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GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2012 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 0023.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2012 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल

निर्देश : इस प्रश्न-पत्र में पचास (50) बहु-विकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के दो (2) अंक हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
1. अपरदन का सामान्य चक्र किससे संबन्धित है?
(a) सागरीय अपरदन
(b) पवन अपरदन
(c) नदीय अपरदन
(d) हिम नदीय अपरदन
उत्तर-(c) : नदी द्वारा अपरदन चक्र को अपरदन का सामान्य चक्र कहा जाता है। इसे सामान्य चक्र इसलिए कहा जाता है क्योंकि बहते हुए जल का कार्य अन्य अपरदन के साधनों से अधिक व्यापक तथा महत्त्वपूर्ण होता है। अपरदन के सामान्य चक्र का प्रारम्भ सागरतल से किसी भी स्थलखण्ड के उत्थान के साथ हो जाता है‚ जैसे ही स्थलखण्ड धरातल के ऊपर उठता है‚ उस नदी द्वारा अपरदन का कार्य प्रारम्भ हो जाता है। परन्तु प्रारम्भ में उत्थान की दर‚ अपरदन की दर से अधिक होती है। फलत: स्थलखण्ड की ऊँचाई तथा उच्चावच बढ़ते जाते हैं। कुछ समय बाद स्थल का उत्थान रुक जाता है तथा अपरदन सक्रिय हो जाता है। एक निश्चित अवधि के बाद अपरदन द्वारा उत्थित भाग कटकर अपने आधार तल को प्राप्त हो जाता है तथा अपरदन का एक सामान्य चक्र पूर्ण हो जाता है।
2. वेगनर के अनुसार‚ महाद्वीपीय विस्थापन के लिये निम्नांकित में से कौन सा बल/शक्ति उत्तरदायी है?
(a) ज्वारीय बल (b) संवहन धारायें
(c) तनाव बल (d) दबाव बल
उत्तर-(a) : जलवायु भूगोल वेत्ता वेगनर ने अपना सिद्धान्त 1912 में प्रतिपादित किया लेकिन इस सिद्धान्त का विवेचन 1915 तथा 1920 ई. में हुआ। इस सिद्धान्त की विवेचना इन्होंने अपनी पुस्तक Die Entstehung Der Knotinente and Ozeane
(1929) में किया। वेगनर के अनुसार जब पैंजिया का विभाजन हुआ तो उसमें दो दिशा में प्रवाह हुआ- उत्तर या भूमध्य रेखा की ओर तथा पश्चिम की ओर। महाद्वीपों का पश्चिम की ओर प्रवाह का प्रमुख कारक वेगनर ने सूर्य तथा चन्द्रमा के ‘ज्वारीय बल’ को माना। चन्द्रमा की भ्रमण गति तीव्र होने पर यह बल अधिक प्रभावी हो जाता है। पृथ्वी पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमती है। ज्वारीय रगड़ पृथ्वी की गति पर अवरोध का कार्य करता है फलस्वरूप महाद्वीपीय भाग परिभ्रमण में पृथ्वी का साथ नहीं दे पाते है तथा पीछे छूट जाते हैं। इस कारण स्थल भाग पश्चिम की ओर प्रभावित होने लगते हैं।
3. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिये और नीचे दिये कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये :
सूची-I सूची-II
I. केटिल 1. सर्क पर निवास करने वाला लघु पर्वत-सरोवर
II. टार्न 2. निम्न विसर्पी हिमानीजलोढ़ कटक
III. एस्कर 3. हिम-गोलाश्म मृत्तिका की अंडाकार या दीर्घवृत्ताकार पहाड़ी
IV. ड्रमलिन 4. प्राय: हिमोढ़ पट्टी के साथ-साथ स्थित गहन गर्त
कूट :
I II III IV
(a) 4 3 2 1
(b) 2 4 1 3
(c) 4 1 2 3
(d) 3 4 2 1
उत्तर-(c) :
सूची-I सूची-II
केटिल प्राय: हिमोढ़ पट्टी के साथ-साथ स्थित गहन गर्त टार्न सर्क पर निवास करने वाला लघु पर्वत सरोवर एस्कर निम्न विसर्पी हिमानी जलोढ़ कटक इमलिन हिम मोलाश्म मृत्तिका की अण्डाकार या दीर्घ वृत्ताकार पहाड़ी
4. विश्व की स्थलाकृति का अधिकांश भाग निम्नलिखित युग का है :
(a) कैम्ब्रियन-पूर्व महाकल्प (b) पुराजीवी महाकल्प
(c) मध्यजीवी महाकल्प (d) नवजीव महाकल्प
उत्तर-(d) : विश्व की स्थलाकृतियों का अधिकांश भाग नवजीवी महाकल्प का है। 66.4 Million वर्ष से लेकर आज तक की सम्पूर्ण अवधि इस महाकल्प के अन्तर्गत आती है। कुछ विद्वान इसे नियोजोइक के नाम से भी सम्बोधित करते हैं। नवजीवी महाकल्प के दो प्रमुख कल्पों के नाम तथा उनके अन्तर्गत उत्पन्न प्रमुख स्थलाकृतियों का वर्णन निम्न है। नवजीवी महाकल्प
1. टर्शियरी कल्प 2. क्वाटरनरी कल्प
1. टर्शियरी कल्प- में हिमालय की उत्पत्ति हुई तथा आल्पस‚ एटलस प्रमुख पर्वतों का निर्माण हुआ। भारतीय मानसून की उत्पत्ति हुई एवं थार के रेगिस्तान का निर्माण हुआ। गंगा सिन्धु के बेसिन का निर्माण हुआ।
2. क्वाटरनरी कल्प- इसके अन्तर्गत गंगा व सिन्धु के मैदान का निर्माण हुआ।
5. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिये और नीचे दिये कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये :
सूची-I सूची-II
(नदी) (सहायक नदियाँ)
a. कृष्णा 1. चम्बल
b. ब्रह्मपुत्र 2. इन्द्रावती
c. गोदावरी 3. तिस्ता
d. यमुना 4. भीमा
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) 4 3 2 1
(b) 3 4 1 2
(c) 4 3 1 2
(d) 3 4 2 1
उत्तर-(a) :
सूची-I सूची-II नदी सहायक नदियाँ
कृष्णा भीमा ब्रह्मपुत्र तिस्ता गोदावरी इन्द्रावती यमुना चम्बल
6. क्षोभमंडल में वायु में गति (संचलन) निम्नलिखित के द्वारा होती है :
(a) सौर पवन (b) संवहन धारा
(c) गुरुत्वाकर्षण बल (d) वायु-दाब
उत्तर-(b) : क्षोभमण्डल वायुमण्डल की सबसे सघन तथा निचली परत है। वर्षा‚ बिजली का चमकना‚ चक्रवात‚ तूफान‚ कुहरा तथा बादल निर्माण जैसी घटनाएँ इसी मण्डल में सम्पन्न होती है। इसी कारण इसे क्षोभमण्डल के नाम से जाना जाता है। क्षोभमण्डल में घटने वाली इन घटनाओं के लिए H2O की सर्वाधिक मात्रा
उत्तरदायी है। इस भाग में गर्म तथा शीतल होने का कार्य विकिरण‚ संचालन तथा संवहन द्वारा होता है। इन क्रियाओं के माध्यम से क्षोभमण्डल में सूर्य से सर्वाधिक ऊष्मा की प्राप्ति होती है जिससे वायु को गति प्रदान होती है। क्षोभमण्डल की ऊँचाई विषुवत रेखा पर 16 किमी. तथा ध्रुवों पर 8 किमी. पर पायी जाती है।
7. वायु दाब के माप की इकाई है :
(a) डिग्री (b) समदाब रेखा
(c) मीटर प्रति सेकन्ड (d) हेक्टा-पास्कल
उत्तर-(d) : वायुदाब के माप की इकाई हेक्टा पास्कल है। सागरतल या धरातल के क्षेत्रफल की प्रति इकाई (एक वर्ग इंच या गज) पर ऊपर स्थित वायुमण्डल की समस्त परतों के पड़ने वाले भार को ही वायुदाब कहते हैं। सागरतल पर वायुदाब 1013.25 मिली. बार होता है। सागर तल पर समान वायुदाब वाले क्षेत्रों को मिलाने वाली रेखा को समदाब रेखा (Isobar) कहते हैं। वायुदाब मापने का यन्त्र बैरोमीटर है।
8. सूची-I और सूची-II को सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गए कूटों से सही उत्तर चुनिए :
सूची-I सूची-II
I. फेरल सेल 1. निर्वात प्रदेश
II. हेडली सेल 2. पूर्वी पवन
III. पोलर सेल 3. पश्चिमी पवन
IV. अंत: 4. व्यापारिक वायु उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र
कूट :
I II III IV
(a) 3 2 1 4
(b) 1 4 3 2
(c) 3 4 2 1
(d) 2 3 4 1
उत्तर-(c) : सूची-I सूची-II फेरल सेल पश्चिमी पवन हेडली सेल व्यापारिक पवन पोलर सेल पूर्वी पवन अन्त:उष्ण कटिबन्धीय अभिसरण क्षेत्र- निर्वात प्रदेश
9. ऊर्जा स्थानांतरण की निम्नलिखित में से कौन सी क्रियाविधि नहीं है?
(a) चालन (b) अभिवहन
(c) विकिरण (d) अपक्षरण
उत्तर-(d) : ऊर्जा स्थानान्तरण में अपक्षरण की क्रियाविधि नहीं है। चालन- इस क्रिया के अन्तर्गत एक अणु स्पर्श द्वारा दूसरे अणु को ऊष्मा प्रदान करता है या ग्रहण करता है। यह तभी सम्भव होगा जब वस्तुओं के तापमान में भिन्नता होगी। यह क्रिया तब तक चलती रहती है‚ जब तक दोनों वस्तुओं का तापमान समान न हो जाय। इसी नियम के अनुसार दिन में पृथ्वी की ऊपरी सतह सौर्यिक विकिरण से उष्मा प्राप्त कर गर्म होकर सम्पर्क में आने वाली वायु को गर्म करती है। विकिरण- कोई भी वस्तु निश्चित तापमान पर विभिन्न प्रकार की ऊष्मा तरंगे प्रसारित करती है जिसे विकिरण कहते हैं। विकिरण लघु तथा दीर्घ तरंगों के रुप में होता है जो विकिरण करने वाली वस्तु के आकार तथा तापमान पर निर्भर करता है।
10. नीचे दो कथन दिये गये हैं एक को अभिकथन (a) और दूसरे को कारण (a) का नाम दिया गया है :
अभिकथन (a) :
स्थिर वायु ऊर्ध्वाकार संचलन (गति) को रोकती है और अस्थिर वायु अपने स्वयं के उत्प्लावन के कारण अपने आप ही ऊपर चढ़ती है।
कारण (R) : जब स्थिर वायु पर ऊपर उठने के लिये .जोर पड़ता है‚ तो जो बादल बनते हैं वे व्यापक होते हैं और उनकी ऊर्ध्वाधर मोटाई कम होती है। उपर्युक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
(a) (a) सही है‚ परन्तु (R) गलत है।
(b) (a) गलत है‚ परन्तु (R) सही है।
(c) (a) और (R) दोनों सही हैं।
(d) (a) और (R) दोनों गलत हैं।
उत्तर- (c) : (c) कथन एवं कारण दोनों सत्य है क्योंकि जब स्थिर वायु पर ऊपर उठने के लिए जोर पड़ता है तो जो बादल बनते हैं वे व्यापक होते हैं और उनकी उर्ध्वाधर मोटाई कम होती है।
11. चिली तथा पेरु के तट के सहारे चलने वाली शीत धारा का नाम है :
(a) अगुलहास (b) एल – नीनो
(c) हम्बोल्ट (d) कैनारी
उत्तर- (c) : प्रशान्त महासागर में दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे upwelling से उत्पन्न दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होने वाली ठण्डी धारा को पेरू धारा के नाम से जाना जाता है। प्रख्यात भूगोलविद हम्बोल्ट ने इस धारा की खोज की थी इसलिए इसे हम्बोल्ट धारा भी कहते हैं। इस धारा के प्रभाव के कारण दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर ‘आटाकामा’ मरूस्थल का विकास हुआ है। इस धारा में upwelling के कारण यहाँ पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व तथा ऑक्सीजन पानी में उपलब्ध होता है यही कारण है कि पेरू में मत्स्य व्यवसाय का विकास हुआ है।
12. उच्च ज्वार तथा निम्न ज्वार के बीच जल स्तर में औसत अन्तर को कहा जाता है :
(a) ज्वारीय वेधन (b) ज्वारीय अवधि
(c) ज्वारीय रेन्ज (d) ज्वारीय लहर
उत्तर- (c) : उच्च ज्वार तथा निम्न ज्वार के बीच जल स्तर में औसत अन्तर को ज्वारीय रेन्ज कहा जाता है। उच्च ज्वार- जब सूर्य पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक सरल रेखा में होते हैं तो इस स्थिति को युति-वियुति कहते हैं। इनमें से जब सूर्य‚चन्द्रमा तथा पृथ्वी क्रम में एक सीध में होते हैं अर्थात् जब सूर्य तथा चन्द्रमा दोनों पृथ्वी के एक ओर होते हैं तो उसे युति
(सूर्य ग्रहण की स्थिति) कहते हैं और जब सूर्य तथा चन्द्रमा के बीच में पृथ्वी की स्थिति होती है तो उसे वियुति कहते हैं। उपर्युक्त दोनों ही स्थितियों में सूर्य तथा चन्द्रमा का बल एक साथ मिलकर कार्य करता है जिस कारण उच्च ज्वार आता है। निम्न ज्वार- प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष तथा कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी को सूर्य‚ पृथ्वी तथा चन्द्रमा समकोणिक स्थिति में होते हैं अर्थात् ये मिलकर समकोण बनाते हैं परिणामस्वरूप सूर्य तथा चन्द्रमा के ज्वारोत्पादक बल एक दूसरे के विपरीत कार्य करते हैं जिस कारण निम्न ज्वार आता है।
13. पौधों एवं पशुओं का ग्राम्यन किस युग में प्रारम्भ हुआ?
(a) पुरापाषाण काल (b) मध्यपाषाण काल
(c) नवपाषाण काल (d) पुरापाषाण-पूर्व काल
उत्तर- (c) : पशुओं तथा मानव का ग्राम्यन नव पाषाण काल से प्रारम्भ हुआ। इस काल तक आग का अविष्कार‚ पहिए का तथा छोटे-छोटे औजारों का अविष्कार हो चुका था। मानव ने नदियों के किनारे बसना शुरू कर दिया था और पशुपालन उसके मुख्य व्यवसाय के अन्तर्गत आ गया था।
14. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है:
(a) स्वपोषी : अजैव दोतों से उर्जा लेते हैं और उसे उर्जा सम्पन्न जैव मिश्रण में जमा देते हैं।
(b) विषमपोषी : जीवित जीवों से अपनी उर्जा प्राप्त करते हैं।
(c) शाकाहारी : वो जीव जो पौधे तथा पशुओं का भोग करते हैं।
(d) मृत भक्षी : मृत जीवों से अपनी उर्जा प्राप्त करते हैं।
उत्तर- (c) :
(a) स्वपोषी : अजैव दोतों से उर्जा लेते हैं और उसे उर्जा सम्पन्न जैव मिश्रण में जमा देते हैं।
(b) विषमपोषी : जीवित जीवों से अपनी उर्जा प्राप्त करते हैं।
(c) शाकाहारी : वो जीव जो पौधे का भोग करते हैं।
(d) मृत भक्षी : मृत जीवों से अपनी उर्जा प्राप्त करते हैं।
15. समुद्री टीला जिसका सपाट शिखर है किस नाम से जाना जाता है?
(a) शोल (b) भित्ति
(c) निमग्न द्वीप (गुयाट) (d) किनारा
उत्तर- (c) : समुद्री टीला जिसका सपाट शिखर होता है निमग्न द्वीप ‘गुयाट’ के नाम से जाना जाता है साथ ही साथ इन्हें अन्त:सागरीय चबूतरों के नाम से भी जाना जाता है। प्रवाल के विकास के लिए ये अत्यन्त उपयोगी है।
16. निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है?
(a) पी. हैगेट : जियोग्राफी ए मॉडर्न सिनथीसिस
(b) पी.ई. जेम्स : ऑल पॉसिबल वल्ड्र्स
(c) जी.पी. मार्श : एक्सप्लॅनेशन इन जिओग्राफी
(d) एबलर‚ एड्म्स : स्पेशियल ऑर्गनाइजेशन एवं गुल्ड
उत्तर- (c) : जे. पी. मार्श की प्रमुख पुस्तक ‘मैन एण्ड नेचर’ है। जबकि ‘एक्सप्लनेशन इन जिओग्राफी’ डेविड हार्वे की पुस्तक है। प्रश्नगत अन्य सभी विकल्प सत्य है।
17. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(a) क्षेत्रीय विभेदन की अवधारणा वर्णनात्मक
(इडिओग्राफिक) उपागम से सम्बन्धित है।
(b) क्षेत्रीय विभेदन की अवधारणा नॉमोथेटिक
(विश्लेषणात्मक) उपागम से सम्बन्धित है।
(c) क्षेत्रीय विभेदन की अवधारणा के प्रतिपादक रिचर्ड हार्टशोर्न थे।
(d) क्षेत्रीय विभेदन की अवधारणा कोरोलॉजी से सम्बन्धित है।
उत्तर- (b) : क्षेत्रीय विभेदन की अवधारणा नॉमेथेटिक उपागम से सम्बन्धित नहीं है। अमेरिकन भूगोलवेत्ता रिचर्ड हार्टशोर्न क्षेत्रीय विभेदन की अवधारणा के प्रतिपादक हैं। इन्होंने भूगोल में इडियोग्राफिक (idiographic) दृष्टिकोण का विकास किया। इस अवधारणा को इन्होंने 1939 ई. में ‘द नेचर आफ ज्योग्राफी’ पुस्तक में प्रकाशित किया। यह अवधारणा कोरोलॉजी से सम्बन्धित है। रिचर्ड हार्टशोर्न की अन्य पुस्तक है- पर्सपेक्टिव आन नेचर आफ ज्योग्राफी‚1959 (Perspectives on the nature of Geography)
18. ‘एक ही प्रकार का वातावरण जीवनयापन या संस्कृति के भिन्न तरीकों के लोगों के लिये भिन्न अर्थ रखता है।’ यह कथन निम्नलिखित की अवधारणा से सम्बन्धित है :
(a) निश्चयवाद (b) रुको-और-जाओ निश्चयवाद
(c) संभाव्यवाद (d) संभववाद
उत्तर- (d) : प्रश्नगत अवधारणा संभववाद से सम्बन्धित है। सम्भववाद विचारधारा के प्रतिपादक फ्रांसीसी भूगोलवेत्ता वाइडल -डि-ला-ब्लाश थे। ब्लाश ने ‘एनाल्स-डी ज्योग्राफी’ नामक पत्रिका का प्रकाशन 1891 ईÊ में किया। ब्लाश की प्रमुख पुस्तकें – मानव भूगोल‚ टेबलॉ-डि-ला ज्योग्राफी -डि-ला -फ्रांस है। फ्रांस में ब्लाश ने लघु स्वरूपीय क्षेत्रों को ‘पेज’ कहा। ब्लाश को मानव भूगोल का पिता कहा जाता है।
19. निम्नलिखित में से किसने भूगोल में व्यवहारवादी वातावरण पर .जोर दिया है?
(a) बर्टन (b) ग्रेगरी
(c) किर्क (d) जॉन्सटन
उत्तर- (c) : व्यवहारवाद की संकल्पना का प्रार्दुभाव 1952 ईÊ में किर्क ने किया था। व्यवहारवाद का मूल तत्व यह है कि किसी भी क्षेत्र के भौगोलिक स्वरूप को समझने के लिए वहाँ के निवासियों द्वारा प्रत्यक्षीकरण एवं पर्यावरण से उनकी अर्न्तक्रिया का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण अनिवार्य है। इस प्रकार मानव के व्यवहार या आचरण को भूगोल के केन्द्रीय विषय के रूप में रखकर व्यवहारवाद का अध्ययन किया जाता है। ब्रिटिश भूगोलवेत्ता ग्रेगरी क्रान्तिकारी भूगोलवेत्ता थे। इनकी प्रमुख पुस्तकें निम्न है – आइडियोलॉजी‚ साइन्स एण्ड ह्यूमन ज्याग्राफी।
20. भूगोल को मानव पारिस्थितिकी विज्ञान के रूप में किसने परिभाषित किया है?
(a) शे़फर (b) हार्टशॉर्न
(c) रिचथोफेन (d) बैरो़ज
उत्तर- (d) : बैरोज को मानव पारिस्थितिकी अथवा मानव का अपने प्राकृतिक पर्यावरण से समायोजन करने की अवधारणा का संस्थापक माना जाता है।
21. 2011 की जनगणना के अनुसार निम्नलिखित महानगरों में से किसमें सबसे अधिक जनसंख्या दर्ज की गई?
(a) चेन्नई (b) दिल्ली
(c) कोलकाता (d) मुम्बई
उत्तर- (d) : 2011 की जनगणना के अनुसार प्रश्नगत चारों महानगरों में मुम्बई की जनसंख्या सर्वाधिक है। प्रश्नगत चारों महानगरों की जनसंख्या निम्न हैमुम्बई – 18‚414288 दिल्ली – 16314‚838 कोलकाता – 14112536 चेन्नई – 4681087 भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले 5 राज्य 2011 के अनुसार-
(a) उत्तर प्रदेश – 199812341
(b) महाराष्ट्र – 112374333
(c) बिहार – 104099452
(d) पश्चिम बंगाल – 91276115
(E) मध्य प्रदेश – 72597565
22. भारत में निम्नलिखित में से कौन सा राज्य जनसांख्यिकीय संक्रमण की अवस्था से गुजर रहा है जिस दौरान निम्न प्रजनन और निम्न मृत्यु दर रहती है?
(a) आसाम (b) हरियाणा
(c) पंजाब (d) तमिलनाडु
उत्तर- (d) : निम्न प्रजनन और निम्न मृत्यु दर जननांकिय संक्रमण की चतुर्थ अवस्था होती है। इस अवस्था में शिक्षा के विकास के कारण निम्न प्रजनन दर हो जाती है तथा चिकित्सा सुविधाओं के बेहतर विकास के कारण निम्न मृत्यु दर हो जाती है। इस अवस्था में विकसित देश तथा विकसित राज्य आते हैं। तमिलनाडु राज्य इस अवस्था को प्राप्त कर चुका है।
23. निम्नलिखित में से कौन सा भारत में ग्रामीण बहिर्प्रवास का महत्त्वपूर्ण कारक है?
(a) कृषि अक्षमता
(b) जनसंख्या वृद्धि
(c) ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सेवाओं का अभाव
(d) बेरोजगारी
उत्तर- (d) : भारत में ग्रामीण बर्हिप्रवास का महत्वपूर्ण कारण बेरोजगारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के अभाव के कारण तथा रोजगार का आभाव पाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक क्रिया की प्रधानता पायी जाती है जबकि द्वितीयक‚ तृतीयक तथा चर्तुथक आर्थिक क्रियाओं का अभाव पाया जाता है‚ जिस कारण व्यक्ति बेहतर रोजगार हेतु गाँवों से प्रवास करते हैं।
24. ‘वस्तु की विस्तार सीमा’ किसका संकेत करती है?
(a) वस्तु या सेवा खरीदने के लिये लोगों को जो अधिकतम दूरी तय करनी पड़ती है।
(b) बाजार में उपलब्ध वस्तुओं की विविधता
(c) सेवा या वस्तु को व्यवहारपरक बनाने के लिये अधिकतम माँग
(d) कार्य के निर्वहन के लिये आवश्यक अधिकतम जनसंख्या
उत्तर- (a) : वस्तु की विस्तार सीमा से तात्पर्य वस्तु या सेवा खरीदने के लिए लोगों द्वारा तय की गयी अधिकतम दूरी से है। वस्तु की विस्तार सीमा का सम्बन्ध वान थ्यूनेन के कृषि अवस्थापना मॉडल से है। वान थ्यूनेन ने अपने मॉडल में यह माना कि वस्तुओं का परिवहन व्यय उनके भार तथा उनके द्वारा तय की गयी दूरी के अनुपात में बढ़ता है।
25. क्रिस्टॉलर के ‘केन्द्रीय स्थान सिद्धान्त’ में ‘प्रशासनिक नियम’ क्या संकेत करता है?
(a) K = 3 (b) K = 4
(c) K = 7 (d) K = 9
उत्तर- (c) : जर्मन अर्थशाध्Eाी वाल्टर क्रिस्टॉलर ने 1933 ईÊ में ‘केन्द्रीय स्थल सिद्धान्त’ का प्रतिपादन किया। यद्यपि नगरों के लिए केन्द्रीय स्थान शब्द का प्रयोग मार्क जैफरसन ने 1931 में किया था। इन्होंने अपने सिद्धान्त में प्रशासकीय नियम के लिए K=7 संकेत का प्रयोग किया। यह सिद्धान्त इस मान्यता पर आधारित है कि किसी भी षष्टकोण के सभी सातों सेवा केन्द्र एक ही प्रशासकीय केन्द्र से नियन्त्रित होते हैं। अर्थात एक स्थान का अपने सबसे अधिक सीमावर्ती 6 आश्रित स्थानों के साथ पूरा प्रशासकीय सम्बन्ध रहता है। अगर इनका पदानुक्रम बनाया जाय तो वह 7‚ 49 और 343 के क्रम में होगा। इसी प्रकार क्रिस्ट्रालर ने अपने सिद्धान्त में बाजार सिद्धान्त के लिए k = 3 तथा परिवहन सिद्धान्त के लिए k = 4 संकेत का प्रयोग किया।
26. निम्नलिखित में से किसे स्वछन्द उद्योग के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है?
(a) सीमेन्ट (b) जहाज निर्माण
(c) इलेक्ट्रोनिक पुर्जे (d) सूती वस्त्र
उत्तर- (c) : स्वछन्द उद्योग के अन्तर्गत ऐसे उद्योग आते हैं जो माँग के अनुसार कहीं भी स्थापित हो सकते हैं। कच्चे माल की परिवहन लागत इन उद्योगों को प्रभावित नहीं करती है। जैसेहोजरी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग।
27. नेट बोया क्षेत्र द्वारा विभाजित सकल बोया क्षेत्र क्या कहलाता है?
(a) कृषिक क्षमता (b) फसल विविधीकरण
(c) फसल केन्द्रीयकरण (d) फसल गहनता
उत्तर-(d) : फसल हनता या शस्य गहनता से आशय किसी निश्चित कृषि क्षेत्र में एक वर्ष में बोयी जाने वाली फसलों की आवृत्ति या संख्या से है। शस्य गहनता का निर्धारण शुद्ध बोये गये क्षेत्र और कुल कृषित क्षेत्र के अनुपात के द्वारा किया जाता है एक कृषित क्षेत्र पर एक वर्ष में जितनी अधिक फसलें उत्पन्न की जायेंगी‚ उसकी शस्य गहनता उतनी ही अधिक हेागी। फसल (शस्य) गहनता = नेट (कुल) बोया गया क्षेत्र 100 सकल (शु्द्ध) बोया गया क्षेत्र 28. न्यूनतम लागत अवस्थिति के सिद्धान्त का प्रस्ताव किसने रखा था?
(a) लॉश (b) आइसार्ड
(c) डाइसी (d) वेबर
उत्तर-(d) : न्यूनतम लागत अवस्थिति सिद्धान्त को प्रतिपदित करने का प्रथम प्रयास जर्मन अर्थशाध्Eाी अल्फ्रेड वेबर ने 1909 ईÊ में किया। 1929 में फ्रेडरिच द्वारा इसका अंग्रेजी अनुवाद‚ थ्योरी आफ लोकेशन आफ इन्डस्ट्री‚ के नाम से प्रकाशित हुआ। वेबर की परिकल्पना इस मान्यता पर आधारित है कि न्यूनतम परिवहन लागत ही न्यूनतम उत्पादन लागत की जगह लेगा तथा उद्योग की अवस्थिति में 3 कारक विशेष प्रभाव डालते हैं- परिवहन लागत‚ श्रम लागत तथा समूहीकरण। लाश ने उद्योगों के स्थानीयकरण के न्यूनतम लागत सिद्धान्त का खण्डन करते हुये बताया कि उद्योग उस स्थान पर स्थापित होगा जहाँ कुल लागत तथा कुल आय का अन्तर अधिकतम हो न कि न्यूनतम लागत वाले स्थान पर होगा।
29. स.रा. अमेरिका में नगरों के उपान्त में सब्जियों‚ फलों तथा फूलों की गहन खेती कहलाती है :
(a) ट्रक फार्मिंग (b) फैक्टरी फार्मिंग
(c) मार्केट गार्डनिंग (d) एग्रि – फार्मिंग
उत्तर-(a) : ट्रक फॉर्मिंग के अन्तर्गत शीघ्र खराब होने वाली वस्तुओं को बाजार क्षेत्रों में ट्रक द्वारा शीघ्रातिशीघ्र पहँुचाने की व्यवस्था है। जिसके अन्तर्गत फल-फूल‚ सब्जियाँ‚ दूध इत्यादि उत्पाद आते हैं।
30. जापान में इस्पात मिलें तटीय स्थानों की ओर क्यों स्थापित की जाती हैं?
(a) लौह अयस्क भंडारों की समीपता
(b) स्थानीय बाजारों की समीपता
(c) सस्ते श्रम की उपलब्धता
(d) आयातित कच्चे माल तथा इस्पात निर्यातों की परिवहन लागत न्यूनतम करना
उत्तर-(d) : जापान में इस्पात मिलें तटीय क्षेत्रों की ओर स्थापित की जाती है क्योंकि जापान इस्पात मिल में उपयोग होने वाला सम्पूर्ण लौह अयस्क का आयात करता है। तटीय क्षेत्रों में इस्पात मिलें स्थापित करने से आयातित कच्चे माल तथा इस्पात निर्यातों की परिवहन लागत न्यूनतम हो जाती है।
31. मानव प्रजातियों के वर्गीकरण के लिये निम्नलिखित में किस कसौटी का उपयोग किया नहीं जाता है?
(a) नेत्र (b) नासिका
(c) कान (d) केश
उत्तर-(c) : मानव प्रजातियों के वर्गीकरण में कान को आधार नही बनाया गया है। मानव प्रजातियों के वर्गीकरण में शारीरिक कद‚ सिर की आकृति‚ त्वचा के रंग‚ बाल‚ नाक की आकृति‚ नेत्र-
वर्ण‚ शरीर की हड्डी के ढांचे की नाप‚ कपाल की उâँचाई‚ नासिका सूचकांक आदि को सम्मिलित किया गया है। भारत की मानव प्रजातियों का वर्गीकरण करने में निम्न भूगोलवेत्ताओें ने योगदान दिया-रिशले‚ हैडन‚ जेÊएचÊ हट्टन‚ वॉन ईक्सटैट‚ बीÊएसÊ गुहा आदि।
32. निम्नलिखित जनजातियों और उनके पर्यावास को सुमेलित कीजिए :
a. खिरग़िज 1. सेन्ट्रल एशिया
b. याकूत 2. साइबेरिया
c. लैप्स 3. स्केंडिनेविया
d. एस्किमो 4. कनाडा
कूट :
(a) a – 1, b – 3, c – 2, d – 4
(b) a – 4, b – 2, c – 3, d – 1
(c) a – 2, b – 1, c – 3, d – 4
(d) a – 1, b – 2, c – 3, d – 4
उत्तर-(d) :
A – खिरगिज 1. सेन्ट्रल एशिया B – याकूत 2. साइबेरिया C – लैप्स 3. स्केंडिनेविया D – एस्कीमो 4. कनाडा
33. निम्नलिखित में से कौन सा कथन राज्य के बारे में सत्य नहीं है?
(a) उसका प्रादेशिक आधार है
(b) उसका हमेशा सामाजिक या सांस्कृतिक आधार होता है।
(c) वह आंतरिक प्रभुसत्ता सम्पन्न होता है।
(d) वह बाह्य सम्बन्धों में प्रभुसत्ता सम्पन्न होता है।
उत्तर-(b) : राज्य प्रादेशिक आधार है। वह आन्तरिक प्रभुसत्ता सम्पन्न होता है तथा वाह्य सम्बन्धों में प्रभुसत्ता सम्पन्न होता है। किसी भी राज्य में सामान्यत: निम्न विशेषताएँ पायी जाती है-
1. क्षेत्रफल
2. जनसंख्या
3. राजधानी
4. प्रभुसत्ता
5. आन्तरिक संरचना
6. संचार एवं परिवहन तन्त्र उपर्युक्त में क्षेत्रफल‚ जनसंख्या‚ प्रभुसत्ता राज्य के अनिवार्य तत्व है जिसके अभाव में राज्य की कल्पना नहीं की जा सकती है।
34. निम्नलिखित में से कौन सी भाषा द्रविड़ कुल की नहीं है?
(a) सिंहली (b) ब्राहुई
(c) कन्नड़ (d) मलयालम
उत्तर-(a) : सिंहली द्रविड़ कुल की भाषा नहीं है। भारत में द्रविड़ प्रजाति के लोग पश्चिम से आए जो भूमध्य सागरीय मानव प्रजाति से सम्बन्धित थे। सिन्धु घाटी सभ्यता का निर्माता द्रविड़ों को ही माना जाता है‚ जो आर्यों से पराजित होकर पूर्वी‚ मध्य तथा दक्षिणी भारत की तरफ पलायित हो गए। वर्तमान समय में द्रविड़ परिवार की भाषाएँ मुख्यत: दक्षिण भारत में संकेन्द्रित है। तमिल‚ तेलगू‚ ब्राहुई‚ कन्नड़‚ मलयालम‚ मोण्डी‚ कुरूख आदि द्रविड़ भाषा परिवार की प्रमुख भाषाएँ है। द्रविड़ परिवार की भाषाएँ 20 करोड़ भारतीयों द्वारा बोली जाती है।
35. टोडा जनजाति का आवास है :
(a) अरावली श्रेणी (b) शिवालिक श्रेणी
(c) कैमूर श्रेणी (d) नीलगिरी श्रेणी
उत्तर-(d) : टोडा जनजाति के लोग नीलगिरी की पहाड़ियों पर निवास करते हैं। नीलगिरी पहाड़ियों पर निवास करने वाली अन्य आदिम जातियॉ वडागा‚ कोटा‚ इरूला व कुरूम्बा है। शारीरिक लक्षण- टोडा नर-नारी सुन्दर आकृति के‚ सुगठित शरीर वाले तथा लम्बे कद के होते हैं। भोजन- ये शाकाहारी होते हैं। ये केवल पूजा‚ उत्सवों‚ त्योहारों आदि के समय देवताओें को प्रसन्न करने के लिए दी गयी पशु बलि के पश्चात कर्म-काण्ड के रूप में माँस भक्षण करते हैं। वध्Eा- ये लोग धोती बाँधते हैं और कंधे से लेकर नीचे तक एक सूती चोगा पहनते हैं। जीवन निर्वाह- जीवन निर्वाह का मुख्य साधन पशुपालन तथा जंगल से कन्दमूल फल‚ शहद‚ गोंद इत्यादि इकट्ठा करना है।
36. देश का आर्थिक विकास मापने के लिये निम्नलिखित में से किस सूचक का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है?
(a) शिशु मृत्यु-दर
(b) पेय जल की उपलब्धता
(c) महिला साक्षरता
(d) प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय उत्पाद
उत्तर-(d) : देश का आर्थिक विकास मापने के लिए प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय उत्पाद सर्वाधिक उपयोगी सूचक है।
37. निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है?
(a) मिर्डल : संचयी कार्यकारण मॉडल
(b) फ्रीडमैन : सारभाग-परिधि (या उपान्त) मॉडल
(c) बूढ़विल : परिवहन मॉडल
(d) फ्रैंक : पराश्रयता मॉडल
उत्तर-(c) : स्वीडिश अर्थशाध्Eाी गुन्नार मिर्डाल की पुस्तकों के नाम निम्न है-
Asian Drama, Against the stream. परिवहन मॉडल बूढ़विल का नहीं है। शेष अन्य सुमेलित है।
38. निम्नलिखित में से किसने इस अवधारणा को औपचारिक रूप दिया कि स्थानिक संगठन तथा राष्ट्रीय विकास के बीच सम्बन्ध विद्यमान है?
(a) ल्यूटन (b) डिकेन्स
(c) कुकलिंस्की (d) फ्रीडमैन
उत्तर-(d) : फ्रीडमैन ने स्थानिक संगठन तथा राष्ट्रीय विकास के बीच सम्बन्ध की अवधारणा को औपचारिक रूप दिया। फ्रीडमैन ने बताया कि केन्द परिधि मॉडल मे केन्द्र तथा परिधि के सम्बन्ध इस तरह के होते हैं कि केन्द अमीर होता जाता है तथा परिधि गरीब।
39. रोस्टोव के मॉडल के अनुसार आर्थिक संवृद्धि की अवस्थाओं का कौन सा अनुक्रम निम्नलिखित में सही है?
(a) पारम्परिक समाज‚ परिपक्वता की ओर‚ उत्प्रस्थान‚ अधिक जन उपभोग
(b) पारम्परिक समाज‚ उत्प्रस्थान‚ परिपक्वता की ओर‚ अधिक जन उपभोग
(c) पारम्परिक समाज‚ उत्प्रस्थान‚ अधिक जन उपभोग‚ परिपक्वता की ओर
(d) पारम्परिक समाज‚ परिपक्वता की ओर‚ अधिक जन उपभोग‚ उत्प्रस्थान
उत्तर-(b) : अमेरिका के विख्यात विद्वान डब्ल्यू. डब्ल्यू. रोस्टोव ने अपना आर्थिक वृद्धि अवस्था मॉडल 1971 में प्रस्तुत किया। इनके अनुसार प्रत्येक देश विकास की किसी न किसी अवस्था से गुजर रहा है। इन्होंने अपने मॉडल में आर्थिक विकास की पाँच अवस्थाएँ बतायी हैं‚ जिनसे प्रत्येक देश को गुजरना पड़ता है। रोस्टोव के अनुसार एक आदिम समाज के आधुनिक समाज में विकसित होने से सम्बन्धित पाँच अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं-
1. पारम्परिक समाज
2. उत्प्रस्थान
3. उत्प्रस्थान के लिए पूर्व परिस्थितियाँ
4. परिपक्वता की ओर प्रस्थान
5. व्यापक उपभोग की अवस्था
40. निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र ‘आकारी’
(समांगी) क्षेत्र है?
(a) दिल्ली महानगर क्षेत्र
(b) हैदराबाद-सिकन्दराबाद क्षेत्र
(c) दिल्ली-जयपुर-आगरा त्रिकोण
(d) आसाम-घाटी
उत्तर-(d) : आसाम-घाटी का क्षेत्र ‘आकारी’ (सामांगी) क्षेत्र का उदाहरण है। दिल्ली महानगर क्षेत्र नगरीय क्षेत्र बताता है जबकि हैदराबाद − सिकंदराबाद क्षेत्र अनुषंगी नगर को बताता है और दिल्ली − जयपुर − आगरा त्रिकोण परिवहन नेटवर्क को बताता है।
41. 2001 से 2011 के बीच‚ लिंग – अनुपात (प्रति हजार पुरुष स्त्रियाँ) में :
(a) 5 से 10 की वृद्धि हुई
(b) 5 से 10 की कमी आई
(c) स्थिर रहा
(d) 5 से कम की वृद्धि हुई
उत्तर-(a) : जनगणना 2011 के अन्तिम आँकड़ों के अनुसार देश में लिंगानुपात (प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) 943 है जो 2001 से 10 अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में लिंगानुपात 949 तथा शहरी क्षेत्रों में 929 है। सर्वाधिक लिंगानुपात वाले 5 राज्य इस प्रकार हैं-
1. केरल – 1084
2. तमिलनाडु – 996
3. आन्ध्र प्रदेश – 993
4. छत्तीसगढ़ – 991
5. मेघालय – 989
42. सूची-I तथा सूची-II को सुमेलित कीजिये तथा निम्नलिखित कूटों से सही उत्तर चुनिये :
सूची-I सूची-II
(खनिज) (खनन क्षेत्र)
a. ताँबा 1. कुद्रेमुख
b. लौह अयस्क 2. बालाघाट
c. मैंगनीज 3. कोडर्मा
d. अभ्रक 4. खेतड़ी
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) 1 2 4 3
(b) 3 2 1 4
(c) 4 1 3 2
(d) 4 1 2 3
उत्तर-(d) : (खनिज) (खनन क्षेत्र) तॉंबा खेतड़ी लौह अयस्क कुद्रेमुख मैंगनीज बालाघाट अभ्रक कोडर्मा खेतड़ी राजस्थान में है‚ कुद्रेमुख कर्नाटक में है‚ बालाघाट मध्यप्रदेश में है‚ कोडर्मा झारखण्ड में है।
43. भारत में मैंग्रोव निम्नांकित में से किसका सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण वृक्ष है?
(a) उष्ण-कटिबंधीय आर्द्र पतझड़ी वन
(b) ज्वारीय वन
(c) उष्णकटिबंधीय शुष्क पतझड़ी वन
(d) उपोष्ण आर्द्र वन
उत्तर-(b) : मैंग्रोव ज्वारीय वनों के सर्वाधिक महत्वपूर्ण वृक्ष है। इस प्रकार के वन नदियों के डेल्टाओं में पाए जाते हैं अत: इन्हें डेल्टाई वन भी कहते हैं। समुद्र के खारे जल के प्रवाह से इन वनों की लकड़ी तथा छाल क्षारीय हो जाती है। इनकी लकड़ी का उपयोग नाव बनाने तथा छाल का प्रयोग चमड़ा पकाने तथा रंगने में किया जाता है। ये वन गंगा‚ ब्रह्मपुत्र‚ महानदी‚ कृष्णा तथा कावेरी के डेल्टाओं में पाये जाते हैं। इन वनों की निम्न विशेषताएँ हैं-
1. कठोर लकड़ी व क्षारीय छाल
2. दुर्गम वन
3. सीमित उपयोग
44. निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है?
(a) विशाखापट्नम : जहाज निर्माण
(b) टिटलागढ़ : रेलवे उपकरण
(c) भद्रावती : लौह एवं इस्पात
(d) पिंजौर : मशीन औजार
उत्तर-(b) : टिटलागढ़ (पश्चिम बंगाल) में कागज उद्योग है। जबकि रेलवे उपकरण का निर्माण कपूरथला‚ चितरंजन इत्यादि स्थानों में होता है। प्रश्नगत दिये गये अन्य विकल्प सत्य है।
45. अधिकतम प्रतिशत की दशकीय वृद्धि किस दशक में हुई?
(a) 1951-61 (b) 1961-71
(c) 1971-81 (d) 1981-91
उत्तर-(b) : अधिकतम प्रतिशत की दशकीय वृद्धि 1961-71 में हुई। इस अवधि में मृत्युदर लगातार तेजी से घटी तथा जन्म दर में लगभग स्थिरता की स्थिति बनी रही जिस कारण जनसंख्या तेजी से बढ़ी। वर्ष दशकीय वृद्धि दर 1951-61 21.51% 1961-71 24.80% 1971-81 24.60% 1981-91 23.87%
46. आवृत्ति वितरण दर्शाने के लिये सर्वाधिक उपयुक्त निम्नलिखित में से कौन सा है?
(a) दंड आरेख (b) आयत चित्र
(c) पाई आरेख (d) रेखा ग्राफ
उत्तर-(b) : दण्ड आरेख- इस आरेख में भिन्न-भिन्न मूल्यों को उर्ध्वाधर अथवा क्षैतिज स्तंभों के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है इस आरेख को स्तम्भी आरेख कहते हैं। सरल दण्ड आरेख द्वारा पदमाला में दिये गये मूल्यों के किसी गुण को प्रदर्शित किया जाता है। पाई आरेख- इस आरेख में संख्या का कुल योग प्रकट करने वाले किसी वृत्त के क्षेत्रफल को उस संख्या के विभिन्न उपविभागों या घटकों के मूल्यों के अनुपात में बाँट देते हैं। अत: इस आरेख को विभाजित वृत्त आरेख भी कहा जाता है।
47. नदीय उन्मोचन के औसत मान की परिगणना करने के लिये निम्नलिखित में से किसका सामान्यतया उपयोग किया जाता है?
(a) गणितीय माध्य (b) ज्यामितीय माध्य
(c) हरात्मक माध्य (d) भारित माध्य
उत्तर-(b) : गणितीय माध्य- इस माध्य का प्रयोग जनसंख्या वृद्धि तथा किसी वस्तु के उत्पादन‚ उपभोग‚ आयात व निर्यात आदि मूल्यों में होने वाले प्रतिशत परिवर्तनों की औसत दर ज्ञात करने के लिए किया जाता है। हरात्मक माध्य – प्रति घण्टा औसत वेग ज्ञात करने के लिए यह माध्य परम उपयोगी है।
48. निम्नलिखित Rnमूल्यों में से कौन सा बिन्दु वितरण का यादृच्छिक प्रतिरूप दर्शाता है?
(a) 0 (b) 1.0
(c) 1.35 (d) 2.14
उत्तर-(b) : Rn तालिका में सूचकांक का मान .0 से 2.15 तक होता है। Rn तालिका 0.00−0.09 पूर्ण संकेन्द्रण 0.10−0.50 उच्च संकेन्द्रण .51− 0.99 गुच्छेदार क्रम 1.00−1.19 दैव प्रतिप/यादृच्छिक 1.20−1.49 उपागमीय प्रवृत्ति 1.50−2.14 परिक्षेपित क्रम 2.1491−2.15 पूर्ण षटकोणीय
49. विविध भौगोलिक विशेषताओं से युक्त क्षेत्र के प्रतिनिधि गावों के चयन हेतु सर्वाधिक उपयुक्त प्रतिचयन तकनीक कौन सी है?
(a) व्यवस्थित (b) स्तरित-यादृच्छिक
(c) यादृच्छिक (d) गुच्छित
उत्तर-(b) : स्तरित यादृच्छिक विविध भौगोलिक विशेषताओं से युक्त क्षेत्र के प्रतिनिधि गांवों के चयन हेतु सर्वाधिक उपयुक्त प्रतिचयन की तकनीक है।
50. निम्नलिखित पद्धतियों में से किसमें अन्तर्वेशन का उपयोग किया जाता है?
(a) वर्णप्रतीकी
(b) वर्णवर्णकता (कोरोक्रोमैटिक)
(c) सममान
(d) वर्णमात्री
उत्तर-(c) : वर्णप्रतीकी – प्रतीकों या चिह्नों की सहायता से वितरण प्रदर्शित करने की विधि को वर्ण प्रतीकी या प्रतीक विधि कहते हैं। वर्णवर्णकता (कोरोक्रोमैटिक) – इसे रंगारेख विधि भी कहते हैं। इस मानचित्र में भिन्न-भिन्न तत्वों या वस्तुओं के वितरण –
क्षेत्रों को रंग भरकर स्पष्ट किया जाता है। प्राकृतिक प्रदेशों‚ राजनैतिक व प्रशासनिक क्षेत्रों‚ भूमि उपयोग के प्रकारों‚ भूवैज्ञानिक क्षेत्रों तथा प्राकृतिक वनस्पति व मिट्टियों के प्रकारों को प्रदर्शित करने के लिए इस विधि का प्रयोग करते हैं। वर्णमात्री- वर्णमात्री मानचित्र में भिन्न-भिन्न घनत्व वाली छायाओं के द्वारा किसी वस्तु की प्रति इकाई क्षेत्र‚ औसत संख्या या प्रतिशत मूल्य जैसे जनसंख्या का प्रतिवर्ग किमी. घनत्व‚ विभिन्न राज्यों में प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय अथवा किसी फसल का भिन्नभिन्न क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर उत्पादन आदि प्रदर्शित किया जाता है।

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