Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 45.

Q1. निम्न में से कौन-सा कथन विकास के बारे में सत्य नहीं है?
(1) विकास एक व्यवस्थित शृंखला का अनुगामी है
(2) विकास अन्तःक्रिया का फल है
(3) विकास एक व्यत्तिगत प्रक्रिया है
(4) विकास विशिष्ट से सामान्य की ओर होता है।
Ans: (4)
Explanation: (4) विकास की विशेषताए- 1. अन्तःक्रिया का फल होता है। 2. व्यवस्थित शृंखला का अनुगमन करता है। 3. यह व्यत्तिगत प्रक्रिया है। 4. विकास सामान्य से विशिष्ट की ओर होता है। 5. विकास गुणात्मक एवं मात्रात्मक दोनो है।
Q2
. बालकों की सोच अमूर्तता की अपेक्षा मूर्त अनुभवों एवं प्रत्ययों से होती है। यह अवस्था है
(1) 12 से वयस्क तक
(2) 7 से 12 वर्ष तक
(3) 2 से 7 वर्ष तक
(4) जन्म से 2 वर्ष तक।
Ans: (2)
Explanation: (2) जिन पियाजे के अनुसार बालक की 7-12 वर्ष की अवस्था मूर्त संक्रियात्मक अवस्था या ठोस संक्रियात्मक अवस्था होती है जिसमें बालक वस्तुओुं के मूर्तरुप या उसकी अवस्था के आधार पर सरलता से मानसिक सव्रियता करके अपनी समस्या का समाधान कर लेता है।
Q3
. मानव विकास किन दोनों के योगदान का परिणाम है?
(1) सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारकों का
(2) अभिभावक एवं अध्यापक का
(3) वंशक्रम एवं वातावरण का
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (3)
Explanation: (3) मानव विकास वंशानुक्रम एवं वातावरण के अन्तःक्रिया का परिणाम होता है तथा इसी के द्वारा मानव विकास का निर्धारण होता है।
Q4
. निम्न में से कौन पियाजे के अनुसार बौद्धिक विकास का निर्धारक तत्व नहीं है?
(1) अनुभव
(2) सामाजिक संचरण
(3) सन्तुलनीकरण
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
Explanation: (2) जिन पियाजे के अनुसार बौद्धिक विकास के निर्धारक तत्व निम्न है- – संवेदना – प्रत्यक्षीकरण (अनुभव) – अवलोकन – ध्यान – स्मृति – कल्पना – चिंतन (संतुलनीकरण) – तर्क – निर्णय – बुद्धि – भाषा – अधिगम अतः सामाजिक संरचना बौद्धिक विकास का निर्धारक तत्व नहीं है।
Q5
. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी व्यूहरचना अधिक उपयुत्त है?
(1) विद्यार्थियों को सम्मिलित करते हुए अध्यापक द्वारा निर्देशन
(2) अधिकतम बच्चों को सम्मिलित करते हुए कक्षा में चर्चा करना
(3) सहकारी अधिगम तथा पीअर ट्‌यूटरिंग (सहपाठियों द्वारा अनुशिक्षण)
(4) अध्यापन के लिए योग्यता आधारित समूहीकरण।
Ans: (3)
Explanation: (3) विशेष आवश्यकता वाले बालकों को पढ़ाने के लिए सहकारी अधिगम तथा पीअर ट्‌यूटरिंग (सहपाठियों द्वारा अनुशिक्षण) व्यूहरचना सर्वाधिक उपयुत्त है।
Q6
. समस्या के अर्थ को जानने की योग्यता, वातावरण के दोषों, कमियों एवं रित्तियों के प्रति सजगता विशेषता है
(1) सामान्य बालकों की
(2) प्रतिभाशाली बालकों की
(3) सृजनशील बालकों की
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (3)
Explanation: (3) सृजनशील बालक नवाचारी होते है जो जानने की योग्यता रखते है साथ ही वातावरण के दोषों, कमियों एवं रित्तियों के प्रति सहजग भी होते है।
Q7
. एक का लेज जाने वाली लड़की ने फर्श पर कोट पेंकने की आदत डाल ली है। लड़की की माँ ने उससे कहा कि कमरे से बाहर जाओ और कोट को खूँटी पर टाँगो। लड़की अगली बार घर में प्रवेश करती है, कोट को हाथ पर रख कर अलमारी की तरफ जा कर कोट को खूँटी पर टाँग देती है। यह उदाहरण है
(1) उद्दीपन-अनुक्रिया अधिगम का
(2) शृंखलागत अधिगम का
(3) प्रत्यय अधिगम का
(4) इनमें से सभी।
Ans: (1)
Explanation: (1) प्रश्नागत उदाहरण उद्दीपन-अनुक्रिया अधिगम का उदाहरण है। इसे प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत भी कहते है।
Q8
. बाह्य अभिप्रेरणा में समावेशित किया जायेगा I. प्रशंसा एवं दोषारोपण II. प्रतिद्वन्द्विता III. पुरस्कार एवं दण्ड IV. परिणाम का ज्ञान। इनमें से
(1) I, II और III
(2) I और III
(3) केवल II
(4) इनमें से सभी।
Ans: (4)
Explanation: (4) किसी व्यत्ति को कार्य करने के लिए किसी बाहरी स्रोत में दिया गया प्रेरणा बाह्य अभिप्रेरणा कहलाता है। बाह्य अभिप्रेरणा के उदाहरण निम्न है- – प्रशांसा – प्रतिद्वन्दिता – पुरस्कार एवं दण्ड – परिणाम
Q9
. जिस प्रक्रिया में व्यत्ति दूसरों के व्यवहार को देख कर सीखता है न कि प्रत्यक्ष अनुभव के, को कहा जाता है
(1) अनुबन्धन
(2) सामाजिक अधिगम
(3) प्रायोगिक अधिगम
(4) आकस्मिक अधिगम
Ans: (2)
Explanation: (2) समाज से व्यत्ति बहुत प्रभावित रहता है। समाज में होने वाले कार्य एवं व्यवहार से व्यत्ति को उसी के अनुरूप कार्य एव व्यवहार का अनुसरण करना होता है। इसे ही सामाजिक अधिगम कहते है।
Q10
. अधिगम निर्योग्य का लक्षण है
(1) अशान्त, ऊर्जावान एवं विध्वंसक होना।
(2) भागने की प्रवृत्ति होना।
(3) अवधान सम्बन्धी बाधा/ विकार।
(4) अभिप्रेरणा का अभाव।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) अधिगम निर्योग्य का लक्षण बाधा/विकार है जिसके कारण अधिगम शृंखला पूर्ण नहीं हो पाती है।
Q11
. अधिगम को प्रभावित करने वाला व्यत्तिगत कारक है
(1) समवयस्क समूह
(2) संचार के साधन
(3) अध्यापक
(4) परिपक्वता एवं आयु।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अधिगम को प्रभावित करने वाला व्यत्तिगत कारक परिपक्वता एवं आयु है। प्रत्येक व्यत्ति अपनी परिपक्वता एवं आयु के आधार पर ही अधिगम का कार्य कर सकता है। यदि कोई अधिगम कार्य व्यत्ति के परिपक्वता एंव आयु के समायोजन में नहीं होगा तो व्यत्ति अधिगम को नहीं प्राप्त कर सकता।
Q12
. एक व्रिकेट खिलाड़ी अपनी गेंदबाजी के कौशल को विकसित कर लेता है, पर यह उसके बल्लेबाजी के कौशल को प्रभावित नहीं करता। इसे कहते हैं
(1) निषेधात्मक प्रशिक्षण अन्तरण
(2) विधेयात्मक प्रशिक्षण अन्तरण
(3) शून्य प्रशिक्षण अन्तरण
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) जब कोई प्रशिक्षित व्यत्ति अपने प्रशिक्षण प्राप्त कार्य से किसी अन्य को प्रभावित नहीं कर पाता है तो उसे शून्य प्रशिक्षण अन्तरण कहते है। जैसे कुशल गेदबाज द्वारा किसी कुशल बल्लेबाज को प्रभावित नहीं कर पाना।
Q13
. निम्न में से कौन-सा कथन किसी व्यत्ति के मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम रूप से प्रदर्शित करता है?
(1) मानसिक विकारों का न होना
(2) पूर्ण अभिव्यत्ति, संगतिकरण और सामान्य लक्ष्य की ओर निर्देशन
(3) व्यत्तित्व के विकारों से मुत्ति
(4) इनमें से सभी।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) किसी व्यत्ति के मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम रुप से उसके पूर्व अभिव्यत्ति, संगतिकरण का सामान्य लक्षणों से प्रदर्शित कर सकते है।
Q14
. प्रायड, प्याजे एवं अन्य मनोवैज्ञानिकों ने व्यत्तित्व विकास की विभिन्न अवस्थाओं के सन्दर्भ में व्याख्या की है। परन्तु प्याजे ने
(1) कहा कि शैशवावस्था के अनुभव ही अधिक प्रभावित करते हैं, बाकी अवस्थाओं के सीमित प्रभाव होते हैं
(2) कहा कि विकास की अवस्थाएँ वातावरण से निर्धारित होती हैं
(3) विभिन्न अवस्थाओं को समझाने के लिए संज्ञानात्मक बदलाव के बारे में कहा
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) जिन पियाजे ने व्यत्ति के विभिन्न व्यत्तित्व अवस्थाओं को समझाने के लिए व्यत्ति के संज्ञानात्मक विकास की अवधारणा को विकसित किया।
Q15
. गिलफोर्ड ने ‘अभिसारी चिन्तन’ पद का प्रयोग किसके समान अर्थ में किया है?
(1) सृजनात्मकता
(2) बुद्धि
(3) बुद्धि एवं सृजनात्मकता
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) गिलफोर्ड ने बुद्धि संरचना का सिद्धांत का प्रतिपादन किया। जिसके द्वारा व्यत्ति के बुद्धि का मापन किया जाता है गिलफोर्ड के अनुसार व्यत्ति का अभिसारी चिंतन (एक से अधिक क्षेत्रों में चिंतन) जितना अधिक होगा व्यत्ति में सृजनात्मकता उतनी ही अधिक होगी।
Q16
. निम्न में से कौन-सा कथन रुचि के बारे में सत्य नहीं है?
(1) रुचियाँ समय के अनुसार बदलती रहती हैं
(2) रुचियाँ जन्मजात और अर्जित दोनों होती हैं
(3) रुचियाँ योग्यताओं एवं अभिक्षमताओं से सम्बन्धित नहीं होती हैं
(4) रुचियाँ व्यवहार में आकर्षण एवं विकर्षण के प्रतिबिम्ब नहीं हैं।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) व्यत्ति की रुचियों से उसके पसंद एवं नापसंद की जानकारी प्राप्त होती है। इससे व्यत्ति के आकर्षण एवं विकर्षण का पता चलता है।
Q17
. अभिवृत्ति है
(1) एक ऐसी विशेषता जो व्यत्ति की योग्यता का परिचायक है जिसे किसी प्रदत्त क्षेत्र में विशिष्ट प्रशिक्षण, ज्ञान अथवा कौशल से सीखा जा सकता है
(2) एक भावात्मक प्रवृत्ति जो अनुभव के द्वारा संगठित होकर किसी मनोवैज्ञानिक वस्तु के प्रति पसंदगी या नापसंदगी के रूप में प्रतिक्रिया करती है
(3) व्यत्ति की बीजभूत क्षमता जो कि विशिष्ट प्रकार की होती है
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) अभिवृत्ति एक भावनात्मक प्रवृति होती है जो अनुभव द्वारा प्राप्त होता है तथा अनुभव के द्वारा संगठित होकर किसी वस्तु के पसंदगी या नापसंदगी के रूप में मनोवैज्ञानिक रुप से प्रतिक्रिया करती है।
Q18
. व्यत्तित्व एवं बुद्धि में वंशानुक्रम की
(1) महत्वपूर्ण भूमिका है
(2) नाममात्र की भूमिका है
(3) अपूर्वानुमेय भूमिका है
(4) आकर्षक भूमिका है।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) व्यत्तित्व एवं बुद्धि में वंशानुक्रम की नाम मात्र की भूमिका होती है। वंशानुक्रम की मुख्य भूमिका व्यत्ति के विकास में होती है।
Q19
. जिन इच्छाओं की पूर्ति नहीं होती, उनका भण्डारगृह निम्न में से कौन-सा है?
(1) अहम्‌
(2) इदम्‌
(3) परम अहम्‌
(4) इदम्‌ एवं अहम्‌ ।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) जिन इच्छाओं की पूर्ति नहीं होती है वह इदम्‌ भण्डारगृह में सुरक्षित हो जाती है। इद्‌म एक जन्म जात प्रवृत्ति है तथा इसके व्यत्ति की मूल भावनाए (दमित इच्छाए) आती है इदम्‌ किसी तरह का तनाव सहन नहीं कर सकता तथा यह पूर्णतः अचेतन में कार्य करता है। प्रायड के अनुसार – ‘‘इदम्‌ को पूर्वजों की स्मृतियों के अवशेषों का भण्डार माना जाता है।’’ यह अंधापन की स्थिति है।
Q20
. रक्षा तंत्र बहुत सहायता करता है
(1) दबाव से निपटने में
(2) हिंसा से निपटने में
(3) थकान से निपटने में
(4) अजनबियों से निपटने में।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) रक्षा तंत्र दबाव से निपटने में सहायक होता है।
Q21
. शारीरिक निर्योग्यता वाले व्यत्ति के लिए निम्न में से कौन-सी युत्ति रक्षा तंत्र में सबसे संतोषजनक होगी?
(1) विवेकीकरण
(2) तादात्मीकरण
(3) अतिकल्पना
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) शारीरिक निर्योग्यता (अपंगता) वाले व्यत्तियों के लिए युत्त रक्षा तंत्र अतिकल्पना होती है क्योंकि वे शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण वे कार्य सही ढंग से नहीं कर पाते लेकिन अपने बौद्धिक शत्ति (कल्पना) का विस्तार कर सकते है।
Q22
. बालक प्रसंगबोध परीक्षण 3 वर्ष से 10 वर्ष की आयु के बालकों के लिए बनाया गया है। इस परीक्षण में कार्ड में प्रतिस्थापित किये गये हैं
(1) लोगों के स्थान पर जानवरों को
(2) सजीव वस्तुओं के स्थान पर निर्जीव वस्तुओं को
(3) पुरुषों के स्थान पर महिलाओं को
(4) वयस्क के स्थान पर बालकों को।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) बालक प्रसंग बोध परीक्षण 3 वर्ष से 10 वर्ष की आयु के लिए किया जाता है। इस परीक्षण के कार्ड का प्रयोग किया जाता है जिसमें विभिन्न प्रकार के जानवरों का चित्र बना रहता है।
Q23
. सृजनशीलता के पोषण के लिए एक अध्यापक को निम्न में से किस विधि की सहायता लेनी चाहिए?
(1) व्याख्यान विधि
(2) ब्रेन स्टार्मिग/विचारावेश
(3) दृश्य-श्रव्य सामग्री
(4) इनमें से सभी
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) सृजनशीलता एक विचार है जो एकदम नये विज्ञान या पुराने विचारों में नये विचार का समावेश होता है अध्यापक को सृजनशील बालको को शिक्षा देने के लिए या उसके विचारों को पोषण देने के लिए ब्रेन स्टार्मिग/विचारावेश विधि की सहायता लेनी चाहिए।
Q24
. निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(1) अन्तर्नोंद आवश्यकता का मनोवैज्ञानिक परिणाम है
(2) आवश्यकता वंचना की शारीरिक अवस्था नहीं है
(3) आवश्यकता एवं अन्तर्नोंद समान नहीं है, बल्कि समानान्तर हैं
(4) मूलप्रवृत्तियाँ आन्तरिक जैविक बल हैं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) प्रत्येक शारीरिक अवस्था को अलग-2 आवश्यकता होती है। प्रत्येक शारीरिक अवस्था की विशेषता। गुण अलग-2 होने के कारण आवश्यकताएं भी परिवर्तित होती है। बिना आवश्यकता की पूर्ति किए शरीर का पोषण पूर्ण सही तरीके से नहीं किया जा सकता है। अतः विकल्प (2) गलत है।
Q25
. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में एक अध्यापक के लिए न्यूनतम कार्य घंटे प्रति सप्ताह निर्धारित किये गये हैं
(1) पैंतालीस घंटे
(2) चालीस घंटे
(3) पचास घंटे
(4) पचपन घंटे।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अनुसार प्रत्येक अध्यापक को एक सप्ताह में न्यूनतम 45 घंटे शिक्षण कार्य निर्धारित किया गया है।
Q26
. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में एक अध्यापक को निम्न में से किस दायित्व को पूरा करना होगा?
(1) पाठ्यक्रम का संचालन कर पूरा करना होगा
(2) विद्यालय में नियमित रूप से समय पर उपस्थित होना होगा
(3) सम्पूर्ण पाठ्‌यक्रम को निर्धारित समय पर पूरा करना होगा
(4) इनमें से सभी।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार शिक्षक का दायित्व- – विद्यालय में नियमित रूप से समय पर उपस्थित होना – पाठ्‌यक्रम पूरा करना – निर्धारित पाठ्‌यक्रम को निर्धारित समय से पूरा करना – बच्चों को मानसिक एवं शारीरिक दण्ड न देना – अनुशासन बनाए रखना आदि
Q27
. राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा, 2005 में शान्ति शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कुछ क्रियाओं की अनुशंसा की गई है। पाठ्यक्रम रूपरेखा में निम्न में से किसे सूचीबद्ध किया गया है?
(1) नैतिक शिक्षा को पढ़ाया जाये
(2) महिलाओं के प्रति आदर एवं जिम्मेदारी का दृष्टिकोण विकसित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये जाये
(3) शान्ति शिक्षा को एक अलग विषय के रूप में पढ़ाया जाये
(4) शान्ति शिक्षा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाये।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) राष्ट्रीय पाठ्‌यक्रम रुपरेखा 2005 में शांति शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह निश्चित किया गया कि प्रत्येक समयान्तराल पर महिलाओं के प्रति आदर एवं जिम्मेदारी का दृष्टिकोण विकसित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाए।
Q28
. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, 2005 में बातचीत की गई है
(1) शैक्षिक केन्द्र से विषय केन्द्र होने पर
(2) ज्ञान स्थायी है व दिया जाता है से ज्ञान का विकास होता हो और इसकी संरचना की जाती है
(3) विद्यार्थी केन्द्रित से अध्यापक केन्द्रित की ओर
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) राष्ट्रीय पाठ्‌यक्रम 2005 की रूपरेखा- – ज्ञान का विकास किया जाय – शिक्षण के लिए सुव्यवस्थित पाठ्‌यक्रम निर्धारित किए जाय – पाठ्‌यक्रम सरल हो आदि
Q29
. क्रियात्मक अनुसन्धान का उद्देश्य है
(1) शैक्षिक परिस्थितियों में व्यवहार विज्ञान का विकास
(2) नवीन ज्ञान की खोज
(3) विद्यालय तथा कक्षा की शैक्षिक कार्य प्रणाली में सुधार लाना
(4) इनमें से सभी।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) क्रियात्मक अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य विद्यालय का वातावरण सुधारना तथा शिक्षण प्रणाली को सुगम एवं सुव्यवस्थित करने के लिए विकसित करना है।
Q30
. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 के अन्तर्गत ‘परीक्षा सुधारों’ में निम्न में से किस सुधार को सुझाया गया है?
(1) सतत/निरन्तर एवं व्यापक मूल्यांकन
(2) खुली पुस्तक परीक्षा
(3) सामूहिक कार्य मूल्यांकन
(4) इनमें से सभी।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) राष्ट्रीय पाठ्‌यचर्चा रुपरेखा 2005 के अन्तर्गत परीक्षा सुधारों के लिए सतत निरन्तर एवं व्यापक मूल्यांकन अपनाने पर सुझाव दिया गया। निर्देशः इस खण्ड में 30 प्रश्न हैं सभी प्रश्न करना अनिवार्य है।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 43.

Q1. सामाजार्थिक मुद्दों से जूझ रहे उन बच्चों को जिनकी प्रतिभा प्रभावित हो सकती है को…………….सहायता करता है।
(1) विभेदित निर्देश
(2) स्वअधिगम मा डल
(3) पाठ्यचर्या का विस्तार
(4) संज्ञानात्मक वर्गीकरण
Ans: (1)
Explanation: (1) विभेदित निर्देश की सहायता से उन बच्चों का विकास किया जा सकता है जो सामाजिक आर्थिक मुद्दों से जूझ रहे हैं और इस कारण उनकी प्रतिभा प्रभावित होती है।
Q2
. ‘‘सीखने का वह मा डल’’ जो बच्चों की सृजनात्मकता को उत्प्रेरित करता हैः
(1) रचनावादी मा डल
(2) बैंकिंग मा डल
(3) प्रोग्रामिंग मा डल
(4) उपरोत्त में कोई नहीं
Ans: (1)
Explanation: (1) रचनावादी मा डल ‘सीखने का वह मा डल’ है जो बच्चों में सृजनात्मकता को उत्प्रेरित करता है। क्योंकि इस मा डल में बच्चों को कार्य करने की स्वतंत्रता होती है जिसके परिणाम स्वरूप बच्चों में सृजनशीलता की उत्पत्ति होती है।
Q3
. जन्म के समय लगी चोट या भ्रूण क्षति की वजह से आई मानसिक मंदता कहलाती हैः
(1) पारिवारिक मंदता
(2) जैविक मंदता
(3) आकस्मिक मंदता
(4) चिकित्सा मंदता
Ans: (4)
Explanation: (4) जन्म के समय लगी चोट या भ्रूण क्षति की वजह से बच्चे में आई मानसिक मंदता चिकित्सा मंदता कहलाती है।
Q4
. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक बाल विकास की कितनी अवस्थाएँ है?
(1) 4 अवस्थाएँ
(2) 3 अवस्थाएँ
(3) 5 अवस्थाएँ
(4) 6 अवस्थाएँ
Ans: (1)
Explanation: (1) जीन पियाजे ने बालक में संज्ञानात्मक विकास को चार अवस्थाओं में बाँटा है- 1. संवेदी गामक अवस्था (0-2 वर्ष) 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष के बाद)
Q5
. निम्नलिखित में सभी संश्लेषण के उदाहरण है सिवाय……………. .
(1) भाषण देना
(2) निबंध लिखना
(3) प्रमेय सिद्ध करना
(4) चित्र रंगना
Ans: (4)
Explanation: (4) रंग भरना संश्लेषण का उदाहरण नही है क्योंकि Synthisis (संश्लेषण) की विषय-वस्तु का सार संग्रह होता है।
Q6
. एक बालक जिसकी बुद्धिलब्धि 105 है उसे वर्गीकृत किया जाएगाः
(1) सामान्य से अधिक बुद्धि
(2) श्रेष्ठ बुद्धि
(3) सामान्य बुद्धि
(4) मन्द बुद्धि
Ans: (3)
Explanation: (3) साइमन बिने नामक दो मनोवैज्ञानिकों के बुद्धि परीक्षण की विधि का प्रतिपादन किया तथा अल्प्रेड बिने ने बालकों को उनके बुद्धि लब्धि के आधार पर वर्गीकृत कियाबुद्धि लब्धि (IQ) बालक 130 से अधिक अतिप्रतिभाशाली 120-129 प्रतिभाशाली 110-119 तेज (तीव्र बुद्धि) 90-109 सामान्य 80-89 मन्द बुद्धि इस प्रकार 105 बुद्धिलब्धि वाला बालक सामान्य बुद्धि के अंतर्गत आयेगा।
Q7
. लारेंस कोह्‌लबर्ग विकास के क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते हैंः
(1) शारीरिक
(2) संज्ञानात्मक
(3) नैतिक
(4) गामक
Ans: (3)
Explanation: (3) नैतिक विकास के क्षेत्र में लारेंस कोहलवर्ग का महत्वपूर्ण योगदान है। कोहलवर्ग के अनुसार बालविकास में नैतिकता एक महत्वपूर्ण घटक होता है।
Q8
. कौन सा सीखना स्थायी होता है?
(1) सुनकर
(2) रटकर
(3) समझकर
(4) देखकर
Ans: (3)
Explanation: (3) समझकर सीखा हुआ ज्ञान स्थायी होता है। जबकि रटकर, सुनकर, देखकर सीखा हुआ ज्ञान स्थायी नहीं होता। अतः विकल्प (3) उत्तर सही है।
Q9
. पियाजे के अनुसार बच्चा अमूर्त स्तर पर चिंतन, बौद्धिक क्रियाएँ और समस्या समाधान किस अवस्था में करने लगता है?
(1) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष)
(2) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष)
(3) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11-16 वर्ष)
(4) संवेदी पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष)
Ans: (3)
Explanation: (3) पियाजे के अनुसार बालक संज्ञानात्मक विकास की चौथी अवस्था अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था होते है जो बालक में 11 वर्ष के बाद प्रारम्भ होती है। इस अवस्था में बालक बौद्धिक क्रिया तथा समस्या समाधान करने के योग्य हो जाता है।
Q10
. मूल्यांकन का उद्देश्य हैः
(1) बच्चा क्या सीखा है जानना
(2) बच्चे को उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण घोषित करना
(3) बच्चे के सीखने में आई कठिनाइयों को जानना
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के बुद्धि स्तर को मापना है ताकि यह पता चल सके कि अध्यापन कार्य के द्वारा बच्चा कितना अधिगम कर सका है।
Q11
. बालक का विकास परिणाम है :
(1) वातावरण का
(2) वंशानुक्रम का
(3) वंशानुक्रम तथा वातावरण की अंतः प्रक्रिया का
(4) आर्थिक कारकों का
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) बालक का विकास बालक के वंशानुक्रम तथा उसके वातावरण की अन्तः प्रक्रिया का परिणाम होता है। वातावरण एवं वंशानुक्रम में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होने पर बालक का विकास भी संतुलित नहीं हो पाता है।
Q12
. परीक्षा के स्थान पर सतत्‌ और व्यापक मूल्यांकन गुणवत्ता मूलक शिक्षा के लिए अधिक उपयुत्त क्योंकि इसमें :
(1) सहसंज्ञानात्मक क्षेत्र का मूल्यांकन किया जाता है।
(2) संज्ञानात्मक क्षेत्र का मूल्यांकन किया जाता है।
(3) मूल्यांकन सतत्‌ एवं व्यापक क्षेत्रों का होता है।
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) परीक्षा के स्थान पर सतत्‌ व व्यापक मूल्यांकन गुणवत्ता मूलक शिक्षा के लिए अधिक उपयुत्त होता है क्योंकि इस मूल्यांकन के तहत बालक के विकास से सम्बन्धित सभी क्षेत्रों (संज्ञानात्मक, शारीरिक, सहसंज्ञानात्मक आदि। का मूल्यांकन किया जाता है। इससे बालक का विकास सही दिशा में और सकारात्मक होगा।
Q13
. श्रवणबाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए क्या प्रयुत्त की जाती है?
(1) सांकेतिक भाषा
(2) ब्रेललिपि
(3) यंत्र
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) श्रवण बाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए सांकेतिक भाषा का प्रयोग करना सबसे उपयुत्त विधि होती है। ब्रेल लिपि का प्रयोग दृश्यबाधित बच्चों के लिए उपयुत्त होता है।
Q14
. निम्नलिखित में से क्या बच्चों के सृजनात्मकता के विकास में सहायक नहीं है?
(1) भाषण
(2) खेल
(3) कहानी लेखन
(4) निर्माण संबंधी क्रियाएँ
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) सृजनात्मकता नवीन विचार या नवीन वस्तु से सम्बंधित होती है अतः बालक के सृजनात्मकता के विकास के लिए वे सभी तत्व आवश्यक होते हैं जिससे नये विचारों का जन्म हो। खेल के द्वारा सृजनात्मकता का विकास नहीं होता बल्कि इसके द्वारा सामाजिकता एवं शारीरिक विकास होता है। जबकि अन्य विकल्प में निहित तथ्य सृजनात्मकता के विकास के लिए आवश्यक है।
Q15
. ‘‘बुद्धि के द्विखण्ड सिद्धान्त’’ का प्रतिपादन किसने किया?
(1) थर्सटन
(2) स्पियरमैन
(3) गिलफोर्ड
(4) गेने
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) मनोवैज्ञानिक स्पियर मैन ने बुद्धि के द्विखण्ड सिद्धांत का प्रतिपादन किया था। स्पियर मैन के अनुसार बुद्धि के विकास के लिए दो तत्व आवश्यक होते है- 1. G Factor 2. S Factor
Q16
. हार्वर्ड गार्नर द्वारा निम्न में से एक को छोड़कर बाकी सभी बुद्धि के प्रकार बताए गए हैंः
(1) सृजनात्मकता
(2) भाषा
(3) अंतर्वैयत्तिक कौशल
(4) अंतःवैयत्तिक कौशल
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) हार्वर्ड गार्डनर ने बुद्धि के सम्बन्ध में बहुबुद्धि सिद्धांत का प्रतिपादन किया था। बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार बुद्धि सात प्रकार की होती है- (1) भाषायी बुद्धि (2) तार्किक गणितीय बुद्धि (3) स्थानिक बुद्धि (4) शारीरिक गतिकी बुद्धि (5) संगीत बुद्धि (6) अन्तर्वैयत्तिक बुद्धि (7) अंतःवैयत्तिक बुद्धि। जबकि ‘सृजनात्मकता’ हार्वर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अंतर्गत नहीं आता है।
Q17
. बिग व हंट अनुसार……………की विशेषताओं को सर्वोत्तम रूप से व्यत्त करने वाला एक शब्द है ‘‘परिवर्तन’’। परिवर्तन शारीरिक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक होता है।
(1) बाल्यावस्था
(2) शैशवावस्था
(3) किशोरावस्था
(4) प्रौढ़ावस्था
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) बिग एवं हंट के अनुसार किशोरावस्था की विशेषताओं को सर्वोत्तम रूप से व्यत्त करने वाला एक शब्द है, ‘‘परिवर्तन’’। परिवर्तन शारीरिक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक होता है।
Q18
. शिक्षा में प्राबेल का महत्वपूर्ण योगदान था…………. का विकास।
(1) पब्लिक स्कूल
(2) व्यावसायिक स्कूल
(3) किंडर गार्टन
(4) लेटिन स्कूल
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) शिक्षा में प्रोबेल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रोबेल ने प्राथमिक शिक्षा के लिए किण्डर गार्टन पद्धति का विकास किया था।
Q19
. एक बच्ची को उसके पिता चहल कदमी करा रहे थे। बच्ची जानती थी कि चिड़िया जैसी चीजें होती हैं परन्तु उसने कभी पतंग को नहीं देखा था। पतंग को देखकर उसने कहा ‘‘चिड़िया को तो देखो’’ उसके पिता ने कहा ‘‘यह एक पतंग है’’। यह उदाहरण दिखाता है।
(1) समायोजन
(2) सम्मिलन
(3) संरक्षण
(4) वस्तु का प्रदर्शन
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) चिड़िया तथा पतंग में समानता के आधार पर उसे पहचानना सम्मिलन प्रक्रिया का उदाहरण है।
Q20
. सीखने का ‘‘क्लासिकल कंडीशनिंग’’ सिद्धांत प्रतिपादित किया थाः
(1) पावलौव
(2) स्किनर
(3) थार्नडाइक
(4) कोह्‌लबर्ग
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) सीखने की क्लासिकल कंडीशनिंग सिद्धांत का प्रतिपादन पावलौव ने दिया है। इसे अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत या अनुबंधित अनुक्रिया सिद्धांत भी कहा जाता है।
Q21
. निम्नलिखित में सृजनशीलता का प्रमुख तत्व क्या नहीं है?
(1) अनुशासन
(2) मौलिकता
(3) धाराप्रवाहिता
(4) लचीलापन
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) सृजनशीलता का प्रमुख लक्षण है- – मौलिकता – धाराप्रवाहिता – लचीलापन अनुशासन सृजनशीलता का लक्षण नहीं है।
Q22
. संकेत अधिगम के अन्तर्गत निम्नलिखित सीखा जाता हैः
(1) पारम्परिक अनुकूलन
(2) मनोविज्ञान
(3) वातावरण
(4) मनोदैहिक
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) संकेत अधिगम के द्वारा मनोविज्ञान को सीखा जा सकता है।
Q23
. सीखने के ‘‘प्रयास और भूल सिद्धान्त’’ के प्रतिपादन किया है :
(1) थार्नडाइक
(2) कोहलर
(3) पावला व
(4) स्किनर
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) थार्नडाइक ने अधिगम के क्षेत्र में ‘प्रयास एवं भूल सिद्धांत’ का प्रतिपादन किया। थार्नडाइक के अनुसार प्राणि अपनी त्रुटि के बार-बार करने से उसमें सुधार करता है और इस तरह प्राणि के परिपक्वता आ जाती है।
Q24
. एक कक्षा में वैयत्तिक विभिन्नताओं के क्षेत्र हो सकते हैं :
(1) सीखने के
(2) रुचियों के
(3) चरित्र के
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) वैयत्ति भिन्नता व्यत्तियों में शारीरिक, मानसिक एक सामाजिक होती है। इसी आधार पर कक्षा में छात्रों की बुद्धि लब्धि के आधार पर, उनकी रुचियों के आधार पर एवं उनके आचरण के आधार पर छात्रों में भिन्नता प्रदर्शित होती है।
Q25
. एक 13 वर्षीय बालक बात-बात में अपने बड़ों से झगड़ा करने लगता है और हमेशा स्वयं को सही साबित करने की कोशिश करता है। वह विकास की किस अवस्था में हैः
(1) किशोरावस्था
(2) प्रारम्भिक बाल्यावस्था
(3) युवावस्था
(4) बाल्यावस्था
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) 12 वर्ष के बाद बालक अपनी नयी अवस्था किशोरावस्था में पहुँच जाता है जहाँ समायोजन के आभाव में तनाव महसूस करने लगता है।
Q26
. शिक्षा मनुष्य में अंतर्निहित क्षमता का परिपूर्णता में विकास करते हैं। यह कथन किसका हैः
(1) स्कीनर
(2) स्वामी विवेकानन्द
(3) पेस्टाला जी
(4) रविन्द्रनाथ टैगोर
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) स्वामी विवेकानन्द के अनुसार- ‘‘शिक्षा मनुष्य में अन्तर्निहित क्षमता का परिपूर्णता में विकास करते है।’’
Q27
. निम्न में से कौन सा विशिष्ट अधिगम विकलांगता का उदाहरण है?
(1) डिसलेक्सिया
(2) मानसिक मंदता
(3) एटेंशन डेफिसिट हाइपर डिसआर्डर
(4) आटिस्म
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) एटेंशन डेफिसिट हाइपर डिसआर्डर (एकाग्रता ह्रास अति क्रियाशील विकार) विशिष्ट अधिगम विकलांगता का उदाहरण है। इस विकार की वजह से सीखने में कठिनाई होती है।
Q28
. बालक के शारीरिक व क्रियात्मक विकास की दिशा होती हैः
(1) सिर से पैर तथा शरीर के मध्य से बाहर की ओर
(2) सिर से पैर तथा शरीर के बाहर से मध्य की ओर
(3) पैर से सिर तथा शरीर के बाहर से मध्य की ओर
(4) पैर से सिर तथा शरीर के मध्य से बाहर की ओर
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) बालक के शारीरिक की दिशा सिर से पैर तक तथा क्रियात्मक विकास मध्य से बाहर की ओर होता है।
Q29
. ‘‘सीखना व्यवहार में उत्तरोत्तर सामन्जस्य की प्रक्रिया है।’’ यह कथन हैः
(1) पियाजे
(2) व्रो व व्रो
(3) स्किनर
(4) कोहलर
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) स्कीनर ने अधिगम के सम्बंध में विचार दिया कि ‘‘सीखना व्यवहार में उत्तरोत्तर सामन्जस्य की प्रक्रिया है।’’
Q30
. सामाजिक अधिगम आरम्भ होता हैः
(1) भीड़ से
(2) अलगाव से
(3) संपर्क से
(4) दृश्य श्रव्य सामग्री से
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) सामाजिक अधिगम लोगों के सम्पर्क में आने पर आरम्भ होता है। जितना अधिक लोगों के साथ सम्पर्क बनेगा सामाजिक अधिगम उतना ही अधिक होगा। निर्देशः इस खण्ड में कुल 30 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 42.

Q1. द्वि-तत्व सिद्धान्त के प्रतिपादक कौन है?
(1) जेम्स ड्रेवर
(2) स्पीयरमैन
(3) हा ल्स
(4) वेल्स।
Ans: (2)
Explanation: (2) द्वि-तत्व सिद्धांत – स्पीयरमैन एक ब्रिटेन के प्रसिद्ध दार्शनिक थे। उन्होंने 1904 में यह समझने का प्रयास किया कि बुद्धि कितने कारकों और तत्वों से मिलकर बनी है, तथा उन्होंने अपने अध्ययनों के आधार पर 1927 में बुद्धि के दो कारकों या तत्वों का उल्लेख किया। एक को सामान्य तत्व (General factor, G-factor) तथा दूसरे को विशिष्ट तत्व (Specific factor, S-factor) की संज्ञा दी गयी तथा इसी को स्पीयरमैन का द्वि तत्व सिद्धांत कहा गया।
Q2
. मनोविज्ञान की प्रयोगशाला किस मनोवैज्ञानिक ने स्थापित की?
(1) स्पीयर मैन
(2) ऐस्किवरल
(3) हा ल्स
(4) वुण्ट।
Ans: (4)
Explanation: (4) डा . वुण्ट जर्मनी के प्रमुख जर्मन चिकित्सक, विज्ञानी, आधुनिक विज्ञान के संस्थापक नेताओं में से एक के रूप में जाना जाता था। इसके साथ ही यह मनोविज्ञान के प्रोफेसर भी थे इन्होंने (1879 या 1881) में एक मनोविज्ञान की प्रयोगशाला की स्थपना की (प्रयोगशाला की स्थापना के सही सन्‌ में विवाद है अतः स्पष्ट नहीं कह सकते।)
Q3
. 1882 ई. में किस मनोवैज्ञानिक द्वारा लन्दन में मानवीय विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए प्रयोगशाला का निर्माण किया गया?
(1) गाल्टन
(2) कैटेल
(3) अल्प्रेड बिने
(4) वुडवर्थ।
Ans: (3)
Explanation: (3) अल्प्रेड बिने ने 1882 में लन्दन में मानवीय विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए प्रयोगशाला का निर्माण किया था।
Q4
. मनोवैज्ञानिक वाइगा ट्‌स कहाँ के थे?
(1) रूस
(2) जापान
(3) प्रांस
(4) चीन।
Ans: (1)
Explanation: (1) वाइगा ट्‌स प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक थे जो रुस के निवासी थे।
Q5
. ‘‘व्यावहारिक बुद्धि का अर्थ है कि बुद्धि संस्कृति का उत्पाद होती है।’’ यह किसका कथन है?
(1) वाइगा ट्‌स
(2) स्टर्नबर्ग
(3) सैलोवी
(4) मेयर।
Ans: (2)
Explanation: (2) ‘व्यवहारिक बुद्धि का अर्थ है कि बुद्धि संस्कृति का उत्पाद होती है।’ यह कथन स्टेनबर्ग द्वारा दिया गया था। स्टेनबर्ग ने एक त्रितन्त्र सिद्धांत दिया था। जिसमें कि व्यत्ति जब तर्क करता है या प्रभावी ढंग से किसी सूचना को संशोधित करता है तो उस समय उसके मन में क्या होता है। इस तथ्य का प्रेक्षण कई व्यत्तियों में किया और उसके बाद निष्कर्ष निकाला कि मानव बुद्धि में कई तत्व सम्मिलित होते हैं – जिसे स्टर्नबर्ग के सिद्धांतानुसार कई भाग में विभाजित किया गया है – (i) कूटसंकेतन (ii) अनुमान (iii) व्यवस्था (iv) उपयोग (v) अनुक्रिया आदि।
Q6
. विभेदक परीक्षण का उपयोग किस मनोवैज्ञानिक ने भारतीय अनुकूलन के अनुसार विकसित किया है?
(1) वालाश
(2) होरेस
(3) जे. पी. गिलफोर्ड
(4) जे. एम. ओझा।
Ans: (4)
Explanation: (4) मनोवैज्ञानिक जे. एम. ओझा ने विभेदक परीक्षण का उपयोग भारतीय अनुकूलन के अनुसार विकसित किया।
Q7
. किस अभिक्षमता को ए. एस. टी. के नाम से जाना जाता है?
(1) सामान्य अभिक्षमता
(2) विभेदक अभिक्षमता
(3) आर्म्ड सर्विसेज अभिक्षमता
(4) व्यावसायिक अभिक्षमता
Ans: (3)
Explanation: (3) आर्म्ड सर्विसेज अभिक्षमता को A.S.T के नाम से जाना जाता है।
Q8
. प्रारम्भ में आत्मा का प्रयोग किस शास्त्र में किया जाता था?
(1) दर्शनशास्त्र
(2) अर्थशास्त्र
(3) समाजशास्त्र
(4) शिक्षाशास्त्र
Ans: (1)
Explanation: (1) दर्शनशास्त्र वह ज्ञान है जो परम सत्य और प्रकृति के सिद्धान्तों और उनके कारणों की विवेचना करता है। दर्शनशास्त्र सामाजिक चेतना के रूपों में से एक है। अतः दर्शनशास्त्र का सम्बन्ध आत्मा से है। जिसमें व्यत्ति के आत्मा (अन्तर्निहित ज्ञान) का अध्ययन किया जाता था।
Q9
. किसका अभिप्राय अपने व्यवहार को नियंत्रित करने से है?
(1) आत्म अनुदेश
(2) आत्म नियंत्रण
(3) आत्म प्रबलन
(4) आत्म अभिव्यत्ति
Ans: (2)
Explanation: (2) आत्म नियंत्रण का अर्थ है आत्मा पर नियंत्रण अर्थात्‌ अपनी इच्छाओं को नियंत्रित करना आत्म नियंत्रण है अतः अपने व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए उपयुत्त शब्द आत्म नियंत्रण है।
Q10
. किसका तात्पर्य उन विशिष्ट तरीकों से है जिनके द्वारा व्यत्ति अपनी अनुभूतियों को व्यत्त करता है?
(1) अन्तनिरीक्षण
(2) आत्म नियंत्रण
(3) आत्म सम्मान
(4) आत्म प्रबलन।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) आत्म प्रबलन का तात्पर्य उन विशिष्ट तरीकों से है जिनके द्वारा व्यत्ति अपनी अनुभूतियों को व्यत्त करता है।
Q11
. किस परीक्षण में 10 मसिलक्ष्य या स्याही धब्बे होते है?
(1) 16 पी. एफ.
(2) रोर्शा परीक्षण
(3) ई. पी. क्यू.
(4) एम. एम. पी. आई.।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) स्याही धब्बे परीक्षण (10 मसिलक्ष्म परीक्षण) को रोर्शा ने किया था इसलिए इसे रोर्शा परीक्षण भी कहा जाता है।
Q12
. व्यत्तियों के शारीरिक बीमारियों में कितने प्रतिशत तक दबाव की भूमिका महत्वपूर्ण है?
(1) 51 से 69
(2) 45 से 65
(3) 52 से 71
(4) 50 से 70
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) व्यत्तियों के शारीरिक बीमारियों में 50-70% तक दबाव की भूमिका होती है।
Q13
. “Pathology of Brain” नामक पुस्तक किसके द्वारा प्रकाशित है?
(1) फिलिप
(2) हा लर
(3) व्रेपलिन
(4) बेन्जामिन रश।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) Pathology of Brain पुस्तक व्रेपलिन द्वारा लिखी गई है।
Q14
. असामान्य मनोविज्ञान के आधुनिक युग के जनक थे
(1) सिगमण्ड प्रायड
(2) एडलर
(3) जुंग
(4) जीन एसक्यूरल
Ans: (1)
EXPLANATION: सिगमण्ड प्रायड को असामान्य मनोविज्ञान का आधुनिक युग का जनक कहा जाता है।
Q15
. Father of Medicine के नाम से किस मनोवैज्ञानिक को जाना जाता था?
(1) आइजेन्क
(2) हिप्पोव्रेटीज
(3) अरस्तू
(4) प्लेटो।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) अरस्तु को Father of Medicine के नाम से जाना जाता है।
Q16
. सामूहिक पागलपन के प्रमाण किस शताब्दी से किस शताब्दी तक मिले?
(1) 11 वीं से 16 वीं तक
(2) 10 वीं से 15 वीं तक
(3) 10 वीं से 14 वीं तक
(4) 10 वीं से 16 वीं तक
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) 10वीं से 16वीं शताब्दी तक के काल में सामूहिक पागलपन के प्रमाण मिलते है।
Q17
. मनः स्नायु विकृति के रोग का लक्षण है
(1) आशंका
(2) भय
(3) रोग
(4) कष्ट।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) मनःस्नायु विकृति रोग का लक्षण आशंका होता है जिसमें व्यत्ति को स्वयं पर विश्वास नहीं हो पाता है और अपने कार्यो की सफलता एवं असफलता को लेकर सशंकित रहता है।
Q18
. छात्रों में चोरी करने की आदत को कैसे दूर किया जा सकता है?
(1) उदाहरण देकर
(2) बालकों को पारितोषिक देकर
(3) ताड़ना देकर
(4) सजा देकर।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) बच्चों में चोरी करने की आदत को दूर करने का सबसे बेहतर तरीका उदाहरण देना है जिसमें बुरे कार्यो (चोरी) के परिणाम को बताते हुए उन्हें उससे दूर कर सकते है। सजा एवं ताड़ना देकर उनके व्यवहार को तत्काल रोका जा सकता है परन्तु व्यवहार परिवर्तन नहीं किया जा सकता। पारितोषिक देना उनके चोरी करने के व्यवहार को बढ़ावा देना होगा।
Q19
. अधिगम का शिक्षा में योगदान है
(1) नवीन अनुभव प्राप्त करने में
(2) व्यवहार परिवर्तन में
(3) समायोजन में
(4) इनमें से सभी में।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अधिगम का तात्पर्य सीखना है जिसमें बालक अपने उत्तरदायित्वों को पूरा करने के तरीकों के बारे में जानता है। अधिगम का शिक्षा में निम्न योगदान है। – व्यवहार परिवर्तन – नवीन अनुभवों को प्राप्त करना – समायोजन करना – समस्याओं को हल करना – सामाजिक आवश्यकताओं को जानना
Q20
. थकान का कारण नहीं है
(1) शिक्षण विधियाँ
(2) निरन्तर कार्य करते रहना
(3) विश्राम
(4) अपर्याप्त रोशनी।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) निरन्तर कार्य करते रहने से एक कार्य के लिए अनुकूल पारिस्थितियों के न होने से थकान का अनुभव किया जाता है। थकान को दूर करने के लिए विश्राम (आराम) किया जाता है। अतः विश्राम थकान का कारण नहीं है।
Q21
. आधुनिक युग में मानसिक स्वास्थ्य पर किसका सबसे बुरा प्रभाव पड़ता है?
(1) जीवन की अस्थिरता का
(2) शिक्षा का
(3) आराधना का
(4) भौतिकता का।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) जीवन की अस्थिरता के लिए व्यत्ति तनाव की स्थिति में रहता है जो उसके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है।
Q22
. लिंग का निर्धारण होता है
(1) पिता द्वारा
(2) माता द्वारा
(3) माता-पिता द्वारा
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) ग्रेगर जानमेण्डल जिन्हें अनुवांशिकता का पिता कहा जाता है, इनके अनुसार लिंग का निर्धारण बालक के पिता के द्वारा होता है, क्योंकि माता में XX व्रोमोसोम पाये जाते हैं।
Q23
. गर्भस्थ शिशु में संवेदनशीलता का विकास प्रारंभ होता है
(1) पैर से
(2) सिर से
(3) हाथ से
(4) सम्पूर्ण शरीर से।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) गर्भस्थ शिशु में सर्वप्रथम मस्तिष्क का विकास होता है अतः संवेदनशीलता का विकास भी सिर से प्रारम्भ होता है।
Q24
. जन्मोत्तर (जन्म के बाद की) विकास की दूसरी प्रमुख अवस्था है
(1) शैशवावस्था
(2) गर्भावस्था
(3) किशोरावस्था
(4) बाल्यावस्था।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) जन्म के विकास की अवस्थापहली अवस्था-शैशवावस्था दूसरी अवस्था-वाल्यावस्था तीसरी अवस्था- किशोरावस्था
Q25
. यौन परिपक्वता में महत्वपूर्ण हाथ है
(1) उप-वृक्क ग्रंथि का
(2) पीयूष ग्रंथि का
(3) गल ग्रंथि का
(4) उप-गल गं्रथि का।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) पीयूष ग्रंथि को मास्टर ग्रंथि कहा जाता है इसी से सम्पूर्ण मानव व्यवहार एवं शरीर की आन्तक्रियाओं का नियंत्रण होता है। यौन परिक्वता में भी पीयूष ग्रंथि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
Q26
. वीर पूजा की भावना जाग्रत होती है
(1) बाल्यावस्था में
(2) किशोरावस्था में
(3) प्रौढ़ावस्था में
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) वीर पूजा का तात्पर्य है किसी प्रसिद्ध व्यत्तित्व को अपना आदर्श मानते हुए उनके जैसे अपने व्यवहार को समायोजित करना। इस प्रकार के गुण किशोरावस्था में पाए जाते है।
Q27
. अति संरक्षणशीलता बालक को बना देती है
(1) आदर्शवादी
(2) सामाजिक
(3) धार्मिक
(4) अव्यावहारिक।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) संरक्षण का तात्पर्य पुरानी परम्पराओं को बनाए रखना होता है जिसे आदर्श कहते है अतः अति संरक्षणशीलता बालक को आदर्शवादी बना देता है जिसमें बालक पूर्व निर्धारित रास्तो से ही अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करता है।
Q28
. दुबले-पतले एवं क्षीण शरीर तथा कमजोर हृदय वाले बच्चों को कहा जाता है
(1) अपंग बालक
(2) समस्यात्मक बालक
(3) पिछड़ा बालक
(4) नाजुक बालक।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) दुबले-पतले एवं क्षीण शरीर तथा कमजोर हृदय वाले बच्चे समस्यात्मक बालक के अन्तर्गत आते है।
Q29
. चिह्र भाषा एवं श्रवण-दृश्य विधियों का प्रयोग किन बालकों की शिक्षा के लिए उपयोगी है?
(1) मन्दित श्रवण वाले
(2) प्रतिभाशाली
(3) पिछड़ा बालक
(4) समस्यात्मक बालक
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) कम सुनने वाले बालको को शिक्षा देने के लिए चित्र, चिन्ह तथा श्रवण दृश्य विधियों का प्रयोग किया जाता है।
Q30
. शारीरिक एवं मानसिक परिपक्वता प्राप्त व्यत्तियों को कहा जाता है
(1) प्रौढ़
(2) किशोर
(3) वृद्ध
(4) बालक।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) शारीरिक एवं मानसिक परिपक्वता का तात्पर्य शरीर एवं सोचने समझने की क्षमता का पूर्ण विकास। यह लक्षण किशोरावस्था की है क्योंकि किशोरावस्था में व्यत्ति का शरीर एवं मानसिक क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 48.

Q1. एक बच्चे की वृद्धि और विकास के अध्ययन की सर्वाधिक अच्छी विधि कौन-सी है?
(1) तुलनात्मक विधि
(2) मनोविश्लेषण विधि
(3) विकासीय विधि
(4) सांख्यिकी विधि
Ans: (3)
Explanation: (3) किसी बच्चे के विकास एवं वृद्धि का अध्ययन करने के लिए सर्वाधिक उपयुत्त विधि विकासीय विधि है। हरला क के अनुसार – ‘‘विकास की प्रक्रिया गतिशील होती है और विकासात्मक परिवर्तनों का उद्देश्य बालक में पर्यावरण के साथ समायोजन की योग्यता प्राप्त करना है।’’
Q2
. समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसे बच्चे व वयस्क सीखते हैं
(1) विद्यालय से
(2) परिवार से
(3) श्रेष्ठ जनों से
(4) इन सभी से
Ans: (4)
Explanation: (4) समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें बच्चे व वयस्क अपने परिवार विद्यालय व श्रेष्ठ जनो से कुछ सीखते है जो उनके भावी जीवन को संतुलित कर समायोजित करता है।
Q3
. बच्चे के विकास के शिरस्थ सिद्धान्त के अनुसार निम्न में से सत्य कथन है
(1) विकास पैर से सिर की ओर होता है
(2) विकास सिर से पैर की ओर होता है
(3) विकास मध्यभाग से परिधि की ओर होता है
(4) उपरोत्त में से कोई नहीं
Ans: (2)
Explanation: (2) शिरस्थ सिद्धांत के अनुसार- ‘‘बच्चे का विकास सिर से पैर की ओर होता है।’’
Q4
. मानव जाति में वे कौन-से वैयत्तिक निर्धारक तत्व होते है, जो मानव जाति की विविधता को बताते हैं?
(1) आनुवांशिकता का अन्तर
(2) पर्यावरण का अन्तर
(3) आनुवांशिकता व पर्यावरण की अन्तव्रिर्या
(4) उपरोत्त में से कोई नहीं
Ans: (3)
Explanation: (3) आनुवांशिक एवं पर्यावरणीय अन्तव्रिर्या के फलस्वरूप वैयत्तिक भिन्नता उत्पन्न होती है जो मानव जाति के विविधता को बताते है।
Q5
. संक्षिप्त रूप PSRN जोकि विकास से सम्बन्धित है, व्याख्या करता है
(1) समस्या हल, सम्बन्ध और आंकिक क्षमता (Problem Solving, Relationship and Numeracy)
(2) समस्या हल, तार्किकता व आंकिक क्षमता (Problem Solving, Reasoning and Numeracy)
(3) बौद्धिक क्षमता, तार्किकता और आंकिक क्षमता (Perceptual Skill, Reasoning and Numeracy)
(4) बौद्धिक क्षमता, तार्किकता और अंक ज्ञान (Perceptual Skill, Relationship and Numbers)
Ans: (2)
Explanation: (2) PSRN का पूर्णरूप- Problem Solving, Reasoning and Numeracy अर्थात्‌ समस्या समाधान तार्किकता एवं आंकिक क्षमता।
Q6
. वाइगोत्स्की (Vygotsky) ने बाल विकास के बारे में कहा कि
(1) यह सामाजिक अन्तव्रिर्याओं का उत्पाद होता है
(2) यह संस्कारों की आनुवांशिकी के कारण होता है
(3) औपचारिक शिक्षा का उत्पाद होता है
(4) यह समावेशन और समायोजन का परिणाम होता है
Ans: (1)
Explanation: (1) वाइगोत्स्की के अनुसार- ‘‘बालक का विकास सामाजिक अन्तव्रिर्याओं के परिणाम स्वरूप होता है।’’
Q7
. गार्डनर ने सात अभियोग्यताओं का अधिमान निर्धारित किया, इसमें से कौन-सा नहीं है?
(1) भावनात्मक अभियोग्यता
(2) स्थान सम्बन्धी अभियोग्यता
(3) अन्तर्वैयत्तिक अभियोग्यता
(4) भाषात्मक अभियोग्यता
Ans: (1)
Explanation: (1) गार्डनर द्वारा निर्धारित सात अभियोग्यताओं का अधिमान निम्न है- 1. दृश्य/स्थानिक अभियोग्यता 2. भाषात्मक अभियोग्यता 3. अन्तर्वैयत्तिक अभियोग्यता 4. शारीरिक अभियोग्यता 5. समायोजन की अभियोग्यता 6. तार्किक अभियोग्यता 7. खेल अभियोग्यता भावनात्मक अभियोग्यता गार्डनर द्वारा निर्धारित नहीं किया गया।
Q8
. अभियोग्यता के सम्बन्ध में सही कथन क्या है?
(1) सीखने की क्षमता का नाम अभियोग्यता है
(2) समायोजन करने की क्षमता का नाम अभियोग्यता है
(3) संक्षिप्त तार्किकता (Abstract Reasoning) की क्षमता का नाम अभियोग्यता है
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (4)
Explanation: (4) अभियोग्यता का तात्पर्य समायोजन की क्षमता, सीखने (अधिगम) की क्षमता तथा तार्किकता की क्षमता का समावेश है अतः अभियोग्यता में सभी बातें आती हैं जो मानव जीवन के बौद्धिकता की वृद्धि करती है।
Q9
. ‘‘घटना और वस्तुओं के बारे में एक बच्चा तार्किक रूप से सोच सकता है’’ पियाजे के चरणों के सम्बन्ध में सही कथन है
(1) प्रारम्भिक संचालन प्रक्रिया (Pre Operational)
(2) सेन्सरी तन्त्रिका तन्त्र (Sensory Motor)
(3) मूर्त संचालन प्रक्रिया (Concrete Operational)
(4) औपचारिक संचालन प्रक्रिया (Formal Operation)
Ans: (3)
Explanation: (3) पियाजे के बौद्धिक क्षमता की तीसरी अवस्था मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11वर्ष) में बच्चे किसी घटना और वस्तुओं के बारे में सोच सकते है।
Q10
. सहयोगात्मक रणनीति की किस श्रेणी में महिलाएँ निम्न से सम्बन्धित नहीं होती?
(1) प्रतिरोध
(2) स्वीकार्यता
(3) व्रान्ति
(4) अनुकूलन
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) सहयोगात्मक रणनीति में महिलाएं व्रांति की प्रवृत्ति नहीं रखती है।
Q11
. वैयत्तिक विभिन्नता के मिलने के सम्बन्ध में एक अध्यापक की भूमिका होनी चाहिए
(1) व्यत्ति आधारित पाठ्‌यक्रमों को उनकी आवश्यकता के अनुसार जानने की कोशिश
(2) व्यत्ति के दृष्टिकोण, अभिरुचि और योग्यता को जानने का प्रयास
(3) उपरोत्त दोनों
(4) उपरोत्त में से कोई नहीं
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) वैयत्तिक भिन्नता मिलन के संबंध में एक अध्यापक को व्यत्ति का दृष्टिकोण उसकी योग्यता एवं अभिरुचियों को जानने का प्रयत्न करना चाहिए तथा व्यत्ति आधारित पाठ्‌यक्रमों को उनकी आवश्यकता के अनुसार जानने की कोशिश करनी चाहिए। अतः विकल्प a एवं b दोनो सही है।
Q12
. यदि एक बच्चे की मानसिक आयु 5 वर्ष तथा वास्तविक आयु 4 वर्ष है तो उस बच्चे की IQ होती है
(1) 80
(2) 125
(3) 120
(4) 100
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) बुद्धिलब्धि = 100 वास्तविक आयु मानसिक आयु = 100 4 5 = 125
Q13
. विद्यालयी क्षेत्र में रचनात्मक निर्धारकों को जानने के लिए इनमें से कौन-सा उपागम नहीं है?
(1) बहुविकल्पीय प्रश्न
(2) वार्तालाप कौशल
(3) परियोजना कार्य
(4) मौखिक प्रश्न
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) विद्यालयी क्षेत्र में रचनात्मक निर्धारकों को जानने के लिए मुख्यतः तीन उपागम होते हैं – 1. वार्तालाप कौशल 2. परियोजना कार्य 3. मौखिक प्रश्न बहुविकल्पिय प्रश्नों से वस्तुनिष्ठता का निर्धारण होता है।
Q14
. आपकी कक्षा के कुछ छात्र अति मेधावी हैं, आप उन्हें किस तरह पढ़ाएँगे?
(1) उच्च कक्षा के साथ
(2) कक्षा के साथ
(3) समृद्धिकरण कार्यक्रमों के द्वारा
(4) जब वे चाहें
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) कक्षा के प्रति मेधावी छात्रों को समृद्धिकरण कार्यक्रमों के माध्यम से पढ़ाया जाना चाहिए ताकि छात्र की सभी ज्ञानेन्द्रिया संव्रिय रहे।
Q15
. नैदानिक परीक्षा (Diagnostic Test) का मुख्य उद्देश्य है
(1) उपचारात्मक कार्यक्रम की विशेष प्रकृति की आवश्यकता
(2) कक्षा में प्रदर्शन के दौरान सामान्यतया कमजोर क्षेत्र में चिह्रित करना
(3) अकादमिक कठिनाइयों के कारणों का पता लगाना
(4) छात्र की कठिनाइयों की विशेष प्रकृति को जानना
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) नैदानिक परीक्षा (Diagnostic test) का मुख्य उद्देश्य छात्रों के अधिगम के समक्ष उत्पन्न होने वाली शैक्षिक समस्याओं के कारणों का पता लगाना है।
Q16
. विशेष शिक्षा सम्बन्धित हैं
(1) कम योग्य छात्रों के लिए शैक्षिक कार्यक्रम से
(2) मेधावी छात्र के लिए शिक्षा से
(3) शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम से
(4) पिछड़ी बुद्धि के छात्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम से
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) विशेष शिक्षा ऐसे छात्रों को दी जाती है जो बौद्धिक क्षमता में कम होते है ताकि अतिरित्त सहायता से वे सामान्य बच्चों की तरह अपना अधिगम कर सके।
Q17
. CCE में, औपचारिक और योग्यात्मक निर्धारण का कुल मूल्य होता है
(1) क्रमशः 60% और 40%
(2) क्रमशः 40% और 60%
(3) क्रमशः 50% और 50%
(4) उपरोत्त में से कोई नहीं
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) CCE (Continuous and comprehensive Evaluation) अर्थात सतत एवं व्यापक मूल्यांकन में औपचारिक एवं योग्यात्मक निर्धारण का मूल्य क्रमशः 40% एवं 60% होता है।
Q18
. शिक्षा में विकास को लेकर प्रोबेल का मुख्य योगदान है
(1) बालवाड़ी
(2) वाणिज्यिक शिक्षणालय
(3) पब्लिक स्कूल
(4) लैटिन स्कूल
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) शिक्षा के विकास में प्रोबेल का महत्वपूर्ण योगदान किण्डर गार्डन (बालवाडी) संस्थाओं की संकल्पना के विकास में है।
Q19
. इनमें से कौन-सा अनुच्छेद यह कहता है कि धर्म और भाषा के आधार पर आधारित अल्पसंख्यक अपने अनुसार शिक्षा संस्थानों को स्थापित कर चला सकते हैं?
(1) अनुच्छेद 29 (2)
(2) अनुच्छेद 29 (1)
(3) अनुच्छेद 30 (1)
(4) अनुच्छेद 30 (2)
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) भारतीय संविधान के भाग तीन के मौलिक अधिकार के अनु. 30(1) में इसका वर्णन किया गया है कि धर्म एवं भाषा के आधार पर कोई अल्पसंख्यक समुदाय अपने शिक्षा संस्थानों की स्थापना कर सकता है
Q20
. यदि एक बच्चा 16 को 61 लिखिता है तथा 6 और d के मध्य अन्तर नहीं कर पाता हो, तो यह है
(1) सीखने में अक्षम
(2) दृष्टि-दोष
(3) मानसिक दोष
(4) मानसिक क्षय
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) बच्चा सीखने में अक्षम है।
Q21
. आप एक कक्षा में शिक्षक के तौर पर छात्रों को प्रेरित करते हैं (1) निर्देश निर्धारित कर (2) श्यामपट्ट का प्रयोग कर (3) दृष्टान्त/उदाहरण के द्वारा (4) छात्रों की सव्रिय भागीदारी द्वारा कूट
(1) 1 और 4
(2) 1, 2 और 3
(3) 2 और 4
(4) ये सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) छात्रों को प्रेरित करने के मुख्य स्रोत- 1. श्यामपट्‌ट द्वारा 2. उदाहरण द्वारा 3. निर्देश निर्धारण द्वारा आदि। 4. छात्रों की सव्रिय भागीदारी द्वारा।
Q22
. सीखने के वे कौन-से कारक हैं जो सीखने को प्रभावित करते हैं?
(1) प्रेरणा और उपलब्धि का अभिप्रेरण स्तर
(2) शिक्षणार्थी का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य
(3) उत्सुकता और इच्छाशत्ति
(4) उपरोत्त सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) सीखने को प्रभावित करने वाले कारक- 1. शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य 2. अभिप्रेरणा स्तर 3. उत्सुकता 4. इच्छाशत्ति 5. वातावरण आदि
Q23
. संज्ञानात्मक विकास का अर्थ है।
(1) बच्चे का विकास
(2) अभियोग्यता का विकास
(3) शारीरिक कौशल का विकास
(4) व्यत्तिगत विकास
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) संज्ञानात्मक विकास का सम्बंध बालक के अभियोग्यता के विकास से है जो मुख्यतः बौद्धिकता से सम्बंधित होता है
Q24
. रचनात्मक लेख का नियोजन होना चाहिए
(1) केवल उन छात्रों के लिए जो लम्बे वाक्य को लिख सकते हैं
(2) केवल उन छात्रों के लिए जो कक्षा स्तर पर पढ़ते हैं
(3) केवल उन छात्रों के लिए जो समाचार-पत्र के लिए लिखना चाहते हैं
(4) सभी छात्रों के लिए
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) उपयुत्त सभी विकल्प a, b एवं c सही है।
Q25
. एक मेधावी छात्र अध्ययन में बेहतर उपलब्धि हासिल नहीं कर पा रहा है। शिक्षक को निम्न में से उसके लिए कौन-सी गतिविधि अपनानी चाहिए?
(1) उसकी कम उपलब्धि के कारण का पता करना
(2) उसके बेहतर प्रदर्शन की प्रतिज्ञा
(3) उसे परीक्षा में कृपांक देना
(4) उसके अभिभावक से कहना कि वह उसे स्कूल से निकाल लें
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) अगर कोई मेधावी छात्र बेहतर उपलब्धि हासिल नहीं कर पा रहा हो तो सर्वप्रथम अध्यापक को छात्र द्वारा उसकी कम उपलब्धि प्राप्ति के लिए उत्तरदायी कारणों का पता लगाना चाहिए तत्पश्चात कठिनाई को हल करने का प्रयास करना चाहिए।
Q26
. वे कौन-से बाह्य कारक है जो एक बच्चे को कक्षा में रुचि लेने से रोकते हैं?
(1) संस्कृति और प्रशिक्षण
(2) भावना और मनोभाव
(3) बच्चे का दृष्टिकोण
(4) लक्ष्य और प्रयोजन
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) प्रशिक्षण तथा संस्कृति सम्बंधी वाह्य कारक बच्चों को कक्षा में रुचि लेने से रोकते हैं।
Q27
. शब्द IDENTICAL ELEMENTS (समान तत्व) निम्न से गहन सम्बन्ध रखता है
(1) सहयोगियों से ईर्ष्या
(2) समान परीक्षा प्रश्न
(3) अधिगम स्थानान्तरण
(4) समूह निर्देशन
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) IDENTICAL ELEMENT (समानतत्व) अधिगम स्थानान्तरण सिद्धांत से सम्बंधित है। इस सिद्धांत का प्रतिपादन थार्नडाइक एवं वुडवर्थ ने किया था।
Q28
. क्लासिकल स्थिति का प्रतिपादक कौन था?
(1) पावला व
(2) स्किनर
(3) वा टसन
(4) था र्नडाइक
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) क्लासिकल स्थिति का प्रतिपादन पावला व द्वारा किया गया जिसे शोधीय अनुकूलन का सिद्धांत भी कहते है यह प्रयोग कुत्ते पर किया गया था।
Q29
. यह कहा जाता है कि शिक्षक को संसाधन सम्पन्न होना चाहिए, इसका अर्थ है
(1) उसका उच्च अधिकारियों से सम्पर्क होना चाहिए ताकि कोई उसे हानि न पहुँचाए
(2) उसके पास पर्याप्त मात्रा में पैसा और सम्पत्ति होनी चाहिए ताकि वह ट्‌यूशन न पढ़ाए
(3) उसे पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए ताकि छात्रों की समस्याओं को हल कर सके
(4) उसकी छात्रों के बीच अच्छी पैठ होनी चाहिए ताकि अधिकारीगण उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई न करे
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) शिक्षक को संसाधन सम्पन्न होने से तात्पर्य शिक्षक के पास पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए तथा छात्रों की समस्याओं को हल कर सकें।
Q30
. इनमें से कौन-सा प्रयोजन प्राथमिक प्रयोजन कहलाता है?
(1) शारीरिक प्रयोजन
(2) मानसिक प्रयोजन
(3) सामाजिक प्रयोजन
(4) शैक्षणिक प्रयोजन
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) शारीरिक प्रयोजन को प्राथमिक प्रयोजन कहते हैं।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 46.

Q1. 9 वर्ष के बालक की नैतिक तर्कना आधारित होती है
(1) कोई कार्य सही होना इस बात पर निर्भर करता है कि उससे व्यत्ति को अपनी आवश्यकता पूर्ति होती है
(2) किसी कार्य के भौतिक परिणाम उसकी अच्छाई या बुराई को निर्धारित करते हैं
(3) नियमों का पालन करने के बदले में कुछ लाभ मिलना चाहिए
(4) सही कार्य वह है जो उस व्यत्ति के द्वारा किया जाये जो अन्य व्यत्तियों को अपने व्यवहार से प्रभावित करता है।
Ans: (2)
Explanation: (2) 9 वर्ष के बालक में तर्क करने की क्षमता का विकास शुरू हो जाता है तथा वह इस तथ्य पर सोच सकता है कि क्या सही है अथवा क्या गलत है तद्‌नुरूप वह कार्यो का विश्लेषण करने लगता है। इस प्रकार वह परिणाम के आधार पर अच्छा एवं बुरा का निर्धारण करता है।
Q2
. निम्न में से कौन-सा उदाहरण अभिप्रेरणा का परिणाम नहीं हैं?
(1) जा न स्टुअर्ट मिल ने 12 वर्ष की उम्र में दर्शन का अध्ययन आरम्भ कर दिया था
(2) कृष्ण ने नृत्य का समय एक घंटे से बढ़ा कर दो घंटे कर दिया है।
(3) जगन ने ‘श्वास लेने की प्रक्रिया’ में रुचि दिखानी प्रारम्भ कर दी है
(4) राम ने तेजी से आधुनिक एवं प्राचीन ऐतिहासिक प्रवृत्तियों में सहसम्बन्ध स्थापित करने में प्रगति की है।
Ans: (3)
Explanation: (3) श्वास लेना एक अनैच्छिक क्रिया है तथा सतत्‌ मृत्यु तक चलने वाली क्रिया है। इस पर किसी प्रकार का अभिप्ररेणा का प्रभाव नहीं होता है।
Q3
. निम्न में से क्या एक प्रभावी प्रशंसा के रूप में अध्यापक के लिये कार्य करेगा?
(1) विद्यार्थियों के वर्तमान कार्य निष्पादन को उसके समूह के अन्य साथियों के सन्दर्भ वर्णित करता है
(2) विद्यार्थियों के अवधान को उसके कार्य से सम्बन्धित व्यवहार पर केन्द्रित करता है
(3) विद्यार्थियों को उनकी योग्यताओं अथवा कार्य निष्पादन के महत्व की सूचना देता है
(4) जब विद्यार्थी अपने व्यवहार को नियंत्रित नहीं कर पाते तो उन्हें सकारात्मक व्यवहारात्मक समर्थन प्रदान करता है।
Ans: (3)
Explanation: (3) विद्यार्थी की योग्यता एवं कार्य निष्पादन की सफलता अध्यापक के लिए प्रभावी प्रशंसा का कार्य करती है क्योंकि विद्यार्थी की सफलता में ही अध्यापक की सफलता होती है।
Q4
. निम्न में से कौन-सा उदाहरण अधिगम को प्रदर्शित करता है?
(1) स्वादिष्ट भोजन देख कर मुँह में लार का आना
(2) हाथ जोड़ कर अध्यापक का अभिवादन करना
(3) चढ़ना, भागना एवं फेंकना तीन से पाँच वर्ष की अवस्था में
(4) इनमें से सभी।
Ans: (3)
Explanation: (3) अधिगम का तात्पर्य सीखना है। किसी बच्चे को कार्य करने के तरीकों को बताया जाए और छात्र उसी तरह का व्यवहार करे तो छात्र द्वारा अर्जित ज्ञान अधिगम कहलाएगा। जैसे 3-5 वर्ष के बालकों को चलना, दौड़ना आदि सिखाया जाता है।
Q5
. निम्न में से कौन-सा चिन्तन की प्रक्रिया में सबसे कम महत्वपूर्ण है?
(1) प्रतीक एवं चिह्र
(2) चित्र
(3) मांसपेशीय क्रियायें
(4) भाषा।
Ans: (4)
Explanation: (4) चिंतन प्रक्रिया का मुख्य घटक है- विषयवस्तु – शारीरिक क्षमता – बुद्धि आदि। चिंतन प्रकिया में भाषा का बहुत कम योगदान होता है
Q6
. अन्तर्वैयक्तिक बुद्धि को प्रदर्शित करने वाला व्यवहार है
(1) दूसरे के मूड को भाँप जाना
(2) दूसरे के अन्तर्मन की इच्छाओं एवं मंशा का पता लगाना
(3) मिलते जुलते संवेगों यथा उदासी एवं पछतावा में भेद कर पाना
(4) दूसरों के विचारों एवं व्यवहारों को प्रभावित करने के लिये उनसे सम्बन्धित जानकारी का प्रयोग करना।
Ans: (3)
Explanation: (3) अन्तर्वैयत्तिक बौद्धिक क्षमता के द्वारा समान क्रियाओं में भिन्नता का पता लगाया जा सकता है। यह क्षमता जन्म जात होती है तथा आयु बढ़ने के साथ इस क्षमता का विकास होता जाता है।
Q7
. निम्न में से कौन-सी व्यूह रचना/ अभिप्रेत लैंगिक अन्तरों को मद्देनजर रखते लैंगिक समता की भावना के विपरीत है?
(1) प्रारम्भिक विद्यालयों वर्षों में लड़के एवं लड़कियों में शारीरिक एवं गामक कौशलों के विकास की सम्भाव्य क्षमता समान होती है
(2) विद्यार्थियों को बतायें कि रूढ़िबद्ध विषयों में सफलता हासिल कर सकते है
(3) लड़कों की समस्याओं के समाधान और विश्व पर नियंत्रण रखने के लिये उनकी योग्यता पर उनको आत्मविश्वास विकसित करने के लिये सहयोग प्रदान करें
(4) लड़के एवं लड़कियों दोनों के कम आव्रामक एवं एक दूसरे के साथ अन्तःक्रिया करने के सम्मत सामाजिक तरीकों को सिखाया जाये।
Ans: (3)
Explanation: (3) लैंगिक समता का तात्पर्य लिंग के आधार पर स्त्री-पुरुष में किसी प्रकार का पक्षपातपूर्ण व्यवहार न करना। स्त्री-पुरुष में पक्षपात पूर्ण व्यवहार लैंगिक समता की भावना के विपरीत होती है। लैंगिक समता में किसी भी पक्ष का वर्चस्व दूसरे पक्ष पर नहीं करते हैं।
Q8
. एक अध्यापक किसी भी समूह में समुदाय आधारित व्यत्तिगत विभिन्नताओं को समझ सकता है –
(1) बुद्धि के आधार पर
(2) आँखों के सम्पर्क के आधार पर
(3) भाषा एवं अभिव्यत्ति के आधार पर
(4) गृह कार्य के आधार पर।
Ans: (3)
Explanation: (3) प्रत्येक समुदाय की अपनी भाषा, रीति-रिवाज एवं अभिव्यत्ति के कार्य करने के तरीके होते है। इस आधार पर अध्यापक अलग-2 समूहों के विद्यार्थियों को व्यत्तिगत विभिन्नता के आधार पर उनकी पहचान कर सकते है।
Q9
. सृजनशीलता के पोषण हेतु, एक अध्यापक को अपने विद्यार्थियों को रखना चाहिए
(1) लक्ष्य केन्द्रित
(2) कार्य केन्द्रित
(3) कार्य केन्द्रित एवं लक्ष्य केन्द्रित
(4) पुरस्कार प्रेरित
Ans: (1)
Explanation: (1) सृजनशीलता का तात्पर्य नये-नये मार्गों (आयामों) के द्वारा निश्चित लक्ष्य की प्राप्ति की क्षमता। अतः सृजनशीलता के पोषण के लिए अध्यापक को अपने विद्यार्थियों को लक्ष्य केन्द्रित करने का प्रयास करना चाहिए न कि कार्य केन्द्रित पर।
Q10
. निम्न में से कौन-सी विशेषता सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों की नहीं है?
(1) नियमित स्वास्थ्य सम्बन्धी देखभाल नहीं मिलती
(2) बालकों को देखभाल के अनुभव उन्हें स्कूल के लिए प्रभावशाली ढंग से तैयार नहीं करते
(3) व्यापक एवं विविध अनुभवों को प्राप्त करने का मौका नहीं मिलता
(4) विद्यालय में अच्छा करने के लिये अभिप्रेरित नहीं किया जाता।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) स्वास्थ्य सम्बंधी दोष सामाजिक कारण नहीं बल्कि व्यत्तिगत दोष होते है।
Q11
. क्रियात्मक अनुसन्धान मौलिक अनुसन्धान से भिन्न है क्योंकि यह
(1) शोधकर्ताओं द्वारा किया जाता है जिनका विद्यालय से कोई सम्बन्ध नहीं होता
(2) अध्यापकों, शैक्षिक प्रबन्धकों एवं प्रशासकों द्वारा किया जाता है
(3) यह सांख्यिकीय उपकरणों पर आधारित होता है
(4) यह न्यादर्श पर आधारित होता है।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) क्रियात्मक अनुसंधान के द्वारा शिक्षा प्रणाली प्रक्रिया में सुधार कर शिक्षण प्रक्रिया को और प्रभावशाली बनाया जा सकता है यह अनुसंधान शिक्षक विद्यालय प्रबंधक एवं प्रशासकों द्वारा किया जाता है। जबकि मौलिक अनुसंधान शोध छात्रों द्वारा किया जाता है।
Q12
. क्रियात्मक अनुसन्धान में
(1) क्रियात्मक उपकल्पनाओं का निर्माण किसी तर्कयुत्त विवेक पर आधारित है।
(2) क्रियात्मक उपकल्पनाओं का निर्माण समस्याओं के कारणों पर आधारित है
(3) क्रियात्मक उपकल्पनाओं का निर्माण इस प्रकार किया जाता है ताकि उनका सांख्यिकीय सत्यापन किया जा सके
(4) क्रियात्मक उपकल्पनाओं का निर्माण नहीं किया जाता।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) विद्यालयों में किया जाने वाला क्रियात्मक अनुसंधान शिक्षण समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है ताकि शिक्षण को प्रभावशाली तथा सुगम बनाया जा सके।
Q13
. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 में बहुभाषा को एक संसाधन के रूप में समर्थन दिया गया है क्योंकि
(1) भाषागत पृष्ठभूमि के कारण कोई भी बालक पीछे न छूट जाये
(2) यह एक तरीका है जिसमें प्रत्येक बालक सुरक्षित महसूस करें
(3) यह बालकों को अपने पर विश्वास के लिये प्रोत्साहन देगा
(4) इनमें से सभी।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा रूपरेखा 2005 में बहुभाषा को एक संसाधन के रूप में समर्थन दिया गया। इसके निम्न कारण है- 1. बालक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे 2. मातृभाषा का विकास हो 3. बालक को भाषा सम्बंधी समस्याओं को सामना न करना पड़े 4. बालकों में आत्मविश्वास की वृद्धि हो सके। 5. समय की बचत हो सके आदि
Q14
. निम्न में से कौन-सा तरीका विज्ञान विषय को समझने के लिये उच्च प्राथमिक स्तर पर उपयुत्त नहीं है?
(1) रेखाचित्र बनाना
(2) वस्तुओं का प्रेक्षण करना व अवलोकनों को रिकार्ड/ दर्ज करना
(3) वास्तविक अनुभव प्रदान करना
(4) अमूर्त्तता के द्वारा विषय को सीखना।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) उच्च प्राथमिक स्तर पर बालकों को विज्ञान विषय समझाने के लिए उन सभी प्रक्रियाओं का सहारा लेना आवश्यक है जिसमें वे स्वयं प्रत्यक्ष तौर पर अनुभव कर सके क्योंकि तभी उनकी समझ विकासित होती है। अप्रत्यक्ष अनुभव आधारित ज्ञान के द्वारा विज्ञान को समझने में समस्या का सामना करना पड़ेगा।
Q15
. निम्न में से कौन-सा कथन बहुग्रेड शिक्षण प्रणाली के साथ सहमति नहीं रखता?
(1) बैठने की लचीली व्यवस्था
(2) एक अध्यापक एक समय में एक से अधिक कक्षाओं का प्रबन्धन करता है
(3) विभिन्न कक्षाओं में एक ही कक्षा में अन्तःक्रिया
(4) विद्यार्थियों का आयु एवं योग्यता के आधार पर समान होना।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) बहुग्रेड शिक्षा प्रणाली ऐसी शिक्षण प्रणाली होती है जिसमें एक अध्यापक एक ही समय अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कक्षा-कक्ष के बैठाकर शिक्षण कार्य करता है।
Q16
. संज्ञानात्मक विकास में वंशक्रम निर्धारित करता है
(1) शारीरिक संरचना के विकास को
(2) मस्तिष्क जैसी शारीरिक संरचना के मूलभूत स्वभाव को
(3) सहज प्रतिवर्ती क्रियाओं के अस्तित्व को
(4) इनमें से सभी।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) वंशानुक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक व्यत्ति अपने माता-पिता के शारीरिक स्वभाव एवं मस्तिष्क जैसे गुणों का निर्वहन करता है।
Q17
. निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(1) प्रारम्भिक अनुभव महत्वपूर्ण होते हैं और अध्यापक का हस्तक्षेप भी महत्वपूर्ण होता है
(2) जो अध्यापक यह विश्वास करता है कि विकास प्रकृति की वजह से होता है, वह अनुभव प्रदान करने को महत्त्व नहीं देता
(3) प्रारम्भिक जीवन की नकारात्मक घटनाओं के प्रभाव से कोई भी अध्यापक बचाव नहीं कर सकता
(4) व्यवहारात्मक परिवर्तन के सन्दर्भ में विकास वातावरणीय प्रभावों के फलस्वरूप होता है।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) अध्यापक का मुख्य कार्य होता है विद्यार्थियों के नकारात्मक भाव को दूर कर सकारात्मक भाव का समावेश करना और कुशल अध्यापक अपने कार्यो में सफल भी होता है।
Q18
. निम्न में से कौन-सी विशेषता परिपक्वता को अधिगम से अलग करती है?
(1) यह अभ्यास पर निर्भर करती है
(2) यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है
(3) यह प्रेरकों पर निर्भर करती है
(4) यह जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) परिपक्वता एक स्वभाविक प्रक्रिया है परन्तु अधिगम स्वभाविक प्रक्रिया नहीं है। इस स्तर पर परिपक्वता अधिगम से अलग होती है।
Q19
. निम्न में से कौन-सा कथन विकास के सम्बन्ध में सही नहीं है?
(1) विकास का उद्देश्य वंशानुगत सम्भाव्य क्षमता का विकास करना है
(2) विकास प्रतिमानों की कुछ निश्चित विशेषताओं की भविष्यवाणी की जा सकती है
(3) विकास के विभिन्न क्षेत्रों में सम्भाव्य खतरे नहीं होते हैं
(4) प्रारम्भिक विकास बाद के विकास से अधिक महत्वपूर्ण है।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) ‘‘विकास के विभिन्न क्षेत्रों में सम्भाव्य खतरे नहीं होते हैं’’ यह कथन गलत है क्योंकि प्रत्येक विकास के क्षेत्र में खतरे की सम्भावना रहती है।
Q20
. दल या गैंग का सदस्य होने से समाजीकरण उत्तर बाल्यावस्था में बेहतर होता है। निम्न में से कौन-सा कथन इस विचार के विपरीत हैं?
(1) जिम्मेदारियों को निभाना सीखता है
(2) वयस्कों पर निर्भर न होकर सीखता है
(3) अपने समूह के प्रति वफादार होना सीखता है
(4) छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करते हुये, अपने गैंग के सदस्यों से लड़ाई मोल लेता है।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) दल बनाना उत्तर बाल्यावस्था की मुख्य विशेषता होती है। इस अवस्था के बालक अपने आयु वर्ग के बालकों के साथ समूह बना लेते है और अपने समूह के साथ खेलते है। इससे मित्रता की भावना का विकास होता है और अपने आवश्यकता के लिए अपने अभिभावक पर धीरे-धीरे निर्भरता को कम करते हैं। अतः प्रश्नानुसार कथन का विपरीत विचार है कि वह अपने समूह या गैंग के लोगों के साथ छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा मोल लेता है। अतः वचन गलत है।
Q21
. योगात्मक मूल्यांकन का उद्देश्य है
(1) अधिगम को सुगम बनाना व ग्रेड न प्रदान करना
(2) समय विशेष एवं विभिन्न कार्यों पर एक विद्यार्थी ने कितना अच्छा निष्पादित किया है, का पता लगाना
(3) ऐसे विद्यार्थी का पता लगाना जो अपने साथियों के समकक्ष सम्प्राप्ति में कठिनाई अनुभव कर रहा है
(4) अगली इकाई के अनुदेशन से पूर्व प्रगति का पता लगाना।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) योगात्मक मूल्यांकन का उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि एक विद्यार्थी अलग-अलग परिस्थितियों में किसी कार्य का कितना अच्छा निष्पादन दिया है।
Q22
. राजू खरगोश से डरता था। शुरू में खरगोश को राजू से काफी दूर रखा गया। आने वाले दिनों में हर रोज खरगोश और राजू के बीच की दूरी कम कर दी गई। अन्त में राजू की गोद में खरगोश को रखा गया और राजू खरगोश से खेलने लगा। यह प्रयोग उदाहरण है
(1) शोधीय अनुबन्धन सिद्धान्त का
(2) प्रयत्न एवं त्रुटि सिद्धान्त का
(3) क्रिया प्रसूत अनुबन्धन सिद्धान्त का
(4) इनमें से सभी।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) किसी व्यत्ति का किसी अन्य से सम्बंधों में प्रगाढ़ता शोधीय अनुबंध सिद्धांत कहलाता है। इस सिद्धांत के तहत दो व्यत्ति या वस्तुओं में आत्मीयता बढ़ती जाती है।
Q23
. बहिर्मुखी विद्यार्थी अन्तर्मुखी विद्यार्थी से किस विशेषता के आधार पर भिन्न होता है?
(1) मन ही मन पेरशान होने की अपेक्षा अपनी भावनाओं को अभिव्यत्त करता है
(2) मजबूत भावनायें, पसंदगी एवं नापसंदगी
(3) अपने बौद्धिक कार्यों में डूबा रहता है
(4) बोलने की अपेक्षा लिखने में बेहतर।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) बहिर्मुखी विद्यार्थी अपनी अभिव्यत्ति पसंद एवं नापसंद को बता देता है परन्तु अन्तर्मुखी विद्यार्थी अपनी भावनाओं को प्रकट नहीं कर पाता और परिस्थितियों में समायोजन करने के कारण उसे समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
Q24
. निम्न में से कौन कथन बुद्धि के बारे में सत्य नहीं है?
(1) यह सामंजस्य/अनुकूलन स्थापित करने में सहायक है
(2) यह एक व्यत्ति की मानसिक क्षमता है
(3) यह व्यवहार की गुणवत्ता से आँकी जाती है
(4) यह स्थाई एवं अपरिवर्तनशील विशेषता है।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) बुद्धि वह साधन है जो व्यत्ति के मानसिक क्षमता को दर्शाता है तथा व्यत्ति अपने वातावरण के साथ खुद को समायोजित एवं अनुकूलित कर पाता है। बुद्धि के द्वारा ही व्यत्ति के किए गये कार्यों का सही तरीके से अवलोकन करके उसके कार्यो की सफलता या असफलता को जाँचते है। बुद्धि अस्थाई तथा परिवर्तनशील होती है और अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-2 व्यवहार को अपनाती है।
Q25
. एक सन्तुलित व्यत्तित्व वह है जिसमें
(1) इदम्‌ एवं अहम्‌ के बीच सन्तुलन स्थापित किया जाता है
(2) इदम्‌ एवं परम अहम्‌ के बीच सन्तुलन स्थापित किया जाता है।
(3) अहम्‌ एवं परम्‌ अहम्‌ के बीच सन्तुलन स्थापित किया जाता है।
(4) मजबूत अहम्‌ को बनाया जाता है।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) एक संतुलित व्यत्तित्व वह है जिसमें व्यत्ति के अन्दर अहम्‌ तथा परम अहम्‌ के बीच सन्तुलन स्थापित रहता है।
Q26
. मानसिक रूप से पिछड़े बालकों के लिये निम्न में से कौन-सी व्यूह रचना कार्य करेगी?
(1) विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने के लिये प्रोत्साहित करना
(2) कार्यों को मूर्त रूप से समझाना
(3) स्व-अध्ययन के अवसर प्रदान करना
(4) सहायता के लिये बाहर से संसाधनों को प्राप्त करना।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) मानसिक रूप से पिछड़े (मन्दबुद्धि) बालकों के लिए शिक्षण कार्य तभी सफल हो सकता है जब उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाय क्योंकि प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा ग्रहण किया गया ज्ञान स्मृति पटल में ज्यादा समय तक रहता है। प्रत्यक्ष ज्ञान को ही मूर्त रूप कहा जाता है। उपरोत्त तथा विकल्प (4) में निहित हैं। अतः विकल्प (4) सही उत्तर है।
Q27
. नृत्य, ड्रामा एवं शिल्पकला का प्रयोग किया जाता है
(1) व्यत्तित्व को ढालने के लिए
(2) विशिष्ट गुणों के विकास हेतु
(3) दबी एवं बर्दाश्त न की जा सकने वाले अंतनोंद के प्रगटीकरण हेतु
(4) इनमें से सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) नृत्य, ड्रामा एवं शिल्पकला एक विशिष्ट गुण होता है जिसमें व्यत्ति अपने व्यत्तिगत गुण एवं रूचियों के कारण इसे अपनाता है। इसके गुण एवं क्रिया के द्वारा व्यत्ति स्वयं की या समाज की परिस्थितियों एवं दोषों तथा समस्याओं को सबके सामने लाने के लिए एक साधन के रूप में प्रयोग करता है।
Q28
. वर्तनी, वाचन एवं गणना में कठिनाई, सामान्य बुद्धि एवं अच्छी अनुकूलनात्मक योग्यता विशेषता है
(1) सामान्य/औसत अधिगमकर्त्ता की
(2) धीमी गति से सीखने वालों की
(3) मानसिक रूप से पिछड़े बालकों की
(4) अधिगम निर्योग्य बालकों की।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) सामान्य/औसत अधिगम कर्ता की विशेषताओं में वर्तनी वाचन एवं गणना में कठिनाई, सामान्य बुद्धि एवं अच्छी अनुकूलनात्मक योग्यता शामिल है।
Q29
. फ एवं व, म एवं न अक्षरों की ध्वनियों में अन्तर न कर पाना, अधिगम की समस्या सम्बन्धित है
(1) स्मृति की
(2) अवधान केन्द्रण की
(3) प्रत्यक्षीकरण की
(4) इनमें से सभी
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) प्रत्यक्षीकरण के कारण अधिगम प्रभावित होता है इसकी कमी से अक्षरों के ध्वनियों में अन्तर कर पाना कठिन होता है।
Q30
. निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का बालकों का अधिकार, 2009 के अर्न्तगत, किसी भी अध्यापक को निम्न में से किस कार्य के लिये नहीं लगाया जा सकता?
(1) आपदा राहत कार्य में
(2) दस वर्ष पश्चात होने वाली जनगणना में
(3) चुनाव सम्बन्धी कार्य में
(4) पल्स पोलियो कार्यक्रम में।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार 2009 के अनुसार अध्यापकों को अब पल्स-पोलियो अभियान के तहत घर- घर जाकर बच्चों को ड्राप पिलाने के कार्यों से छूट दे दी गयी अब यह कार्य आशा सदस्य एवं नर्सो के द्वारा किया जाता है। निर्देशः इस खण्ड में 30 प्रश्न हैं सभी प्रश्न करना अनिवार्य है।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 44.

Q1. ‘खिलौनों की आयु’ कहा जाता है
(1) उत्तर बाल्यावस्था को
(2) पूर्व बाल्यावस्था को
(3) शैशवावस्था को
(4) इनमें से सभी।
Ans: (2)
Explanation: (2) पूर्व बाल्यावस्था की आयु 3-6 वर्ष मानी जाती है। इस आयु वर्ग को ‘खिलौनो की आयु’ कहा जाता है क्योंकि इस अवस्था में बालक अपने खिलौनों के साथ ही अपना मन बहलाता है। स्टैनले हाल के अनुसार- ‘‘बच्चों के खेल उन कार्यो की पुनरावृत्ति है जो सृष्टि के प्रारम्भ से उनके पूर्वज करते आ रहे है।’’
Q2
. निम्न में से कौन-सी पूर्व बाल्यावस्था की विशेषता नहीं है?
(1) अनुकरण करने की अवस्था
(2) दल/समूह में रहने की अवस्था
(3) प्रश्न करने की अवस्था
(4) खेलने की अवस्था।
Ans: (2)
Explanation: (2) पूर्व बाल्यावस्था की आयु 3-6 वर्ष मानी जाती है। इस अवस्था की विशेषताएँ निम्न है- 1. अनुकरण करने की प्रवृत्ति 2. जिज्ञासा की प्रवृत्ति-क्यों एवं कैसे? युत्त प्रश्न पूछता है 3. खेलने की प्रवृत्ति (खिलौने की आयु कहा जाता है) 4. शारीरिक विकास में तीव्रता 5. स्वप्रेम की भावना जिसे नार्सोसिज्म कहते हैं। अत्यन्त प्रबल होता है। 6. संवेगों का प्रदर्शन 7. मूल प्रवृत्तियों पर आधारित काम करना आदि। दल एवं समूह में रहने की अवस्था पूर्व बाल्यावस्था नहीं बल्कि बाल्यावस्था को कहते है।
Q3
. उत्तर बाल्यावस्था में बालक भौतिक वस्तुओं के किस आवश्यक तत्व में परिवर्तन समझने लगते हैं?
(1) द्रव्यमान और संख्या
(2) द्रव्यमान
(3) संख्या
(4) द्रव्यमान, संख्या और क्षेत्र।
Ans: (4)
Explanation: (4) उत्तर वाल्यावस्था का काल 9-12 वर्ष होता है। यह काल में बालक की औपचारिक शिक्षा प्रारम्भ होती है तथा बालक विद्यालय जाने लगता है और बालक भौतिक वस्तुओं के द्रव्यमान, संख्या एवं क्षेत्र को समझने लगता है।
Q4
. विकास का अर्थ है
(1) अभिप्रेरणा के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की उत्तरोत्तर शृंखला
(2) परिवर्तनों की उत्तरोत्तर शृंखला
(3) अभिप्रेरणा एवं अनुभव के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की उत्तरोत्तर शृंखला
(4) परिपक्वता एवं अनुभव के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की शृंखला।
Ans: (4)
Explanation: (4) विकास एक परिवर्तन है जिसमें उत्तरोत्तर (गुणात्मक) वृद्धि होती रहती है। समय की दृष्टि से व्यत्ति में जो परिवर्तन दृष्टिगत होते है वे विकास कहलाते है विकास मानव के शारीरिक एवं मानसिक परिपक्वता के साथ उसके अनुभव के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की एक शृंखला है जो जीवन तक चलती है।
Q5
. विकास के सन्दर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(1) विकास उकसाने/बढ़ावा देने से नहीं होता है
(2) विकास की प्रत्येक अवस्था के अपने खतरे हैं
(3) विकास सांस्कृतिक परिवर्तनों से प्रभावित होता है
(4) विकास की प्रत्येक अवस्था की अपनी विशेषताएँ होती हैं।
Ans: (1)
Explanation: (1) विकास की विशेषताए- 1. विकास सांस्कृतिक एवं वातावरणीय परिवर्तनों से प्रभावित होता है 2. विकास के प्रत्येक अवस्था की अपनी विशेषताए होती है। 3. विकास के प्रत्येक अवस्था के अपने खतरे है अर्थात्‌ विकास को सही दिशा नहीं दी गई तो नकारात्मक विकास उत्पन्न होगा। 4. बढ़ावा देने से भी विकास प्रभावित होता है।
Q6
. निम्न में से कौन-सा विकासात्मक कार्य उत्तर बाल्यावस्था के उपयुत्त नहीं है?
(1) पुरुषोचित या स्त्रियोचित सामाजिक भूमिकाओं को प्राप्त करना
(2) सामान्य खेलों के लिये आवश्यक शारीरिक कुशलताएँ सीखना
(3) वैयत्तिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना
(4) अपने हमउम्र बालकों के साथ रहना सीखना
Ans: (1)
Explanation: (1) प्रत्येक अवस्था को उसके अनुसार नियंत्रित एवं निर्देशित किया जाता है तथा उसके लिए निम्न कार्य किए जाते है – → शारीरिक सुदृढ़ता एवं वृद्धि के लिए खेल भावना का विकास करना → वैयत्तिक आत्म निर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण देना → हम उम्र बालकों के साथ रहना, सिखाना ताकि उनमें समायोजन एवं सहयोगोत्मक भावना का विकास हो सके पुरुषोचित एवं स्त्रियोचित सामाजिक भूमिकाओं को प्राप्त करने से बालको में लिंग विभेदता की भावना उत्पन्न हो सकती है।
Q7
. सामान्य परिपक्वन से पहले प्रशिक्षित करना प्रायः
(1) कुल मिला कर हानिकारक होता है।
(2) सामान्य कौशलों के निष्पादन के संदर्भ में बहुत लाभकारी होता है।
(3) दीर्घकालिक दृष्टि से लाभकारी होता है।
(4) लाभकारी हो या हानिकारक, यह इस पर निर्भर करता है कि प्रशिक्षण में किस प्रकार की विधि का प्रयोग किया गया है।
Ans: (4)
Explanation: (4) प्रशिक्षण से प्राप्त पारिवक्वता लाभ कारक है या हानिकारक इस बात पर निर्भर करता है कि प्रशिक्षण के दौरान किस प्रकार की विधियों का प्रयोग किया जाता है। क्योंकि साधन (विधि) से ही साक्ष्य (लक्ष्य) का निर्धारण किया जाता है।
Q8
. पाँच वर्ष का राजू अपनी खिड़की के बाहर तूफान को देखता है। बिजली चमकती है और कड़कने की आवाज आती है। राजू शोर सुन कर उछलता है। बार-बार यह घटना होती है। फिर कुछ देर शान्ति के पश्चात बिजली कड़कती है। राजू बिजली की गर्जना सुनकर उछलता है। राजू का उछलना सीखने के किस सिद्धान्त का उदाहरण है?
(1) क्रियाप्रसूत अनुबन्धन
(2) शोधीय अनुबन्धन
(3) प्रयत्न एवं भूल
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
Explanation: (2) शोधीय अनुबंध के सिद्धांत में व्यत्ति को पुनरावृत्ति द्वारा अधिगम प्राप्त होता है। इसे अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत भी कहते है। इसका सिद्धांत का प्रतिपादन 1904 में पावलव ने किया था। उन्होंने इस क्रिया को समझने के लिए सर्वप्रथम कुत्ते पर प्रयोग किया था। प्रश्नगत – बिजली कड़कने की पुनरावृत्ति बारबार होती है और बिजली कड़कने के साथ ही राजू के उछलने की पुनरावृत्ति भी बार-बार होती है। इसमें बिजली कड़कने का सम्बंध राजू के उछलने से हो जाता है।
Q9
. सकारात्मक दण्ड का निम्न में से कौन-सा उदाहरण है?
(1) मित्रों के साथ समय बरबाद करना
(2) मित्रों के द्वारा उपहास
(3) मीनमेख निकालना बंद करना
(4) इनमें से सभी।
Ans: (2)
Explanation: (2) बालक को अभिप्रेरित करने के कई साधन होते है सकारात्मक साधन → प्रशंसा, शाबासी, पुरस्कार सकारात्मक दण्ड – उपहास, हँसी उड़ाना नकारात्मक नकारात्मक दण्ड – शारीरिक दण्ड, डाटना
Q10
. निम्न में से कौन-सा कथन अभिप्रेरणा एक प्रक्रिया के सन्दर्भ में उपयुत्त नहीं है?
(1) यह व्यत्ति की शारीरिक आवश्यकताओं की संतुष्टि करता है।
(2) यह व्यत्ति को लक्ष्य की ओर ले जाता है।
(3) यह मनोवैज्ञानिक आकांक्षा को प्राप्त करने में सहायता करता है।
(4) यह व्यत्ति की अप्रिय स्थिति से दूर रखता है।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अभिप्रेरणा व्यत्ति को – – लक्ष्य की ओर ले जाती है – शारीरिक आवश्यकताओं को संतुष्ट करती है – मनोवैज्ञानिक आकांक्षाओं को प्राप्त करने पर सहायता प्राप्त करती है कभी-कभी अभिप्रेरणा व्यत्ति को अप्रिय स्थिति में ले जाती है जहाँ उसकी महात्वाकांक्षाए तो पूर्व हो सकती है, परन्तु पारिस्थिति एवं वातावरण व्यत्ति के अनूकुल नहीं रहते।
Q11
. किसी उद्दीपन के निरन्तर दिये जाने से व्यवहार में होने वाला अस्थायी परिवर्तन कहलाता है
(1) अधिगम
(2) अभ्यस्तता
(3) अस्थायी अधिगम
(4) अभिप्रेरणा
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अभिप्रेरणा एक अस्थायी परिवर्तन होता है क्योंकि आवश्यकता से अभिप्रेरणा उत्पन्न होती है और आवश्यकता पूर्ण होने के बाद अभिप्रेरणा भी शांत हो जाती है।
Q12
. विद्यार्थियों की अभिवृत्तियों में परिवर्तन के लिए निम्न में से किस विधि का प्रयोग अध्यापक को नहीं करना चाहिए?
(1) किसी विचार को दोहराना अथवा दृढ़तापूर्वक व्यवहार
(2) दबाव से किसी बात या विचार के लिए राजी करना
(3) किसी प्रशंसनीय व्यत्ति के द्वारा समर्थन एवं स्वीकृति
(4) संदेश के साथ साहचर्य स्थापित करना।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) विद्यार्थियों के अभिवृत्ति के परिवर्तन के लिए अध्यापक को किसी भी प्रकार के नकारात्मक साधन का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि विद्यार्थियों में कुण्ठा भावना का विकास हो सकता है तथा वह विद्यार्थी उस अध्यापक के साथ सहजता का अनुभव नहीं कर पाता है।
Q13
. उपलब्धि अभिप्रेरक के सम्बन्ध में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
(1) यदि व्यत्तिगत क्षमताओं की सन्तुष्टि महत्वपूर्ण है तो उपलब्धि अभिप्रेरक को विकास प्रेरक कहा जा सकता है
(2) उपलब्धि अभिप्ररेक जीवित रहने के लिए आवश्यक है
(3) यदि व्यत्तियों के मध्य प्रतियोगिता पर बल है, तो उपलब्धि अभिप्रेरक को सामाजिक अभिप्ररेक कहा जा सकता है
(4) इनमें से सभी।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अभिप्रेरक वे घटक है जो मानव व्यत्ति की आवश्यकता को पूर्ण करने में सहायक होते है और व्यत्ति कार्य करने को प्रेरित होता है अभिप्रेरक कहलाता है। उपलब्धि अभिप्रेरण में व्यत्ति लक्ष्य केन्द्रित होकर कार्य करता है अतः उपर्युत्त सभी विकल्प सही है।
Q14
. 6 से 10 वर्ष की अवस्था में बालक रुचि लेना प्रारम्भ करते हैं
(1) मानव शरीर में
(2) धर्म में
(3) यौन सम्बन्धों में
(4) विद्यालय में
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) 6-10 वर्ष की अवस्था बालक की प्राथमिक शिक्षा प्रारम्भ हो जाती है। इसलिए इस आयु वर्ग को विद्यालय में प्रवेश की अवस्था कहा जाता है। इस अवस्था में बालक विद्यालय जाता है वहां पर मित्र बनाता है। इस अवस्था में पहली बार बालक अपने पारिवारिक परिवेश से निकल कर बाहरी परिवेश में प्रवेश करता है। इसलिए 6-10 वर्ष की अवस्था वाले बालकों में विद्यालय के प्रति रुचि बढ़ती है।
Q15
. कौन सिद्धान्त व्यत्त करता है कि मानव मस्तिष्क एक बर्फ की बड़ी चट्टान के समान है जो कि अधिकांशतः छिपी रहती है एवं उसमें चेतन के तीन स्तर है?
(1) प्रकार सिद्धान्त
(2) गुण सिद्धान्त
(3) मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त
(4) व्यवहारवाद सिद्धान्त।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) मनोवैज्ञानिक विश्लेषण सिद्धांत में मानव के मस्तिष्क के द्वारा उत्पन्न व्यवहार का आंकलन किया जाता है। इस सिद्धांत को सिगमण्ड प्रायड द्वारा प्रतिपादित किया गया। प्रायड चेतन की अपेक्षा अचेतन को सर्वाधिक महत्व देते है। प्रायड के अनुसारमस्तिष् क एक बड़ी बर्फ के चट्टान के समान है जो अधिकाशतः छिपी रहती है एवं उसमें चेतन के तीन स्तर है- इदं, अहं, एवं अत्यहं।
Q16
. कुछ लोगों का कहना है कि जब बालकों को गुस्सा आता है तो वे खेलने के लिए चले जाते हैं। जब तक कि पहले से अच्छा महसूस नहीं करते, उनके व्यवहार में से कौन प्रतिरक्षा तन्त्र प्रतिलक्षित होता है?
(1) विस्थापन
(2) प्रक्षेपण
(3) प्रतिक्रिया निर्माण
(4) उदात्तीकरण।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) बालको में परिस्थितिवश व्यवहार में परिवर्तन होता है तथा पूर्व परिस्थिति हट जाने पर बालक पूर्व की तरह व्यवहार करने लगता है। इसमें बालक के व्यवहार का विस्थापन हो जाता है जो अस्थायी एवं परिस्थितिवश होता है।
Q17
. समायोजन से तात्पर्य स्वयं का विभिन्न परिस्थितियों में अनुकूलन करना है ताकि सन्तुष्ट किया जा सके
(1) प्रेरकों को
(2) दूसरों को
(3) उद्देश्यों को
(4) आवश्यकताओं को।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए बालक में प्ररेणा का जन्म होता है तथा बालक अपनी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए परिस्थितियों के साथ खुद को समायोजित करने का एवं स्वयं को परिस्थितियों के अनुकूल करने का प्रयास करता है।
Q18
. निम्न में से कौन-सा व्यवहार भावनात्मक बाधा को प्रदर्शित नहीं करता है?
(1) कमजोरों को डराने वाला
(2) बाल अपराध
(3) भगोड़ापन
(4) स्वालीनता।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) स्वालीनता भावात्मक बाधा नहीं उत्पन्न करता है।
Q19
. निःशत्त बालकों की शिक्षा के लिए प्रावधान किया जा सकता है
(1) मुख्य धारा में डालकर
(2) समावेशित शिक्षा द्वारा
(3) समाकलन द्वारा
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) निःशत्त बालक वे होते है जो शारीरिक रूप से अक्षम होते है। समावेशी शिक्षा के अन्तर्गत इन बालकों को भी शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। समावेशी शिक्षा वह शिक्षा है जिसमें सभी प्रकार के बालकों को बिना किसी भेद-भाव के एक ही स्थान पर शिक्षा दी जाती है।
Q20
. निम्न में से कौन-सी मानसिक मन्दता की विशेषता नहीं है?
(1) धीमी गति से सीखना एवं दैनिक जीवन की क्रियाओं को न कर पाना
(2) बुद्धि लब्धि का 25 से 70 के मध्य होना
(3) वातावरण के साथ अनुकूलन में कठिनाई
(4) अन्तवैयत्तिक सम्बन्धों का कमजोर होना।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अन्तवैत्तिक सम्बंधों का कमजोर होना मानसिक मंदता की विशेषता नहीं है क्योंकि सम्बंधो में मजबूती कमजोर व्यत्ति के व्यवहार से जुड़ी होती है न कि बुद्धि से।
Q21
. विद्यार्थियों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए निम्न में से कौन-सा तरीका अधिक महत्वपूर्ण है?
(1) अभिव्यत्ति की स्वतन्त्रता
(2) सहशैक्षिक क्रियाओं का प्रावधान
(3) रुचियों की भिन्नता
(4) अध्यापक की भूमिका एवं विद्यालयी वातावरण।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) विद्यार्थियों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में अध्यापक की भूमिका एवं विद्यालय के वातावरण की स्थिति का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
Q22
. ‘कमजोर वर्ग के बालक’ से तात्पर्य है
(1) ऐसे अभिभावकों के बालक से जो वंचित वर्ग में आते हैं
(2) ऐसे अभिभावकों के बालक से जिनकी वार्षिक आय कम है
(3) ऐसे अभिभावकों के बालक से जो गरीबी रेखा से नीचे की सीमा में आते हैं
(4) ऐसे अभिभावकों के बालकों से जो सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम सीमा की वार्षिक आय की सीमा से नीचे के वर्ग में आते है।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम सीमा की वार्षिक आय के नीचे के वर्ग में आने वाले लोगों को कमजोर वर्ग कहा जाता है तथा उनके बालको को कमजोर वर्ग का बालक कहा जाता है।
Q23
. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में निर्दिष्ट किया गया है कि कक्षा-1 से कक्षा-5 तक यदि प्रवेश दिये गये विद्यार्थियों की संख्या दो सौ से अधिक है, तो विद्यार्थी-अध्यापक आवश्यक अनुपात होगा
(1) चालीस
(2) तीस
(3) पैंतालीस
(4) पचास।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के विद्यालयो में छात्र शिक्षक अनुपात 40: 1 होना चाहिए अर्थात 40 विद्यार्थियो को पढ़ाने के लिए एक अध्यापक की नियुत्ति की जाएगी।
Q24
. क्रियात्मक अनुसन्धान के सम्बन्ध में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(1) यह किसी विशिष्ट समस्या के समाधान के लिए किया जाता है
(2) यह अध्यापकों एवं शिक्षा व्यवसाय से जुड़े लोगों के द्वारा किया जाता है
(3) व्यापक स्तर पर निर्णय लेने के लिए सूचना संकलन का कार्य इसमें किया जाता है
(4) स्थानीय स्तर पर रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिये क्रियात्मक अनुसन्धान किया जाता है।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) क्रियात्मक अनुसंधान स्थानीय स्तर पर विद्यालय की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रणाली है, जिसके तहत शिक्षक, शिक्षण कार्य की समस्याओं को दूर करने का मार्ग तलाशा जाता है। क्रियात्म अनुसंधान व्यापक स्तर पर नहीं किया जा सकता है।
Q25
. निम्न में से कौन-सा कथन शिक्षण के बारे में सत्य नहीं है?
(1) शिक्षण औपचारिक एवं अनौपचारिक है
(2) शिक्षण में सुधार किया जा सकता है
(3) शिक्षण विज्ञान के साथ-साथ कला भी है
(4) शिक्षण अनुवेशन है।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) शिक्षण अनुवेशन नहीं है बल्कि शिक्षण सहचर्य की भूमिका निभाता है जिसमें शिक्षक एवं छात्र दोनो का सम्बंध बना रहता है।
Q26
. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 में ‘गुणवत्ता आयाम’ शीर्षक के अन्तर्गत अधिक महत्व दिया गया है
(1) शिक्षित एवं अभिप्रेरित अध्यापकों को
(2) भौतिक संसाधनों को
(3) बालको के लिए ज्ञान के संदर्भ में संरचित अनुभवों को
(4) बालकों के लिए संरचित अनुभव एवं पाठ्यक्रम सुधार को।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा रुपरेखा 2005 में गुणवत्ता आयाम शीर्षक के अन्तर्गत बालको के लिए संरचित अनुभव एवं पाठ्‌यक्रम सुधार को सर्वाधिक महत्व दिया गया। इसके अन्तर्गत पाठ्‌यक्रम का निर्धारण छात्र के मानसिक क्षमता एवं आयु वर्ग को ध्यान में रख कर किया गया
Q27
. राष्ट्रीय पाठ्‌यचर्या रूपरेखा, 2005 में निम्न में से किस परीक्षा सम्बन्धी सुधारों को सुझाया गया है?
(1) विद्यालयी शिक्षा की विभिन्न अवस्थाओं पर राज्य स्तर की परीक्षा संचालन
(2) कक्षा- X की परीक्षा ऐच्छिक
(3) प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं को ऐच्छिक
(4) इनमें से सभी।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) राष्ट्रीय पाठ्‌यचर्चा रुपरेखा 2005 में कक्षा X की परीक्षा को ऐच्छिक करने का सुझाव दिया गया।
Q28
. दबाव को कम करने एवं परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक है
(1) विद्यालयी शिक्षा की विभिन्न चरणों में परीक्षाओं का आयोजन
(2) कम अवधि की परीक्षाओं में अंतरण
(3) वार्षिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षायें
(4) विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए विभिन्न एजेन्सियों की स्थापना।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) दबाव को कम करने एवं परीक्षाओं की सफलता के लिए कम अवधि की परीक्षाओं अंतरण का होना आवश्यक है इसी को ध्यान में रखते हुए आज सभी विद्यालयों में तीमाही, छमाही एवं वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जबकि उच्च विद्यालयों में समेस्टर प्रणाली का विकास किया गया है।
Q29
. मूल्यांकन का उद्देश्य है
(1) जिन बालकों को उपचारात्मक शिक्षा की आवश्यकता है, उनकी पहचान करना
(2) बालकों को धीमी गति से सीखने वाले एवं प्रतिभाशाली बालकों के रूप में लेबल करना
(3) अधिगम की कठिनाइयों व समस्या वाले क्षेत्रों का पता लगाना
(4) उत्पादक जीवन जीने के लिए शिक्षा किस सीमा तक तैयार कर पाई है, का पुष्टिपोषण प्रदान करना।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) किसी कार्य के पूर्ण होने के बाद उस कार्य का मूल्यांकन किया जाता है कि वह कार्य अपने उद्देश्य को किस सीमा तक प्राप्त कर सका है तथा उसके लिए उचित पुष्टि पोषण प्रदान किया जाता है ताकि पूर्ण उद्देश्य की प्राप्ति हो सके।
Q30
. प्राथमिक विद्यालयों के बालकों के लिए निम्न में किसे बेहतर मानते हैं?
(1) प्रदर्शन
(2) विडीयो अनुरूपण
(3) स्वयं के द्वारा किया गया अनुभव
(4) इनमें से सभी।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) प्राथमिक विद्यालयों के बालकों के लिए स्वयं के द्वारा प्राप्त किए गये अनुभव से प्राप्त शिक्षा सबसे बेहतर मानी जाती है क्योंकि स्वयं के अनुभव से प्राप्त शिक्षा जीवन पर्यन्त स्थिर रहती है। निर्देशः इस खण्ड में कुल 30 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 47.

Q1. कुपोषण के प्रभाव के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(1) यह बालकों की सीखने की योग्यताओं को प्रभावित करता है।
(2) जीवन के बाद के वर्षों में यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रभावित करता है।
(3) बालक निराश एवं आशंकित रहते हैं।
(4) यह कद को प्रभावित करता है।
Ans: (2)
Explanation: (2) कुपोषण मानसिक तथा शारीरिक विकृतियों का स्वरूप है जो जन्मजात होती है। जन्म के बाद शरीर के कोशिकाओं में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करती है अतः मस्तिष्क की कोशिकाए भी जन्म के बाद कुपोषण से प्रभावित नहीं होती है।
Q2
. वय सन्धि काल में निम्न में से कौन बाह्य अभिव्यत्ति नहीं है?
(1) अशान्ति
(2) प्रभुता/सत्ता के विपरीत विरोध
(3) आत्मनिर्भरता के प्रति आग्रही
(4) सव्रिय खेलों के स्थान बैठे रह कर खेलना अधिक पसंद।
Ans: (4)
Explanation: (4) वय संधि का एक संक्रमण काल होता है जो बाल्यावस्था तथा किशोरावस्था के मिश्रित गुणों से बनता है। इस अवस्था में बालक अस्थिर, अशांत तथा विद्रोही स्वभाव का होता है। सव्रिय खेलो के साथ बैठ कर खेलना बाल्यावस्था के प्रमुख गुण होते है।
Q3
. निम्न में से कौन-सा कथन मिडिल स्कूल स्तर के विद्यार्थियों के विकास से सहमति नहीं रखता?
(1) इस अवस्था में अधिकांश बालक तीव्र गति से वृद्धि प्राप्त नहीं करते हैं
(2) सामाजिक व्यवहार उत्तरोत्तर समवयस्क समूह के आदर्शों से प्रभावित होता है
(3) बौद्धिक एवं सामाजिक व्यवहार पर स्व-प्रभाविता का महत्वपूर्ण प्रभाव होता है
(4) अधिकांश विद्यार्थी विशेष रूप से स्वकेन्द्रित हो जाते हैं।
Ans: (1)
Explanation: (1) मिडिल स्कूल स्तर के विद्यार्थियों के विकास की विशेषताए निम्न होती है- 1. सामाजिक व्यवहार अन्य समूहों के व्यवहार से प्रभावित होते है 2. बौद्धिक व सामाजिक व्यवहार पर स्वप्रभाविता 3. विद्यार्थियों में स्वकेन्द्रित भावना का विकास मिडिल स्कूल स्तर के विद्यार्थियों में शारीरिक विकास धीमा होता है।
Q4
. अधिगम एवं परिपक्वता के सम्बन्ध में निम्न में से कौनसा कथन सही है?
(1) वंशक्रम सम्भाव्य क्षमता की सीमा के कारण, बालक एक निश्चित सीमा से आगे तक विकसित हो सकते हैं।
(2) यदि मानव विकास केवल परिपक्वता से होता तो मनुष्य केवल निम्नतम तक ही सीमित रह जाते।
(3) बालक विकास की दृष्टि से जब सीखने के लिये तैयार नहीं है तब भी वे अधिक प्रयास के द्वारा सीख सकते हैं।
(4) बालक की अन्तर्निहित शत्तियों को बिना समय विचारे विकसित करने के लिये प्रोत्साहित किया जाना चाहिए
Ans: (2)
Explanation: (2) अधिगम एवं परिपक्वता दो ही तत्व मानव विकास के लिए महत्वपूर्ण कारक है। अधिगम की अनुपस्थिति में परिपक्वता मानव विकास को असंतुलित कर देती है तथा मानव केवल निम्नतम स्तर (बोध स्तर) तक ही सीमित रह जाते हैं।
Q5
. विकास का एक अधिनियम है कि विकास प्रतिमान के विभिन्न काल में खुशी भिन्न-भिन्न होती है। इस अधिनियम के अनुसार
(1) वय सन्धि काल एवं जीवन का प्रथम वर्ष भी जीवन का सबसे अधिक खुशी का काल होता है
(2) जीवन का प्रथम वर्ष सबसे अधिक खुशी का काल होता है।
(3) वय सन्धि काल जीवन का सबसे अधिक दुःखी काल होता है।
(4) जीवन का प्रथम वर्ष सबसे अधिक खुशी का एवं वय सन्धि काल सबसे अधिक दुःखी काल होता है।
Ans: (4)
Explanation: (4) मानव जीवन का सबसे आराम दायक तथा खुशी का काल जन्म के प्रथम वर्ष को माना जाता है क्योंकि इस अवस्था में बालक दुःख की भावना से अनभिज्ञ होता है। जबकि वय संधि काल संघर्ष का काल माना जाता है क्योंकि इस अवस्था में बालक एक अवस्था से दूसरी अवस्था में जाता है तथा समायोजन की क्षमता में कमी के कारण तनाव का सामना करता है।
Q6
. निम्न में से कौन-सा बालकों के अधिगम एवं विकास में सबसे अधिक योगदान देता है?
(1) परिवार, समवयस्क समूह और अध्यापक
(2) परिवार, समवयस्क समूह और टेलीविजन
(3) परिवार, खेल एवं कम्प्यूटर
(4) परिवार, खेल एवं पर्यटन।
Ans: (1)
Explanation: (1) बालकों के अधिगम एवं विकास में सबसे अधिक योगदान परिवार, समवयस्क समूह और अध्यापक का होता है।
Q7
. एक अध्यापक को निम्न में से किस कथन से सहमत होना चाहिये?
(1) बाह्य अभिप्रेरणा तब होती है, जब अधिगमकर्त्ता बाह्य पुरस्कार प्राप्त करने के लिये कार्य करते हैं।
(2) आन्तरिक अभिप्रेरणा तब होती है, जब अधिगमकर्ता बाह्य सन्तोषजनक परिणाम का अनुभव करने के लिये कार्य करते हैं।
(3) बाह्य पुरस्कार से स्थायी व्यवहार परिवर्तन होता है।
(4) बाह्य पुरस्कार आन्तरिक अभिप्रेरणा प्रदान करते हैं।
Ans: (1)
Explanation: (1) जब अधिगमकर्ता बाह्य पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कार्य करता है तो वह बाह्य अभिप्रेरणा होती है।
Q8
. एक अध्यापक मानचित्र की खाली रूपरेखा में केवल नदियों पहाड़ों, मैदानों व घाटियों को प्रदर्शित करता है। वह विद्यार्थियों को मुख्य नगर, रेलवे व मुख्य नगरों को जोड़ने वाले राजमार्गो को चिह्नित करने को कहता है। विद्यार्थियों को अन्य पुस्तकों व मानचित्रों को अध्ययन करने की इस दौरान मनाही होती है। यहाँ अध्यापक के द्वारा प्रयुत्त उपागम है
(1) मानचित्र निरूपण
(2) खोज उपागम
(3) समस्या समाधान उपागम
(4) अन्वेषण उपागम
Ans: (2)
Explanation: (2) मानचित्र के खाली रुप रेखा में नहरों, रेलवे तथा राजमागों को चिंहित करना खोजी उपागम के अन्तर्गत आता है। भूगोल शिक्षण में अधिगम की यह सर्वाधिक उपयुत्त उपागम माना जाता है।
Q9
. निम्न में से कौन-सा उदाहरण बान्डुरा के अवलोकन पर आधारित अधिगम का नहीं है?
(1) व्रिकेट का उत्साह
(2) विद्यार्थियों द्वारा केंचुये के विच्छेदन को सीखना
(3) सामाजिक अध्ययन के प्रति नापसंदगी
(4) स्कूल की घंटी बजने पर अपने बस्ते बंद कर लेना।
Ans: (4)
Explanation: (4) बण्डुरा अवलोकन के द्वारा पसंद एवं नापसंद का अवलोकन अधिगम क्षेत्र में किया जाता है। स्कूल की घण्टी बजने पर अपने बस्ते बन्द कर लेना छात्रों की स्वभाविक प्रक्रिया होती है। यह अधिगम का भाग नहीं है।
Q10
. राजेश बीमारी के कारण एक महीने तक विद्यालय नहीं गया। जब विद्यालय गया तो उसे भाग के लम्बे सवालों को करना नहीं आया। कई बार के निराशाजनक अनुभवों में असफलता हाथ लगी। लम्बे भाग के सवालों के देखते ही वह चिन्तित हो जाता है। शोधीय अनुबन्धन सिद्धान्त के मुताबिक संवेगात्मक स्वाभाविक उत्तेजक है
(1) असफलता/भग्नाशा
(2) असफलता को लेकर चिन्ता
(3) लम्बे भाग के सवाल
(4) लम्बे भाग के सवालों को लेकर चिन्ता।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) समस्या समाधान न कर पाने की स्थिति में शोधीय अनुबंध सिद्धांत के मुताबिक संवेगात्मक स्वभाविक उत्तेजक असफलता/भग्नाशा है।
Q11
. बालक के व्यत्तित्व को किस प्रकार का अधिगम अधिक प्रभावित करता है?
(1) अनुकरण अधिगम
(2) प्रयत्न एवं त्रुटि अधिगम
(3) अन्तर्दृष्टिपूर्ण अधिगम
(4) अनुदेशनात्मक अधिगम
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) अनुकरण अधिगम के द्वारा बालक का व्यत्तित्व प्रभावित होता है। क्योंकि बालक अपने समूह से सर्वाधिक प्रभावित होता है तथा समूह में उपस्थित लोगों के व्यवहार से प्रभावित होता रहता है।
Q12
. व्यत्तिगत विभिन्नताओं से सम्बन्धित निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
(1) सभी बालकों में कुछ भी समानता नहीं होती।
(2) यदि विद्यार्थियों का बुद्धि स्तर समान है तब भी उपलब्धि में विभिन्नता हो सकती है।
(3) व्यत्तिगत विभिन्नताओं के वक्र खींच कर दिखाने पर वह एक दिशा की ओर झुक जाता है।
(4) व्यत्तिगत विभिन्नतायें वंशक्रम के कारण होती हैं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) व्यत्तिगत विभिन्नता प्रत्येक व्यत्ति में पाई जाती है क्योंकि प्रत्येक व्यत्ति के विचार चिंतन शैली अलग होती है। अतः समान बुद्धि स्तर होने पर भी लोगों की उपलब्धियों में भिन्नता दिखाई देती है। व्यत्ति की उपलब्धि उसके चिंतन शैली एवं क्षेत्र विशेष में आकर्षण के आधार पर होती है।
Q13
. निम्न चित्र उदाहरण है
(1) मा डल का
(2) रेखाचित्र का
(3) प्रत्यय-मानचित्र का
(4) बिन्दु रेखीय चित्र का
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) प्रश्न में दिया गया चित्र प्रत्यय मानचित्र का उदाहरण है क्योंकि प्रत्यय मानचित्र में उन प्रत्येक कारकों की स्थिति को दर्शाया जाता है जो उस वस्तु विशेष से सम्बंधित होते है तथा उनकी अनुपस्थिति में वस्तु विशेष की पूर्ण व्याख्या सम्भव नहीं होती। प्राचीन मिश्र कला स्थापत्य कला मकबरों की विषय वस्तु दीवार भित्ति चित्र आभूषण प्राचीन सम्राज्य नये सम्राज्य मध्यकालीन सम्राज्य पत्थर की मूर्तियाँ मन्दिर बड़े कब्रिस्तान चट्टान काट कर मकबरा आदमी के सिर व शेर के धड़ की काल्पनिक मूर्ति पिरामिड
Q14
. निम्न में से कौन-सी तकनीक प्रक्षेपण तकनीक नहीं है?
(1) शब्द साहचर्य परीक्षण
(2) खेल तकनीक
(3) चित्र साहचर्य परीक्षण
(4) व्यत्तिगत अध्ययन।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) व्यत्तिगत अध्ययन प्रक्षेपण तकनीकी नहीं है क्योंकि प्रक्षेपण तकनीकी के अन्तर्गत शिक्षक द्वारा छात्रों को किसी विषय वस्तु को समझाने के लिए अधिगम सामग्री का प्रयोग किया जाता है। जबकि व्यत्तिगत अध्ययन में इस तकनीकी का प्रयोग नहीं होता है।
Q15
. प्रजातिगत व्यत्तिगत विभिन्नताओं को समझने में निम्न में से क्या मददगार साबित नहीं होता?
(1) शाब्दिक एवं अ-शाब्दिक सम्प्रेषण
(2) मूल्य व्यवस्था
(3) अधिगम की प्रक्रियायें एवं विभिन्न व्यवस्थायें
(4) बुद्धि।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) बुद्धि की सहायता से प्रजातिगत व्यत्तिगत विभिन्नताओं को आसानी से समझा जा सकता है।
Q16
. व्यत्तित्व व्यत्ति में उन मनोदैहिक व्यवस्थाओं का गत्यात्मक संगठन है जो वातावरण के साथ उसके अपूर्व समायोजन को निर्धारित करता है। व्यत्तित्व की यह परिभाषा दी है
(1) जे. बी. वाटसन
(2) मुर्रे
(3) जी. डब्ल्यू. आलपोर्ट
(4) स्कीनर।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) जी. डब्ल्यू. आलपोर्ट ने व्यत्तित्व मापन के सम्बंध में शील गुण सिद्धांत का प्रतिपादन किया था। शील गुण सिद्धांत के अनुसार- ‘‘व्यत्तित्व व्यत्ति में उन मनोदैहिक व्यवस्थाओं का गत्यात्मक संगठन है जो वातावरण के साथ उसके अपूर्व समायोजन को निर्धारित करता है।’’
Q17
. प्रायः बालकों की बुद्धि का मापन किया जाता है
(1) वाचिक समूह बुद्धि परीक्षणों के द्वारा
(2) अ-वाचिक समूह बुद्धि परीक्षणों के द्वारा
(3) अ-वाचिक व्यत्तिगत बुद्धि परीक्षणों के द्वारा
(4) वाचिक व्यत्तिगत बुद्धि परीक्षणों के द्वारा।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) बालकों में बुद्धि मापन अ-वाचिक समूह बुद्धि परीक्षण किया जाता है। इस परीक्षण के अन्तर्गत बच्चों का सामूहिक रूप से परीक्षण किया जाता है तथा परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उनके बुद्धि स्तर का निर्धारण किया जाता है।
Q18
. निम्न में से कौन बुद्धि परीक्षणों के दुरुपयोग का संकेत देता है?
(1) बुद्धि लब्धि का लेबल बालकों पर लगा कर अध्यापक अपनी अकुशलता को छिपाते हैं
(2) उन्नति के लिये मापन में सहायक
(3) बालकों को वर्गीकृत करने में
(4) अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिये।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) बुद्धि परीक्षण के द्वारा बालकों के बुद्धि का मापन किया जाता है तथा बालकों की क्षमता की गणना की जाती है इस परीक्षण का प्रमुख दोष यह है कि इसके तहत अध्यापक की अकुशलता को ध्यान में नहीं रखा जाता है।
Q19
. निम्न में से कौन-सी पिछड़े हुये बालकों की विशेषता नहीं है?
(1) सामान्य विद्यालयी कार्य के साथ वे गति नहीं रख पाते।
(2) अपनी प्रकृति प्रदत्त योग्यताओं से कम स्तर की शैक्षिक उपलब्धि का प्रदर्शन करते हैं
(3) अपनी आयु के बालकों से काफी पिछड़ जाते हैं।
(4) कम बुद्धि रखते हैं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) पिछड़े वर्ग के बालकों की विशेषता– – कम स्तर की शैक्षिक उपलब्धि का प्रदर्शन – सामान्य विद्यालयी कार्य के साथ सामंजस्य स्थापित करने में अक्षम – अपने आयु वर्ग के बालको से पिछड़ जाते है पिछड़े वर्ग के बालकों के पास यह आवश्यक नहीं है कि उनकी बुद्धि कम है क्योंकि बुद्धि का निर्धारण बालक के सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति पर नहीं होता है।
Q20
. निम्न में से कौन-सा तरीका प्रत्यक्ष समायोजन का है?
(1) दमन
(2) प्रक्षेपण
(3) प्रतिगमन
(4) लक्ष्यों का प्रतिस्थापन।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) लक्ष्यों का प्रतिस्थापन प्रत्यक्ष समायोजन का तरिका है
Q21
. पृथक कक्षाओं एवं संवर्धन कार्यक्रमों का प्रयोग शिक्षा के लिये किया जाता है
(1) निम्न शैक्षिक उपलब्धि वाले बालकों के लिये
(2) प्रतिभाशाली बालकों के लिये
(3) प्रतिभाशाली एवं निम्न शैक्षिक उपलब्धि वाले बालकों के लिये
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) पृथक कक्षाओं तथा संवर्धन कार्यक्रमों का प्रयोग प्रतिभाशाली बालकों के शिक्षा के लिए किया जाता है क्योंकि प्रतिभाशाली बालक सामान्य कक्षाओं में खुद को समायोजित नहीं कर पाते हैं। अतः उसके लिए पृथक कक्षा का निर्धारण किया जाता है।
Q22
. निम्न का मिलान करते हुये दी गई तालिका में से सही उत्तर का चयन करेंः सूची-अ सूची-ब (L) मन तरंग को एक रक्षा तंत्र के 1. नकारना रूप में वर्गीकृत कर सकते हैं (M) रक्षात्मक तन्त्र व्यत्ति का 2. पलायन बचाव करती है (N) उदात्तीकरण को रक्षात्मक तंत्र 3. प्रतिस्थापन के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है (O) क्षतिपूर्ति को रक्षात्मक तंत्र 4. चिन्ता। के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है कोडः L M N O
L M N O
(1) 3 1 4 2
(2) 1 4 4 3
(3) 2 4 3 1
(4) 3 2 3 1
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) सूची – अ सूची – ब (L) मन-तरंग को एक रक्षा तंत्र के – पलायन रूप में वर्गीकृत कर सकते हैं (M) रक्षात्मक तंत्र व्यत्ति का बचाव करती है – चिंता (N) उदात्तीकरण को रक्षात्मक तंत्र के – प्रतिस्थापना रूप में वगीकृत किया जा सकता है (O) क्षतिपूर्ति को रक्षात्मक तंत्र के रूप में – नकारना वर्गीकृत किया जा सकता है
Q23
. शैक्षिक समस्याओं से ग्रस्त बालकों को किस समस्या का सामना करना पड़ता है?
(1) भाषा के बोलने में असामान्यता का होना
(2) कान व उससे जुड़ी नसों का सही प्रकार से काम नहीं करना
(3) मानसिक सव्रियता का कम होना
(4) व्यावहारिक एवं सामाजिक बुद्धि में कमी का होना
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) शैक्षिक समस्याओं से ग्रस्त बालकों को भाषा के बोलने में असामान्यता की समस्या का सामना करना पड़ता है क्योंकि छात्र शैक्षिक समस्या के कारण अभिव्यत्ति नहीं दे पाने से भाषा में असामान्यता आ जाती है।
Q24
. अधिगम निर्योग्यताओं वाले बालकों में प्रक्रमण सम्बन्धी निम्न में से किस प्रकार की कमी पायी जाती है?
(1) प्रायः अत्यधिक सव्रिय व्यवहार
(2) संख्याओं सम्बन्धी सूचनाओं को याद करने में, समय एवं दिशा की कम समझ
(3) मांसपेशियों पर कम नियन्त्रण
(4) कम मानसिक सव्रियता।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) अधिगम निर्योग्यता वाले बालकों में संख्याओं सम्बंधी सूचनाओं को याद करने तथा समय एवं दिशा को समझने में समस्या आती है।
Q25
. निर्माणात्मक मूल्यांकन का उद्देश्य है
(1) विद्यार्थियों की समझ का पता लगाना
(2) प्रगति पर गौर करना एवं उपचारात्मक अनुदेशन की योजना बनाना
(3) अध्यापक के उद्देश्यों की पूर्ति का पता लगाना
(4) ग्रेड्‌स प्रदान कराना।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) छात्रो के शैक्षिक प्रगति पर गौर करना तथा उपचारात्मक अनुदेशन की योजना बनाना निर्माणात्मक मूल्यांकन का उद्देश्य होता है।
Q26
. निम्न में से कौन-सा शोध का चरण शोध को क्रियात्मक अनुसन्धान बनाता है?
(1) प्रोग्राम का क्रियान्वयन एवं अंतिम मूल्यांकन
(2) उपकल्पनाओं का निर्माण
(3) सामान्यीकरण
(4) शोध आकल्प का अपरिवर्तन/कठोर होना।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) क्रियात्मक अनुसंधान शोध समस्याओं के समाधान के लिए किया। इसका सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रोग्राम का क्रियान्वयन तथा अन्तिम मूल्यांकन करना होता है।
Q27
. निम्न में से कौन-सी समस्या क्रियात्मक अनुसन्धान के लिये उपयुत्त नहीं है?
(1) 7वीं कक्षा के विद्यार्थियों के व्यवहार पर लिखित प्रशंसा एवं मौखिक प्रशंसा के प्रभाव का तुलनात्मक अध्ययन
(2) हिन्दी में 5वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लेख में सुधार
(3) परम्परागत विधि के ऊपर कम्प्यूटर सहायतित अनुदेशन का प्रभाव
(4) भूगोल के अधिगम में एटलस एवं ग्लोब का प्रयोग।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) क्रियात्म अनुसंधान किसी समस्या विशेष के लिए किया जाता है। कम्प्यूटर सहायतित अनुदेशन का प्रभाव समस्या से सम्बंधित नहीं है।
Q28
. बालकों का मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार 2009 में निम्न में से किस पर ध्यान नहीं दिया गया है?
(1) घुमन्तू बालकों के प्रवेश को सुनिश्चित करना
(2) अध्यापकों को प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करना
(3) एकेडेमिक कैलेन्डर को निर्धारित करना
(4) 14 वर्ष के पश्चात की शिक्षा।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार 1 अप्रैल 2009 को लागू किया गया। इसके अन्तरगत 6-14 वर्ष तक के बालकों को एक निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार प्रशिक्षित अध्यापकों के द्वारा अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
Q29
. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 में भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विविधता को मानना, स्त्रियों के प्रति सम्मान एवं जिम्मेदारी का दृष्टिकोण को बढ़ाने के प्रोग्राम का आयोजन एवं वृत्त चित्र तथा फिल्मों को एकत्र करना एवं दिखाना जिनके माध्यम से न्याय एवं शान्ति में वृद्धि हो, को सुझाया गया है ताकि
(1) मूल्यों की शिक्षा दी जा सके
(2) शान्ति की शिक्षा दी जा सके
(3) नागरिकता की शिक्षा दी जा सके
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) राष्ट्रीय पाठ्‌यचर्या रुपरेखा-2005 में भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विविधता, स्त्रियों के प्रति सम्मान जैसे वृत चित्रों तथा फिल्मों को दिखाने, जिससे न्याय एवं शांति में वृद्धि हो को सुझाया गया ताकि मूल्यों की शिक्षा दी जा सके।
Q30
. निम्न का मिलान करते हुये दी गई तालिका में से सही उत्तर का चयन करेंः सूची-अ सूची-ब (L) बीज अंकुरित होने का अनुभव 1. अवलोकन करना प्रदान करना (M) भूमिका निर्वाह/रोल प्ले 2. प्रश्न पूछना (N) परिवार में लैंगिक विभेदीकरण की 3. भाग लेना क्रियाओं या अभ्यास पर वार्तालाप (O) दुग्धशाला में विभिन्न दूध के 4. विचार/मनन करना। उत्पादों की प्रक्रिया कर बनाना व डिब्बा बन्द करना कोडः L M N O
L M N O
(1) 2 3 4 1
(2) 1 3 4 2
(3) 3 1 2 4
(4) 4 2 3 2
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) सूची-अ सूची-ब • बीच अंकुरित होने का – अवलोकन करना अनुभव प्राप्त करना • भूमिका निर्वाह/रोल प्ले – भाग लेना • परिवार में लैंगिक विभेदीकरण की – विचार/मनन करना क्रियाओं या अभ्यास पर वार्तालाप • दुग्धशाला में विभिन्न दूध के – प्रश्न पूछना उत्पादों की प्रक्रिया का बनाना व डिब्बा बन्द करना

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 41.

Q1. विकासात्मक मनोविज्ञान में जीवन का अध्ययन किया जाता है
(1) जन्म से
(2) गर्भकाल में
(3) जीवन पर्यन्त
(4) किशोरावस्था में।
Ans: (1)
Explanation: (1) विकासात्मक मनोविज्ञान एक वैज्ञानिक अध्ययन है जो मनुष्य के जीवन में हो रहे परिवर्तन के बारे में बताता है। विकासात्मक मनोविज्ञान के तीन लक्ष्य हैं – विकासात्मक को वर्णन करना, समझना और अनुक्रम करना। मनुष्य जीवन चरणबद्ध तरीके से आगे की तरफ बढ़ता है- (i) शैशवावस्था (ii) वाल्यावस्था (iii) किशोरावस्था (iv) प्रौढ़ावस्था विकासात्मक मनोविज्ञान का अर्थ व्यत्ति के विकास के साथ ही उसके व्यवहार का अध्ययन है।
Q2
. मस्तकाधोमुखी एवं निकट से दूर का क्रम किस क्रिया का अंग है?
(1) विकास
(2) चेतना
(3) विवृद्धि
(4) संशोधन।
Ans: (4)
Explanation: (4) मस्तकाधोमुखी एवं निकटता से दूर का क्रम संशोधन क्रिया का अंग है। इस क्रिया में समस्या को दूर किया जाता है।
Q3
. लड़का के पैदा होने के लिए उत्तरदायी व्रोमोसोम्स हैं
(1) XP
(2) XX
(3) XY
(4) CX
Ans: (3)
Explanation: (3) लड़का पैदा होने के लिए XY व्रोमोसोम उत्तरदायी होते हैं। मानव में सामान्यतः 23 जोड़े (23× 2= 46) गुण सूत्र पाये जाते हैं जिसमें से 22 जोड़े (22 × 2 = 44) गुण सूत्र महिलाओं और पुरुषों में समान होते हैं। लेकिन 23 जोड़ा अर्थात (45, 46) दोनों में भिन्न होता है। यह महिलाओं में XX तथा पुरुषों में XY होता है इस गुणसूत्र के कारण मानव में लिंग का निर्धारण होता है। पिता x y माता x x x y लड़का x x लड़की
Q4
. प्राकृतिक पर्यावरण में सम्मिलित होता है
(1) जैव-अजैव
(2) वंशानुक्रम
(3) परिवार
(4) पशु
Ans: (1)
Explanation: (1) पर्यावरण का तात्पर्य उपरि आवरण है अतः वे सभी तत्व जिनसे हम चारों तरफ से घिरे है वे पर्यावरण के अन्तर्गत आते हैं। इन तत्वों में जैव एवं अजैव दोनों सम्मिलित होते हैं। अतः प्राकृतिक पर्यावरण में जैव-अजैव दोनों सम्मिलित रहते हैं।
Q5
. निम्न में से कौन-सा सीखने के नियम में सम्मिलित नहीं है?
(1) तत्परता
(2) अभ्यास
(3) खेल
(4) प्रभाव।
Ans: (3)
Explanation: (3) खेल सीखने के नियम में सम्मिलित नहीं है। थार्नडाइक ने इस सम्बन्ध में वृहत्‌ अध्ययन किया एवं निष्कर्षतः अधिगम (सीखने) के तीन नियमों का प्रतिपादन किया। जो इस प्रकार हैं- (i) अभ्यास का नियम (ii) प्रभाव का नियम (iii) तत्परता का नियम
Q6
. शैशवावस्था मानव विकास की प्रमुख अवस्था है
(1) द्वितीय
(2) प्रथम
(3) तृतीय
(4) चतुर्थ।
Ans: (2)
Explanation: (2) मानव विकास की प्रमुख चरणबद्ध अवस्थाप्रथम अवस्था – शैशवावस्था द्वितीय अवस्था – बाल्यावस्था तृतीय अवस्था – किशोरावस्था चतुर्थ अवस्था – प्रौढ़ावस्था
Q7
. बालक के व्यत्तित्व की नींव किस अवस्था में पड़ती है?
(1) गर्भकालीन अवस्था
(2) शैशवावस्था
(3) बचपनावस्था
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (3)
Explanation: (3) बालक के व्यत्तित्व का विकास उसके सामाजिकता के कारण होता है। बालक का समाज जिस तरह से होता है, बालक के व्यत्तित्व का विकास भी उसी के अनुरूप होता है। बाल्यावस्था में ही बालक का सम्पूर्ण सामाजिक विकास होता है। अतः बालक के व्यत्तित्व की नींव बाल्यावस्था (बचपनावस्था) में पड़ती है।
Q8
. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाओं को बाँटा गया है
(1) तीन भागों में
(2) चार भागों में
(3) दो भागों में
(4) पाँच भागों में।
Ans: (2)
Explanation: (2) पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की अवस्था को चार भागों में बांटा गया है- 1. संवेदनशीलता बुद्धि विकास की अवस्था 0 – 2 वर्ष 2. पूर्व संकाय अवस्था 2 – 7 वर्ष 3. मूर्त संकाय अवस्था 7 – 11 वर्ष 4. औपचारिक संकाय अवस्था 11 – 15 वर्ष
Q9
. अनुकरण की प्रक्रिया में सर्वप्रथम शिशु अनुकरण करता है
(1) स्वर वर्णों का
(2) व्यंजन वर्णों का
(3) स्वर व व्यंजन वर्णों का
(4) शब्दों का।
Ans: (4)
Explanation: (4) शिशु को अक्षर ज्ञान नहीं होता है। वह उसी बात का अनुकरण करने की कोशिश करता है जिसे वह सुनता है अतः शिशु सर्वप्रथम शब्दों का अनुकरण करता है।
Q10
. मास्टर ग्रंथि के नाम से जाना जाता है
(1) उपगल ग्रंथि को
(2) गल ग्रंथि को
(3) उपवृक्क ग्रंथि को
(4) पीयूष ग्रंथि को।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) पीयूष ग्रन्थि को मास्टर ग्रंथि के नाम से जाना जाता है यह एक अंतः स्त्रावी ग्रन्थि है। इसका आकार लगभग एक मटर के दाने जितना होता है। यह मस्तिष्क के तल पर हाइपोथैलेक्स के निचले हिस्से से निकला हुआ (उभार) है। और यह एक छोटे अस्थिमय गुहा में दृढ़तानिका रज्जु से ढंका हुआ होता है। जिसमें पीयूष ग्रंथि रहता है। इसी ग्रंथि से व्यत्ति की सम्पूर्ण शारीरिक एवं व्यवहारिक क्रिया में नियंत्रित रहती है।
Q11
. बालक की प्रथम पाठशाला है
(1) समाज
(2) परिवार
(3) गाँव
(4) विद्यालय।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) बालक की प्रथम पाठशाला उसका परिवार तथा प्रथम शिक्षक उसकी माता होती है। परिवार में ही सर्वप्रथम बालक अपनी मौलिक आवश्यकताओें एवं अपने रिश्तों को जानना प्रारम्भ करता है।
Q12
. बालक का सामाजिक विकास प्रभावित होता है
(1) विद्यालय से
(2) सामाजिक-आर्थिक स्तर से
(3) परिवार से
(4) इनमें से सभी से।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) दिये गये विकल्पों में बालक का सामाजिक विकास सभी प्रभावित करते हैं। बालक पहले परिवार का सदस्य होता है, फिर वह विद्यालय जाता है वहाँ सीखता है तथा सामाजिक आर्थिक स्तर भी बालक के सामाजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
Q13
. सृजनात्मकता की पहचान होती है
(1) चित्रकला से
(2) पुराने व्यवहार से
(3) संगीत से
(4) नवीन परिणाम से।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) सृजनात्मकता शब्द सृजन शब्द से बना है जिसका अर्थ है नई वस्तु एवं सिद्धांतों की खोज। इस प्रकार नवीन परिणामों से ही सृजनात्मकता की पहचान होती है।
Q14
. ‘‘हम करके सीखते है।’’ किसने कहा?
(1) योकम
(2) डा . मेस
(3) सिम्पसन
(4) कोलेसनिक।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) सिम्पसन ने अधिगम क्रिया पर बहुत ही शोध किए तथा उन्होंने निष्कर्ष निकाला प्रत्येक व्यत्ति कार्य करके उसके अनुभव द्वारा सीखता है। सिम्पसन के अनुसार- ‘‘हम करके सीखते है।’’
Q15
. समस्या बालक है
(1) झूठ बोलने वाला
(2) चोरी करने वाला
(3) माता-पिता का कहना न मानने वाला
(4) इनमें से सभी।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) समस्यात्मक बालक वे होते हैं जो अपने व्यवहार को सकारात्मक दिशा नहीं प्रदान कर पाते। वह गलत दिशा में चले जाते हैं और उनके व्यवहार में अनेक बुराइयाँ आ जाती हैं – जैसे 1. चोरी करना 2. झूठ बोलना 3. माता-पिता का कहना न मानना 4. गृह कार्य समय से पूर्ण न करना 5. विद्यालय से भाग जाना 6. झगड़ा करना आदि।
Q16
. बालक का मानसिक स्वास्थ्य निर्भर करता है
(1) परिवार पर
(2) विद्यालय पर
(3) समुदाय पर
(4) इनमें से सभी पर।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ्य मस्तिष्क का निवास होता है और तभी व्यत्ति नैतिक-अनैतिक एवं सही-गलत का पहचान करता है। सर्वप्रथम परिवार का यह उत्तरदायित्व है कि वह बालक के स्वास्थ का ध्यान रखे एवं उसके मानसिक विकास को नियंत्रित कर सही दिशा प्रदान करे।
Q17
. हस्तशिल्प की शिक्षा दी जानी चाहिए
(1) पिछड़े बालक को
(2) सामान्य बालक को
(3) मंद बुद्धि बालक को
(4) प्रखर बुद्धि बालक को।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) हस्तशिल्प की शिक्षा पिछड़े बालको को देना चाहिए क्योंकि पिछड़े बालक आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और हस्त शिल्प की शिक्षा ग्रहण कर अपने व्यवसायिक कौशल का प्रयोग कर आर्थिक विपन्नता को दूर कर सकते हैं।
Q18
. निरीक्षण विधि में किया जाता है
(1) अपने व्यवहार का अध्ययन
(2) अपना अध्ययन
(3) दूसरों के व्यवहारों का अध्ययन
(4) व्यवहार विश्लेषण।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) निरीक्षण प्रक्रिया में कोई व्यत्ति किसी दूसरे व्यत्ति के कार्यों की जांच अध्ययन करता है। निरीक्षण में स्वयं का मूल्यांक करना पक्षपात पूर्ण होता है। इसलिए निरीक्षण विधि में दूसरों के व्यवहारों का अध्ययन किया जाता है तथा जाँच पक्षपातपूर्ण न होकर तटस्थ रहे।
Q19
. सतत्‌ व्यापक मूल्यांकन में ‘व्यापक’ शब्द का अभिप्राय है
(1) सह-संज्ञानात्मक
(2) संज्ञानात्मक
(3) (2) और (1) दोनों
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) व्यापक शब्द में सम्पूर्ण तथ्यों का सवावेश होता है जिसमें संज्ञानात्मक तथ्य तथा उनके सहायक सह-संज्ञानात्मक तथ्य दोनों आते है।
Q20
. ब्रेल लिपि का प्रयोग निम्न में से किनके लिए किया जाता है?
(1) दृष्टिबाधित
(2) शारीरिक निःशत्त
(3) वाचनबाधित
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) ब्रेललिपि का निर्माण दृष्टिबाधिक विद्यार्थियों/व्यत्तियों को पढ़ने के लिए एक नई तकनीकी है जिसका निर्माण 1821 ई. में प्रांसीसी शिक्षा मनोवैज्ञानिक लुई ब्रेल के द्वारा किया गया। इन्हीं के नाम पर इनके द्वारा बनायी गई लिपि बे्रल लिपि कहलाती है।
Q21
. ‘‘बुद्धि पर वंशानुक्रम का प्रभाव होता है।’’ किसने कहा है?
(1) गाल्टन
(2) गैसल
(3) टर्मन
(4) डा . माथुर।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) टर्मन के अनुसार- बुद्धि पर वंशानुक्रम का प्रभाव पड़ता है।
Q22
. मनुष्य का व्यवहार मुख्यतः किससे प्रेरित होता है?
(1) अभिक्षमता
(2) कौशल
(3) अभिवृत्ति
(4) बुद्धि।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) मनुष्य का व्यवहार मुख्यतः बुद्धि से प्रेरित होता है। तथा वह बुद्धि के द्वारा ही अपने व्यवहार को दूसरों के साथ समायोजित करता है।
Q23
. व्यत्ति से संवाद करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
(1) ग्राह्यता
(2) सम्प्रेषण
(3) प्रदाता
(4) संचारकर्त्ता।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) व्यत्ति के संवाद करने की प्रक्रिया सम्प्रेषण कहलाती है। ग्राह्यता, प्रदाता एवं संचारकर्ता ये सभी सम्प्रेषण प्रक्रिया के घटक है।
Q24
. शिक्षा मनोविज्ञान का अध्ययन अध्यापक को इसलिए करना चाहिए क्योंकि
(1) इससे वह दूसरों को प्रभावित कर सके
(2) इससे शिक्षक को आत्म-सन्तुष्टि मिल सके
(3) इससे वह अपनी परीक्षाओं में प्रथम आ सके
(4) इसकी सहायता से अपने शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बना सके।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों में मिलकर बना है- शिक्षा एवं मनोविज्ञान जहाँ शिक्षा का सम्बंध अध्ययन-अध्यापन से है वही मनोविज्ञान का सम्बंध व्यवहार से है। अतः शिक्षा मनोविज्ञान का तात्पर्य व्यवहार का अध्ययन कर अपने शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाया जाय।
Q25
. एक बालक की वास्तविक आयु 12 वर्ष तथा मानसिक आयु 15 वर्ष है, तो उसकी बुद्धि-लब्धि होगी –
(1) 120
(2) 125
(3) 80
(4) 100
Ans: (2)
EXPLANATION: (2)
26.
पाठ्यक्रम होना चाहिए –
(1) विद्यालय केन्द्रित
(2) छात्र केन्द्रित
(3) शिक्षक केन्द्रित
(4) इनमें से कोई नहीं।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) प्रकृतवादी रुसों के अनुसार शिक्षा तभी सफल हो सकती है जब वह छात्र केन्द्रित हो। अतः पाठ्‌यक्रम भी छात्र केन्द्रित होना अनिवार्य है।
Q27
. प्राथमिक शिक्षा में मदद करता है –
(1) बच्चे का लोकतंत्रीकरण
(2) बच्चे का समाजीकरण
(3) पाठ्यक्रम की समझ
(4) इनमें से सभी।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) बच्चों का लोकतंत्रीकरण होना ही प्राथमिक शिक्षा मुख्य घटक है इसमें बच्चे स्वतंत्र होकर अपने कार्य एवं व्यवहार को संचालित करते हैं।
Q28
. छात्रों को प्रेरित करने की सही विधि है –
(1) फटकारना
(2) दण्ड
(3) प्रशंसा
(4) मारना-पीटना।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) छात्र को प्रेरित करने के प्रमुख सही विधि है- प्रशंसा करना, पुरस्कार प्रदान करना आदि
Q29
. शिशु के प्रति सहानुभूति एवं प्यार-दुलार से किस संवेग की उत्पत्ति होती है?
(1) भय
(2) क्रोध
(3) अनुराग
(4) आव्रामकता।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) शिशु के प्रति सहानुभूति एवं प्यार-दुलार वात्सल्य होता है जिसमें बालक के साथ लगाव होता है। इसे ही दूसरे शब्दों में अनुराग कहते हैं।
Q30
. सामान्य बुद्धि बालक प्रायः किस अवस्था में बोलना सीख जाते हैं?
(1) 16 माह
(2) 11 माह
(3) 34 माह
(4) 51 माह।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) सामान्य बुद्धि वाले बालक प्रायः 34 माह में बोलना सीख जाते है। इस खण्ड में 30 प्रश्न हैं एवं सभी प्रश्न करना अनिवार्य है।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 38.

Q1. जो बालक स्कूल के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ हो, वह है-
(1) मानसिक रूप से मन्द बालक
(2) पिछड़ा बालक
(3) समस्यात्मक बालक
(4) मादक दव्य का सेवन करने वाला बालक
Ans: (1)
Explanation: (1) मानसिक रूप से मन्द बालक अपने आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ होते है। मानसिक मन्दता एक प्रकार का मानसिक विकार होता है जिसके कारण बालक में समायोजन की क्षमता का विकास बहुत कम होता है जिसका प्रभाव उसके अधिगम क्षमता पर भी पड़ता है।
Q2
. एक शिक्षक को स्कूल में प्रथम बार आए विशेष आवश्यकता वाले बच्चे के साथ करना चाहिए-
(1) अन्य बच्चों से अलग करना
(2) उसकी विशेष आवश्यकता के अनुसार विशेष स्कूल में जाने की सलाह
(3) बच्चे के अभिभावक से सहयोगी योजना की चर्चा
(4) बच्चे की विशेष आवश्यकता के स्तर की जाँच के लिए प्रवेश परीक्षा
Ans: (3)
Explanation: (3) प्रथम बार स्कूल आये विशेष आवश्यकता वाले बालक के संदर्भ में शिक्षक को उसके सामाजिक स्थिति का पता लगाना आवश्यक होता है जिससे उसके व्यत्तित्व का परीक्षण किया जा सके तथा साथ ही शिक्षक को बच्चे के अभिभावक के साथ मिल कर उसके लिए सहयोगी योजना का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि बालक शिक्षक तथा विद्यालयी व्यवस्था के साथ सहज स्थिति में आ सके और उसका अधिगम सुचारु रूप से चल सके।
Q3
. शैक्षिक भ्रमण अधिगम के लिए आवश्यक साधन क्यों है?
(1) पाठ्‌यचर्या समय पर पूर्ण होती है
(2) यह रटने की आदत का विकास करता है
(3) यह कल्पना शत्ति का विकास करता है
(4) भ्रमण के स्थान के प्राप्त ज्ञान स्थायी होता है
Ans: (4)
Explanation: (4) शैक्षणिक भ्रमण का मूल उद्देश्य छात्र को विशेष परिस्थितियों का अनुभव प्रदान कराना है क्योंकि शैक्षणिक भ्रमण से प्राप्त ज्ञान स्थायी होता है।
Q4
. किसी बालक की वास्तविक आयु 8 वर्ष है और मानसिक आयु 12 वर्ष है, तो उसकी बुद्धिलब्धि होगी-
(1) 140
(2) 135
(3) 145
(4) 150
Ans: (4)
Explanation: (4) बुद्धि लब्धि (मानसिक आयु/ वास्तविक आयु) × 100 100 150 8 12 5. प्राथमिक कक्षाओं में विषय-वस्तु की नीरसता दूर करने के लिए शिक्षक को उपयुत्त शिक्षण नीति का उपयोग करना चाहिए, वह है-
(1) प्रश्नोत्तर नीति
(2) वार्तालाप नीति
(3) खेल और मनोरंजन नीति
(4) प्रदर्शन नीति
Ans: (3)
Explanation: (3) प्राथमिक कक्षाओं में विषय-वस्तु की नीरसता दूर करने के लिए शिक्षण में खेल एवं मनोरंजन विधि का प्रयोग करना सर्वाधिक उपयुत्त होता है। खेल एवं मनोरंजन विधि में अधिगम के साथ-साथ बच्चों में समायोजन की क्षमता का भी विकास होता है।
Q6
. क्रियात्मक अनुसंधान का प्रमुख कार्य है-
(1) स्थानीय समस्याओं का समाधान करना
(2) नए तथ्यों की खोज करना
(3) ज्ञान देना
(4) नई व आधारभूत समस्याओं का समाधान करना
Ans: (1)
Explanation: (1) तत्कालीन एवं स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए क्रियात्मक अनुसंधान का प्रयोग किया जाता है।
Q7
. एक शोधकर्ता के रूप में आप निम्नलिखित में से कौन से शीर्षक को अनुसंधान प्रस्ताव में सम्मिलित नहीं करेंगे?
(1) अनुसंधान के उपकरण
(2) अनुसंधान समस्या की पृष्ठभूमि
(3) अनुसंधान के लिए मूल विस्तृत व्याख्या
(4) अनुसंधान की परिकल्पनाएँ
Ans: (3)
Explanation: (3) अनुसंधान प्रस्ताव के अन्तर्गत समस्या की पृष्ठभूमि, अनुसंधान की परिकल्पनाए तथा अनुसंधान के प्रयुत्त उपकरण का वर्णन किया जाता है। अनुसंधान के प्रस्ताव के मूल विस्तृत व्याख्या को शामिल नहीं किया जाता है।
Q8
. ‘‘संवेगात्मक रूप से अभिप्रेरित बच्चों’’ की मुख्य विशेषता है-
(1) उनका अंतर्मुखी स्वभाव
(2) उनका अतिप्रक्रियात्मक स्वभाव
(3) अपने विचार प्रकट करने का संतुलित तरीका
(4) उनका विषादग्रस्त व्यवहार
Ans: (2)
Explanation: (2) संवेगात्मक रूप से अभिप्रेरित बालक में अस्थिरता की प्रकृति पाई जाती है। इस अस्थिरता का प्रमुख कारण बालक का अतिप्रक्रियात्मक स्वभाव होता है।
Q9
. निम्नलिखित रित्त स्थान के लिए सही उत्तर का चयन करें-
(1) ज्ञानात्मक
(2) संज्ञानात्मक एवं मनोप्रेरणा
(3) भावात्मक
(4) शारीरिक क्षमता
Ans: (3)
Explanation: (3) ब्लूम डोमेन्स आ फ लर्निंग के अन्तर्गत शिक्षा के तीन उद्देश्यों का निर्धारण किया गया है- 1. संज्ञानात्मक शिक्षा 2. मनोप्रेरणात्मक शिक्षा 3. भावात्मक शिक्षा इसका प्रतिपादन ब्लूम नामक मनोवैज्ञानिक ने किया था। इनके अनुसार बालक उच्चशिक्षा तभी प्राप्त कर सकता है जब बालक को निचले स्तर की शिक्षा की जानकारी हो।
Q10
. निम्नलिखित में से कौन सा चिन्तन अनुसंधान से सम्बन्धित है?
(1) विकेन्द्रित चिन्तन
(2) परम्परागत चिन्तन
(3) वैज्ञानिक चिन्तन
(4) ये सभी ब्लूम्स डोमेन्स आ फ लर्निंग मनोप्रेरणा संज्ञात्मक ?
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) चिन्तन अनुसंधान के अन्तर्गत परम्परागत चिन्तन विकेन्द्रित चिन्तन तथा वैज्ञानिक चिन्तन आते है। किसी विषय वस्तु पर शोध करने के लिए चिन्तन अनुसंधान के तीनों चिंतन स्तर से गुजरना पड़ता है।
Q11
. तर्क, जिज्ञासा तथा निरीक्षण शत्ति का विकास होता है-
(1) 8 वर्ष की आयु में
(2) 6 वर्ष की आयु में
(3) 11 वर्ष की आयु में
(4) 15 वर्ष की आयु में
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) जीन पियाजे के अनुसार बालक के औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में बालक में तर्क जिज्ञासा तथा निरीक्षण शत्ति का विकास हो जाता है। औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था की शुरूआत 11 वर्ष की आयु से हो जाती है।
Q12
. किसने कहा? ‘‘एक व्यत्ति का दूसरे व्यत्ति से अन्तर एक सार्वभौमिक घटना जान पड़ती है’’
(1) स्किन्नर
(2) टा यलर
(3) व्रो एवं व्रो
(4) वुडवर्थ
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) व्यत्ति भिन्नता के संदर्भ में मनोवैज्ञानिक टा यलर का कथन है कि ‘‘एक व्यत्ति का दूसरे व्यत्ति से अन्तर एक सार्वभौमिक घटना जान पड़ती है’’
Q13
. सीखने की खेल विधि उपयोगी है-
(1) पूर्व बाल्यावस्था हेतु
(2) बाल्यावस्था हेतु
(3) युवावस्था हेतु
(4) परिपक्वावस्था हेतु
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) बाल्यवस्था की आयु (6-12 वर्ष) में बालक को सीखने के लिए खेल विधि सबसे उपयुत्त होती है क्योंकि इस अवस्था में बालक के अन्दर चंचलता की अधिकता, मन में अस्थिरता तथा समायोजन की भावना का अभाव पाया जाता है। जिससे उनमें अधिगम कार्य बहुत ही मन्द होता है। खेल विधि के द्वारा बच्चों में अधिगम प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।
Q14
. निम्नलिखित में से कौन सी मूल्यांकन की प्रविधि है?
(1) साक्षात्कार
(2) प्रश्नावली
(3) मत सूची
(4) ये सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) मूल्यांकन वह प्रणाली होती है जिसके तहत बालक/व्यत्ति के सभी आयामों का परीक्षण किया जा सकता है। मूल्यांकन करने में कई प्रकार की विधियों का प्रयोग किया जाता है जैसे- साक्षात्कार करके, प्रश्नावली तैयार करके, मत सूची तैयार करके तथा खेल विधि आदि।
Q15
. एक शिक्षक गद्य व सब्जियों, फलों के चित्र का उपयोग कर अपने विद्यार्थियों के साथ चर्चा करता है विद्यार्थी विवरण से जोड़कर पोषण के तथ्यों को सीखते हैं इस दृष्टिकोण का आधार है-
(1) पुनर्बलन का सिद्धान्त
(2) सीखने की क्लासिकल अवस्था
(3) सीखने का क्रिया प्रस्तुत अनुकूलन
(4) ज्ञान का निर्माण
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) चित्र के माध्यम से विद्यार्थियों को उसकी जानकारी देना तथा बच्चों में उस ज्ञान का स्थानान्तरण करना सीखने की क्रिया को प्रस्तुत अनुकूलन की संज्ञा दी जाती है जिसमें बालक प्रस्तुत चित्र के साथ स्वयं का सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
Q16
. पियाजे के विकास की अवस्थाओं में संवेदी गामक अवस्था समायोजित करता है-
(1) विकल्पों की व्याख्या एवं विश्लेषण करने की क्षमता
(2) अनुकरण, स्मृति एवं मानसिक प्रस्तुतीकरण
(3) तार्किक रूप से समस्या के समाधान की क्षमता
(4) सामाजिक मुद्दों से सरोकार
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) पियाजे ने बालक के विकास को चार अवस्था/चरण में बाँटा है। जिसमें पहली अवस्था संवेदी गामक अवस्था होती है जो बालक के जन्म से 2 वर्ष की आयु तक चलती है। इस अवस्था में बालक अनुकरण, स्मृति एवं मानसिक प्रस्तुतिकरण करता है।
Q17
. शैशवावस्था होती है-
(1) बारह वर्ष तक
(2) पाँच वर्ष तक
(3) 21 वर्ष तक
(4) इनमें से कोई भी नहीं
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) बाल विकास की मुख्यतः तीन अवस्थाएँ होती है- 1. शैशवावस्था (0 – 6) वर्ष 2. बाल्यावस्था (6 – 12) वर्ष 3. किशोरावस्था (12 – 18) वर्ष
Q18
. निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
(1) विशेष आवश्यकता वाले बच्चे दूसरे क्षेत्रों में कार्य करने में अक्षम होते है
(2) अक्षम व्यत्तियों के प्रति विपरीत विचार एवं भावना बच्चा बड़ों से सीखता है
(3) शारीरिक अक्षमता वाला बच्चा मानसिक अक्षमता नहीं रखता
(4) a एवं b दोनों
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अक्षम व्यत्तियों के प्रति विपरीत भावना बच्चा अपने सहपाठी के साथ रहते हुए सीखता है न कि बड़ों से और विशेष आवश्यकता वाले छात्र दूसरे क्षेत्र में अक्षम हो सकते है परन्तु यह अनिवार्य नहीं है। अतः कथन (2) एवं (1) दोनों गलत है।
Q19
. विद्यार्थियों की उपलब्धि का मूल्यांकन करने के लिए शालाओं में उपयोग में आने वाली विधियाँ हैं-
(1) परिमाणात्मक एवं गुणात्मक विधि
(2) परिमाणात्मक एवं निरीक्षण विधि
(3) गुणात्मक एवं साक्षात्कार विधि
(4) उपर्युत्त में से कोई नहीं
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) विद्यार्थियों के उपलब्धि का मूल्यांकन कई विधियों के द्वारा किया जाता है। इनमें परिमाणात्मक एवं गुणात्मक विधि का प्रयोग मूल्यांकन में प्रयोगशाला (lab) में किया जाता है।
Q20
. आशा 14 वर्ष की आयु में वह सब कार्य करती है जो अधिकतर 6-7 वर्ष के बच्चे करते हैं आशा की यह अवस्था का कारण है-
(1) अपंगता
(2) मानसिक अक्षमता
(3) आनुवंशिकता
(4) कुपोषण
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) मानसिक अक्षमता के कारण बालक/बालिका अपने आयु वर्ग के बालक/बालिकाओं के समान अधिगम कार्य नहीं कर सकते। यहाँ तक कि अपने आयु वर्ग के नीचे की अवस्था के कार्य करने में भी अक्षम होते हैं।
Q21
. व्यत्तिगत निदान विधि का उपयोग है, विशेषतः-
(1) असामान्य एवं संतुलित बालकों का अध्ययन
(2) बुद्धिमान बालकों का अध्ययन
(3) दुर्बल बालकों का अध्ययन
(4) सामान्य बालकों का अध्ययन
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) दुर्बल/कमजोर बालकों के बारे में अध्ययन करने में व्यत्तिगत निदान विधि का प्रयोग किया जाता है। इस विधि के अन्तर्गत शिक्षक बालक से व्यत्तिगत रूप से मिलकर उसकी समस्या जानने का प्रयास करता है तथा उसकी समस्या का हल करता है।
Q22
. सीखने का स्थानान्तरण है-
(1) सीखी हुई तकीक का वैसा ही उपयोग
(2) सीखी गई वस्तु को सँभालना
(3) सीखी हुई वस्तु का अन्य परिस्थिति में प्रयोग
(4) उपर्युत्त में से कोई नहीं
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) पूर्व में सीखे गये ज्ञान/वस्तु का प्रयोग किसी अन्य परिस्थिति में करना सीखने का स्थानान्तरण कहलाता है। जैसे साइकिल चलाने की कला का प्रयोग स्कूटर चलाने से करना।
Q23
. व्यत्तिगत भिन्नताओं के मापन की सर्वोत्तम मापनी है-
(1) अन्तराल मापनी
(2) नमित मापनी
(3) क्रमसूचक मापनी
(4) समानुपाती मापनी
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) अन्तराल मापनी के द्वारा व्यैक्तिक भिन्नताओं का परीक्षण सर्वोत्तम तरीके से त्रुटि रहित रूप से किया जा सकता है।
Q24
. विद्यार्थी और शिक्षक के बीच की एक संवादात्मक प्रक्रिया जो उनके सीखने के वातावरण में बदलाव लाती है, वह है-
(1) आकलन
(2) मूल्यांकन
(3) a व b दोनों
(4) उपर्युत्त में से कोई नहीं
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) मूल्यांकन व आकलन वह प्रणाली होती है जिसके द्वारा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच एक संवादात्मक प्रक्रिया चलती है और इसी के परिणामस्वरूप सीखने के वातावरण में बदलाव आता है।
Q25
. अध्ययन की दृष्टि से व्यत्तिगत विभिन्नताओं का महत्व है-
(1) व्यत्तिगत रूचियों के अनुसार गृह कार्य देना
(2) विद्यार्थियों की व्यत्तिगत शिक्षण व्यवस्था
(3) विद्यार्थियों का समरूप समूहों में वर्गीकरण
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) व्यत्तिगत भिन्नताओं के आधार पर समान आयुवर्ग तथा बुद्धिस्तर के आधार पर छात्रों का वर्गीकरण किया जा सकता है।
Q26
. विभेदकारी परीक्षण अन्तर करता है-
(1) सामान्य विद्यार्थियों में
(2) कमजोर विद्यार्थियों में
(3) प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) विभेदीकृत परीक्षण (विभेदकारी परीक्षण) के द्वारा बालकों को उनकी क्षमता तथा बुद्धिलब्धि के आधार पर अलग- अलग किया जा सकता है।
Q27
. एक बालक जो शारीरिक दोषों से ग्रस्त है उसमें उत्पन्न होती है-
(1) अच्छी आदतें
(2) संवेगात्मक स्थिरता
(3) मिथ्याभिमान
(4) हीनता की भावना
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) शारीरिक दोषग्रस्त बालक मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव महसूस करते हैं। जिसके परिणामस्वरूप उनमें हीनता की भावना का जन्म हो जाता है, जिससे उनका अधिगम कार्य प्रभावित होता है।
Q28
. बालक में क्रियाओं को नियमित करने तथा रुचि उत्पन्न करने के लिए कौन सा कारक उत्तरदायी है?
(1) समझ
(2) प्रेरणा
(3) ज्ञान
(4) स्वअध्ययन
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) बालक की क्रियाओं को नियमित करने तथा उनमें रूचि उत्पन्न करने का सबसे प्रभावी कारक अभिप्रेरणा (प्रेरणा) होती है। मैस्लो ने अभिप्रेरणा के सिद्धांत का प्रतिपादन किया है। अभिप्रेरणा दो प्रकार की होती है- 1. आन्तरिक अभिप्रेरणा 2. बाह्य अभिप्रेरणा
Q29
. मूल्यांकन का उद्देश्य है-
(1) बच्चों ने क्या सीखा यह जानना
(2) बच्चे को उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण घोषित करना
(3) बच्चे के सीखने में आई कठिनाई को जानना
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बालक की उपलब्धि, उनके ज्ञान का स्तर तथा बालक की समस्याओं (अधिगम से संबंधित) का पता लगाया जा सकता है तथा उसका उचित उपचार भी किया जा सकता है।
Q30
. अधिगम का शिक्षा में योगदान है-
(1) नवीन अनुभव प्राप्त करने में
(2) व्यवहार परिवर्तन में
(3) समायोजन में
(4) उपर्युत्त सभी
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) अधिगम वह प्रक्रिया है जिससे बालक को नवीन ज्ञान की प्राप्ति होती है परिणामस्वरूप बालक में समायोजन की क्षमता के विकास के साथ-साथ उचित व्यवहार परिवर्तन भी होता है।

Child Development & Pedagogy बाल विकास और अध्यापन MCQS – भाग 23.

Q1. निम्नलिखित में कौन-सी संज्ञानात्मक क्रिया दी गई सूचना के विश्लेषण के लिए प्रयोग में लाई जाती है?
(1) पहचान करना
(2) वर्णन करना
(3) अंतर करना
(4) वर्गीकृत करना
Ans: (3)
Explanation: (3) संज्ञानात्मक क्रिया ‘अंतर करना’ दी गई सूचना के विश्लेषण के लिए प्रयोग में लाई जाती है।
Q2
. राजेश अति लोलुप पाठक हैं। वह अपने कोर्स की पुस्तकें पढ़ने के अतिरित्त प्रायः पुस्तकालय जाता है और भिन्न प्रकरणों पर पुस्तकें पढ़ता है। इतना ही नहीं, राजेश भोजन-अवकाश में अपने परियोजना कार्य करता है। उसे परीक्षाओं के लिए पढ़ने के लिए अपने शिक्षकों अथवा अभिभावकों द्वारा कभी भी कहने की जरूरत नहीं है और वह वास्तव में सीखने का आनंद लेता नजर आता है। उसे —- के रूप में सर्वाधिक बेहतर रूप से वर्णित किया जा सकता है।
(1) तथ्य-आधारित शिक्षार्थी
(2) आंतरिक रूप से अभिपे्ररित शिक्षार्थी
(3) शिक्षक-अभिप्रेरित शिक्षार्थी
(4) आकलन-आधारित शिक्षार्थी
Ans: (2)
Explanation: (2) राजेश एक आन्तरिक रूप से अभिपे्ररित शिक्षार्थी है क्योंकि ऐसे छात्र सामान्यतः स्वयं ही अपने कोर्स की पुस्तकें पढ़ते हैं तथा अन्य प्रकरणों पर पुस्तकें भी पढ़ते है क्योंकि ऐसे छात्र जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं तथा वह ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करने की कोशिश करते रहते हैं। अतः ऐसे छात्रों को पढ़ने तथा किसी परियोजना को पूरा करने के लिए किसी के कहने की जरूरत नहीं पड़ती है। वह स्वयं ही कर लेते हैं।
Q3
. यदि पूर्व प्राथमिक स्तर पर बच्चों पर खोज करने की अनुमति दे दी जाए तो वे संतुष्ट हो जाते हैं। जब उन्हें हतोत्साहित किया जाता है तो वे व्यथित हो जाते हैं। वे ऐसा……..की उनकी अभिप्रेरणा के कारण करते हैं।
(1) अपनी उपेक्षा को कम करने
(2) अपनी शत्तियों के उपयोग करते हैं।
(3) कक्षा के साथ संबद्ध होने
(4) कक्षा में अव्यवस्था फैलाने में
Ans: (1)
Explanation: (1) यदि पूर्व प्राथमिक स्तर पर बच्चों पर खोज करने की अनुमति दे दी जाए तो वे संतुष्ट हो जाते हैं जब उन्हें हतोत्साहित किया जाता है तो वे व्यथित हो जाते हैं। वे ऐसा अपनी उपेक्षा को कम करने की अभिपे्ररणा के कारण करते है।
Q4
. मानव बुद्धि एवं विकास की समझ शिक्षक को— के योग्य बनाती है।
(1) शिक्षण के समय शिक्षार्थियों के संवेगों पर नियंत्रण बनाए रखने
(2) निष्पक्ष रूप से अपने शिक्षण-अभ्यास
(3) विविध शिक्षार्थियों के शिक्षण के बारे में स्पष्टता
(4) शिक्षार्थियों को यह बनाने कि वे अपने जीवन में कैसे सुधार कर सकते, है।
Ans: (3)
Explanation: (3) मानव बुद्धि एवं विकास की समझ शिक्षक को विविध शिक्षार्थियों के शिक्षण के बारे में स्पष्टता के योग्य बनाती है। अतः मानव बुद्धि व विकास के आधार पर ही एक शिक्षक किसी छात्र की बौद्धिक स्तर का आकलन करता है।
Q5
. निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?
(1) विकास और सीखना समाज-सांस्कृतिक संदर्भों से अप्रभावित रहते हैं।
(2) शिक्षक द्वारा प्रश्न पूछना संज्ञानात्मक विकास में बाधक है।
(3) शिक्षार्थी एक निश्चित तरीके से सीखते हैं।
(4) खेलना संज्ञान और सामाजिक दक्षता के लिए सार्थक है।
Ans: (4)
Explanation: (4) संज्ञानात्मक विकास जन्म से लेकर युवा होने तक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें बालक धीरे-धीरे संज्ञानात्मक विकास की निम्न अवस्था से उच्च अवस्था की ओर बढ़ता है। अतः अध्यापक को सर्वप्रथम बालक के संज्ञानात्मक विकास की अवस्था का भली प्रकार निर्धारित कर लेना चाहिए। अतः बालक का खेलना संज्ञान और सामाजिक दक्षता के लिए आवश्यक है।
Q6
. बच्चे के विकास में आनुवंशिकता और वातावरण की भूमिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?
(1) समवयस्कों और पित्रैक (Genes) का सापेक्ष योगदान योगात्मक नहीं होता।
(2) आनुवंशिकता और वातावरण दोनों एक बच्चे के विकास में 50%-50% योगदान देते हैं।
(3) आनुवंशिकता और वातावरण एक साथ परिचालित नहीं होते।
(4) सहज रूझान वातावरण से संबंधित है जबकि वास्तविक विकास के लिए आनुवंशिकता जरूरी है।
Ans: (1)
Explanation: (1) बच्चे के विकास में आनुवंशिकता और वातावरण की भूमिका रहती है। क्योंकि बच्चे के विकास में बच्चे का आनुवंशिक गुण तथा उसके चारों ओर के वातावरण पर निर्भर करती है, लेकिन समवयस्कों और पित्रैक के सापेक्ष योगदान की आवश्यकता नहीं होती है।
Q7
. समाजीकरण हैः
(1) शिक्षक एवं पढ़ाए गए के बीच संबंध
(2) सामाजिक मानदंडों में परिवर्तन
(3) समाज के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया
(4) समाज के मानदंडों के साथ अनुकूलन
Ans: (4)
Explanation: (4) व्यत्ति का समाज के मानदण्डों के साथ अनुकूलन ही समाजीकरण है। अर्थात समाजीकरण वह प्रविधि है, जिसके द्वारा संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तान्तरित किया जाता है। इसके माध्यम से मानव अपने समूह एवं समाज के मूल्यों, रीति-रिवाजों, लोकाचारों, आदर्शों एवं सामाजिक उद्देश्यों को सीखता है। दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि समाजीकरण एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा मानव को सामाजिक-सांस्कृतिक संसार से परिचित कराया जाता है।
Q8
. एक पी.टी. (खेल) शिक्षक व्रिकेट के खेल में अपने शिक्षार्थियों के क्षेत्र-रक्षण को सुधारना चाहता है। निम्न में से कौन-सी युत्ति शिक्षार्थियों को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में सर्वाधिक सहायक है?
(1) शिक्षार्थियों को यह बताना कि क्षेत्र-रक्षण सीखना उनके लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण है।
(2) शिक्षार्थियों को क्षेत्र-रक्षण का अधिक अभ्यास करवाना।
(3) बेहतर क्षेत्र-रक्षण और सफलता की दर के पीछे के तर्क को स्पष्ट करना।
(4) क्षेत्र-रक्षण को प्रदर्शित करना और शिक्षार्थी अवलोकन करना।
Ans: (2)
Explanation: (2) एक पी़ टी़ (खेल) शिक्षक व्रिकेट के खेल में अपने शिक्षार्थियों के क्षेत्र–रक्षण को सुधारने के लिए वह निरन्तर शिक्षार्थियों को क्षेत्र-रक्षण का अधिक अभ्यास कराये तथा बाद में उनका परीक्षण भी लें ताकि अभ्यास के दौरान कोई कमी रह गई हो तो वह परीक्षण में पता चल जाये और उसे सुधारा जा सके ऐसा करने से उसे अपना लक्ष्य पाने में सहजता होगी।
Q9
. एक शिक्षिका अपने शिक्षार्थियों की इस रूप में मदद करना चाहती है कि वे एक स्थिति की अनेक दृष्टिकोण से सराहना कर सकें। वह विभिन्न समूहों में एक स्थिति पर वाद-विवाद करने के अनेक अवसर उपलब्ध कराती है। वाइगोत्स्की के परिपे्रक्ष्य के अनुसार उसके शिक्षार्थी विभिन्न दृष्टिकोणों को करेंगे और अपने तरीके से उस स्थिति के अनेक परिपे्रक्ष्य विकसित करेंगे।
(1) आत्मसात
(2) तर्क संगत
(3) निर्माण
(4) संक्रियाकरण
Ans: (1)
Explanation: (1) एक शिक्षिका अपने शिक्षार्थियों की इस रूप में मदद करना चाहती है कि वे एक स्थिति की अनेक दृष्टिकोणों से सराहना कर सकें। वह विभिन्न समूहों में एक स्थिति पर वादविवाद करने के अनेक अवसर उपलब्ध कराती है। वाइगोत्स्की के परिपे्रक्ष्य के अनुसार उसके शिक्षार्थी विभिन्न दृष्टिकोणें को-करेंगे और अपने तरीके से उस स्थिति के अनेक परिपे्रक्ष्य विकसित करेंगे। अतः इस प्रक्रिया को आत्मसात प्रक्रिया कहते हैं।
Q10
. सीता ने हाथ से दाल और चावल खाना सीख लिया है। जब उसे दाल और चावल दिया जाता हैं तो वह दालचावल मिलाकर खाने लगती है। उसने चीजों को करने के लिए अपने स्कीमा में दाल और चावल खाने को—- कर लिया है।
(1) समायोजित
(2) अंगीकार
(3) अनुकूलित
(4) समुचितता
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) स्कीमा से तात्पर्य ऐसी मानसिक संरचना से है जो व्यत्ति विशेष के मस्तिष्क में सूचनाओं को संगठित करने तथा व्याख्यायित करने हेतु विद्यमान होती है। ये स्कीमें दो प्रकार की होती हैं- (1) साधारण तथा (2) जटिल साधारण। अतः सीता ने हाथ से दाल और चावल खाना सीख लिया है। जब उसे दाल और चावल दिया जाता हैं तो वह दाल-चावल मिलाकर खाने लगती है। उसने चीजों को करने के लिए अपने स्कीमा में दाल और चावल खाने को अनुकूलित कर लिया है। अतः यह एक स्कीमा का उदाहरण है।
Q11
. —- के अतिरित्त बुद्धि के निम्नलिखित पक्षों को स्टेनबर्ग के त्रितंत्र सिद्धांत से संबोधित किया गया है।
(1) अवयवभूत
(2) संदर्भगत
(3) सामाजिक
(4) आनुभविक
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) सामाजिक के अतिरित्त बुद्धि के निम्नलिखित पक्षों संदर्भगत, अवयवभूत, आनुभविक को स्टेनबर्ग के त्रितंत्र के सिद्धान्त से सम्बोधित किया गया है।
Q12
. हावर्ड गार्डनर का बुद्धि का सिद्धांत —- पर बल दता है
(1) सामान्य बुद्धि
(2) शिक्षार्थियों में अनुबंधित कौशलों
(3) विद्यालय मे आवश्यक समान योग्यताओं
(4) प्रत्येक व्यत्ति की विलक्षण योग्यताओं
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) हावर्ड गार्डनर का बुद्धि का सिद्धांत प्रत्येक व्यत्ति की विलक्षण योग्यताओं पर बल देता है। इनके अनुसार –‘बुद्धि कोई एक तत्व नहीं है बल्कि कई भिन्न-भिन्न प्रकार की बुद्धियों का अस्तित्व है। प्रत्येक बुद्धि एक-दूसरे से स्वतंत्र रह कर कार्य करती है।’
Q13
. थ, फ, च ध्वनियाँ हैं-
(1) रूपिम
(2) स्वनिम
(3) लेखीम
(4) शब्दिम
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) हिन्दी स्वनिम में दो स्तर होते हैं कथ्य (content) तथा अभिव्यत्ति (expression) । कथ्य पक्ष भाषा का लक्ष्य होता है तथा अभिव्यत्ति पक्ष कथ्य को कहने का साधन मात्र है। अभिव्यत्ति में दो मूलभूत इकाइयाँ होती है; स्वनिम तथा रूपिम। इन दो में स्वनिम अपेक्षाकृत अधिक मूलभूत ईकाई है। अतः थ, फ, च स्वनिम ध्वनियाँ हैं।
Q14
. कक्षा में जेंडर रूढ़िबद्धता से बचने के लिए एक शिक्षक को
(1) लकड़े-लड़कियों को एक साथ अ-पारंपरिक भूमिकाओं में रखना चाहिए।
(2) लड़कों को जोखिम उठाने और निर्भीक बनने के लिए प्रोत्साहित करना।
(3) ‘अच्छी लड़की’ ‘अच्छा लड़का’ कहकर शिक्षार्थियों के अच्छे कार्य की सराहना करनी चाहिए।
(4) कुश्ती में भाग लेने के लिए लड़कियों को निरूत्साहित करना।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) कक्षा में शिक्षक को जेंडर रूढ़िबद्धता से बचने के लिए सदैव लड़के व लड़कियों को एक साथ अ-पारम्परिक भूमिकाओं में रखना चाहिए। कभी भी शिक्षक को कक्षा में लड़के व लड़कियों में किसी भी भूमिका पर भेद-भाव नहीं करना चाहिए।
Q15
. विद्यालयों को किसके लिए वैयत्तिक भिन्नताओं को पूरा करना चाहिए?
(1) वैयत्तिक शिक्षार्थियों के मध्य खाई को कम करने के लिए।
(2) वैयत्तिक शिक्षार्थी को विशिष्ट होने की अनुभूति कराने के लिए।
(3) शिक्षार्थियों के निष्पादन और योग्यताओं को समान करने के लिए।
(4) यह समझने के लिए कि क्यों शिक्षार्थी सीखने के योग्य या अयोग्य है।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) विद्यालय को यह समझने के लिए वैयत्तिक भिन्नताओं को पूरा करना चाहिए कि क्यों शिक्षार्थी सीखने के योग्य है या अयोग्य हैं।
Q16
. शिक्षार्थियों में वैयत्तिक भिन्नताओं को संबोधित करने के लिए एक विद्यालय किस प्रकार का सहयोग उपलब्ध करवा सकता है?
(1) बाल-केन्द्रित पाठ्‌यचर्या का पालन करना और शिक्षार्थियों को सीखने के अनक अवसर उपलब्ध करवाना।
(2) सभी शिक्षार्थियों के लिए समान स्तर की पाठ्यचर्या का अनुगमन करना
(3) शिक्षार्थियों में वैयत्तिक भिन्नताओं को समाप्त करने क लिए हर संभव उपाय करना।
(4) धीमी गति से सीखने वाले शिक्षार्थियों को विशेष विद्यालयों में भेजना।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) शिक्षार्थियों में वैयत्तिक भिन्नताओं को सम्बोधित करने के लिए एक विद्यालय बाल-केन्द्रित पाठ्यचर्या का पालन और शिक्षार्थियों को सीखने के अनेक अवसर व सहयोग उपलब्ध करा सकता है।
Q17
. सतत्‌ और व्यापक मूल्यांकन —– पर बल देता है।
(1) सीखने को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्केल पर निरंतर परीक्षण
(2) बोर्ड परीक्षाओं की अनावश्यकता पर
(3) सीखने को किस प्रकार अवलोकित,रिका र्ड और सुधारा जाए इस पर
(4) शिक्षण के साथ परीक्षाओं का सामंजस्य
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) सतत एवं व्यापक मूल्यांकन बच्चे के आकलन की निरन्तर चलने वाली विकासात्मक प्रक्रिया है। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के द्वारा शिक्षण अधिगम के समय ही शिक्षक को छात्रों के सीखने की प्रगति और कठिनाईयों के बारे में निरन्तर जानकारी मिलती रहती हैं। इस प्रकार की व्यवस्था में दीर्घ अन्तराल के बाद चलाएं जाने वाले उपचारात्मक शिक्षक की आवश्यकता भी समाप्त हो जाएगी, क्योंकि छात्र की कठिनाई का समय रहते निदान और उपचार हो सकेगा तथा यथासमय की कठिनाइयों का निवारण होने से छात्रों में आत्मविश्वास जागृत होगा। अतः सतत्‌ एवं व्यापक मूल्यांकन सीखने को किस प्रकार अवलोकित तथा रिका र्ड और सुधारा जाए इस पर बल देता है।
Q18
. विद्यालय आधारित आकलन
(1) शिक्षा-बोर्ड की जवाबदेही कम कर देता है।
(2) शिक्षार्थियों और शिक्षकों को अगंभीर और लापरवाह बनाता है।
(3) सार्वभौमिक राष्ट्रीय मानकों की प्राप्ति में बाधा उत्पन्न करता है।
(4) परिचित वातावरण में अधिक सीखने में सभी शिक्षार्थियों की मदद करता है।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) विद्यालय आधारित आकलन परिचित वातावरण में अधिक सीखने में सभी शिक्षार्थियों की मदद करता है।
Q19
. ‘सीखने की तत्परता’——- की ओर संकेत करती है।
(1) शिक्षार्थियों का सामान्य योग्यता स्तर
(2) था र्नडाइक का तत्परता का नियम
(3) सीखने के सातत्यक में शिक्षार्थियों का वर्तमान संज्ञानात्मक स्तर
(4) सीखने के कार्य की प्रकृति को संतुष्ट करने
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) ‘सीखने की तत्परता’ सीखने के सातत्यक में शिक्षार्थियों का वर्तमान संज्ञानात्मक स्तर की ओर संकेत करती है।
Q20
. एक शिक्षिका की कक्षा में कुछ शारीरिक विकलांगता वाले बच्चे हैं। निम्नलिखित में से उसके लिए क्या कहना सबसे उचित होगा?
(1) पहिया-कुर्सी वाले बच्चे हा ल में जाने के लिए अपने समवयस्क साथी बच्चों से मदद ले सकते हैं।
(2) पोलियोग्रस्त बच्चे अब एक गाना प्रस्तुत करेंगे।
(3) शारीरिक रूप से असुविधाग्रस्त बच्चे कक्षा में ही कोई वैकल्पिक गतिविधि कर सकते हैं।
(4) मोहन खेल के मैदान में जाने के लिए आप अपनी बैसाखियों का प्रयोग क्यों नहीं करते?
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) यदि एक शिक्षिका की कक्षा में कुछ शारीरिक विकलांगता वाले बच्चे हैं तो उस शिक्षका को कक्षा में विकलांग छात्रों को उचित निर्देश देना उचित रहेगा कि खेल के मैदान में जाने के लिए आप अपनी बैसाखियों का प्रयोग करें।
Q21
. —-के अतिरित्त निम्नलिखित सभी के कारण अधिगम अक्षमता उत्पन्न हो सकती है।
(1) सेरेब्रल डिस्फंक्शन
(2) सांस्कृतिक कारक
(3) संवेगात्मक विघ्न
(4) व्यवहारगत विघ्न
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) अधिगम अक्षमता का अर्थ ऐसे बालकों से है जो प्रायःअत्यधिक चिंतित तथा मूडी स्वभाव के होते हैं। सांस्कृतिक कारक के अतिरित्त उपर्युत्त सभी कारणों से अधिगम क्षमता उत्पन्न हो सकती है।
Q22
. एक समावेशी विद्यालय-
(1) शिक्षार्थियों की क्षमताओं की परवाह किए बिना सभी के अधिगम-परिणामों को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध होता है
(2) शिक्षार्थियों की नियोग्यता के अनुसार उनकी सीखने की आवश्यकताओं को निर्धारित करता है।
(3) शिक्षार्थियों के मध्य अंतर करता है और विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए कम चुनौतीपूर्ण उपलब्धि लक्ष्य निर्धारित करता है।
(4) विशेष रूप से योग्य शिक्षार्थियों के अधिगम-परिणामों को सुधारने के लिए विशिष्ट रूप से प्रतिबद्ध होता है।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) एक समावेशी विद्यालय किसी शिक्षार्थियों की क्षमताओं को नहीं देखता बल्कि विद्यालय में कक्षा के सभी शिक्षार्थियों की क्षमता को ध्यान में रखते हुए अपने अधिगम परिणामों को सुधारने का प्रयत्न करता है।
Q23
. प्रतिभाशाली शिक्षार्थी (को)
(1) ऐसे सहयोग की आवश्यकता होती है जो सामान्यतः विद्यालयों द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जाते।
(2) अधिगम-निर्योग्य नहीं हो सकते।
(3) शिक्षक के बिना अपने अध्ययन को व्यवस्थित कर लेते हैं।
(4) अन्य शिक्षार्थियों के लिए अच्छे मा डल बन सकते हैं।
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) प्रतिभाशाली शिक्षार्थी को ऐसे सहयोग की सामान्यतः आवश्यकता होती है जो कि एक विद्यालय से नहीं दिये जाते जैसे कि उस शिक्षार्थी को विषयों के अतिरित्त अन्य क्षेत्र में रुचि है जैसे-संगीत, खेल, हस्तकला आदि तो ऐसे शिक्षार्थियों को विद्यालय के अतिरित्त सहयोग की आवश्यकता होती है।
Q24
. ——के कारण प्रतिभाशालिता होती है।
(1) आनुवंशिक रचना
(2) मनो-सामाजिक कारकों
(3) वातावरणीय अभिपे्ररणा
(4) (1) और (3) का संयोजन
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) किसी भी शिक्षार्थी का प्रतिभाशाली होना सामान्यतः उसके आनुवंशिक रचना तथा वातावरणीय रचना पर निर्भर करता है।
Q25
. बच्चों में सीखने और सुनने के लिए अधिगमयोग्य वातावरण के लिए निम्नलिखित में से कौन उपयुत्त हैं?
(1) एक लंबे समय के लिए निष्व्रिय रूप से सुनना।
(2) शिक्षार्थियों को कुछ यह छूट देना कि क्या सीखना है और कैसे सीखना है।
(3) निरंतर गृहकार्य देते रहना।
(4) सीखने वाले द्वारा व्यत्तिगत कार्य करना।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) अधिगमयोग्य वातावरण में सबसे उपयुत्त है कि शिक्षार्थी पूर्ण रूप से स्वतंत्र हो कि वह क्या सीखना चाहता है और किसमें उसकी रुचि है ताकि वह बिना किसी परेशानी से सीख सके और कर सके अतः शिक्षार्थियों को यह छूट देना कि क्या सीखना है और कैसे सीखना है अधिगमयोग्य वातावरण के लिए सबसे उपयुत्त है।
Q26
. गतिक कौशलों में अधिगम निर्योग्यता—कहलाती है।
(1) डिस्पे्रक्सिया
(2) डिस्फेज़िया
(3) डिस्केलकुलिया
(4) डिस्लेक्सिया
Ans: (1)
EXPLANATION: (1) गतिक कौशलों में अधिगम निर्योग्यता डिस्प्रेक्सिया कहलाती है। यह एक विकार है। इसमें बच्चे गति एवं समय में सामन्जस्य स्थापित नहीं कर पाते यही कारण है कि वे अपनी ओर तेजी से आती हुई गेंद को पकड़ नहीं पाते। जबकि डिस्फेजिया भाषा विकार, डिस्कैल्कुलिया गणना विकार और डिस्लेक्सिया पठन विकार से सम्बन्धित हैं।
Q27
. अधिगम निर्योग्यता—–
(1) एक स्थिर अवस्था है।
(2) समुचित निवेश के साथ सुधार योग्य नहीं होती।
(3) एक चर अवस्था है।
(4) जरूरी नहीं कि कार्य-पद्धति की हानि करें।
Ans: (3)
EXPLANATION: (3) अधिगम निर्योग्यता एक चर अवस्था है।
Q28
. ——के अतिरित्त निम्नलिखित समस्या समाधान की प्रक्रिया के चरण हैं-
(1) समस्या की पहचान
(2) परिणामों की आशा करना
(3) समस्या का छोटे हिस्सों में बाँटना
(4) संभावित युत्तियों को खोजना
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) दिये गये विकल्पों में से परिणामों की आशा करना, समस्या समाधान की प्रक्रिया के चरण नहीं हैं।
Q29
. एक शिक्षक को
(1) शिक्षार्थियों द्वारा की गई त्रुटियों को एक भयंकर भूल के रूप में लेना चाहिए और प्रत्येक त्रुटि के लिए गंभीर टिप्पणी देनी चाहिए।
(2) व्याख्यान पर अधिक ध्यान देना चाहिए और ज्ञान के लिए आधार उपलब्ध कराना चाहिए।
(3) शिक्षार्थी कितनी बार गलती करने से बचता है- इसे सफलता के माप के रूप में लेनी चाहिए।
(4) जब शिक्षार्थी विचारों को संप्रेषित करने की कोशिश कर रहे हों तो उन्हें ठीक नहीं करना चाहिए।
Ans: (4)
EXPLANATION: (4) यदि कोई शिक्षार्थी अपने विचारों के संप्रेषित करने अर्थात्‌ उन्हें व्यत्त करने की कोशिश कर रहा हो तो उस शिक्षार्थी को विचारों के व्यत्त करते समय बीच में संशोधन के लिए नहीं टोकना/बोलना चाहिए।
Q30
. सीमा परीक्षा में A + ग्रेड प्राप्त करने के लिए अति इच्छुक है। जब वह परीक्षा भवन में दाखिल होती है तथा परीक्षा प्रारंभ होती है, वह अत्यधिक नर्वस हो जाती है। उसके पाँव ठंडे पड़ जाते हैं, उसके हृदय की धड़कन बहुत तेज हो जाती है और वह उचित तरीके से उत्तर नहीं दे पाती । इसका मुख्य कारण हो सकता है-
(1) शायद वह अपनी तैयारी के बारे में बहुत आत्मविश्वासी नहीं है।
(2) शायद वह अकस्मात्‌ संवेगात्मक आवेग का सामना नहीं कर सकती।
(3) शायद वह इस परीक्षा के परिणाम के बारे में बहुत अधिक सोचती है।
(4) निरीक्षक शिक्षिका जो ड्यूटी पर है, वह उसकी कक्षा अध्यापिका हो सकती है और वह स्वभाव में बहुत कठोर है।
Ans: (2)
EXPLANATION: (2) सीमा भावात्मक कारण अकस्मात्‌ संवेगात्मक आवेग तथा परीक्षा भवन में अपने आप को एकाग्र नहीं कर सकी इसके कारण परीक्षा प्रारम्भ होते ही वह अत्यधिक नर्वस हो जाती है, उसके पांव ठण्डे पड़ जाते हैं, और उसके हृदय की धड़कन बढ़ जाती है और वह ठीक उत्तर नहीं दे पाती है। निर्देश – सबसे उचित विकल्प चुनकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।