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डेली कर्रेंट अफेयर्स: 25 जुलाई 2019

कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार विश्वास मत प्रस्ताव हारी

कर्नाटक विधानसभा में सरकार द्वारा लाये गये विश्वास प्रस्ताव पर 23 जुलाई को मतदान हुआ. इस मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 99 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े. विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) केआर रमेश कुमार ने चार दिन तक विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मत विभाजन कराया था. विश्वास प्रस्ताव को सदन की मंजूरी नहीं मिलने से मौजूदा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार विश्वास मत प्रस्ताव हार गयी.

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव हारने के तुरंत बाद राज्यपाल वजूभाई वाला को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी का इस्तीफा स्वीकार करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था होने तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने को कहा है.

बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री चुने गए

ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री और लंदन के पूर्व मेयर बोरिस जॉनसन को 23 जुलाई को कंजर्वेटिव पार्टी का नेता चुना गया. उन्हें 92,153 (66 प्रतिशत) वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जेरमी हंट को 46,656 वोट मिले. कंजर्वेटिव पार्टी के कुल 1,59,320 सदस्यों में से 87.4 प्रतिशत ने वोट डाला था. कंजर्वेटिव पार्टी (बहुमत दल) के नेता चुने जाने के साथ ही जॉनसन ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री होंगे.

55 साल के बोरिस जॉनसन ब्रेग्जिट (ईयू से ब्रिटेन के अलग होने) के प्रबल समर्थक हैं. कंजर्वेटिव पार्टी का नया नेता चुने जाने के बाद उन्होंने 31 अक्टूबर 2019 तक ब्रेग्जिट प्रक्रिया को पूरी करने की प्रतिबद्धता जताई है.

मौजूदा प्रधानमंत्री टरीजा मे ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपना इस्तीफा सौंप दिया. टरीजा मे ने ब्रेग्जिट मुद्दे पर पार्टी में विद्रोह के बाद जून 2019 में इस्तीफे का ऐलान किया था. वह ब्रेग्जिट को लेकर यूरोपीय संघ से हुए समझौते को ब्रिटिश संसद में पास करने में नाकाम रहीं, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था.


लोकसभा ने ‘सूचना का अधिकार (RTI) संशोधन विधेयक 2019’ पारित किया

लोकसभा ने 22 जुलाई को ‘सूचना का अधिकार (RTI) संशोधन विधेयक 2019’ पारित कर दिया. संसद ने वर्ष 2005 में RTI कानून पारित किया था. इस संशोधन विधेयक के द्वारा केंद्र सरकार को मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों के कार्यकाल पर निर्णय करने की शक्ति मिलेगी. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार केन्द्रीय स्तर पर मुख्य सूचना आयुक्त तथा राज्य स्तर पर सूचना आयुक्तों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है. संशोधन में स्वायत्तता से जुड़ी धारा 12(4) एवं सूचना आयुक्तों के चयन की धारा 12(3) में कोई बदलाव नहीं किया गया है.


भारत और पाकिस्तान के बीच का विवाद द्विपक्षीय मसला

अमेरिका और भारत दोनों देशों ने 23 जून को स्पस्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच का विवाद द्विपक्षीय मसला है और इसमें किसी भी तरह की मध्यस्थता की गुंजाइश नहीं है. गौरतलब है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के हाल के अमेरिका दौरे के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का जिक्र किया था.

इस बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर ट्रंप के दावे को गलत बताया और कहा कि भारत का लगातार यही रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों पर केवल द्विपक्षीय चर्चा होगी. भारत के कड़े रुख के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी सफाई दी और कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा है और आतंक के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई भारत के साथ उसकी सफल बातचीत के लिए अहम है.


उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने स्थानीय चुनावों में 100 प्रतिशत मत हासिल किए

उत्तर कोरियाई नेता एवं विश्वभर में कठोर तानाशाह के तौर पर विख्यात किम जोंग-उन ने देशभर में हुए स्थानीय चुनावों में लगभग 100 प्रतिशत मत हासिल किए. इन चुनावों में केवल वही लोग मतदान नहीं कर पाए जो विदेशी दौरे पर थे या फिर काम के लिए समुद्री क्षेत्र में थे. जो लोग बीमार या बुजुर्ग थे उन्होंने वोट मोबाइल बैलेट के जरिए डाला. इस साल यहां 99.98 प्रतिशत मतदान हुआ है जिसमें साल 2015 में दर्ज आंकड़ों के मुकाबले 0.01 प्रतिशत का सुधार हुआ. कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं होने के कारण उत्तरी कोरिया में चुनाव महज दिखावा है.


अंतर-मंत्रालयी समूह ने देश में निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की

सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी समिति ने देश में निजी क्रिप्टोकरेंसी (निजी आभासी मुद्रा) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है. सरकार ने 2 नवंबर, 2017 को आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की अगुवाई में इस समिति का गठन किया था. समिति को आभासी मुद्रा से संबंधित मुद्दों पर अध्ययन करने और इसके लिए कार्रवाई पर भी सुझाव देने का काम दिया गया था. समिति के अन्य सदस्यों में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव, सेबी के चेयरमैन और रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर शामिल हैं.

क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल मुद्रा है. यह स्वतंत्र मुद्रा है जिसका कोई मालिक नहीं है. बिटकॉइन दुनिया की पहली क्रिप्टोकरेंसी थी, जिसकी शुरुआत साल 2009 में हुई थी.

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