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डेली कर्रेंट अफेयर्स: 24 जुलाई 2019

इसरो की ऐतिहासिक कामयाबी: ‘चन्द्रयान-2’ का सफल प्रक्षेपण कर इतिहास रचा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 22 जुलाई 2019 को मिशन ‘चन्द्रयान-2’ का सफल प्रक्षेपण कर इतिहास रचा. यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से GSLV-मार्क-3 रॉकेट के माध्यम से किया गया. प्रक्षेपण के 16 मिनट बाद है ‘चन्द्रयान-2’ पृथ्वी की कक्षा में पहुंच चुका है.


‘चंद्रयान-2’ लगभग 50 दिनों में 3 लाख 84 हजार किलोमीटर की यात्रा के बाद चांद की दक्षिणी ध्रुव की सतह पर 7 सितम्‍बर 2019 को उतरेगा.

‘चन्द्रयान-2’ को चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा जायेगा

ISRO ने ‘चन्द्रयान-2’, को चाँद के दक्षिणी ध्रुव (साउथ पोल) पर उतारेगा. दरअसल, चांद पर अपना यान भेज चुके अमेरिका, रूस और चीन ने अभी तक इस भाग में अपना यान नहीं भेजा है. इस कारण चंद्रमा के इस भाग के बारे में अभी बहुत जानकारी सामने नहीं आई है. भारत के ‘चंद्रयान-1’ मिशन के दौरान दक्षिणी ध्रुव में बर्फ के बारे में पता चला था.

‘चंद्रयान-2’ के कुल तीन मुख्य हिस्से


चंद्रयान-2 के कुल तीन मुख्य हिस्से हैं- ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर. तीनों हिस्से पूरी तरह से स्वदेश में विकसित और निर्मित हैं.

  1. ऑर्बिटर: ऑर्बिटर, चंद्रमा की सतह का निरीक्षण करेगा और पृथ्वी तथा लैंडर के बीच संकेत रिले करेगा. यह चंद्रमा की कक्षा में 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर उसकी परिक्रमा करता रहेगा. ऑर्बिटर वहां 1 साल तक ऐक्टिव रहेगा.
  2. लैंडर (विक्रम): चन्द्रयान-2 के लैंडर का नाम डॉ विक्रम साराभाई के नाम पर ‘विक्रम’ रखा गया है. चांद की सतह के नजदीक पहुंचने पर लैंडर, ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और आखिर में चांद की सतह पर लैंडिंग करेगा.
  3. रोवर (प्रज्ञान): चंद्रयान का तीसरा हिस्सा रोवर है जिसे प्रज्ञान नाम दिया गया है. चाँद पर लैंडिंग के बाद लैंडर का दरवाजा खुलेगा और वह रोवर को बहार निकालेगा. इस मिशन में रोवर ही चांद की सतह पर रहकर हमें नई जानकारियां उपलब्ध कराएगा. रोवर इस दौरान 1 सेंटीमीटर/सेकंड की गति से चांद की सतह पर चलेगा और उसके तत्वों की स्टडी करेगा व तस्वीरें भेजेगा.

रोवर प्रज्ञान 6 पहिए वाला एक रोबॉट वाहन है जिसका वजन 27 किलोग्राम है. यह चांद पर 500 मीटर तक घूम सकता है. यह सौर ऊर्जा की मदद से काम करता है. रोवर सिर्फ लैंडर के साथ संवाद कर सकता है. इसकी कुल लाइफ 1 लूनर डे (14 दिन) है.

चंद्रयान-2 की यात्रा के चरण

  • ‘चंद्रयान-2’ को स्वदेश निर्मित भारत के सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘GSLV-मार्क-3’ रॉकेट ने पृथ्‍वी की वलयाकार कक्षा में प्रक्षेपित किया है.
  • ‘चंद्रयान-2’, 16 दिनों तक यह पृथ्वी की कक्षा में परिक्रमा करेगा. इस दौरान चंद्रयान की अधिकतम गति 10 किलोमीटर/प्रति सेकंड और न्यूनतम गति 3 किलोमीटर/प्रति सेकंड होगी.
  • 16 दिनों की पृथ्वी की परिक्रमा के बाद इसमें लगे इंजनों के माध्यम से ‘चंद्रयान-2’ पृथ्वी के गुरुत्वार्षण से बाहर हो जायेगा. इस दौरान चंद्रयान-2 से ‘GSLV-मार्क-3’ अलग हो जाएगा. 5 दिनों बाद ‘चंद्रयान-2’ चांद की कक्षा में पहुंचेगा.
  • चांद की कक्षा में यह 27 दिनों तक परिक्रमा करेगा. इस दौरान उसकी गति 10 किलोमीटर प्रति सेकंड और 4 किलोमीटर प्रति सेकंड रहेगी.
  • चांद की 27 दिनों की परिक्रमा के बाद ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर और रोवर चंद्रमा के सतह पर पहुँच जांयेंगे, जबकि ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर उसकी परिक्रमा करता रहेगा.
  • लैंडर, चांद की सतह पर उतरने वाली जगह का मुआयना (स्कैन) कर लैंडिंग करेगा. लैंडिंग के बाद लैंडर का दरवाजा खुलेगा और वह रोवर को रिलीज करेगा. रोवर वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए चांद की सतह पर निकल जाएगा.

‘चन्द्रयान-2’ का प्रक्षेपण ‘GSLV-मार्क-3’ के माध्यम से किया गया


‘चन्द्रयान-2’ का प्रक्षेपण स्वदेश निर्मित ‘GSLV-मार्क-3’ रॉकेट के माध्यम से किया गया है. 4 टन तक का भार (पेलोड) ले जाने की अपनी क्षमता के कारण इस रॉकेट को ‘बाहुबली’ कहा जाता है. ISRO दिसंबर 2021 के लिए निर्धारित अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ‘गगनयान’ के लिए भी ‘GSLV-मार्क-3’ रॉकेट का प्रयोग करेगी.

मिशन ‘चन्द्रयान-2’: एक दृष्टि

  • ‘चंद्रयान-2’ भारत का चंद्रमा पर भेजा जाने वाला दूसरा अभियान है. भारत ने इससे पहले अक्टूबर 2008 में ‘चंद्रयान-1’ चंद्रमा की कक्षा में भेजा था.
  • ‘चन्द्रयान-2’ को चंद्रमा के रहस्यों, भौगोलिक वातावरण, खनिज तत्वों, उसके वायुमंडल की बाहरी परत और पानी की उपलब्धता की जानकारी एकत्र करने के लिए भेजा गया है.
  • स्वदेशी तकनीक से निर्मित ‘चंद्रयान-2’ का वज़न 3.85 टन है. इस अभियान पर लगभग 978 करोड़ रुपये ख़र्च हुए हैं.
  • ‘चंद्रयान-2’ में कुल 13 पेलोड हैं. आठ ऑर्बिटर में, तीन पेलोड लैंडर और दो पेलोड रोवर में हैं. पांच पेलोड भारत के, तीन यूरोप, दो अमेरिका और एक बुल्गारिया के हैं.
  • चंद्रयान -2 बेंगलुरु में इसरो के डीप स्पेस नेटवर्क में डाटा भेजने में सक्षम हैं.
  • भारत चंद्रयान-2 की सफलता के साथ ही अमेरिका, रूस और चीन के बाद चांद पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला चौथा देश बन जाएगा.
  • रोवर ‘प्रज्ञान’ से पहले भी चांद पर विभिन्न देशों (रूस, अमेरिका, चीन) के अलग-अलग यानों के साथ 5 रोवर जा चुके हैं.
  • ‘चन्द्रयान-2’ को मूल रूप से 15 जुलाई को प्रक्षेपित किया जाना था लेकिन प्रक्षेपण यान के क्रायोजेनिक हिस्से में गड़बड़ी का पता लगने के बाद इसका प्रक्षेपण टालना पड़ा.
  • क्रायोजेनिक इंजन में लिक्विड हाइड्रोजन और ऑक्सिजन का उपयोग होता है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 7 करोड़ 32 लाख किसान लाभान्वित

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 7 करोड़ 32 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं. इस योजन के तहत हर परिवार को 2-2 हजार रुपये की दो किस्‍तों में कुल 14 हजार 646 करोड़़ रूपये वितरित किए जा चुके हैं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लक्ष्य देश के 14 करोड़ 50 लाख किसानों को लाभ पहुंचाना है.

सूची में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है. प्रदेश में 2 करोड़ 20 लाख किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं. 72 लाख किसानों के साथ आन्ध्र प्रदेश दूसरे नम्बर पर और 50 लाख किसानों के साथ महाराष्ट्र तीसरे नम्बर पर है.


वेस्टइंडीज़ के निर्धारित क्रिकेट श्रृंखला के लिये भारतीय क्रि‍केट टीम की घोषणा

वेस्टइंडीज़ के निर्धारित क्रिकेट श्रृंखला के लिये कप्‍तान विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय क्रि‍केट टीम की घोषणा 21 जुलाई को की गयी. 3 अगस्त से शुरू हो रहे इस दौरे में भारतीय टीम तीन T-20, तीन एकदिवसीय और दो टेस्ट मैच खेलेगी. पूर्व कप्तान और विकेट-कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने सेना में प्रशिक्षण के लिए 2 महीने का अवकाश लिया. धोनी प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजीमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर हैं.


भारतीय धाविका हिमा दास ने नोवे मेस्टो में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता

भारतीय धाविका हिमा दास ने 21 जुलाई को चेक गणराज्य के 9वे मेस्टो में 400 मीटर दौड़ में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर 52.09 सेकेंड में स्वर्ण पदक जीता. ढिंग एक्सप्रेस के नाम से प्रसिद्ध हिमा दास ने 2 जुलाई के बाद से पांचवां स्वर्ण पदक जाता है. उन्होंने यूरोप में 2 जुलाई को अपनी पहली प्रतिस्पर्धी दौड़ पूरी की थी.


11वीं रक्षा प्रदर्शनी भारत – 2020 का लखनऊ में आयोजित किया जायेगा

11वीं रक्षा प्रदर्शनी भारत – 2020 (Def-Expo India-2020) पहली बार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 05 से 08 फरवरी 2020 तक आयोजन किया जाएगा. प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित होने वाला यह 11वां संस्करण होंगा. इसमें भारतीय रक्षा उद्योग को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने और अपनी निर्यात संभावनाओं को बढ़ाने का एक उत्कृष्ट अवसर मिलेगा. रक्षा प्रदर्शनी भारत – 2020 का मुख्य विषय ‘भारत: उभरता हुआ रक्षा निर्माण केन्द्र’ (India: the emerging defence manufacturing hub) है और इसमें रक्षा के डिजिटल परिवर्तन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

देश-दुनिया: एक दृष्टि

सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज

2020-21 से भारत की विकास दर आठ प्रतिशत से अधिक: नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि वित्‍त वर्ष 2020-21 से भारत की विकास दर आठ प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, क्‍योंकि संरचनात्‍मक सुधारों के अच्‍छे परिणाम आना निश्चित हैं. उन्‍होंने कहा कि जीएसटी और धन शोधन अक्षमता संहिता लागू कर बदलाव की प्रकिया शुरू करने से इसकी बुनियाद रखी जा चुकी है.

आचार्य देवव्रत ने गुजरात के राज्‍यपाल के रूप में शपथ ली: आचार्य देवव्रत ने गुजरात के नये राज्‍यपाल के रूप में शपथ ले ली है. गुजरात उच्‍च न्‍यायालय के कार्यवाहक मुख्‍य न्‍यायाधीश ने आज उन्‍हें राजभवन में आयोजित समारोह में पद की शपथ दिलाई.

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