You are here
Home > Previous Papers > GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2013 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 0019.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2013 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल 0019.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ जून- 2013 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल

1. निम्नलिखित में से कौन-सा हिमजलीय निक्षेपण का भूरूप नही है?
(a) एस्कर (हिमनद मृद कटक) (b) ड्रमलिन
(c) केम (d) हार्न
उत्तर (d) : हार्न हिमजलीय निक्षेपण का भूरुप नहीं है। हार्न हिमजलीय अपरदनात्मक प्रक्रिया का भूरुप है। जब किसी पहाड़ी के पार्श्वों पर पर कई सर्क बन जाते हैं तथा जब निरन्तर अपघर्षण द्वारा ये पीछे हटते जाते हैं तो उनके मिल जाने पर एक पिरामिड के आकार की चोटी का निर्माण हो जाता है। इस तरह की नुकीली चोटी की हार्न या गिरिशृंग कहते हैं। स्विट्जरलैण्ड में आल्पस पर्वत पर स्थित ‘मैटर हार्न’ इसका प्रमुख उदाहरण है।
2. अत्यंत नूतन हिम युग के हिमनदीय कालों के निम्नलिखित व्यवस्थाओं में से किसका सही कालानुक्रमिक क्रम है?
(a) वुर्म – मिंडेल – गुंज – रिस
(b) रिस – मिंडेल – वुर्म – गुंज
(c) मिंडेल – वुर्म – गुंज – मिंडेल
(d) गुंज – मिंडेल – रिस – वुर्म
उत्तर (d) : अत्यन्त नूतन हिमयुग के हिमनदीय कालों की व्यवस्थाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम है-:
गुंज→मिडेल→रिस→वुर्म
3. भू-अभिनति को चारों ओर से घेरने वाले दृढ़ भूखंड को कोबर द्वारा क्या नाम दिया गया है?
(a) ओरोजेन
(b) क्रैटोजेन
(c) प्राइमारम्फ
(d) अंत: पर्वतीय भूखंड (स्विशेनगिबर्गे)
उत्तर (b) : प्रसिद्ध जर्मन विद्वान ‘कोबर’ ने वलित पर्वतों की उत्पत्ति की व्याख्या के लिए भू-सन्नति सिद्धांत का प्रतिपादन किया। वास्तव में उनका प्रमुख उद्देश्य प्राचीन दृढ़ भूखण्डों तथा भूसन्नतियाँ में सम्बन्ध स्थापित करना था। इनका सिद्धांत संकुचन शक्ति पर आधारित था। पृथ्वी से संकुचन होने से उत्पन्न बल से अग्र देशों में गति उत्पन्न होती है जिससे प्रेरित होकर सम्पीडनात्मक बल के कारण भूसन्नति का मलवा वलित होकर पर्वत का रूप धारण करता है। जिन्हें ‘वलित पर्वत’ कहा जाता है।
4. अभिकथन (A) : हवाई द्वीपों पर ज्वालामुखी उद्गार निस्सरण (अपेक्षाकृत शान्त) प्रकार के हैं।
कारण (R) : कम सान्द्र (श्यान) लावा का उद्गार शान्त होता है।
(a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(b) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
(c) A सही हैं‚ परन्त्ुा R असत्य है
(d) A असत्य है‚ परन्तु R सही है
उत्तर (a) : हवाई द्वीपों पर शान्त प्रकार के ज्वालामुखी का उद्गार पाया जाता है क्योंकि इनके लावा में सिलिका की मात्रा निम्नतम होती है। इनके उद्गार से गैसों को मिश्रण नहीं होता है तथा लावा पतला होता है। प्रशान्त महासागर में हवाई द्वीपों का उद्भेदन इसी प्रकार का होता है। हवाई द्वीपों पर होने वाले ज्वालामुखी को हवाई तुल्य ज्वालामुखी की संज्ञा दी जाती है। हवाई तुल्य ज्वालामुखी का लावा पतला होता है जिस कारण गैसों की तीव्रता में कमी होती है। इस कारण गैसें धीरे से लावा से अलग होकर भू-पटल पर प्रकट हो जाती हैं। निकलने वाले विखण्डित पदार्थ नगण्य होते हैं। उद्गार के समय लावा के छोटे-छोटे लाल पिण्ड गैसों के साथ उछाल दिये जाते हैं। जब वायु द्वारा लाल पिण्ड रोक लिये जाते हैं‚ तो लगता है कि आकाश में लावा‚ कैशों की तरह उड़ रहे हैं।
5. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए− सूची-I सूचाी-II
(नदी) (डेल्टा का प्रकार)
A. मिसीसिपी 1. चापाकार डेल्टा
B. गंगा 2. पक्षी पंजा डेल्टा
C. नर्मदा 3. परित्यक्त
D. पीली नदी (नदी का पुरान मार्ग) 4. ज्वारनदमुखी A B C D
(a) 1 2 4 3
(b) 2 1 3 4
(c) 2 1 4 3
(d) 4 2 1 3
उत्तर (c) : नदी डेल्टा का प्रकार मिसीसिपी पक्षी पंजा डेल्टा गंगा चापाकार डेल्टा नर्मदा ज्वारनदमुख पीली (नदी का पुराना मार्ग) परित्यक्त सर्क हार्न
6. टैगा वनों के बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य नहीं है?
(a) वन आच्छादन पर शंकुवृक्ष वृक्षों की प्रमुखता है
(b) वन तल काफी साफ होते हैं
(c) वृक्षों की वृद्धि बहुत तेज होती है
(d) वृक्षों की व्यास बहुधा 2 सेमी और 60 सेमी के बीच रहता है
उत्तर (c) : टैगा वन उत्तरी गोलार्द्ध में 50° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में स्थित है। इसका विस्तार उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में अलास्का से लेकर लेब्रेडोर तक तथा यूरेशिया में फिनलैण्ड से लेकर उत्तरी पूर्वी साइबेरिया तक पाया जाता है। टैगा वन शंक्वाकार होते हैं। ये सदैव हरे-भरे होते हैं। इनकी लकड़ी मुलायम होती है।
7. सतही महासागरीय धाराएँ अपनी ऊर्जा कहाँ से प्राप्त करती हैं?
(a) लवणता से (b) विवर्तन से
(c) पवन से (d) सुनामी से
उत्तर (c) : महासागरों में एक निश्चित दिशा में जल की बड़ी मात्रा में प्रवाहित होने के गतिशील स्वरूप को धाराएँ कहते हैं। धारा के अन्तर्गत जल का विस्थापन होता है। महासगरीय जल सतह के प्रवाह का प्रभावी कारण प्रवाही पवनें हैं। वायुमण्डल समुद्र जल स्तर पर ‘गुरुत्वाकर्षण बल’ के कारण एक निश्चित दाब एवं भार उत्पन्न करता है जब वायु गतिशील होती है (क्षैतिज) तब अपनी इसी स्थिति के कारण यह महासागरीय जल सतह पर घर्षण बल उत्पन्न करता है। पवन द्वारा इस प्रक्रिया में सतह के ऊपरी जल को गतिज ऊर्जा प्राप्त होती है। चूँकि महासागरीय जल की भौतिक अवस्था तरल है और इसके प्रत्येक जलीय अणु परस्पर संसजित होते हैं इसलिए वायु द्वारा प्राप्त गतिज ऊर्जा से जल के ऊपर स्थित परतों में गतिशील होने की प्रवृत्ति उत्पन्न हो जाती है।
8. विशेष रूप से अमावस्या और पूर्णमासी के समय के आसपास होने वाले उच्च और निम्न ज्वार क्या कहलाते हैं?
(a) वृहत ज्वार (b) लघुतम ज्वार
(c) महा ज्वार (d) अवपाती ज्वार
उत्तर (a) : विशेष रूप से अमावस्या और पूर्णमासी के समय के आसपास होने वाले उच्च और निम्न ज्वार को ‘वृहद ज्वार’ कहते हैं। सूर्य तथा चन्द्रमा की सापेक्ष स्थितियों में परिवर्तन होते रहते हैं। जब सूर्य पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक सरल रेखा में होते हैं तो इस स्थिति को युति-वियुति या सिजगी कहते हैं। इनमें से जब सूर्य‚ चन्द्रमा तथा पृथ्वी क्रम में एक सीध में होते हैं अर्थात् जब सूर्य तथा चन्द्रमा दोनों पृथ्वी के एक ओर होते हैं‚ तो उसे ‘युति’ कहते हैं‚ यह स्थिति सूर्य ग्रहण की होती है। जब सूर्य तथा चन्द्रमा के बीच पृथ्वी की स्थिति होती है‚ तो उसे ‘वियुति’ कहते हैं। यह स्थिति चन्द्र ग्रहण की होती है। ‘युति’ की स्थिति अमावस्या तथा ‘वियुति’ की स्थिति पूर्णमासी को होती है। इन दो स्थितियों में सूर्य‚ पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक सीधी रेखा में स्थित होने के कारण‚ चन्द्रमा तथा सूर्य का आकर्षण बल परस्पर साथ मिलकर कार्य करता है। जिस कारण ‘वृहद ज्वार’का अनुभव किया जाता है। इस ज्वार की ऊँचाई सामान्य ज्वार से 20% अधिक होती है।
9. अभिकथन (A) : उत्तरी ध्रुवीय पारिस्थतिकीय व्यवस्था में‚ यदि लाइकेन (काई) उत्पादन या तो क्षीण हो जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं‚ तो पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है क्योंकि सर्वभक्षी और मांसभक्षी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाइकेन पर निर्भर करते हैं।
कारण (R) :
उत्तरी ध्रुवीय पारिस्थितिकीय व्यवस्था की बहुत जटिल पोषण संरचना होती है।
(a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(b) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
(c) A सही हैं‚ परन्त्ुा R गलत है
(d) A गलत है‚ परन्तु R सही है
उत्तर-(b) : उपरोक्त कथन एवं कारण सही है लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है। ध्यातव्य है कि उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्रों में यद्यपि विलो‚ भुर्ज‚ झरवेरी आदि वनस्पतियाँ पायी जाती है फिर भी लाइकेन (काई) यहाँ महत्वपूर्ण वनस्पतियों के रूप में होती है। जो अन्य सभी जीव-जन्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुख्य आहार है।
10. वृष्टिमय उष्णकटिबन्धों के मूल पशु जीवन के बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य नहीं है?
(a) विविध तथा प्रचुर मात्रा मे कीट
(b) वृक्षीय जीव-जंतुओं की अल्पता
(c) अल्प चराई वाले और मांसाहारी पशुओं की अल्पता
(d) प्रचुर जलचर जीवन
उत्तर (c) : वृष्टिमय उष्णकटिबन्धों के मूल पशु जीवन में वृक्षीय जीव जन्तुओं की अधिकता पायी जाती है। इन वृष्टिमय उष्णकटिबन्धों में पादपों की सर्वाधिक प्रजातियाँ पायी जाती हैं। इन क्षेत्रों में पादपों की प्रजातियों के असंख्य प्रकार पाये जाते हैं। इन क्षेत्रों में वन के लम्बवत् स्तरीकरण ने विभिन्न स्तरों में रहने वाले प्राणियों के जीवन रूप को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है वनों के लम्बवत् स्तरीकरण के कारण अधिकांश जीव वृक्षवासी होते हैं।
11. कौन-सी वायुमंडलीय गैस सूर्य प्रकाश (धूप) में अधिकतम पराबैंगनी किरणें फिल्टर करती (छानती) हैं?
(a) आर्गन (b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) ओजोन (d) हीलियम
उत्तर (c) : ओजोन वायुमण्डलीय गैस सूर्य प्रकाश में अधिकतम पराबैंगनी किरणें फिल्टर करती है। ओजोन जीवन के सुरक्षा के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण गैसों में से एक है। यह आक्सीजन के 3 परमाणुओं के संयोग से निर्मित गैस है तथा सूर्य की UV किरणों के प्रति रासायनिक दृष्टि से अतिसंवेदनशील है। इसके कारण सूर्य से आने वाली UV किरणों को समतापमण्डल में यह अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है।
12. निम्नलिखित में से कौन उत्तरी गोलार्द्ध प्रति चक्रवात में धरातलीय वायु संचरण का अच्छा वर्णन करता है?
(a) अपसारी-दक्षिणावर्त
(b) अभिसारी-प्रति दक्षिणावर्त
(c) स्थिर
(d) आन्तरिक-दक्षिणावर्त
उत्तर (a) : प्रति चक्रवात उत्तरी गोलार्द्ध में धरातलीय अपसारी दक्षिणावर्त वायु संचरण का अच्छा वर्णन करता है। ध्यातव्य है कि
उत्तरी गोलार्द्ध में प्रतिचक्रवात की दिशा घड़ी की सूइयों के अनुकूल तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रतिकूल होती है।
13. किस प्रकार के वाताग्र की अतिप्रवण ढाल होती है?
(a) उष्ण वाताग्र (b) शीतल वाताग्र
(c) स्थिर वाताग्र (d) संरोधित वाताग्र
उत्तर (b) : तापमान‚ गति‚ दिशा‚ आद्रता‚ घनत्व आदि के सन्दर्भ में दो विपरीत गुणों वाली वायुराशियों के बीच ढलुआ सतह को सामान्य तौर पर वाताग्र कहते हैं। शीतल वाताग्र-जब ठण्डी तथा भारी वायु आक्रामक होती है तथा गर्म एवं हल्की वायु को ऊपर उठा देती है तो शीतल वाताग्र का निर्माण होता है। इसका ढाल 1: 25 से 1 : 100 होता है।
14. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(a) वाष्पीकरण : द्रव्य को गैस में बदलने की प्रक्रिया
(b) संघनन : गैस से द्रव्य में बदलने की अवस्था
(c) तत्व : ऐसा पदार्थ जो साधारण रासायनिक या भौतिक साधनों के द्वारा सरल पदार्थों में वियोजित नहीं किए जा सकते हैं।
(d) चालन : विविक्त पदार्थ के छोटे टुकड़े जो सतह का कार्य करते हैं जिन पर जल कण संघनित होते हैं।
उत्तर (d) : चालन– किसी भी वस्तु में पदार्थों के अणुओं द्वारा उष्मा के स्थानान्तरण एवं गमन को चालन कहते हैं। चालन की क्रिया के अन्तर्गत एक अणु स्पर्श द्वारा दूसरे अणु को उष्मा प्रदान करता है। चालन की प्रक्रिया द्वारा उष्मा प्रदान करता है। चालन की प्रक्रिया द्वारा उष्मा का गमन एवं स्थानान्तरण दो रूपों में होता है।
(1). एक ही वस्तु के एक भाग से दूसरे भाग में
(2). किसी एक वस्तु से उसके सम्पर्क में स्थित दूसरी वस्तु में चालन की प्रक्रिया तभी प्रभावी हो सकती है जबकि दो वस्तुओं के तापमान या एक ही वस्तु के विभिन्न भागों में तापमान समान न हो जाए। स्पष्ट है कि चालन की प्रक्रिया में उष्मा का गर्म वस्तु से अपेक्षाकृत ठण्डी वस्तु में अणुओं द्वारा गमन होता है।
15. निम्नलिखित में से किसने विश्व के जलवायु-
वर्गीकरण के आधार के रूप में वर्षण प्रभाविता और तापीय क्षमता का उपयोग किया है?
(a) ट्रिवार्था (b) थार्नथ्वेट
(c) कोपेन (d) केंडू
उत्तर (b) : अमेरिकी जलवायु विज्ञानी सी. डब्ल्यू. थार्नथ्वेट ने सर्वप्रथम अपना वर्गीकरण 1931 में प्रस्तुत किया तत्पश्चात् उसमें कुछ और परिमार्जन करके 1933 में उसे प्रस्तुत किया। पुन:
1948 में अपने वर्गीकरण का संशोधित रूप प्रस्तुत किया। कोपेन की ही भाँति थार्नथ्वेट ने भी यह स्वीकार किया कि वनस्पति जलवायु की सूचक होती है तथा वनस्पति पर वर्षा की मात्रा तथा तापमान का पर्याप्त प्रभाव होता है‚ परंतु वाष्पीकरण को भी ध्यान में रखा। इसी आधार पर उन्होंने वर्षण प्रभाविता तथा तापीय दक्षता को अपने जलवायु वर्गीकरण में पर्याप्त स्थान दिया।
16. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(a) स्ट्रैबो − ज्यॉग्राफी नामक 17 खंडों की कृति प्रकाशित की
(b) टॉलमी − अलमाजैस्ट या ज्यॉग्राफिक सिनटेक्सिस नामक प्रसिद्ध कृति प्रकाशित की
(c) हिपारचीज − लंबकोणीय तथा त्रिविम प्रक्षेप डिजाइन किए
(d) हिकैटियस − अक्षांओं और देशांशों का निर्धारण करने के लिए एस्ट्रोलेब नामक उपकरण का आविष्कार किया
उत्तर (d) : • अक्षांश एवं देशान्तर निश्चित करने के लिए हिप्पारकस ने एस्ट्रोलैब नामक उपकरण का अविष्कार किया था न कि हिकैटियस ने। एस्ट्रोलैब की सहायता से धु्रव तारे के कोण का अवलोकन कर समुद्रों में अक्षांशों का नापा जाना सम्भव हो सका। हिकैटियस की प्रमुख पुस्तक ‘जस पीरियोडस’ है।
17. निम्नलिखित में से किस भूगोवेत्ता ने सामान्य बनाम विशेष भूगोल के द्विभाजन की नींव रखी?
(a) वेर्नहार्ड वेरेनियस (b) इमैन्युअल कांट
(c) पीटर एपियन (d) सेबेस्टियन मुंस्टर
उत्तर (a) : • वर्नहार्ड वरेनियस की महत्वपूर्ण कृति ‘‘ज्योग्राफिया जेनेरलिस’’ है वरेनियस ने ज्योग्राफिया जेनेरलिस को दो भागों में विभाजित किया-
(1). जनरल ज्योग्राफी (सामान्य भूगोल)- इसमें भौतिक तत्वों का क्रमबद्ध अध्ययन किया गया है।
(2). स्पेशल ज्योग्राफी (विशिष्ट भूगोल)- इसमें पृथ्वी के प्रदेशों का अध्ययन किया गया। वरेनियस ने भूगोल में द्वैधता की नींव डाली।
18. टेलियोलॉजी (उद्देश्यवाद) की अवधारणा किसने प्रतिपादित की है?
(a) अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट ने
(b) कार्ल रिटर ने
(c) ऑस्कर पेशल ने
(d) विडाल डि ला ब्लॉश ने
उत्तर (b) : टेलियोलॉजी (उद्देश्यवाद) की अवधारणा कार्ल रिटर ने प्रतिपादित किया। कार्ल रिटर (1779-1869) को आधुनिक भौगोलिक विचारों का संस्थापक माना जाता है। रिटर ने व्यवस्थित और एक समान सृष्टि की कल्पना की थी। इस प्रकार उनकी पद्धति उद्देश्यवादी थी। रिटर की प्रसिद्ध पुस्तक ‘अर्डकुण्डे’ है। ‘अर्डकुण्डे’ में उन्होंने यूरोप में सभ्यता के उत्तर-पश्चिम की ओर संचलन के सिद्धांत को प्रस्तुत किया था। अलेक्जेण्डर वान हम्बोल्ट को आधुनिक भूगोल का संस्थापक माना जाता है। उनकी महत्वपूर्ण कृति ‘कॉसमास’ 1845 ई. में प्रकाशित हुई‚ जिसमें उनकी यात्राओं का विस्तृत वर्णन है।
19. निम्नलिखित भूगोलवेत्ताओं में से किसने जलवायु निश्चयतावाद पर विशेष रूप से बल दिया है?
(a) ग्रिफिथ टेलर (b) फ्रडरिक रेटजेल
(c) एज्सवर्थ हंटिंग्टन (d) एलेन चर्चिल सेंपल
उत्तर (c) : हटिंग्टन ने जलवायु निश्चयतावाद पर विशेष रूप से बल दिया है। एल्सवर्थ हटिंग्टन ने 29 पुस्तक लिखी जिनमें से प्रमुख इस प्रकार हैं-
(1). दि पल्स ऑफ एशिया
(2). पैलेस्टाइन एण्ड इट्स ट्रांसफारमेशन
(3). सभ्यता और जलवायु
(4). मानव भूगोल के सिद्धांत
(5). जलवायु परिवर्तन उसकी प्रकृति और कारण
(6). केरेक्टर ऑफ रेसेज
(7). आर्थिक और सामाजिक भूगोल
(8). मेनस्प्रिंगस ऑफ सिविलाइजेशन
20. ‘क्षेत्रीय विभेदन’ की अवधारणा को निम्नलिखित भी कहा जाता है−
(a) अपवादवाद (b) क्षेत्रीय अध्ययन
(c) क्रमबद्ध भूगोल (d) प्रादेशिकतावाद
उत्तर (b) : क्षेत्रीय विभेदन की अवधारणा को क्षेत्रीय अध्ययन भी कहा जाता है। हार्टशॉर्न ने भूगोल को परिभाषित करते समय बताया कि भूगोल पृथ्वी पर क्षेत्रीय भिन्नता का अध्ययन करता है। यह भिन्नता ऐसे तत्वों जैसे- जलवायु उच्चावच‚ मिट्टी‚ वनस्पति‚ जनसंख्या‚ भूमि उपयोग‚ उद्योग-धन्धे‚ राज्यों तथा कई तत्वों के समिश्र रूपों के गुण‚ क्रम अन्तरसम्बन्धों द्वारा व्यक्त होती है।
21. ग्रीक भूगोल के विकास में योगदानकर्त्ताओं का सही अनुक्रम कौन सा है?
(a) अनेक्सीमैंडर‚ हेरोडोटस‚ हिप्पारकस‚ इरेटोस्थनीज
(b) हेरोडोटस‚ इरेटोस्थनीज‚ हिप्पारकस‚ अनेक्सीमैंडर
(c) अनेक्सीमैंडर‚ इरेटोस्थनीज‚ हेराडोटस‚ हिप्पारकस
(d) अनेक्सीमैंडर‚ हेरोडोटस‚ इरेटोस्थनीज‚ हिप्पारकस
उत्तर (d) : ग्रीक भूगोल के विकास में योगदानकर्त्ताओं का सही अनुक्रम −अनेक्जीमेंडर‚ हेरोडोटस‚ इरेटोस्थनीज‚ हिप्पारकस • अनेक्जीमेण्डर‚ मिलेट्स नगर में थेल्स के शिष्य थे। उन्होंने नोमोन नामक यन्त्र का अविष्कार किया। एनेक्जीमेण्डर प्रथम व्यक्ति था जिसने विश्व का मानचित्र मापक पर बनाया। हेरोडोटस को इतिहास का पिता माना जाता है। इन्होंने विश्व को तीन महाद्वीपों में विभाजित किया था- यूरोप‚ एशिया तथा लीबिया
(अफ्रीका)। हेरोडोटस ने डेन्यूब नदी को विश्व की सबसे बड़ी नदी माना। सर्वप्रथम डेल्टा शब्द का प्रयोग इन्होंने किया। • इरेटोस्थनीज (276 ई. पू. − 194 ई. पू.) ने ‘‘ज्योग्राफिया’’ नामक ग्रन्थ की रचना की। इन्होंने सर्वप्रथम ‘ज्योग्राफिया’ नामक शब्द का प्रयोग किया। • हिप्पारकस ने एस्ट्रोलेब नामक यन्त्र का अविष्कार किया।
22. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए− सूची-I सूचाी-II
(विद्वान) (विशेषज्ञता का क्षेत्र)
A. ब्रायन बेरी 1. क्षेत्रीय भूगोल
B. कार्ल सॉवर 2. आमूल परिवर्तनवादी
C. डोर्रीन मासे 3. सामाजिक भूगोल
D. ओ.एच.के. स्वेट 4. नगरीय भूगोल A B C D
(a) 4 3 2 1
(b) 1 2 4 3
(c) 3 4 1 2
(d) 2 1 3 4
उत्तर (a) : विद्वान विशेषज्ञता का क्षे.
ब्रायन बेरी नगरीय भूगोल कार्ल सॉवर सामाजिक भूगोल डोट्रीन मासे आमूल परिवर्तनवादी भूगोल
ओ. एच. के. स्वेट क्षेत्रीय भूगोल
23. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
प्रस्तावक नगरीय संरचना से संबंधित सिद्धांत
(a) होमर हॉयट – क्षेत्र सिद्धांत
(b) सिनक्लेयर – संकेन्द्री सिद्धांत
(c) क्रिस्टॉलर – केन्द्र स्थल सिद्धांत
(d) हैरिस एवं उलमैन- बहु केन्द्रक सिद्धांत उलमैन
उत्तर (b) : • नगरों के संरचना और उसके विकास के सिद्धांत के रूप में सकेन्द्री सिद्धान्त की सर्वप्रथम संकल्पना शिकागो के समाजशाध्Eाीय बर्गेस ने 1920 ई. में प्रस्तुत की। बर्गेस का संकेन्द्रीय पेटी सिद्धांत का मूल आधार वॉन थुइनेन का कृषि अवस्थापन सिद्धांत था। बर्गेस ने अपने सिद्धांत में आन्तरिक से बाह्य क्षेत्र की ओर पाँच पेटियाँ का वर्णन किया जो निम्न है-
(i). केन्द्रीय व्यापार क्षेत्र
(ii). संक्रमणीय पेटी
(iii). स्वतंत्र कार्यशील व्यक्तियों के आवासों की पेटी
(iv). अच्छे आवासों की पेटी
(v). अधिगमनकर्त्ताओं की पेटी
24. अभिकथन (A) : क्रोड-उपान्त मॉडल में‚ क्रोड क्षेत्र का प्रभुत्व रहता है जबकि उपान्त निर्भर रहता है।
कारण (R) : यह निर्भरता क्रोड और उपान्त के बीच मुख्यत: उत्पादन तथा विनिमय के संबंधों के जरिए संरचित होती है।
(a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(b) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
(c) A सही हैं‚ परन्त्ुा R असत्य है
(d) A असत्य है‚ परन्तु R सही है
उत्तर (a) : कथन एवं कारण दोनों सही है एवं कारण कथन की सही व्याख्या भी कर रहा है। क्रोड-उपांत मॉडल में क्रोड क्षेत्र का प्रभुत्व रहता है जबकि उपान्त निर्भर रहता है और यह निर्भरता क्रोड और उपान्त के बीच मुख्यत: उत्पादन तथा विनिमय के सम्बन्धों के जरिये संरचित होता है।
25. नगरीयकरण की त्वरण अवस्था में नगरीय जनसंख्या−
(a) राज्य की कुल जनसंख्या का 70% से ज्यादा होती है
(b) 25% से 75% होती है
(c) 10% से 25% होती है
(d) 10% से कम होती है।
उत्तर (c) : नगरीयकरण की त्वरण अवस्था में नगरीय जनसंख्या 10% से 25% होती है। जनगणना 2011 के ऑकड़ों के अनुसार 2001-2011 के दौरान भारत की दशकीय वृद्धि 17.7% है जिसमें ग्रामीण वृद्धि दर 12.3% तथा नगरीय 31.8% है। ग्रामीण जनसंख्या में सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर मेघालय (27.2%) की तथा नगरीय जनसंख्या में सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर दमन एवं द्वीव (218.8%) की रही है।
26. विकासशील देशों में आप्रवास के कारण कुछ भागों में जनसंख्या का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे भागों की विशेषता होती है−
(a) निम्न निर्वाह व्यय
(b) अधिक अनुकूल जलवायु
(c) रोजगार के अधिक अवसर
(d) पहुँच
उत्तर (a) : विकासशील देशों में आप्रवास के कारण कुछ भागों में जनसंख्या का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे भागों की विशेषता होती हैनिम्न निर्वाह व्यय।
27. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए− सूची-I सूची-II
A. लैटिफंडिया 1. यूरोप
B. रैंचेज 2. एंग्लो अमेरिका
C. फजेंडास 3. लैटिन अमेरिका
D. प्लांटेशंस 4. एशिया A B C D
(a) 1 3 4 2
(b) 2 3 4 1
(c) 1 2 3 4
(d) 4 3 1 2
उत्तर (c) : सूची-I सूची-II लैटिफंडिया यूरोप रैंचेज एग्लों अमेरिका फजेंडारन लैटिन अमेरिका प्लांटेशंस एशिया
28. जलवायु के प्रमुख प्रभाव के कारण विशेषीकृत मृदा को निम्नलिखित के रूप में जाना जाता है−
(a) सुस्तरी मृदा (b) अंतसुस्तरी मृदा
(c) अंत:सुस्तरी मृदा (d) असुस्तरी मृदा
उत्तर (a) : जलवायु के प्रमुख प्रभाव के कारण विशेषीकृत मृदा को सुस्तरी मृदा के रूप में जाना जाता है।
29. निम्नलिखित में से कौन-सा विश्व की कृषि का ह्विटलसी के वर्गीकरण के अति महत्वपूर्ण आधारों में से एक है?
(a) कृषि का प्रकार्यात्मक रूप
(b) जलवायु घटकों का वितरण
(c) पशु चारण क्रियाकलापों के रूप
(d) प्रमुख फसलों और वाणिज्यिक महत्व के पशुओं का क्षेत्रीय वितरण
उत्तर (a) : विश्व की कृषि का हीटलसी के वर्गीकरण के अति महत्वपूर्ण आधारों में से एक − कृषि का प्रकार्यात्मक रूप है। हीटलसी ने कृषि प्रदेशों के निर्धारण में निम्न तत्वों को आधार माना है-
(i). फसल तथा पशुओं का संयोजन
(ii). फसलों के उत्पादन तथा पशुपालन की विधियाँ
(iii). कृषि भूमि में श्रम‚ पूँजी‚संगठन आदि के विनियोग की मात्रा।
(iv). उत्पादित पदार्थों के उपयोग का ढंग
(v). कृषि कार्य के लिए यन्त्रों‚ उपकरणों तथा आवागमन के साधनों आदि का प्रयोग। • सर्वप्रथम 1936 ई. में डी. हीटलसी महोदय ने विश्व के कृषि प्रदेशों का सीमांकन किया था। इन्होंने विश्व को 13 कृषि प्रदेशों में विभाजित किया है।
30. निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले कृषि उत्पादकता के कोटि क्रमिक गुणांक विधि का उपयोग किया है?
(a) एल.डी. स्टैंप (b) मोहम्मद शफी
(c) एम.जी. केंडाल (d) जी. एनयेदी
उत्तर (c) : कोटि क्रमिक गुणांक विधि प्रति हेक्टेअर कृषि उपज के ऑकड़ों पर आधारित है। इस विधि को एम.जी. कैंडाल ने 1939 में विकसित किया था। कैंडाल ने इंग्लैण्ड की 48 कांउटियों की 10 महत्वपूर्ण फसलों के चार वर्ष के ऑकड़ों का प्रयोग करके कोटि गुणांक का मापन किया।
31. गिब्स-मार्टिन सूचकांक का उपयोग निम्नलिखित के मापन के लिए किया जाता है−
(a) फसल विशेषीकरण (b) फसल विविधिकरण
(c) फसल संकेंद्रण (d) फसल संयोजन
उत्तर (b)
32. मंगोलायड प्रजातियों में अधिकांश प्रमुख रक्त समूह है−
(a) ए (b) बी
(c) ए बी (d) ओ
उत्तर (b) : मंगोलायड प्रजातियों में अधिकांश ‘बी’ रक्त समूह पाया जाता है। मंगोलायड प्रजाति को एशियाई-अमेरिका प्रजाति के नाम से भी जाना जाता है। ग्रिफिथ टेलर के अनुसार यह सबसे नवीन तथा बाद की अल्पाइन प्रजाति है‚ जो इतिहास के आरम्भिक काल में एशिया के विशाल केन्द्रीय भाग में रहती थी। बाद में यह पश्चिम में तुर्किस्तान और पूर्व में महाद्वीपीय तटों तक फैल गयी। मंगोलायड प्रजाति के अन्तर्गत संपूर्ण मानव जाति का एक तिहाई से अधिक
(लगभग 51%) भाग सम्मिलित है। जिनमें से लगभग आधे लोग चीन में हैं। मंगोलायड प्रजाति के प्रतिनिधि अधिकांशत: एशिया के
उत्तरी मध्यवर्ती‚ पूर्वी क्षेत्रों में पाये जाते हैं। दोनों अमेरिकाओं तथा आस्ट्रेलिया में भी इसके अल्प प्रतिनिधि मिलते हैं। इनकी त्वचा का रंग पीले से भूरा होता है।
33. अभिकथन (A) : ‘समाज सूचक आंदोलन’ संयुक्त राज्य अमेरिका (यू.एस.ए.) में 1960 के दशक में तेजी से बढ़ा।
कारण (R) : अमेरिका समाज में विविध सामाजिक समस्याओं के पैदा होने से बढ़ा।
(a) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
(b) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(c) A सही हैं‚ परन्त्ुा R गलत है
(d) A गलत है‚ परन्तु R सही है
उत्तर (b) : अमेरिकी समाज में बहुत सारी समस्याओं के पैदा हो जाने के कारण 1960 के दशक में ‘समाज सूचक आन्दोलन’ बहुत तेजी से बढ़ा। इस आन्दोलन से समाज सुधार का व्यापक कार्यक्रम चलाया गया। इस तरह कथन और कारण दोनों सही है और कारण कथन की सही व्याख्या भी कर रहा है।
34. निम्नलिखित में से कौन-सी उप-प्रजाति काकेसॉयड प्रजाति से संबंधित नहीं है?
(a) एस्कीमो (b) सेल्टिक
(c) नोर्डिक (d) ईस्ट बाल्टिक
उत्तर (a) : काकेशायड प्रजाति को यूरोपीय महाप्रजाति के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति का मूल निवास क्षेत्र यूरोप दक्षिण एवं दक्षिण पश्चिम एशिया तथा उत्तरी अफ्रीका है। नयी दुनिया
(अमेरिका) की खोज के बाद इस प्रजाति के लोग उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका और बाद में आस्ट्रेलिया में फैल गए। काकेशायड प्रजाति का रंग हल्के गुलाबी से भूरे रंग का होता है। प्रमुख काकेशायड प्रजातियाँ निम्न हैं- पूर्वी बाल्टिक प्रजाति दिनारिक प्रजाति‚ पोलीनेशियन‚ नार्डिक‚ अल्पाइन‚ सेल्टिक आदि।
35. ‘‘क्षेत्र अच्छे सेवक लेकिन बुरे स्वामी होते हैं’’ यह कथन किस विद्वान का है?
(a) सी.सी. कार्टर
(b) ए.जे. हर्बर्टसन
(c) ओ.एच.के. स्पेट
(d) विडाल डि ला ब्लांश
उत्तर (a) : प्रश्नगत कथन सी. सी. कार्टर का है। एन्ड्रपू जॉन हरबर्टसन की प्रमुख कृतियाँ निम्न हैं
(1) मानव तथा उसके कार्य
(2) मानव भूगोल का परिचय
(3) सीनियर ज्योग्राफी हरबर्टसन ने सर्वप्रथम विश्व के प्राकृतिक प्रदेशों का सीमांकन किया। इन्होंने विश्व को 15 प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया।
36. परिवहन लाइनों या सिंचाई वाहिकाओं के साथ-साथ विकसित क्षेत्रों को कहा जाता है−
(a) परिवहन क्षेत्र (b) अक्षीय क्षेत्र
(c) नदी-घाटी क्षेत्र (d) संक्रमण क्षेत्र
उत्तर (b) : परिवहन लाइनों या सिंचाई वाहिकाओं के साथ-साथ विकसित क्षेत्र को अक्षीय क्षेत्र कहा जाता है।
37. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) प्रदेश किसी सूक्ष्मक्रम में धरातलीय लक्षणों को सुव्यवस्थित करने हेतु प्रतिपादित की गयी मस्तिष्कजन्य संकल्पनाएँ हैं
(b) प्रदेश परिमित अथवा अपरिमित त्रिआयामी भूसीमाओं के पार विस्तारित होते हैं
(c) प्रादेशिक संकल्पना धरातल पर समानताओं तथा विषमताओं का बोध कराने का साधन है
(d) प्रदेश में किसी न किसी प्रकार की एकरूपता पायी जाती है‚ जो उसे आसपास के क्षेत्रों में भिन्नता प्रदान करती है
उत्तर (b) : ध्यातव्य है कि प्रदेश एक क्षेत्रीय विस्तार वाला क्षेत्रीय इकाई है‚ जिसमें विभिन्न तत्वों के मध्य एकरुपता एवं अर्न्तसम्बन्ध पाया जाता है। भौतिक‚ सामाजिक आर्थिक‚ सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक गुणों एवं स्वरूपों के आधार पर एक प्रदेश को दूसरे प्रदेश से अलग किया जाता है। इस तरह प्रदेश परिमिति और अपरिमिति त्रिआयामी भूसीमाओं के पार विस्तारित होता है यह कथन असत्य है।
38. प्रादेशिक नियोजन के निम्नलिखित उद्देश्य में से कौन अत्यधिक महत्वपूर्ण है?
(a) निवास्यता-संवर्धन और समुदाय निर्माण
(b) वन संरक्षण
(c) जनसंख्या वितरण का युक्तीकरण
(d) श्रेष्ठ क्षेत्रीय गतिशीलता प्रणाली
उत्तर (a) : प्रादेशिक नियोजन में निवास्यता संवर्धन और समुदाय निर्माण अधिक महत्वपूर्ण है। ध्यातव्य है कि मानव सभ्यता के विकास के साथ सांस्कृतिक प्रदेश भी प्रादेशिक भिन्नता के साथ-साथ विकसित होते गये। अन्तत: विकास की प्रक्रियाओं को अपने के क्रम में खंडीय नियोजन के साथ ही प्रदेश आधारित नियोजन की प्रक्रिया तीव्र होती गयी जिसका प्रमुख उद्देश्य विकास में समन्वय एवं प्रादेशिक संतुलन बनाये रखना है।
39. प्रदेशवाद अभिव्यक्ति है−
(a) अन्य प्रदेशों के प्रति अनभिज्ञता का
(b) संकीर्ण प्रांतीयता का
(c) वर्गवादिता का
(d) स्थानीय व्यक्तिवादिता‚ स्थानीय निष्ठा और सांस्कृतिक विशेषताओं का
उत्तर (d) : प्रदेशवाद स्थानीय व्यक्तिवादिता‚ स्थानीय निष्ठा और सांस्कृतिक विशेषताओं की अभिव्यक्ति है। ध्यातव्य है कि प्रदेशवाद पृथ्वी की भौतिक एवं जैविक इकाई है जिसके अन्तर्गत प्रत्येक प्रदेश में गुणों एवं लक्षणों में विशिष्टता एवं सुस्पष्टता पायी जाती है और इसके विभिन्न तत्वों के मध्य अर्न्तसम्बन्ध पाये जाते है।
40. भारत की इस्पात संयंत्रों के पूर्व से पश्चिम के निम्नलिखित क्रमों में से कौन-सा सही है?
(a) जमशेदपुर‚ राउरकेला‚ दुर्गापुर‚ भिलाई
(b) भिलाई‚ राउरकेला‚ दुर्गापुर‚ जमशेदपुर
(c) दुर्गापुर‚ जमशेदपुर‚ राउरकेला‚ भिलाई
(d) दुर्गापुर‚ राउरकेला‚ भिलाई‚ जमशेदपुर
उत्तर (c) : इस्पात संयन्त्रों में पूर्व से पश्चिम क्रमों में निम्न सत्य हैदुर्गा पुर‚ जमशेदपुर‚ राउरकेला‚ भिलाई • दुर्गापुर इस्पात संयन्त्र दामोदर नदी के किनारे पश्चिम बंगाल के वर्तमान जिले दुर्गापुर नामक स्थान पर द्वितीय योजना काल में ब्रिटेन के सहयोग से स्थापित किया गया है। • जमशेदपुर इस्पात संयन्त्र स्वर्ण रेखा व खारकोई पर स्थित है। यह इस्पात संयन्त्र 1907 में जमशेदजी द्वारा आरंभ किया गया । • राउरकेला उड़ीसा के सुन्दरगढ़ जिले में द्वितीय योजनाकाल में स्थापित किया गया था। • भिलाई इस्पात संयन्त्र छत्तीसगढ़ में पूर्व सोवियत संघ की सहायता से स्थापित किया गया है।
41. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए− सूची-I सूचाी-II
(नगर और शहर) (राष्ट्रीय राजमार्ग)
A. मदुरै-रामेश्वरम् 1. रा.रा. – 1
B. वाराणसी-कन्याकुमारी 2. रा.रा. – 2
C. दिल्ली-कोलकाता 3. रा.रा. – 7
D. नई दिल्ली-अमृतसर 4. रा.रा. – 49 A B C D
(a) 4 2 3 1
(b) 2 1 4 3
(c) 4 3 2 1
(d) 1 2 3 4
उत्तर (c) : नगर और शहर राष्ट्रीय राजमार्ग मदुरै − रामेश्वरम् रा. रा. − 49 वाराणसी − कन्याकुमारी रा. रा. − 7 दिल्ली − कोलकाता रा. रा. − 2 नई दिल्ली − अमृतसर रा. रा. – 1
42. निम्नलिखित राज्यों में से किस राज्य में वर्ष 2011 में सबसे कम जनसंख्या घनत्व दर्ज किया गया?
(a) सिक्किम (b) अरूणाचल प्रदेश
(c) नागालैंड (d) मिजोरम
उत्तर (b) : राज्य जनसंख्या घनत्व (प्रति किमी2 में) fिंसक्किम 86 अरूणाचल प्रदेश 17 नागालैण्ड 119 मिजोरम 52
43. ‘कश्मीर घाटी’ निम्नलिखित के बीच है−
(a) पीर पंजाल और कराकोरम श्रेणियाँ
(b) पीर पंजाल और जास्कर श्रेणियाँ
(c) जास्कर और लद्दाख श्रेणियाँ
(d) शिवालिक और लद्दाख श्रेणियाँ
उत्तर (b) : मध्य एवं विशाल हिमालय के बीच दो खुली घाटियाँ पायी जाती हैं-कश्मीर घाटी तथा पूर्व में काठमाण्डू घाटी। कश्मीर घाटी पीरपंजाल तथा मध्य हिमालय के बीच फैली हुई है। कश्मीर घाटी में हिमनद उत्पत्ति के चीका मिट्टी के निक्षेप पाए जाते हैं। जिन्हें ‘करेवा’ कहा जाता है। करेवा मिट्टी बहुत उपजाऊ होती है। यह केसर की खेती के लिए प्रसिद्ध है।
44. निम्नलिखित प्रवास प्रकारों में से कौन भारत में अधिकांश जनसंख्या स्थानांतरण में योगदान प्रदान करता है?
(a) गाँव से गाँव (b) शहर से गाँव
(c) गाँव से शहर (d) शहर से शहर
उत्तर (c) : प्रवास प्रकारों में भारत में गाँव से शहर अधिकांश जनसंख्या स्थानान्तरण को योगदान प्रदान करता है। ध्यातव्य है कि इस प्रकार का प्रवास रोजगार‚ शिक्षा के लिए किया जाता है।
45. निम्नलिखित में से कौन-सी जनजाति को सही अर्थों में ‘जंगली खानाबदोशी’ के रूप में जाना जाता है?
(a) पिग्मीज (b) सेमांग
(c) मसाई (d) खिरगीज
उत्तर (b) : सेमांग को सही अर्थों में जंगली खानाबदोशी के रूप में जाना जाता है। विषुवत रेखीय पेटी में‚ दक्षिणी थाइलैण्ड और मलाया की पहाड़ियों में सेमांग जाति के लोग रहते हैं। ये लोग नैगरिटो के समान देखने में नाटे लगते हैं। अधिकतर सेमांग जाति के लिए खेती नहीं करते और पशु भी नहीं पालते। ये वनों से प्राप्त पदार्थों पर निर्भर रहते हैं। यहाँ पर प्राकृतिक वनस्पति की अधिकता है क्योंकि तेज गर्मी तथा उपजाऊ मिट्टी होने के कारण एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के वृक्ष उग जाते हैं इसी कारण सेमांग लोग लगातार स्थान परिवर्तन करते रहते हैं तथा एक ही स्थान पर केवल कुछ दिनों तक ठहर जाते हैं।
46. मध्य पुर्व का प्राचीनतम धर्म है−
(a) इस्लाम (b) यहूदी
(c) ईसाई (d) पारसी धर्म
उत्तर (b) : मध्य पूर्व का प्राचीनतम धर्म यहूदी है। यहूदी धर्म का उद्भव ईसा पूर्व तेंरहवी शताब्दी में जेरुसलेम में हुआ था। यहूदी जेरुसलेम को पवित्र भूमि मानते हैं। संपूर्ण विश्व में यहूदियों की कुल जनसंख्या 1.4 करोड़ है जो विश्व की कुल जनसंख्या का मात्र .23% ही है। 1987 के ऑकड़े के अनुसार 40% यहूदी (81 लाख) संयुक्त राज्य में रहते हैं। लगभग 22% यहूदी यूरोप में रहते हैं शेष 18% एशिया में रहते हैं।
47. निम्नलिखित में से कौन-सी विधि किसी क्षेत्र के अलग-अलग आकार के ग्रामों और नगरों वाली जनसंख्या के वितरण को दर्शाने हेतु सर्वोत्तम विधि है?
(a) एकसमान-बिन्दु (b) बहु-बिन्दु
(c) एकसमान बिंदु और वृत्त (d) बिंदु और गोला
उत्तर (d) : बिन्दु और गोला विधि किसी क्षेत्र के अलग-अलग आकार के ग्रामों और नगरों वाली जनसंख्या के वितरण को दर्शाने हेतु सर्वोत्तम विधि है।
48. निम्नलिखित उपग्रहों को उनकी ऊँचाइयों के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए− उपग्रह ऊँचाई (किलोमीटर)
A. लैंड सेट V 1. 832
B. आई आर एस 2. 705
C. स्पाट 3. 904
D. इकोनोस 4. 681 A B C D
(a) 2 4 1 3
(b) 4 1 2 3
(c) 4 2 3 1
(d) 2 3 1 4
उत्तर (d) : उपग्रह ऊँचाई (किलोमीटर) लैड सेट 705
आई. आर. एस. 904 स्पाट 832 इकोनोस 681
49. निकटतम पड़ोसी विश्लेषण प्रस्तुत किया गया−
(a) हेनरी और रेज द्वारा
(b) क्लार्क और इवान्स द्वारा
(c) जिफ द्वारा
(d) कार्ल पियर्सन द्वारा
उत्तर (b) : निकटतम पड़ोसी विश्लेषण क्लर्क और इवान्स द्वारा प्रस्तुत किया गया। • कार्ल पियर्सन ने सह-सम्बन्ध गुणांक प्रस्तुत किया।
50. लिस (LISS) IV सेंसर का स्थानिक पृथग्दर्शन है−
(a) 5.8 मीटर (b) 2.0 मीटर
(c) 23.5 मीटर (d) 10.0 मीटर
उत्तर (a) : 5.8 मी. लिस (LISS) IV सेंसर का स्थानिक पृथग्दर्शन है। 184

Top
error: Content is protected !!