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डेली कर्रेंट अफेयर्स: 18 जून 2019

वैश्वेविक परमाणु हथियारों पर SIPRI ने अपनी रिपोर्ट जारी की

दुनिया में पिछले वर्ष परमाणु हथियारों पर हाल ही में स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान (SIPRI) ने अपनी रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:

  • दुनिया में पिछले वर्ष परमाणु हथियारों की संख्या में कमी आई है लेकिन देश अब अपने हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं.
  • 2019 की शुरुआत में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इस्राइल और उत्तर कोरिया के पास करीब 13865 परमाणु हथियार थे. यह संख्या 2018 के शुरुआत की तुलना में 600 कम है.
  • परमाणु हथियारों से संपन्न देश इन हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं और चीन, भारत तथा पाकिस्तान अपने हथियारों की संख्या बढ़ा रहे हैं.
  • हाल के वर्षों में परमाणु हथियारों में कमी का श्रेय मुख्यत: अमेरिका और रूस को दिया जा सकता है जिनके पास कुल हथियार दुनिया के परमाणु हथियारों का 90 फीसद से अधिक हैं.
  • परमाणु हथियारों में कमी अमेरिका और रूस के बीच 2010 में नयी ‘स्टार्ट’ संधि के कारण संभव हो पाया है जिसके तहत तैनात हथियारों की संख्या सीमित रखने का प्रावधान है. ‘स्टार्ट’ संधि में पुराने हथियारों को खत्म करने का भी प्रावधान है. स्टार्ट संधि 2021 में समाप्त होने वाली है.

संयुक्त राष्ट्र ने ‘द्विवार्षिक विश्व जनसंख्या पूर्वानुमान-2019’ रिपोर्ट जारी की

संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में ‘द्विवार्षिक विश्व जनसंख्या पूर्वानुमान-2019’ रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के महत्त्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं:

  • अगले 30 वर्षों में दुनिया की आबादी दो अरब की बढ़ोतरी के साथ 7.7 अरब से 9.7 अरब के आंकड़े को पार कर लेगी.
  • भारत आबादी के मामले में वर्ष 2027 तक चीन को पीछे छोडते हुए विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा.
  • 2050 में दुनिया की आबादी करीब दो अरब बढ़ जाएगी तथा सदी के अंत तक इसके करीब 11 अरब तक पहुंचने का अनुमान है.
  • भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान कांगो, इथियोपिया, तंजानिया, इंडोनेशिया, मिस और संयुक्त अरब अमीरात की कुल जनसंख्या वर्ष 2050 तक के विश्व भर की अनुमानित 7.9 आबादी की आधी से अधिक हो जाएगी.

देश में भूमि पुनर्स्थापन और बोन चुनौती पर क्षमता बढ़ाने के लिए एक परियोजना की शुरुआत

केन्‍दीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वन भूमि पुनर्स्थापन और भारत में बोन चुनौती (FLR) पर क्षमता बढ़ाने के लिए 17 जून को एक परियोजना की शुरुआत की. यह परियोजना 3.5 वर्षों की पायलट चरण की होगी, जिसे हरियाणा, मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र, नागालैंड तथा कर्नाटक में लागू किया जाएगा. परियोजना के आगे के चरणों में पूरे देश में इसका विस्‍तार किया जाएगा.

बोन चुनौती क्या है?

बोन चुनौती एक वैश्विक प्रयास है. इसके तहत दुनिया के 150 मिलियन हेक्टेयर गैर-वनीकृत एवं बंजर भूमि पर 2020 तक और 350 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर 2030 तक वनस्पतियां उगाई जायेंगी.

पेरिस में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, 2015 में भारत ने स्वैच्छिक रूप से बोन चुनौती पर स्वीकृति दी थी.

संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत तीन रियो समझौते हैं– जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क समझौता (UNFCCC), जैव विविधता पर समझौता (CBD) और मरुस्थलीकरण के विरूद्ध लड़ाई के लिए संयुक्त राष्ट्र समझौता (UNCCD). UNCCD एक मात्र अंतर्राष्ट्रीय समझौता है जो पर्यावरण एवं विकास के मुद्दों पर कानूनी बाध्यता प्रदान करता है.


इस्रइल ने गोलन हाइट्स का नामकरण रमात ट्रंप करने की घोषणा की

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर गोलन हाइट्स (Golan Heights) का नामकरण रमात ट्रंप रखा है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू के अनुसार, ट्रंप के नाम पर बस्ती का नामकरण अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्य का सम्मान है जोकि विभिन्न क्षेत्रों में इस्रइल के हित के लिए किया गया है. मसलन, येरुशलम को इस्रसल की राजधानी की मान्यता देना और गोलन हाइट्स पर इस्रइल की संप्रभुता प्रदान करना जिसका अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने आलोचना की.

गोलन हाइट्स पर इजराइल की सम्‍प्रभुता को अमेरिकी मान्‍यता

अमरीका ने 25 मार्च 2019 को गोलान पहाड़ी पर इजराइल की सम्‍प्रभुता को मान्‍यता दे दी थी. राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्‍प ने इससे संबंधित घोषणा-पत्र पर हस्‍ताक्षर किये थे. इस घोषणा-पत्र पर हस्‍ताक्षर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्‍याहू की अमेरिका की यात्रा के दौरान किये गये थे.

गोलन हाइट्स (Golan Heights) क्या है?

गोलन हाइट्स या गोलान पहाड़ी दक्षिणी-पश्चिमी सीरिया में स्थित एक विवादित क्षेत्र है. यह लगभग 1,800 वर्ग किलोमीटर (690 वर्ग मील) फैला हुआ है. ये क्षेत्र राजनीतिक और रणनीतिक रूप से खासा अहम है.

सीरिया ने गोलन हाइट्स का इस्तेमाल इसराइली किसानों पर हमला करने के लिए किया. जिसके फलस्वरूप इस्राइल ने 1967 में सीरिया के साथ युद्ध में गोलन हाइट्स पर कब्‍जा कर लिया था. अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय इस क्षेत्र पर इस्राइल के अधिकार को मान्‍यता नहीं देता और इसे सर्वोच्च सीरियाई क्षेत्र के रूप में मानता है.

गोलन हाइट्स का रणनीतिक महत्व

गोलन हाइट्स की चोटी से दक्षिणी सीरिया और सीरिया की राजधानी दमिश्क साफ नज़र आते हैं. ये दोनों इलाके यहां से करीब 60 किलोमीटर ही दूर है. गोलन हाइट्स से इसराइल सीरिया की गतिविधियों पर बराबर नज़र रख सकता है. गोलान इसराइल का इकलौता स्की रिसोर्ट भी है.

पांच यूरोपीय देशों ने अमेरिका के फैसले को खारिज किया

पांच यूरोपीय देश बेल्जियम, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड ने गोलन हाइट्स को इजरायल क्षेत्र के रूप में मान्यता देने के अमेरिका के फैसले को खारिज कर दिया है.

सीरिया ने गोलन हाइट्स को इस्राइली क्षेत्र के रूप में मान्यता देने की अमरीका की घोषणा को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आपात बैठक बुलाने की मांग की है.


18 जून: ऑटिस्टिक प्राइड डे

प्रत्येक वर्ष 18 जून को ‘ऑटिस्टिक प्राइड डे’ (Autistic Pride Day) मनाया जाता है. यह दिवस ऑटिज्म से ग्रस्त लोगों को समाज में महत्व और गौरव की अनुभूति कराने के लिए मनाया जाता है. इसका उद्देश्य यह जागरुकता लाना है कि ऑटिज्म कोई रोग नहीं बल्कि स्नायु तंत्र का विकार है जिसके कारण व्यक्ति के व्यवहार और सामाजिक संपर्क में असंतुलन आ जाता है.


18 जून: गोवा क्रांति दिवस

प्रत्येक वर्ष 18 जून को ‘गोवा क्रांति दिवस’ (Goa revolution day) मनाया जाता है. 1946 में आज के ही दिन स्‍वतंत्रता सेनानी डॉक्‍टर राम मनोहर लोहिया ने दक्षिण गोवा के मडगाव में गोवावासियों से राज्‍य को पुर्तगाली शासन से मुक्‍त कराने का आह्वान किया था.

भारत के आजाद होने के 14 साल बाद तक भी गोवा पुर्तगाली शासन के अधीन रहा. 19 दिसंबर, 1961 को गोवा को पुर्तगालियों से आजाद कराया गया था. इस उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 19 दिसंबर को गोवा में मुक्ति दिवस मनाया जाता है.

गोवा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के हिसाब से चौथा सबसे छोटा राज्य है.
  • गोवा पहले पुर्तगाल का एक उपनिवेश था. पुर्तगालियों ने गोवा पर लगभग 450 सालों तक शासन किया.
  • इस शहर पर मार्च 1510 में अलफांसो-द-अल्बुकर्क के नेतृत्व में पुर्तगालियों का आक्रमण हुआ.
  • 1815 से 1947 तक गोवा में अंग्रेजों का शासन रहा.
  • आजादी के समय अंग्रेजों की दोहरी नीति व पुर्तगाल के दबाव के कारण गोवा पुर्तगाल को हस्तांतरित कर दिया गया.
  • भारतीय सेना ने 2 दिसंबर को ‘गोवा मुक्ति’ अभियान शुरू कर दिया. वायु सेना ने 8 और 9 दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की.
  • इस तरह 19 दिसंबर, 1961 को तत्कालीन पुर्तगाली गवर्नर मैन्यू वासलो डे सिल्वा ने भारत के सामने समर्पण समझौते पर दस्तखत कर दिए.
  • गोवा में चुनाव हुए और 20 दिसंबर, 1962 को श्री दयानंद भंडारकर गोवा के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने.
  • वर्ष 1967 में वहां जनमत संग्रह हुआ और गोवा के लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश के रूप में रहना पसंद किया.
  • बाद में 30 मई, 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया गया और इस प्रकार गोवा भारतीय गणराज्य का 25वां राज्य बना.

देश-दुनिया: एक दृष्टि

सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज

लोकसभा अध्‍यक्ष पद के लिए ओम बिड़ला का नामांकन: भारतीय जनता पार्टी के सांसद ओम बिड़ला लोकसभा अध्‍यक्ष के पद के लिए एनडीए की ओर से उम्‍मीदवार हैं. वे राजस्‍थान के कोटा से दो बार सांसद चुने गए. उन्‍होंने आज लोकसभा अध्‍यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र भरा.

निजी टीवी चैनलों को दिशा-निर्देश: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने परामर्श जारी करके सभी निजी टीवी चैनलों से डांस कार्यक्रमों में छोटे बच्‍चों को उपयुक्‍त रूप से दिखाने को कहा है. मंत्रालय के परामर्श में कहा गया है कि देखने में आया है कि कई डांस कार्यक्रमों में छोटे बच्‍चे ऐसी मुद्राएं करते हैं जो उनकी आयु को देखते हुए उचित नहीं होतीं.

14वां’ कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज’ सम्मेलन भारत में: पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने के लिए ‘कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज’ सम्मेलन का 14वां सत्र (कोप-14) 29 अगस्त से 14 सितंबर तक भारत में आयोजित होगा. इस सम्मेलन में 197 देशों के 5000 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे.

वर्ल्ड फूड इंडिया 2019: ‘वर्ल्ड फूड इंडिया (WFI) 2019’ नई दिल्‍ली में 1 से 4 नवम्‍बर 2019 के दौरान आयोजित किया जाएगा. यह खाद्य प्रसंस्‍करण क्षेत्र के वैश्विक व घरेलू हितधारकों का सबसे बड़ा सम्‍मेलन होगा. WFI का यह दूसरा संस्‍करण होगा. इस आयोजन का स्‍लोगन ‘विकास के लिए साझेदारी’ होगा.

पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल वापस: पश्चिम बंगाल में सरकारी अस्पतालों में एक हफ्ते से चल रही हड़ताल वापस लेने के बाद जूनियर डॉक्टर कल शाम से फिर काम पर आ गए. जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों ने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर अपनी मांगों पर चर्चा की. जूनियर डॉक्टरों ने 11 जून को कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो जूनियर डॉक्टरों पर हमले के विरोध में काम करना बंद कर दिया था.

15 भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई: केन्द्र सरकार ने 15 वरिष्ठ कस्टम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त कर दिया है. ये 15 वरिष्ठ अधिकारी मुख्य अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड से संबंधित हैं. इससे पहले भी केन्द्र सरकार ने 12 वरिष्ठ भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त कर दिया था. इन सभी को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों में बर्खास्त किया गया है.

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