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GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर- 2009 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 0029.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर- 2009 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल

उत्तर दें।
1. जब प्रतिकूल दिशा में अन्तर्जात (एन्डोजेनेटिक) बल क्षितिजीय रूप से कार्य करते हैं‚ जिसके कारण दबाव और तनाव पैदा होते है और परिणामत: एक बड़ी गुम्बदाकार आकृति के स्थलरूप का निर्माण होता है‚ तब यह प्रक्रिया कही जाती है।
(a) वलीयकरण (b) भं्रशीकरण
(c) दरारीकरण (d) संवलनीकरण
उत्तर(a) : जब प्रतिकूल दिशा से अन्तर्गत बल क्षितिजीय रूप से कार्य करते हैं जिसके कारण दबाव और तनाव पैदा होते है और परिमाणत: एक वड़ी गुम्बदाकार आकृति के स्थलरूप का निर्माण होता है तब यह प्रक्रिया वलीयकरण कही जाती है।
2. ए.सी.लॉसन (1915) के द्वारा‚ पेडिमेन्ट की उत्पत्ति की कौन सी व्याख्या सर्वप्रथम प्रस्तुत की गयी ?
(a) चादरीय जमाव (b) क्षितिजीय क्षरण
(c) पर्वतीयमुख का अपगमन (d) पाश्वीय क्षरण
उत्तर(c) : 1915 में ए.सी.लॉसन ने सर्वप्रथम प्रतिपादित किया कि पेडीमेंट का निर्माण पर्वतीय अग्रभाग के पीछे हटने से होता है। इनका निर्माण अपक्षय तथा नदी अपर्दन द्वारा चट्टानों के मिलन रेखा के सहारे ढाल अत्यंत तीव्र होता है।
3. नीचे दो कथन दिये गये हैं एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) से वर्गीकृत किया गया हैं दिये गये कूट में से अपना उत्तर चुनिये।
अभिकथन (A) :
कार्स्ट प्रदेश में घोल रन्ध्र सर्वाधिक सामान्य और विस्तृत स्थलाकृति है।
कारण (R) : स्थलाकृति के अनुसार घोल-रन्ध्र एक गर्त होता है‚ जिसकी गहराई एक मीटर से कम तथा कुछ सौ मीटर तक भिन्न-भिन्न होती है।
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R) सही व्याख्या है (B) की।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं है (A) की।
(c) (A) सही हैं लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है लेकिन (R) सही है।
उत्तर(b) : चूने की चट्टान वाले प्रदेशों में ऊपरी सतह पर जब वर्षा का जल आता है तो कार्बनडाईआक्साइड के साथ मिलकर वह सक्रिय घोलक बन जाता है। चट्टान की सन्धियों में जल प्रविष्ट होकर उसके घुलनशील तत्वों को घुलाकर निकाल देता है। इस घुलन क्रिया के कारण सन्धियों का विस्तार हो जाने से असंख्य छिद्रों का विकास हो जाता है। छोटे-छोटे छिद्रों को घोल रन्ध्र कहा जाता है। किसी भी विस्तृत कार्स्ट क्षेत्र में घोल रन्ध्र कई सौ से लेकर हजारों की संख्या में मिलते है। वास्तव में घोल रन्ध्र चूने की चट्टान की ऊपरी सतरह पर निर्मित गड्ढे होते है। जिनकी गहरायी कुछ मीटर से लेकर 10 मीटर तक होती है। क्षेत्रफल कुछ वर्ग मीटर से लेकर एकत्र तक होता है।
4. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें तथा निम्नलिखित कूट से सही उत्तर का चयन करें। सूची-I सूची-II
(पुस्तक) (लेखक)
(a) मॉरफोलोजी ऑफ द अर्थ (i) सी.ए.किंग
(b) टेकनीक्स इन जियोमार्फोलॉजी (ii) जेफ्रीज
(c) द अर्थ (iii) एल.सी.किंग
(d) द अनस्टेबल अर्थ (iv) जे.ए.स्टीयर्स
कूट :
(a) (iii) (i) (ii) (iv)
(b) (ii) (iv) (iii) (i)
(c) (iii) (ii) (i) (iv)
(d) (iv) (i) (ii) (iii)
उत्तर(a) :
(a) मार्कोलॉजी ऑफ द अर्थ – एल. सी. किंग
(b) टेकनीक्स इन जियोगार्फोलॉजी – सी. ए. किंग
(c) द अर्थ – जेफ्रीज
(d) द अनस्टेबल अर्थ – जे. ए. स्टीयर्स
5. निम्नलिखित सिद्धान्तों का क्रम निर्धारित कीजिये। निम्नलिखित कूट का उपयोग करें।
i. एकरूपता का सिद्धान्त
ii. महाद्विपीय विस्थापन का सिद्धान्त
iii. गतिक संतुलन का सिद्धान्त
iv. संवाहन तरंग सिद्धान्त
कूट :
(a) I III IV II
(b) II I IV III
(c) IV I II III
(d) I II IV III
उत्तर(d) : प्रश्नगत दिये गये सिद्धान्तों का क्रम इस प्रकार है-
एकरूपता का सिद्धान्त (जेम्स हट्टन ने 1785 ई0 में दिया था) महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धान्त जर्मन भूगोलवेत्ता वेगनर ने 1912 ई0 में प्रतिपादित किया। संवहन तरंग सिद्धान्त (आर्थर हीम्स ने 1928 ई0 में प्रतिपादित किया) गतिक संतुलन सिद्धान्त (जी0टी0हैक)।
6. निम्नलिखित दो कथनों में एक दृढ़कथन (A) है और दूसरा कारण (R) है‚ दिये गये कूट में उत्तर का चयन करें। दृढ़कथन (A) : जब शुष्क और आर्द्र रुद्धोष्म हृास दर‚ पर्यावरणीय हृास दर से कम हो तब‚ स्थिर वायुमण्डलीय स्थिति प्रभावी होता है।
कारण (R) : जब वायु-समूह सभी स्तरों पर आरोहित होता है। तब आसपास के पर्यावरण से अधिक गर्म होता है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही व्याख्या है (A) की।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं है (A) की।
(c) (A) सही हैं लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है लेकिन (R) सही है।
उत्तर(a) : जब शुष्क और आर्द्र रुद्धोष्म ह्रास दर‚ पर्यावरणीय ह्रास दर से कम हो तब स्थिर वायुमण्डलीय स्थिति प्रभावी होती है यह कथन सत्य है। जब वायु गर्म होगी तो वह अस्थिर होकर उच्च वायु दाब से निम्ब वायु दाब की ओर प्रवाहित होती है जिस कारण आरोहित होती है। इस प्रकार कारण भी सत्य है परन्तु कारण कथन की व्याख्या नहीं कर रहा है।
7. परिपक्व तड़ित झंझा को विशेषता है।
(a) मजबूत ऊर्ध्वागामी और अधोगामी होना
(b) विद्युत बल की गति
(c) वर्षण का अंत
(d) बर्फ कणों का अभाव
उत्तर(a) : परिपक्व तड़ित संज्ञा की विशेषता है मजबूत उर्ध्वगामी और अधोगामी होना। तड़ितझंझा के निर्माण और विकास के लिये वायुमण्डलीय अस्थिरता‚ प्रबल‚ अस्थिर वायु का उपरिमुखी संचलन‚ गर्म एवं आर्द्र वायु की पर्याप्त आपूर्ति तथा गहरे बादल आदि महत्वपूर्ण कारक है।
8. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें तथा दिये गये
कूट का उपयोग करे सही उत्तर का चयन करें :
सूची-I सूची-II
(a) केटाबेटिक विंड (1) गर्म शुष्क वायु का रॉकी पर्वतों के पूर्वी ढलान की ओर बहना
(b) चिनूक्स (2) दक्षिणी कैलीफोर्निया में गर्मी शुष्क वायु
(c) सान्ता अना (3) उच्च भूमि मेंस्थित शीत वायु का प्रवाह
(d) फॉन (4) आल्पस के पूर्वी ढलान में बहने वाली गर्म शुष्क वायु
कूट :
(a) (2) (1) (3) (4)
(b) (3) (1) (2) (4)
(c) (1) (3) (4) (2)
(d) (4) (2) (3) (1)
उत्तर(b) :
सूची-I सूची-I
केटाबेटिक विंड – उच्च भूमि में स्थित वायु का प्रवाह चिनूक – गर्म शुष्क वायु का रॉकी पर्वतों के पूर्वी ढलान की ओर बहना। सात्ताअना – दक्षिणी कैलिफोर्निया में गर्म शुष्क वायु फॉन – आल्पस के पूर्वी ढलान में बहने वाली गर्म शुष्क वायु
9. भूमध्यरेखा से ध्रुव तक बहनेवाली‚ सतह की हवा का आदर्श वैश्विक पैटर्न है
(a) डोलड्रम-व्यापारिक पवन-पछुआ वायु-पूर्वी वायु
(b) डोलड्रम-पछुआ वायु-व्यापारिक पवन-पूर्वी वायु
(c) डोलड्रम-पूर्वी वायु-व्यापारिक पवन-पछुआ वायु
(d) डोलड्रम-व्यापारिक पवन-पूर्वी वायु-पछुआ वायु
उत्तर(a) : भूमध्य रेखा से धु्रव तक बहने वाली‚ सतह की हवा का आदर्श वैश्विक पैटर्न है-
डोलड्रम – व्यापारिक पवन – पछुवा वायु – पूर्वी वायु
10. जलवायु पर सामुद्रिक प्रभाव का परिणाम है।
(a) वार्षिक वर्षों में वृद्धि
(b) शुष्कता में वृद्धि
(c) वार्षिक ताप अन्तराल में वृद्धि
(d) वार्षिक ताप अन्तराल में गिरावट
उत्तर(d) : जलवायु पर सामुद्रिक प्रभाव का परिणाम है-वार्षिक वर्ष में तापमान में गिरावट है।
11. पेड़-पौधों जो विघ्न की उच्च सघनता के मध्य एवं तनाव की न्यून सघनता में बढ़ते है उन्हें कहा जाता है।
(a) प्रतियोगी (b) तनाव सहने वाले
(c) कोणधारी वन (d) ‘रुडरल्स’
उत्तर(d) : पेड़ पौधे जो विघ्न की उच्च सघनता के मध्य एवं तनाव की न्यून सघनता में बढ़ती है‚ उन्हें रूडरल्स कहा जाता है। कोणधारी वन 500 से 700 उन्नति अक्षांशों के बीच उत्तरी गोलार्द्धों में एक विस्तृत पेटी के एवं में कनाडा‚ नार्वे‚ फिनलैण्ड‚ स्वीडन‚ लाटविया तथा साइबेरिया में फैले हुये है। कोणधारी वनों में स्प्रूस पाइन‚ फर तथा चार्च महत्वपूर्ण मुलायम लकड़ी के वृक्ष पाये जाते है।
12. प्रथम सूची का दूसरी सूची से मिलान कीजिये तथा नीचे दिये कूट के उपयोग से सही उत्तर चुनिये :
प्रथम सूची द्वितीय सूची
(a) उत्पादक (1) वर्षा
(b) बायोटा (2) जीवाणु
(c) अजैविक तत्व (3) वृक्ष
(d) अपघटक (4) सभी जीव जन्तु
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (1) (3) (2) (4)
(b) (3) (4) (1) (2)
(c) (2) (3) (1) (4)
(d) (2) (4) (3) (1)
उत्तर(b) :
सूची-I सूची-I
उत्पादक – वृक्ष बायोटा – सभी जीव जन्तु अजैविक तत्व – वर्षा अपघटक – जीवाणु
13. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है‚ नीचे दिये संकेतों से अपने उत्तर का चयन कीजिये। दृढ़कथन (A) : सामुद्रिक जल का तापमान गहराई बढने के साथ घटता है।
कारण (R) : तापमान की गिरावट 370 मीटर से 730 मीटर के बीच सुअंकित होती है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R) , (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सही हैं‚ परन्तु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ परन्तु (R) सही है।
उत्तर(b) : महासागरों में गहराई के साथ जाने पर तापमान में क्रमिक रूप में कमी पायी जाती है। परन्तु प्रत्येक स्थान पर तथा एक ही स्थान पर अलग-अलग भागों में नीचे की ओर तापमान की गिरावट की दर समान नहीं होती। गहरायी के साथ दाव परिवर्तन के कारण इसे 3 भागों में विभाजित किया जाता है।
(1) मिश्रित परत :
यह सबसे ऊपर स्थित गर्म जल की परत है। इसकी गहराई विषुवत रेखा पर कम तथा 400उत्तरी तथा दक्षिणी अक्षांशों पर अधिक होती है।
(2) मुख्य थर्मोक्लाइन ठण्डी जल की परत :
मिश्रित जल की परत के नीचे स्थित 2500 फीट की गहराई तक थर्मोक्लाइन की परत का विस्तार है। इस परत के नीचे की ओर तापमान में तेजी से कमी आती है। 1400उत्तरी तथा दक्षिणी अक्षांशों के समीप अधिक गहरी होती है।
(3) गहरे जल की परत :
यह सबसे निचली तथा मोटी परत है। इसमें सभी अक्षांशों में जल अत्यन्त ठण्डा होता है। विषुवत रेखा पर इसकी गहरायी अपेक्षाकृत कम होती है।
14. नीचे दो कथन दिये गये है‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है‚ नीचे दिये संकेतों से अपने उत्तर का चयन कीजिये।
अभिकथन (A)
: हैगेट द्वारा अभिवलित भौगोलिक क्षेत्रीय प्रदेशों की समीक्षा में उन्हें बंद प्रणाली माना गया है।
कारण (R) : वे अवधारणायें जो स्थानिक समीक्षा में उपयोगी हैं वे हैं नाभियता‚ स्थानीकरण‚ अंतर-संबंध तथा असंगता।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है ।
(c) (A) सही हैं परन्तु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है परन्तु (R) सही है।
उत्तर(b) : ब्रिटिश भूगोलवेत्ता पीटर हैगेट मात्रात्मक क्रान्ति के कट्टर समर्थक थे‚ इन्होंने अभिवलित भौगोलिक क्षेत्रीय प्रदेशों की समीक्षा में उन्हें बन्द प्रणाली माना। यह कथन पूर्णत: सत्य है। वे अवधारणायें जो स्थानिक समीक्षा में उपयोगी हैं‚ वे है नाभियता स्थानीकरण‚ अन्तर-सम्बन्ध तथा असंगतता। यह कथन सत्य तो है परन्तु कथन की व्याख्या नहीं कर रहा है।
15. स्थानीय संघठन की अवधारणाएँ निम्नलिखित द्वारा दी गयी।
(a) सम्भववाद (b) प्रकार्यात्मिकता
(c) संरचनात्मिकता (d) व्यावहारिकता
उत्तर(a) : स्थानिक संगठन की अवधारणाओं मुख्यत: सम्भववाद से प्रेरणा लेती है। इसके अन्तर्गत भौतिक तथा मानवीय तत्वों के स्थानिक वितरण के वर्णन तथा विश्लेषण पर बल दिया जाता है।
16. प्राकृतिक प्रदेश की अवधारणा निम्नलिखित द्वारा दी गयी।
(a) जीन ब्रून्ह (b) ला-प्ले
(c) कार्ल सॉवर (d) विडाल डी ला ब्लाश
उत्तर(d) : प्राकृतिक प्रदेश की अवधारणा विडाल डि का ब्लांश ने दी है। प्राकृतिक तत्वों द्वारा परिसीमित प्रदेश को प्राकृतिक प्रदेश कहते है। भूगर्भिंग संरचना‚ उच्चावच‚ जलवायु‚ प्राकृतिक वनस्पति‚ मृदा‚ खनिज‚ संसाधन तथा मूल वन्य जीव किसी भी प्राकृतिक प्रदेश के महत्वपूर्ण तत्व होते है। जीनब्रून्स की प्रमुख कृति ‘ज्योग्राफी हयूमेन एसार्ड-डि क्लासिफिकेशन पोजिटिव’ सन् 1910 में प्रकाशित हुयी थी जीन ब्रून्स‚ ब्लाश का शिष्य थे तथा सम्भववाद के कट्टर समर्थक थे। ब्रून्स की मान्यता थी कि मनुष्य अपने पर्यावरण का प्रभाव को चुपचाप सहन नहीं करता वरन् उसे परिवर्तित करने के लिये क्रियाशील रहता है।
17. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय से समुलित कर सूचियों के नीचे दिये गये कूटों का उपयोग कर सही
उत्तर चुनें। सूची-I सूची-II
(a) वाल्टर इसार्ड (i) सोशल जस्टिस एन्ड दी सिटी
(b) डेविड हारवे (ii) मेथड्स ऑफ रीजनल साईंस
(c) रिचर्ड हार्टशोर्न (iii) रैडियल ज्योग्राफी
(d) रिचर्ड पीट (iv) परस्पैक्टिवज ऑन द नेचर ऑफ ज्योग्राफी
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (i) (ii) (iv) (iii)
(b) (ii) (i) (iv) (iii)
(c) (ii) (iii) (i) (iv)
(d) (iv) (ii) (iii) (i)
उत्तर(b) :
सूची-I सूची-II
वाल्टर इसार्ड – मेथड्स ऑफ रीजनल साइंस डेविड हार्वे – सोशल जस्टिस एण्ड द सिटी रिचर्ड हटिशांर्न – पर्सपैक्टिव ऑन द नेचर ऑफ ज्योग्राफी रिचर्ड पीट – रेडिकल ज्योग्राफी
18. प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि निम्नलिखित का प्रकार्य है।
(a) जन्म (b) मृत्यु
(c) जनन क्षमता तथा मृत्यु दर(d) प्रवसन (प्रव्रजन)
उत्तर(c) : किसी क्षेत्र विशेष में दो समय अन्तरालों में जन्म और मृत्यु के अन्तर से बढ़ने वाली जनसंख्या को उस क्षेत्र को प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि कहते है। प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि • जन्म – मृत्यु अत: स्पष्ट है कि प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि जनन क्षमता तथा मृत्यु दर का प्रकार्य है।
19. वर्ष 2001की जनगणना के अनुसार भारत में प्रवसन निम्नलिखित धाराओं में से किसमें अधिकतम है।
(a) ग्रामीण से नगरीय (b) नगरीय से नगरीय
(c) नगरीय से ग्रामीण (d) ग्रामीण से ग्रामीण
उत्तर(b) : वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में प्रवसन नगरीय से नगरीय धाराओं में अधिकतम है। नगर से नगर प्रवास की प्रवृत्ति विकसित ओर विकासशील दोनों प्रकार के देशों में मिलती है । किन्तु विकासशील देशों में इसकी आवृत्ति और मात्रा अपेक्षाकृत अधिक है। इसके अन्तर्गत सामान्यत: छोटे नगरों से लोग आर्थिक कारणों से बड़े नगरों के लिये प्रवास करते हैं। जहाँ सामान्यत: उद्योग वाणिज्य‚ रोजगार‚ उच्चतर शिक्षा‚ चिकित्सा आदि की अधिक सुविधायें उपलब्ध है।
20. जनांककीय संक्रमण सिद्धान्त में घटना अनुक्रम है।
(a) उच्च जन्म दर एवं उच्च मृत्यु दर
(b) उच्च जन्म दर एवं निम्न मृत्यु दर
(c) निम्न जन्म दर एवं निम्न मृत्यु दर
(d) निम्न जन्म दर एवं उच्च मृत्यु दर
कूट :
(a) (i) (ii) (iii) (iv)
(b) (ii) (iii) (i) (iv)
(c) (iv) (iii) (ii) (i)
(d) (iii) (ii) (i) (iv)
उत्तर(a) : जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त में घटना अनुक्रम इस प्रकार है-
उच्च जन्म दर एवं उच्च मृत्यु दर उच्च जन्म दर एवं निम्न मृत्यु दर निम्न जन्म दर एवं निम्न मृत्यु दर निम्न जन्म दर एवं उच्च मृत्यु दर जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त का मूल प्रतिपादन नोटेस्टीन ने 1995ई0 में किया था। उन्होंने पश्चिमी यूरोपीय देशों के अनुभवों का प्रयोग करके जनसंख्या के कालिक वृद्धि प्रतिरूप का सामान्यीकरण जन्म दर और मृत्यु दर में होने वाले कालानुक्रमीय परिवर्तनों के आधार पर किया।
21. ग्रामीण अधिवासों के स्थानीय वितरण प्रतिरूप का सबसे अच्छा अवलोकन निम्नलिखित निम्नलिखित से किया जा सकता है।
(a) भित्ति मानचित्र
(b) भूकर मानचित्र
(c) भूगर्भिक मानचित्र
(d) भरातल पत्रक (मानचित्र)
उत्तर(d) : ग्रामीण अधिवासों के स्थानिक विवरण प्रतिरूप का सबसे अच्छा अवलोकन धरातल पत्रक मानचित्र से किया जा सकता है।
22. प्रथम सूची का द्वितीय सूची से मिलान कीजिये तथा नीचे दिये कूट में से सही उत्तर चुनिये :
सूची-I सूची
II
(अंशदायी सिद्धान्त) (अंशदाता का नाम)
(a) स्थिर. के. (i) डब्ल्यू क्रिस्टालर
(b) अस्थिर के. (ii) ए. लांष
(c) जनसंख्या सीमा एवं वस्तु क्षेत्र (iii) बी.जे.एल.बेरी
(d) पी1पी2/डी संकल्पना (iv) जिप
(v) रीड एवं म्यूंक
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (i) (iv) (ii) (iii)
(b) (ii) (v) (iv) (i)
(c) (iv) (i) (ii) (iii)
(d) (i) (ii) (iii) (iv)
उत्तर(d) :
अंशदायी सिद्धान्त अंशदाता का नाम
स्थिर के0 डब्ल्यू0 क्रिस्टॉलर अस्थिर के0 ए0 लॉश जनसंख्या सीमा एवं वस्तु बी0जे0एल0बेरी पी1पी2/डी संकल्पना जिप
23. ह्वीट्लसी ने विश्व में कितनी कृषि प्रणालियों को पहचाना था?
(a) पाँच (b) छ:
(c) नौ (d) तेरह
उत्तर(d) : हवीट्लसी ने विश्व की कृषि को निम्नलिखित 13 कृषि प्रदेशों में बाँटा-
1. चलवासी पशुचारण
2. व्यापारिक पशुचारण
3. स्थानांतरी कृषि
4. आदिम स्थानबद्ध कृषि
5. चावल प्रधान सघन जीविकोपार्जन कृषि
6. चावल विहीन सघन गहन जीविकोपार्जन कृषि
7. वाणिज्यिक अन्य कृषि
8. भूमध्यसागरीय कृषि
9. मिश्रित कृषि
10. वाणिज्यिक डेयरी कृषि
11. विशिष्ट उद्यान कृषि
12. वाणिज्यिक पशु एवं फसल कृषि
13. वाणिज्यिक रोपण कृषि
24. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय से सुमेलित कर सूचियों के नीचे दिये गये कूटों का उपयोग कर सही
उत्तर चुनें:
सूची
-I सूची-II
(a) वेनेजुएला (1) पेट्रोलियम
(b) चीन (2) स्थूल ईंधन
(c) निदरलैण्ड (3) वायु शक्ति
(d) फ्रांस (4) परमाणु शक्ति
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (i) (ii) (iii) (iv)
(b) (i) (iv) (iii) (ii)
(c) (iii) (ii) (i) (iv)
(d) (iii) (iv) (ii) (1)
उत्तर(a) : सूची का सुमेलन इस प्रकार हैसूची I सूची II
(a) वेनेजुएला – पेट्रोलियम
(b) चीन – स्थूल ईंधन
(c) नीदरलैण्ड – वायु शक्ति
(d) फ्राँस – परमाणु शक्ति
25. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय से सुमेलित कर सूचियों के नीचे बदये गये कूटों का उपयोग कर सही उत्तर चुनें :
सूची
-I सूची-II
(a) टंग्सटन (1) जाम्बिया
(b) कोबाल्ट (2) चीन
(c) क्रोमियम (3) यूक्रेन
(d) मैगनीज (4) दक्षिण अफ्रीका
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (i) (ii) (iii) (iv)
(b) (i) (ii) (iv) (iii)
(c) (ii) (i) (iii) (iv)
(d) (ii) (i) (iv) (iii)
उत्तर(d) : सूची का सुमेलन इस प्रकार हैसूची I सूची II
(a) टंग्स्टन – चीन
(b) कोबाल्ट – जाम्बिया
(c) क्रोमियम – दक्षिण अफ्रीका
(d) मैगनीज – यूक्रेन
26. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है‚ नीचे दिये संकेतों से अपने उत्तर का चयन कीजिये।
अभिकथन (A)
: कुछ शीतोष्ण प्रदेशों में घास के मैदान उपजाऊ भूमि में परिवर्तित कर दिये गये हैं।
कारण (R) : इन भागों में तापमान का कम होना वर्षा को अधिक प्रभावी बनाता है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है ।
(c) (A) सही हैं परन्तु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है परन्तु (R) सही है।
उत्तर(a) : वर्तमान समय में शीतोष्ण‚ घास के मैदान उपजाऊ भूमि में परिवर्तित कर दिये गये हैं प्राचीन काल में शीतोष्ण घास के मैदान केवल चारागाह हेतु ही प्रयोग किये जाते हैं परन्तु वर्तमान समय में उनकी उपजाऊ भूमि के कारण वहां विस्तृत खेती हो रही है।
27. हार्टलैण्ड सिद्धान्त किसकी व्याख्या करता है।
(a) अंतर्प्रान्तीय संबंध
(b) केन्द्र राज्य संबंध
(c) धरा-शक्ति एवं सामुद्रिक शक्ति के बीच संघर्ष
(d) राज्यों का वर्गीकरण
उत्तर(c) : हार्टलैण्ड सिद्धान्त धरा शक्ति एवं सामुद्रिक शक्ति के बीच सम्बन्ध की व्याख्या करता है। हार्टलैण्ड सिद्धान्त सबसे पहले मैकिण्डर ने 1904 में ‘इतिहास की भौगोलिक धुरी’ में प्रस्तुत किया। मैकिण्डर ने एशिया‚ यूरोप और अफ्रीका में केवल
उत्तरी भाग को मिलाकर विश्व द्वीप की संज्ञा दी। विश्व द्वीप के आन्तरिक आर्कटिक जल प्रवाह के क्षेत्र‚ जो तीन ओर से पर्वत शृंखलाओं तथा उत्तर की ओर हमेशा बर्फ से ढके रहने वाले आर्कटिक सागर से घिरा है‚ को मैकिण्डर ने धुरी क्षेत्र नाम दिया। बाद में धुरी क्षेत्र का ही नाम बदलकर हृदयस्थल रख दिया।
28. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय से सुमेलित कर सूचियों के नीचे दिये गये कूटों का उपयोग कर सही
उत्तर चुनें :
सूची
-I सूची-II
(a) याकूत (1) उत्तरी अफ्रीका
(b) बरबर (2) रूस
(c) खिरगीज (3) उत्तर अमेरिका
(d) रैड इन्डियन्स (4) मध्य एशिया
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (ii) (iv) (i) (iii)
(b) (ii) (i) (iv) (iii)
(c) (i) (iv) (ii) (iii)
(d) (iii) (i) (iv) (ii)
उत्तर(b) : सूची I सूची II याकूत रूस बरबर यूरोप खिरगीज मध्य एशिया रैड इन्डियन्स उत्तरी अमेरिका
29. निम्नांकित में से भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली कौन सी इन्डो-ऑस्ट्रिया भाषा है ?
(a) खांसी (b) सन्थाली
(c) मुन्डा (d) खारिया
उत्तर(b) : भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली संथाली इंडो आस्ट्रिक भाषा है। आस्ट्रिक या आस्टे्रलायड प्रजाति के लोग भारत में नीग्रिटो प्रजाति के पश्चात आए और विस्तृत भू भाग पर फैल गए। इसके अन्तर्गत दो भाषायी समूह मुंडा तथा खमेर आते हैं। मुण्डा भाषायी समूह के अन्तर्गत सन्थाली‚ मुण्डा हो और खरवार भाषाएँ समाहित है।
30. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय से समुलित कर सूचियों के नीचे दिये गये कूटों का उपयोग कर सही
उत्तर चुनें। सूची
-I सूची-II
(a) हार्टलैण्ड (1) वान वाल्केनबर्ग
(b) रिमलैण्ड (2) रेटजेल
(c) राज्यों का वर्गीकरण (3) स्पाईकमोन
(d) राज्यों का क्षेत्रीय सिद्धान्त (4) मेकिन्डर
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (iv) (iii) (i) (ii)
(b) (iii) (iv) (ii) (i)
(c) (i) (ii) (iii) (iv)
(d) (ii) (i) (iii) (i)
उत्तर(a) : सूची I सूची II हार्टलैण्ड मैकिण्डर रिमलैण्ड स्पाइकमैन राज्यों का वर्गीकरण वान वाल्कनबर्ग राज्यों का क्षेत्रीय वृद्धि सिद्धांत रेटजेल
31. निम्नांकित में से कौन सा कारक प्रादेशिक विकास का सामयिक सूचक नहीं है ?
(a) प्रदेश में प्राथमिक पाठशालाओं की संख्या
(b) प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या
(c) प्रति हजार व्यक्तियों पर मेडीकल कर्मियों की संख्या
(d) जनसंख्या में तृतीयक कार्यकर्ताओं की संख्या
उत्तर(d) : प्रदेश में प्राथमिक पाठशालाओं की संख्या प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या प्रति हजार व्यक्तियों पर मेडिकल कर्मियों की संख्या प्रादेशिक विकास का सामाजिक सूचक है।
32. प्रादेशिक विविधता मुख्यत: निम्नलिखित के कारण होती है।
(a) प्रति व्यक्ति आय
(b) प्राकृतिक संसाधन का आधार
(c) औद्योगिक विकास
(d) नगरीकरण के स्तर
उत्तर(b) : प्रादेशिक विविधता प्राकृतिक संसाधन के आधार के कारण होती है। विश्व में एक तरफ कांगो तथा जायरे जैसे विषम परिस्थिति वाले प्रदेश पाये जाते हैं वही दूसरी तरफ पश्चिमी यूरोप जैसे मानव विकास हेतु अनुकूल परिस्थिति वाले प्रदेश भी पाये जाते हैं।
33. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है‚ नीचे दिये संकेतों से अपने उत्तर का चयन कीजिए।
अभिकथन (A)
: भारत में संतुलित प्रादेशिक विकास लाने में विकास-धु्रव रणनीति विफल रहीं है।
कारण (R) : सामान्य प्रादेशिक पिछड़ेपन की दशाओं में विकास का विस्तृतिकरण कमजोर होता है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है ।
(c) (A) सही हैं परन्तु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है परन्तु (R) सही है।
उत्तर(a) : भारत में संतुलित प्रादेशिक विकास लाने में विकास ध्रुव रणनीति पूर्णत: असफल हुई है। सन्तुलित विकास तभी सम्भव है जब भारत के सभी प्रदेशों में सभी को एक समान सुविधायें प्राप्त हो परन्तु शिक्षा की अपर्याप्तता यातायात साधनों की अपर्याप्तता तथा सुगम्यता का न होना उचित नीतियों का न बनना प्रादेशिक असन्तुलन को जन्म देते हैं उपर्युक्त कारणों के कारण हम न तो सन्तुलित विकास को प्राप्त कर पायेंगे और न ही प्रादेशिक असन्तुलन को दूर कर पायेंगे। प्रादेशिक असन्तुलन को दूर करने के लिए हमें क्षेत्र विशेष की समस्याओं को ध्यान में रखकर नीतियाँ बनाना चाहिए न कि पूरे देश में विकास की एक ही नीति अपनानी चाहिए। जैसे जो नीति नियोजन राजस्थान के लिए उपर्युक्त होगा वही नीतियाँ पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के लिए पूर्णत: अनुपयुक्त होंगी।
34. प्रादेशिक नियोजन में पैट्रिक गैडीज ने निम्नलिखित संदर्शों में से किसका उपयोग किया है ?
(a) तकनीकी (b) सामाजिक आर्थिक
(c) पर्यावरणीय (d) ऐतिहासिक- पारिस्थितिक
उत्तर(b) : प्रादेशिक नियोजन में पेट्रिक गैडीज ने सामाजिक आर्थिक तत्वों का उपयोग किया है। पेट्रिक गैडीज एक स्कॉटिश भूगोलवेत्ता थे और फ्रांस के प्रसिद्ध समाजशास्त्री लेप्ले के स्थानकार्य-
परिवार सिद्धान्त से प्रभावित होकर लेप्ले सोसायटी की स्थापना की। इन्होंने Conubation शब्द भी दिया। इनकी प्रमुख पुस्तक-सिटीज इन इवोल्यूशन थी।
35. भारत की किस पंचवर्षीय योजना में प्रादेशिक असंगति पर स्पष्ट रूप से चिन्ता व्यक्त की गई थी ?
(a) द्वितीय (b) चतुर्थ
(c) सातवी (d) दसवी
उत्तर(b) : भारत की चतुर्थ पंचवर्षीय योजना (1969-74) में प्रादेशिक असंगति पर स्पष्ट रूप से चिन्ता व्यक्त की गयी। इस योजना के अन्तर्गत विशेष रूप से रोजगार तथा शिक्षा के प्रावधान के माध्यम से प्रादेशिक असंगति को दूर करने का प्रयास किया गया। चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में कृषि‚ उर्वरक तथा इस्पात को सर्वाधिक महत्व दिया गया। बेरोजगारी को एकाएक कम करने हेतु श्रम परक उद्योग पर अधिक ध्यान दिया गया।
36. गुजरात का कौन सा शहर नमक के उत्पादन से सम्बद्ध है?
(a) सूरत (b) कंडला
(c) बड़ोदरा (d) गांधीधाम
उत्तर(d) : गुजरात के कच्छ जिले में स्थित गाँधीधाम नमक के उत्पादन से सम्बद्ध है। गुजरात स्थित बड़ोदरा तथा सूरत सूती वस्त्र उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
37. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय से सुमेलित कर सुचियों के नीचे दिये गये कूटों का उपयोग कर सही
उत्तर चुनें। सूची
-I सूची-II
(a) खनिज लोहा (1) असम
(b) खनिज तेल (2) छत्तीसगढ़
(c) अभ्रक (3) राजस्थान
(d) रॉक फास्फेट (4) झारखण्ड
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (iv) (iii) (i) (ii)
(b) (ii) (i) (iv) (iii)
(c) (ii) (i) (iii) (iv)
(d) (ii) (iii) (i) (iv)
उत्तर(b) : सूची I सूची II खनिज लोहा छत्तीसगढ़ खनिज तेल असम अभ्रक झारखण्ड रॉक फॉस्फेट राजस्थान
38. निम्नांकित शहरों में से कौन सा शहर तापी के मुहाने पर स्थित है?
(a) अंकलेश्वर (b) बडोदरा
(c) अहमदाबाद (d) सूरत
उत्तर(d) : तापी नदी सूरत शहर के मध्य से होकर गुजरती है। सूरत मुख्यत: कपड़ा उद्योग और डायमंड कटिंग और पोलिशिंग के लिए प्रसिद्ध है। ऐसा समझा जाता है कि आधुनिक सूरत शहर की स्थापना 15वीं सदी के अन्तिम वर्षों में हुई।
39. निम्नांकित में से कौन पश्चिम-घाट के वृष्टिछाया प्रदेश में आता है ?
(a) महाबलेश्वर (b) बारामती
(c) पंचधनी (d) रत्नागिरी
उत्तर(b) : ऊँचाई के साथ-साथ वर्षा की मात्रा बढ़ती जाती है। इस प्रकार पर्वत का जो ढाल पवन के सामने होता है वहाँ खूब वर्षा होती है इसे पवन विमुखी ढाल कहते हैं परन्तु जैसे ही पवन पर्वत की दूसरी ढलान पर उतरने लगती है वहाँ आर्द्रता की कमी के कारण शुष्क होने लगती है और वर्षा कम होती है। इसे पवन विमुख ढाल अथवा वृष्टि छाया प्रदेश कहते हैं। बारामती महाराष्ट्र राज्य में पुणे जिले में स्थित एक म्युनिसिपल काउंसिल है जो कि वृष्टि छाया क्षेत्र में स्थित होने के कारण पुणे में केवल 10 सेमी. ही वर्षा होती है।
40. भारत के निम्नांकित राज्यों को उनके भौगोलिक क्षेत्र के घटते क्रम में लगाइये :
I.महाराष्ट्र II. कर्नाटक
III. राजस्थान IV. तमिलनाडु
कूट :
(a) III I IV II
(b) I III IV II
(c) IV III I II
(d) III I II IV
उत्तर(d) : भारत के राज्यों का क्षेत्रों के आधार पर घटता क्रम इस प्रकार है-
(1) राजस्थान‚ 342239 वर्ग किमी.
(2) मध्य प्रदेश‚ 308245 वर्ग किमी.
(3) महाराष्ट्र‚ 307713 वर्ग किमी.
(4) उत्तर प्रदेश 240928 वर्ग किमी.
(5) कर्नाटक 191791 वर्ग किमी.
(6) तमिलनाडु 130058 वर्ग किमी.
41. वृत्ति एवं खण्ड चित्र को यह भी कहा जाता है।
(a) रिंग चित्र (b) पाईल चित्र
(c) पाई चित्र (d) पिक्टोरियल चित्र
उत्तर(c) : वृत्ति एवं खण्ड चित्र को पाई चित्र भी कहा जाता हैं इस आरेख में संख्या का कुल योग प्रकट करने वाले किसी वृत्त के क्षेत्रफल को उस संख्या‚ के विभिन्न उपविभागों या घटकों के मूल्यों के अनुपात में बाँट देते हैं अत: इस आरेख को विभाजित वृत्त आरेख कहा जाता है।
42. वह प्रक्षेप जिसमें लोक्सोड्रोमों को सीधी रेखाओं द्वारा दर्शाया जाता है‚ वह है-
(a) नोमोनक
(b) मरकेटर
(c) गाल-स्टीरियोगे्रफिक
(d) सिलिन्ड्रीकल सम-क्षेत्रीय
उत्तर(b) : मारकेटर प्रक्षेप में लोक्सोड्रोमो को सीधी रेखाओं द्वारा दर्शाया जाता है। सर्वप्रथम 1559 में समान आकृति बनाये रखने के उद्देश्य से जी. मारकेटर महोदय द्वारा इस प्रक्षेप की रचना की। इसमें प्रत्येक अक्षांश रेखा सीधी एवं समानान्तर होती है। देशान्तर रेखाएँ भी सीधी‚ समानान्तर एवं परस्पर बराबर होती है। अक्षांश रेखाएँ देशान्तर रेखाओं को समकोण पर काटती है।
43. वह पद्धति जो आँकड़े एकत्रण‚ आँकड़ों का प्रक्रम एवं आँकड़ों की समीक्षा से बनी है वह कहलाती है।
(a) डिजिटल इमेज
(b) ज्योग्राफिक इन्फोरमेशन सिस्टम
(c) रिमोट सेन्सिंग प्रणाली
(d) ग्लोबल प्रोजीशनिंग प्रणाली
उत्तर(b) : ज्योग्राफिक इन्फोरमेशन सिस्टम या भौगोलिक सूचना प्रणाली कम्प्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को भौगोलिक सूचना के साथ स्वीकृति कर इनके लिए आंकड़े एकत्रण‚ प्रबन्धन‚ विश्लेषण संरक्षण और निरूपण की व्यवस्था करता है।
44. सूची-प्रथम को सूची-द्वितीय से समुलित कर सूचियों के नीचे दिये गये कूटों का उपयोग कर सही
उत्तर चुनें। सूची
-I सूची-II
(a) परिपेक्षपण (1) b
(b) टाली मार्क (2) SD
(c) ढाल का प्रतिक्रमण रेखा (3) r
(d) सह सम्बन्ध (4) बारम्बारता
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (iv) (ii) (iii) (i)
(b) (ii) (iv) (iii) (i)
(c) (ii) (iv) (i) (iii)
(d) (iv) (ii) (i) (iii)
उत्तर(c) : सूची का सुमेलन इस प्रकार हैसूची I सूची II परिक्षेपण SD टॉली मार्क बारम्बारता ढाल की प्रतिक्रमण रेखा b सह-सम्बन्ध r
45. प्रकाश एवं छाया द्वारा धरातल को दर्शाने वाली विधि को कहा जात है।
(a) हिल शेडिंग (b) स्पॉट हाईट
(c) हेश्योर (d) बैन्च मार्क
उत्तर(c) : हेश्योर विधि के द्वारा प्रकाश एवं छाया द्वारा धरातल के चित्र को दर्शाया जाता है। निम्नलिखित उदाहरण को पढ़कर प्रश्न संख्या 46 से 50 का
उत्तर दें :
भूगोल में सिद्धान्त-विकास की मुख्य समस्या‚ औपचारिक सिद्धान्त की विफलता नहीं है‚ बल्कि व्याख्या में सिद्धान्त की भूमिका की कमजोर समझदारी और वक्तव्य के तरीके भी हैं‚ वे कुछ दार्शनिक और सुसंगत तरीके में की गयी ‘व्याख्यायें’ हैं। यह नहीं कहा जा सकता है कि ये वक्तव्य स्वाभाविक रूप से अन्तर्निहित अरुचिकर होते हैं। वस्तुत: वे वैसे नहीं होते। सॉयर के निम्नलिखित वक्तव्य पर ध्यान दें। इसलिये मानव भूगोल का सम्पूर्ण कार्य‚ क्षेत्रीय स्थानिक संस्कृतियों का तुलनात्मक अध्ययन से कम नहीं है- लेकिन किसी क्षेत्र में वास करने वाले किसी समूह की विद्वतापूर्ण और परम्परागत गतिविधियों संस्कृति हैं। संस्कृति की विशेषतायें अथवा ग्रन्धि किसी विशेष समय पर किसी विशेष इलाके में उत्पन्न होती है। वे ग्राह हो जाती है-किसी समूह के द्वारा अपनायी जाती हैं अथवा आगे संचारित होती हैं अथवा नष्ट कर दी जाती हैं जब तक इन्हें पर्याप्त विरोध का सामना न करना पड़े‚ जैसे अनुपयुक्त भौतिक स्थितियों‚ वैकल्पिक तरीकों अथवा सांस्कृतिक स्तर की असमानता का। यह वक्तव्य भौगोलिक अध्ययन के लिये दिये गये एक ‘दिशा निर्देश’ का अंश है‚ यह क्षेत्रों की स्थानीय संस्कृतियों को समझने के लिये‚ की जाने वाली व्याख्या की रूपरेखा का एक अंश है‚ यह क्या होता है-इसके विवरण का एक अंश है। लेकिन सभी तीन मान्यताएँ इसके अन्तर्गत आ गई और यह स्पष्टाâ नहीं हो सका कि सायर एक सिद्धान्त प्रस्तुत कर रहे है। फिर भी‚ यह वक्तव्य अवश्य ही प्रोत्साहन देने वाला है और मानव भूगोल विशेषज्ञों की गतिविधियों को संक्षिप्त रूप और सहजबोध तरीके से रखने का प्रयास है। हम भूगोलवेत्ताओं के वक्तव्यों पर कुछ अधिक ध्यान दे सकते हैं और यह दर्शाने का प्रयास कर सकते है कि कैसे व्याख्यात्मक तरीके से कार्य हो सकते है।
46. इस कथन द्वारा सॉयर ने प्रस्तावित किया है।
(a) सिद्धान्त (b) प्रक्रिया
(c) निर्देश (d) स्पष्ट नहीं
उत्तर(a) : उपरोक्त कथन द्वारा सॉवर ने सिद्धान्त को प्रस्तावित किया है।
47. मानव भूगोल का नियत कार्य है।
(a) अंत:प्रग्याजन्य (b) उद्दीपक
(c) अंतर्युग्म (d) उपरोक्त सभी
उत्तर(b) : उद्दीपक मानव भूगोल का नियत कार्य है।
48. संस्कृति है
(a) रूढ़ात्मक कार्य
(b) समाज के लिये निर्देश
(c) जीवन का विवरणात्मक ढंग
(d) भावी पीढ़ी के लिये उद्दीपन
उत्तर(a) : संस्कृति समाज के लिए रूढ़ात्मक कार्य होते हैं-
49. मानव भूगोल निम्नलिखित का अध्ययन है :
(a) समाज में मनुष्य
(b) प्रकृति का मानवीय अनुकूलन
(c) संस्कृति में क्षेत्रीय विभिन्नता
(d) मानव संसाधनों में क्षेत्रीय विभिन्नता
उत्तर(b) : प्रकृति का मानवीय अनुकूलन का अध्ययन मानव भूगोल का प्रमुख अध्ययन है।
50. उपरोक्त परिच्छेद का मूल विषय क्या है ?
(a) संस्कृति तथा संस्कृतियों की क्षेत्रीय विषमातायें
(b) मानव भूगोल
(c) भूगोल की विधियाँ एवं सिद्धान्त
(d) वैज्ञानिक विषयों में भूगोल की भूमिका
उत्तर(b) : उपरोक्त परिच्छेद का मूल विषय मानव भूगोल है उपरोक्त गद्यांश के अन्तर्गत मानव भूगोल के अन्तर्गत आने वाली विशेषतायें निहित हैं।

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