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UGC NTA NET JRF Sociology Solved Previous Papers (in Hindi) book

UGC NTA NET JRF Sociology Solved Previous Papers (in Hindi) यूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर-2010 समाजशास्त्र

व्याख्या सहित द्वितीय प्रश्न-पत्र का हल
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1. ‘‘हम संस्थाओं से नहीं अपितु (परन्तु) एसोसिएशन
(समितियों) से संबंधित होते हैं’’‚ यह किसने कहा है?
(a) ऑगबर्न (b) सदरलैण्ड
(c) गिडेन्स (d) मैकाइवर
उत्तर (d) मैकाइवर का नाम समाजशास्त्र की प्रथम पीढ़ी के विद्यार्थियों में उनके गौरव ग्रन्थ ‘सोसायटी’ के कारण सुपरिचित है। उन्होंने कहा है कि हम संस्थाओं से नहीं (परन्तु) एसोसिएशन से सम्बन्धित होते हैं। दोत-समाजशास्त्रीय चिंतक एवं सिद्धांतकार-हरिकृष्ण रावत
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2. निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिये गये कूटों की सहायता से उत्तर दें ?
(A) सामाजिक स्तरीकरण की वर्ग व्यवस्था को ‘बंद’ व्यवस्था समझा जा सकता है।
(B) इसे ‘खुली’ व्यवस्था समझा जा सकता है।
(C) वर्ग व्यवस्था में‚ व्यक्ति सामाजिक सोपान तंत्र में ऊपर या नीचे नहीं जा सकता है।
(D) वर्ग व्यवस्था को सामान्यत: सामाजिक गतिशीलता द्वारा पृथक किया जाता है।
(a) B और C (b) B और D
(c) A और D (d) A और C
उत्तर (b) वर्ग को ‘खुली’ व्यवस्था समझा जा सकता है क्योंकि यह सामाजिक एवं आर्थिक आधारों पर व्यक्ति समूहों कों अलग-2 पहचान देती है। चूँकि वर्ग में स्वतंत्र स्तरीकरण पाया जाता है। इसलिए इन वर्गों के सदस्य सामाजिक एवं आर्थिक आधार पर एक वर्ग से दूसरे वर्ग में आना जाना कर सकते हैं अर्थात्‌ वर्ग व्यवस्था को सामान्यत: सामाजिक गतिशीलता द्वारा पृथक किया जाता है।
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3. किसी पूर्व-अपराधी द्वारा समाजीकरण मानकों का अनुपालन किसका उदाहरण कहा जा सकता है?
(a) समाजीकरण (b) पुन: समाजीकरण
(c) वि-समाजीकरण (d) अ-समाजीकरण
उत्तर (b) पुन:समाजीकरण का कार्य वि-समाजीकरण के बाद ही सम्भव है किसी के द्वारा पहले सीखे हुऐ व्यवहार को भुलाकर उसके द्वारा नया व्यवहार सीखना ही पुन:समाजीकरण कहलाता है जैसे-
अपराधियों का सभ्य पुरुष बनना है। दोत-समाजशास्त्र-जे पी सिंह
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4. सूची-I (सामाजिक परिदृश्य के जाँच-पड़ताल की पद्धतियों) को सूची-II (लेखकों के नाम) के साथ सुमेलित करेंसूची – I सूची – II A तर्क प्रयोगात्मक 1 दुर्खीम B द्वन्द्वात्मक 2 परेटो C आदर्श प्रारुपिक 3 मार्क्स D प्रकार्यात्मक 4 वेबर
(A) (B) (C) (D)
(a) (3) (2) (1) (4)
(b) (2) (3) (4) (1)
(c) (4) (3) (2) (1)
(d) (1) (3) (4) (2)
उत्तर (b) सुमेलित− तर्क प्रयोगात्मक परेटो द्वन्द्वात्मक मार्क्स आदर्श प्रारुपिक वेबर प्रकार्यात्मक दुर्खीम
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5. समुदाय का उदाहरण कौन-सा नहीं है?
(a) रेड इण्डियन्स
(b) मुरिया
(c) अण्डमान आइसलैण्डर्स
(d) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
उत्तर (d) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समुदाय का उदाहरण नहीं है। लुण्डबर्ग के अनुसार‚ मनुष्यों की वह जनसंख्या‚ जो निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहती हो और एक साधारण परस्पर आश्रित जीवन यापन करती हो‚ समुदाय कहलाती है।
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6. सूची – I को सूची – I I के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I सूची – II A उप-संस्कृति 1 हिप्पी B विपर्णय संस्कृति 2 भाषा C संस्कृति का वाहन 3 सेना D संस्कृति टकराव 4 अयोध्या मंदिर आंदोलन
(A) (B) (C) (D)
(a) (4) (2) (3) (1)
(b) (1) (2) (3) (4)
(c) (3) (1) (2) (4)
(d) (1) (4) (2) (3)
उत्तर (c) सुमेलित− उप-संस्कृति सेना विपर्यय संस्कृति हिप्पी संस्कृति का वाहन भाषा संस्कृति टकराव अयोध्या मंदिर
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7. समाजमिति का उपयोग सर्वप्रथम किसने किया है?
(a) लुण्डबर्ग (b) मोरेनो
(c) बोगाड्‌र्स (d) बर्गेस समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्न-पत्र‚ दिस. उत्तर (b) मोरेनो ने सर्वप्रथम समाजमिति का उपयोग किया था। उनके द्वारा रचित पुस्तक Who shall survive? जो कि सन्‌ 1934 में प्रकाशित हुई थी। इस प्रविधि से समाजमिति का श्रीगणेश हुआ। आगे चलकर श्री हेलेन जैनिंग्स ने समाजमिति प्रविधि को पूरी तरह विकसित किया। दोत-सामाजिक शोध व सांख्यिकी- रविन्द्र नाथ मुख़र्जी
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8. वेबर द्वारा प्रस्तुत सामाजिक क्रिया प्ररूप विज्ञान का हिस्सा निम्नांकित में एक नहीं है‚ पहचानें-
(a) जनतांत्रिक (b) पारम्परिक
(c) मूल्यांकन (d) तर्कणापरक
उत्तर (a) आदर्श प्रारुप के सन्दर्भ में वेबर ने सामाजिक क्रिया के चार रूप बतायें हैं- पारम्परिक‚ भावनात्मक‚ मूल्यांकनात्मक और तार्किक क्रिया। अत: जनतांत्रिक वेबर द्वारा प्रस्तुत सामाजिक क्रिया प्ररूप विज्ञान का हिस्सा नहीं है।
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9. संस्कृति का तत्व निम्नांकित में से कौन-सा नहीं है?
(a) परिवार (b) मूल्य (मान)
(c) पोशाक (पहनावा) (d) व्यवहार के ढंग
उत्तर (a) परिवार संस्कृति का तत्व नहीं है। लिण्टन संस्कृति को परिभाषित करते हुए कहते हैं’’ संस्कृति ज्ञान‚ धारणायें एवं प्राकृतिक व्यवहार के प्रतिमानों का कुल योग है जिसके सभी भागीदार होते हैं तथा जो हस्तान्तरित की जाती है।
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10. धर्म की अपनी समाजशास्त्रीय व्याख्या में दुर्खीम ने कुछ अवलोकन किए। नीचे दिए कूटों में से सही आवलोकनों का चयन करें-
(A) धर्म एक मानसिक रोग है।
(B) समाज का मानवीकरण ही प्रभु है।
(C) कष्ट पा रही मानवता को धर्म मुक्ति देता है।
(D) परलोक का राज्य गौरवान्वित समाज है।
(a) A और B (b) B और C
(c) A और C (d) B और D
उत्तर (d) दुर्खीम समाजशास्त्र के वास्तविक पिता माने जाते हैं। धर्म की व्याख्या में दुर्खीम ने अवलोकन के आधार पर बताया है कि समाज का मानवीयकरण ही प्रभु है और परलोक का राज्य महिमामण्डित समाज है। दोत-प्रमुख समाजशास्त्रीय विश्वकोष-एस एल दोषी
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11. प्राथमिक समूह का उदाहरण निम्नांकित में से कौन-सा नहीं है?
(a) पास-पड़ोस (b) स्कूल
(c) मित्रों का समूह (d) भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर (d) प्राथमिक समूह का अवधारणा का प्रयोग सर्वप्रथम चार्ल्स कूले ने सन्‌ 1909 में किया है कूले ने लिखा है कि प्राथमिक समूह से मेरा तात्पर्य ऐसे समूह से है जिसमें घनिष्ठता‚ आमने-सामने के सम्बन्ध तथा सहयोग पाया जाता है। इस प्रकार भारतीय स्टेट बैंक प्राथमिक समूह नहीं है। दोत-उच्चतर समाजशास्त्रीय विश्वकोष-हरिकृष्ण रावत
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12. राज्य निम्नांकित में से किसका उदाहरण है।
(a) प्राथमिक समूह (b) समुदाय
(c) समिति (d) सरकार
उत्तर (b) राज्य समुदाय का एक उदाहरण है। ‘डासन एवं गेट्‌स’ के अनुसार‚ समुदाय भौगेलिक क्षेत्र की एक इकाई है जिसमें कोई जनसंख्या वितरित होती है जिनकी समान आधारभूत संस्थायें होती है जो कि उनके सामान्य जीवन को संभव बनाती है।
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13. समूहों का अन्त:समूह और बाह्य समूह में वर्गीकरण किसने प्रस्तुत किया था?
(a) टॉनीज (b) कूले
(c) होमेन्स (d) समनर
उत्तर (d) एक प्रारम्भिक अमेरिकी समाजशास्त्री तथा अर्थशास्त्री विलियम ग्राहम समनर का नाम प्रमुख रूप से जनरीतियों (फोकवेज) के अध्ययन के साथ जुड़ा हुआ है। समनर ने ‘‘हम की भावना’’ के आधार पर समूह को दो आधारों पर बाँटा है जो अन्त:समूह और बाह्य समूह के रूप में जाना जाता है। दोत-समाजशास्त्रीय चिंतक एवं सिद्धांतकार- रावत
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14. परिवार के कार्यों को निम्नांकित छ: वर्गो में किसने प्रस्तुत किया था?
(i) भावनात्मक
(ii) आर्थिक
(iii) मनोरंजनात्मक
(iv) संरक्षणात्मक
(v) धार्मिक
(vi) शैक्षिक
(a) मैकाइवर (b) ऑगबर्न एवं निमकॉफ
(c) जी एच स्प्रौट (d) अरनॉल्ड ग्रीन
उत्तर (b) ऑगबर्न एवं निमकॉफ ने परिवार को छ : भागों में बाँटा है-(i) स्नेही संबंधी (भावात्मक) (ii) आर्थिक (iii) मनोरंजनात्मक कार्य (iv) सुरक्षात्मक (संरक्षणात्मक) (v) धार्मिक (vi) शैक्षिक। ऑगबर्न एवं निमकौफ ने परिवार को परिभाषित करते हुए कहा कि परिवार कमोबेश पति तथा पत्नि के मध्य एक ऐसा स्थायी सम्बन्ध है जो संतान सहित भी हो सकता है और संतान रहित भी।
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15. ‘ज्ञात पूर्वजों और दत्तकग्रहण पुत्रों और विवाह के जरिए इन पुत्रों से संबंधित रिश्तेदारों के समूह’ के रूप में हिन्दू संयुक्त परिवार की व्याख्या किसने की है?
(a) हेनरी मैन
(b) किंग्सले डेविस
(c) आर एम मैकाइवर
(d) एच एम जॉन्सन
उत्तर (a) हेनरीमेन के अनुसार ज्ञात पूर्वजों और दत्तकग्रहण पुत्रों और विवाह के जरिये इन पुत्रों से संबंधित रिश्तेदारों के समूह के रूप में हिन्दू संयुक्त परिवार की व्याख्या की है।
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16. नातेदारी के अध्ययन में प्रथम महत्वपूर्ण योगदान किसने किया?
(a) टेलर (b) मॉर्गन
(c) मैलिनोवस्की (d) रैडक्लिफ ब्राउन समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्न-पत्र‚ दिस. उत्तर (b) मार्गन की गणना मानवशास्त्र में प्रारंभिक मानवशास्त्रियों में की जाती है जिन्होंने अमेरिकी मूल निवासियों के अपने अध्ययन के आधार पर नातेदारी व्यवस्था का व्यवस्थित वर्गीकरण प्रस्तुत किया। दोत- समाजशास्त्रीय चिंतक एवं सिद्धांतकार-हरिकृष्ण रावत
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17. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I सूची – II A फैमिली एण्ड किनशिप अमंग पण्डित्स ऑफ काश्मीर
1 रॉबिन्स फॉक्स B किनशिप एण्ड मैरिज 2 जी एस घुरिये C एलीमेंटरी स्ट्रक्चर्स ऑफ किनशिप
3 राधाकमल मुकर्जी D फैमिली एण्ड किन इन इण्डो-यूरोपियन कल्चर
4 टी एन मदान
5 सी लेवी-स्ट्रास
(A) (B) (C) (D)
(a) (3) (1) (5) (2)
(b) (4) (1) (5) (2)
(c) (4) (2) (3) (5)
(d) (2) (1) (4) (3)
उत्तर (b) सुमेलित− फैमिली एण्ड किनशिप टी. एन. मदान अमंग पण्डित्स ऑफ कश्मीर किनशिप एण्ड मैरिज रॉबिन्स फॉक्स एलीमेंटरी स्ट्रक्चर्स ऑफ राधा कमल मुखर्जी किनशिप फैमिली एण्ड किन इन जी. एस. घुरिये इण्डो-यूरोपियन कल्चर
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18. अभिकथन (A) : एक सामाजिक समूह के रूप में जाति को समुदाय नहीं कहा जा सकता है।
कारण (R) : जाति का सामाजिक सामंजस्य तो होता है‚ परन्तु उसमें समुदाय के क्षेत्रीय आधार का अभाव रहता है।
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R)‚ (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं मगर (R)‚ (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है परन्तु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है परन्तु (R) सत्य है।
उत्तर (a) जाति का सामाजिक सामंजस्य तो होता है‚ परन्तु उसमें समुदाय के क्षेत्रीय आधार का अभाव रहता है। जैसा कि समुदाय एक ऐसा सामजिक समूह जिसमें कुछ अंशों में हम की भावना पायी जाती है तथा जो एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहता है अत: एक सामाजिक समूह के रूप में जाति को समुदाय नहीं कहा जा सकता है। अत: अभिकथन A तथा तर्क R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या है।
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19. निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा सही सुमेलित है?
1. संस्कृतिकरण – एम एन श्रीनिवास
2. लघु एवं वृहद्‌ परम्परा – मैकिम मेरियट
3. ब्राह्मणीकरण – अइयापप्पन
4. संकुचितीकरण – एफ जी बेले
नीचे दिये गये कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें
कूट :
(a) 2‚ 3 और 4 (b) 1‚ 3 और 4
(c) 1‚ 2 और 4 (d) 1‚ 2 और 3
उत्तर (c) ब्राह्मणीकरण की अवधारणा एम. एन. श्रीनिवास ने अपनी पुस्तक Religion and Society amoung the Coorgs of south India (1942) में दिया है। कूट 1‚2‚ 4 सही सुमेलित है।
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20. सूची – I को सूची – I I के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I सूची – II A जाति बन्द व्यवस्था है 1 लूई ड्‌यूमाँ B जाति बन्द सावयवी स्तरीकरण है
2 गुन्नर मिर्डाल C जाति समानता का चरम रूप है
3 फ्रेडरिक बेले D जाति सोपान क्रम की अभिव्यक्ति है बजाए स्तरीकरण की
4 मैक्स वेबर
(A) (B) (C) (D)
(a) (1) (2) (3) (4)
(b) (4) (3) (2) (1)
(c) (1) (3) (2) (4)
(d) (4) (2) (3) (1)
उत्तर (b) सुमेलित− जाति बंद व्यवस्था है मैक्स वेबर जाति बंद सावयवी स्तरीकरण है फ्रेडरिक बेले जाति समानता का चरम रूप है गुन्नर मिर्डाल जाति सोपान क्रम की अभिव्यक्ति है‚ लुई ड्‌यूमा बजाय स्तरीकरण के
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21. सूची – I को सूची – I I के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I सूची – II A शुद्धता प्रदूषण का विरोध 1 एस सिन्हा B जनजाति-जाति-कृषक सांतत्यक
2 एल ड्‌यूमाँ C गुणारोपीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्लेषण
3 मैकिम मेरियट
4 एम एस श्रीनिवास समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्न-पत्र‚ दिस. (A) (B) (C)
(a) (1) (4) (2)
(b) (1) (3) (4)
(c) (2) (1) (3)
(d) (2) (3) (1)
उत्तर (c) सुमेलित− शुद्धता प्रदूषण का विरोध एल ड्‌यूमाँ जनजाति-जाति-कृषक सांतत्यक एस सिन्हा गुणारोपीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्लेषण मैकिम मेरियट
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22. समाजीकरण की निम्नांकित अवस्थाओं के अनुक्रम को ठीक तरह से व्यवस्थित करें। नाचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें-
(A) पूर्वाभासी
(B) बच्चा
(C) शिशु
(D) प्रौढ़
(E) किशोर
(a) A, C, B, E, D (b) E, C, B, D, A
(c) C, B, E, D, A (d) B, C, D, E, A
उत्तर (c) उपरोक्त प्रश्न में दिये गये सामाजीकरण की अवस्थाओं का सही क्रम इस प्रकार हैशिशु →बच्चा →किशोर →प्रौढ़ →पूर्वाभासी किंग्सले डेविस के अनुसार‚ वह प्रक्रिया जिसके द्वारा एक नवजात शिशु को सामाजिक प्राणी के रूप में ढाला जाता है‚ सामाजीकरण कहलाता है
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23. सामान्यीकृत अन्य’ का उदाहरण कौन-सा है?
(a) समुदाय (b) मित्र
(c) साथी समूह (d) अभिभावक
उत्तर (c) ‘सामान्यीकृत अन्य’ का उदाहरण मित्र समूह है। व्यक्ति के समाजीकरण में मीड ने समाज की महती भूमिका को इंगित करते हुए लिखा है कि ‘‘बालक को अपने बारे में सामाजिक अंतर्क्रिया के द्वारा ही बोध होता है। इसी के द्वारा ‘स्व’ की उत्पत्ति होती है। ‘स्व’ की उत्पत्ति होती है। ‘स्व’ का ज्ञान ‘दूसरे व्यक्तियों’ की भूमिकाओं को ग्रहण करने से ही होता है। मीड ने दूसरे व्यक्तियों को ‘सामान्यीकृत अन्य’ कहा है।
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24. सामाजिक उद्‌विकास की अवस्थाओं का विश्लेषण सरल‚ यौगिक‚ दुगनी यौगिक और तिगुनी यौगिक के रूप में किसने किया है?
(a) एल एच मॉर्गन (b) ई बी टायलर
(c) इमाइल दुर्खीम (d) एच स्पेंसर
उत्तर (d) स्पेन्सर को सामाजिक विचारकों में दूसरा संस्थापक जनक कहा जाता है। स्पेन्सर ने सामाजिक उद्‌विकास की अवस्थाओं का विश्लेषण सरल यौगिक‚ दुगनी यौगिक और तिगुनी यौगिक के रूप में जाना जाता है। दोत-प्रमुख समाजशास्त्रीय विचारक- एस एल दोषी
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25. समाज के अधिकांश सदस्यों के ध्यान दिए बिना कुछ सामाजिक परिवर्तन होता है। इसे क्या कहते हैं?
(a) प्रत्यक्ष परिवर्तन (b) प्रच्छन्न परिवर्तन
(c) सापेक्ष परिवर्तन (d) निरपेक्ष परिवर्तन
उत्तर (b) समाज के अधिकांश सदस्यों के ध्यान दिये बिना कुछ सामाजिक परिवर्तन होता है तो इसे प्रच्छन्न परिवर्तन कहते हैं। प्रच्छन्न परिवर्तन अवधारणा पी0ए0 सोरोकिन ने प्रतिपादित किया। इससे आशय है कि परिवर्तन मानसिकता बदलने पर कभी भी हो सकता है।
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26. सामाजिक परिवर्तन के चक्रीय सिद्धांत से कौन संबंधित नहीं है?
(a) स्पेंसर (b) टॉयनबी
(c) लिपसेट (d) हॉबहाउस
उत्तर (a) चक्रीय सिद्धांत से सम्बन्धित टॉयनबी‚ सोरोकिन‚ पैरेटो‚ टायनवी प्रमुख है। जबकि स्पेन्सर उद्‌विकास परिवर्तन से सम्बन्धित है।
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27. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I सूची – II A चक्रीय 1 विको B रैखिक 2 सोरोकिन C उतार-चढ़ाव 3 स्पेंगलर D सर्पिल 4 स्पेंसर
(A) (B) (C) (D)
(a) (3) (4) (2) (1)
(b) (3) (2) (1) (4)
(c) (2) (3) (1) (4)
(d) (2) (1) (4) (3)
उत्तर (a) सुमेलित− चक्रीय स्पेंगलर रैखिक स्पेंसर उतार-चढ़ाव सोरोकिन सर्पिल विको
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28. रैडक्लिफ ब्राउन के अनुसार प्रकार्यात्मक बिखराव की स्थिति के साथ समाज विरले ही समाप्त होता है‚ इसके बजाए यह-
(i) यूनोमिया की नवस्थिति की ओर बढ़ने की कोशिश करता है।
(ii) अपने संरचनात्मक प्रतिमान को बदल सकता है।
(iii) अपने को विशृंखलित कर सकता है।
(iv) अपनी पहचान को बदल देता है।
(a) (i) और (ii) सही हैं (b) (ii) और (iii) सही हैं
(c) (i) और (iii) सही हैं (d) (iii) और (iv) सही हैं
उत्तर (a) रैडक्लिफ ब्राउन के अनुसार प्रकार्यात्मक बिखराव की स्थिति के साथ समाज विरले ही समाप्त होता है इसके बजाय यह यूनोमिया की नवस्थिति की ओर बढ़ने की कोशिश करता है तथा अपने को विशृंखलित कर सकता है। रैडक्लिफ ब्राउन ने अपने प्रकार्यवाद में ‘समाज’ के अस्तित्व पर जोर दिया है। समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्न-पत्र‚ दिस. 29. निम्नांकित में से कौन-सा मैलिनोवस्की के सोपानिक क्रम में व्यवस्था के तीन स्तरों के साथ संबंधित नहीं है?
(a) प्रतीकात्मक व्यवस्था
(b) सामाजिक संरचनात्मक व्यवस्था
(c) व्यक्तित्व व्यवस्था
(d) जैवकीय व्यवस्था
उत्तर (c) मानवशास्त्र में प्रकार्यवादी सिद्धांत के एक प्रमुख हस्ताक्षर पौलेण्ड निवासी ब्राॉfनस्ला केस्पर मैलिनोवस्की मूलत: भौतिकशास्त्र और गणितशास्त्र में दीक्षित थे। और वे प्रकार्यवादी सिद्धांत के प्रणेताओं में से रहे हैं। मैलिनोवस्की के सोपानिक क्रम व्यवस्था के तीन स्तरों के साथ व्यक्तित्व व्यवस्था नहीं है। दोत-समाजशास्त्रीय चिंतक एवं सिद्धांतकार-रावत
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30. खोजपूर्ण जाँच के प्रकार्यात्मक एवं ऐतिहासिक प्रकारों के बीच किसने भेद किया है?
(a) रैडक्लिफ-ब्राउन (b) दुर्खीम
(c) पारसंस (d) मर्टन
उत्तर (b) दुर्खीम को आधुनिक समाजशास्त्र विषय के संस्थापकों में से एक अग्रणी पर्वतक माना जाता है। दुर्खीम को पहला अकादमिक समाजशास्त्र माना जाता है। इन्होंने खोजपूर्ण जाँच के प्रकार्यात्मक एवं ऐतिहासिक प्रकारों के बीच में अंतर स्पष्ट किया। दोत-समाजशास्त्रीय चिंतक एवं सिद्धांतकार-रावत
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31. सूची – I को सूची – I I के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I सूची – II A भावनात्मकता-भावनात्मक तटस्थता
1 क्या कर्ताओं का मूल्यांकन एक समान मानकों के संबंध में किया जाना चाहिए। B प्रसरणता-विशिष्टवाद 2 क्या उपलब्धि अथवा प्रदत्त के संबंध में कर्ताओं का मूल्यांकन होना चाहिए। C सार्वभौमिकता-विशिष्टवाद 3 अन्त:क्रिया में उपयुक्त भावनात्मक अभिव्यक्ति D उपलब्धि-प्रदत्तनीय 4 संबंध में उपयुक्त दायित्व
(A) (B) (C) (D)
(a) (4) (1) (3) (2)
(b) (3) (4) (1) (2)
(c) (2) (1) (3) (4)
(d) (1) (2) (4) (3)
उत्तर (a) सुमेलित− भावनात्मकता-भावनात्मक संबंध में उपयुक्त दायित्व तटस्थता प्रसरणता-विशिष्टवाद क्या कर्ताओं का मूल्यांकन एक समान मानकों के संबंध में किया जाना चाहिए सार्वभौमिकता-विशिष्टवाद अन्त:क्रिया में उपयुक्त भावनात्मक अभिव्यक्ति उपलब्धि-प्रदत्तनीय क्या उपलब्धि अथवा प्रदत्त के संबंध में कर्ताओं का मूल्यांकन होना चाहिए।
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32. टालकॉट पारसन्स के निम्नांकित प्रकार्यात्मक आज्ञापकों में से कौन-सा ‘पैटर्न (प्रतिमान) कायम रखने और तनाव प्रबन्ध’ साथ संबंधित है?
(a) अनुकूलन (b) लक्ष्य प्राप्ति
(c) एकीकरण (d) प्रच्छन्नता
उत्तर (d) टालकॉट पारसन्स क्रिया सिद्धान्त‚ सामाजिक व्यवस्था और प्रकार्यवाद के प्रखर प्रणेता थे। इन्होंने बताया कि कोई भी प्राणाली तब तक जीवित रह सकती है‚ जब तक वह चार प्रकार्यात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति करती रहती है। ये आवश्यकतायें है- (1) अनुकूलन (2) लक्ष्य उपलब्धि (3) एकीकरण (4) प्रतिमान-अनुरक्षण। टालकॉट पारसंस के प्रकार्यात्मक आज्ञापकों में से प्रच्छन्नता पैटर्न (प्रतिमान) कायम रखने और तनाव प्रबन्ध के साथ सम्बन्धित हैं
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33. रॉबर्ट के मर्टन के कथनानुसार व्यक्तियों‚ समूहों‚ समाज और संस्कृति के लिए सांस्कृति मद के विविध एवं विभिन्न परिणाम हो सकते हैं। उसके किस प्रकार्यात्मक आधारभूत तत्व के साथ यह कथन संबंधित है?
(a) प्रकार्यात्मक एकता (b) सार्वभौमिक प्रकार्यवाद
(c) प्रकार्यात्मक अपरिहार्यता (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) रॉबर्ट के मर्टन के अनुसार प्रकार्यात्मक एकता व्यक्तियों‚ समूहों‚ समाज और संस्कृति के लिए सांस्कृतिक मद के विविध एवं विभिन्न परिणाम हो सकते हैं। उसके प्रकार्यात्मक एकता के आधारभूत तत्व के साथ प्रकार्यात्मक एकता संबन्धित है। प्रकार्यात्मक एकता से अभिप्राय सामाजिक व्यवस्था के सभी अंगों का समरसत्ता एवं अनुकूलता के साथ काम करना है। दोत-प्रमुख समाजशास्त्रीय विचारक-एस एल दोषा
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34. ‘‘क्रिया का निर्धारण उसके अपने लिए उपयोगिता में चेतन विश्वास द्वारा होता है।’’ यह कथन मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित निम्नांकित प्रकार की क्रियाओं में से किसके लिए प्रयुक्त होता है?
(a) साधन-लक्ष्य युक्तियुक्तता पर आधारित क्रिया
(b) उपयोगिता युक्तियुक्तता पर आधारित क्रिया
(c) भावनात्मक क्रिया
(d) पारम्परिक क्रिया
उत्तर (b) क्रिया का निर्धारण उसके अपने लिए उपयोगिता में चेतन विश्वास द्वारा होता है। यह कथन मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित उपयोगिता युक्तियुक्तता पर आधारित क्रिया के लिए प्रयुक्त होता है मैक्स वेबर के अनुसार‚ युक्तिकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा मानवीय सम्बन्धों के प्रत्येक क्षेत्र में परिकलन गणना और नियोजन का प्रयोग किया जाता है। समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्न-पत्र‚ दिस. 35. निम्नांकित में से कौन-सा परेटो की अ-तार्किक क्रिया की अवधारणा से संबंधित है?
(a) अवैज्ञानिक धारणा व्यवस्थाएँ क्रिया के निर्धारक हैं
(b) अवैज्ञानिक धारणा व्यवस्थाएँ क्रिया के निर्धारक नहीं हैं
(c) अवैज्ञानिक धारणा व्यवस्थाएँ गहरी आसीन भावनाओं की अभिव्यक्तियाँ हैं
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर (c) अवैज्ञानिक धारणा व्यवस्थायें गहरी आसीन भावनाओं की अभिव्यक्तियाँ है‚ यह पैरेटो के अतार्किक क्रिया की अवधारणा से सम्बन्धित है। पैरेटो ने अतार्किक क्रिया के दो प्रकार बताये हैं- (1) अवशिष्ट चालक (2) भ्रान्त तर्क।
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36. निम्नांकित कथनों में से कौन-सा ‘I’ और ‘Me’ में भेद करता है?
(a) ‘I’ को आधुनिक समाज में महत्व दिया जाता है और ‘Me’ को पुरातन समाज में महत्व दिया जाता है।
(b) महत्वपूर्ण मूल्य ‘I’ में स्थित है ‘Me’ में नहीं
(c) ‘I’ दूसरों के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया है जबकि ‘Me’ दूसरों की अभिवृत्तियों का संगठित समूह है
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर (c) ‘I’ और ‘Me’ में भेद करता है ‘I’ दूसरों के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया है जबकि ‘Me’ दूसरों की अभिवृत्तियों का संगठित समूह है। इन दोनों को मिलाने से व्यक्तित्व का जन्म होता है। दोत-उच्चतर समाजशास्त्रीय सिद्धांत- दोषी और त्रिवेदी
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37. निम्नांकित में से कौन-सा दुर्खीम के प्रकार्यात्मक सिद्धांत से संबंधित नहीं है?
(a) समाज को खण्डों में न्यूनीकृत किया जा सकता है
(b) समाज को उसके संघटक भागों में अपघटित किया जा सकता है
(c) व्यवस्था के भाग पूर्ण की मूलभूत जरूरतों को पूरा करते हैं
(d) व्यवस्था सामान्य केवल तभी होती है जब संतुलन को बनाए रखा जाता है
उत्तर (a) दुर्खीम समाजशास्त्र के वास्तविक पिता माने जाते हैं। इन्होंने अपनी पुस्तक ‘‘The Division of Labour in society’’ में प्रकार्यात्मक विचारधारा को ठोस रूप प्रदान किया है। समाज को खण्डों में न्यूनीकृत किया जाना दुर्खीम के प्रकार्यात्मक सिद्धान्त से सम्बन्धित नहीं है।
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38. संघर्ष के सकारात्मक आयामों पर किसने ध्यान दिया?
(a) कोजर (b) डेहरेण्डॉर्फ
(c) कॉलिन्स (d) जिम्मल (सिमेल)
उत्तर (a) जर्मनी मूल के आधुनिक संघर्षवादी सामाजिक सिद्धांतकार कोजर का मत है कि संघर्ष किसी भी समाज में सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते है। उन्होंने संघर्ष के सकारात्मक आयामों पर ध्यान दिया। दोत-उच्चतर समाजशास्त्रीय सिद्धांत -दोषी और त्रिवेदी
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39. अभिकथन (A) : प्रतीकात्मक अन्त:क्रिया करने वाला सामाजिक अन्त:क्रिया को कारणात्मक महत्व देने लगता है।
कारण (R) : एकान्त मानसिक प्रक्रिया से अर्थ नहीं निकलता है‚ बल्कि अन्त:क्रिया से निकलता है।
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R)‚ (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं मगर (R)‚ (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है परन्तु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है परन्तु (R) सत्य है।
उत्तर (b) प्रतीकात्मक अन्त:क्रिया करने वाला सामाजिक अन्त:क्रिया को कारणात्मक महत्व देने लगता है। क्योंकि प्रतीकात्मकवाद सामाजिक अन्त: क्रिया के फलस्वरूप पनपता है तथा यह कथन भी सत्य है कि एकान्त मानसिक प्रक्रिया से कोई अर्थ नहीं निकलता अपितु अन्त: क्रिया से निकलता है क्योंकि प्रतीकात्मक अन्त:
क्रियावाद व्यक्तिगत न होकर अपितु दो या अधिक व्यक्तियों के मध्य होने वाली अर्थपूर्ण क्रिया से संभव होता है। अत: अभिकथन A तथा तर्क R दोनों सही है परन्तु R,A की सही व्याख्या नहीं हैं।
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40. पश्चिमी यूरोपीय समाजों के अध्ययन के लिए किसने ऐतिहासिक तुलनात्मक विधि का प्रयोग किया है?
(a) इमाइल दुर्खीम (b) मैक्स वेबर
(c) एच एच मॉर्गन (d) टी वेब्लेन
उत्तर (a) मैक्स वेबर ने अपनी पुस्तक “Methodology of Social Science” में तुलनात्मक पद्धति पर बल दिया है। वेबर का आदर्श प्रारूप तुलनात्मक अध्ययन का अद्वितीय उदाहरण है।
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41. शास्त्रीय समाजशास्त्रियों में से किसने तुलनात्मक विश्लेषण में परिमाणात्मक विधि का प्रयोग किया है?
(a) कार्ल मार्क्स (b) मैक्स वेबर
(c) इमाइल दुर्खीम (d) ऑगस्ट कॉम्टे
उत्तर (c) शास्त्रीय सामाजशास्त्रियों में से दुर्खीम ने तुलनात्मक विश्लेषण में परिमाणात्मक विधि का प्रयोग किया है दुर्खीम ने अपनी पुस्तक Suicide : A Study in Sociology में आत्महत्या के सिद्धान्त का तुलनात्मक विश्लेषण किया।
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42. निम्नलिखित में से किसने समाजशास्त्र के लिए ‘समाज का प्राकृतिक विज्ञान’ का विचार प्रतिपादित किया?
(a) बी मैलिनोवस्की
(b) टालकॉट पारसन्स
(c) क्लॉड लेवी-स्ट्रास
(d) ए आर रैडक्लिफ-ब्राउन
उत्तर (d) ए आर रैडक्लिफ-ब्राउन ने अपनी पुस्तक A natural Science of Society में उपरोक्त विचार प्रस्तुत किया है। सुप्रसिद्ध मानवशास्त्री अल्फ्रेड रेजिनाल्ड रेडक्लिफ ब्राउन’अपनी प्रकार्यवादी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। U. G. C. के अनुसार विकल्प C को सही माना गया है। समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्न-पत्र‚ दिस. 43. किसने यह तर्क दिया कि ‘संरचना एक विधि है‚ न कि यथार्थ’?
(a) क्लॉड लेवी-स्ट्रास (b) ए आर रैडक्लिफ-ब्राउन
(c) एस एफ नॉडेल (d) टालकॉट पारसन्स
उत्तर (a) लेविस स्ट्रास संरचनात्मक मानवशास्त्र के प्रणेता तथा बीसवीं शताब्दी के अत्यन्त प्रखर एवं सैद्धांतिक रूप से उद्‌भट फ्रांसीसी दार्शनिक मानवशास्त्री थे। उन्होंने कहा था। संरचना एक विधि है‚ न कि यर्थाथ । दोत-समाजशास्त्रीय चिंतक एवं सिद्धांतकार-रावत
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44. अमेरिकी समाज के अध्ययन में ‘सहभागी अवलोकन’ विधि के प्रयोग के लिए किसे जाना जाता है?
(a) बी मैलिनोवस्की (b) डब्ल्यू एफ ह्वाइट
(c) डब्ल्यू जे गुडे (d) पी एफ हाट
उत्तर (b) सहभागी अवलोकन विधि का प्रयोग डब्ल्यू. एफ. ह्वाईट ने अपनी पुस्तक ‘Street Corner society’ में किया। सहभागी अवलोकन में अनुसंधान कर्ता स्वयं को अध्ययन करने वाले समुदाय तथा व्यक्तियों से प्रत्यक्ष सम्बन्ध स्थापित करता है। तथा स्वयं का परिचय छिपाकर उस समूह का एक सदस्य बन जाता है।
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45. किस प्रकार की शोध प्ररचना के लिए परिकल्पना अनिवार्यत: आवश्यक नहीं होती है?
(a) वर्णनात्मक (b) प्रयोगात्मक
(c) निदानात्मक (d) अन्वेषणात्मक
उत्तर (a) वर्णनात्मक शोध के लिए परिकल्पना अनिवार्यत:
आवश्यक नहीं होती है। वर्णनात्मक अनुसंधान का प्रमुख लक्ष्य घटनाओं और स्थितियों का वर्णन करना होता है। अत: अपेक्षा की जाती है कि यह अधिक स्पष्ट सटीक व संक्षिप्त होगा बजाय आकस्मिक होने के। दोत-सामाजिक अनुसंधान-राम अहूजा
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46. एकल अध्ययन में सम्मिलित है-
(a) परिणात्मक विश्लेषण
(b) परिणात्मक और गुणात्मक विश्लेषण
(c) गुणात्मक विश्लेषण
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर (c) विषय-वस्तु विश्लेषण में केवल बारम्बारता की गिनती पर केन्द्रित रहना सम्प्रेषणों के संग्रह अर्थ को खो देना होगा। इसलिए एकल अध्ययन में गुणात्मक विश्लेषण भी सम्मिलित है। दोत-सामाजिक अनुसंधान-राम अहूजा
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47. किसी संख्यात्मक शृंखला में किसी पद की परिमाणात्मकता का ध्यान निम्नलिखित में से किसमें रखा जाता है?
(a) माध्य (b) बहुलक
(c) माध्यिका (d) उक्त सभी
उत्तर (c) – किसी संख्यात्मक शृंखला में किसी पद की परिमाणात्मकता का ध्यान माध्यिका में रखा जाता है। माध्यिका किसी पद का वह परिणाम है जो आरोही अथवा अवरोही क्रम में स्थित किसी पदमाला के मध्य का मान होता है।
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48. सर्वेक्षण शोध का संस्थापक जनक किसे कहा जाता है?
(a) चार्ल्स बूथ (b) पी एफ लाजार्सफील्ड
(c) आर के मर्टन (d) डब्ल्यू जे गुडे
उत्तर (b) सर्वेक्षण शोध का संस्थापक जनक पी एफ लाजार्सफील्ड को माना जाता है। सर्वेक्षण शोध में अनुसंधानकर्ता अनुसंधान विषय के सीधे सम्पर्क में आता है।
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49. सूची – I को सूची – I I के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I
(शब्द) सूची – II
(संख्या-सूचक) A गुणात्मक चर 1 सारिणीयन B परिमाणात्मक चर 2 निदर्शन C बारम्बारता वितरण 3 विशेषताएँ D सम्भावना (प्रायिकता) 4 चर परिणाम
(A) (B) (C) (D)
(a) (1) (2) (3) (4)
(b) (2) (3) (4) (1)
(c) (3) (4) (1) (2)
(d) (4) (1) (2) (3)
उत्तर (c) सुमेलित− शब्द संख्या सूचक गुणात्मक चर विशेषतायें परिमाणात्मक चर चर परिणाम बारम्बारता वितरण सारिणीय सम्भावना (प्रायिकता) निदर्शन
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50. सूची – I को सूची – I I के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें। सूची – I
(अवधारणा) सूची – II
(लेखक) A सहभागी अवलोकन 1 जहोदा B विषयवस्तु विश्लेषण 2 चार्ल्स बूथ C आनुमानिक इतिहास 3 मैलिनोवस्की D शोध डिजाइन 4 रैडक्लिफ ब्राउन
5 मर्टन
(A) (B) (C) (D)
(a) (5) (4) (3) (2)
(b) (3) (5) (4) (1)
(c) (4) (3) (2) (1)
(d) (2) (5) (3) (5)
उत्तर (b) सुमेलित−(अवधारणा) (लेखक) सहभागी अवलोकन मैलिनोवस्का विषयवस्तु विश्लेषण मर्टन आनुमानिक इतिहास रैडक्लिफ ब्राउन शोध डिजाइन जहोदा समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्न-पत्र‚ जून

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