You are here
Home > Previous Papers > GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2013 भूगोल व्याख्या सहित तृतीय प्रश्न-पत्र का हल 0020.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2013 भूगोल व्याख्या सहित तृतीय प्रश्न-पत्र का हल 0020.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2013 भूगोल व्याख्या सहित तृतीय प्रश्न-पत्र का हल

1. निम्नलिखित में से किसे अपक्षरण के आदर्श सामान्य चक्र की युवा अवस्था की विशेषता नहीं समझा जाता है?
(a) प्राकृतिक तटबंध (b) जलज गर्तिका
(c) गॉर्ज (d) नदी अपहरण
उत्तर-(a) : नदी की युवावस्था में बनने वाली स्थलाकृतियाँ निम्न है- V आकार की घाटी‚ गार्ज‚ कैनियन‚ जल गर्तिका‚ संरचनात्मक सोपान‚ नदी वेदिका आदि। स्थलखण्ड में उत्थान के पश्चात वर्षा का जल ढाल के अनुसार बहने लगता है और अपवाह क्रम स्थापित हो जाता है ढलान के अनुरूप बहने वाली नदियों केा अनुवर्ती नदियाँ कहते है। इस अवस्था में नदी लम्बिक अपरदन तथा अभिशीर्ष कटाक अधिक करती है। नदियों के बीच के दोआव या जल विभाजनक काफी चौडे तथा नीचे होते है। गार्ज‚ कैनियन‚ V आकार की घाटी‚ जल प्रपात‚ क्षिप्रिका आदि इस अवस्था की मुख्य आकृतियाँ है। नदी अपरहरण इस अवस्था की मुख्य घटना है। जैसे-जैसे अपरदन का चक्र आगे बढ़ता है‚ जल प्रपात तथा क्षिप्रिकायें पीछे की ओर हटती जाती है और युवावस्था के अन्त तक ये प्राय: लुप्त हो जाती है। प्राकृतिक तटबंध नदी के निक्षेपात्मक कार्य के फलस्वरूप निर्मित हुआ है। नदी के दोनों किनारों पर मिट्टियों के जमाव द्वारा बने लम्बे-लम्बे बन्धों को‚ जो कि कम ऊँचाई वाले कटक के समान होते है। तटबन्ध कहते हैं।
2. वायु की दिशा के दाहिने कोणों पर बनी लंबी कटकों के रूप में निर्मित बालू टिब्बों को कहते हैं
(a) रैखिक टिब्बे (b) चापाकार टिब्बे
(c) अनुप्रस्थ टिब्बे (d) तारक टिब्बे
उत्तर-(c) : वायु की दिशा के दाहिने कोणों पर बनी लम्बी कटकों के रूप में निर्मित बालू टिब्बों को अनुप्रस्थ टिब्बे कहते है।
3. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I सूची-II
(विद्वान) (सिद्धांत)
a. हैरी हेस i. एकरूपता का सिद्धांत
b. हॉल और डावा ii. तापीय सिकुड़न का सिद्धांत
c. जेफ्रे iii. भू-अभिनति का सिद्धांत
d. हट्टन iv. समुद्री सतह फैलाव सिद्धांत
कूट:
a b c d a b c d
(a) iv iii ii i (b) iii i ii iv
(c) i iii ii iv (d) ii iv i iii
उत्तर-(a) : विद्वान सिद्धान्त हैरी हेस समुद्री सतह फैलाव सिद्धान्त हॉल और डावा भू अभिनति का सिद्धान्त जेफ्रे तापीय सिकुड़न का सिद्धान्त हट्टन एकरूपता का सिद्धान्त
4. यह किसने कहा कि उत्थान की क्रिया के अनुसार ढाल परिच्छेदिका उन्नतोदर‚ समतल या नतोदर होती है?
(a) डेविस (b) पैंक
(c) जॉनसन (d) वुड
उत्तर-(b) : पैंक ने कहा कि उत्थान की क्रिया के अनुसार ढाल परिच्छेदिका उन्नतोदर‚ समतल या नतोदर होती है। जर्मन विज्ञानी वाल्टर पैंक ने डेविस की समय निर्भर स्थलरूप की संकल्पना तथा भौगोलिक चक्र को अस्वीकार करते हुए स्थलरूपों के उद्भव एवं विकास की व्याख्या के लिए ‘मोर्फोलॉजिकल सिस्टम’ या ‘आकृतिक विश्लेषण’ मॉडल का प्रतिपादन किया। पैंक के सिद्धान्त का मुख्य उद्देश्य बहिजीत प्रक्रमों तथा आकृतिक विशेषताओं के आधार पर धरातलीय संचलन के विकास एवं उसके कारणों का पता करना था।
5. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ जिनमें से एक अभिकथन
(A) है और दूसरा तर्क (R) है। नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए।
अभिकथन (A) :
हवाई द्वीप ज्वालामुखी उद्गार के स्थल हैं। तर्क (R) : अभिसारी प्लेट के सीमान्त ज्वालामुखी उद्गार के स्थल हैं।
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं‚ लेकिन (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है‚ लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ लेकिन (R) सही है।
उत्तर-(b) 185 व्याख्या : हवाई द्वीप प्रशान्त महासागर में स्थित है। हवाई द्वीप महाद्वीपीय प्लेट है तथा प्रशान्त महासागरीय सागरीय प्लेट का इसके अन्दर अभिसरण होता है जिस कारण सक्रिय ज्वालामुखी का उद्गार होता है।
6. निम्नलिखित सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I सूची-II
a. कार्स्ट चक्र i. मेक् गी
b. पैडिमेंट निर्माण का ii. विजिक चादरीय प्रवाह सिद्धांत
c. पैडिप्लेन की iii. वुडवर्ड संकल्पना
d. कार्स्ट प्रदेशों में iv. मैक्सन और प्राकृतिक पुलों का एण्डरसन निर्माण
कूट:
a b c d a b c d
(A) i iii iv ii (B) ii i iv iii
(C) iii ii i iv (D) i ii iii iv
उत्तर-(b) : सूची-I सूची II कार्स्ट चक्र – विजिक पैडीमेन्ट निर्माण का चादरीय – मेक् गी प्रवाह सिद्धान्त पैडिप्लेन की संकल्पना – मैक्सन और एंडरसन कार्स्ट प्रदेशों में प्राकृतिक – वुडवर्ड पुलों का निर्माण
7. यह कथन किससे संबंधित है कि ‘वर्तमान भूत की कुंजी है’?
(a) प्रलयवाद (b) एकरूपतावाद
(c) संतुलन (d) पटलविरूपण
उत्तर-(b) : ‘वर्तमान भूत की कुंजी है’ यह कथन एकरूपतावाद से सम्बन्धित है। इस सिद्धान्त का प्रतिपादन जेम्स हट्टन ने किया था।
8. निम्नलिखित में से पटल विवर्तनिकी सिद्धांत किसके उद्गम और अवस्थिति को स्पष्ट करने में सहायक नहीं होता है?
(a) भूकंप
(b) पर्वत
(c) समुद्री धाराएँ
(d) प्रमुख समुद्री तल के लक्षण
उत्तर-(c) : प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त भूकम्प‚ पर्वत तथा प्रमुख समुद्री तल के लक्षण के उद्गम और अवस्थिति को स्पष्ट करने में सहायक है। प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार जब महाद्वीपीय व महासागरीय प्लेटों का अभिसरण होता है तब महासागरीय प्लेट भारी होने के कारण महाद्वीपीय प्लेट के नीचे जाती है जिस कारण ज्वालामुखी का उद्गार होता है। इसका प्रमुख उदाहरण दक्षिण अमेरिकी महाद्वीपीय प्लेट के नीचे प्रशान्त महासागरीय प्लेट के क्षेपण करने से एण्डीज पर्वतमाला का निर्माण हुआ। इसी प्रकार मध्य महासागरीय कटक के द्वारा समुद्री नितल का निर्माण होता है।
9. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ जिनमें से एक अभिकथन
(A) है और दूसरा तर्क (R) है। निम्नलिखित कूटों से सही
उत्तर का चयन कीजिए।
अभिकथन (A) :
दो अलग-अलग घनत्व वाली वायु राशियों की सीमा को वाताग्र कहते हैं। तर्क (R) : घनत्व में अंतर तापमान और आर्द्रता में अंतर के कारण होता है।
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं‚ और (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) गलत है‚ लेकिन (R) सही है।
(d) (A) सही है‚ लेकिन (R) गलत है।
उत्तर-(b) : सामान्य रूप से वाताग्र वह ढलुआ सीमा होती है जिसके सहारे दो विपरीत स्वभाव वाली हवाएँ मिलती है। जब अभिसरण करने वाली हवाओं के बीच विस्तृत संक्रमणीय प्रदेश रह जाता है तो उसे वाताग्र प्रदेश कहते है।
10. निम्नलिखित में से कौन सी पवन हैडले सेल के क्षेत्र में आती है?
(a) मानसून पवनें (b) व्यापारिक पवनें
(c) पछुवा पवनें (d) ध्रुवीय पवनें
उत्तर-(b) : उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र (00-50) से हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती है‚ पुन: (300-350) अक्षाशों पर वायुमण्डलीय दाब के अधिक होने पर उतरती है जिससे वायुमण्डल में एक वायु परिसंचरण का निर्माण होता है जिसे हेडली कोशिका कहते है
11. निम्नलिखित में से उस स्थिति में कौन सा सही है‚ जब दाब प्रवणता बल और कोरिओलिस बल उत्पन्न हवा प्रवाह पर समान रूप से प्रभाव डालते हैं?
(a) विक्षेपी बल (b) भू-विक्षेपी बल
(c) घर्षण बल (d) गुरुत्व बल
उत्तर-(b) 186 व्याख्या : भू-विक्षेपी बल‚ दाब प्रवणता बल और कोरियोलिस बल उत्पन्न हवा प्रवाह पर समान रूप से प्रवाह डालते है।
12. तापमान में रुद्धोष्म परिवर्तन शब्द से तात्पर्य है
(a) वर्षण के बाद तापमान में गिरावट
(b) सम्पीडन और विस्तार के माध्यम से आरोही या अवरोही वायु का तापन और शीतलन
(c) आरोही पवन का तापन
(d) अवरोही पवन का शीतलन
उत्तर-(b) : क्षोभमण्डल में ताप की मात्रा पर वायुमण्डलीय घनत्व‚ आयतन का विस्तार अथवा संकुचन इत्यादि कारकों का भी प्रभाव पड़ता है। जब इन कारकों से अथवा इनके प्रभाव में बिना किसी वाह्य दोत से प्राप्त किये अथवा निर्गत किये वायुमण्डलीय ताप में परिवर्तन होता है। तब इस परिवर्तन की रुद्रोष्म परिवर्तन कहते है।
13. शहरी क्षेत्रों में रात में होने वाले न्यून स्तर पर तापमान विलोमीकरण के क्या प्रभाव होते हैं?
a. प्रदूषकों के जमाव से भारी धुंध हो जाती है।
b. मौसम सुहावना हो जाता है।
c. अपसामान्य रूप से पवन चलती है।
d. अपसामान्य रूप से पवन स्थिर हो जाती है। निम्नलिखित कूटों को उपयोग करते हुए अपने उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:
(a) a और c (b) b और c
(c) a और d (d) b और d
उत्तर-(c) : सामान्य परिस्थितियों में ऊँचाई के साथ तापमान घटता है। साधारण परिस्थितियों में 165 मीटर की ऊचाई पर 10 सेल्सियस तापमान कम होता है जिसे सामान्य तापहास दर कहते है परन्तु कुछ परिस्थितियों में ऊँचाई के साथ तापमान घटने के स्थान पर बढ़ता है ऊँचाई के साथ तापमान के बढ़ने को तापमान का विलोमीकरण कहते है। स्पष्ट है कि तापमान के विलोमीकरण की स्थिति में धरातल के समीप ठण्डी वायु तथा ऊपर की ओर गर्म वायु होती है। धरातल के बिल्कुल साथ लगने वाली वायु ठण्डी उसके ऊपर की वायु गर्म तथा सबसे ऊपर फिर ठण्डी वायु होती है। तापमान विलोमीकरण के फलस्वरूप प्रदूषकों के जमाव से भारी धुंध हो जाती है।
14. वर्षण से संबंधित ‘हिम क्रिस्टल सिद्धांत’ निम्नलिखित में से किसने प्रतिपादित किया था?
(a) बोवेन (b) म्यूर
(c) पेटरसन (d) बर्जरन
उत्तर-(d) : अस्थिर मेघ में हिमांक के नीचे तापमान होने पर जल की बूदें तथा हिमकण साथ-साथ होते है। वायु की सापेक्षिक आर्द्रता जल सतह की अपेक्षा हिम सतह पर अधिक होती है। जब तापमान 00 सेग्रे. से नीचे चला जाता है तो वायुमण्डलीय वाष्प दाब जल सतह की अपेक्षा हिम सतह पर तेजी से घटता है जिस कारण संतृप्त वाष्प दाब हिमतल की अपेक्षा जल तल पर अधिक हो जाता है इस स्थिति में जल बूदों का वाष्पीकरण हो जाता है और हिमकण के चारो ओर संग्रहीत हो जाता है‚ शनै-शैन हिमकण बढ़ते जाते हैं‚ जब ये हिमकण बड़े आकार के हो जाते हैं वर्षण का रूप ले लेता है।
15. भारतीय तट के निम्नलिखित भागों में से कौन सा तट ऐसा संयुक्त तट है‚ जो अधोगामी और उद्गामी दोनों के प्रमाण प्रदर्शित करता है?
(a) उड़ीसा तट (b) मालाबार तट
(c) कोंकण तट (d) कोरोमंडल तट
उत्तर-(b) : मालाबार तट अधोगामी और उद्गामी दोनों के प्रमाण प्रदर्शित करता है। मंगलौर से कन्याकुमारी तक के मैदान को मालाबार का मैदान कहते है। मालाबार तट पश्चिमी तट पर स्थित 500 किमी. लम्बा है। यह तट अधिक कटा फटा है। जिसके कारण यहाँ पर मुम्बई‚ मर्मामोआ‚ मंगलौर तथा कोच्चि जैसे बन्दरगाह स्थित हैं। इसके तट पर बालू के अनेक टीले तथा लैगून मिलते है। जो कि अधोगामी और उद्गामी प्रमाण प्रदर्शित करते है। कोच्चि‚ बन्दरगाह एक लैगून पर स्थित है तथा केरल में अधिक लैगून का पाया जाना इसका प्रमाण है।
16. डार्विन का धसाव सिद्धांत किससे संबंधित है?
(a) समुद्री सोपान (b) प्रवाल भित्तियां
(c) अपरदन चक्र (d) ज्वार भाटा
उत्तर-(b) : 1867 ई. में चार्ल्स डार्विन ने प्रवाल भित्तिओ से सम्बन्धित अवतलन सिद्धान्त प्रस्तुत किया। सिद्धान्त के अनुसार पहले अनुतटीय प्रवाल भित्ति का निर्माण उपयुक्त भौगोलिक दशा में होता है तत्पश्चात सागर तल में अवतलन के कारण भित्ति का आधार भी निमग्न हो जाता है।
17. फियॉर्ड तट रेखा निम्नलिखित के कारण निर्मित होती है
(a) भूपृष्ठीय अपरदित तट का अधोगमन
(b) हिमनदित तट का अधोगमन
(c) नदीय निक्षेप
(d) समुद्री अपरदन
उत्तर-(b) : उच्च अक्षांशों में जलमग्न हिमानीकृत घाटियों को फियॉर्ड कहते है। फियॉर्ड एक प्रकार का तट होता है जिसका विकास यद्यपि दोनों गोलार्द्धो में होता है परन्तु यह प्रमुख रूप से न्यूजीलैण्ड‚ चिली‚ अलास्का‚ ब्रिटिश कोलम्बिया‚ नार्वे में अधिकता से मिलता है। 187
18. सूनामी निम्नलिखित के कारण पैदा होते हैं
(a) ज्वारभाटा
(b) चक्रवात
(c) अंत:समुद्री भूकंप
(d) पृथ्वी के पटल का सिकुड़ना
उत्तर-(c) : सुनामी अन्त:सागरीय भूकम्प के कारण पैदा होते है।
19. निम्नलिखित तलछट निक्षेप में से कौन सा समुद्र के तल के सबसे बड़े प्रतिशत भाग को ढक देता है?
(a) स्थलजात (b) ब्रह्मांडिकीय
(c) जीवोत्पति (d) उद्जनयुक्त
उत्तर-(a) : स्थलजात निक्षेप समुद्र के तल के सबसे बड़े प्रतिशत भाग को ढक देता है। धरातलीय भाग पर अपक्षय की क्रिया के कारण चट्टानों में विघटन तथा वियोजन होता है‚ जिस कारण चट्टाने बारीक से लेकर बड़े-बड़े टुकड़ों में टूटकर बिखर जाती है इन्हें भूमिज पदार्थ कहते है। अपरदन के कारण इन पदार्थो का परिवहन करके इन्हे महासागरों में जमा करना प्रारम्भ कर देते हैं।
20. पारिस्थितिकी शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया?
(a) टिस्ले (b) टेलर
(c) डि मार्टोनी (d) जीन्स बुन्हेस
उत्तर-(a) : पारिस्थितिकी वह विज्ञान है जिसके अन्तर्गत समस्त जीवों तथा भौतिक पर्यावरण के मध्य अन्तर्सम्बन्धों एवं विभिन्न जीवों के मध्य पारस्परिक अन्तर्सम्बन्धों का अध्ययन किया जाता है।
21. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से उत्तर दीजिए:
सूची-I सूची-II
a. भुज भूकंप i. 2002
b. रिओ-विश्व शिखर ii. 5 जून सम्मेलन
c. विश्व पर्यावरण दिवस iii. 2012
d. सैंडी तूफान iv. 2001
कूट :
a b c d a b c d
(a) iv i ii iii (b) i iv iii ii
(c) ii i iv iii (d) iii ii i iv
उत्तर-(a) : सूची-I सूची-II भुज भूकम्प 2001 रिओ-विश्व शिखर सम्मेलन 2002 विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून सैंडी तूफान 2012
22. निम्नलिखित में से किस वर्ष क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए?
(a) 1987 (b) 1997
(c) 1990 (d) 1985
उत्तर-(b) : 1997 में क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर हुआ था। इस तरह सन्धि में शामिल 37 विकसित देशों से सामूहिक रूप से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को 1990 के स्तर पर लाने के लिए 2008 से 2012 तक 5.2 कटौती करने का प्रावधान है।
23. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ जिनमें से एक अभिकथन
(A) और दूसरा तर्क (R) है :
अभिकथन (A) :
व्यावहारिक भूगोल अब रचनात्मकता या संक्रमणता के ज्ञानशाध्Eा के काफी नजदीक आ रहा है‚ जैसा कि नव-कांटियन दर्शनशाध्Eाी और मनोवैज्ञानिकों ने प्रतिपादित किया है। तर्क (R) : व्हाइट‚ किर्क‚ गोल्ड और केट्स जैसे भूगोलविदों ने भूगोल के व्यावहारिक आंदोलन के लिए विशिष्ट योगदान दिया है। नीचे दिए कूटों से अपने उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:
(a) (A) सही है‚ लेकिन (R) गलत है।
(b) (A) गलत है‚ लेकिन (R) सही हैं।
(c) (A) और (R) दोनों सही है और (R) (A) की सही व्याख्या है।
(d) (A) और (R) दोनों सही है और (R) (A) की सही व्याख्या नहीं है।
उत्तर-(c) : व्यवहारिक भूगोल अब रचनात्मकता या संक्रमणता के ज्ञानशास्त्र के काफी नजदीक आ रहा है‚ जैसा कि नव-कांटियन दर्शनशाध्Eाी और मनोवैज्ञानिकों ने प्रस्तावित किया है। इस व्यावहारिक भूगोल के विकास में महती योगदान व्हाइट‚ किर्क‚ गोल्ड‚ एवं कोट्स ने दिया। इस प्रकार कथन एवं कारण दोनों सत्य है एवं कारण कथन की सही व्याख्या भी कर रहा है।
24. सूची-I से सूची-II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I सूची-II
(अमरीकी (योगदान) भूगोलविद)
a. कार्ल साउर i. प्राइमेट सिटी का नियम
b. एच. एच. बारोज ii. अपरदन चक्र
c. डब्ल्यू. एम. डेविस iii. मानव पारिस्थितिकी के रूप में भूगोल
d. एम. जैफरसन iv. भूदृश्य की आकारिकी 188
कूट:
a b c d a b c d
(a) ii iii iv i (b) iv iii ii i
(c) iv iii i ii (d) iii iv i ii
उत्तर-(b) : सूची-I सूची-II कार्ल साउर भूदृश्य की आकारिकी
एच. एच. बारोज मानव पारिस्थितिकी के रूप में भूगोल डब्ल्यू. एम. डेविस अपरदन चक्र
एम. जैफरसन प्राइमेट सिटी का नियम
25. ‘एन इंट्रोडक्शन टु द अप्लीकेशन ऑफ ज्योग्राफी टु हिस्ट्री’ और ‘ज्योग्राफिकल डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ मैनकाइंड’ कार्य हैं
(a) विडाल डी ला ब्लाश (b) कार्ल रिट्टर
(c) एल्फ्रेड हेटनर (d) फ्रेड्रिक रेटजल
उत्तर-(d) : ‘एन इंट्रोडवशन टू द एप्लीकेशन आफ ज्योग्राफी टू हिस्ट्री’ और ‘ज्योग्राफिकल डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ मैनकाइंड’ फ्रेडरिक रेटजेल का कार्य है। विडाल डि ला ब्लाश सम्भववाद के प्रवर्तक थे।
26. 20वीं शताब्दी के प्रथम चौथाई को जर्मन भूगोल का स्वर्ण युग माना जाता है। निम्नलिखित में से कौन इस काल के महान नेता हैं?
i. ए. पेंक ii. एच. लौटेनसक
iii. सी. रिट्टर iv. ए. हेटनर
(a) i और iii सही हैं। (b) iii और iv सही है।
(c) i और iv सही है। (d) i, ii और iii सही हैं।
उत्तर-(c) : जर्मन भूगोल के स्वर्ण काल से सम्बन्धित भूगोलवेत्ता हैं। ए.पेंक तथा ए. हेटनर हैं। जर्मन भूगोलवेत्ता हेटनर ने भूगोल को क्षेत्र विवरण विज्ञान रूप में परिभाषित किया। इनकी प्रमुख पुस्तकें निम्न है यूरोप ज्यूग्राफी इट्स हिस्ट्री करेक्टर एण्ड मेथड जनरल ज्योग्राफी
27. निम्नलिखित में से किसने भूगोल का वर्गीकरण विज्ञान में किया है?
(a) बेर्नहार्ड वेरेनियस (b) फिलिप क्लूवीरियस
(c) एमैन्युअल कान्ट (d) सेबेस्टियन मुन्सटर
उत्तर-(c) : इमैन्युअल काण्ट ने भूगोल का वर्गीकरण विज्ञान में किया। काण्ट ने वैज्ञानिक भूगोल को दार्शनिक आधार प्रदान किया। काण्ट का काल ‘आधुनिक भौगोलिक विचार का चिरसम्मत काल’ (Classical Period ) के नाम से जाना जाता है।
28. निम्नलिखित में से कौन सा कथन रेट्जल के ‘लेवेन्सरम’ की संकल्पना के संबंध में सही हैं?
i. यह भौगोलिक क्षेत्र है‚ जिसमें जीव विकसित होते हैं।
ii. यह लोगों के संलग्न निवास क्षेत्र से बाहर लोगों की आर्थिक और सांस्कृतिक क्रियाकलाप है।
iii. इसमें स्थानिक संगठन और इसके भौतिक प्रतिवेश के रूप में मानव और समाज के बीच के संबंधों पर चर्चा की जाती है।
iv. यह भू-राजनीति के बारे में बताता है और राज्य के दृष्टिकोण से स्थान की व्याख्या करता है।
(a) i, ii और iii सही हैं। (b) ii और iii सही है।
(c) ii, iii और iv सही है। (d) i और iii सही हैं।
उत्तर-(d) : रेटजेल ने राज्य के जैविक उत्पत्ति का सिद्धान्त भी दिया जिसमे उन्होंने राज्य की तुलना जीव से की है।
29. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ जिनमें से एक अभिकथन
(A) है और दूसरा तर्क (R) है।
अभिकथन (A) :
मानववादी भूगोल‚ भूगोल में प्रत्यक्षवाद और मात्रात्मकता को अस्वीकार करता है। तर्क (R) : मानवतावादी भूगोल‚ स्थान‚ स्थल और भूदृश्य के निर्माण में मानव एजेंसी और उसकी रचनात्मकता की भूमिका पर बल देता है। नीचे दिए गए कूटों में से अपने उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं‚ लेकिन (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है‚ लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ लेकिन (R) सही है।
उत्तर-(a) : प्रत्यक्षवाद तथा मात्रात्मक क्रान्ति के फलस्वरूप भूगोल के गणितीय आँकड़ों का अधिकाधिक प्रयोग होने लगा‚ जिसके फलस्वरूप मानवीय पक्षों की अवहेलना होने लगी। इसके फलस्वरूप ‘मानववादी भूगोल’ का उदय हुआ।
30. निम्नलिखित में से कौन सा भूगोल के विकास में अरब भूगोलवेताओं का सही कालक्रम है?
(a) अल-बरूनी‚ अल-इदरिसी‚ इब्न बतूता‚ इब्न खालदून
(b) अल-इदरिसी‚ इब्न खालदून‚ अल मसूदी‚ अल-बरूनी 189
(c) इब्न खालदून‚ अल मसूदी‚ अल-बरूनी‚ अल-इदरिसी
(d) अल-मसूदी‚ इब्न बतूता‚ इब्न खालदून‚ अल-बरूनी
उत्तर-(a) : भूगोल के विकास में अरब भूगोलवेत्ताओं का सही अनुक्रम है-
अलबरूनी ↓अल-इदरिसी ↓इब्न बतूता ↓इब्न खालदून अलबरूनी के प्रमुख ग्रन्थ इस प्रकार हैकिताब-
अल-हिन्द अल- कानून अल मसूदी दी पेस्टीज आफ द पास्ट अथर अल बखियॉ तारीखुल-हिन्द अल-इदरिसी ने 1154 ई. में एक पुस्तक लिखी जिसका शीर्षक था उसके लिए मनोरंजन जो विश्व भ्रमण की इच्छा रखता है‚ इब्न बतूता की पुस्तक ‘रेहला’ है इब्न खालदून की महत्वपूर्ण कृति ‘मुकद्दीमाह’ थी।
31. भारत में निम्नलिखित मापदंडों में से कौन सा शहर की परिभाषा में हाल के दशकों में अलग-अलग जनगणनाओं में अलग-अलग लागू किया गया है?
(a) जनसंख्या का घनत्व (b) कुल जनसंख्या
(c) प्रशासनिक स्थिति (d) कार्यरत जनसंख्या
उत्तर-(d) : मापदण्ड को भारत में ‘कार्यरत जनसंख्या’ शहर की परिभाषा में हाल के दशकों में अलग-अलग जनगणनाओं मे अलग-अलग लागू किया गया है।
32. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I सूची-II
(सिद्धांत) (लेखक)
a. स्थानिक अखंडता i. जी. मर्डाल का सिद्धांत
b. नवोन्मेषी प्रसार ii. ए. जी. फ्रेंक का सिद्धांत
c. आश्रितता का सिद्धांत iii. जॉन फ्रीडमैन
d. वृत्ताकार और iv. टी. हेगरस्ट्रेंड संचयी कारणत्व का सिद्धांत
कूट:
a b c d a b c d
(a) ii i iii iv (b) i ii iv iii
(c) iii iv ii i (d) iv iii i ii
उत्तर-(c) : सूची-I सूची-II स्थानिक अखण्डता का – जॉन फ्रीडमैन सिद्धान्त नवोन्मेषी प्रसार का सिद्धांत – टी. हेगरस्ट्रेंड आश्रितता का सिद्धांत – ए. जी. फ्रेंक वृत्ताकार और संचयी कारणत्व – जी. मिर्डाल का सिद्धांत
33. ‘इन्फोर्मेशनल सिटी’ शब्दावली बनाई है
(a) डेविड हार्वे (b) रिचर्ड पीट
(c) एडवर्ड सोजा (d) मैन्यूएल कास्टेलस
उत्तर-(d) : ‘इन्फोर्मेशनल सिटी’ शब्दावली मैन्यूएल कास्टेलस ने दी डेविड हार्वे मात्रात्मक क्रान्ति के समर्थक थे।
34. निम्नलिखित में से कौन सा मॉडल मानवीय पारिस्थितिकी अध्ययन पर आधारित है?
(a) हेगरस्ट्रेंड का नवोन्मेषी प्रसार मॉडल
(b) वेबर का अवस्थिति मॉडल
(c) जेलिंस्की का सचलता संक्रमण मॉडल
(d) बर्गेस और पार्क का सकेंन्द्री मंडल मॉडल
उत्तर-(d) : बर्गेस और पार्क का संक्रेन्दी मॉडल सिद्धान्त मानव पारिस्थितिकी अध्ययन पर आधारित है। नगरों के संरचना और विकास के सिद्धान्त के रूप में सर्वप्रथम शिकागो के समाजशाध्Eाी बर्गेस ने 1920 के दशक में प्रस्तुत किया। बर्गेस ने इस मॉडल ने बताया कि किसी नगर का विस्तार केन्द्र से बाहर की ओर आरीय रूप होता है जिसमें संकेन्द्रीय कटिबन्धों की शृंखला बन जाती है।
35. ‘समय-स्थल सम्पीडन’ एक स्थानिक संकल्पना दी है
(a) डोरीन मैस्सी (b) डेविड हार्वे
(c) डेनियल बेल (d) एडवर्ड सोजा
उत्तर-(b) : ‘समय-स्थल संपीडन’ स्थानिक संकल्पना 1989 में भूगोलवेत्ता‚ ‘डेविड हार्वे’ ने दी। यह संकल्पना समय और स्थल के बीच सम्बन्ध को दर्शाती है। डेविड हार्वे की प्रमुख पुस्तकें हैं-
1.एक्सपेलेनेशन इन जिओग्राफी 2.सोशल जस्टिस एण्ड स्पेशियल सिस्टम 3.सोशल जस्टिस एण्ड सिटी 190
36. नीचे दो कथन दिए गए हैं‚ जिनमें से एक अभिकथन
(A) और दूसरा तर्क (R) है। निम्नलिखित कूटों से अपने
उत्तर का चयन कीजिए।
अभिकथन (A) :
प्रतियोगिता मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था में समय के साथ प्रादेशिकता कम होने की प्रवृत्ति पाई जाती है। तर्क (R) : उत्पादन के कारक एक स्थान से दूसरे स्थान पर संचलन करते हैं ताकि उनकी प्राप्ति की दर अधिक से अधिक हो सके।
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R) सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं‚ लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है‚ लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ लेकिन (R) सही है।
उत्तर-(a) : प्रतियोगिता मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था में समय के साथ प्रादेशिकता कम होने की प्रवृत्ति पायी जाती है। उत्पादन के कारक एक स्थान से दूसरे स्थान पर संचलन करते हैं ताकि उनकी प्राप्ति की दर अधिक से अधिक हो सके। इस तरह कथन एवं तर्क दोनों सत्य है एवं तर्क कथन का सही स्पष्टीकरण है।
37. जब उच्च आय समूह आकर्षक आंतरिक नगर क्षेत्रों में पुराने घरों में पुन: बस जाते है और उनका जीर्णोद्धार करते हैं‚ तो यह प्रक्रिया कहलाती है
(a) फिल्टरिंग (b) भद्रलोकीकरण
(c) आवास पुनर्विकास (d) आवासीय प्रोन्नयन
उत्तर-(b) : जब उच्च आय समूह आकर्षक आन्तरिक नगर क्षेत्रों में पुराने घरों में पुन: बस जाते है और उनका जीर्णोद्धार करते है तो यह प्रक्रिया ‘भद्रलोकीकरण’ कहलाती है।
38. कारकीय पारिस्थितिकी एक विधि है‚ जो सामान्यत:
निम्नलिखित का विश्लेषण करने के लिए उपयोग में लाई जाती है
(a) शहरी सामाजिक-स्थानिक संरचना
(b) भू-आकृतिक क्षेत्र
(c) कृषि-जलवायु क्षेत्र
(d) (B) और (C) का संमिश्रण
उत्तर-(a) : कारकीय पारिस्थितिकी एक विधि है जो सामान्यत:
शहरी सामाजिक-स्थानिक संरचना का विश्लेषण करने के लिए उपयोग में लायी जाती है।
39. निम्नलिखित में से मानव की खानाबदोशी की प्रतिक्रिया कौन सी है?
(a) व्यापक क्षेत्रों में फैले व्यापक संसाधन
(b) छोटे क्षेत्र में व्यापक संसाधनों की अवस्थिति
(c) व्यापक क्षेत्र में सीमित संसाधनों का फैलाव
(d) छोटे क्षेत्र में सीमित संसाधनों का संकेंद्रण
उत्तर-(c) : मानव की खानाबदोशी की प्रतिक्रिया है व्यापक क्षेत्र में सीमित संसाधनों का पैâेलाव।
40. वॉन थ्यूनेन मॉडल के अनुसार निम्नलिखित आरेख में प्रदर्शित पांच फसलों ‘a’, ‘b’, ‘c’, ‘d’ और ‘e’ के भूमि लगान तथा दूरी के संबंधों को दर्शाया गया है। इसमें से फसल ‘c’ का प्रतिस्थानी कौन सा है?

(a) a – d (b) d – e
(c) a – b (d) b – d
उत्तर-(a) : उपरोक्त चित्र में फसल ‘C’ का प्रतिस्थानी (a) और (d) होगा।
41. दिए गए मानचित्र में एक वृहद लोहा और इस्पात संयंत्र को अवस्थित करने के लिए सबसे उपयुक्त स्थल निम्नलिखित के रूप में चिह्नित होगा।


(a) a (b) d
(c) b (d) c
उत्तर-(b) 191 व्याख्या : दिये गये मानचित्र में एक वृहद लोहा और इस्पात संयन्त्र को अवस्थित करने के लिए सबसे उपयुक्त स्थल D होगा क्योंकि इस स्थल के समीप कोयले की आपूर्ति और नदी जल दोत उपलब्ध है। कोयले की आपूर्ति के कारण कच्चे माल का परिवहन व्यय भी नहीं लगेगा।
42. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और नीचे दिए
कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए:
– उत्तरी अंध महासागरीय मार्ग पर चलने वाले जहाज विशुद्ध‚ वृहद वृत्त मार्ग से दक्षिण की ओर चलने के लिए निम्नलिखित के कारण विवश होते है:
1. लेब्रेडोर की ठंडी जल धारा और खाड़ी की गरम धारा के संपर्क से उत्पन्न कोहरे के कारण
2. वर्ष की कुछ ऋतुओं में लेब्रेडोर की ठंडी धारा द्वारा लाए गए हिमशैल के कारण
3. उत्तर की ओर से चलने वाली सशक्त ध्रुवीय बर्फीली पवनों के कारण
4. उत्तर पूर्वी उत्तरी अमरीका के प्रक्षेपी भूखंड और खाड़ी की गरम जल धारा की विद्यमानता के कारण
कूट :
(a) 1और 2 सही हैं। (b) 1‚ 2 और 3 सही है।
(c) 1 और 3 सही है। (d) सभी सही हैं।
उत्तर-(a) : लेब्रोडोर की ठण्डी जल धारा और खाड़ी की गर्म जल धारा के सम्पर्क से उत्पन्न कोहरे के कारण तथा वर्षा की कुछ ऋतुओं में लेब्रोडोर की ठण्डी धारा द्वारा लाए गये हिमशैल के कारण उत्तरी अन्ध महासागरीय मार्ग पर चलने वाले जहाज विशुद्ध वृत्त मार्ग से दक्षिण की ओर चलने के लिए विवश होते है।
43. पाइपलाइन परिवहन का लाभ कौन सा नहीं है?
(a) पाइपलाइन को दुष्कर भूभाग और साथ ही साथ जल के अन्दर भी बिछाया जा सकता है।
(b) पाइपलाइनें नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करती है।
(c) पाइपलाइनों के प्रचालन के कार्य में बहुत कम ऊर्जा लगती है।
(d) रिसाव (या टपकन) को ढूंढ निकालना बहुत आसान होता है और क्षति होने पर‚ पाइपलाइनों की आसानी से और शीघ्रता से मरम्मत की जा सकती है।
उत्तर-(d) : पाइपलाइन परिवहन के निम्नलिखित दोष है-
(1) भूमिगत पाइपलाइनों में रिसाव का पता लगाने तथा उसकी मरम्मत करने में अत्यधिक कठिनाई का अनुभव होता है और यह महगी विधि भी है।
(2) पाइप लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था करना भी कठिन कार्य है।
(3) एक बार निर्माण के बाद इसकी क्षमता को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता है।
(4) पाइपलाइन परिवहन में लोच का अभाव होता है इसे निश्चित स्थानों के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है।
44. उत्पाद के अन्तिम संयोजन के लिये वैयक्तिक अवयव विनिर्मित करने वाले उद्योगों को कहते हैं
(a) सहायक उद्योग (b) छोटे पैमाने के उद्योग
(c) अनुषंगी उद्योग (d) कुटीर उद्योग
उत्तर-(c) : उत्पाद के अन्तिम संयोजन के लिए वैयक्तिक अवयव विनिमित करने वाले उद्योगों को अनुषंगी उद्योग कहते है।
45. नीचे दिये चित्र में दर्शाये परिवहन नेटवर्क में किस अवस्थिति की अधिकतम अभिगम्यता है?

(a) a (b) b
(c) c (d) d
उत्तर-(a) : चित्र में दिये गये परिवहन नेटवर्क के लिए A अवस्थिति की अधिकतम अभिगम्यता है क्योंकि A नेटवर्क के मध्य में स्थित है और यहाँ चारों दिशाओं में परिवहन नेटवर्क गतिशील है। अभिगम्यता से तात्पर्य उस स्थान से होता है जहाँ आसानी से व सुविधापूर्वक पहुँचा जा सके।
46. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A) :
जनजातीय धर्म‚ जिसमें प्राकृतिक वस्तुओं को प्रेत तथा राक्षस माना जाता है उसे प्राय: जीववाद के नाम से चरित्रांकित किया जाता है।
कारण (R) : एकपक्षीय धारणाओं और प्रथाओं का पारिस्थितिकीय आधार के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध पाया जाता है। 192
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सत्य है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं‚ परन्तु (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है‚ परन्तु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है‚ परन्तु (R) सत्य है।
उत्तर-(a) : जनजातीय समूहों का आधुनिक समाज के साथ मेल जोल नहीं हो पाता जिस कारण वे पुरानी रूढ़िवादी पद्धति का ही अनुसरण करते है क्योंकि उनमें शिक्षा का अभाव पाया जाता है।
47. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) का नाम और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है:
अभिकथन (A) :
विश्व में भाषाओं के क्रमिक विकास तथा नस्लों के बीच व्यापक भिन्नताएँ हैं।
कारण (R) : भौगोलिक पार्थक्य (या अलगाव) कई प्रकार की भाषाओं और नस्लों (स्पीसीज) के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सत्य है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं‚ परन्तु (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है‚ परन्तु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है‚ परन्तु (R) सत्य है।
उत्तर-(a) : विश्व में कई प्रकार के जाति‚ धर्म के लोग निवास करते है प्रत्येक जाति‚ धर्म के लोगों की अपनी-अपनी भाषा होती है औरे वे उसे ही प्राथमिकता देते है। जिस कारण विश्व में भाषाओं के क्रमिक विकास तथा नस्लों के बीच व्यापक भिन्नताएँ पायी जाती है।
48. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) का नाम और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है:
अभिकथन (A) : देश और काल से सम्बन्धित संस्कृति के प्रसार में भाषा मुख्य भूमिका अदा करती है।
कारण (R) : भूगोलवेत्ता भिन्न संस्कृतियों की पहचान के संकेत के रूप में प्राय: भाषा का उपयोग करते हैं।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सत्य है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं‚ परन्तु (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है‚ परन्तु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है‚ परन्तु (R) सत्य है।
उत्तर-(b) : देश और काल से सम्बन्धित संस्कृति के प्रसार में भाषा मुख्य भूमिका अदा करती है। भूगोलवेत्ता भिन्न संस्कृतियों की पहचान के संकेत के रूप में प्राय: भाषा का उपयोग करते हैं। इस तरह कथन एवं कारण सत्य है लेकिन कारण कथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
49. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) का और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है। नीचे दिये कूटों से सही उत्तर का चयन करें:
अभिकथन (A) : मानव प्रजातियों का जैविक रूप से अस्तित्व नहीं होता है‚ फिर भी प्रजातियाँ सामाजिक रचनाओं के रूप में विद्यमान होती हैं।
कारण (R) : आज विश्व में प्रजातीय घृणा और पूर्वाग्रह सभी अति सर्वनिष्ठ है‚ जो कि‚ जो कुछ भी भिन्न है उससे विवेकहीन नफरत के फलस्वरूप उत्पन्न होते है।
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सत्य है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं‚ परन्तु (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है‚ परन्तु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है‚ परन्तु (R) सत्य है।
उत्तर-(a) : मानव प्रजातियों का जैविक रूप से अस्तित्व नहीं होता‚ फिर भी प्रजातियाँ सामाजिक रचनाओं के रूप में विद्यमान होती हैं। आज विश्व में प्रजातियाँ घृणा और पूर्वाग्र्ह सभी अति-सर्वनिष्ठ हैं जो कि कुछ भी भिन्न है उससे विवेकहीन नफरत के फलस्वरूप उत्पन्न होती हैं इस तरह कथन एवं कारण दोनों सत्य हैं एवं कारण कथन की सही व्याख्या भी कर रहा है।
50. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है:
अभिकथन (A) :
भारत बहु-धार्मिक तथा बहु-नृजातीय समाज है।
कारण (R) : भारत का संविधान सभी नागरिकों को वैयक्तिक तथा सामूहिक रूप से‚ धर्म‚ प्रजाति‚ जाति‚ लिंग या जन्म के स्थान के आधार पर भेदभाव के बगैर मौलिक अधिकार प्रदान करता है।
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सत्य है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं‚ परन्तु (R), (A) ्की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है‚ परन्तु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है‚ परन्तु (R) सत्य है।
उत्तर-(b) 193 व्याख्या : भारत में अनेक जाति‚ भाषा तथा धर्म के लोग निवास करते है‚ लेकिन एक बात जो विशिष्ट है वह यह है कि सभी सद्भावना पूर्वक रहते है। भारत में प्रत्येक वर्ग के लोगों को संविधान में समान अधिकार प्राप्त है। किसी वर्ग विशेष के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है।
51. ‘‘प्रजाति वैध जैविक प्रत्यय है……….. वैध सामाजिकसांस्वृ âतिक प्रत्यय नहीं’’ यह कथन किसका है?
(a) ए. एल. क्रोबर
(b) जे. बी. बर्डसेल
(c) विडाल डी ला ब्लाश
(d) ए. सी. हेडोन
उत्तर-(a) : ‘प्रजाति वैध जैविक प्रत्यय है‚ वैध सामाजिक सांस्कृतिक प्रत्यय नहीं’ यह कथन ए. एल. क्रोबर का है।
52. लोक वित्त के भूगोल को सिर्फ ऐसे ही परिभाषित किया जा सकता है कि ‘कोई क्या‚ कहाँ‚ किस लागत पर प्राप्त करता है’’‚ किस भूगोलवेत्ता ने यह कथन कहा?
(a) आर. जे. शोरले (b) रिचर्ड पीट
(c) अलेस्टर बोनेट (d) आर. जे. बैनेट
उत्तर-(d) : लोक वित्त के भूगोल की सिर्फ ऐसे ही परिभाषित किया जा सकता है कि ‘‘कोई क्या‚ कहाँ‚ किस लागत पर प्राप्त करता है।’’ यह कथन आर. जे. बैनेट का है।
53. अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहायता समृद्ध देशों से संसाधन हस्तान्तरण के कारण गरीब देशों की सहायता करती है परन्तु
1. विश्व को दाता तथा प्रापक (या अदाता) में विभाजित करती है।
2. दाता देशों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और सत्ता सम्बन्धों में ज्यादा शक्तिशाली बनाती है।
3. प्रापक देशों को ऐसे आर्थिक सुधार करने को बाध्य करती है जो लोगों की स्थिति को बद्दतर कर सकती है।
4. प्रापक देशों को दाता देशों की वस्तुएं खरीदने को विवश करती है।
(a) 1 और 4 सही है।
(b) 1‚ 2 और 3 सही हैं।
(c) 3 और 4 सही हैं।
(d) सभी सही है।
उत्तर-(d) : गरीब देशों की सहायता के सम्बन्ध में उपरोक्त सभी कथन सत्य हैं।
54. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए कूटों से सही उत्तर का चयन करें:
सूची-I सूची-II
i. दीर्घकालिक नियोजन a. सूचनात्मक नियोजन
ii. सार्वजनिक क्षेत्र b. स्थानिक/स्थाननियोजन विशेष नियोजन
iii. निजी क्षेत्र नियोजन c. आदेशक नियोजन
iv. नगरीय नियोजन d. परिप्रेक्ष्य नियोजन
कूट:
a b c d a b c d
(a) iii iv ii i (b) ii iv i iii
(c) ii iv iii i (d) iv iii ii i
उत्तर-(d) :
सूची-I सूची-II
i. दीर्घकालिक नियोजन a. परिप्रेक्ष्य नियोजन
ii. सार्वजनिक क्षेत्र b. आदेशक नियोजन नियोजन
iii. निजी क्षेत्र नियोजन c. स्थानिक/स्थान-विशेष नियोजन
iv. नगरीय नियोजन d. सूचनात्मक नियोजन
55. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है:
अभिकथन (A) : क्षेत्र‚ वास्तव में‚ समयोपरि बदलते जरूर है; वे स्थानिक घटकों के बदलते अंत:सम्बन्ध की प्रतिक्रिया में बदलते हैं।
कारण (R) : नियोजित मध्यस्थता‚ सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों की रूपरेखा के अन्दर द्रुत गतिमात्रा सिद्ध होती है। नीचे दिये कूटों से सही उत्तर का चयन करें:
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं‚ परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है‚ परन्तु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है‚ परन्तु (R) सही है।
उत्तर-(a) : क्षेत्र‚ वास्तव में समयोपरि बदलते जरूर है‚ वे स्थानिक घटकों के बदलते अन्त: सम्बन्ध की प्रतिक्रिया में बदले हैं। यह कथन पूर्णत: सत्य है तथा कारण‚ कथन की व्याख्या भी कर रहा है।
56. बी.जे.एल. बेरी द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रकार्यात्मक क्षेत्रीकरण पर अपने क्लासिक अध्ययन में किस तकनीक को अपनाया गया था?
(a) मिश्रित सूचकांक पद्धति (b) गुच्छ विश्लेषण
(c) प्रतिश्रयण विश्लेषण (d) बहु कारक विश्लेषण
उत्तर-(d) 194 व्याख्या : बी. जे. एल. बेरी द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रकार्यात्मक क्षेत्रीकरण पर अपने क्लासिक अध्ययन में ‘बहु कारक विश्लेषण तकनीक’ को अपनाया गया था।
57. निम्नलिखित में से कौन से पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य नहीं है?
i. कृषि वानिकी ii. बड़े पैमाने के उद्योग
iii. पारिस्थितिक परिरक्षण iv. बड़ी सिंचाई परियोजनाएं
(a) i और ii सही है। (b) ii और iii सही है।
(c) ii और iv सही है। (d) iii और iv सही हैं।
उत्तर-(c) : पूर्वोत्तर राज्यों के पहाड़ी प्रदेश के समन्वित विकास के लिए केन्द्र सरकार ने 1971 के संसदीय अधिनियम द्वारा पूर्वोत्तर परिषद का गठन किया। पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य निम्न हैवृ âषि वानिकी पारिस्थितिक परिरक्षण बिजली का उत्पादन एवं इसका संचरण सड़कों का निर्माण पशुपालन मत्स्य ग्रहण बड़े पैमाने के उद्योग पहाड़ी क्षेत्रों में सुविधापूर्वक लगाये नहीं जा सकते और धरातलीय विषमता के कारण बड़ी सिंचाई परियोजनाओं का विकास भी सम्भव नही है।
58. निम्नलिखित में से किसने विकास ध्रुव अवधारणा को भौगोलिक जगह पर अनुप्रयुक्त किया जिस कारण से विकास ध्रुवों को विकास केन्द्र कहा जाने लगा?
(a) फ्रीडमैन (b) पेरू
(c) फ्रैंक (d) बोडेविले
उत्तर-(d) : विकास ध्रुव की संकल्पना फ्रांस के विख्यात अर्थशाध्Eाी फ्रांसिस पेराक्स ने 1955 में प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विकास सर्वव्यापी नहीं होता बल्कि यह कुछ ध्रुवों‚ केन्द्रो एवं बिन्दुओं पर होता है। जिन्हें क्रमश: वृद्धि धु्रव‚ वृद्धि केन्द्र तथा वृद्धि बिन्दु कहते है। सन् 1966 में वोडेविले ने अपनी पुस्तक ‘Planing of Regional Economic Planing’ में फ्रान्सिस की विकास ध्रुव संकल्पना का विस्तृत रूप प्रस्तुत किया। बोडेविले ने विकास ध्रुव अवधारणा को भौगोलिक जगह पर अनुप्रयुक्त किया‚ जिस कारण से विकास ध्रुव को विकास केन्द्र कहा जाने लगा। जान फ्रीडमैन ने 1987 में एक पुस्तक प्रकाशित की जिसका शीर्षक था- Planing in the Public Domain
59. किस पंचवर्षीय योजना में‚ नियोजन प्रक्रिया के एक मुख्य उद्देश्य के रूप में संतुलित क्षेत्रीय विकास पर बल दिया गया था और जो योजना के दस्तावेज में पूरा एक अध्याय था?
(a) द्वितीय योजना (b) तृतीय योजना
(c) चौथी योजना (d) पांचवी योजना
उत्तर-(b) : तृतीय पंचवर्षीय योजना में‚ नियोजन प्रक्रिया के एक मुख्य उद्देश्य के रूप में संतुलित क्षेत्रीय विकास पर बल दिया गया था और जो योजना के दस्तावेज में पूरा एक अध्याय था।
60. प्राचीन भूगोल में‚ क्षेत्र की अवधारणा सर्वप्रथम किसने प्रतिपादित की?
(a) होमर (b) हेरोडोटस
(c) स्ट्राबो (d) टॉलेमी
उत्तर-(c) : प्राचीन भूगोल में‚ क्षेत्र की अवधारणा को सर्वप्रथम स्ट्रेबो ने प्रतिपादित किया। स्ट्रेबो ने ज्योग्राफिया नामक पुस्तक लिखी जो 17 खण्डो में प्रकाशित है।
61. नगर क्षेत्र उदाहरण है
(a) औपचारिक क्षेत्र (b) प्रकार्यात्मक क्षेत्र
(c) संहति (कॉम्पेज) क्षेत्र (d) तदर्थ क्षेत्र
उत्तर-(c) : नगर क्षेत्र प्रकार्यात्मक क्षेत्र का उदाहरण है। नगर का विकास ही विभिन्न प्रकार की क्रियाओं के जमघट के फलस्वरूप होता है। अपने प्रकार्यात्मक स्वरूप के कारण ही नगर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है।
62. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है:
अभिकथन (A) :
यथोचित दुरुस्त जिला योजना बनाने का कार्य राज्यों में अधिक आगे नहीं बढ़ा है।
कारण (R) : जिला स्तर पर‚ नियोजन सम्बन्धी कार्यो से जुड़ी विभिन्न एजेन्सियों के बीच प्रभावपूर्ण समन्वय का अभाव है। उपर्युक्त दो कथनों के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा
कूट सही है?
कूट :
(a) (A) सही है‚ परन्तु (R) गलत है।
(b) (A) गलत है‚ परन्तु (R) सही है।
(c) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(d) (A) और (R) दोनों सही है‚ परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
उत्तर-(c) : यथोचित दुरुस्त जिला बनाने का कार्य राज्यो में आगे नही बढ़ा है क्योंकि एक तो जिला स्तर पर नियोजित कार्यक्रमो का अभाव पाया जाता है और जो कार्यक्रम बनते भी है उनका उचित ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पाता है। 195
63. भारत के किस द्वीप का उदगम ज्वालामुखीय है?
(a) कार-निकोबार (b) बैरन
(c) उत्तरी-अंडमान (d) लिट्टल-निकोबार
उत्तर-(b) : अण्डमान द्वीप की राजधानी पोर्टब्लेयर के उत्तर में स्थित बैरन तथा नारकोंडम द्वीप ज्वालामुखीय है। बैरन एक सक्रिय ज्वालामुखीय द्वीप है।
64. निम्नलिखित में से कौन सी पहाड़ी अनैमुड़ी गांठ के साथ नहीं जुड़ती?
(a) इलामलाई पहाड़ियाँ
(b) पालनी पहाड़ियाँ
(c) अनेयमलाई पहाड़ियाँ
(d) कुद्रेमुख पहाड़ियाँ
उत्तर-(d) : प्रश्नगत सभी पहाड़ियाँ दक्षिणी भारत की है। पश्चिम में स्थित पठारी भाग का कगार पश्चिमी घाट कहलाता है। पश्चिमी घाट के दक्षिण में कई पहाड़ियाँ स्थित है जिनमें नीलगिरि‚ अनामलाई‚ इलामलाई‚ वालनी पहाड़ियों में स्थित अनाईमुदी शिखर दक्षिणी भारत का सबसे उâँचा शिखर है जिसकी ऊँचाई 2695 मीटर है। इलामलाई पालनी और अन्नामलाई पहाड़ियाँ अनाईमुदी गाँठ के साथ जुड़ती हैं जबकि कुद्रेमुख (कर्नाटक) पहाड़ी कर्नाटक राज्य के चिकमंगलूर जिले में स्थित है। कुद्रेमुख पहाड़ियों में अत्यधिक खनिज भण्डार पाये जाते है।
65. निम्नलिखित में से क्या भारत में नीली क्रान्ति से सम्बन्धित है?
(a) बागवानी (b) पुष्पकृषि
(c) मत्स्य पालन (d) रेशम उत्पादन
उत्तर-(c) : नीली क्रान्ति मत्स्य पालन से सम्बन्धित है। रेशम उत्पादन को सेरीकल्चर कहते है पुष्प कृषि को फ्लोरीकल्चर कहते है। बागवानी कृषि को हॉर्टीकल्चर कहते है
66. लौह एवं इस्पात संयंत्रों के निम्नलिखित समूहों में से कौन सा छोटा नागपुर क्षेत्र के बाहर अवस्थित है?
(a) भिलाई‚ बोकारो‚ राउरकेला
(b) जमशेदपुर‚ बोकारो‚ दुर्गापुर
(c) भिलाई‚ सलेम‚ भद्रावती
(d) सेलम‚ भद्रावती‚ जमशेदपुर
उत्तर-(c) : भिलाई‚ सलेम‚ भद्रावती लौह एवं इस्पात संयन्त्र में छोटा नागपुर क्षेत्र के बाहर स्थित है। भिलाई इस्पात संयन्त्र छत्तीसगढ़ में पूर्व सोवियत संघ द्वारा स्थापित है। इस इस्पात संयंत्र को राजहरा की खानों से हेमेटाइट अयस्क की प्राप्ति होती है। कोरबा तथा कारगली से कोकिंक कोयले की प्राप्ति होती है तथा मैंगनीज बालाघाट से प्राप्त होता है। कोरबा ताप विद्युत गृह से विद्युत इसे की प्राप्ति होती है। सलेम इस्पात संयन्त्र तमिलनाडु के सलेम जिले में स्थापित है। इस इस्पात संयन्त्र को जावाद्री तथा शिवराय की पहाडियों से लौह अयस्क की प्राप्ति होती है तथा नेवेली से विद्युत शक्ति की प्राप्ति होती है।
67. R.F.1/2500 के मानचित्र को ढ़ाई गुना बड़ा किया जाता है‚ विस्तारित मानचित्र की मापनी क्या होगी?
(a) 1/6250 (b) 1/1000
(c) 1/10000 (d) 1/12500
उत्तर-(b)
68. जनसंख्या घनत्व को प्राय: निम्नलिखित के द्वारा दर्शाया जाता है।
(a) सममान रेखा विधि (b) वर्णमात्री विधि
(c) कोरोक्रोमैटिक विधि (d) डेसिमीट्रिक विधि
उत्तर-(b) : जनसंख्या घनत्व को वर्णमात्री विधि द्वारा दर्शाया जाता है। वर्णमात्री मानचित्र में भिन्न-भिन्न घनत्व वाली छायाओं के द्वारा किसी वस्तु की प्रति इकाई क्षेत्र औसत संख्या या प्रतिशत मूल्य जैसे जनसंख्या का प्रतिवर्ग किमी. घनत्व‚ कृष्ट भूमि का प्रतिशत‚ विभिन्न राज्यों में प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय अथवा किसी फसल का भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर उत्पादन आदि प्रदर्शित किया जाता है।
69. यदि अधिवास वितरण का Rn = 2.14 है तो उसका पैटर्न क्या होता है?
(a) पूर्ण गुच्छ (b) आंशिक रूप से गुच्छ
(c) यादृच्छिक (d) पूर्ण समरूप
उत्तर-(d) : यदि अधिवास वितरण का Rn = 2.14 है तो उसका पैटर्न पूर्ण समरूप होता है। 196
70. यदि इकतीस की कक्षा में अजय का क्रम सत्तरहवाँ है तो अन्तिम से उसका क्रम क्या होगा?
(a) 13 (b) 14
(c) 15 (d) 16
उत्तर-(c) : T = m – n -1 T = 31 31 = 17 – n -1 m = 17 31 = 16 – n n = ?
n = 15
71. नीचे दो कथन दिये गये हैं‚ एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) का नाम दिया गया है।
अभिकथन (A) : निष्क्रिय दूर संवेदी प्रणालियों के पास ऊर्जा का अपना दोत होता है।
कारण (R) : सक्रिय दूर संवेदी प्रणालियाँ सौर ऊर्जा पर निर्भर करती है। उपर्युक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कूट सही है?
कूट :
(a) (A) सही है‚ परन्तु (R) गलत है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं‚ परन्तु (R) (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) और (R) दोनों सही है और (R) (A) की सही व्याख्या है।
(d) (A) और (R) दोनों गलत हैं।
उत्तर-(d) : उपरोक्त कथन दोनों गलत है। अत: उत्तर (d) होगा।
72. टेलीविजन में दिखाई जाने वाली उपग्रह इमेज/छाया स्पष्ट रूप से चित्रित करती है
(a) तापमान तथा वर्षा को
(b) दाब तथा वायु को
(c) मेघ तथा हिम आवरण को
(d) आर्द्रता और कोहरे को
उत्तर-(c) : टेलीविजन में दिखाई जाने वाली उपग्रह इमेज/छाया स्पष्ट रूप से मेघ तथा हिमआवरण को चित्रित करती है।
73. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित करें और नीचे दिये कूटों से सही उत्तर का चयन करें। सूची-I सूची-II
(उपग्रह) (ऊंचाई‚ कि.मी. में)
a. लैण्ड सैट V i. 832
b. आई.आर.एस ii. 705
c. स्पॉट iii. 904
(एस.पी.ओ.टी)
d. आई.के.ओ.एन. iv. 681 ओ.एस.
कूट:
a b c d a b c d
(a) ii iv i iii (b) ii iii i iv
(c) iv ii iii i (d) iv i iii ii
उत्तर-(b) : उपग्रह उâँचाई किमी. में लैण्ड सेट V 705
आई. आर. एस. 904 स्पॉट (एस.पी.ओ.टी) 832
आई. के. ओ. एन. ओ. एस. 681
74. निम्नलिखित में से कौन सी विशेषताएँ जी. आई. एस.
को अन्य प्रणालियों से अलग करती है?
(a) मानचित्र बनाना और सामान्यीकृत आऊटपुट
(b) स्थानिक तथा अस्थानिक आंकड़ों को सम्बन्धित करना
(c) मानचित्र का अभिकल्पन और रूपरेखा
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर-(b) : स्थानिक तथा अस्थानिक आँकड़ों को सम्बन्धित करना
जी. आई. एस. को अन्य प्रणालियों से अलग करती है।
75. शीर्षाभिमुख सूचकांक‚ जो मानव प्रजातियों को वर्गीकृत करने के लिये होता है‚ किस रूप में परिकलित किया जाता है?
(a) नासिका की लम्बाई और चौड़ाई के बीच अनुपात
(b) मानव के सिर की लंबाई और शरीर के वजन के बीच अनुपात
(c) सिर या शीर्ष के चपटेपन और लम्बाई के बीच अनुपात
(d) सिर की चौड़ाई तथा लम्बाई के बीच अनुपात
उत्तर-(d) : मानव की प्राकृतिक रचना में शीर्षाभिमुख सूचकांक सबसे अधिक स्थायी रहने वाला लक्षण है और शरीर के अंगों में परिवर्तन होने पर भी यह सबसे कम परिवर्तित होता है। सिर की लम्बाई तथा चौड़ाई के अनुपात को शीर्षाभिमुख सूचकांक कहते है। शीर्षाभिमुख सूचकांक ज्ञात करने के लिए चौड़ाई को लम्बाई से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है। अत: शीर्षाभिमुख सूचकांक • सिर की चौड़ाई 100 सिर की लम्बाई

Top
error: Content is protected !!