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15. सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन (EVS Environment Studies for CTET & TET in Hindi)

15. सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन

मूल्यांकन क्या है?

मूल्यांकन वह प्रक्रिया है, जिसमें यह देखा जाता है कि सीखने तथा सिखाने की प्रक्रिया कितनी सफल हुई है। अर्थात् शिक्षक छात्र का मूल्यांकन अपने द्वारा सिखाये गये तथ्यों को उससे पूछकर करता है कि छात्र कितना सीख पाया है या वह छात्र को सिखाने में कितना सफल हो पाया है। मूल्यांकन के आधार पर शिक्षक तथा शिक्षार्थियों में आवश्यक सुधार लाया जा सकता है। शिक्षक छात्र को पुन: या नवीन विधि से समझाने का प्रयत्न करता है, जिससे छात्र को पूर्ण रुप से समझ में आ सके। मूल्यांकन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसका शिक्षण के साथ अटूट संबंध है। मूल्यांकन शिक्षक तथा शिक्षार्थी दोनों के लिए पुनर्बलन का कार्य करता है।

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन एक ऐसी प्रणाली है, जिससे शिक्षार्थी के समग्र विकास का मूल्यांकन किया जाता है। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन द्वारा शिक्षक तथा शिक्षार्थी दोनों को अपने अनुभवों एवं क्षमताओं का ज्ञान होता है जिससे उन्हें सुधार का अवसर प्राप्त हो। यह एक विद्यालय पर आधारित प्रणाली है, जिसके द्वारा छात्रों के विकास को विशेष बल प्राप्त होता है। इसमें दोहरे उद्देश्यों पर बल दिया जाता है। ये उद्देश्य एक तरफ मूल्यांकन में निरंतरता और व्यापक रूप से सीखने के मूल्यांकन पर तथा दूसरी तरफ व्यवहार के परिणामों पर आधारित है। इसमें केवल छात्र के किताबी ज्ञान पर बल नहीं दिया जाता है। साथ ही साथ व्यक्तित्व के अन्य पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। जैसे छात्र के पास कितना ज्ञान है? कितनी क्षमता तक वह ज्ञान को ग्रहण कर सकता है? छात्र की विश्लेषण क्षमता कितनी है? छात्र किसी वस्तु का मूल्यांकन किस प्रकार करता है? छात्र की सृजनात्मक क्षमता क्या है? आदि।

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन के उद्देश्य

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