6 Hindi Chapter 9 टिकट अलबम सुन्दरा रामस्वामी

Chapter Notes and Summary
राजप्पा और नागराजन सहपाठी थे। राजप्पा के पास टिकटों का सुन्दर अलबम था। परन्तु जब नागराजन के मामाजी ने सिंगापुर से उसके लिए अलबम भेजा तो सभी लड़के नागराजन की अलबम की तारीफ किया करते और अलबम देखने उसके घर भी जाते। नागराजन सबको अलबम दिखाता था, परन्तु कभी किसी को हाथ नहीं लगाने देता था। अब राजप्पा के अलबम को कोई नहीं देखता था जो उसने बहुत मेहनत से एक-एक टिकट इकट्ठा करके बनाई थी।
राजप्पा नागराजन के अलबम को नीची आँखों से देखता। राजप्पा के अलबम में टिकटें ज्यादा थीं, पर फिर भी लोग नागराजन के अलबम को ही पसंद किया करते थे। राजप्पा मन ही मन कुढ़ने लगा। एक शाम राजप्पा, नागराजन के घर गया। उस समय नागराजन घर पर नहीं था। राजप्पा ने किसी तरह नागराजन की अलबम चुरा ली और घर आकर अलबम अलमारी के पीछे छुपा दी। उसे बहुत डर लग रहा था, इसलिए रात का खाना भी नहीं खाया। अगले दिन सुबह दरवाजा खटकने की आवाज़ से उसे लगा पुलिस आई है। तलाशी लेने पर पकड़े जाने के डर से उसने अलबम को अँगीठी में डाल दिया। फिर वह बाथरूम में गया और मम्मी के बुलाने पर तौलिया लपेटकर बाहर आ गया।
नागराजन को सामने देखकर उसने अलबम के बारे में बात की और कहा, तू मेरा अलबम ले जा। नागराजन को यकीन नहीं हुआ।
राजप्पा अपनी बात दोहराता रहा। जब नागराजन अलबम ले जाने लगा तो राजप्पा ने कहा, ह्रमैं आज रात भर इसे देखना चाहता हूँ।ह् राजप्पा नागराजन से अपना अलबम लेकर कमरे में आया और अलबम को सीने से लगाकर फूटफूट कर रोने लगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *