्यवहार करती है क्योंकि ये सौर्यिक विकिरण को धरातल तक पहुँचने में कोई बाधा उपस्थिति नहीं करती है। परन्तु पृथ्वी से होने वाले बर्हिगामी दीर्घ तरंग विकिरण खासकर अवरक्त किरणों को सोख लेती है तथा उन्हें भूतल की ओर पुन: प्रत्यावर्तित कर देती है। जिस कारण धरातलीय सतह निरन्तर गर्म होती रहती है। हरितगृह की विशेषता वाली गैसों को हरितगृह गैस कहते हैं।
7. मृदा-जल बजट विकसित किया गया था।
(a) थार्नथ्वेट द्वारा
(b) केंड्रयु द्वारा
(c) कोपेन द्वारा
(d) आस्टिन मिलर द्वारा
उत्तर(a) : मृदा जल बजट थार्नथ्वेट द्वारा विकसित किया गया था।
8. वृहद् महासागरों के क्षेत्र के सम्बन्ध में सही अनुक्रम है।
(a) हिन्द – प्रशान्त – आर्कटिक – अटलांटिक
(b) प्रशान्त – अटलांटिक – हिन्द – आर्कटिक
(c) हिन्द – प्रशान्त – अटलांटिक – आर्कटिक
(d) आर्कटिक – हिन्द – अटलांटिक – प्रशान्त
उत्तर(b) : विश्व का सर्वाधिक बड़ा व सर्वाधिक गहरा महासागर‚ प्रशान्त महासागर है। प्रशान्त महासागर की सर्वाधिक गहरायी होने के कारण ही इस महासागर में विश्व का सर्वाधिक गहरा गर्त पाया जाता है जिसका नाम मेरियाना गर्त है।
9. बंगाल की खाड़ी है।
(a) बड़ा समुद्री पारिस्थितिक तन्त्र
(b) छोटा समुद्री पारिस्थतिक तन्त्र
(c) छोटे समुद्री पारिस्थितिक तन्त्र का उप समूह
(d) बड़े समुद्री पारिस्थितिक तन्त्र का उप समूह
उत्तर(d) : बंगाल की खाड़ी बड़ा समुद्री पारिस्थितिकी तन्त्र का उपसमूह है। यह हिन्द महासागर के पूर्वी भाग में स्थित विश्व की सबसे बड़ी खाड़ी है। इसी के साथ यह हिन्द महासागर का सर्वाधिक गर्म भाग भी है बंगाल की खाड़ी का क्षेत्रफल 2‚172‚000 किमी2है।
10. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय के साथ सुमेलित कीजिये और नीचे दिये संकेतों से सही उत्तर का चयन कीजिये। सूची-प्रथम सूची-द्वितीय अध्ययन क्षेत्र विद्वान
(a) लघु जलवायु विज्ञान (i) पीटरसन
(b) भू-आकृति विज्ञान (ii) ग्रिफिथ टेलर
(c) मौसम विज्ञान (iii) वॉर्ड
(d) जल विज्ञान (iv) वार्सेस्टर संकेत :
(a) (b) (c) (d)
(a) (i) (ii) (iii) (iv)
(B) (ii) (iv) (i) (iii)
(C) (iv) (iii) (ii) (i)
(D) (iii) (i) (iv) (ii)
उत्तर(c) : अध्ययन क्षेत्र विद्वान लघु जलवायु विज्ञान वार्सेस्टर भू आकृति विज्ञान वार्ड मौसम विज्ञान ग्रिफिथ टेलर जल विज्ञान पीटरसन
11. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) ओर दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है। नीचे दिये संकेतों से अपने उत्तर का चयन कीजिये।
अभिकथन (A)
: शुष्क और अर्द्ध शुष्क प्रदेशों में बाढ़ चादर (शीट फ्लड) एक महत्वपूर्ण भू निर्माणक प्रक्रम है।
कारण (R) : शुष्क और अर्द्ध-शुष्क प्रदेशों में उच्च तीव्रता के साथ अल्पावधि की वर्षा होती है। संकेत :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R)‚ (A) का सही स्पष्टीकरण हैं।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R)‚ (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं हैं।
(c) (A) सही हैं परन्तु (R) गलत है।
(d) (R) सही हैं परन्तु (A) गलत है।
उत्तर(b) : शुष्क और अर्द्ध शुष्क प्रदेशों में बाद चादर (शीट फ्लड) एक महत्वपूर्ण यू निर्माणक प्रक्रम है यह कथन सत्य है। लेकिन कारण कथन की व्याख्या नहीं कर रहा है।
12. निम्नलिखित में से कौन सा स्वच्छंद उद्योग का उदाहरण है?
(a) कागज उद्योग
(b) इलैक्ट्रानिक अवयवों का निर्माण
(c) सीमेन्ट उद्योग
(d) अल्युमीनियम उद्योग
उत्तर(b) : इलेक्ट्रानिक अवयवों का विनिर्माण स्वछन्द उद्योगों का उदाहरण है। स्वछन्द उद्योग व्यापक विविधता वाले स्थानों में स्थित होते हैं। यह किसी विशिष्ट कच्चे माल जिनके भार में कमी हो रही है अथवा नहीं‚ पर निर्भर नहीं रहते हैं। यह उद्योग संघटक पुर्जों पर निर्भर रहते हैं जो कही से भी प्राप्त किये जा सकते हैं।
13. उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम की शीतकालीन स्थिति में किसके बीच घटती बढ़ती है ?
(a) 200और 350उ.
(b) 350और 650उ.
(c) 50और 200उ.
(d) 300और 500उ.
उत्तर(a) : उपोष्ण कटिबन्धीय जेट स्ट्रीम की शीतकालीन स्थिति 20-350उत्तरी अक्षांशों के बीच घटती बढ़ती है। उपोष्ण कटिबन्धीय जेट स्ट्रीम की स्थिति धरातलीय उपोष्ण कटिबन्धीय उच्च वायु दाब की पेटी के उत्तर ऊपरी क्षोभमण्डल में होती है। अर्थात् 300-350अक्षाशों के ऊपर। इसका प्रवाह पश्चिम से पूर्व दिशा में होता है तथा ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम की तुलना में यह अधिक नियमित होती है।
14. यदि किसी प्रदेश के बृहत्तम नगर की जनसंख्या 8 लाख है तो जिफ के श्रेणी-आकार नियम के अनुसार चतुर्थ श्रेणी के नगर की जनसंख्या क्या होगी ?
(a) 6 लाख (b) 4 लाख
(c) 2 लाख (d) 0.5 लाख
उत्तर(c)
15. सीमान्त की विशेषता कौन सी नहीं है ?
(a) सीमान्त मंडल (जोन) है
(b) सीमान्त बाह्यमुखी होता है।
(c) सीमान्त अन्तर्मुखी होता है।
(d) प्रारम्भिक जनजाति समाजों के बीच सीमान्त सामान्यता ‘किसी व्यक्ति की भूमि नहीं’ कहलाता था।
उत्तर(a) : सीमान्त अथवा फ्रण्टियर शब्द लैटिन भाषा के फ्रोन्स तथा फ्रेन्च शब्द फ्रण्ट से लिया गया है। जिसका शाब्दिक अर्थ अग्र प्रदेश होता है। अर्थात् यह एक क्षेत्र का बोध कराता है जो पृष्टभूमि के आगे स्थित रहता है। इस प्रकार सीमान्त की मुख्य विशेषताएँ निम्न है –
1. सीमान्त क्षेत्रीय होते हैं।
2. ये वाह्य उन्मुखी होती है।
3. सीमान्त दो पड़ोसी देशों के मध्य एकीकरण का कार्य करते हैं।
4. सीमान्त दो भौगोलिक प्रदेशों के बीच संक्रमण क्षेत्र के रूप में स्थित होता है।
5. सीमान्त प्राकृतिक कारकों द्वारा निर्धारित होते हैं। इसलिये वे प्राकृतिक होते हैं।
6. सीमान्त भूतकाल से सम्बन्धित होते हैं।
7. ये अपकेन्द्रीय शक्तियों को व्यक्त करते हैं।
16. जनसंख्या वितरण का प्रतिरूप निर्धारित होता है।
(a) खनिजों की उपलब्धता द्वारा
(b) कृषि पद्धतियों द्वारा
(c) सांस्कृतिक पद्धतियों द्वारा
(d) स्थलाकृतिक विशेषताओं द्वारा
उत्तर(d) : जनसंख्या वितरण का प्रतिरूप स्थलाकृतिक विशेषताओं द्वारा निर्धारित होता है। स्थलाकृतिक विशेषताओं यदि मानव निवास हेतु उपयुक्त होती है। तब वहाँ मानव का सघन निवास पाया जाता है। दूसरी तरफ यदि स्थलाकृतिक विशेषतायें मानव निवास हेतु अनुपयुक्त पायी जाती है तो वहाँ विरल जनसंख्या वितरण पायी जाती है। एशिया महाद्वीप में स्थलाकृतिक विशेषताओं ने भी मानव निवास को आकर्षित किया है। जनसंख्या वितरण का तात्पर्य है कि भू-पृष्ठ पर लोग किस प्रकार वितरित हैं इस बात से लगाया जाता है। वर्तमान समय में विरल की 90 प्रतिशत जनसंख्या इसके 10 प्रतिशत स्थलभाग में निवास करती है।
17. धर्मों के निम्नलिखित समूहों में से किसका मध्यपूर्व में उद्गम हुआ ?
(a) यहूदी धर्म – ईसाई धर्म – कनफ्यूशियन धर्म ?
(b) यहूदी धर्म – इस्लाम – ईसाई धर्म
(c) यहूदी धर्म – इस्लाम – ताओ धर्म
(d) इस्लाम – ईसाई धर्म – कनफ्युशियन धर्म
उत्तर(b) : यहूदी-इस्लाम-इसाई धर्म का उद्भव मध्यपूर्व में हुआ है। यहूदी धर्म का उद्भव ईसा पूर्व तेरहवी शताब्दी में जेरूसलेम में हुआ था। यहूदी जेरूसलेम को पवित्र भूमि मानते हैं। इस्लाम धर्म का उदय सातवीं शताब्दी में अरब देश में हुआ जिसके संस्थापक एवं प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब थे।
18. ओजोन क्षीणता का परिणाम हो सकता है ?
(a) जल की कमी
(b) वन में आग
(c) त्वचा कैंसर का होना
(d) जल जनित बीमारियों का पुनर्जीवित होना
उत्तर(c) : ओजोन क्षीणता का परिणाम त्वचा कैंसर का होना है। ओजोन क्षीणता के परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि के कारण महाद्वीपीय तथा पर्वतीय हिमनदों एवं आर्कटिक एवं अण्टार्कटिक हिम टोपियाँ पिघल जायेगी जिस कारण सागर तल ऊपर उठेगा।
19. ‘ऐंथ्रोपोजीओग्राफी’ शीर्षक की पुस्तक किसने लिखी?
(a) एफ. रैटजल (b) ई.सी.सैम्पल
(c) विडाल डि-ला ब्लाश (d) चार्ल्स डार्विन
उत्तर(a) : एन्थोपोजोओग्राफी पुस्तक एफ0 रेटजेल ने लिखी थी
एफ. रेटजेल वास्तव में ‘सामाजिक-डार्विनवाद’ की विचारधारा के समर्थक थे। इनको राजनीतिक भूगोल का पिता भी कहा जाता है। रेटजेल के समय में ही भौतिक बनाम मानव भूगोल की वैधता का विवाद प्रारम्भ हुआ।
20. हम्बोल्ट ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘कांसमांस’ कहाँ क्षेत्रीय कार्य (फील्डवर्क) करने के बाद लिखी थी ?
(a) यूरोप (b) पश्चिम अफ्रीका
(c) दक्षिणी अमेरिका (d) उत्तरी अमेरिका
उत्तर(c) : हम्बोल्ट ने छह हजार किमी0 से भी अधिक यात्राएँ की और अपना प्रसिद्ध ग्रन्थ कासमॉस दक्षिण अमेरिका के क्षेत्रीय कार्य करने के वाद लिखा इस ग्रन्थ में उन्होंने समस्त विश्व का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने अपनी प्रत्येक यात्रा में भौगोलिक तत्वों जैसे अक्षांश‚ देशान्तर‚ समुद्र तत्व से ऊँचाई‚ चुम्बकीय अन्तर‚ चट्टानों के भेद‚ तापमान‚ पतन दिशा‚ वनस्पति और मानवीय क्रियाकलापों का विश्लेषण किया। इन्हीं योगदानों के कारण उन्हें वनस्पति भूगोल‚ मौसम विज्ञान और आधुनिक भूगोल का संस्थापक माना जाता है।
21. भौगोलिक लेखों (कृतियों) में दार्शनिक दृष्टिकोण सर्वप्रथम किसके द्वारा अपनाया गया था ?
(a) कार्ल रिटर (b) रिचर्ड हार्टशार्न
(c) बर्नहार्ड वैरेनियस (d) इमैनुएल कान्ट
उत्तर(d) : भौगोलिक लेखों में दार्शनिक दृष्टिकोण सर्वप्रथम इमैन्युअल काण्ट ने अपनाया। 18वीं शताब्दी के आरम्भ में इमैन्युअल काण्ट ने भौतिक भूगोल का पक्ष लेते हुये यह बताया कि पृथ्वी की दैनिक गति के परिणामस्वरूप पवनों की दिशा विस्थापित हो जाती है। काण्ट ने वैज्ञानिक भूगोल को दार्शनिक आधार प्रदान किया। काण्ट ने 1781 में ‘‘क्रिटीक ऑफ प्योर रीजन’ नामक पुस्तक प्रकाशित की।
22. ‘ज्योग्राफी ऑफ ट्वेंटिएथ सेंचुरी’ शीर्षक की पुस्तक का सम्पादन किसने किया ?
(a) एच. जे. मेकिण्डर
(b) विडाल डि-ला ब्लाश
(c) टी डब्ल्यु फ्रीमैन
(d) ग्रिफिथ टेलर
उत्तर(d) : ज्योग्राफी ऑफ ट्वेंटीऐथ सेंचुरी नामक पुस्तक का संपादन ग्रिफिथ टेलर ने किया। ये नव-निश्चयवाद के प्रवर्तक है।
23. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय के साथ सुमेलित कीजिये और नीचे दिये संकेतों से सही उत्तर का चयन कीजिये। सूची-प्रथम सूची-द्वितीय
(विद्वान) (योगदान का क्षेत्र)
(a) सॉवर (i) कृषि भूगोल
(b) टाफे (ii) भू-आकृति विज्ञान
(c) एल.सी.किंग (iii) परिवहन भूगोल
(d) बेक (iv) सांस्कृतिक भूगोल संकेत :
(a) (b) (c) (d)
(a) (iv) (iii) (ii) (i)
(B) (ii) (iii) (iv) (i)
(C) (i) (ii) (iii) (iv)
(D) (iii) (i) (ii) (iv)
उत्तर(a) :
विद्वान योगदान का क्षेत्र
सॉवर सांस्कृतिक भूगोल टाफे परिवहन भूगोल एल0सी0किंग भू आकृति विज्ञान बेकर कृषि भूगोल
24. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय के साथ सुमेलित कीजिये और नीचे दिये संकेतों से सही उत्तर का चयन कीजिये। सूची-प्रथम सूची-द्वितीय
(विद्वान)
(मॉडल/अवधारणा)
(a) क्रिसटालर (i) सम्भावनावाद
(b) रैवेन्स्टीन (ii) पारिस्थितिक तन्त्र
(c) टैन्सली (iii) प्रवास के नियम
(d) लुसिएन फेब्रे (iv) केन्द्र-स्थल सिद्धान्त संकेत :
(a) (b) (c) (d)
(a) (i) (ii) (iii) (iv)
(B) (iv) (iii) (ii) (i)
(C) (iii) (ii) (i) (iv)
(D) (ii) (i) (iv) (iii)
उत्तर(b) :
विद्वान मॉडल/अवधारणा क्रिस्टॉलर केन्द्र स्थल सिद्धान्त रैवेन्स्टीन प्रवास के नियम टान्सले पारिस्थितिक तंत्र लुसिएन फेबे्र सम्भावनावाद
25. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय के साथ सुमेलित कीजिये और नीचे दिये संकेतों से सही उत्तर का चयन कीजिये। सूची-प्रथम सूची-द्वितीय
(जनजाति) (राज्य)
(a) मिकिर (i) उत्तराखण्ड
(b) कोरवा (ii) अंडमान एवं निकोबार द्वीप
(c) थारू (iii) मेघालय
(d) ऑन्ग (iv) छत्तीसगढ़ संकेत :
(a) (b) (c) (d)
(a) (ii) (iv) (i) (iii)
(B) (iii) (iv) (i) (ii)
(C) (i) (ii) (iii) (iv)
(D) (iv) (iii) (ii) (i)
उत्तर(b) :
जनजाति राज्य
मिकिर मेघालय कोरवा छत्तीसगढ़ थारू उत्तराखण्ड ऑन्ग अण्डमान एवं निकोबार द्वीप
26. अर्थव्यवस्था का कौन सा खण्ड टिकाऊ आर्थिक विकास के लिये सबसे कम आवश्यक है ?
(a) प्राथमिक (b) द्वितीयक
(c) तृतीयक (d) चतुर्थक
उत्तर(d) : चतुर्थक खण्ड टिकाऊ आर्थिक विकास के लिये सबसे कम आवश्यक है। उच्चतम स्तर की भारतीय कुशलता इसमें शामिल होती है। इसमें शामिल होने वाली कुशलता मूलत:
अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से प्राप्त होती है। डाक्टर शिक्षक‚ प्रशासक‚ इंजीनियर इसी कोटि में रखे जाते है।
27. निम्नलिखित में से कौन सा अनवीकरणीय संसाधन समझा जाता है ?
(a) जल संसाधन (b) पशु संसाधन
(c) कोयला संसाधन (d) वन संसाधन
उत्तर(c) : कोयला अनवीकरणीय संसाधन है। अनवीकरणीय संसाधन के अन्तर्गत उन संसाधनों को रखा जाता है जो एक बार प्रयोग किये जाने के पश्चात् सदा के लिये समाप्त हो जाते है और उनका पुन: प्रयोग नहीं किया जा सकता। अनवीकरणीय संसाधन के अन्य उदाहरण पेट्रोलियम‚ प्राकृतिक गैस है।
28. कृषि दक्षता के माप की विधि किसने विकसित की थी?
(a) एस.एस. भाटिया (b) आर.एल.सिंह
(c) एस.पी. चैटर्जी (d) इनायत अहमद
उत्तर(a) : कृषि दक्षता के माप की गणना 1967 ई0 में एस.एस. भाटिया द्वारा विकसित की गयी। इन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए कृषि दक्षता के माप की विधि का प्रयोग किया।
29. भारी उद्योगों की स्थापना के लिये कौन सा आदर्श संयोजन है ?
(a) कोयला-इस्पात-जल
(b) कोयला-विद्युत-बाजार
(c) कोयला-विद्युत-बैंक
(d) कोयला-कपास-बैंक
उत्तर(a) : भारी उद्योगों की स्थापना के लिए आदर्श संयोजन कोयला- इस्पात-जल है। भारी उद्योगों की स्थापना मुख्यत: उन्हीं क्षेत्रों में पायी जाती है जिन स्थानों पर कोयला‚ इस्पात‚ जल सुलभता से मिल जाये कोयता तथा इस्पात भारी उद्योग में प्रयोग होने वाले आधारभूत तत्व हैं और इनका परिवहन करने पर परिवहन व्यय भी अधिकतम हो जायेगा जिस कारण इन कच्चे मालों की सुलभता ही भारी उद्योग की स्थापना को आकर्षित करती है।
30. निम्नलिखित में से कौन सी विचारधारा (दर्शन) आगस्त-कॉम्äटे द्वारा विकसित की गई थी ?
(a) व्यवहारवाद (अनुभववाद) (b) प्रत्यक्षवाद
(c) मार्क्सवाद (d) मानवतावाद
उत्तर(b) : प्रत्यक्षवाद की विचारधारा ऑगस्ट काम्टे द्वारा विकसित की गयी थी। आगस्ट काम्टें द्वारा इस विचारधारा का विकास 1830 के दशक में फ्रांस में हुआ था। प्रत्यक्षवाद एक दार्शनिक दृष्टिकोण है जो ज्ञान को तथ्यों और तथ्यों के बीच सम्बन्धों तक सीमित करता है।
31. अनुक्रमिक स्वामित्व (अवयुपेंस) की अवधारणा का प्रतिपादन किसने किया था ?
(a) एच.एच. बेरोस् (b) सी.डी.हेरिस
(c) डी.एस.व्हिटलेसी (d) रिचर्ड हार्टशोर्न
उत्तर(c) : आनुक्रमिक स्वामित्व की अवधारणा का प्रतिपादन डी0एस0 व्हिटलेसी ने किया था और इन्होंने विश्व को 13 कृषि प्रदेशों में 1936 ई0 में विभाजित किया।
32. प्रादेशिक नियोजन का उद्देश्य है ?
(a) कृषि का विकास
(b) संतुलित विकास
(c) भारी उद्योगों का विकास
(d) लघु उद्योगों का विकास
उत्तर(b) : प्रादेशिक नियोजन का उद्देश्य संतुलित विकास है। राधाकमल मुखर्जी के अनुसार प्रादेशिक नियोजन का उद्देश्य विभिन्न पारिस्थितिकीय क्षेत्रों के बीच पारम्परिक‚ सांस्कृतिक तथा प्रादेशिक समायोजन का पूर्वानुमान करना और समायोजन को सम्भव बनाना है।
33. प्रति-चुम्बक (काउंटर-मेगनेट) की अवधारणा सम्बन्धित है।
(a) पश्चिमी घाट योजना
(b) दक्षिणी पूर्वी संसाधन प्रदेश
(c) रायल सीमा योजना
(d) राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश योजना
उत्तर(d) : प्रति चुम्बक (काउण्टर मैग्नेट) की अवधारणा का सम्बन्ध राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश योजना से है। राष्ट्रीय क्षेत्र की संकल्पना का उद्भव 1959 में हुआ।
34. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है। नीचे दिये संकेतों से अपने उत्तर का चयन कीजिये।
अभिकथन (A)
रैट्जेल की ‘लेबन्सरॉय’ की अवधारणा इस विचार पर आधारित है कि ‘राज्य’‚ ‘जीव’ के समान होता है।
कारण (R) रैटजेल निश्चयवादी थे और डार्विन के ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ सिद्धान्त से प्रभावित था। संकेत :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R)‚ (A) का सही स्पष्टीकरण हैं।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R)‚ (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं हैं।
(c) (A) सही हैं परन्तु (R) गलत है।
(d) (R) सही हैं परन्तु (A) गलत है।
उत्तर(b) : रेटजेल की लेबेन्सराय की अवधारणा इस विचार पर आधारित है कि राज्य जीव के समान है अर्थात राज्य का भी जीव के समान विकास होना चाहिए। इन्हीं की अवधारणा से प्रभावित होकर हिटलर ने राज्य की विस्तारवादी नीति को अपनाया था। हिटलर ने इनकी अवधारणा का गलत अर्थ समझा इनका राज्य के विकास से आशय था राज्य को विकसित करना न कि केवल विस्तार करना। इस प्रकार कथन सत्य है तथा कारण भी सत्य है लेकिन कारण कथन की व्याख्या नहीं कर रहा है।
35. जैव पदार्थ की बड़ी मात्रा के संचय के कारण आर्द्र प्रदेश में उत्पन्न होने वाले मृदा को कहते हैं।
(a) मरूस्थलीय मृदा (b) पीट मृदा
(c) लाल मिट्टी (d) लैटेराइट मृदा
उत्तर(b) : जैव पदार्थ की बड़ी मात्रा में संचय के कारण आर्द्र। प्रदेश में उत्पन्न होने वाली मृदा को पीट मृदा कहते हैं। पीट मृदायें नम जलवायु में बनती है। सड़ी-गली वनस्पति से बनी पीट मिटि्टयाँ का निर्माण केरल तथा तमिलनाडु के आन्ध्र प्रदेश में हुआ है। इन मृदाओं में जैविक पदार्थों व घुलनशील नमक की मात्रा अधिक होती है किन्तु इनमें पोटाश तथा फास्फेट की कमी होती है।
36. कर्नाटक आन्तरिक तमिलनाडु‚ पश्चिमी आन्ध्र प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में विस्तृत पश्चिमी घाटी के पूर्व में स्थित क्षेत्रों को कहते हैं।
(a) उप-उष्णकटिबंधीय स्टेप प्रदेश
(b) उष्णकटिबंधीय स्टेप प्रदेश
(c) उष्णकटिबंधीय सवाना
(d) उष्णकटिबंधीय वर्षा वाली जलवायु
उत्तर(b) : आन्तरिक तमिलनाडु पश्चिमी आन्ध्र प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में विस्तृत पश्चिमी घाटों के पूर्व में स्थित प्रदेशों को उष्ण कटिबन्धीय स्टेप प्रदेश कहते हैं। इन क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा कम पायी जाती है।
37. भारत का कौन सा राज्य सोयाबीन का सबसे बड़ा उत्पादक है ?
(a) राजस्थान (b) गुजरात
(c) उत्तर प्रदेश (d) मध्य प्रदेश
उत्तर(d) : सोयाबीन के लिये 130C से 240C का तापमान‚ 40सेमी से 60 सेमी की वार्षिक वर्षा आवश्यक होती है। भारत में सोयाबीन के उत्पादक प्रमुख क्षेत्र पश्चिमी मध्यप्रदेश‚ पूर्वी राजस्थान तथा उत्तरी महाराष्ट्र है।
38. भारत का कौन सा राज्य गेहूँ का सबसे बड़ा उत्पादक है ?
(a) पंजाब (b) हरियाणा
(c) उत्तर प्रदेश (d) मध्य प्रदेश
उत्तर(c) : गेहूँ के लिये सामान्यत: 100से. से 150से. तापमान आवश्यक है। 80सेमी0 वार्षिक वर्षा गेहूँ के लिये आवश्यक होती है। गेहूँ के प्रमुख उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश‚ पंजाब‚ हरियाणा‚ राजस्थान तथा मध्य प्रदेश आदि हैं।
39. भारत के किस राज्य में गेहूँ की प्रति हैक्टर उत्पादकता है ?
(a) बिहार (b) उत्तर प्रदेश
(c) पंजाब (d) हरियाणा
उत्तर(c) : पंजाब राज्य में गेहूँ की प्रति हेक्टर उच्चतम‚ उत्पादकता पायी जाती है। यद्यपि यहाँ राज्य के सभी भागों में गेहूँ की खेती होती है। परन्तु 6 जिले (लुधियाना‚ संगरूर‚ फिरोजपुर‚ फरीदकोट‚ पटियाला‚ अमृतसर) राज्य के 66प्रतिशत गेहूँ का उत्पादन करते हैं। लुधियाना राज्य अकेले ही पंजाब का 12 प्रतिशत (देश का 2.6 प्रतिशत) गेहूँ पैदा करता है।
40. वर्ष 2004 में सुनामी द्वारा भारत का कौन सा स्थान बुरी तरह प्रभावित हुआ था ?
(a) नागापटि्टनम (b) कन्याकुमारी
(c) विशाखापट्टनम (d) चेन्नई
उत्तर(a) : नागपटि्टनम क्षेत्र 2004 के सुनामी में सर्वाधिक प्रभावित हुआ था। इस सुनामी का केन्द्र सुमात्रा (इण्डोनेशिया) था। यह दक्षिण एशिया के लगभग सभी देशों को प्रभावित किया था।
41. निम्नलिखित में से कौन सा छोटे मापक का मानचित्र है?
(a) भू सम्पदा सम्बन्धी मानचित्र
(b) भारतीय सर्वेक्षण विभाग का स्थलाकृतिक मानचित्र
(c) विश्व एटलस मानचित्र
(d) तमिलनाडु राज्य मानचित्र
उत्तर(c) : विश्व एटलस मानचित्र छोटे मापक का मानचित्र है 1/50‚000 से अधिक प्रदर्शक भिन्न वाले मानचित्र छोटे मापक मानचित्र होते हैं।
42. दूरस्थ संवेदन में‚ चार भिन्न प्रकार के रिजोल्युशन होते हैं। उन्हें उपयोग करने के सही अनुक्रम की पहचान कीजिए।
(a) रेडियोसक्रिय – स्थानिक – स्पेक्ट्रमी – कालिक
(b) स्थानिक – स्पेक्ट्रमी – रेडियोसक्रिय – कालिक
(c) कालिक – स्पेक्ट्रमी – रेडियोसक्रिय – स्थानिक
(d) स्पेक्ट्रमी – कालिक – स्थानिक – रेडियोसक्रिय
उत्तर(b) : दूर संवेदन में उपयोग किये जाने वाले रिजोल्यूशन का सही अनुक्रम इस प्रकार है –
स्थानिक – स्पेक्ट्रमी – रेडियोसक्रिय – कालिक
43. प्रकीर्णन (डिस्पर्सन) का माप कौन सा है ?
(a) माध्यिका (b) ज्यामितीय माध्य
(c) मानक विचलन (d) गणितीय माध्य
उत्तर(c) : प्रकीर्णन (डिस्पर्सन) मानक विचलन की माप है। मानक विचलन परिक्षेपण की एक अत्यन्त सन्तोषजनक वैज्ञानिक विधि है। इसका प्रयोग सर्वप्रथम कार्ल पियर्सन ने किया था।
44. समाश्रयण (रिग्रेशन) विश्लेषण का प्रतिपादक कौन था ?
(a) क्लार्क एवं इवनस् (b) कार्ल पियरसन
(c) स्पियरमैन (d) फ्रांसिस गाल्टन
उत्तर(d) : समाश्रयण (रिग्रेशन) विश्लेषण के प्रतिपादक फ्रांसिस गाल्टन थे। क्लार्क तथा इवांस निकटतम पडोसी विश्लेषण सूचकांक के प्रतिपादक थे। कार्ल पियर्सन सह सम्बन्ध गुणांक के प्रतिपादक है।
45. भारत के निम्नलिखित नदी तन्त्रों को उत्तर से दक्षिण के अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिये।
(a) गोदावरी – महानदी – कावेरी – कृष्णा
(b) महानदी – गोदावरी – कृष्णा – कावेरी
(c) कृष्णा – कावेरी – गोदावरी – महानदी
(d) कावेरी – गोदावरी – महानदी – कृष्णा
उत्तर(b) : प्रश्नगत नदी तन्त्रों का उत्तर से दक्षिण की ओर सही अनुक्रम इस प्रकार है- महानदी-गोदावरी-कृष्णा-कावेरी महानदी – यह नदी छत्तीसगढ़ में अमरकंटक श्रेणी के दक्षिण में रायपुर जिलें से 992 मीटर की ऊँचाई से निकलती है और ओडिशा से बहती हुयी बंगाल की खाड़ी में जा मिलती है। गोदावरी – यह प्रायद्वीपीय पठार की सबसे बड़ी नदी है इसकी लम्बाई 1965 किमी0 है। यह महाराष्ट्र के नासिक जिलें में पश्चिमी घाट से उत्पन्न होती है और आन्ध्रप्रदेश में बंगाल की खाड़ी में जा गिरती है। कृष्णा – इसकी उत्पत्ति महाबलेश्वर के निकट एक झरने से होती है। यह नदी अपने उद्गम से मुहाने तक महाराष्ट्र‚ कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश में 1400 किमी की यात्रा करती है। कावेरी -यह नदी पश्चिमी घाट की बह्मगिरि माला से निकलती है और कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों में बहती हुयी कावेरी पत्तनम के निकट बंगाल की खाडी में जा गिरती है।
46. सड़क अभिगम्यता को किसके द्वारा बेहतर प्रतिरूपित किया जा सकता है ?
(a) रेखीय (बार) आरेख
(b) पाई आरेख
(c) श्रेणीगत चिह्न मानचित्र
(d) प्रवाह रेखा मानचित्र
उत्तर(d) : सड़क अभिगम्यता को प्रवाह रेखा मानचित्र के द्वारा बेहतर प्रतिस्थापित किया जा सकता है। निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िये तथा उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। सतरहवीं शताब्दी में वैज्ञानिक क्रान्ति प्रारम्भ हुई‚ जिसके कारण सामान्यीकरण‚ व्याख्या करने और सम्प्रेषण के अधिक उपयोगी तरीकों का विकास हुआ। विशिष्ट तथ्यों के अधिक सटीक विवरणों का स्थान सामान्य सिद्धान्त के निरूपण के प्रयास ने ले लिया‚ जिसके संदर्भ में विशिष्ट तथ्यों की सार्थकता थी। सिद्धान्त के निर्माण तथा परीक्षण में और परिणामों के सम्पे्रषण में ‘न्यूटन तथा लीबनिज’ के द्वारा ‘कैलकुलस’ का स्वतंत्र विकास एक अति महत्वपूर्ण कदम था। गणितीय क्रियाविधियों के प्रयोग ने तर्क की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट बना दिया है और परिणामों के सम्प्रेषण की सार्वभौमिक भाषा प्रदान की है। विज्ञान के अधिकतर वर्तमान क्षेत्रों का मूल अठारहवीं शताब्दी में है‚ जिस दौरान अध्ययन की स्वीकार्य विधियाँ निरूपित की जा रही थीं और परिकल्पनाओं का सत्यापन करने की विश्वस्तरीय क्रियाविधियाँ स्थापित की जा रही थीं। अठारहवीं शताब्दी के अन्त तक काण्ट द्वारा व्यक्त विचार सामान्य रूप से स्वीकृत हो गये थे। जैसे-जैसे सिद्धान्तों के समूह विकसित हुये तथा उपयोगी सिद्ध हुये वैसे-वैसे अध्ययन के विशिष्ट क्षेत्र प्रकट होते चले गये। अध्ययन के ये नये क्षेत्र कांट के शब्दों में ज्ञान के तार्किक विभाग बन गये। यह विभाजन ज्ञान के काल एवं स्थान सम्बन्धी भौतिक वर्गीकरण के विपरीत था। सार्वभौमिक विद्वत्ता का दावा करने वाले अंतिम व्यक्ति हम्बोल्ट थे। पृथ्वी पर उनसे पहले या तब से किसी भी विद्वान को अपने समकालीन व्यक्तियों द्वारा ऐसी प्रशंसा नहीं मिली। विद्वता के संसार में उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान मूलभूत परिवर्तन हुआ। न केवल विद्वत्ता के क्षेत्र शैक्षणिक विषय- अधिक विस्तृत किये गये अपितु विद्वानों की कुल संख्या असाधारण आकार तक पहुँच गयी। इसके अतिरिक्त पृथ्वी के बारे में प्रलेखित तथ्यों की संख्या अत्यधिक बढ़ गयी। पहले हम्बोल्ट पृथ्वी से सम्बन्धित उपलब्ध अधिकांश ज्ञान के ज्ञाता थे‚ परन्तु अब यह सम्भव नहीं है।
47. लेखांश का केन्द्रीय विषय किस से सम्बन्धित है ?
(a) वैज्ञानिक क्रान्ति का इतिहास
(b) न्यूटन एवं लीबनीज द्वारा किया गया वैज्ञानिक शोध
(c) परिकल्पनाओं के सत्यापन की क्रियाविधि
(d) भौगोलिक विचारधारा में परिवर्तनशील विधितन्त्रात्मक सम्बद्धी एवं अवधारणात्मक दृष्टिकोण
उत्तर(a) : लेखांश का केन्द्रीय विषय वैज्ञानिक क्रान्ति के इतिहास से सम्बन्धित है। जिसके कारण सामान्यीकरण व्याख्या करने और सम्प्रेषण के अधिक उपयोगी तरीकों का विकास हुआ।
48. विज्ञान की विभिन्न शाखाओं की बड़ी संख्या का मूल किसमें है ?
(a) सतरहवीं शताब्दी (b) सोलहवीं शताब्दी
(c) अठारहवीं शताब्दी (d) उन्नीसवीं शताब्दी
उत्तर(c) : विज्ञान की विभिन्न शाखाओं की बड़ी संख्या का मूल अठारहवीं शताब्दी में है। अठारहवीं शताब्दी के अन्त तक सिद्धान्तों के समूह विकसित हुये तथा प्रकट होते चले गये तथा ज्ञान के तार्किक विभाग बन गये।
49. कांट की अवधारणायें और विधियाँ क्यों अठारहवीं शताब्दी में स्वीकार्य थी ?
(a) क्योंकि कान्ट भौतिक भूगोलवेत्ता थे।
(b) उन्होंने ज्ञान के वर्गीकरण की विधि प्रदान की।
(c) उन्होंने भौगोलिक शोध की ऐतिहासिक शोध से पृथक किया।
(d) सिद्धान्त का विकास और उसका सत्यापन सम्भव था।
उत्तर(d) : काण्ट की अवधारणायें और विधियाँ अठारहवीं शताब्दी में स्वीकार्य थी क्योंकि इसके कारण इस समय सिद्धान्त का विकास और उसका सत्यापन सम्भव हुआ।
50. अन्तिम महान ‘बहुशाध्Eाज्ञ’ कौन था ?
(a) हमबोल्ट (b) लीबीनिज
(c) कांट (d) यटन
उत्तर(a) : अन्तिम महान बहुशाध्Eाज्ञ हम्बोल्ट थे। क्योंकि हम्बोल्ट पृथ्वी से सम्बन्धित उपलब्ध अधिकांश ज्ञान के ज्ञाता थे। 294

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