अमेरिका ने 5 जून से भारत को मिले GSP को खत्म किया

अमेरिका ने 5 जून से भारत को मिले सामान्य तरजीही प्रणाली (GSP) दर्जे को खत्म करने की घोषणा की है. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 1 जून को वाइट हाउस में इसकी घोषणा की.

क्या है GSP दर्जा? 

GSP जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (Generalized System of Preferences) का संक्षिप्त रूप है. अमेरिका ने इसकी शुरुआत 1976 में विकासशील देशों में आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के लिए की थी. GSP का उद्देश्य विकासशील देशों को अपने निर्यात को बढ़ाने में मदद करना है ताकि उनकी अर्थव्यवस्था बढ़ सके और गरीबी घटाने में मदद मिल सके.

भारत पर क्या होगा असर? 

GSP के तहत केमिकल्स और इंजिनियरिंग जैसे सेक्टरों के करीब 1900 भारतीय प्रॉडक्ट्स को अमेरिकी बाजार में बिना किसी शुल्क के पहुंच हासिल है. भारत GSP के तहत 5.6 अरब डॉलर (करीब 39,645 करोड़ रुपये) मूल्य के सामानों का अमेरिका को निर्यात करता है. कोई शुल्क नहीं लगाने के कारण भारत को इस पर सालाना 19 करोड़ डॉलर (करीब 1,345 करोड़ रुपये) का बचत होता है.

भारत अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस वाला 11वां सबसे बड़ा देश

भारत अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस वाला 11वां सबसे बड़ा देश है यानी भारत का अमेरिका को निर्यात वहां से आयात से ज्यादा है. 2017-18 में भारत का अमेरिका के प्रति सालाना ट्रेड सरप्लस 21 अरब डॉलर (करीब 1,48,667 करोड़ रुपये) था.